Thursday, May 14, 2026
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24 दिन तक लापता रही बेटी कॉलेज में मिली, अब शादी से मुकरा युवक; गरीब पिता बोला- “लेकर गया था तो अब शादी भी करे”

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद संवेदनशील और चर्चित मामला सामने आया है, जहां 24 दिन तक लापता रही एक युवती अचानक कॉलेज में परीक्षा देने पहुंची तो परिवार को उसका पता चला। अब युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि गांव का ही एक युवक उसे अपने साथ लेकर गया था, लेकिन वापस आने के बाद वह शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटक रहा है।

जानकारी के अनुसार, थाना पटेरा क्षेत्र के ग्राम सतारिया निवासी गणेश पटेल ने अपनी 21 वर्षीय बेटी रोशनी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार के मुताबिक, रोशनी 1 अप्रैल को घर से यह कहकर निकली थी कि वह दमोह में अपनी बहन के यहां रुककर कॉलेज का पेपर देने जाएगी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।

पीड़ित पिता गणेश पटेल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दमोह थाना क्षेत्र के बड़गुआ गांव निवासी छत्रपाल पटेल अपने साथ लेकर गया था। उन्होंने बताया कि करीब 7-8 महीने पहले दोनों बच्चों ने परिवार से शादी कराने की बात कही थी। इसके बाद परिवार छत्रपाल के घर रिश्ता लेकर भी गया, लेकिन वहां दहेज की मांग रखी गई।

गणेश पटेल का आरोप है कि छत्रपाल के परिवार वालों ने साफ कहा था कि “अगर दहेज देने की औकात नहीं है तो रिश्ता लेकर यहां क्यों आए हो।” गरीब परिवार होने के कारण वे दहेज की मांग पूरी नहीं कर सके। पिता ने बताया कि उनके तीन बच्चों में से दो की शादी पहले ही हो चुकी है और वे अपनी बेटी रोशनी की शादी भी अपनी क्षमता अनुसार करना चाहते थे।

परिवार का कहना है कि रिश्ता टूटने के कुछ समय बाद ही छत्रपाल उनकी बेटी को कॉलेज से अपने साथ लेकर चला गया। 24 दिन तक परिवार बेटी की तलाश में भटकता रहा। बाद में जब रोशनी परीक्षा देने कॉलेज पहुंची, तब जाकर उसका पता चला। फिलहाल युवती अपने पिता के पास है।

अब सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर खड़ा हो गया है कि छत्रपाल शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित पिता का कहना है कि “जब वह मेरी बेटी को अपने साथ लेकर गया था, तब उसे समाज में बदनामी का सामना करना पड़ा। अब 24 दिन बाद बेटी घर लौटी है तो उसकी शादी कहीं और होना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अगर छत्रपाल उसे लेकर गया था तो अब उसे ही शादी करनी चाहिए।”

परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाने से लेकर अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। गरीब पिता का कहना है कि वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है और अब केवल अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है।

गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रेम संबंध, दहेज और सामाजिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नागपुर में ऑटो सफर के दौरान महिला के लाखों के सोने के गहने चोरी शादी में शामिल होने जा रही थी महिला, पुलिस से लगाई मदद की गुहार

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नागपुर के हिंगणा रोड इलाके से एक सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव जा रही एक महिला के ऑटो सफर के दौरान सोने के कीमती गहने रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत MIDC हिमाडेसी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार इसासनी झिरो डिथी हिंगणा रोड निवासी ज्योति चव्हाण 8 मई 2026 को गोंदिया जाने के लिए सीआरपीएफ गेट के पास से ऑटो में बैठी थीं। महिला का कहना है कि सफर के दौरान उन्हें किसी तरह की हलचल महसूस नहीं हुई, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि उनके सोने के गहने गायब हो चुके हैं। चोरी हुए गहनों में करीब साढ़े तीन तोले की रानी हार और नथ शामिल है। बताया जा रहा है कि गहनों की कीमत लाखों रुपये में हो सकती है।

पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि जिस ऑटो में वह सफर कर रही थीं उसका नंबर MH 49 AR 2158 था। महिला ने आशंका जताई है कि ऑटो में सफर के दौरान ही किसी ने बेहद शातिर तरीके से उनके गहनों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद महिला सदमे में है और उसने पुलिस से जल्द से जल्द गहने बरामद करने की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सफर के दौरान किसी वस्तु के गिरने जैसी आवाज सुनाई दी थी, लेकिन उस समय महिला ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बाद में जब सामान की जांच की गई तो सोने के गहने गायब मिले। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक वाहनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

MIDC हिमडेसी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और ऑटो चालक से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन सुन क्यों नहीं रही है रोज आए दिन टाल रही है इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक वाहनों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी मजबूत करनी चाहिए ताकि आम नागरिक सुरक्षित सफर कर सकें

जबलपुर के बरगी बांध में हादसे को लेकर बड़ा फैसला, सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी बांध में हादसे को मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने इस घटना के न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीते महीने बरगी बांध में हुए हादसे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जबलपुर बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच होगी। राज्य शासन ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्य जांच आयोग नियुक्त किया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में नियुक्त आयोग मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर जांच पूरी करेगा रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।

जांच के लिए पांच प्वाइंट्स तय
न्यायिक आयोग की बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की जांच के पांच बिंदु तय किये गये हैं। जांच के निर्धारित बिंदुओं में :-

1- दुर्घटना के कारणों की जांच करना एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण

2 – दुर्घटना के दौरान और दुर्घटना के बाद में किए गए बचाव उपायों की पर्याप्तता और राहत कार्यों की समीक्षा

3 – राज्य में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज एवं जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट तथा इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 एवं एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइंस, 2017 के अनुरूप जलयानों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था

4 – राज्य में क्रूज, नौकाओं एवं जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन व रखरखाव हेतु एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करना

5 – ऐसे सभी स्थानों पर जहां नागरिक जल परिवहन, नौका, क्रूज एवं जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित हो रही हैं, त्वरित प्रतिक्रिया दल के गठन की व्यवस्था,शामिल हैं।

कैसे हुआ था हादसा?
आपको बता दें कि बीते 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज नौका पलट गई थी। जानकारी के मुताबिक, तेज तूफान के कारण उठी ऊंची लहरों की वजह से ये हादसा हुआ। हादसे के दौरान क्रूज में 41 लोग सवार थे। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 28 लोगों को बचा लिया गया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर दुख जताया था। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था।

ब्रिक्रमपुर ताहरपुर में जलभराव से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, गांव में घुसा गंदा पानी, मच्छरों के आतंक से लोग परेशान

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ब्रिक्रमपुर ताहरपुर गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। गांव में कई दिनों से जमा गंदा पानी अब लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है। लगातार फैल रही गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से गांव में बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बाहर स्थित छोटे तालाब और नालों की सफाई लंबे समय से नहीं कराई गई है। जल निकासी का उचित इंतजाम नहीं होने के कारण बारिश और गंदा पानी गांव में भर गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई घरों में पानी घुसने लगा है। लोगों का कहना है कि छोटे तालाब से बड़े तालाब तक पानी निकासी के लिए नाला निर्माण की मांग कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने बताया कि गंदे पानी के कारण गांव में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का आतंक तेजी से बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में बीमार पड़ने का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो गांव में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या को नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन में संतोष, शिवकुमार, दिनेश, शनवार, कृपान सिंह, नरेन्द्र, जगपाल, विनीत कुमार, चन्द्रभान सिंह, विजय, अगरीश, अमन, चन्द्रसेन, जमन सिंह, देवेन्द्र, शमोतार, विनीता देवी, हरीश, राजू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब की सफाई, नाला निर्माण और गांव से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

सोनभद्र में वैवाहिक विवाद ने पकड़ा तूल, महिला ने पति राहुल पर लगाए गंभीर आरोप

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सोनभद्र/प्रयागराज:
सोनभद्र जिले में एक वैवाहिक विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। पीड़िता पुष्पा ने अपने पति राहुल कुमार पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने, घर छोड़कर फरार होने, नकदी और मोबाइल लेकर जाने तथा मानसिक प्रताड़ना देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है।
पीड़िता पुष्पा का कहना है कि करीब एक महीने पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। उस दौरान राहुल ने फोन कर आने की बात कही, लेकिन वह मिलने नहीं आया और बाद में उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। इससे आहत होकर पुष्पा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। वीडियो में वह कहती नजर आ रही है कि अब वह चुप नहीं बैठेगी और न्याय के लिए अदालत तक जाएगी।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद राहुल का संपर्क दूसरी महिला से बढ़ गया, जिसके बाद दोनों के रिश्तों में लगातार तनाव रहने लगा। पुष्पा ने आरोप लगाया कि राहुल ने सोशल ऐप पर उसे “गलत औरत” कहकर अपमानित किया। इस पूरे विवाद के बाद दोनों के बीच कहासुनी भी सार्वजनिक हो गई।
पीड़िता के अनुसार राहुल उसे प्रयागराज लेकर गया था, जहां से वह अचानक गायब हो गया। महिला का दावा है कि राहुल घर से नकदी और मोबाइल भी लेकर चला गया। उसने आरोप लगाया कि यह केवल घर छोड़ने का मामला नहीं बल्कि उसके सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
मामले में प्रतापगढ़ निवासी किरण कुमारी और उसके पति अरविंद का नाम भी सामने आया है। पुष्पा का आरोप है कि किरण ने उसके निजी फोटो और वीडियो राहुल को भेजे और उसके वैवाहिक जीवन में विवाद पैदा करने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़िता ने दावा किया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले गुजरात के सूरत क्षेत्र में भी राहुल उसे छोड़कर जा चुका है। अब उसने पाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया है।
इस बीच पुष्पा द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित पुष्पा के संपर्क नंबर 9278392592 यह है।
आरोपी पति राहुल का संपर्क नंबर 8423899077 है।

किरण कुमारी और पति अरविंद के मोबाइल नंबर 9558789521, 9537349527 यह है।

देशभर की अदालतों का डेटा अब एक ही जगह होगा उपलब्ध, CJI सूर्यकांत ने शुरू की ‘वन केस वन डेटा’ पहल

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मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका “वन केस वन डेटा” पहल शुरू कर रही है। इस प्रणाली में सभी निचली अदालतों से लेकर हाई कोर्ट तक का डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा।नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को एक बड़ी डिजिटल पहल की घोषणा की, जिसका मकसद न्यायिक डेटा एकीकरण को मजबूत करना और देश भर में अदालती सेवाओं तक आम जनता की पहुंच में सुधार करना है।

दिन की कार्यवाही शुरू होने पर यह ऐलान करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका “वन केस वन डेटा” (One Case One Data) पहल शुरू कर रही है। यह प्रणाली सभी उच्च न्यायालयों, जिला न्यायालयों और तालुका न्यायालयों की बहु-स्तरीय सूचनाओं को एक एकीकृत तंत्र में जोड़ेगी।

CJI ने कहा, “हम सभी उच्च न्यायालयों, जिला और तालुका न्यायालयों के बहुस्तरीय विवरणों को शामिल करते हुए ‘वन केस वन डाटा’ पहल शुरू कर रहे हैं। हम एक कुशल केस प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

‘वन केस वन डेटा’ के मुख्य उद्देश्य
इसमें देश की सभी निचली अदालतों से लेकर हाई कोर्ट तक का डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा।
CJI ने कहा, हम एक कुशल केस मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
इस पहल से अदालतों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम होगा और मामलों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।
AI चैटबॉट ‘सु सहाय’ की शुरुआत
CJI ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर “सु सहाय” नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित चैटबॉट के लॉन्च की भी घोषणा की। यह चैटबॉट विशेष रूप से वादियों के लिए न्याय तक पहुंच आसान बनाने के लिए बनाया गया है।

उन्होंने कहा, “हम अपनी वेबसाइट के लिए ‘सु सहाय’ नामक एक सहायता चैटबॉट भी शुरू कर रहे हैं, जिसे एनआईसी ने रजिस्ट्री के सहयोग से विकसित किया है। यह नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए बुनियादी दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए एक सरल और सुविधाजनक इंटरफ़ेस प्रदान करेगा।”

सोमनाथ मंदिर की खासियत क्या है, इस पर किसने कब-कब हमला किया? यहां जानें पूरा इतिहास

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सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी पहुंचे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सोमनाथ मंदिर के अमृत महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। ये आयोजन सोमनाथ के नए मंदिर परिसर के 75 साल पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। ये वही ऐतिहासिक सोमनाथ का मंदिर है जिसे 17 बार लूटा गया, तोड़ा गया लेकिन सनातन की पताका हमेशा लहराती रही। आजादी के बाद देश में सबसे पहले जिस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया गया वो सोमनाथ का ही मंदिर है। ये पहला मंदिर है जिसका उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने किया। आज जब इस पावन ज्योतिर्लिंग में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है तो पीएम मोदी इसके 90 मीटर ऊंचे शिखर पर कुंभाभिषेक करेंगे जिसके लिए 11 तीर्थों का पवित्र जल लाया गया है।

कार्यक्रम में क्या-क्या होगा?
सोमनाथ मंदिर में कार्यक्रम के दौरान 51 ब्राह्मण रुद्र पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे। वहीं, महारुद्र यज्ञ में 1.25 लाख आहुतियां अर्पित की जाएंगी। इसके बाद सोमनाथ मंदिर के गौरव को आसमान से सलामी दी जाएगी। एयरफोर्स के सूर्यकिरण विमान सनातन के इस अडिग संकल्प को आसमान से सलाम करेंगे और भव्य फ्लाईपास्ट होगा। सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पहली बार मंदिर के शिखर पर कुंभाभिषेक किया जाएगा।

सोमनाथ मंदिर की मान्यताएं
श्री सोमनाथ महादेव वह पवित्र भूमि मानी जाती है, जहां चंद्रमा की तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर, भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उन्हें अंधेरे के श्राप से मुक्त किया। यह भी माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां भगवान श्री कृष्ण ने अपनी अंतिम यात्रा की थी। माना जाता है कि सोमनाथ का मंदिर 4 चरणों में बनाया गया था- भगवान सोम द्वारा सोने से, रवि द्वारा चांदी से, भगवान कृष्ण द्वारा लकड़ी से और राजा भीमदेव द्वारा पत्थर से। सोमनाथ मंदिर में गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप हैं, जिसका शिखर 155 फीट ऊंचा है। शिखर के ऊपर कलश का वजन 10 टन है और ध्वजदंड 27 फीट ऊंचा और 1 फुट परिधि का है। मौजूदा मंदिर कैलाश महामेरु प्रसाद शैली में बना है। महारानी अहिल्याबाई द्वारा जीर्णोद्धार किया गया मंदिर मुख्य मंदिर परिसर के पास है।

सोमनाथ मंदिर पर कब-कब हुआ हमला?
1026 ईस्वी- गजनवी ने तोड़ा (कुल 17 बार हमले किए)
1311 ईस्वी- अलाउद्दीन खिलजी के आदेश पर विध्वंस
1326 ईस्वी- मुहम्मद बिन तुगलक ने किया हमला
1395 ईस्वी- दिल्ली सल्तनत के जफर खान ने बोला धावा
1451 ईस्वी- महमूद बेगड़ा ने भी सोमनाथ मंदिर लूटा
17वीं सदी- औरंगजेब ने सोमनाथ मंदिर तुड़वाया
सोमनाथ मंदिर की खासियत
देश के 12 ज्योतिर्लिंग में सोमनाथ पहला
शास्त्रों, पुराणों और लोक परंपरा में महत्व
सोमनाथ मंदिर का स्कंद पुराण में वर्णन
चंद्रदेव के मंदिर की स्थापना की मान्यता
सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है
सोमनाथ मंदिर दो मंजिला है
मंदिर का ध्वजदंड 11 मीटर लंबा है
1,666 स्वर्ण-मंडित कलश
कलश का वजन 10 टन
सोमनाथ मंदिर के रहस्य
प्राचीन मंदिर लकड़ी के 56 खंभों पर टिका था
मुख्य मूर्ति बिना किसी सहारे के हवा में लटकी थी
प्राचीन सोमनाथ मंदिर की छत स्वर्ण जड़ित थी
शिवलिंग मंदिर में जमीन से दो फीट की ऊंचाई पर था
40 मन वजनी सोने का घंटा मंदिर में लटका था
महमूद गजनवी ने मंदिर से 6 टन सोना लूटा
सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण
1947 में मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ
सरदार वल्लभभाई पटेल ने पुनर्निर्माण शुरू कराया
सौराष्ट्र के पूर्व राजा दिग्विजय सिंह ने आधारशिला रखी
8 मई 1950 को मंदिर पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी गई
11 मई 1951 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उद्घाटन किया
आधुनिक सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण 1961 में पूरा हुआ
1995 में सोमनाथ मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया गया

चार बच्चों को छोड़ महिला लापता, प्रेमी संग फरार होने की आशंका; ड्राइवर पति बोला- ‘वृंदावन जाने की बात कहकर गई थी’

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अलीगढ़ जिले के खैर रोड क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चार बच्चों की मां अचानक घर से लापता हो गई। पति ने आशंका जताई है कि उसकी पत्नी किसी युवक के साथ फरार हो गई है। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। मामले की शिकायत पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई है और पुलिस महिला की तलाश में जुटी हुई है।

पीड़ित पति प्रदीप शर्मा ने मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी 6 मई 2025 की सुबह करीब 9 बजे घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने बच्चों से कहा था कि वह दवाई लेने जा रही हैं। उस समय प्रदीप शर्मा अपने काम पर गए हुए थे। प्रदीप पेशे से ड्राइवर हैं और काम के कारण दो-तीन दिन में एक बार ही घर आ पाते हैं। प्रदीप के अनुसार, लापता होने से एक दिन पहले पत्नी ने उनसे फोन पर कहा था कि वह किसी आंटी के साथ वृंदावन दर्शन करने जा रही हैं। इस पर प्रदीप ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी थी और कहा था कि वह मंगलवार शाम तक घर लौट आएंगे।

प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब वह मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे घर पहुंचे तो पत्नी घर पर नहीं थीं। उन्होंने बच्चों को खाना खिलाया और देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन गीता देवी वापस नहीं लौटीं। अगले दिन आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 7 मई को पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

पति का आरोप है कि उनकी पत्नी किसी युवक के संपर्क में थी। प्रदीप शर्मा ने शक जताते हुए बताया कि भानु प्रताप नाम के युवक से उनकी पत्नी की बातचीत होती थी। उन्होंने कई बार पत्नी को इस संबंध में समझाया भी था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह चार बच्चों को छोड़कर चली जाएगी। परिवार का कहना है कि पति-पत्नी के बीच कभी कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। दोनों पिछले 6-7 वर्षों से किराए के मकान में रह रहे थे और मोहल्ले वालों के मुताबिक उनके बीच कभी झगड़े जैसी स्थिति नहीं देखी गई।

परिजनों के अनुसार गीता देवी घर से जाते समय करीब 30 हजार रुपये नगद भी अपने साथ लेकर गई हैं। महिला ने काली साड़ी और काला पर्स लिया हुआ था। पति का कहना है कि उनकी पत्नी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं और बिना किसी दबाव के घर से गई हैं। ऐसे में परिवार को प्रेम प्रसंग के चलते फरार होने की आशंका है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार और पुलिस लगातार महिला की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रदीप शर्मा ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को गीता देवी के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें, ताकि बच्चों को उनकी मां वापस मिल सके।

संपर्क नंबर: +91 88102 52320

“लड्डू गोपाल ने भरी मांग में सिंदूर!” बिम्बी कुमारी का दावा—2 साल से हो रहे दिव्य अनुभव, बिना दवा ठीक हुईं बीमारियां

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अलीगढ़। थाना क्वासी गांव मधुबनी कॉलोनी आस्था, चमत्कार और रहस्य से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां अलीगढ़ जिले के थाना काशी क्षेत्र की मधुबनी कॉलोनी निवासी बिम्बी कुमारी ने दावा किया है कि भगवान लड्डू गोपाल स्वयं उसके साथ रहते हैं और अपने हाथों से उसकी मांग में सिंदूर भरते हैं। बिम्बी कुमारी का कहना है कि यह अनुभव पिछले कई वर्षों से हो रहा है, लेकिन पिछले 2 वर्षों में यह घटनाएं और स्पष्ट रूप से सामने आने लगी हैं।

बिम्बी कुमारी के अनुसार, शुरुआत में उसे इन घटनाओं का स्पष्ट एहसास नहीं था, लेकिन समय के साथ उसे यह अनुभव होने लगा कि वह भगवान की विशेष कृपा की पात्र है। उसने बताया कि कई साधु-संतों से भी इस बारे में चर्चा की गई, जिनमें से कई ने उसे “लड्डू गोपाल का अनन्य भक्त” बताया और कहा कि भगवान की उपस्थिति उसके भीतर है।

बिम्बी कुमारी ने दावा किया कि उसे पहले उच्च रक्तचाप (बीपी 160) और शुगर जैसी गंभीर बीमारियां थीं, लेकिन बिना किसी दवा के यह सभी समस्याएं ठीक हो गईं। वह इसे पूरी तरह लड्डू गोपाल की कृपा मानती है। उसके अनुसार, फागुन के समय उसे भगवान के दर्शन भी हुए, जहां वे शिव के रूप में प्रकट हुए और भजन गाते हुए नजर आए।

बिम्बी कुमारी का कहना है कि वह अक्सर भगवान की भक्ति में इतनी लीन हो जाती है कि उसे होश नहीं रहता और वह बेहोश हो जाती है। कई बार वह एक पैर पर खड़ी होकर आरती करती है और लंबे समय तक इसी अवस्था में रहती है। उसने यह भी कहा कि वह समाज सेवा करना चाहती है, लेकिन भगवान की भक्ति में डूब जाने के कारण उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

बिंम्बी कुमारी और उनकी बेटी के खाने में सास गायत्री देवी ने नशीली दवाइयां मिलाई थी जिससे बिंम्बी और उनकी बेटी के शरीर पर रिएक्शन हो गए थे उसे भी लड्डू गोपाल की कृपा से बिना किसी गोली दवाई के ठीक हो गए इतना ही नहीं देवर अरविंद और देवरानी योगिता यह लोग रहने नहीं देना चाहते हैं घर से भागना चाहते है

इस पूरे मामले ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। जहां कुछ लोग इसे आस्था और चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे मानसिक और चिकित्सकीय जांच का विषय भी बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल, बिम्बी कुमारी अपने अनुभवों को दिव्य आशीर्वाद मान रही हैं और खुद को लड्डू गोपाल की अनन्य भक्त बता रही हैं। मामला आस्था और विज्ञान के बीच संतुलन की बहस को एक बार फिर सामने लाता है।

अंबेडकरनगर में प्रेम संबंध बना विवाद की जड़, शादी टूटने के बाद युवक ने लगाए लाखों की ठगी और फर्जी मुकदमे के आरोप

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अंबेडकरनगर। जिले के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रेम संबंध, शादी का भरोसा, पैसों के लेन-देन और पुलिस कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार साल तक चले रिश्ते के बाद शादी की उम्मीद लगाए बैठे युवक ने अब युवती और उसके परिजनों पर लाखों रुपये लेने, धमकी देने और फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। पीड़ित युवक का कहना है कि अब उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और उसे न्याय की आस दिखाई नहीं दे रही।

जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर डिहवा प्रीतमपुर निवासी श्यामू पुत्र राजितराम ने थाना अध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसका गांव फत्तेपुर डिहवा निवासी अंशिका गौड़ के साथ पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था और दोनों की शादी भी तय हो चुकी थी। युवक का दावा है कि इसी भरोसे में युवती के परिवार ने उससे अलग-अलग समय पर ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब डेढ़ लाख रुपये लिए। इतना ही नहीं, उसने युवती को 18 हजार रुपये का मोबाइल फोन भी दिलाया था।

पीड़ित युवक के अनुसार जब उसने शादी की बात आगे बढ़ाने और अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तब युवती के परिवार का व्यवहार अचानक बदल गया। युवक का आरोप है कि लड़की के पिता ने साफ शब्दों में कहा कि शादी नहीं करेंगे और यदि रुपये की मांग की गई तो उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। युवक का कहना है कि पहले उसे शादी का सपना दिखाया गया और जब उसने अपने मेहनत की कमाई वापस मांगी तो उसके खिलाफ साजिश शुरू कर दी गई।

प्रार्थना पत्र के मुताबिक 28 अप्रैल 2026 की शाम करीब सात बजे नावली चौक पर युवक को मोबाइल लौटाने के बहाने बुलाया गया। वहां पहुंचने पर युवती के परिजनों और कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की और मारने के लिए दौड़ा लिया। युवक ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

युवक ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उस पर युवती का निजी वीडियो वायरल करने का गंभीर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। युवक का कहना है कि उसने कोई वीडियो वायरल नहीं किया और उसके मोबाइल में जो निजी वीडियो था, वह केवल दोनों के आपसी संबंधों का हिस्सा था। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाइल तक डिलीट कर दिया और बिना पूरी जांच किए केवल लड़की पक्ष की बात मान ली गई। युवक ने कहा कि एक एफआईआर ने उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब वह मानसिक तनाव में जी रहा है।

मामले ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। गांव और आसपास के लोग इसे प्रेम संबंध टूटने के बाद पैदा हुए विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि युवक लगातार निष्पक्ष जांच और अपने पैसों की वापसी की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन युवक ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।