महाराजगंज/जोधपुर। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की रहने वाली लीला देवी अपने 22 वर्षीय बेटे मोनू कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद न्याय की गुहार लगा रही हैं। पीड़िता का आरोप है कि उनके बेटे को गांव की रहने वाली चंपा देवी कथित रूप से बहला-फुसलाकर राजस्थान के जोधपुर ले गई, जहां कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। लीला देवी का कहना है कि यह मामला सामान्य नहीं है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीड़िता के अनुसार, मोनू कुमार, पिता सुग्रीव, निवासी ग्राम बजाही, थाना निचलौल, जिला महाराजगंज, 24 जून 2026 को कथित रूप से चंपा देवी के साथ जोधपुर गया था। उनका कहना है कि चंपा देवी के परिवार के कई सदस्य, जिनमें प्रदीप, जितेंद्र सहित अन्य रिश्तेदार शामिल हैं, जोधपुर में रहते हैं। लीला देवी का आरोप है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर वहां ले जाया गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
लीला देवी के अनुसार, 27 जून की शाम पुलिस ने फोन कर परिवार को बताया कि उनके बेटे की तबीयत खराब है और तुरंत जोधपुर पहुंचने के लिए कहा। जब परिवार वहां पहुंचा तो थाने में केवल फोटो दिखाकर शव की पहचान कराई गई। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने बेटे का चेहरा देखने की अनुमति मांगी तो पुलिस ने यह कहते हुए मना कर दिया कि “देखने लायक नहीं है।” उनका कहना है कि बाद में जब उन्होंने शव देखा तो शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ।
पीड़ित मां का यह भी आरोप है कि जिस कमरे में उनका बेटा ठहरा था, वहां जाने से भी उन्हें रोका गया। उनका कहना है कि काफी प्रयास के बाद जब वे कमरे तक पहुंचीं तो वहां खून के निशान दिखाई दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कमरे का वीडियो बनाने नहीं दिया गया, मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया गया और जो फोटो उन्होंने खींची थी, उसे भी कथित रूप से उनके मोबाइल से हटा दिया गया।
लीला देवी का आरोप है कि चंपा देवी और उसके परिवार के लोगों की इस पूरे मामले में भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि उन्होंने कई स्थानों पर शिकायत और आवेदन दिए हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, मोनू कुमार परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और मेहनत-मजदूरी कर घर के पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। लीला देवी का यह भी आरोप है कि उनके छोटे बेटे सोनू को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस तथा आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


