जम्मू। बारिश के मौसम में घरों में पानी भरने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अब एक अनोखी तकनीक राहत बनकर सामने आ रही है। शहर के कुंजवानी बायपास क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से मकानों को बिना तोड़े उनकी ऊंचाई बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए उन मकानों को ऊपर उठाया जाता है जो जमीन के स्तर से नीचे बने होते हैं और बरसात में उनमें पानी भरने लगता है। दावा किया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में मकान को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना उसे नई ऊंचाई दी जाती है।
इस काम से जुड़े ठेकेदार एम.डी. अजाम का कहना है कि वह मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और पिछले करीब 15 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार कई पुराने मकान ऐसे होते हैं जो समय के साथ सड़क या आसपास की जमीन ऊंची हो जाने के कारण नीचे हो जाते हैं। ऐसे मकानों में बारिश के दौरान पानी भर जाता है और लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वह मकान को नींव से ऊपर उठाने की विशेष तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।
ठेकेदार का दावा है कि इस प्रक्रिया में मकान के लैन्टर को बिना तोड़े और बिना क्षति पहुंचाए उसे ऊंचा किया जाता है। खास मशीनों और तकनीकी उपायों की मदद से पूरे मकान को सावधानीपूर्वक ऊपर उठाकर नई नींव पर स्थापित किया जाता है। इससे न केवल घर की ऊंचाई बढ़ जाती है, बल्कि बरसात के समय पानी भरने की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलती है।
एम.डी. अजाम के अनुसार इस तकनीक से मकान मालिकों को नए निर्माण की तुलना में काफी कम खर्च करना पड़ता है और समय की भी बचत होती है। उन्होंने बताया कि कई लोग पुराने मकान को तोड़कर दोबारा बनाने के बजाय इसी तकनीक के जरिए अपने घर को सुरक्षित और ऊंचा बनवा रहे हैं। उनका कहना है कि काम को पूरी सावधानी और गारंटी के साथ किया जाता है ताकि मकान की मजबूती पर कोई असर न पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर और आसपास के इलाकों में इस तरह की सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कई पुराने मकान बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में मकान को बिना तोड़े ऊंचा करने की यह तकनीक लोगों के लिए एक व्यावहारिक और किफायती विकल्प बनती जा रही है।
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