डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां वाडा घोडिया गांव निवासी धनजी मीणा ने वागड़ चौखला भील समाज के 12 गांवों के पंचों के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। धनजी ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि पारिवारिक और जमीन विवाद के चलते सामाजिक फैसले में उसे गलत तरीके से दोषी ठहरा दिया गया, जबकि वास्तविक दोषी आज भी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं।
पीड़ित धनजी का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वह सामाजिक और पारिवारिक विवादों के कारण गांव से दूर रहने को मजबूर है। उसने आरोप लगाया कि उसके ही परिवार और कुछ रिश्तेदारों ने मिलकर उसके घर को तीन बार तुड़वाया, उसके माता-पिता के साथ अत्याचार किया और समाज में उसकी छवि खराब करने की कोशिश की।
आवेदन में धनजी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने एक महिला को उसके घर लाकर विवाद खड़ा किया और रिश्तों के नाम पर गलत जानकारी फैलाकर उसे बदनाम किया। इतना ही नहीं, गांव के कुछ लोगों ने भी बाद में माना कि उसके साथ अन्याय हुआ है और उसे साजिश के तहत फंसाया गया।
धनजी का कहना है कि जिन लोगों ने गलत किया, उनके खिलाफ अब तक कोई सामाजिक फैसला नहीं हुआ और वे खुलेआम गांव में रह रहे हैं, जबकि उसे बेवजह दोषी मानकर समाज से अलग रखा गया।
पीड़ित ने समाज के पंचों से मांग की है कि 12 गांवों की पंचायत बुलाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। उसने यह भी आग्रह किया है कि समाज के वरिष्ठ पंचों की मौजूदगी में सभी पक्षों को बुलाकर सच्चाई सामने लाई जाए।
इस मामले ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। अब देखना यह होगा कि समाज के पंच इस गंभीर मामले में क्या फैसला लेते हैं और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।


बताया गया है कि सम्पतलाल का पिछले दो वर्षों से एक महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिससे घर में लगातार विवाद होता था। 15-16 अप्रैल 2026 की रात वह घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। पीड़िता का आरोप है कि वह उसी महिला के साथ कहीं चला गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पड़ोस के एक व्यक्ति पर भी संदेह जताया गया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसे पूरे मामले की जानकारी हो सकती है।