Wednesday, July 1, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog

कितनी बड़ी है अफगानिस्तान की एयरफोर्स? उनके पास हैं कौन-कौन से विमान, देखें पूरी लिस्ट

0

अफगानिस्तान एयरफोर्स ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ISIS के अड्डों पर अटैक किया है। जानें अफगानिस्तान की वायुसेना में कौन-कौन से और किन-किन देशों के एयरक्राफ्ट हैं।
अफगानिस्तान एयरफोर्स ने पाकिस्तान में घुसकर ISIS के ठिकानों पर हमला कर दिया है, ये दावा अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने किया है। ये अटैक बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह में आतंकी अड्डों पर किए गए हैं। अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान के पशीन जिले के सरानन क्षेत्र में मौजूद ISIS के चरमपंथियों के अड्डों पर एयरस्ट्राइक की है। इस आर्टिकल में जानिए कि अफगानिस्तान के पास कितनी बड़ी एयरफोर्स है। उसके पास किस देश के कौन से और कितने विमान हैं।107वें नंबर पर आती है अफगानिस्तान एयरफोर्स
globalmilitary.net में रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान की एयरफोर्स दुनिया में 107वें नंबर पर आती है। ग्लोबल एयरफोर्स इंडेक्स की रैंकिंग में अफगानिस्तान एयरफोर्स 162 देशों में से 107 पर आती है। अफगानिस्तान के पास कुल 34 एयरक्राफ्ट हैं। इसमें 23 हेलिकॉप्टर हैं जो हमला करने, ट्रांसपोर्ट में काम आते हैं। वहीं, अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास 9 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं, जो रणनीतिक और सामरिक एयरलिफ्ट के काम आते हैं। हालांकि, अफगानिस्तान एयफोर्स के पास कोई भी Strategic Bombers या Combat Aircraft नहीं है।
अफगानिस्तान के पास हैं अमेरिका और USSR के जमाने के एयरक्राफ्ट
अगर बात करें कि अफगानिस्तान के पास किन-किन देशों के एयरक्राफ्ट हैं तो इसमें अमेरिका, यूक्रेन और ब्राजील के एयरक्राफ्ट हैं। अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास USSR के समय के एयरक्राफ्ट भी हैं। अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास अमेरिका के 18, यूक्रेन के 2, ब्राजील और Czechia के 1-1 एयरक्राफ्ट हैं। इसके अलावा, उसके पास USSR के जमाने के 12 एयरक्राफ्ट भी हैं।
ग्लोबल एयरफोर्स इंडेक्स में अफगानिस्तान की रैंकिंग है 3.2
ग्लोबल एयरफोर्स इंडेक्स, अफगान एयरफोर्स की कुल एयर पावर कैपेबिलिटी को 0-100 के पैमाने पर मापती है। यह माप फ्लीट की बनावट और जंग में असरदार होने की क्षमता पर बेस्ड होती है। ग्लोबल एयरफोर्स इंडेक्स में 0-100 के पैमाने पर अफगानिस्तान एयरफोर्स की रैंकिंग 3.2 है।

अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास हैं S-70/UH-60A ब्लैक हॉक जैसे एयरक्राफ्ट
अफगानिस्तान एयरफोर्स का बेड़ा साइज में भले ही सीमित हो, लेकिन इसमें अलग-अलग तरह के हेलिकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ट्रेनी विमान शामिल हैं। अफगान वायुसेना के पास Mi-8/17, S-70/UH-60A ब्लैक हॉक, MD530F और Mi-24 जैसे कई हेलिकॉप्टर हैं। इनमें से कई हेलिकॉप्टर अफगान सैनिकों को तैनात करने, हवाई मदद, नजर रखने और एंटी-टेरर ऑपरेशन में इस्तेमाल होते हैं। खासतौर से अमेरिका में निर्मित UH-60A ब्लैक हॉक और रूसी Mi-17 हेलिकॉप्टर अफगानिस्तान एयरफोर्स की प्रमुख ताकत हैं।
अफगान वायुसेना के पास ट्रांसपोर्ट और ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट
साथ ही, अफगानिस्तान के पास An-32, An-26 और Cessna 208 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी हैं, जिनका इस्तेमाल हथियारों, सैनिकों और राहत सामग्री को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है। पायलटों की ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास EMB-314 (A-29) और L-39 जैसे ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट भी हैं। हालांकि, एक्टिव एयरक्राफ्ट की संख्या अफगानिस्तान एयरफोर्स के पास सीमित है, फिर भी अफगानिस्तान की वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर कामयाब एयरस्ट्राइक करने का

अब “JAI से VIJAY” के मंत्र पर आगे बढ़ेगी भारतीय सेना, जनरल धीरज सेठ ने आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद दिया पहला संबोधन, जानें क्या बोले

0

जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के प्रमुख का पद संभाल लिया है। आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद उन्होंने पहला संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना के VIJAY के मंत्र पर आगे बढ़ेगी।
जैसे ही जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें थल सेना अध्यक्ष का पदभार संभाला, उन्होंने अपने पहले संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना की दिशा अब “JAI से VIJAY” के मंत्र पर आगे बढ़ेगी। अपने पहले संबोधन की शुरुआत “जय हिंद” से करते हुए जनरल सेठ ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और विनम्रता का क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे Duty, Honour और Nation First के सिद्धांतों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

क्या बोले नए सेना प्रमुख?
नए सेना प्रमुख धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना एक कॉम्बैट रेडी और Battle Hardened Force है, जो हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। बदलते सुरक्षा परिवेश को देखते हुए सेना के आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप एक Technology Enabled Future-Ready Army तैयार की जा सके।

जनरल सेठ ने अपने विजन को ‘VIJAY’ नामक एक विशेष सूत्र में प्रस्तुत किया, जिसमें सेना की भविष्य की प्राथमिकताएं शामिल हैं।

V – Vigilance (सतर्कता): सीमाओं और उभरते खतरों पर निरंतर निगरानी रखते हुए उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखना।

I – Innovation and Transformation (नवाचार एवं परिवर्तन): युद्धक सिद्धांतों और तकनीकी समाधानों में नवाचार को बढ़ावा देना तथा बदलते युद्धक्षेत्र के अनुरूप सेना में आवश्यक परिवर्तन करना।

J – Jointness and Integration (संयुक्तता एवं एकीकरण): थल, वायु और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा Military-Civil Fusion और Whole of Nation Approach के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देना।

A – Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता): स्वदेशी तकनीक और रक्षा प्रणालियों के जरिए आत्मनिर्भर सेना का निर्माण करना। उनका लक्ष्य होगा—“स्वदेशी समाधानों से युद्ध में विजय।”

Y – Yodha First (योद्धा प्रथम): अग्निवीर से लेकर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों तक, हर योद्धा के प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, कल्याण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।

सेना पूरी तरह तैयार है- जनरल धीरज सेठ
जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सभी पूर्व आर्मी चीफ्स के योगदान को भी नमन किया। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री के दिए गए मूल मंत्र “JAI” को अपनी प्राथमिकताओं “VIJAY” की नींव बताते हुए कहा कि भारतीय सेना का नया आदर्श वाक्य होगा” JAI से VIJAY”।

बंगाल और पंजाब की महिलाओं के खाते में आज सरकार भेजेगी 3-3 हजार रुपये, जानें चेक करने का तरीका

0

पश्चिम बंगाल और पंजाब की महिलाओं के लिए खुशखबरी है। दोनों सरकारें आज अलग-अलग योजनाओं के तहत महिलाओं के खाते में 3 हजार रुपये भेजेंगी।
पश्चिम बंगाल और पंजाब की महिलाओं को आज (बुधवार को) बड़ी सौगात मिलने वाली है। पश्चिम बंगाल में आज से अन्नपूर्णा भंडार योजना शुरू हो गई है जिसके तहत महिलाओं के खाते में सीधे 3 हजार रुपये ट्रांसफर होंगे। इससे बंगाल की 1 करोड़ 5 लाख महिलाओं को फायदा होगा। वहीं, पंजाब सरकार मावां धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसे भेजेगी।
पंजाब-बंगाल की महिलाओं को आज मिलेंगे 3 हजार रुपये
पश्चिम बंगाल सरकार ने बजट में अन्नपूर्णा भंडार योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। वहीं, पंजाब में आज से मावां धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसे आएंगे। पंजाब सरकार ने इस योजना को अप्रैल 2026 में लागू कर दिया था और आज योजना की पहली किस्त महिलाओं के खाते में आज ट्रांसफर हो रही है।

3 महीने के पैसे एकसाथ भेज रही पंजाब सरकार
जान लें कि पंजाब की महिलाओं को मावां धीयां सत्कार योजना के तहत 3 महीने के पैसे एकमुश्त ट्रांसफर किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1 हजार रुपये जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। पंजाब में आज जनरल कैटेगरी की महिलाओं के खाते में 3 हजार रुपये जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खाते में 4 हजार 500 रुपये ट्रांसफर होंगे।

कैसे चेक करें योजना के पैसे खाते में आए या नहीं?
चूंकि सरकार स्कीम की राशि को सीधे DBT के जरिए आपके आधार से लिंक बैंक अकाउंट में डालती है तो आप बैंक पासबुक अपडेट कराकर इसे चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक है तो योजना के पैसे आने पर आपको मैसेज अलर्ट आ जाएगा। इसके अलावा आप PFMS Portal पर भी पैसे चेक कर सकते हैं।

PFMS Portal पर पैसे चेक करने का तरीका
PFMS की ऑफिशियल वेबसाइट pfms.nic.in पर विजिट करें।
होमपेज पर दिए गए मेनू में से ‘Know Your Payments’ या ‘DBT Status’ पर क्लिक करें।
अब अपने बैंक का नाम डालें।
फिर अपना बैंक अकाउंट नंबर रजिस्टर करें।
पुष्टि करने के लिए दोबारा अपना बैंक अकाउंट नंबर डालें।
अब स्क्रीन पर दिखाई दे रहे कैप्चा कोड को दिए गए बॉक्स में भरें।
आखिर में ‘Send OTP’ (अगर लागू हो) या ‘Search’ बटन पर क्लिक करें।
इसके बाद आपके खाते में सरकार की तरफ से भेजी गई सारी धनराशि और पेमेंट का स्टेटस स्क्रीन पर आ जाएगा।
पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा भंडार योजना
अन्नपूर्णा भंडार योजना, पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई एक अहम वित्तीय सहायता योजना है। इसके अंतर्गत 21 से 60 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजी जाती है।

पंजाब की मावां धीयां सत्कार योजना में पात्रता
महिला को पंजाब का स्थायी निवासी होना चाहिए। महिला की न्यूनतम उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। महिला को पंजाब का पंजीकृत मतदाता होना जरूरी है।

विजया मेहता का निधन, 92 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, अनुपम खेर ने दी श्रद्धांजलि

मराठी थिएटर की दिग्गज कलाकार और फिल्म निर्माता विजया मेहता का निधन हो गया है। वह 92 साल की थीं। अनुपम खेर ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी है।
मराठी थिएटर की दिग्गज कलाकार विजया मेहता का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। लंबे समय से बीमार रहने के बाद 30 जून 2026 की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच उन्होंने आखिरी सांस ली। भारतीय थिएटर की दमदार आवाजों में से एक विजया मेहता अपने पीछे एक शानदार विरासत छोड़ गई, जो कई पीढ़ियों के अभिनेताओं, निर्देशकों और थिएटर कलाकारों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
अनुपम खेर ने विजया मेहता को दी श्रद्धांजलि
सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर करते हुए, अनुपम खेर ने विजया मेहता की मौत पर दुख जताते हुए लिखा:

‘विजया मेहता – एक महान हस्ती! Vijaya Mehta के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। भारत की बेहतरीन थिएटर हस्तियों में से एक, एक शानदार फिल्ममेकर और सबसे बढ़कर, एक बेहतरीन इंसान। मुझे ‘राव साहब’ और ‘पेस्टोनजी’ में विजया बाई के साथ काम करने का सौभाग्य मिला। तब तक मैं कुछ फिल्में कर चुका था और सोचता था कि मुझे एक्टिंग के बारे में कुछ समझ है, लेकिन उनके साथ हुई हर रिहर्सल ने मुझे याद दिलाया कि इस कला का सागर कितना विशाल है। उनकी समझदारी, इंसानी व्यवहार की उनकी परख और उनकी असाधारण संवेदनशीलता के सामने, मैं खुशी-खुशी फिर से एक स्टूडेंट बन गया। उन्होंने कभी अपना ज्ञान थोपा नहीं, बल्कि उसे रोशन किया। उन्होंने कभी अपनी आवाज़ ऊंची नहीं की, बल्कि आपके स्टैंडर्ड को ऊंचा उठाया। उनका अनुशासन शालीनता से अपनापन विनम्रता से और उनकी काबिलियत सादगी से झलकती थी। मौत की सबसे क्रूर बात यह है कि खबर सुनते ही कुछ ही पलों में हमें उस इंसान के बारे में ‘पास्ट टेंस’ में बात करनी पड़ती है, जिसे हम प्यार करते हैं। दिमाग को जो बात पता चलती है, उसे दिल को मानने में बहुत ज्यादा समय लगता है। विजया बाई, आपकी दरियादिली, आपके प्यार, आपके मार्गदर्शन और हममें से बहुतों को यह याद दिलाने के लिए धन्यवाद कि एक्टिंग सिर्फ परफॉर्म करना नहीं है, बल्कि जिंदगी को समझना है। आप उन अनगिनत एक्टर्स, डायरेक्टर्स और स्टूडेंट्स के बीच हमेशा मौजूद रहेंगी, जिनकी जिंदगी को आपने छुआ। ओम शांति।’
विजया मेहता कौन हैं?
भारतीय थिएटर और पैरेलल सिनेमा की जानी-मानी हस्ती विजया मेहता ने स्टेज और स्क्रीन पर एक एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि डायरेक्टर के तौर पर शानदार करियर बनाया। वह मशहूर नाटककार विजय तेंदुलकर, एक्टर अरविंद देशपांडे और श्रीराम लागू के साथ मुंबई के ‘रंगायन’ थिएटर ग्रुप की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। विजया मेहता ने दिल्ली में इब्राहिम अल्काजी और मुंबई में आदि मर्जबान जैसे मशहूर गुरुओं से थिएटर की ट्रेनिंग ली, जिससे उनके उस करियर की नींव पड़ी जिसे बहुत तारीफ मिली।

विजया मेहता ने अपने नाम किए कई अवॉर्ड
थिएटर डायरेक्शन में उनके योगदान के लिए उन्हें 1975 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला। बाद में उन्हें ‘राव साहब’ (1986) में अपनी एक्टिंग के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। वह ‘प्रेस्टनजी’ और ‘राव साहेब’ जैसी फिल्मों की डायरेक्टर थीं।

वैभव सूर्यवंशी का टी20 में 220 से भी अधिक का स्ट्राइक रेट, क्या आज श्रेयस अय्यर को आएगा 15 साल के खिलाड़ी पर रहम

0

वैभव सूर्यवंशी की उम्र आज यानी एक जुलाई 2026 को 15 साल और 96 दिन की हो गई है। आज अगर कप्तान श्रेयस अय्यर ने चाहा तो वैभव का इंटरनेशनल डेब्यू हो सकता है। इस बीच वे चर्चा में तो बने ही हुए हैं।
वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर से चर्चा में हैं। आज यानी एक जुलाई की तारीख उनके लिए ऐतिहासिक हो सकती है। अगर उन्हें इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिला तो फिर वे सुर्खियों में बने रहेंगे। हालांकि उम्मीद तो पहले ही थी, लेकिन अभी उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। देखना ये होगा कि क्या श्रेयस अय्यर को आज उन पर तरस आता है और वैभव अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिल पाता है।आज से शुरू हो रही है भारत बनाम इंग्लैंड पांच मैचों की टी20 सीरीज
भारत और इंग्लैंड के बीच आज से पांच मैचों की टी20 सीरीज का आगाज होने जा रहा है। पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। इसके लिए दोनों टीमें तैयार हैं। इंग्लैंड ने तो मैच से करीब 24 घंटे पहले ही अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान भी कर दिया है, लेकिन सस्पेंस टीम इंडिया को लेकर है। सबसे बड़ा और अहम सवाल यही है कि वैभव सूर्यवंशी आज क्या अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेल पाएंगे। उनका सिलेक्शन तो आयरलैंड सीरीज के लिए भी हुआ था, लेकिन वहां के दोनों मैचों में वे बैंच पर ही बैठे रहे और सीरीज समाप्त हो गई। जिसमें टीम इंडिया को दोनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा था।

ऐसे हैं टी20 में वैभव सूर्यवंशी के अब तक के आंकड़े
बात अगर वैभव सूर्यवंशी की करें तो पिछले कुछ वक्त से वे लगातार चर्चा में हैं। वैभव ने अभी तक अपना पहला इंटरनेशनल मैच तो नहीं खेला है, लेकिन टी20 में उनके आंकड़े बहुत गजब के हैं। वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 34 टी20 मैच खेलकर 1477 रन बना लिए हैं। इसमें उनका औसत 44.75 का है और वे 220.44 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से चार शतक और 6 अर्धशतक आए हैं। आईपीएल के दौरान उनका जलवा देखने के लिए मिला था।

आज 15 साल और 96 दिन के हो गए हैं वैभव
इस बीच उम्मीद की जा रही है कि वैभव को इसी सीरीज के दौरान डेब्यू का मौका मिल जाएगा। लेकिन वो आज का ही मैच होगा या फिर बाद में, ये कहना मुश्किल है। आज यानी एक जुलाई को वैभव की उम्र 15 साल और 96 दिन की है। आज डेब्यू मिला तो नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे, हालांकि इसके लिए आज देर शाम करीब साढ़े नौ बजे का इंतजार करना होगा, जब कप्तान श्रेयस अय्यर टॉस के लिए मैदान पर आएंगे और आज की प्लेइंग इलेवन का भी ऐलान करेंगे।

क्या एलियन सचमुच मौजूद हैं? जांच के लिए व्हाइट हाउस ने बनाई नई टीम, हार्वर्ड के चर्चित वैज्ञानिक को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

0

व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड के खगोलशास्त्री एवी लोएब की अगुवाई में नई वैज्ञानिक परिषद बनाई है, जो रहस्यमयी यूएपी और एलियन जीवन की संभावनाओं की जांच करेगी। टीम पेंटागन के डेटा का विश्लेषण करेगी। हालांकि वैज्ञानिक समुदाय में इस पहल पर मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
वॉशिंगटन: क्या एलियन वास्तव में मौजूद हैं? क्या आसमान में दिखाई देने वाली रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं या UFOs किसी दूसरी दुनिया की तकनीक हैं? वर्षों से इन सवालों पर बहस होती रही है। अब अमेरिका की सरकार इन रहस्यों की गहराई तक पहुंचने की कोशिश करने जा रही है। यही वजह है कि व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के चर्चित खगोलशास्त्री और कॉस्मोलॉजिस्ट एवी लोएब को नई वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का प्रमुख बनाया है।

क्या है इस सलाहकार परिषद का काम?
वैज्ञानिक सलाहकार परिषद हाल के वर्षों में अमेरिकी सैन्य कर्मियों द्वारा देखी गई रहस्यमयी गोलाकार वस्तुओं और अन्य अज्ञात उड़ने वाली चीजों की जांच करेगी। इन घटनाओं को अब आधिकारिक तौर पर अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना या UAP कहा जाता है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत UFO और एलियन से जुड़े मामलों में ज्यादा से ज्यादा सरकारी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। लोएब की टीम अपनी रिपोर्ट व्हाइट हाउस की नई यूएपी समिति को सौंपेगी।

लोएब के दावों पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
लोएब पिछले कई वर्षों से एलियन जीवन की संभावना पर शोध कर रहे हैं। वर्ष 2017 में पृथ्वी के पास से गुजरने वाली एक रहस्यमयी अंतरतारकीय वस्तु को लेकर उन्होंने दावा किया था कि वह किसी एलियन अंतरिक्ष यान से अलग हुई ‘लाइट सेल’ हो सकती है, जबकि अधिकांश वैज्ञानिक उसे धूमकेतु या बर्फ का टुकड़ा मानते रहे। उनके इस दावे ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय का बड़ा वर्ग उनसे सहमत नहीं हुआ। कई विशेषज्ञों का कहना है कि लोएब बिना पर्याप्त सबूतों के असाधारण दावे करते हैं।
लोएब ने नई जिम्मेदारी मिलने पर क्या कहा?
लोएब हालांकि आलोचनाओं की परवाह नहीं करते। उनका कहना है,

‘यह किसी जासूसी कहानी जैसा है। यह बेहद रोमांचक काम है, बशर्ते आप आलोचकों पर ज्यादा ध्यान न दें।’

उन्होंने कहा कि उनकी टीम जांच की शुरुआत इस मानकर करेगी कि रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं इंसानों द्वारा बनाई गई हो सकती हैं और पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखा जाएगा। लेकिन उनका यह भी मानना है कि अगर सरकार बेहतर डेटा जुटाती है, तो एलियन जीवन को लेकर दशकों पुरी बहस का हमेशा के लिए जवाब मिल सकता है।

लोएब की टीम में कौन-कौन है शामिल?
लोएब की टीम में एक दर्जन से ज्यादा वैज्ञानिकों और UFO शोधकर्ताओं को शामिल किया गया है। इनमें अमेरिकी नेवी के रिटायर्ड रियर एडमिरल टिमोथी गैलोडेट भी हैं, जो पहले दावा कर चुके हैं कि कुछ यूएपी ‘गैर-मानवीय बुद्धिमत्ता’ के नियंत्रण में हो सकते हैं और अमेरिका को ऐसे दुर्घटनाग्रस्त विमान भी मिले हैं। टीम में अरबपति कारोबारी बेन लैम भी शामिल हैं, जो विलुप्त प्रजातियों को दोबारा जीवित करने के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। पहली बैठक के बाद टीम ने पेंटागन से UAP से जुड़े 50 से अधिक वीडियो, तस्वीरें और अन्य दस्तावेज मांगे हैं।

ट्रंप के आदेश के बाद बढ़ी पारदर्शिता
बता दें कि इस साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन को UFO और एलियन जीवन से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया था। इसके बाद पेंटागन ने कई पुराने और नए दस्तावेज जारी किए हैं। इनमें दशकों पुराने FBI रिकॉर्ड से लेकर हाल के सैन्य वीडियो शामिल हैं, जिनमें आसमान में तेज गति से उड़ती या मंडराती रहस्यमयी गोलाकार वस्तुएं दिखाई देती हैं। इसी आदेश के बाद ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) के तहत UAP गवर्नेंस बोर्ड बनाया गया। इसकी पहली बैठक जून में हुई और लोएब की टीम समेत कई सलाहकार समूह इसकी मदद करेंगे।
क्या एलियन से जुड़े सबूत छिपा रही सरकार?
इस बीच अमेरिकी कांग्रेस के दोनों दलों के कुछ सांसद भी सरकार पर और अधिक जानकारी सार्वजनिक करने का दबाव बना रहे हैं। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने दावा किया है कि सरकार एलियन से जुड़े सबूत छिपा रही है। हालांकि UAP की जांच करने वाले पेंटागन के विशेष कार्यालय का कहना है कि अब तक एलियन जीवन का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। लोएब भी सरकारी साजिश की थ्योरी से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है,

‘मेरे हिसाब से सरकार खुद इन रहस्यमयी वस्तुओं की असली प्रकृति समझ नहीं पा रही है।’

ब्लैक होल के वैज्ञानिक से एलियन शोध तक
एलियन से जुड़े दावों से पहले एवी लोएब ब्लैक होल और आकाशगंगाओं के निर्माण पर अपने शोध के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सैकड़ों वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे हैं और लगभग 10 साल तक हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान विभाग के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने हार्वर्ड में गैलीलियो प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका उद्देश्य एलियन सभ्यताओं के संभावित अवशेषों की खोज करना है। वर्ष 2023 में उनकी टीम ने प्रशांत महासागर से धातु के छोटे-छोटे गोल कण निकाले और दावा किया कि वे किसी दूरस्थ ग्रह या एलियन तकनीक से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि कई वैज्ञानिकों ने इसे ज्वालामुखीय चट्टानों या कोयले की राख बताया।

आलोचनाओं को लेकर बेफिक्र दिख रहे लोएब
पेंटागन के ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) के पूर्व प्रमुख शॉन किर्कपैट्रिक का कहना है कि वैज्ञानिक समुदाय में लोएब की छवि विवादित है और उनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा का अनुभव भी नहीं है। उनके मुताबिक टीम की संरचना से लगता है कि व्हाइट हाउस ठोस विज्ञान की बजाय विवादित सिद्धांतों को ज्यादा महत्व दे रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन आलोचनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं लोएब का कहना है कि उनका पूरा ध्यान केवल वैज्ञानिक तथ्यों पर रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हमें सोशल मीडिया नहीं, बल्कि आसमान में दिखने वाली उन रहस्यमयी गोलाकार वस्तुओं पर नजर रखनी चाहिए

पारिवारिक समारोह में खूनी बवाल का आरोप, गर्भवती बहू से मारपीट और फायरिंग की सनसनी; पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए लगाई गुहार

0

उत्तर प्रदेश। , 210429 के महोबा के पारिवारिक समारोह के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर मारपीट, फायरिंग और गर्भवती महिला पर हमले तक पहुंच गया। पीड़ित कमलापत कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी उन्हें समय पर पुलिस सहायता नहीं मिली, जिसके कारण उनका पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

पीड़ित कमलापत कुशवाहा के अनुसार, 30 जून को तथा उसके बाद भी उनके परिवार के साथ मारपीट की घटना हुई। उनका आरोप है कि गांव के ही रहने वाले चन्नी राजपूत दुलारा पुत्र अनिल राज, मुन्ना राजपूत के पुत्र प्रदीप राजपूत सुंदर राजपूत पुत्र भूपेद्र राजपूत छिम्ना पुत्र मुकेश ओर प्रेम राजपूत के पुत्र मुन्ना राजपूत सहित अन्य लोगों ने पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा किया और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

पीड़ित का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि फायरिंग भी की। सबसे गंभीर आरोप यह है कि उनके परिवार की आठ माह की गर्भवती बहू के साथ भी मारपीट की गई और उसकी कमर पर डंडे से हमला किया गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है तथा गर्भवती महिला की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

कमलापत कुशवाहा का कहना है कि घटना के दौरान और उसके बाद उन्होंने कई बार पुलिस को फोन कर मदद मांगी, लेकिन समय पर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि थाने में भी अब तक उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका परिवार न्याय के लिए लगातार भटक रहा है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है। परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है।

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सतना: अंडरपास में भरे पानी में फंसी स्कूल बस, ड्राइवर-क्लीनर ने कंधों पर बिठाकर बच्चों को बचाया

सतना में मंगलवार को एक स्कूल बस बिड़ला फैक्ट्री के पास अंडरपास में भरे पानी में फंस गई। अंडरपास के बीच पहुंचते ही अधिक पानी के कारण बस का इंजन बंद हो गया। लेकिन ड्राइवर और क्लीनर ने बस में सवार सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मध्य प्रदेश के सतना शहर में लंबे इंतजार के बाद सोमवार शाम और मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से शहर तरबतर हो गया। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लेकिन शहर में आज करीब 3 घंटे तक हुई बारिश ने जनजीवन भी प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में जलभराव हो गया। इसी दौरान पतेरी स्थित क्रिस्तकुला हायर सेकंडरी मिशनरी स्कूल की बस बिड़ला फैक्ट्री के पास अंडरपास में भरे पानी में फंस गई। बस में सवार चार से पांच बच्चों को चालक और क्लीनर ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में सभी बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया।
पानी में उतरते ही बंद हो गया बस का इंजन
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण बिड़ला फैक्ट्री के पास स्थित अंडरपास पूरी तरह पानी से भर गया था। इसके बावजूद बस चालक ने वाहन को पानी के बीच से निकालने का प्रयास किया। अंडरपास के बीच पहुंचते ही अधिक पानी के कारण बस का इंजन बंद हो गया और वाहन वहीं फंस गया।

ड्राइवर-क्लीनर की सूझबूझ से बच्चे सुरक्षित
अंडरपास में बस फंसने के बाद चालक और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाई। पानी का स्तर अधिक होने के कारण उन्होंने बच्चों को गोद और कंधों पर बिठाकर एक-एक कर बस से बाहर निकाला। सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद उन्हें उनके घर भेजा गया। घटना में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई।
स्कूल के पीआरओ शोज़ू सर ने बताया कि बस का अंतिम पड़ाव बिड़ला कॉलोनी क्षेत्र में है और यह वाहन रोज इसी मार्ग से संचालित होता है। अंतिम ट्रिप होने के कारण बस में केवल चार से पांच बच्चे ही सवार थे। उन्होंने बताया कि पानी में उतरते ही बस का इंजन बंद हो गया था, लेकिन सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस मामले में बाद बारिश के दौरान जलभराव वाले अंडरपास और सड़कों पर वाहनों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर समय रहते बैरिकेडिंग और चेतावनी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

एक साथ एक्टिव हुए कई वेदर सिस्टम, अगले 5 दिन देश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के आसार, 23 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

0

देशभर में मॉनसून अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। इस समय देश में एक साथ कई बड़े वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। ऐसे में 4 से 5 दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। देशभर में मॉनसून अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत के साथ ही अगले 4 से 5 दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में जोरदार बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने देश के 23 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय देश में एक साथ कई बड़े वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर एरिया बन रहा है। वहीं, पूर्वी बिहार के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके अलावा, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी दस्तक देने जा रहा है। इन सभी कारणों से उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश के आसार हैं।

दिल्ली-NCR और यूपी में मौसम का मिजाज
दिल्ली-NCR में जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ 60 से 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तापमान गिरकर 31 डिग्री तक आ जाएगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह फैल चुका है। आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और 75 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का वेदर
बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 65 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर सहित कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होगी, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के कारण पश्चिम बंगाल के कोलकाता, पुरुलिया और नादिया सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान का वेदर अपडेट
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और खंडवा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं।

राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पंजाब और हरियाणा का हाल
2 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अमृतसर, लुधियाना, अंबाला और करनाल सहित दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट है। इससे किसानों को फायदा होगा।

मुंबई और दक्षिण भारत में बारिश?
मुंबई में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश के आसार हैं, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।

समझौते के बाद फिर भड़का जमीन विवाद, भरोसा देकर मुकरे विपक्षी, धमकियों और मारपीट के आरोप से दहशत में परिवार, कार्रवाई नहीं होने का आरोप

0

श्रीगंगानगर।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के दौरान विपक्षी पक्ष ने समझौते का भरोसा देकर विवाद समाप्त करने की बात कही, लेकिन कुछ समय बाद उसी समझौते से मुकरते हुए दोबारा विवाद खड़ा कर दिया। पीड़ित का कहना है कि अब उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, मारपीट की घटनाएं हो रही हैं और बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित विनोद कुमार पुत्र भजनलाल के अनुसार, उनके परिवार की खातेदारी कृषि भूमि को लेकर विवाद उपखंड अधिकारी न्यायालय, सूरतगढ़ में विचाराधीन रहा। इस दौरान 27 फरवरी 2026 को न्यायालय ने संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए थे। साथ ही भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार के बदलाव या हस्तांतरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे ताकि विवाद और न बढ़े।

विनोद कुमार का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद उन्होंने तहसीलदार सूरतगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व रिकॉर्ड की जमाबंदी में स्टे का नोट दर्ज करने की मांग भी की थी, जिससे भविष्य में कोई पक्ष रिकॉर्ड में बदलाव न कर सके और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित हो सके।

इसी दौरान विपक्षी पक्ष ने आपसी समझौते का प्रस्ताव रखा। पीड़ित का कहना है कि समाज के लोगों और दोनों पक्षों की मौजूदगी में समझौता हुआ, जिसके बाद उन्हें विश्वास दिलाया गया कि अब आगे कोई विवाद नहीं होगा। इसी भरोसे में उन्होंने अपनी ओर से न्यायालय में चल रही कार्रवाई भी वापस ले ली और यह मान लिया कि मामला स्थायी रूप से समाप्त हो गया है।

लेकिन पीड़ित का आरोप है कि कुछ ही महीनों बाद विपक्षी पक्ष अपने वादे से मुकर गया और फिर से विवादित गतिविधियां शुरू कर दीं। उनका कहना है कि अब उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं तथा मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं। पीड़ित का आरोप है कि समझौता केवल उन्हें गुमराह करने और समय निकालने के उद्देश्य से किया गया था।

विनोद कुमार का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से विपक्षी पक्ष के हौसले बढ़ गए हैं और उनका परिवार लगातार भय और मानसिक तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय द्वारा दिए गए यथास्थिति के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए, राजस्व रिकॉर्ड में स्टे की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज रखी जाए तथा यदि कोई पक्ष न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।