मामला जसीम अंसारी और आसपास के रहवासियों से जुड़ा है, जो पिछले एक वर्ष से सड़क की समस्या को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की पूरब से पश्चिम दिशा तक जाने वाली मुख्य सड़क के बीचोबीच खेत में एक मकान बना दिया गया है, जिसके कारण रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है और लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह रास्ता गांव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसी मार्ग से ग्रामीण अपने खेतों, बाजार और जरूरी कामों के लिए आवाजाही करते हैं। लेकिन सड़क के बीच निर्माण हो जाने से लोगों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ रही है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते की समस्या से ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जसीम अंसारी ने बताया कि यह सड़क गांव के लोगों के लिए जीवनरेखा की तरह है, लेकिन बीच रास्ते में मकान बन जाने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गांव के रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि लोगों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर ग्रामीणों को राहत देता है।


