Thursday, May 14, 2026
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‘वैभव सूर्यवंशी की असली परीक्षा अभी बाकी’, युवा खिलाड़ी के भविष्य पर दिग्गज क्रिकेटर का बड़ा बयान

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IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कमाल कर रहे हैं। इस सीजन वैभव 400 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस बीच एबी डीविलियर्स का वैभव को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।15 साल की उम्र में IPL में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर सनसनी मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब दिग्गजों की राय भी आने लगी है। साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने वैभव की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि T20 से आगे का सफर उनके लिए आसान नहीं होगा। डिविलियर्स का मानना है कि असली चुनौती तब शुरू होगी जब यह युवा खिलाड़ी टेस्ट और ODI क्रिकेट में खुद को साबित करने उतरेगा।
वैभव की असली परीक्षा बाकी
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी निडर बल्लेबाजी से हर किसी का ध्यान खींचा है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों पर पावरप्ले में आक्रामक अंदाज में रन बरसाए और दबाव की स्थिति में भी बेखौफ बल्लेबाजी जारी रखी। यही वजह है कि वह इस सीजन के सबसे बड़े उभरते सितारों में गिने जा रहे हैं। हालांकि, एबी डिविलियर्स को लगता है कि वैभव की असली परीक्षा अभी बाकी है। फॉर द लव ऑफ क्रिकेट पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए डिविलियर्स ने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन अविश्वसनीय है, लेकिन लंबे फॉर्मेट में खेलना मानसिक और शारीरिक रूप से बिल्कुल अलग चुनौती पेश करेगा।

डिविलियर्स ने कहा कि उन्हें सच में नहीं पता कि वह आगे कैसे टिकेगा। उसकी उम्र में ऐसा खेलना अविश्वसनीय है। हम सभी जानते हैं कि उसमें प्रतिभा कूट-कूटकर भरी है, लेकिन वह उसे टेस्ट क्रिकेट में देखना चाहते हैं। उसे अभी अंदाजा नहीं है कि आगे कितनी चीजें बदलने वाली हैं।

आगे आने वाली हैं कई बड़ी चुनौती
पूर्व साउथ अफ्रीकी कप्तान का मानना है कि अगर वैभव सिर्फ T20 क्रिकेट पर ध्यान दें, तो उनका करियर बेहद लंबा और सफल हो सकता है। लेकिन अगर वह ODI और टेस्ट क्रिकेट में खुद को आजमाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें क्रिकेट के एक बिल्कुल अलग पहलू का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई अच्छा मैनेजर उसे समझाए कि तुम पूरी जिंदगी T20 स्पेशलिस्ट बने रहो, तो उन्हें कोई शक नहीं कि उसका करियर शानदार रहेगा। लेकिन अगर वह ODI और टेस्ट क्रिकेट की तरफ बढ़ता है, तो मानसिक और शारीरिक रूप से उसे नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

डिविलियर्स ने यह भी साफ किया कि लंबे फॉर्मेट में सफलता सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं मिलती। वहां धैर्य, तकनीक और लगातार मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि क्या उसमें हर चुनौती से पार पाने की प्रतिभा है? बिल्कुल है। लेकिन यह सफर आसान नहीं होगा। यह एक कठिन और उतार-चढ़ाव भरा रास्ता होगा। इसके बावजूद डिविलियर्स ने उम्मीद जताई कि वैभव आगे चलकर अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट जरूर खेलेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस युवा बल्लेबाज का रेड-बॉल क्रिकेट का सफर देखना पसंद करेंगे।

बिहार के किशनगंज का 15 वर्षीय किशोर ट्रेन यात्रा के दौरान रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामला उस वक्त सामने आया जब लुधियाना से घर लौट रहे दो रिश्तेदारों में से एक युवक अचानक भीड़ में गायब हो गया। परिवार अब रेलवे पुलिस और प्रशासन से बच्चे को जल्द खोजने की गुहार लगा रहा है।

किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर उत्तर टोला निवासी मासर आलम, उम्र करीब 15 वर्ष, 21 जनवरी 2026 को कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन से लुधियाना से किशनगंज लौट रहा था। उसके साथ उसका चचेरा भाई सलमान आलम भी सफर कर रहा था। दोनों सुरक्षित घर लौटने के लिए ट्रेन में सवार हुए थे, लेकिन रास्ते में कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ के दौरान मासर आलम अचानक लापता हो गया।

परिजनों के अनुसार ट्रेन में काफी भीड़ थी। कप्तानगंज स्टेशन पहुंचने के बाद अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की के बीच मासर आलम अपने साथी से बिछड़ गया। जब काफी देर तक वह दिखाई नहीं दिया तो परिवार वालों ने ट्रेन और स्टेशन पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

लापता किशोर के बड़े भाई अकील अहमद ने रेल थाना कप्तानगंज में लिखित शिकायत देकर भाई की तलाश की मांग की है। उन्होंने बताया कि मासर आलम का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार बेहद गरीब है और बेटे के गायब होने के बाद घर में मातम जैसा माहौल है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।

मासर आलम का पता रामपुर उत्तर टोला, पंचायत नटुआपाड़ा, जिला किशनगंज बताया गया है। परिजनों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को मासर आलम के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत परिवार या नजदीकी रेलवे पुलिस को सूचना दें।

परिवार ने संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9162438480 और 7818851117 जारी किया है। घटना के बाद इलाके में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

अब देखना होगा कि रेलवे पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और लापता किशोर को उसके परिवार तक पहुंचा पाती है या नहीं।

PM मोदी की अपील के बाद किन मुख्यमंत्रियों और बड़े नेताओं ने अपना काफिला छोटा किया? यहां जानिए

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SPG ने पीएम मोदी के आदेश पर अमल करना शुरू कर दिया है लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर SPG प्रोटोकॉल से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। SPG प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए ब्लू बुक में तय मानकों का पालन करेगी। पीएम मोदी ने हैदराबाद की रैली में लोगों से खर्चे में कमी की अपील की थी। इसके बाद उनके वडोदरा और गुवाहाटी दौरे में इसका असर दिखने लगा। इन दोनों जगहों पर मोदी के काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम थी।

गृह मंत्री अमित शाह का काफिला भी छोटा
पीएम मोदी की अपील के बाद गृह मंत्री अमित शाह का काफिला भी छोटा हो गया है। आज शाह के काफिले में आधे से भी कम गाड़ियां नजर आ रही हैं। जब अमित शाह आज अपने आवास से निकले तो कम गाड़ियां दिखीं।

पीएम मोदी की नसीहत को बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अमल में लाना शुरू कर दिया है।

सीएम योगी ने अपना काफिला छोटा किया
यूपी के सीएम योगी ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में 50 फीसदी कटौती का आदेश दिया है। योगी ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के प्रमुख सचिव के साथ बैठक में आदेश दिया कि काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए।

योगी ने सरकारी बैठक, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप वर्चुअली कराने पर जोर दिया। योगी ने कहा कि मंत्री, सांसद और विधायक सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे का आयोजन किया जाए। योगी ने फैसला लिया कि राज्य के बड़े संस्था और स्टार्ट अप्स में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की जाए। योगी ने सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो चल रही हैं। वहां लोग इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। जिस रूट पर बस की डिमांड है, वहां इनकी सेवाए बढ़ाई जाएं। स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। जरूरत पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ने को कहा।

राजस्थान और हरियाणा के सीएम ने भी अपना काफिला छोटा किया
पीएम मोदी के ईंधन बचाने की अपील का बड़ा असर हुआ है। राजस्थान और हरियाणा के सीएम ने भी अपना-अपना काफिला छोटा कर लिया है। दोनों मुख्यमंत्री केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या बाकी दिनों से कम दिखी।

राजस्थान के सीएम भजनलाल ने कहा कि पीएम की गाइडलाइन को पूरा करेंगे। कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे। जो कार्यक्रम जरूरी नहीं हैं उन्हें या तो छोटा करेंगे या फिर रद्द कर देंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी लिया बड़ा फैसला
CM सम्राट चौधरी ने पोस्ट कर जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद डीजल-पेट्रोल बचत को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। CM कारकेड में वाहनों की संख्या कम होगी। मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से बिना अतिरिक्त वाहन कार्यक्रम में आने की अपील की गई है। जनता से मेट्रो, बस, ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील की गई है। सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने का निर्देश है। सरकारी कैंटीन में पाम ऑयल के कम इस्तेमाल का निर्देश दिया गया है। सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है।

दिल्ली के मंत्रियों ने भी ईंधन बचाने की मुहिम शुरू की
दिल्ली के मंत्रियों ने भी ईंधन बचाने की मुहिम शुरू कर दी है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने काफिले की गाड़ियां कम कर दी हैं। अब तीन की जगह दो गाड़ियां होंगी।

मंत्री आशीष सूद के काफिले में मंत्री की गाड़ी के अलावा अब सिर्फ एक गाड़ी होगी। मंत्री आशीष सूद अब इलेक्ट्रिक कार में चलेंगे। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ई रिक्शा से यात्रा की और मेट्रो स्टेशन तक गए। फिर मेट्रो में सवार होकर कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचे।

कुछ ऐसा ही कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने भी किया। वो भी मेट्रो में सफर करते दिखे। पीएम मोदी की अपील के बाद पूरे देश में एक मुहिम सी शुरू हो चुकी है।

मेट्रो से दफ्तर पहुंचने के बाद दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि वो केवल एक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। अगर जरूरी नहीं हुआ तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेंगे। कपिल मिश्रा ने कहा कि पीएम की वर्क फ्रॉम होम की अपील पर सभी पक्षों के साथ बातचीत चल रही है। इस बारे में एक दो दिन में फैसला हो जाएगा।

पीएम मोदी की अपील पर गुजरात में भी बड़ा असर
आज गुजराज के सीएम भूपेंद्र पटेल का काफिला पांच गुना छोटा नजर आया है। गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल जब अमरेली से गांधी नगर स्थित अपने आवास पहुंचने तो उनके काफिले में केवल 3 गाड़ियां थीं। एस्कॉर्ट वाहन या रिजर्व वाहन नजर नहीं आया। न ही मुख्यमंत्री के कॉन्वॉय में जैमर वाहन दिखा। मुख्यमंत्री की कार के साथ-साथ केवल सिक्योरिटी स्टाफ की दो गाड़ियां सीएम हाउस की तरफ जाती दिखीं।

फडणवीस सरकार ने भी आदेश जारी किए
महाराष्ट्र सरकार ने भी पीएम की अपील पर गंभीरता से अमल शुरू कर दिया है। फडणवीस सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। मंत्रियों की विदेश यात्रा में कटौती की गई है। विदेश यात्रा के लिए सीएम कार्यालय की मंजूरी जरूरी होगी। अपनी मर्ज़ी से बिना बताए कोई मंत्री विदेश यात्रा पर नहीं जा सकता। इसके साथ ही जहां तक हो सके वर्चुअल मीटिंग की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश के सीएम ने भी कड़े आदेश जारी किए
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी कल एक बैठक की। इसके बाद ईंधन बचाने को लेकर कई बड़े आदेश जारी किए गए। सीएम ने कहा है कि कोई भी मंत्री वाहन रैली नहीं करेगा, ना ही कोई सड़क पर जाम लगाएगा। सीएम ने खुद का काफिला भी छोटा करने का फैसला लिया है। बाकी मंत्रियों का भी काफिला घटा दिया है। अफसरों के लिए भी ऐसा ही आदेश जारी किया गया है। इस आदेश का असर दिख रहा है। एमपी के मंत्री विश्वास सारंग बिना पायलट वाहन के अपने घर से दफ्तर गए हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष ने भी अपना काफिला छोटा किया
राहुल नार्वेकर ने काफिले की दो गाड़ियां कम कर दी हैं। साथ ही विधायक दल का जापान दौरा भी रद्द कर दिया है। राहुल नार्वेकर के काफिले में चार गाड़ियां थीं जो अब घटकर दो हो गई हैं।

तमिलनाडु में CM विजय ने जीता विश्वास मत, 144 विधायकों का मिला समर्थन; जानें कितने वोट विरोध में पड़े

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने आज विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। विजय सरकार को फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों का समर्थन मिला।तमिलनाडु की सियासत में पिछले कई दिनों से जारी हाई-वोल्टेज ड्रामे का आज अंत हो गया। विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सत्ता बरकरार रखते हुए बहुमत साबित कर दिया है। उनके पक्ष में कुल 144 विधायकों ने वोट किया, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है। सरकार के खिलाफ 22 वोट पड़े, जबकि 5 विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

DMK विधायकों ने किया वॉक आउट
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा टीवीके सरकार को समर्थन न देने के विरोध में अपना भाषण समाप्त करते ही डीएमके सदस्य विधानसभा से बाहर चले गए। विश्वास मत के दौरान सदन में बोलते हुए उदयनिधि स्टालिन ने घोषणा की कि डीएमके सदस्य विश्वास मत के दौरान विधानसभा से वॉकआउट करेंगे।

उन्होंने AIADMK के बागी सदस्यों से मुलाकात करने के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना की और सवाल उठाया कि जो हो रहा है वह “परिवर्तन” है या “लेन-देन”। स्टालिन ने कहा कि लोग सवाल कर रहे हैं, “क्या यह आपका स्वच्छ शासन है?”

विजय का विधानसभा में जवाब
विश्वास मत पर हुई चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सदन में अपना पक्ष रखा और विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री विजय ने सदन को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार निश्चित रूप से एक “धर्मनिरपेक्ष” सरकार होगी।

खरीद-फरोख्त के आरोपों पर पलटवार करते हुए विजय ने कहा, “यह सरकार घोड़े की गति से काम करेगी, लेकिन घोड़ों की खरीद-फरोख्त में शामिल नहीं होगी।” उन्होंने यह भी वादा किया कि पिछली सरकार की सभी जनहितकारी योजनाओं को उनकी सरकार द्वारा निरंतर जारी रखा जाएगा।

सिवान में असहाय महिला का आरोप: दबंगों ने घर का रास्ता बंद किया, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप

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सिवान, बिहार — जिले के दरौली थाना क्षेत्र के भिटौली गांव में एक असहाय महिला ने अपने ही पड़ोसियों पर मारपीट, घर तोड़ने, रास्ता बंद करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक सिवान को आवेदन देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार भिटौली गांव निवासी अहिल्या देवी, पिता स्वर्गीय नेपाल भगत, अपने मायके में रहकर किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के ही राजेन्द्र भगत, नीतीश कुमार और मुन्ना भगत लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का कहना है कि तीनों आरोपी उनके घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा उन्हें गांव छोड़ने की धमकी देते रहते हैं।

पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि आरोपियों ने उनके मकान का कुछ हिस्सा तोड़ दिया है और अब घर के मुख्य दरवाजे के सामने दीवार खड़ी कर आने-जाने का रास्ता भी बंद किया जा रहा है। महिला का कहना है कि वह गरीब और असहाय है तथा परिवार में केवल महिलाएं ही हैं, जिसका फायदा उठाकर दबंग पड़ोसी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे हैं।

अहिल्या देवी ने गांव के ही ड्रोमन भगत और हरिशचंद्र भगत पर भी आरोपियों का सहयोग करने और लगातार धमकी देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है, जिससे पूरा परिवार दहशत में जी रहा है।

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।

गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो विवाद और बढ़ सकता है

नालंदा में मजदूर परिवार के घर लाखों की चोरी, बेटी की शादी के लिए रखे गहने और नकदी साफ

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नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र में एक मजदूर परिवार के घर हुई बड़ी चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार मजदूरी करने के लिए बाहर गया हुआ था और जब कई दिनों बाद घर लौटा तो मकान का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर नकदी और लाखों रुपए के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और बेटी की शादी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार परवलपुर थाना क्षेत्र के सिनादाँ गांव निवासी राजेश चौहान अपने पूरे परिवार के साथ 20 अप्रैल 2026 को मजदूरी करने आरा गए हुए थे। करीब 21 दिन बाद 11 मई की शाम लगभग 4 बजे परिवार वापस घर लौटा। घर पहुंचते ही मुख्य दरवाजे और कमरे का सामान बिखरा पड़ा मिला। जब परिवार ने अंदर जाकर देखा तो लोहे की पेटी का ताला और कुंडी टूटी हुई थी।

पीड़ित राजेश चौहान ने बताया कि पेटी में बेटी की शादी के लिए करीब 66 हजार रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा चार जोड़ी सोने की कनवाती, बेसर, चांदी की पायल सहित कई कीमती आभूषण रखे हुए थे। चोर सभी गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित ने बताया कि मजदूरी कर-करके बेटी की शादी के लिए पैसे और गहने जमा किए थे, लेकिन एक ही रात में सब कुछ खत्म हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।

घटना की सूचना परवलपुर थाना को दी गई है। पीड़ित ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर चोरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। ग्रामीणों में भी घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इलाके में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द आरोपियों को पकड़कर चोरी गया सामान बरामद करेगी।

चित्रकूट में दबंगों का आतंक, भारत लाल को ही उनके घर से किया बेदखल

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चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र अंतर्गत भारतपुर तराँव गांव में रहने वाले भारत लाल पुत्र राम स्वरुप ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि कुछ अज्ञात दबंग और गुंडा प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनके ही घर पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, उन्हें घर से जबरन उठा ले जाकर मारपीट की गई और जान से डराने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित भारत लाल के अनुसार दबंगों ने उनसे चार लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि अब इस घर पर उनका कब्जा है और भारत लाल को यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है। विरोध करने पर उन्हें बुरी तरह पीटा गया और गांव छोड़ने तक की धमकी दी गई। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और दहशत के माहौल में जी रहा है।

भारत लाल ने आरोप लगाया है कि दबंग लगातार उनके घर के आसपास घूमते हैं और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उनके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और कमजोर लोगों को डराकर उनकी जमीन और मकान पर कब्जा करने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिल सके।

भारत लाल ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें उनके घर में सुरक्षित रहने का अधिकार दिलाया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है।

फतुधाना से कोचखेड़ा सड़क निर्माण में बड़ा घोटाले का आरोप

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अधूरा काम, खेतों में डाली जा रही मिट्टी और 12 लाख के भुगतान की तैयारी से ग्रामीणों में आक्रोश

फतुधाना से कोचखेड़ा तक बनने वाली ग्रामीण सड़क अब विवादों में घिर गई है। गांव के लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क का निर्माण गांव की सुविधा और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत किया गया था, उसी काम में अब खुलेआम लापरवाही बरती जा रही है।

जानकारी के अनुसार फतुधाना से कोचखेड़ा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है, जिसकी कुल लागत 32 लाख 59 हजार रुपये बताई जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण निर्धारित मार्ग पर सही तरीके से नहीं किया जा रहा। कई स्थानों पर सड़क की बजाय खेतों की ओर मिट्टी डाल दी गई है, जिससे पूरा निर्माण कार्य संदेह के घेरे में आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर जितना काम दिखाई दे रहा है, उसके मुकाबले कहीं अधिक राशि निकालने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि अभी तक लगभग 12 लाख रुपये का बिल तैयार कर दिया गया है, जबकि निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। लोगों का कहना है कि जमीन पर वास्तविक काम बहुत कम हुआ है, लेकिन कागजों में अधिक प्रगति दिखाकर भुगतान निकालने की कोशिश की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगहों पर समतलीकरण सही तरीके से नहीं किया गया। मिट्टी और निर्माण सामग्री का उपयोग भी मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहा। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लापरवाही जारी रही तो सड़क बनने से पहले ही खराब हो सकती है और सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।

गांव में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके का निरीक्षण किया जाए और जितना कार्य वास्तव में हुआ है उसी के आधार पर भुगतान किया जाए।

ग्रामीण मूलचंद सांभर, कैलाश लाल सिंह, जब्बू, लता सिंह, रामेश्वर और रामदीन सहित कई लोगों ने कहा कि गांव के लोगों को इस सड़क से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन अब निर्माण कार्य में सामने आ रही अनियमितताओं ने सभी को परेशान कर दिया है। ग्रामीण चाहते हैं कि इस मामले में जल्द सुनवाई हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायत पहुंचाकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर इस कथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

12 साल पुराने जमीन विवाद में फिर बढ़ा तनाव, कोर्ट के आदेश के बावजूद कब्जा नहीं मिलने का आरोप

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बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मेहसी थाना क्षेत्र स्थित रंगरेज छपरा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर गहरा गया है। मामला अब इतना बढ़ चुका है कि प्रशासन को दोनों पक्षों पर शांति भंग की आशंका में धारा 126 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई की अनुशंसा करनी पड़ी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्यायालय से आदेश मिलने और जमाबंदी कायम होने के बावजूद उन्हें अब तक जमीन पर दखल-कब्जा नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी नवल किशोर राय, अवधेश राय और उपदेश कुमार राय ने आरोप लगाया है कि उनके दादा स्वर्गीय फिरंगी राय की संयुक्त पुश्तैनी संपत्ति में उनका वैधानिक हिस्सा होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने वर्षों पहले कथित रूप से उन्हें वंशावली से बाहर दिखाकर पूरी जमीन पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि फिरंगी राय के दो पुत्र थे—अच्छेलाल राय और रामाश्रय राय। लेकिन बाद में रामाश्रय राय और उनके वारिसों को रिकॉर्ड से हटाकर जमीन का बंटवारा कर लिया गया।

दस्तावेजों के अनुसार, रामाश्रय राय के पुत्र स्वर्गीय मोहन लाल राय के परिवार को पहले पंचायत के माध्यम से भरण-पोषण के लिए कुछ जमीन दी गई थी। इसी आधार पर भूमि सुधार उप समाहर्ता चकिया की अदालत ने वर्ष 2012-13 में फैसला सुनाते हुए माना कि मोहन लाल राय का परिवार भी फिरंगी राय का वैध वंशज है और संयुक्त संपत्ति में उनका बराबर का अधिकार बनता है।

अदालत ने अपने आदेश में अंचलाधिकारी मेहसी को निर्देश दिया था कि आवेदक पक्ष के नाम आधी जमीन की जमाबंदी कायम कर स्थानीय थाना के सहयोग से दखल कब्जा दिलाया जाए। इसके बाद आवेदक नवल किशोर राय और उनके भाइयों के नाम जमाबंदी भी कायम कर दी गई। बावजूद इसके आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने जमीन खाली नहीं की और विवाद लगातार बढ़ता चला गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि खाता संख्या 13, 15 और 40 की कई खेसरा जमीनों पर विपक्षी सूर्य नारायण राय, सुदीश नारायण राय और संजय राय द्वारा जबरन कब्जा कर मकान निर्माण की कोशिश की जा रही है। जब इसका विरोध किया जाता है तो गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन जाती है।

मामले की जांच में पहुंचे पुलिस अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि गांव में दोनों पक्षों के बीच काफी तनाव बना हुआ है और कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी जांच के दौरान बताया कि विवाद को लेकर माहौल लगातार खराब हो रहा है और कई बार समझाने के बावजूद विवाद खत्म नहीं हो रहा।

अंचल कार्यालय की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर मूल कागजात के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्वेच्छा से आदेश का पालन नहीं किया गया तो बल प्रयोग कर दखल-कब्जा दिलाया जा सकता है।

गांव में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अदालत ने वर्षों पहले फैसला सुना दिया और जमाबंदी भी कायम हो गई, तो अब तक पीड़ित परिवार को जमीन पर अधिकार क्यों नहीं मिल पाया। वहीं पीड़ित पक्ष न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर लगातार प्रशासन के चक्कर काट रहा है।

प्रतापगढ़ में तेज रफ्तार ई-ट्रॉली ने बाइक सवार को मारी टक्कर, चालक और मालिक मौके से फरार

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प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रही ई-ट्रॉली की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक और वाहन मालिक मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम हथिगवां पूरे चिरैया निवासी संगीता देवी पत्नी रमेश कुमार यादव ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 22 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे उनके परिजन रेखा कुमार यादव बाइक से सुदीनपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ई-ट्रॉली को चालक गोरे सिंह तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था।

आरोप है कि ई-ट्रॉली मालिक अविनाश कुमार साहू निवासी क्षेत्रीय गांव का वाहन अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों की मदद से घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद चालक और वाहन मालिक मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

संगीता देवी ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि यदि समय रहते ऐसे लापरवाह चालकों पर कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़े हादसे हो सकते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।