Wednesday, July 1, 2026
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क्या एलियन सचमुच मौजूद हैं? जांच के लिए व्हाइट हाउस ने बनाई नई टीम, हार्वर्ड के चर्चित वैज्ञानिक को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

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व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड के खगोलशास्त्री एवी लोएब की अगुवाई में नई वैज्ञानिक परिषद बनाई है, जो रहस्यमयी यूएपी और एलियन जीवन की संभावनाओं की जांच करेगी। टीम पेंटागन के डेटा का विश्लेषण करेगी। हालांकि वैज्ञानिक समुदाय में इस पहल पर मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
वॉशिंगटन: क्या एलियन वास्तव में मौजूद हैं? क्या आसमान में दिखाई देने वाली रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं या UFOs किसी दूसरी दुनिया की तकनीक हैं? वर्षों से इन सवालों पर बहस होती रही है। अब अमेरिका की सरकार इन रहस्यों की गहराई तक पहुंचने की कोशिश करने जा रही है। यही वजह है कि व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के चर्चित खगोलशास्त्री और कॉस्मोलॉजिस्ट एवी लोएब को नई वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का प्रमुख बनाया है।

क्या है इस सलाहकार परिषद का काम?
वैज्ञानिक सलाहकार परिषद हाल के वर्षों में अमेरिकी सैन्य कर्मियों द्वारा देखी गई रहस्यमयी गोलाकार वस्तुओं और अन्य अज्ञात उड़ने वाली चीजों की जांच करेगी। इन घटनाओं को अब आधिकारिक तौर पर अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना या UAP कहा जाता है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत UFO और एलियन से जुड़े मामलों में ज्यादा से ज्यादा सरकारी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। लोएब की टीम अपनी रिपोर्ट व्हाइट हाउस की नई यूएपी समिति को सौंपेगी।

लोएब के दावों पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
लोएब पिछले कई वर्षों से एलियन जीवन की संभावना पर शोध कर रहे हैं। वर्ष 2017 में पृथ्वी के पास से गुजरने वाली एक रहस्यमयी अंतरतारकीय वस्तु को लेकर उन्होंने दावा किया था कि वह किसी एलियन अंतरिक्ष यान से अलग हुई ‘लाइट सेल’ हो सकती है, जबकि अधिकांश वैज्ञानिक उसे धूमकेतु या बर्फ का टुकड़ा मानते रहे। उनके इस दावे ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय का बड़ा वर्ग उनसे सहमत नहीं हुआ। कई विशेषज्ञों का कहना है कि लोएब बिना पर्याप्त सबूतों के असाधारण दावे करते हैं।
लोएब ने नई जिम्मेदारी मिलने पर क्या कहा?
लोएब हालांकि आलोचनाओं की परवाह नहीं करते। उनका कहना है,

‘यह किसी जासूसी कहानी जैसा है। यह बेहद रोमांचक काम है, बशर्ते आप आलोचकों पर ज्यादा ध्यान न दें।’

उन्होंने कहा कि उनकी टीम जांच की शुरुआत इस मानकर करेगी कि रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं इंसानों द्वारा बनाई गई हो सकती हैं और पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखा जाएगा। लेकिन उनका यह भी मानना है कि अगर सरकार बेहतर डेटा जुटाती है, तो एलियन जीवन को लेकर दशकों पुरी बहस का हमेशा के लिए जवाब मिल सकता है।

लोएब की टीम में कौन-कौन है शामिल?
लोएब की टीम में एक दर्जन से ज्यादा वैज्ञानिकों और UFO शोधकर्ताओं को शामिल किया गया है। इनमें अमेरिकी नेवी के रिटायर्ड रियर एडमिरल टिमोथी गैलोडेट भी हैं, जो पहले दावा कर चुके हैं कि कुछ यूएपी ‘गैर-मानवीय बुद्धिमत्ता’ के नियंत्रण में हो सकते हैं और अमेरिका को ऐसे दुर्घटनाग्रस्त विमान भी मिले हैं। टीम में अरबपति कारोबारी बेन लैम भी शामिल हैं, जो विलुप्त प्रजातियों को दोबारा जीवित करने के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। पहली बैठक के बाद टीम ने पेंटागन से UAP से जुड़े 50 से अधिक वीडियो, तस्वीरें और अन्य दस्तावेज मांगे हैं।

ट्रंप के आदेश के बाद बढ़ी पारदर्शिता
बता दें कि इस साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन को UFO और एलियन जीवन से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया था। इसके बाद पेंटागन ने कई पुराने और नए दस्तावेज जारी किए हैं। इनमें दशकों पुराने FBI रिकॉर्ड से लेकर हाल के सैन्य वीडियो शामिल हैं, जिनमें आसमान में तेज गति से उड़ती या मंडराती रहस्यमयी गोलाकार वस्तुएं दिखाई देती हैं। इसी आदेश के बाद ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) के तहत UAP गवर्नेंस बोर्ड बनाया गया। इसकी पहली बैठक जून में हुई और लोएब की टीम समेत कई सलाहकार समूह इसकी मदद करेंगे।
क्या एलियन से जुड़े सबूत छिपा रही सरकार?
इस बीच अमेरिकी कांग्रेस के दोनों दलों के कुछ सांसद भी सरकार पर और अधिक जानकारी सार्वजनिक करने का दबाव बना रहे हैं। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने दावा किया है कि सरकार एलियन से जुड़े सबूत छिपा रही है। हालांकि UAP की जांच करने वाले पेंटागन के विशेष कार्यालय का कहना है कि अब तक एलियन जीवन का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। लोएब भी सरकारी साजिश की थ्योरी से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है,

‘मेरे हिसाब से सरकार खुद इन रहस्यमयी वस्तुओं की असली प्रकृति समझ नहीं पा रही है।’

ब्लैक होल के वैज्ञानिक से एलियन शोध तक
एलियन से जुड़े दावों से पहले एवी लोएब ब्लैक होल और आकाशगंगाओं के निर्माण पर अपने शोध के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सैकड़ों वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे हैं और लगभग 10 साल तक हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान विभाग के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने हार्वर्ड में गैलीलियो प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका उद्देश्य एलियन सभ्यताओं के संभावित अवशेषों की खोज करना है। वर्ष 2023 में उनकी टीम ने प्रशांत महासागर से धातु के छोटे-छोटे गोल कण निकाले और दावा किया कि वे किसी दूरस्थ ग्रह या एलियन तकनीक से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि कई वैज्ञानिकों ने इसे ज्वालामुखीय चट्टानों या कोयले की राख बताया।

आलोचनाओं को लेकर बेफिक्र दिख रहे लोएब
पेंटागन के ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) के पूर्व प्रमुख शॉन किर्कपैट्रिक का कहना है कि वैज्ञानिक समुदाय में लोएब की छवि विवादित है और उनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा का अनुभव भी नहीं है। उनके मुताबिक टीम की संरचना से लगता है कि व्हाइट हाउस ठोस विज्ञान की बजाय विवादित सिद्धांतों को ज्यादा महत्व दे रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन आलोचनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं लोएब का कहना है कि उनका पूरा ध्यान केवल वैज्ञानिक तथ्यों पर रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हमें सोशल मीडिया नहीं, बल्कि आसमान में दिखने वाली उन रहस्यमयी गोलाकार वस्तुओं पर नजर रखनी चाहिए

पारिवारिक समारोह में खूनी बवाल का आरोप, गर्भवती बहू से मारपीट और फायरिंग की सनसनी; पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश। , 210429 के महोबा के पारिवारिक समारोह के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर मारपीट, फायरिंग और गर्भवती महिला पर हमले तक पहुंच गया। पीड़ित कमलापत कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी उन्हें समय पर पुलिस सहायता नहीं मिली, जिसके कारण उनका पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

पीड़ित कमलापत कुशवाहा के अनुसार, 30 जून को तथा उसके बाद भी उनके परिवार के साथ मारपीट की घटना हुई। उनका आरोप है कि गांव के ही रहने वाले चन्नी राजपूत दुलारा पुत्र अनिल राज, मुन्ना राजपूत के पुत्र प्रदीप राजपूत सुंदर राजपूत पुत्र भूपेद्र राजपूत छिम्ना पुत्र मुकेश ओर प्रेम राजपूत के पुत्र मुन्ना राजपूत सहित अन्य लोगों ने पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा किया और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

पीड़ित का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि फायरिंग भी की। सबसे गंभीर आरोप यह है कि उनके परिवार की आठ माह की गर्भवती बहू के साथ भी मारपीट की गई और उसकी कमर पर डंडे से हमला किया गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है तथा गर्भवती महिला की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

कमलापत कुशवाहा का कहना है कि घटना के दौरान और उसके बाद उन्होंने कई बार पुलिस को फोन कर मदद मांगी, लेकिन समय पर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि थाने में भी अब तक उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका परिवार न्याय के लिए लगातार भटक रहा है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है। परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है।

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सतना: अंडरपास में भरे पानी में फंसी स्कूल बस, ड्राइवर-क्लीनर ने कंधों पर बिठाकर बच्चों को बचाया

सतना में मंगलवार को एक स्कूल बस बिड़ला फैक्ट्री के पास अंडरपास में भरे पानी में फंस गई। अंडरपास के बीच पहुंचते ही अधिक पानी के कारण बस का इंजन बंद हो गया। लेकिन ड्राइवर और क्लीनर ने बस में सवार सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मध्य प्रदेश के सतना शहर में लंबे इंतजार के बाद सोमवार शाम और मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से शहर तरबतर हो गया। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लेकिन शहर में आज करीब 3 घंटे तक हुई बारिश ने जनजीवन भी प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में जलभराव हो गया। इसी दौरान पतेरी स्थित क्रिस्तकुला हायर सेकंडरी मिशनरी स्कूल की बस बिड़ला फैक्ट्री के पास अंडरपास में भरे पानी में फंस गई। बस में सवार चार से पांच बच्चों को चालक और क्लीनर ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में सभी बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया।
पानी में उतरते ही बंद हो गया बस का इंजन
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण बिड़ला फैक्ट्री के पास स्थित अंडरपास पूरी तरह पानी से भर गया था। इसके बावजूद बस चालक ने वाहन को पानी के बीच से निकालने का प्रयास किया। अंडरपास के बीच पहुंचते ही अधिक पानी के कारण बस का इंजन बंद हो गया और वाहन वहीं फंस गया।

ड्राइवर-क्लीनर की सूझबूझ से बच्चे सुरक्षित
अंडरपास में बस फंसने के बाद चालक और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाई। पानी का स्तर अधिक होने के कारण उन्होंने बच्चों को गोद और कंधों पर बिठाकर एक-एक कर बस से बाहर निकाला। सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद उन्हें उनके घर भेजा गया। घटना में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई।
स्कूल के पीआरओ शोज़ू सर ने बताया कि बस का अंतिम पड़ाव बिड़ला कॉलोनी क्षेत्र में है और यह वाहन रोज इसी मार्ग से संचालित होता है। अंतिम ट्रिप होने के कारण बस में केवल चार से पांच बच्चे ही सवार थे। उन्होंने बताया कि पानी में उतरते ही बस का इंजन बंद हो गया था, लेकिन सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस मामले में बाद बारिश के दौरान जलभराव वाले अंडरपास और सड़कों पर वाहनों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर समय रहते बैरिकेडिंग और चेतावनी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

एक साथ एक्टिव हुए कई वेदर सिस्टम, अगले 5 दिन देश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के आसार, 23 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

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देशभर में मॉनसून अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। इस समय देश में एक साथ कई बड़े वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। ऐसे में 4 से 5 दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। देशभर में मॉनसून अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत के साथ ही अगले 4 से 5 दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में जोरदार बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने देश के 23 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय देश में एक साथ कई बड़े वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर एरिया बन रहा है। वहीं, पूर्वी बिहार के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके अलावा, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी दस्तक देने जा रहा है। इन सभी कारणों से उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश के आसार हैं।

दिल्ली-NCR और यूपी में मौसम का मिजाज
दिल्ली-NCR में जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ 60 से 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तापमान गिरकर 31 डिग्री तक आ जाएगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह फैल चुका है। आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और 75 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का वेदर
बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 65 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर सहित कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होगी, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के कारण पश्चिम बंगाल के कोलकाता, पुरुलिया और नादिया सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान का वेदर अपडेट
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और खंडवा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं।

राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पंजाब और हरियाणा का हाल
2 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अमृतसर, लुधियाना, अंबाला और करनाल सहित दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट है। इससे किसानों को फायदा होगा।

मुंबई और दक्षिण भारत में बारिश?
मुंबई में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश के आसार हैं, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।

समझौते के बाद फिर भड़का जमीन विवाद, भरोसा देकर मुकरे विपक्षी, धमकियों और मारपीट के आरोप से दहशत में परिवार, कार्रवाई नहीं होने का आरोप

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श्रीगंगानगर।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के दौरान विपक्षी पक्ष ने समझौते का भरोसा देकर विवाद समाप्त करने की बात कही, लेकिन कुछ समय बाद उसी समझौते से मुकरते हुए दोबारा विवाद खड़ा कर दिया। पीड़ित का कहना है कि अब उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, मारपीट की घटनाएं हो रही हैं और बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित विनोद कुमार पुत्र भजनलाल के अनुसार, उनके परिवार की खातेदारी कृषि भूमि को लेकर विवाद उपखंड अधिकारी न्यायालय, सूरतगढ़ में विचाराधीन रहा। इस दौरान 27 फरवरी 2026 को न्यायालय ने संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए थे। साथ ही भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार के बदलाव या हस्तांतरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे ताकि विवाद और न बढ़े।

विनोद कुमार का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद उन्होंने तहसीलदार सूरतगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व रिकॉर्ड की जमाबंदी में स्टे का नोट दर्ज करने की मांग भी की थी, जिससे भविष्य में कोई पक्ष रिकॉर्ड में बदलाव न कर सके और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित हो सके।

इसी दौरान विपक्षी पक्ष ने आपसी समझौते का प्रस्ताव रखा। पीड़ित का कहना है कि समाज के लोगों और दोनों पक्षों की मौजूदगी में समझौता हुआ, जिसके बाद उन्हें विश्वास दिलाया गया कि अब आगे कोई विवाद नहीं होगा। इसी भरोसे में उन्होंने अपनी ओर से न्यायालय में चल रही कार्रवाई भी वापस ले ली और यह मान लिया कि मामला स्थायी रूप से समाप्त हो गया है।

लेकिन पीड़ित का आरोप है कि कुछ ही महीनों बाद विपक्षी पक्ष अपने वादे से मुकर गया और फिर से विवादित गतिविधियां शुरू कर दीं। उनका कहना है कि अब उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं तथा मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं। पीड़ित का आरोप है कि समझौता केवल उन्हें गुमराह करने और समय निकालने के उद्देश्य से किया गया था।

विनोद कुमार का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से विपक्षी पक्ष के हौसले बढ़ गए हैं और उनका परिवार लगातार भय और मानसिक तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय द्वारा दिए गए यथास्थिति के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए, राजस्व रिकॉर्ड में स्टे की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज रखी जाए तथा यदि कोई पक्ष न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।

पीएम मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ में सभी विभागों के सचिवों के साथ की हाई-लेवल मीटिंग, जानिए किन मुद्दों पर हुई बातचीत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में पॉलिसी में सुधार और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार में आसानी) को बेहतर बनाने के मुख्य एजेंडा पर बातचीत हुई।
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘सेवा तीर्थ’ में भारत सरकार के सभी विभागों के सचिवों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद गवर्नेंस में सुधार की रफ़्तार बढ़ाना, आत्मनिर्भर भारत के एजेंडे को मज़बूत करना और नागरिकों के लिए बेहतर नतीजे देने के लिए मंत्रालयों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना था।

मीटिंग के दौरान सचिवों ने अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों द्वारा की जा रही प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के विज़न को मापने योग्य नतीजों में बदलने के लिए उठाए जा रहे कदमों की रूपरेखा बताई। साथ ही गवर्नेंस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को और बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-खास चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने सचिवों को दिया ये निर्देश

प्रधानमंत्री मोदी ने विभागीय सीमाओं को समाप्त कर आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने योजना और बेहतर तालमेल के लिए गतिशक्ति मंच का व्यापक उपयोग करने की सलाह दी, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके। प्रधानमंत्री ने सचिवों से यह भी कहा कि वे सरकारी योजनाओं के लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक और प्रत्यक्ष प्रभाव पर विशेष ध्यान केंद्रित करें, ताकि योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों से यह भी कहा कि वे लोगों के जीवन पर सरकारी पहलों के ठोस असर पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नीतियों और कार्यक्रमों का मकसद आखिरकार नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन में सार्थक सुधार लाना और यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि गवर्नेंस का फ़ायदा समाज के ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे।

पीएम मोदी ने इन चीजों पर दिया जोर

केंद्र सरकार अपने लंबे समय के सुधार एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। इसका मकसद 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जो देश की आज़ादी के 100 साल पूरे होने का वर्ष होगा। पीएम मोदी ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि इस विज़न को हासिल करने में अगला दशक अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने गवर्नेंस को बेहतर बनाने, अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और नागरिकों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए सभी सेक्टर में लगातार सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।

बारिश आते ही टापू बन जाता है गांव! सड़क नहीं, चारों ओर जलभराव; ग्रामीण बोले- बीमार पड़ जाएं तो अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल

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पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले के रोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत नया टोला आसियानी गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। गांव के निवासी मंटू कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्षों से गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। हर साल बारिश और बाढ़ के दौरान पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

मंटू कुमार के अनुसार बारिश शुरू होते ही गांव की गलियां और संपर्क मार्ग पानी में डूब जाते हैं। हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, मजदूर काम पर नहीं जा पाते और बीमार या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रहता। कई बार ग्रामीणों को घुटनों तक पानी में चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ और जलभराव की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं। गांव में पक्की सड़क और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास योजनाओं के दावे कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर बने हुए हैं।

मंटू कुमार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नया टोला आसियानी गांव तक शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश और बाढ़ के समय ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले मानसून में एक बार फिर पूरा गांव परेशानी के भंवर में फंस जाएगा।

अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों ग्रामीणों को हर वर्ष की तरह इस बार भी जलभराव और आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।

पति, सास-ननद और रिश्तेदारों पर प्रताड़ना, अपहरण, मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

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दिल्ली।

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी और जहांगीरपुरी क्षेत्र से एक विवाहिता के साथ कथित घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, अपहरण, जान से मारने की धमकी और यौन उत्पीड़न का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता विशाखा ने अपने पति कमल, सास ऊषा, ननद प्रीति, ननद रेनू तथा अन्य पर संगठित रूप से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पुलिस और संबंधित अधिकारियों को कई शिकायतें दी गई हैं।

पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 9 फरवरी 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से कमल के साथ संपन्न हुई थी। विवाह में लड़की पक्ष द्वारा अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाखों रुपये खर्च कर घरेलू सामान, गहने और अन्य उपहार दिए गए थे। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।

विशाखा ने आरोप लगाया है कि उसके पति कमल अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे, खर्चा नहीं देते थे और जरूरत की चीजें तक उपलब्ध नहीं कराते थे। इतना ही नहीं, उसे दवाइयां लेने से रोकने, मायके वालों को धमकी देने तथा जान से मारने की बातें भी कही जाती थीं। पीड़िता का कहना है कि उसकी सास और ननदें भी प्रताड़ना में शामिल थीं और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने तक की अनुमति नहीं थी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2 अप्रैल 2026 को उसकी मां को बहाने से घर बुलाया गया, जहां कथित तौर पर कई घंटों तक कमरे में बंद रखकर डराया-धमकाया गया। पीड़िता का दावा है कि उसकी मां को खाना नहीं देने, मारने तथा परिवार को खत्म कर देने जैसी धमकियां दी गईं। आरोप है कि कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया था और उन्हें जबरन प्रताड़ित किया गया।

मामले का एक और सनसनीखेज पहलू तब सामने आया जब पीड़िता ने अपनी बड़ी ननद के बेटे हेमंत पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार 20 मार्च 2026 को जब घर में कोई नहीं था, तब हेमंत उसके कमरे में घुस आया और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपी वहां से भाग गया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने घटना की जानकारी अपने पति और सास को दी तो कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसी के साथ मारपीट की गई और उसे अपमानित किया गया।

वहीं 3 जून 2026 को दर्ज एक अन्य शिकायत में विशाखा ने आरोप लगाया कि उसका पति कमल जबरन उसके दस्तावेज छीनकर उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया। इस दौरान चाकू दिखाकर धमकाया गया और कई स्थानों पर ले जाकर मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि उसके चेहरे, हाथ और पैर पर चोटें पहुंचाई गईं तथा उसकी मां की हत्या कराने तक की धमकी दी गई।

पीड़िता के परिवार का आरोप है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उधर, पीड़िता की मां गीता देवी ने भी आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शादी के बाद से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और कई बार जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल मामले की शिकायत संबंधित पुलिस थानों और अधिकारियों को दी जा चुकी है। पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की प्रक्रिया जारी है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

क्रिकेटर शशांक सिंह ने कुक के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, कहा-‘मारपीट तो दूर मैंने गाली तक नहीं दी’

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पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह ने घरेलू सहायक के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने मारपीट से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि शशांक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296(B), 115(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है और पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
भोपालः क्रिकेटर शशांक सिंह ने घरेलू सहायक (कुक) के साथ मारपीट के आरोपों को खारिज किया है।​ इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए शशांक सिंह ने कहा कि मुझे बदनाम करने के लिए कुक ने सोची समझी साजिश रची। कुक के साथ मारपीट तो दूर मैंने किसी को गाली भी नहीं दी। उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। शिकायत करने वाला व्यक्ति (कुक) उनके घर के अंदर निजी तस्वीरें और वीडियो ले रहा था। हमने उसे बंधक नहीं बनाया था।
शशांक सिंह ने लगाए कई गंभीर आरोप

शशांक सिंह ने कहा कि उसकी गतिविधियां संदिग्ध थी। घर से गणेश जी की मूर्ति गायब है। रीवा में पता करने पर पता चला कुक संदिग्ध प्रवृत्ति का था। वह नशा करता था। घर पर पिताजी ने जाने से पहले नौकर की रिकॉर्डिंग की थी तब चोट का एक भी निशान नहीं था। एफआईआर साजिश के तहत की गई। उसे खाना बनाना भी नहीं आता था। मां ने बात की तब वह नशे में था। पूरे घर में फोटो खींच रहा था। कुक ने मेरे रूम में घूमकर फोटो क्लिक की ओर फ़ोटो भेजी। दीदी ने कहा था 100 नंबर डायल करो ये चोरी करने आया था। मैंने मना किया कि गरीब आदमी है पुलिस जेल भेज देगी। पैसे कमाने के लिए उसने मुझे डिफेम किया। उसे लगा कि पैसे कमा लूंगा।

बिना वेरिफिकेशन रखा था घरेलू सहायक

​इंडिया टीवी से बातचीत में शशांक सिंह ने कहा कि बिना वेरिफिकेशन कुक रखना हमारी सबसे बड़ी भूल थी। हमने जांच पड़ताल नहीं की थी। क्रिकेटर ने यह भी कहा कि यह सच है कि वह रसोइया (कुक) बनकर आया था, लेकिन वह बिल्कुल भी रसोइया नहीं था। उसे खाना बनाना नहीं आता था। वह बस मजे करने आया था। मुझे शक है कि वह चोरी करने के इरादे से आया था। हम बहुत भाग्यशाली हैं कि अब तक की जांच में कुछ भी चोरी नहीं हुआ है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता के फोन में घर के वीडियो और तस्वीरें मिलीं और कहा कि उनकी मां ने उसे उन्हें डिलीट करने के लिए कहा क्योंकि वे निजी थीं।

पुलिस की तरफ से आया बयान

इस बीच अतिरिक्त DCP (जोन-1) रश्मि अग्रवाल दुबे ने कहा कि मारपीट के आरोप वाली शिकायत के आधार पर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। दुबे ने कहा कि मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। नामों में शैलेश सिंह, उनके बेटे और उनके ड्राइवर शामिल हैं। एफआईआर में शैलेश के बेटे (क्रिकेटर शशांक सिंह) का नाम भी शामिल है।उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की मेडिकल जांच की गई है और आगे की कार्रवाई मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

तेलंगाना राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन बोले- राज्य को कांग्रेस का ATM बना दिया गया

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस की तरफ से झूठी गारंटियां दी गई थीं, जिनका लाभ आज तक जनता को नहीं मिला।
हैदराबाद: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तेलंगाना राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “6 गारंटियों का वादा किया गया, लेकिन 3 साल में एक भी पूरा नहीं हुआ। युवाओं को न बेरोजगारी भत्ता मिला, न महिलाओं से किया आर्थिक सहायता का वादा निभाया गया। जनता के लिए नहीं, कांग्रेस के नेता सिर्फ दिल्ली दरबार को खुश करने में लगे हैं।”

नितिन नवीन ने कहा, “तेलंगाना को विकास का इंजन नहीं, कांग्रेस का ATM बना दिया गया है। झूठी गारंटियों के पोस्टर आज भी सड़कों पर हैं, लेकिन उनका लाभ जनता तक कभी नहीं पहुंचा।”

तेलंगाना सरकार ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया: नितिन
नितिन नवीन ने कहा, “तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने लगातार हिंदू आस्था और देवी-देवताओं का अपमान किया है। अय्यप्पा स्वामी मंदिर पर हुए हमले का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी। जनता ने केसीआर और बीआरएस को सबक सिखाया, अब कांग्रेस की बारी है।”

नितिन नवीन ने कहा, “परिवारवाद, भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी की राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर करना होगा। विपक्षी दलों को भ्रष्टाचार और परिवारवाद जोड़ता है, जबकि भाजपा की राजनीति तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण की है।”

कार्यकर्ताओं में भरा जोश
नितिन नवीन ने बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, “मैं यहां उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से आने वाले वर्षों में और अधिक संघर्ष करने का आह्वान करने आया हूं। 2047 तक विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को अपना पुरुषार्थ करना होगा। समर्पण और संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।”

नितिन नवीन ने कहा, “जो लोग पूछते हैं कि हमें पश्चिम बंगाल में किस प्रकार जीत मिली, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इस जीत के पीछे हमारे विचार हैं, हमारा नेतृत्व है और हमारे कार्यकर्ताओं का संघर्ष है।”

नितिन नवीन ने कहा, “आज भाजपा का विशाल वटवृक्ष आप देख रहे हैं, ये हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है। 1980 में स्थापित भाजपा को 1984 के चुनाव में सिर्फ दो सीटें मिली थीं। आज यह विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसका श्रेय भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को जाता है, जो सबसे निचले स्तर पर काम करते हुए कमल खिलाने का संकल्प पूरा करते हैं।”

नितिन नवीन ने कहा, “कुछ लोग पूछते हैं कि क्या बदला? पूरे विश्व में इस देश के तिरंगे का सम्मान बदल गया है। कल तक पाकिस्तान का झंडा कश्मीर के लाल चौक पर लहरा दिया जाता था, और दिल्ली में बैठी कांग्रेस सरकार मौन रहती थी। आज कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है। ये नए भारत की तस्वीर है। लेकिन अभी हमें और भी काम करना है।”