Thursday, July 2, 2026
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दो शादियों, प्रेम संबंध और पारिवारिक विवाद का मामला गरमाया, पीड़ित पक्ष ने की जांच और कार्रवाई की मांग

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गुरदासपुर/बटाला। पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दो परिवारों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, प्रदीप उर्फ अजय नामक युवक पर एक विवाहित महिला को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाने, अपनी पारिवारिक स्थिति छिपाने और धोखे से संबंध बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रदीप उर्फ अजय की पहले भी दो शादियां हो चुकी हैं। आरोप है कि उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। बताया जा रहा है कि युवक एक बेटे का पिता भी है। इसके बावजूद उसने अपनी वैवाहिक और पारिवारिक स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किए बिना एक अन्य विवाहित महिला से संपर्क बढ़ाया।

मामले में आरोप लगाया गया है कि करीब छह माह पहले मनप्रीत कौर से संपर्क स्थापित हुआ था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मनप्रीत कौर तीन बच्चों की मां है। आरोप है कि बातचीत और दोस्ती के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध स्थापित हो गए।

विवाद उस समय और गहरा गया जब कथित तौर पर प्रदीप उर्फ अजय की पत्नी को इस संबंध की जानकारी मिली। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद उसने कई लोगों के सामने अपने पति और मनप्रीत कौर के संबंधों का जिक्र किया, जिससे दोनों परिवारों में तनाव और सामाजिक बदनामी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जब इस पूरे मामले की जानकारी मनप्रीत कौर के पति तक पहुंची तो परिवार में गंभीर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि इसके बावजूद प्रदीप उर्फ अजय ने संबंध समाप्त नहीं किए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि महिला को कथित रूप से धोखे में रखकर संबंध बनाए गए और जब तक वास्तविक स्थिति का एहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मामले में मनप्रीत कौर की ओर से भी स्वयं को कथित रूप से ठगा हुआ महसूस करने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनका मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि इससे कई परिवार प्रभावित हो सकते हैं और महिलाओं का जीवन बर्बाद हो सकता है।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएं तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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G7 समिट में फिर दिखी ‘मेलोडी’ वाली दोस्ती, मोदी-मेलोनी की मुलाकात ने बटोरी सुर्खियां

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G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी एक बार फिर अपने गर्मजोशी भरे अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए। फ्रांस के एवियन में आयोजित सम्मेलन में दोनों नेताओं ने आधिकारिक फोटो सेशन से पहले मुस्कुराते हुए बातचीत की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
सम्मेलन से सामने आए दृश्य में प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी एक-दूसरे से बातचीत करते और हंसते नजर आए। अन्य विश्व नेताओं के साथ समूह फोटो खिंचवाने से पहले दोनों के बीच हुई यह हल्की-फुल्की बातचीत लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही।
यह मुलाकात कुछ ही सप्ताह पहले इटली की राजधानी रोम में हुई उनकी पिछली मुलाकात के बाद हुई है। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को लोकप्रिय चॉकलेट-करामेल कैंडी ‘मेलोडी’ का एक पैकेट उपहार में दिया था।
इसके बाद सोशल मीडिया पर इस उपहार को लेकर काफी चर्चा हुई थी और इंटरनेट यूजर्स द्वारा गढ़ा गया लोकप्रिय निकनेम ‘Melodi’ एक बार फिर ट्रेंड करने लगा था। G7 सम्मेलन में दोनों नेताओं की ताजा मुलाकात ने इस चर्चा को और हवा दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 सम्मेलन की आधिकारिक ग्रुप फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा, ‘G7 शिखर सम्मेलन में साथी नेताओं के साथ। हम समृद्धि, सतत विकास और मानव कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।’
वहीं, सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री मोदी की एक अलग मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी रही। दोनों नेताओं के बीच केवल हाथ मिलाने की तस्वीर सामने आई, जबकि पहले की मुलाकातों में अक्सर गले मिलते हुए देखा जाता था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर अटकलें भी लगाईं।

परभणी में मंदिर के निर्माणाधीन सभागार का पिलर गिरा, 5 की मौत, 18 श्रद्धालु घायल

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महाराष्ट्र के परभणी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान संस्थान मंदिर के सामने निर्माणाधीन सभागार का एक पिलर शनिवार दोपहर अचानक गिर गया। इस हादसे में 30 से अधिक श्रद्धालुओं के दबने की प्राथमिक आशंका जताई जा रही है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 लोग घायल हो गए हैं। अभी भी मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

शनिवार को मंदिर में होती है भीड़

जानकारी के अनुसार, यशवाड़ी देवस्थान में प्रत्येक शनिवार को जिले भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आज भी मंदिर परिसर में दर्शन, कीर्तन और महाप्रसाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। इसी दौरान मुख्य मंदिर के सामने बन रहे सभागार का पिलर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

कई श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिलर के मलबे के नीचे 30 से अधिक श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही मानवत पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक शिंदे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घटनास्थल पर एम्बुलेंस भी पहुंच गई हैं तथा घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा

अधिकारियों ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भेजा जा रहा है। वे अभी भी नुकसान का अंदाज़ा लगा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। इमारत के गिरने की सही वजह अभी पता नहीं चल पाई है। बचाव कार्य जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है।

चुकंदर के जूस में नींबू का रस मिलाकर पीने से क्या क्या फायदे मिलते हैं?

चुकंदर में भारी मात्रा में आयरन होता है, लेकिन शरीर को इसे अवशोषित करने के लिए विटामिन C की जरूरत होती है। नींबू विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स है, जो चुकंदर के आयरन को शरीर में आसानी से सोखने में मदद करता है। इससे हीमोग्लोबिन का लेवल तेजी से बढ़ता है।
चुकंदर में नेचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। यह नसों को चौड़ा बनाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हाई ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलती है।
यह जूस एक बेहतरीन डिटॉक्स ड्रिंक है। चुकंदर में ‘बीटेन’ नाम का तत्व होता है जो लिवर फंक्शन को बेहतर बनाता है और नींबू का रस शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी के इस बेहतरीन मिश्रण से खून साफ होता है। इसके नियमित सेवन से चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहासे कम होते हैं और त्वचा पर एक नेचुरल ग्लो आता है।
नींबू और चुकंदर का जूस मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अच्छा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी के दिन शिव और सिद्ध योग का शुभ संयोग, 3 उपाय करने से प्रसन्न होंगे हरिहर

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Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी एकादशी तिथियों के व्रत का फल प्राप्त होता है। साल 2026 में निर्जला एकादशी के दिन शिव और सिद्ध नामक दो बेहद शुभ योग भी रहेंगे। इसलिए निर्जला एकादशी के दिन कुछ उपाय करने से भक्तों को हरि यानि भगवान विष्णु और हर यानि महादेव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में आपको जानकारी देंगे।

हरिहर का अभिषेक

निर्जला एकादशी के दिन शिव योग सुबह लगभग 11 बजे तक रहेगा। इसलिए 11 बजे तक आपको हरिहर दोनों का संयुक्त रूप से अभिषेक करना चाहिए। सबसे पहले आपको भगवान विष्णु और महादेव की तस्वीरों को एक साथ रखना चाहिए और इसके बाद घी का दीपक उनके समक्ष जलाना चाहिए। इसके बाद हरिहर दोनों का जल या फिर दूध से जलाभिषेक करना चाहिए। साथ ही फल-फूल अर्पित करना चाहिए। निर्जला एकादशी के दिन शिव योग के दौरान ये उपाय करने से जीवन में आपको हरिहर दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गाय की सेवा 

विष्णु भगवान और शिव जी दोनों को ही प्रसन्न करने के लिए आपको निर्जला एकादशी के दिन गाय की सेवा करनी चाहिए। गाय को हरा चारा, जल आदि आपको पिलाना चाहिए। इसके साथ ही गाय के पैरों को छूकर आपको आशीर्वाद भी लेना चाहिए। यह आसान सा उपाय करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और हरिहर के आशीर्वाद से आपके जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

स्तोत्र का पाठ 

निर्जला एकादशी की शाम में आपको विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से दोनों देवता प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में सुख-शांति आती है। विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ करने से आपको मानसिक शांति भी प्राप्त होती है और जीवन के कठिन दौर का भी अंत होता है।

मालवा से होगा विकसित मध्य प्रदेश का सूर्योदय, 1.25 करोड़ लोगों की बदल जाएगी जिंदगी

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मुख्यमंत्री मोहन यादव के विजन के साथ UIMR (उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन), मध्यप्रदेश की प्रगति का नया प्रवेश द्वार बनने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विकास की अवधारणा को बड़े शहरों से निकालकर अंचल के छोटे कस्बों और तहसीलों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। यही कारण है कि इस क्षेत्र का दायरा 6 बार बढ़ाकर अब 16,000 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा कर दिया गया है, जिसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जैसे 6 जिलों की 38 तहसीलें और 2,781 गांव शामिल किए गए हैं, जहां लगभग 1.25 करोड़ लोग निवास करते हैं। ये रणनीतिक ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को साकार करने में मध्यप्रदेश की अग्रणी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

मध्यप्रदेश में 5 लाख नौकरियों के अवसर

मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए UIMR के पास 13,500 हेक्टेयर से ज्यादा का विशाल लैंड बैंक और 14 नए प्रस्तावित औद्योगिक पार्क हैं। इस औद्योगिक क्रांति के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए 5 लाख नई नौकरियों के अवसर सृजित होने का अनुमान है। पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल और उन्नत इंजीनियरिंग के नए युग के लिए तैयार किया जा रहा है, जबकि उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी को एक ‘एंकर सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, रतलाम को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड नोड बनाकर निर्यात हब के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

इंदौर और उज्जैन के बीच बनेगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

इसकी सफलता का सबसे बड़ा आधार इसका अभूतपूर्व कनेक्टिविटी विजन है, जिसका लक्ष्य पूरे 16,000 वर्ग किमी क्षेत्र में ’60 मिनट की पहुंच’ सुनिश्चित करना है। इसके लिए इंदौर और उज्जैन के बीच एक ‘ग्रीनफील्ड कॉरिडोर’ और इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। उज्जैन इंदौर मेट्रो विस्तार योजना के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट को उन्नत बनाया जाएगा, ताकि नागरिक महज एक घंटे के भीतर मुख्य आर्थिक केंद्रों तक पहुंच सकें। ये क्षेत्र सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे यहां के कारखानों में बना सामान कुछ ही घंटों में प्रमुख बंदरगाहों तक पहुंच सकेगा।

मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन लैंड पूलिंग मॉडल और किसानों की भागीदारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण की नींव रखकर विकास के एक नए युग की शुरुआत की है। ये देश का ऐसा पहला लैंड पूलिंग मॉडल है, जहां 17 गांवों के किसानों को उनकी 60% विकसित जमीन वापस दी जाएगी, जिससे किसान केवल जमीन देने वाले नहीं बल्कि सीधे तौर पर विकास का लाभ उठाने वाले बनेंगे। इस ‘मल्टी-नोडल नेटवर्क’ रणनीति के तहत देवास, धार, मक्सी और शाजापुर जैसे शहरों को भी ग्रोथ नोड्स के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि इंदौर जैसे बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का दबाव कम हो सके।

मेट्रो विस्तार योजना और ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी

विकास की इस दौड़ में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए ‘ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट’ पॉलिसी लागू की गई है। यहां ब्लू का मतलब है जल क्षेत्र और ग्रीन का मतलब वन क्षेत्र है। इसके तहत नर्मदा नदी सहित अन्य जल निकायों (ब्लू) और वन क्षेत्रों (ग्रीन) के पास निर्माण पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा और हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक प्लांटेशन को अनिवार्य बनाया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्रणाली अपनाई जाएगी ताकि नदियों में प्रदूषित पानी न जाए। भविष्य के ये औद्योगिक क्लस्टर ‘कार्बन न्यूट्रल’ होंगे और अपनी बिजली की जरूरतों के लिए सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों से करेंगे।

मालवा क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन और 10 फीसदी जीडीपी का लक्ष्य

ये ‘विकास भी, विरासत भी’ के अद्भुत संगम पर आधारित है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में योगदान 10% तक पहुंचे। अकेले उज्जैन में 2023 में 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, जिसे देखते हुए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को एक लक्जरी टूरिज्म सर्किट के रूप में जोड़ा जा रहा है। इसमें रूरल टूरिज्म, नर्मदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और हेरिटेज होटल्स का एक बड़ा नेटवर्क शामिल होगा, जो स्थानीय स्तर पर आय के असीमित स्रोत खोलेगा।

डेटा ड्रिवन प्लानिंग और मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र विकास अधिनियम 2025

शहरी नियोजन की बाधाओं को खत्म करने के लिए सरकार ‘मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम, 2025’ लेकर आई है। अब शहरों का विस्तार पारंपरिक सोच के बजाय वैज्ञानिक डेटा और जियोस्पेशियल टूल्स के आधार पर होगा। एक सशक्त ‘मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी’ का गठन किया जाएगा, जिसके पास पूरे क्षेत्र के लिए योजना बनाने और उसे लागू करने का सर्वोच्च वैधानिक अधिकार होगा। ये अथॉरिटी अगले 20 से 50 सालों की संभावित आबादी और ट्रैफिक की जरूरत का आकलन कर बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार कर लेगी (प्रो-एक्टिव प्लानिंग), जिससे भविष्य की पीढ़ियों को अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

NEET Special Trains: 21 जून को वाराणसी, बक्सर, पटना, दानापुर, झाझा, रांची से चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेन

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NEET Exam Special Trains: इस साल 3 मई को हुए NEET Exam रद्द होने के बाद रविवार, 21 जून को NEET re-Exam होने जा रहे हैं। कल होने वाली नीट परीक्षा के लिए भारतीय रेल भी अपने स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है। नीट परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए भारतीय रेल कई एग्जाम स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। इसी सिलसिले में, भारतीय रेल का पूर्व मध्य रेलवे भी पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से अलग-अलग गंतव्यों के लिए कुल 9 एग्जाम स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है।

रेलवे ने साझा की स्पेशल ट्रेनों की जानकारी

पूर्व मध्य रेलवे ने नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही इन सभी ट्रेनों की जानकारी साझा की है। ये ट्रेनें पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, बिहार के पटना, बक्सर, झाझा, दानापुर, गया, दरभंगा और झारखंड के रांची, धनबाद और डाल्टनगंज के लिए चलाई जा रही हैं।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: रडार पर टिन्नू यादव और कैश काउंटिंग स्टाफ, बड़े एक्शन की तैयारी में SIT

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राम मंदिर की दान राशि हेरफेर के मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका भी बेहद गंभीर मानी जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी अपने एक साक्षात्कार में इसको लेकर सवाल उठाए थे। एसआईटी को बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही और संभावित मिलीभगत के कुछ साक्ष्य मिले हैं।

हालांकि हकीकत यह भी है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सामने बैंक कर्मी नतमस्तक रहते थे। उन्हें वहां से जैसे निर्देश मिलते थे, वे वैसा ही करते थे, क्योंकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की पहुंच और प्रभाव का सभी को अंदाजा था।

दरअसल, गिनती प्रक्रिया में जितनी भूमिका ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की होती है, उतनी ही संबंधित बैंक के कर्मियों की भी रहती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गिनती के दौरान किसी को गड़बड़ी न हो। मगर ऐसा नहीं हुआ। बैंकतर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी आंखें मूंदे रहे।

बैंक अधिकारी रहे खामोश
सूत्रों ने बताया कि बैंक ने यह काम एक निजी कंपनी को सौंप रखा था। कंपनी आउटसोर्सिंग के जरिये कर्मचारियों की भर्ती कर उन्हें गणना प्रक्रिया में लगाती थी। चूंकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ही अपने सगे-संबंधियों, परिचितों और उनके करीबियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती कराया था, इसलिए बैंक अधिकारी भी खामोश रहे। एक तरह से ट्रस्टी और उनके कर्मचारी जो चाहते थे, वही होता था।

45 दिन का ही सीसीटीवी बैकअप
राम मंदिर दान की राशि चोरी करने के मामले में एसआईटी को सुबूत जुटाना बेहद चुनौतीपूर्ण है। सबसे अहम सुबूत सीसीटीवी फुटेज हैं, लेकिन उसमें छेड़छाड़ के सुबूत पहले ही मिल चुके हैं। वहीं सबसे अहम बात यह है कि वहां लगे कैमरों का बैकअप 45 दिनों का ही है। ऐसे में कई वर्षों की फुटेज जुटाना संभव नहीं है। हालांकि एसआईटी मामले की फोरेंसिक जांच कराएगी, जिससे प्रयास होगा कि अधिक से अधिक दिनों की फुटेज रिकवर हो जाए। यही वजह है कि पूछताछ में आए तथ्य मामले में बेहद अहम होने वाले हैं।

नृपेंद्र मिश्रा ने टीवी इंटरव्यू में बताया है कि कर्मचारी रुपयों की गड्डियां रखकर गए। इसके सुबूत मिले हैं। वहीं यह भी बताया कि कैमरों का बैकअप डेढ़ महीने का है। ऐसे में पुराने फुटेज जुटा पाना मुश्किल होगा। इसलिए स्पष्ट रूप से पता कर पाना कि चोरी कब से हो रही थी, इसका सटीक समय मिलना इतना आसान नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस वजह से एसआईटी संदिग्ध कर्मचारियों और पदाधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है। जो पांच संदिग्ध पहले पकड़े गए थे, उनसे भी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने लंबे समय से हेरफेर करने की बात स्वीकार की है।

डिलीट करने की बात साबित करना कठिन
ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी महिपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि आठ महीने की फुटेज डिलीट की गई। ये फुटेज काफी पहले की हैं। ऐसे में उनका बैकअप उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह आरोप साबित करना बेहद कठिन होगा कि फुटेज डिलीट की गई थीं। हां, यह जरूर है कि यदि बीते डेढ़ महीने में इस तरह का हेरफेर किया गया है तो वह सामने आ सकता है। उसके साक्ष्य भी मिल रहे हैं।

दिल्ली के नरेला इलाके से 27 वर्षीय महिला लापता, पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी

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दिल्ली के नरेला इलाके में 27 वर्षीय एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बकनेर क्षेत्र निवासी संजय ने नरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी पत्नी पूजा 28 मई 2026 को सुबह लगभग 10 बजे दवाई लेने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन उसके बाद घर वापस नहीं लौटीं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, परिवार ने अपने स्तर पर महिला की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। उन्होंने यह भी बताया कि महिला का मोबाइल फोन बंद आ रहा है।

पुलिस द्वारा दर्ज जनरल डायरी (GD) के अनुसार, लापता महिला की उम्र 27 वर्ष है। उनका कद लगभग 4 फुट 11 इंच बताया गया है। उनका रंग सांवला, चेहरा गोल और शरीर पतला है। शिकायत में कहा गया है कि घर से निकलते समय उन्होंने सफेद और गुलाबी रंग का सूट पहन रखा था तथा पैरों में सैंडल पहनी हुई थी।

नरेला थाना पुलिस ने मामले को गुमशुदगी का मामला मानते हुए सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) में दर्ज किया है। पुलिस ने महिला की जानकारी जिपनेट (ZIPNET) पोर्टल पर भी अपलोड की है, जिसका उपयोग लापता व्यक्तियों की जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है।

पुलिस ने मामले की जांच और महिला की तलाश की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल बल किशन को सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि महिला का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

फिलहाल महिला के लापता होने के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सीएम योगी ने किए पीतांबरा पीठ के दर्शन:सुरक्षा के चलते डेढ़ घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री

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दतिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। वे विशेष विमान से सुबह 10:15 बजे दतिया हवाई पट्टी पर उतरे और वहां से सीधे विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ पहुंचे। मंदिर परिसर में उन्होंने मां बगलामुखी और महाभारत काल से जुड़े वानखंडेश्वर महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। मंदिर में उनका प्रवास लगभग 15 मिनट का रहा, जिसके दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।

सुरक्षा व्यवस्था के चलते बंद रहा मंदिर परिसर

मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पीतांबरा पीठ परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वीआईपी मूवमेंट के कारण मंदिर को करीब डेढ़ घंटे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया।

इस दौरान कई श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के बाहर इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से कुछ पंडा-पुजारियों के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर गतिविधियों पर नजर रखी।

श्रद्धालुओं को करना पड़ा लंबा इंतजार

मुख्यमंत्री के दौरे के कारण दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा। ग्वालियर से आए श्रद्धालु दुर्गेश भार्गव ने बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया।

वहीं एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह जल्दी दर्शन के लिए पहुंची थीं, लेकिन उन्हें लगभग एक घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होने पर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया।

झांसी में विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क मार्ग से झांसी के लिए रवाना हो गए। झांसी में उनका करीब 20 घंटे का कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।

साथ ही लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए दतिया और झांसी दोनों जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा।

पीतांबरा पीठ से जुड़ा है यूपी नेताओं का विशेष लगाव

दतिया स्थित पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यहां पूजा-अर्चना कर चुके हैं। इसके अलावा यूपी सरकार के कई मंत्री मां बगलामुखी और भगवान शिव के दर्शन के लिए नियमित रूप से दतिया आते रहे हैं।