Monday, July 6, 2026
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उत्तम नगर से 12 वर्षीय मंदबुद्धि बालक रहस्यमयी ढंग से लापता, पड़ोसियों पर अपहरण का आरोप; 15 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

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नई दिल्ली (द्वारका)। राजधानी के उत्तम नगर इलाके से एक 12 वर्षीय मंदबुद्धि बालक के रहस्यमयी ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले दंपति पर अपहरण का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिव विहार जे.जे. कॉलोनी निवासी राम स्वरूप का सबसे छोटा बेटा गोविंद (12) 4 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1 बजे घर से अचानक लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि गोविंद मानसिक रूप से कमजोर है और बिना बताए कहीं नहीं जाता था। घटना के बाद परिवार ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

पीड़ित पिता ने बताया कि एक दिन पहले यानी 3 अप्रैल को पड़ोस में रहने वाली मीनाक्षी जोधावत और उसके पति ने उनके साथ झगड़ा किया था और बेटे पर चोरी का झूठा आरोप लगाया था। आरोप है कि उस दौरान दंपति ने धमकी दी थी कि अगर उनका सामान नहीं मिला तो वे गोविंद को गायब करवा देंगे। परिवार का दावा है कि धमकी के अगले ही दिन बच्चा अचानक लापता हो गया।

मामले में थाना उत्तम नगर में 8 अप्रैल 2026 को मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच तक नहीं की गई और संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ भी नहीं हुई।

राम स्वरूप ने बताया कि उन्होंने थाना, कोतवाली से लेकर उच्च अधिकारियों और पुलिस आयुक्त तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने अपने बेटे को ढूंढने वाले को 21,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है।

गुमशुदा गोविंद का कद करीब 5 फीट 1 इंच, रंग सावला, शरीर पतला और आंखें काली हैं। घटना के समय उसने नीले रंग का स्वेटर और पैंट पहन रखा था तथा पैरों में चप्पल भी नहीं थी।

परिवार की मांग है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच तेज की जाए, CCTV फुटेज खंगाले जाएं और संदिग्ध दंपति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है और उन्होंने जल्द से जल्द बच्चे की बरामदगी की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। हालांकि, अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग पाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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जर्जर चहारदीवार से घिरा स्कूल बना आवारा पशुओं का अड्डा, बच्चों की पढ़ाई पर मंडरा रहा खतरा

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प्रयागराज जिले के माण्डा विकास खंड अंतर्गत ग्राम ऊंचडीह स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। लगभग आठ वर्ष पूर्व बनाई गई विद्यालय की पक्की चहारदीवार अब पूरी तरह से जर्जर होकर टूट चुकी है, जिससे स्कूल परिसर खुले मैदान में तब्दील हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार चहारदीवार गिरने के कारण आवारा पशु लगातार विद्यालय परिसर में घुस रहे हैं। ये पशु न केवल विद्यालय में लगाए गए पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि पूरे परिसर में गंदगी भी फैला रहे हैं। इससे न सिर्फ स्कूल का वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

गांव के निवासी मनीष सिंह ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश को प्रार्थना पत्र देकर स्कूल की चहारदीवार के पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मामले को लेकर संदीप ने मीडिया को बताया कि “काफी समय से स्कूल की बाउंड्री टूटी हुई है, जिससे बच्चों को असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करनी पड़ रही है। आवारा पशुओं के कारण स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।”

ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही चहारदीवार का निर्माण नहीं कराया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर कोई ठोस कदम उठाकर विद्यालय को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराता है।

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लोहे की रॉड से हमला, जिंदा जलाने की कोशिश: बेटे पर जानलेवा हमले के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार

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सारण। जिले के पहलेजा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहां कुछ दबंगों द्वारा एक युवक पर कथित तौर पर बर्बर हमला कर उसे जिंदा जलाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना के बाद से वे लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने पैसे और दबाव के दम पर पूरे मामले को दबा दिया है।

मामले में शिकायतकर्ता बबन सिंह, पिता स्वर्गीय भरत सिंह, निवासी ग्राम गरीब परी, थाना पहले, जिला सारण ने बताया कि उनका लगभग 30 वर्षीय बेटा नीरज सिंह 1 अप्रैल 2026 की रात करीब साढ़े नौ बजे पढ़ाई कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही कुछ आरोपी विक्की पिता रमधीर राय, संतोष पिता कृष्णा राय, दशरथ पिता सुरेंद्र राय, मनोज पिता ओकील राय, वरजेश कुमार पिता स्वर्गीय राजेंद्र सिंह, ओकील राय पिता स्वर्गीय भरथड़ी , अमेरिकन राय पिता सुदामा राय, राजा राय पिता सुदामा राय और अन्य लोगो ने उसे रास्ते में रोक लिया और जातिसूचक व अपमानजनक बातें करते हुए विवाद शुरू कर दिया। जब नीरज ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसे जबरन पकड़कर पास के एक सुनसान स्थान पर ले गए

।पीड़ित परिवार के अनुसार वहां आरोपियों ने युवक के साथ बेहद क्रूरता की। आरोप है कि नीरज के शरीर को गर्म चीजों से जलाया गया और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने उसकी जेब से लगभग आठ हजार रुपये भी छीन लिए। घटना के बाद आरोपियों ने उसे सड़क किनारे और खेत के पास फेंक दिया तथा उसकी मोटरसाइकिल को भी सड़क किनारे खड़ा कर दिया।

बताया जाता है कि कुछ देर बाद आसपास के लोगों की नजर घायल युवक पर पड़ी तो उन्होंने परिवार को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों का कहना है कि युवक की हालत काफी गंभीर रही और उसे गहरी चोटें आई हैं।

पीड़ित पिता बबन सिंह का आरोप है कि उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पहलेजा थाना में दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि आरोपियों ने प्रभाव और पैसे के दम पर मामले को दबाने की कोशिश की है, और आरोपी पक्ष लगातार जान से मारने की धमकी भी दे रहे जिससे पीड़ित परिवार डर के साए में जीने को मजबूर है जिसके कारण परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

परिवार ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

30–35 साल पुराने जमीन विवाद ने फिर पकड़ा तूल: घर बनाने पहुंचे युवक को रोका, मारपीट और कब्जे का आरोप

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दरभंगा। जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र से जमीन विवाद का एक पुराना मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। शिकायतकर्ता मनोज राम ने आरोप लगाया है कि करीब 30 से 35 वर्षों से चल रहा जमीन का विवाद अब फिर से गंभीर रूप ले चुका है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर उनका हक है, उस पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और घर बनाने से भी रोक रहे हैं। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय दिलाने और कब्जा हटवाने की गुहार लगाई है।

मनोज राम, पिता जगदीश राम, निवासी थाना अलीनगर, जिला दरभंगा का कहना है कि यह जमीन उनके परिवार को सरकार की ओर से दी गई थी। इस जमीन की रसीद उनके दादा बहुर मोछि के नाम से कटी हुई है। पीड़ित का दावा है कि उनके पास जमीन से जुड़े जरूरी कागजात भी मौजूद हैं। इसके बावजूद गांव के कुछ लोग इस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं और खुद को इसका मालिक बता रहे हैं।

पीड़ित के अनुसार सनी राम, दिनेश राम, सुरेश राम, महेश राम, गणेश राम और जोगिंदर समेत कुछ लोग यह कहकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने यह जमीन जमींदार मालिक से खरीद ली है। जबकि मनोज राम का कहना है कि यह जमीन सीलिंग की जमीन है, जिसे सरकार ने गरीब परिवारों को आवंटित किया था और उसी के तहत उनके परिवार को यह जमीन मिली थी।

मनोज राम ने बताया कि वह नोएडा में रहकर मजदूरी करते हैं। हाल ही में वह अपने गांव लौटे थे ताकि अपनी जमीन पर घर का निर्माण शुरू कर सकें। लेकिन जैसे ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की, आरोपियों ने वहां पहुंचकर काम रुकवा दिया और विरोध करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने हक की बात की तो आरोपी मारपीट और झगड़े पर उतारू हो गए।

पीड़ित परिवार का कहना है कि विवाद के कारण उनके माता-पिता भी लगातार मानसिक दबाव में हैं पूरा परिवार जिसमें बच्चे और महिलाएं सभी लोग घर के बाहर सोनी को मजबूर है ‌ और लगातार डर बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए और गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। मनोज राम ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए, ताकि वह अपने परिवार के लिए घर बना सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस विवाद का समाधान नहीं होने से गांव में तनाव बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

10 साल का प्रेम, मुंबई में शादी और अब धमकियों का साया: पुलिस की चेतावनी के बाद प्रेमिका घर लौटी, परिवार ने बाहर निकलने पर लगाया रोक

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वाराणसी। जिले के लमही क्षेत्र से प्रेम संबंध को लेकर एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका के परिवार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित काजू जायसवाल का कहना है कि वह और अंजली पटेल पिछले करीब 10 वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और साथ में जीवन बिताना चाहते हैं, लेकिन परिवार के विरोध और कथित धमकियों के कारण दोनों की जिंदगी संकट में पड़ गई है।

जानकारी के अनुसार अंजली पटेल, जो विनोद कुमार पटेल की पुत्री है और आदमपुर, लमही, वाराणसी की रहने वाली है, उसका घर काजू जायसवाल के घर से करीब दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर है। दोनों की बातचीत करीब एक दशक पहले शुरू हुई थी और समय के साथ यह रिश्ता गहरे प्रेम में बदल गया। युवक का दावा है कि जनवरी 2026 में अंजली खुद उसके पास आई और कहा कि वह उसके साथ रहना चाहती है। इसके बाद दोनों मुंबई चले गए।

पीड़ित के मुताबिक मुंबई पहुंचने के बाद दोनों ने शादी कर ली और किराए के कमरे में रहने लगे। कुछ समय बाद काजू जायसवाल के बड़े पापा का निधन हो गया, जिसके चलते वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अकेले अपने घर लौट आया, जबकि अंजली मुंबई में ही रही। बाद में अंजली के कहने पर युवक दोबारा मुंबई गया और उसे लेकर वापस बनारस आ गया। बनारस में युवक ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता था और दोनों किराए के कमरे में करीब चार महीने तक साथ रहे।

युवक का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और उसे सख्त चेतावनी दी कि अगर उसने लड़की से संपर्क किया या उसे अपने साथ रखा तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। और पीढ़ी काजू जायसवाल के पास से लड़का लड़की दोनों के फोटो वीडियो डिलीट कर दिए और पुलिस के सामने लड़की ने खुद बयान दिया था कि वह लड़के के साथ रहना चाहती है जिसका वीडियो पुलिस के पास मौजूद भी है फिर भी पुलिस ने अंजलि का बयान नजरअंदाज करते हुए उसे धमकी दी कि अगर लड़के को नहीं छोड़ोगी तो लड़के को जेल कर दी जाएगी
काजू जायसवाल का कहना है कि इसी डर के कारण अंजली को मजबूर होकर अपने घर लौटना पड़ा। युवक का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद से ही अंजली को उसके परिवार वाले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि अंजली के पिता लगातार उसे धमकी दे रहे हैं कि यदि उसने इस मामले में कोई कार्रवाई की या दोबारा लड़की से मिलने कीउ कोशिश की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। युवक का कहना है कि दोनों एक-दूसरे से बेहद प्रेम करते हैं और पति-पत्नी की तरह आगे की जिंदगी बिताना चाहते हैं, लेकिन परिवार वाले इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

काजू जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोनों को सुरक्षा प्रदान की जाए, काजू जायसवाल को लगातार जान का खतरा मंडरा रहा है और वह डर के साए में जीने को मजबूर है और अब प्रशासन से चाहते हैं की वे बिना किसी डर और दबाव के अपनी जिंदगी का फैसला खुद कर सकें।
काजू जायसवाल का कहना है कि अंजलि पटेल और काजू जायसवाल को कुछ भी होता है तो अंजलि पटेल के घर वालों की जिम्मेदारी होगी विनोद कुमार जो कि अंजलि पटेल के पिताजी है पिंटू पटेल और समजीत कुमार पटेल
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

जमीन से नीचे बने मकानों के लिए राहत: बिना तोड़े लैन्टर ऊंचा करने की तकनीक से लोगों को मिल रहा समाधान

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जम्मू। बारिश के मौसम में घरों में पानी भरने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अब एक अनोखी तकनीक राहत बनकर सामने आ रही है। शहर के कुंजवानी बायपास क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से मकानों को बिना तोड़े उनकी ऊंचाई बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए उन मकानों को ऊपर उठाया जाता है जो जमीन के स्तर से नीचे बने होते हैं और बरसात में उनमें पानी भरने लगता है। दावा किया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में मकान को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना उसे नई ऊंचाई दी जाती है।

इस काम से जुड़े ठेकेदार एम.डी. अजाम का कहना है कि वह मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और पिछले करीब 15 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार कई पुराने मकान ऐसे होते हैं जो समय के साथ सड़क या आसपास की जमीन ऊंची हो जाने के कारण नीचे हो जाते हैं। ऐसे मकानों में बारिश के दौरान पानी भर जाता है और लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वह मकान को नींव से ऊपर उठाने की विशेष तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

ठेकेदार का दावा है कि इस प्रक्रिया में मकान के लैन्टर को बिना तोड़े और बिना क्षति पहुंचाए उसे ऊंचा किया जाता है। खास मशीनों और तकनीकी उपायों की मदद से पूरे मकान को सावधानीपूर्वक ऊपर उठाकर नई नींव पर स्थापित किया जाता है। इससे न केवल घर की ऊंचाई बढ़ जाती है, बल्कि बरसात के समय पानी भरने की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलती है।

एम.डी. अजाम के अनुसार इस तकनीक से मकान मालिकों को नए निर्माण की तुलना में काफी कम खर्च करना पड़ता है और समय की भी बचत होती है। उन्होंने बताया कि कई लोग पुराने मकान को तोड़कर दोबारा बनाने के बजाय इसी तकनीक के जरिए अपने घर को सुरक्षित और ऊंचा बनवा रहे हैं। उनका कहना है कि काम को पूरी सावधानी और गारंटी के साथ किया जाता है ताकि मकान की मजबूती पर कोई असर न पड़े।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर और आसपास के इलाकों में इस तरह की सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कई पुराने मकान बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में मकान को बिना तोड़े ऊंचा करने की यह तकनीक लोगों के लिए एक व्यावहारिक और किफायती विकल्प बनती जा रही है।

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मुंबई में लापता हुए रोहतास के मजदूर: 17 अप्रैल से नहीं मिला सुराग,बेटा और परिवार रो-रोकर बेहाल

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रोहतास (बिहार)/मुंबई। रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए बिहार के रोहतास जिले के एक मजदूर के अचानक लापता हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब 17 अप्रैल सुबह करीब 10:00 बजे के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन तथा लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रोहतास जिले के थाना दावध क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ईटवा पोस्ट कोआथ निवासी केदार पासी, पिता स्व. मुन्ती पासी, मजदूरी करने के लिए मुंबई गए हुए थे। बताया जा रहा है कि वह मुंबई के टाटा पावर कल्याणपुर क्षेत्र के आसपास रहकर मजदूरी का काम करते थे। उनके साथ गांव के ही चार-पांच लोग भी काम के सिलसिले में मुंबई गए थे और सभी एक ही कमरे में रहते थे।

परिजनों के मुताबिक 17 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10 बजे केदार पासी काम से लौटकर अपने कमरे की ओर दुकान से राशन लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में वह भटक गए और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया। साथियों ने पहले आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बताया जा रहा है कि केदार पासी की मानसिक स्थिति सामान्य है, लेकिन वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिसके कारण उनसे संपर्क करना और भी मुश्किल हो गया है।

केदार पासी के बेटे सरोज कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उनके पिता गांव के लोगों के साथ मजदूरी करने के लिए मुंबई गए थे। अचानक उनके लापता हो जाने से पूरा परिवार बेहद परेशान है। परिवार वालों ने आसपास के कई इलाकों में तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

परिजनों ने प्रशासन और मुंबई में रहने वाले लोगों से अपील की है कि अगर किसी को केदार पासी के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत परिवार को सूचित करें। 8591705322 या नजदीकी खाने में सूचना दें उनका कहना है कि किसी तरह उनके पिता मिल जाएं, यही उनकी सबसे बड़ी उम्मीद और प्रार्थना है।

इस घटना के बाद से गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन लगातार उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही केदार पासी का कोई सुराग मिलेगा और वह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आएंगे।

पश्चिम चम्पारण में सनसनी: नहर किनारे युवक पर हमला, 5 हजार की लूट, जान से मारने की धमकी

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पश्चिम चम्पारण। जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र में बुधवार रात उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक युवक को नहर किनारे रोककर दो लोगों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया और उसके पास से नकद रुपये छीन लिए। पीड़ित ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, चौतरवा थाना क्षेत्र के बांके पट्टी मझौआ वार्ड नंबर 09 निवासी 31 वर्षीय मनीष गिरी 16 अप्रैल 2026 की रात करीब 7 बजे अपने मोटरसाइकिल से मझौआ नहर के पास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह सड़क किनारे एक दुकान पर खड़े होकर पेय पदार्थ पी रहे थे, तभी अचानक गांव के ही दो व्यक्ति वहां पहुंचे और बिना किसी कारण गाली-गलौज शुरू कर दी।

पीड़ित के अनुसार, आरोपियों की पहचान सत्यपाल यादव (35) और राजहरन यादव (36) के रूप में हुई है। दोनों ने पहले मोटरसाइकिल की मांग की और जब मनीष ने इंकार किया तो वे आक्रामक हो गए। आरोप है कि दोनों ने लाठी से हमला कर दिया, जिससे मनीष के चेहरे और बाएं हाथ पर गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसके जेब से करीब 5 हजार रुपये भी छीन लिए।

इतना ही नहीं, जाते-जाते आरोपियों ने युवक को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे पीड़ित और उसका परिवार दहशत में है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी भय का माहौल है।

पीड़ित मनीष गिरी ने चौतरवा थाना में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।

अररिया जिले के मिरजापुर वार्ड नंबर 15 से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है

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जहां रोशन कुमार नामक युवक के साथ मारपीट की घटना हुई है। जानकारी के अनुसार महानंद करोरी निवासी रोशन कुमार के साथ कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इस दौरान न केवल उसके साथ मारपीट की गई बल्कि उसके सहारा में रखे सामान जैसे अटल और चाय के गिलास आदि को भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया।

घटना के बाद पीड़ित रोशन कुमार स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा लेकिन वहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति या लोगों ने यह घटना की है उनका नाम भी अब तक सामने नहीं आ पाया है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में कदम नहीं उठाया गया तो इलाके में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

लोनी में 6 साल पुराना जमीन विवाद फिर भड़का, महिला ने लगाया ठगी और प्रताड़ना का आरोप

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गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से एक बार फिर जमीन विवाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे पिछले 6 वर्षों से लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़िता ने थाना लोनी में शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साल्दा नगर लोनी निवासी प्रार्थीनी गुड़िया अरसद ने बताया कि करीब 6 वर्ष पूर्व उसने दिलदार उर्फ बाबू नामक व्यक्ति को लगभग 50 वर्ग गज का प्लॉट बेचा था। आरोप है कि सौदे के दौरान तय की गई रकम में से करीब 55 हजार रुपये अभी तक नहीं दिए गए हैं। इतना ही नहीं, महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने सोने-चांदी के कुछ आभूषण भी अपने पास रख लिए, जिन्हें वापस नहीं किया जा रहा है।

पीड़िता का कहना है कि जब भी वह अपने पैसे और सामान की मांग करती है, तो आरोपी उसे टाल देता है और बार-बार झूठे आश्वासन देता रहता है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अब आरोपी उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा है और उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। यहां तक कि उसकी बात तक सुनने को तैयार नहीं है।

महिला का आरोप है कि पिछले 6 सालों से वह इस मामले को लेकर भटक रही है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पाया है। अब उसने थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर जमीन सौदों में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई न होने से पीड़ितों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।