बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की तहसील बहेड़ी क्षेत्र की रहने वाली बेबी ने गांव में सार्वजनिक आवागमन के रास्ते पर कथित अतिक्रमण, दबंगई और पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि करीब डेढ़ महीने से उनका परिवार लगातार परेशान है, लेकिन शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
पीड़िता के अनुसार, गांव में परिवार और अन्य लोगों ने वर्षों पहले आवागमन के लिए करीब 12 फीट चौड़ा रास्ता छोड़ा था, ताकि सभी ग्रामीण आसानी से आ-जा सकें। उनका आरोप है कि गांव के बाबू नामक व्यक्ति ने पहले ही करीब 2 फीट हिस्से पर मकान बनाकर कब्जा कर लिया था और अब उसी निर्माण पर प्लास्टर कराया जा रहा है। महिला का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा हो गया तो रास्ता और संकरा हो जाएगा, जिससे लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
बेबी का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से दूसरे पक्ष का समर्थन कर रही है, जिसके कारण उनका परिवार लगातार भय और परेशानी में जीवन बिता रहा है।
पीड़ित महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने निर्माण कार्य का फोटो और वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करने का प्रयास किया, तो विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इतना ही नहीं, उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया गया। महिला का कहना है कि इस घटना के बाद उनका परिवार और अधिक भयभीत हो गया है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अतिक्रमण रुकवाने, आवागमन के रास्ते को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ तो गांव में विवाद और बढ़ सकता है तथा आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल इस मामले में दूसरे पक्ष तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।


