Friday, May 1, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeNationalबस्ती में गरीब परिवार के आवासीय पट्टे पर कब्जे का आरोप, न्याय...

बस्ती में गरीब परिवार के आवासीय पट्टे पर कब्जे का आरोप, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित

बस्ती जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक गरीब और अल्पसंख्यक परिवार ने अपने आवासीय पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे, प्रशासनिक लापरवाही और जान से मारने की धमकियों का आरोप लगाया है। पीड़ित कमरूज्जमा पुत्र स्वर्गीय कासिम, निवासी ग्राम पूरेहेमराज थाना छावनी, ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित के अनुसार उनके पिता स्वर्गीय कासिम के नाम गाटा संख्या 148क में 8 बिस्वा भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित हुआ था। इसी जमीन पर परिवार वर्षों से मड़हा, घारी, चरन और झोपड़ी रखकर जीवन यापन कर रहा था। आरोप है कि वर्ष 2008 में गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने उन्हें जबरन पट्टे की जमीन से बेदखल कर दिया और तब से लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।

कमरूज्जमा का कहना है कि गांव के रमेश सिंह, प्रवीण सिंह और अन्य लोगों ने कब्जा कर रखा है और विरोध करने पर लगातार जान-माल की धमकी दी जाती है। पीड़ित का आरोप है कि मामले में गांव के पूर्व प्रधान समेत कुछ अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं, जिसके कारण प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पा रही।

पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने थाना, तहसील, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय, अल्पसंख्यक आयोग, चकबंदी अधिकारी और उपजिलाधिकारी सहित तमाम उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया।

बताया जा रहा है कि चकबंदी आयुक्त द्वारा 8 फरवरी 2024 को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद राजस्व परिषद लखनऊ और जिलाधिकारी स्तर से भी कई आदेश जारी हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में भी हेराफेरी की जा रही है। तहसील में हस्तलिखित खतौनी तैयार करने वाले एक कर्मचारी पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने खतौनी में कट का निशान लगाकर रिकॉर्ड में बदलाव की कोशिश की। विरोध करने पर हत्या तक की धमकी मिलने की बात सामने आई है।

इतना ही नहीं, विवादित भूमि पर लगे बरगद और पाकड़ के पेड़ भी कथित तौर पर विपक्षियों द्वारा कटवा दिए गए। पीड़ित का कहना है कि इस पूरे मामले के तीन वीडियो भी सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

कमरूज्जमा ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी विपक्षियों से मिलीभगत कर पट्टे की जमीन उनके नाम कराने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल जांच कराकर आवासीय पट्टे की भूमि से अवैध कब्जा हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और वर्षों से न्याय की आस लगाए बैठे इस परिवार को कब राहत मिलती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments