Saturday, June 20, 2026
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पश्चिम बंगाल के दो रेलवे स्टेशनों का बदलेगा नाम! जैन तीर्थंकरों के नाम पर रखने के प्रस्ताव

 भारतीय रेलवे (Indian Railways) द्वारा देश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के नाम को उनके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के अनुरूप बदलने की कवायद तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के दो प्रमुख स्टेशनों के नाम को जैन धर्म के महान तीर्थंकरों के नाम पर रखने का एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। इस योजना के तहत स्टेशनों को एक नई धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी जाएगी, जिसे लेकर बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में रहने वाले जैन धर्मावलंबियों के बीच हर्ष और उत्साह का माहौल व्याप्त है।

अदिना और वर्धमान स्टेशन के नए नामकरण का है प्रस्ताव

रेलवे बोर्ड द्वारा तैयार की गई इस प्रस्तावित योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के ‘अदिना’ रेलवे स्टेशन का नाम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के नाम पर ‘आदिनाथ मालदा’ करने का विचार है। इसके साथ ही, ऐतिहासिक ‘वर्धमान’ स्टेशन का नाम बदलकर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के नाम पर ‘वर्धमान महावीर धाम’ किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेलवे की इस पहल से जैन समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

फारबिसगंज के संपूर्ण जैन समाज ने जताया केंद्र का आभार

इस बड़े प्रस्ताव की जानकारी मिलते ही फारबिसगंज सकल जैन समाज के अध्यक्ष बछराज राखेचा और दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद सरावगी ने केंद्र सरकार के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। इसके साथ ही, तेरापंथ महासभा के अध्यक्ष महेंद्र वेद, साधु मार्गी जैन समाज के अध्यक्ष ओम डोषी और जैन श्वेतांबर मंदिर मार्गी सभा के अध्यक्ष मूलचंद गोलछा सहित पूरे जैन समाज ने इस सराहनीय कदम के लिए रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड का संयुक्त रूप से आभार प्रकट किया है।

प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगना अभी है बाकी

स्थानीय जैन समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यह फैसला न केवल जैन धर्म की विरासत को संजोने का काम करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी देश के गौरवशाली धार्मिक इतिहास से अवगत कराएगा। हालांकि, रेलवे के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अभी आधिकारिक रूप से अंतिम मुहर लगना बाकी है। प्रशासनिक और कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही रेल मंत्रालय द्वारा इन दोनों स्टेशनों के नए नामों की अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

सिमराहा स्टेशन का नाम ‘रेणु ग्राम सिमराहा’ करने की उठी मांग

एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल के स्टेशनों के नाम बदले जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर भी एक पुरानी मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। एनएफ रेलवे (NF Railway) के जोगबनी-कटिहार रेलखंड के अंतर्गत आने वाले सिमराहा स्टेशन का नाम बदलने की मांग एक बार फिर रेल मंत्रालय तक पहुंचाई गई है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि इस स्टेशन का नाम क्षेत्र की माटी के लाल और विश्व प्रसिद्ध आंचलिक कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर रखा जाए।

महान साहित्यकार को सम्मान देने के लिए एकजुट हुए संगठन

कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के पैतृक क्षेत्र से जुड़े होने के कारण इस स्टेशन का नाम ‘रेणु ग्राम सिमराहा’ किए जाने की मांग वर्षों पुरानी है। इस चिरलंबित मांग को पूरा कराने के लिए दधीचि देहदान समिति के जिला अध्यक्ष अजातशत्रु अग्रवाल और फारबिसगंज सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष मांगीलाल गोलछा ने आवाज बुलंद की है। इनका कहना है कि ‘मैला आंचल’ जैसे अमर उपन्यास के रचयिता को सम्मान देने का यह सबसे बेहतर और ऐतिहासिक तरीका होगा।

रेल मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई की अपील

साहित्यकार अनुज प्रभात, रेल कम्यूटर्स फोरम के सक्रिय सदस्य राकेश रोशन और बिहार रेल यूज़र्स एसोसिएशन के सदस्य चंदन भगत ने भी इस संबंध में रेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। इन सभी रेल उपभोक्ताओं और साहित्यकारों का संयुक्त रूप से मानना है कि सिमराहा स्टेशन का नाम बदलने से न केवल अररिया जिले का बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ेगा। अब देखना यह है कि पश्चिम बंगाल के प्रस्तावों के साथ-साथ रेल मंत्रालय बिहार की इस मांग पर कब फैसला लेता है।

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