Saturday, April 11, 2026
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बेगूसराय से सनसनीखेज मामला: 13 वर्षीय बेटी प्रेम जाल में फंसी, मोबाइल पर बातचीत के बाद घर से लापता

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बेगूसराय जिले के बीहट गुरुदासपुर टोला से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक युवक ने मोबाइल के जरिए उसे प्रेम जाल में फंसाया और बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 21, थाना एफसीआई क्षेत्र निवासी बबीता देवी (उम्र 40 वर्ष), पति स्वर्गीय संजय शाह ने थाने में लिखित आवेदन देकर अपनी बेटी दिव्या कुमारी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई है। मां के अनुसार, 7 अप्रैल की रात करीब 10 बजे उन्होंने अपनी बेटी को मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करते देखा। जब उससे पूछा गया कि वह किससे बात कर रही है, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

परिजनों को संदेह होने पर उन्होंने बेटी का मोबाइल चेक किया, जिसमें एक अज्ञात युवक से लगातार बातचीत के प्रमाण मिले। बताया जा रहा है कि उक्त युवक का नाम दिलशाद है, जिससे वह मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में थी।

मां के मुताबिक, रात में सभी लोग सो गए, लेकिन सुबह करीब 3 बजे जब वह उठीं तो देखा कि उनकी बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी। साथ ही घर से एक मोबाइल फोन (नंबर 7549755826) भी गायब था। इसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिल सका।

परिजनों का आरोप है कि दिलशाद नामक युवक ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा दिया और उसे अपने साथ भगा ले गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने तत्काल थाना एफसीआई में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

इधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर लड़की और संदिग्ध युवक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों को बरामद कर लिया जाएगा।

इस घटना के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

 

सहरसा में खेत में गेहूं कटाई के दौरान मारपीट और रंगदारी मांगने का आरोप, पीड़ित परिवार ने पुलिस निष्क्रियता पर उठाए सवाल

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सहरसा जिले के महिषी प्रखंड क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां खेत में गेहूं की कटाई के दौरान एक परिवार पर हमला, मारपीट, छेड़खानी और रंगदारी मांगने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे परिवार भय और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।

भंथी वार्ड संख्या 05, थाना जलई निवासी भोला देवी ने थाना अध्यक्ष सहरसा को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 10 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6 बजे वह अपने परिजनों के साथ खतियानी जमीन पर गेहूं काट रही थीं। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचकर अचानक हमला कर दिया। आवेदन के अनुसार, हमलावर लाठी और फरसा जैसे हथियारों से लैस थे और उन्होंने खेत में मौजूद महिलाओं और पुरुषों के साथ बेरहमी से मारपीट की।
इन सब लड़ाई झगड़े में दो मुख्य आरोपी भी शामिल हैं गंगा प्रसाद यादव और शिव शरण यादव इनकी मुख्य भूमिका है

पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने दो लाख रुपये की रंगदारी की मांग करते हुए धमकी दी कि जब तक रकम नहीं दी जाएगी, तब तक खेत में फसल नहीं काटने दी जाएगी। विरोध करने पर परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों के साथ अभद्र व्यवहार, कपड़े खींचने और छेड़खानी की घटना भी हुई। भोला देवी ने आरोप लगाया है कि उनके गले से चांदी की चैन भी छीनी गई, जिसकी कीमत लगभग दस हजार रुपये बताई गई है।

घटना के बाद शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। जाते समय कथित रूप से पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घायल लोगों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महिषी ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी बताया जा रहा है।

परिवार का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई हुई है। इससे शिव शंकर के परिवार समेत पूरे पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बिरयानी लेने गया युवक गिरफ्तार: पिता का आरोप—पुलिस ने जबरन गांजा लगाकर भेजा जेल, बीमार पिता ने लगाई न्याय की गुहार

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अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को बिरयानी लेने के लिए घर से बाहर जाना भारी पड़ गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने युवक को रास्ते से उठाकर उसके ऊपर जबरन गांजा रखने का आरोप लगाते हुए जेल भेज दिया। इस मामले को लेकर परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ के मऊपुर भाऊपुर क्षेत्र के रहने वाले अशोक कुमार ने आरोप लगाया है कि उनका 23 वर्षीय बेटा दीपू 9 अप्रैल को पाली चौराहा पर बिरयानी लेने गया था। उसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से उठा लिया और घर लौटने का मौका भी नहीं दिया। परिवार का कहना है कि युवक को सीधे थाने ले जाकर उसके खिलाफ करीब दो किलो से अधिक गांजा बरामद होने का मामला दर्ज कर दिया गया और बाद में चालान काटकर उसे जेल भेज दिया गया।

पीड़ित पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसके पास से किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन गांजा दिखाकर उनके बेटे को फंसा दिया। परिवार का कहना है कि दीपू घर का सबसे बड़ा बेटा है और वही परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी कमाई से ही पूरे घर का खर्च चलता था।

अशोक कुमार ने बताया कि वह खुद गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और लंबे समय से बिस्तर पर ही हैं। ऐसे में बेटे के जेल जाने के बाद परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने कई जगह गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

परिवार का आरोप है कि पुलिस उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है और बिना ठोस सबूत के उनके बेटे को जेल में बंद कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर उनका बेटा निर्दोष है तो उसे जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

अशोक कुमार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह गरीब परिवार से हैं और बीमारी के कारण खुद कहीं आ-जा भी नहीं सकते। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनके बेटे को न्याय दिलाने के लिए उचित कदम उठाएगा।

एक ही प्लॉट कई लोगों को बेचने का आरोप: 33 लाख रुपए देने के बाद भी पीड़ित परिवार को घर से निकाला, मारपीट और धमकी का मामला

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के नवाबगंज क्षेत्र से जमीन खरीद-फरोख्त में कथित धोखाधड़ी और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां रहने वाले शिकायतकर्ता योगेश ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 23 मार्च 2026 को एक प्लॉट खरीदने के लिए 33 लाख रुपए दिए थे, लेकिन बाद में पता चला कि उसी प्लॉट को कई लोगों को बेचकर उनसे ठगी की गई है। इतना ही नहीं, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।

पीड़ित योगेश का कहना है कि उन्होंने यह प्लॉट संजू नाम के व्यक्ति से खरीदा था, जो पालम का रहने वाला बताया जा रहा है। योगेश के अनुसार संजू ने यह जमीन पप्पी पत्नी प्रेम यादव से खरीदने की बात कही थी। बाद में जानकारी मिली कि इस पूरे मामले में पप्पी पत्नी प्रेम यादव भी शामिल हैं और आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मिलकर एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचकर मोटी रकम वसूल ली।

योगेश का आरोप है कि उन्हें इस साजिश की जानकारी नहीं थी। जब उन्होंने संजू को 33 लाख रुपए दे दिए और प्लॉट अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू की, तभी उन्हें पता चला कि इस जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि 9 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे धर्मवीर और अन्य लोगों ने मिलकर योगेश और उनके परिवार के साथ मारपीट की। इस दौरान योगेश की पत्नी किरण, बहन और बच्चों—इशिका और वेदिका—को भी धमकाया गया। आरोप है कि दबंगों ने घर का सामान बाहर फेंक दिया और पूरे परिवार को घर से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद से पीड़ित परिवार बच्चों सहित बाहर रहने को मजबूर है।

योगेश का कहना है कि आरोपी पप्पी लगातार उन्हें धमकी दे रहा है और कह रहा है कि “जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है और आरोपी पैसे के दम पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो उनके साथ और भी बड़ी घटना हो सकती है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े विवादों में इस तरह की धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे आम लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।

इंदौर से सामने आया नौकरी में दबाव और पैसों की मांग का मामला

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मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जुगल सिंह लोधी ने अपनी नौकरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि वह पिछले लगभग 9 वर्षों से बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड में कार्यरत हैं और लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जुगल सिंह लोधी का आरोप है कि कुछ समय पहले उनसे एक हजार रुपये की मांग की जाती थी, लेकिन अब यह मांग बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी गई है। उनका कहना है कि यदि यह राशि नहीं दी जाती है तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस कथित दबाव के चलते वह मानसिक तनाव में हैं और अपनी नौकरी को लेकर काफी चिंतित बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से कंपनी में कार्यरत होने के बावजूद इस तरह की कथित मांग और धमकियों ने उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नौकरी जाने का डर उन्हें लगातार परेशान कर रहा है।

जुगल सिंह लोधी इंदौर जिले के निवासी हैं और उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि इतने वर्षों की ईमानदार सेवा के बाद इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुखद है।

हालांकि, इस मामले में कंपनी या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला कर्मचारियों पर दबाव और आर्थिक मांग जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन तथा कंपनी प्रबंधन इस पर जल्द संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा।

मोहब्बत के आगे मजहब की दीवार: सीतापुर के नजाकत और मधुबनी की किरण शादी को तैयार, परिवार की नाराजगी के बीच साथ जीने-मरने की कसम

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सीतापुर/मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महोली क्षेत्र से एक ऐसा प्रेम प्रसंग सामने आया है, जिसने समाज में मजहब और रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सीतापुर के महोली निवासी नजाकत और बिहार के मधुबनी जिले के आंध्र धारी क्षेत्र के मीठा गांव की रहने वाली किरण पिछले करीब तीन से चार वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। दोनों की पहचान मोबाइल फोन के जरिए हुई थी और धीरे-धीरे बातचीत ने गहरे प्रेम का रूप ले लिया। अब हालात ऐसे हैं कि दोनों एक-दूसरे के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर पा रहे हैं और शादी कर साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर चुके हैं।

बताया जा रहा है कि नजाकत को आंखों से थोड़ा कम दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद किरण का कहना है कि उसे नजाकत की सूरत नहीं बल्कि उनका दिल पसंद है। किरण का कहना है कि सच्चा प्यार इंसान की शक्ल-सूरत से नहीं बल्कि उसके स्वभाव और दिल से होता है। इसी भावना के साथ वह नजाकत के साथ पूरी जिंदगी बिताना चाहती है। दोनों का कहना है कि वे पति-पत्नी की तरह साथ रहकर अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहते हैं।

हालांकि इस रिश्ते के सामने सबसे बड़ी बाधा दोनों का अलग-अलग मजहब होना बन गया है। नजाकत मुस्लिम समुदाय से हैं जबकि किरण हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। यही वजह है कि लड़की के परिजन इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव के कारण दोनों प्रेमी इन दिनों बेहद मानसिक तनाव में हैं।

परिजनों के विरोध से आहत नजाकत की हालत इस कदर खराब हो गई है कि उन्होंने पिछले तीन दिनों से खाना तक नहीं खाया है। वहीं दूसरी ओर किरण भी लगातार परेशान बताई जा रही है। वह नजाकत से बार-बार कह रही है कि वह आकर उसे अपने साथ ले जाए, ताकि दोनों समाज और परिवार के दबाव से दूर अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें। दोनों का कहना है कि वे एक-दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं और अब किसी भी हालत में अलग नहीं होना चाहते।

इस प्रेम कहानी ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों के बीच चर्चा पैदा कर दी है। कुछ लोग इसे सच्चे प्यार की मिसाल मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मजहबी और सामाजिक परंपराओं का हवाला देते हुए इस रिश्ते पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल दोनों प्रेमी अपने रिश्ते को बचाने और शादी कर साथ रहने की उम्मीद में हैं।

लखनऊ में गंदगी और कब्जे का आरोप: बीमार महिला ने उठाई आवाज, कहा—मोहल्ले में सालभर से गंदगी का अंबार

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लखनऊ के चौक क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला ने अपने इलाके में फैली गंदगी, खराब पानी व्यवस्था और एक कमरे पर कब्जे को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि वह खुद गंभीर रूप से बीमार हैं, लेकिन मोहल्ले के लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने प्रशासन और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की है।

जानकारी के अनुसार चौक थाना क्षेत्र के महमूद नगर इलाके में हमजा मेडिकल स्टोर के पास रहने वाली करीब 52 वर्षीय रेशमा आरा ने बताया कि उनके मोहल्ले में लंबे समय से सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। उनका कहना है कि पूरी गली में कूड़ा-करकट का ढेर लगा रहता है और नालियां भी गंदगी से भरी रहती हैं। इसके कारण आसपास के लोगों को बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता है।

रेशमा आरा का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय सभासद और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि करीब एक साल से मोहल्ले के लोग गंदगी और पानी की खराब व्यवस्था से परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही पानी की समस्या का समाधान किया जा रहा है।

महिला ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके के एक अस्पताल में पहले एक कमरा तैयार किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा बनवाया गया था, लेकिन अब उस कमरे पर एक मौलाना ने कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, उस कमरे पर अपने नाम की नेम प्लेट भी लगा दी गई थी। रेशमा आरा का कहना है कि उन्होंने इसका विरोध किया और उस नेम प्लेट को हटवा दिया, क्योंकि उनके अनुसार वह कमरा सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाया गया था।

रेशमा आरा ने बताया कि वह खुद बीमार रहती हैं, लेकिन फिर भी मोहल्ले की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रही हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि उनकी शिकायत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और प्रशासन तक पहुंचे, ताकि इलाके में फैली गंदगी, खराब पानी व्यवस्था और कथित कब्जे की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।

पीड़ित महिला का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इलाके के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अब स्थानीय लोग भी प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही मोहल्ले की सफाई व्यवस्था सुधारी जाएगी और सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता की यह सूचना योगी मोदी और अमित शाह तक पहुंचाई जाए ताकि समय रहते मामले में उचित कार्यवाही हो सके

उधारी के पैसे मांगने पर जनरल स्टोर संचालिका से मारपीट का आरोप: घर में घुसकर तोड़फोड़, जान से मारने की धमकी; पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के चन्द्रशेखर आजाद नगर क्षेत्र से एक गंभीर विवाद का मामला सामने आया है। यहां जनरल स्टोर चलाने वाली एक महिला ने पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद भी उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे परिवार भय और चिंता के माहौल में जीने को मजबूर है।

जानकारी के अनुसार पीड़िता ज्योति झवर, उम्र करीब 36 वर्ष, चन्द्रशेखर आजाद नगर में रिप रोड स्थित बालाजी मंदिर के पास अपने घर पर ही जनरल स्टोर की दुकान चलाती हैं। उनका आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग अक्सर उनकी दुकान से सामान उधार ले जाते थे और पैसे बाद में देने की बात कहते थे। जब 29 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे उन्होंने उधारी के पैसे मांगे तो विवाद शुरू हो गया।

पीड़िता के अनुसार आरोपियों में शामिल तमन्ना सांसी और असरा सांसी ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। और पीढ़ीतज्योति से बोला कि तुझे मैं अपने की बाप की लुगाई बनाऊंगी आरोप है कि इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच गए और सभी ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी। उसी दौरान जब पीड़िता के पति मनोज झवर वहां पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी जगदीश सांसी ने उन्हें पकड़कर नीचे गिरा दिया और उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिससे उनके कपड़े तक फट गए। इसके बाद आरोपियों ने उनके घर के बाहर पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की की। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने डर के कारण घर का गेट बंद कर लिया तो आरोपियों ने गेट पर पत्थर मारकर तोड़फोड़ करने की कोशिश की।

महिला का कहना है कि मामला यहीं नहीं रुका। अगले दिन 30 मार्च 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे आरोपी फिर से उनके घर पहुंचे और कथित रूप से बेल्ट, पत्थर और लकड़ियों से मारपीट की। और पीड़िता को गंभीर चोट आई जिससे एमजी हॉस्पिटल में 3 दिन तक इलाज जारी रहा

जाते समय उन्होंने पीड़िता और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी और झूठे मामलों में फंसाने की बात भी कही।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि उन्हें आशंका है कि विपक्षी पक्ष ने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की कोशिश की है, जिसके कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

ज्योति झवर ने पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार लगातार डर और तनाव में रह रहा है और उन्हें किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सता रही है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि समय रहते उन्हें न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति बनी रहे।

पटना में टेंट व्यवसायी कर्ज के जाल में फंसा, 30–40 लाख के लेन-देन के बीच धमकियों से दहशत; सरकारी मदद की गुहार

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पटना (बिहार)।
राजधानी पटना थाना मनेर गांव सुखचक से एक बेहद चिंताजनक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां टेंट–पंडाल व्यवसाय से जुड़े एक व्यक्ति पर कर्ज, धमकी और सामाजिक दबाव का ऐसा बोझ पड़ गया है कि उसका पूरा परिवार संकट में आ गया है। शिकायतकर्ता बबलू कुमार पंडित, निवासी राजधानी पटना थाना मनेर गांव सुखचक पिछले करीब 10 वर्षों से टेंट–पंडाल का काम कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि मेहनत और भरोसे के बल पर उन्होंने अपना कारोबार खड़ा किया, लेकिन आज वही भरोसा उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है।

बबलू कुमार का कहना है कि दोस्ती-यारी और कामकाज के सिलसिले में उन्होंने अलग-अलग लोगों के पास करीब 30 से 40 लाख रुपये का लेन-देन कर रखा है। कई लोग उनके पैसे लौटाने को तैयार नहीं हैं। आरोप है कि जब वह अपना बकाया मांगने जाते हैं तो कुछ लोग रास्ते में गाड़ी रुकवा लेते हैं, पैसे मांगने पर उल्टा धमकाते हैं और जान से मारने की धमकी तक दे देते हैं। पीड़ित का कहना है कि डर और दबाव के कारण वह कई बार चुप रह जाने को मजबूर हो जाते हैं।

पीड़ित ने बताया कि टेंट–पंडाल के काम में उन्होंने छोटे-छोटे अमाउंट भी उधार पर दिए थे—कहीं 22 हजार, कहीं 25 हजार, कहीं 20 हजार, 18 हजार या 16 हजार रुपये। लेकिन बड़ी संख्या में लोग पैसे नहीं लौटा रहे हैं। कुछ मामलों में जातिगत विवाद भी सामने आया है, जहां केवल जाति के आधार पर पैसे देने से इनकार कर दिया गया। इन सब कारणों से वह धीरे-धीरे कर्ज के दलदल में फंसते चले गए।

बबलू कुमार पंडित ने कहा कि लगातार आर्थिक दबाव और धमकियों के चलते उनका मानसिक संतुलन भी बिगड़ने लगा है। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य को लेकर वह हर दिन चिंता में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कर्ज बढ़ने की वजह से अब उनका टेंट–पंडाल का काम भी लगभग ठप हो गया है और नए काम लेने की स्थिति में नहीं हैं।

पीड़ित ने प्रशासन और सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी आवाज योगी और मोदी सरकार तक पहुंचे। वह चाहते हैं कि सरकार या प्रशासन की ओर से उन्हें किसी तरह का लोन, सब्सिडी या आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वह पुराने कर्ज को चुका सकें और दोबारा अपना काम शुरू कर सकें। उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली, तो उनका परिवार पूरी तरह बर्बाद हो सकता है।

यह मामला न सिर्फ एक छोटे व्यवसायी की आर्थिक बदहाली की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग लेन-देन, सामाजिक दबाव और धमकियों के बीच पिस जाते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पीड़ा को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या एक कर्ज में डूबे परिवार को राहत मिल पाती है या नहीं।

 

प्रेम जाल में फंसाकर शादी, फिर 6 लाख और ढाई तोला सोना लेकर फरार: ट्रक ड्राइवर पर महिला ने लगाया धोखा देने का आरोप

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पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले में एक महिला के साथ कथित धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला नसीमा, जो सोंधापुर क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी की, फिर उससे लाखों रुपये और सोना लेकर फरार हो गया। अब महिला अपने दो बच्चों के साथ बेहद परेशान हालत में जीवन गुजारने को मजबूर है।

पीड़िता नसीमा का कहना है कि वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और उसकी पहली शादी वहीं हुई थी। पहली शादी से उसके छह बच्चे हुए थे, जिनमें से एक बेटे की मौत हो चुकी है। बाकी बच्चों में से कई की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। नसीम के मुताबिक उसका पहला पति मानसिक रूप से अस्वस्थ था, जिसके कारण उसकी जिंदगी काफी मुश्किलों में गुजर रही थी।

इसी दौरान उसकी मुलाकात पानीपत के सोंधापुर इलाके में रहने वाले अकबर अंसारी से हुई। आरोप है कि अकबर अंसारी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसके बच्चों का सहारा बनेगा और जिंदगी भर उसका साथ देगा। नसीम का कहना है कि इन बातों पर विश्वास कर उसने करीब एक साल पहले अकबर अंसारी से शादी कर ली और उसके साथ रहने लगी।

पीड़िता के मुताबिक शादी के कुछ समय बाद अकबर अंसारी ने उसे अपने घर से पैसे और जेवर लाने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि उसने नसीमा से करीब 6 लाख रुपये और ढाई तोला सोना ले लिया। इसके बाद वह अचानक गायब हो गया। महिला का कहना है कि अकबर अंसारी ट्रक ड्राइवर है और अलग-अलग जगहों पर रहता है और सही पता भी नहीं बताता।

नसीमा ने यह भी आरोप लगाया कि अकबर अंसारी के भाई, जिसका नाम रोहू बताया जा रहा है और जो सोनीपत में रहता है, उसने भी उससे करीब 30 हजार रुपये ले लिए, जो अब तक वापस नहीं किए गए। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे पानीपत के कृष्णा गार्डन इलाके में छोड़कर चला गया और तब से उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं उठा रहा।

महिला के अनुसार अकबर अंसारी पहले से भी शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी गूंगी बताई जा रही है। नसीम का आरोप है कि यह बात भी उससे छिपाई गई और उसे झूठे वादों के जरिए अपने प्रेम जाल में फंसाया गया। अब करीब छह से सात महीने से आरोपी उससे दूर रह रहा है। वह न तो उसे अपने साथ रखता है और न ही बच्चों के खर्च, किराए या पढ़ाई के लिए कोई पैसा देता है।

पीड़िता नसीम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरोपी अकबर अंसारी और उसकी पहली पत्नी दोनों उसे घर में रहने नहीं देना चाहते। उनका कहना है कि वे नसीम को अपने साथ नहीं रखेंगे और न ही उसका खर्च उठाएंगे। नसीम का आरोप है कि आरोपी अकबर अंसारी समय-समय पर उससे फोन करके पैसे मांगता रहता है। कभी 3 हजार, कभी 5 हजार और कभी 10 हजार रुपये भेजने के लिए कहता है और कहता है कि जब लेने आएगा तो साथ ले जाएगा, लेकिन वह न तो उसे लेने आता है और न ही अपने साथ रखता है।

नसीम का कहना है कि वह अपने पहले घर से जेवर और पैसे लेकर आई थी और अब वहां भी वापस नहीं जा सकती। ऐसे में वह पूरी तरह असहाय हो गई है और अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठा रही है। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी अकबर अंसारी को ढूंढकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए।