Thursday, July 2, 2026
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बिहार में 80 साल से अधिक उम्र के लोगों को राहत; अब घर पर मिलेगा राशन, हाजीपुर से शुरुआत

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हाजीपुर। जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह ने बताया है कि 1 जुलाई 2026 से 80 वर्ष से अधिक आयु के राशन कार्डधारियों को उनके घर पर ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार इस पहल का उद्देश्य वृद्ध एवं असहाय लाभुकों को जन वितरण प्रणाली से संबंधित सेवाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाना तथा उन्हें कठिनाइयों से राहत प्रदान करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में वैशाली जिले के हाजीपुर प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।

3500 कार्डधारियों को क‍िया गया चिह्न‍ित

हाजीपुर प्रखंड में लगभग 3,500 ऐसे लाभुक चिन्हित किए गए हैं जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है। इन सभी पात्र लाभुकों को उनके हिस्से का निर्धारित खाद्यान्न उनके आवास पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।

सुपौल में जंगली फल का बीज खाने से बीमार पड़े 14 बच्चे, उल्टी-पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन

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(सुपौल)। वीरपुर थाना क्षेत्र के हृदयनगर वार्ड संख्या-5 में गुरुवार की शाम खेल-खेल में जंगली बघंडी का बीज खाने से 14 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए।

बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार शाम में मोहल्ले के बच्चे घर के पास खेल रहे थे।

इसी दौरान उन्होंने जंगली बघंडी का बीज खा लिया। कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लगातार उल्टी व पेट दर्द की शिकायत होने लगी।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में सभी बच्चों को अनुमंडल अस्पताल वीरपुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

उल्टी और पेट दर्द की समस्या

अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. एस. रहमान ने बताया कि सभी बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की समस्या थी। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य है और सभी बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही है।

बच्चों के परिजनों ने बताया कि खेलने के दौरान करीब एक दर्जन से अधिक बच्चों ने अनजाने में जंगली बघंडी का बीज खा लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने और उन्हें अनजान जंगली फल एवं बीज खाने से रोकने की अपील की है।

साइकिल से बेगूसराय के हरिगिरि धाम पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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 (बेगूसराय)। गुरुवार को सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बाबा हरिगिरि धाम पूजा करने पहुंचे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मिले। अंग वस्त्र से उनका स्वागत किया गया।

मंत्री ने कहा कि हिन्दुओं को संगठित होना होगा। देश आज संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।

इससे पूर्व सांसद सह मंत्री गढ़पुरा बस स्टैंड चौक से बाबा हरिगिरि धाम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ साइकिल से पहुंच कर लोगों को स्वस्थ रहने और तेल की बचत करने का संदेश दिए। इसके बाद बाबा भोलेनाथ की विधिवत पूजा की तथा एक आम का पौधा लगाया।

PM Kisan: कुछ ही घंटों में बिहार के 1.08 करोड़ किसानों के खाते में सीधे आएंगे ₹2000

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देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन बेहद खास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले (तारकेश्वर) से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) की 23वीं किस्त जारी करने जा रहे हैं।

PM Kisan Samman Nidhi Yojana की 23वीं किस्त आज जारी होगी। दोपहर 3:45 बजे करोड़ों किसानों के बैंक खातों में DBT के जरिए 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त आज जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 3:45 बजे पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की सम्मान निधि ट्रांसफर करेंगे। इस किस्त का लाभ देशभर के करोड़ों पंजीकृत किसानों को मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के सहायता राशि मिल सके।

करोड़ों किसानों को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक चार महीने के अंतराल पर 2,000 रुपये की राशि किसानों के खातों में भेजी जाती है। 23वीं किस्त के जारी होने के साथ ही करोड़ों किसानों को खेती-किसानी और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।

DBT के जरिए सीधे खाते में पहुंचेगी राशि

योजना के तहत किसानों को मिलने वाली राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खातों में जमा की जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि मिलती है।

इन किसानों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने ई-केवाईसी (e-KYC), बैंक खाते की आधार सीडिंग और भूमि सत्यापन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। जिन किसानों की जानकारी अधूरी है, उनकी किस्त अटक सकती है।

ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस

किसान पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए किस्त की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।

बिहार के चुनिंदा महाविद्यालयों में खुलेगा इवनिंग कॉलेज; अब भागलपुर के टीएनबी कॉलेज में रात में भी होगी पढ़ाई

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भागलपुर। भागलपुर के ऐतिहासिक तेजनारायण बनैली (TNB) कॉलेज में अब इवनिंग कॉलेज के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने इस प्रतिष्ठित कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत (Infrastructure) सुविधाओं की एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसे कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को सरकार को भेज दिया है। प्राचार्य डॉ. दीपो महतो ने कॉलेज में मौजूद संसाधनों, उनकी वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों की पूरी जानकारी इस रिपोर्ट के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई है।

बिहार के प्रमुख कॉलेजों की सूची में शामिल हुआ भागलपुर का गौरव

दरअसल, राज्य सरकार उच्च शिक्षा (Higher Education) तक अधिक से अधिक छात्रों की पहुंच सुनिश्चित करने और सीटों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से बिहार के कुछ प्रमुख और प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में इवनिंग कॉलेज संचालित करने की योजना पर काम कर रही है। इस विशेष सूची में राजधानी पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और दरभंगा के चुनिंदा प्रमुख कॉलेजों के साथ-साथ भागलपुर के ऐतिहासिक टीएनबी कॉलेज को भी शामिल किया गया है, जो पूरे अंग क्षेत्र के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है।

अरवल में नियमों की अनदेखी कर बन रहे अवैध मकान, राजस्व को भारी नुकसान

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नगर परिषद क्षेत्र में बिना अनुमति व नक्शा पास कराए आवासीय एवं व्यावसायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। नगर परिषद के अधिकारी इससे वाकिफ होकर भी कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। बेतरतीब तरीके से भवन निर्माण करने से शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ रहा है।

नगर परिषद के पास कोई ब्योरा नहीं है कि एक वर्ष में शहरी क्षेत्र में कितने नए मकान का निर्माण हुआ और कितने निर्माणाधीन हैं। एक कट्ठा जमीन पर भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराने पर 50 हजार रुपये का खर्च आता है।

प्रति मंजिल के हिसाब से लगता है टैक्स

दो से ज्यादा मंजिल का मकान बनाने पर प्रति मंजिल के हिसाब से टैक्स देना होता है। नक्शा बनाने में लैंड डेवलपमेंट फीस आठ हजार रुपये, नगर परिषद को टैक्स के रूप में दस रुपये पर स्क्वायर मीटर, श्रम संसाधन विभाग को मकान की लागत का एक प्रतिशत टैक्स देने के अलावा सात से 20 हजार रुपये वास्तुविद के द्वारा नक्शा बनाने में लिया जाता है।

बिना नक्शा पास कराए मकान बनाने से नगर परिषद एवं श्रम संसाधन विभाग को संयुक्त रूप से राजस्व का नुकसान हो रहा है। शहर में हर साल सौ से ज्यादा मकान बन रहे हैं।

नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने कहा कि आर्किटेक्ट से नक्शा पास करने वाले भवन को ही वैध माना जाएगा। बिना नक्शा के मकान बनाने वाले पर कार्रवाई होगी।

औरंगाबाद में 4 आर्म्स तस्कर गिरफ्तार, बड़ी संख्या में हथियारों की खेप बरामद

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बिहार पुलिस की स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जिले में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अंतरजिला आर्म्स तस्करों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार तस्करों में उपहारा थाना क्षेत्र के झाड़ी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली तथा इश्तेखार आलम शामिल हैं।

पूछताछ में सभी तस्करों ने अवैध हथियारों की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से और उनकी निशानदेही पर छापेमारी के दौरान तीन लोडेड पिस्टल, दो देशी कार्बाइन, दो कट्टा, एक टूटा हुआ कट्टा, 159 कारतूस, सात मैगजीन, तीन बाइक, चार मोबाइल तथा दो खोखा बरामद किए हैं। पुलिस गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच कर रही है।

एसटीएफ के अनुसार अनुसार 18 जून को सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर जिले में बड़े पैमाने पर अवैध पिस्टल, कट्टा और कारतूस की आपूर्ति की जा रही है। सूचना पर 19 जून को जिले के गोह थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया।

टीम ने गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार के समीप घेराबंदी कर तीन बाइक पर सवार चारों तस्करों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस के साथ मैगजीन बरामद किए गए।

पूछताछ के बाद चारों की निशानदेही पर गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की गई। वहां बिक्री के लिए छिपाकर रखे गए देशी कार्बाइन, कट्टा और कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा दो खोखा, चार मोबाइल और तीन बाइक भी जब्त की गईं।

पश्चिम बंगाल के दो रेलवे स्टेशनों का बदलेगा नाम! जैन तीर्थंकरों के नाम पर रखने के प्रस्ताव

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 भारतीय रेलवे (Indian Railways) द्वारा देश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के नाम को उनके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के अनुरूप बदलने की कवायद तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के दो प्रमुख स्टेशनों के नाम को जैन धर्म के महान तीर्थंकरों के नाम पर रखने का एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। इस योजना के तहत स्टेशनों को एक नई धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी जाएगी, जिसे लेकर बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में रहने वाले जैन धर्मावलंबियों के बीच हर्ष और उत्साह का माहौल व्याप्त है।

अदिना और वर्धमान स्टेशन के नए नामकरण का है प्रस्ताव

रेलवे बोर्ड द्वारा तैयार की गई इस प्रस्तावित योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के ‘अदिना’ रेलवे स्टेशन का नाम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के नाम पर ‘आदिनाथ मालदा’ करने का विचार है। इसके साथ ही, ऐतिहासिक ‘वर्धमान’ स्टेशन का नाम बदलकर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के नाम पर ‘वर्धमान महावीर धाम’ किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेलवे की इस पहल से जैन समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

फारबिसगंज के संपूर्ण जैन समाज ने जताया केंद्र का आभार

इस बड़े प्रस्ताव की जानकारी मिलते ही फारबिसगंज सकल जैन समाज के अध्यक्ष बछराज राखेचा और दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद सरावगी ने केंद्र सरकार के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। इसके साथ ही, तेरापंथ महासभा के अध्यक्ष महेंद्र वेद, साधु मार्गी जैन समाज के अध्यक्ष ओम डोषी और जैन श्वेतांबर मंदिर मार्गी सभा के अध्यक्ष मूलचंद गोलछा सहित पूरे जैन समाज ने इस सराहनीय कदम के लिए रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड का संयुक्त रूप से आभार प्रकट किया है।

प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगना अभी है बाकी

स्थानीय जैन समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यह फैसला न केवल जैन धर्म की विरासत को संजोने का काम करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी देश के गौरवशाली धार्मिक इतिहास से अवगत कराएगा। हालांकि, रेलवे के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अभी आधिकारिक रूप से अंतिम मुहर लगना बाकी है। प्रशासनिक और कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही रेल मंत्रालय द्वारा इन दोनों स्टेशनों के नए नामों की अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

सिमराहा स्टेशन का नाम ‘रेणु ग्राम सिमराहा’ करने की उठी मांग

एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल के स्टेशनों के नाम बदले जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर भी एक पुरानी मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। एनएफ रेलवे (NF Railway) के जोगबनी-कटिहार रेलखंड के अंतर्गत आने वाले सिमराहा स्टेशन का नाम बदलने की मांग एक बार फिर रेल मंत्रालय तक पहुंचाई गई है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि इस स्टेशन का नाम क्षेत्र की माटी के लाल और विश्व प्रसिद्ध आंचलिक कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर रखा जाए।

महान साहित्यकार को सम्मान देने के लिए एकजुट हुए संगठन

कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के पैतृक क्षेत्र से जुड़े होने के कारण इस स्टेशन का नाम ‘रेणु ग्राम सिमराहा’ किए जाने की मांग वर्षों पुरानी है। इस चिरलंबित मांग को पूरा कराने के लिए दधीचि देहदान समिति के जिला अध्यक्ष अजातशत्रु अग्रवाल और फारबिसगंज सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष मांगीलाल गोलछा ने आवाज बुलंद की है। इनका कहना है कि ‘मैला आंचल’ जैसे अमर उपन्यास के रचयिता को सम्मान देने का यह सबसे बेहतर और ऐतिहासिक तरीका होगा।

रेल मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई की अपील

साहित्यकार अनुज प्रभात, रेल कम्यूटर्स फोरम के सक्रिय सदस्य राकेश रोशन और बिहार रेल यूज़र्स एसोसिएशन के सदस्य चंदन भगत ने भी इस संबंध में रेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। इन सभी रेल उपभोक्ताओं और साहित्यकारों का संयुक्त रूप से मानना है कि सिमराहा स्टेशन का नाम बदलने से न केवल अररिया जिले का बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ेगा। अब देखना यह है कि पश्चिम बंगाल के प्रस्तावों के साथ-साथ रेल मंत्रालय बिहार की इस मांग पर कब फैसला लेता है।

सियासी हलचल के बीच उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा दांव; RLM में 8 उपाध्यक्ष और 5 महासचिव समेत नई टीम का एलान

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पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर चल रही हलचल के बीच पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने संगठनात्मक पुनर्गठन का बड़ा कदम उठाया है।

अपने बेटे के मंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कुशवाहा ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को मजबूत करने की कोशिश की है।

खास बात यह है कि पूर्व में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जता चुके विधायक रामेश्वर कुमार महतो और माधव आनंद को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।

आठ उपाध्यक्ष, पांच महासचिव और छह सचिव नियुक्त

उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर नई टीम की घोषणा करते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। नई सूची के अनुसार पार्टी में आठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पांच महासचिव और छह सचिवों का मनोनयन किया गया है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में अरविंद कुमार वाजपेयी, रामेश्वर कुमार महतो, शंकर झा आजाद, मदन चौधरी, पृथ्वीराज यादव, भानू श्रीनिवासन, सीमा सक्सेना और अनिल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इनमें अरविंद कुमार वाजपेयी को मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है।

माधव आनंद बने प्रधान महासचिव

पार्टी विधायक माधव आनंद को प्रधान महासचिव बनाया गया है। वहीं फजल इमाम मलिक, राजीव कुमार जायसवाल, रेखा गुप्ता, अखिलेश सिंह और विमलेंदु शेखर सिंह उर्फ पप्पू सिंह को महासचिव की जिम्मेदारी मिली है।

इसके अलावा योगेंद्र चौहान, रेयाज अहमद, विराट कुशवाहा, रविंद्र राम, चितरंजन सिंह उर्फ झूना सिंह और डॉ. तारा श्वेता आर्या को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

BPSSC दारोगा मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी, 10,759 अभ्यर्थियों का PET के लिए हुआ चयन

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बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) परीक्षा में शामिल 34 हजार से अधिक उम्मीदवारों में से 10,759 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है.

BPSSC दारोगा मुख्य परीक्षा का बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने दारोगा (सब-इनस्पेक्टर) मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. जो भी अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं.

 10,759 कैंडिडेट PET के लिए हुए सेलेक्ट

बता दें कि इस मुख्य लिखित परीक्षा का आयोजन 27 मई 2026 को किया गया था.  इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,799 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना है. जिसके लिए 34 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी. जिसमें से मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर कुल 10,759 अभ्यर्थियों अगले चरण यानी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए सफल हुए हैं. आयोग ने नियमों के मुताबिक कुल रिक्तियों के 6 गुना अभ्यर्थियों को पास किया है.

क्या रहा कट-ऑफ स्कोर?

सामान्य वर्ग (General Category) के पुरुष उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 134 अंक रहा है, जबकि समान्य वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 116.20 अंक तय किया गया है. बता दें कि इस भर्ती में महिलाओं के लिए 614 पद आरक्षित हैं, जबकि अनारक्षित (General) वर्ग के लिए सबसे  850 पद हैं.

जल्द जारी करेगा PET की डेट

मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले 10,759 अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से गुजरना होगा. आयोग जल्द ही PET की तारीख जारी करेगा.