Jabalpur Boat Accident: जबलपुर क्रूज हादसे से एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद क्रूज को बरगी डैम के पानी में उतरने की इजाजत कैसे मिली?मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। दरअसल, मौसम विभाग ने हादसे के ठीक एक दिन पहले 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज आंधी चलने को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार की शाम लगभग 4:30 बजे क्रूज को बरगी डैम के पानी में उतार दिया गया। इसी दौरान, तेज हवा चली और क्रूज पलट गया।9 लोगों की मौत और 9 लोग अब भी लापता
शुरुआती जानकारी के अनुसार, जबलपुर क्रूज हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 तक पहुंच गई है, जबकि करीब 15 लोगों को अब तक सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं, 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बताया जा रहा है कि क्रूज करीब 20 मीटर नीचे डैम के गहरे पानी में फंसा है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।
डैम के किनारे से 300 मीटर दूर पानी में हुआ हादसा
यह दुर्घटना बरगी डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर पानी में हुई। लोकल प्रशासन, NDRF और गोताखोरों की टीम मौके पर है और लापता लोगों की खोज में जुटी हुई है। सुबह होते ही जबलपुर में राहत एवं बचाव कार्य को और तेज कर दिया गया। घटनास्थल से आई तस्वीरों में रेस्क्यू टीमों को लगातार पानी में खोजी अभियान चलाते देखा गया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे ने सुरक्षा मानकों और प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब जांच के आदेश दिए जा सकते हैं, ताकि यह मालूम चल सके कि मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद क्रूज को संचालन की अनुमति कैसे मिली। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में 29 यात्रियों को ले जा रही क्रूज बोट पलट गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य को बचा लिया गया है। बाकी लोगों की तलाश जारी है।


