Wednesday, July 1, 2026
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10 साल का रिश्ता फिर टूटा! चार साल की मासूम को छोड़ पत्नी जेवर-नकदी लेकर लापता, पति और बुजुर्ग मां ने लगाई पुलिस से गुहार

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पटना। राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र से पति-पत्नी के रिश्ते में दरार और पारिवारिक विवाद का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ए.जी. कॉलोनी निवासी चंदन कुमार ने अपनी पत्नी वर्षा कुमारी के अचानक घर छोड़कर चले जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से उसे खोजने और अपने साथ ले जाए गए जेवरात एवं अन्य सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि पत्नी 10 जून 2026 से लापता है और जाते समय घर में रखे जेवर, मोबाइल फोन, नकदी सहित कीमती सामान भी अपने साथ ले गई।

चंदन कुमार ने शास्त्री नगर थाने में दिए गए आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी पहले भी घर छोड़कर चली गई थी, जिसे पुलिस की मदद से झारखंड के साहेबगंज जिले के झिकटिया गांव से बरामद किया गया था। उनका आरोप है कि इस बार भी पत्नी बिना किसी जानकारी के घर छोड़कर चली गई और उसका मोबाइल नंबर 7061388981 भी बंद आ रहा है। आवेदन में लगभग तीन लाख रुपये से अधिक मूल्य के जेवरात साथ ले जाने की बात भी कही गई है।

पीड़ित चंदन कुमार और उनकी मां गीता देवी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पिछले कई वर्षों से पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण बना हुआ है। उनका आरोप है कि वर्षा कुमारी कुछ महीने घर में रहने के बाद बार-बार जेवर और सामान लेकर चली जाती है। इस बार भी वह अपनी चार वर्षीय बेटी रानी कुमारी को घर पर छोड़कर चली गई, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।

गीता देवी, जो बीपी की मरीज हैं, ने कहा कि वह अपने बेटे को परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीते देखना चाहती हैं। उनका कहना है कि यदि बहू साथ नहीं रहना चाहती तो स्पष्ट रूप से लिखित में इसकी जानकारी दे दे, ताकि उनका बेटा और मासूम बच्ची लगातार मानसिक पीड़ा से बाहर निकल सकें। उन्होंने यह भी दावा किया कि शादी के शुरुआती छह महीने बाद ही बहू ने बेटे को उनसे अलग कर दिया था और तब से वह अलग रहकर अपना जीवन यापन कर रही हैं।

चंदन कुमार का कहना है कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रोजाना करीब आठ घंटे मेहनत करने के बाद घर लौटते हैं। उनके अनुसार, 10 जून को काम से लौटने के बाद पत्नी ने किसी बात को लेकर चार वर्षीय बेटी की पिटाई कर दी। जब उन्होंने बच्ची को मारने से मना किया और समझाने का प्रयास किया, तो कथित रूप से इसी बात से नाराज होकर पत्नी घर छोड़कर चली गई। उनका आरोप है कि जाते समय वह मंगलसूत्र, कान के झुमके, अन्य जेवरात, मोबाइल और नकदी भी अपने साथ ले गई।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार शास्त्री नगर थाने में शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने अपने स्तर पर भी रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन वर्षा कुमारी का कोई सुराग नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि पत्नी साथ नहीं रहना चाहती तो स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दे, लेकिन परिवार के जेवरात और अन्य सामान वापस दिलाया जाए।

परिवार के अनुसार वर्षा कुमारी के माता-पिता का निधन हो चुका है। उनके परिवार में केवल दादी और दो छोटे भाई हैं। चंदन कुमार का कहना है कि उन्होंने यह सोचकर विवाह किया था कि पत्नी को हर संभव सहारा देंगे, लेकिन अब लगातार हो रही घटनाओं से पूरा परिवार परेशान और असहाय महसूस कर रहा है।

चंदन कुमार और उनकी मां गीता देवी ने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। उनका आरोप है कि वर्षा कुमारी पहले भी कई बार घर छोड़कर जेवरात लेकर जा चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पत्नी बिना किसी को सूचना दिए घर छोड़ देती है और तीन बार गर्भपात भी कराया, जिसकी जानकारी न तो पति को दी गई और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य को। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वर्षा कुमारी का पता लगाया जाए तथा कथित रूप से साथ ले जाए गए जेवरात और अन्य सामान की बरामदगी कराई जाए।

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कोर्ट नोटिस के बाद भड़का जमीन विवाद, वायुसेना जवान के घर पर जानलेवा हमला; महिलाओं से मारपीट, लूटपाट और अस्मिता भंग के प्रयास का आरोप, CCTV में कैद हुई वारदात

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कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में जमीन विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद कथित तौर पर आक्रोशित विपक्षी पक्ष ने भारतीय वायु सेना के जवान के घर पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हथियार, लोहे की रॉड, पाइप और लाठी-डंडों से लैस दर्जनों लोग घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए और महिलाओं समेत पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट, लूटपाट, महिलाओं के साथ अभद्रता और अस्मिता भंग करने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।

मामला कटिहार नगर क्षेत्र के बरमसिया वार्ड संख्या-08 स्थित आर.के. गार्डन का है। पीड़िता उषा देवी ने महिला थाना और सहायक थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि उनके पुत्र श्रीनीन कुमार भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं और इन दिनों अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 17 जून की दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच रामअवतार यादव, निलेश यादव, रिकेश यादव, बिकेश यादव, कृष यादव उर्फ भानु प्रताप यादव, बाबूलाल यादव के पुत्र तथा रोहित यादव सहित अन्य लोग कथित रूप से हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर जबरन अंदर घुस गए।

आवेदन के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले भारतीय वायु सेना के जवान श्रीनीन कुमार को निशाना बनाया। आरोप है कि लोहे की रॉड, पाइप और लाठी-डंडों से उनके सिर और शरीर पर लगातार वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित का कहना है कि हमलावर उन्हें जान से मारने की नीयत से हमला कर रहे थे और किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब घर की महिलाएं बीच-बचाव करने पहुंचीं तो हमलावरों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। उषा देवी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, उनकी साड़ी फाड़ दी गई और गले से सोने की चेन तथा हाथ की अंगूठी छीन ली गई। वहीं उनकी पुत्रवधू पूजा कुमारी के साथ भी मारपीट की गई तथा उसकी अस्मिता भंग करने और जबरन ले जाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि पूजा कुमारी के गले से करीब 15 ग्राम की सोने की चेन और हाथों की अंगूठियां भी छीन ली गईं।

घटना के दौरान परिवार की अन्य सदस्य माया देवी और अजय कुमार चौधरी भी हमले में घायल हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के बाद आरोपित लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। परिवार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष के विरुद्ध पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और इसी कारण वे खुलेआम दबंगई कर रहे हैं।

पीड़िता उषा देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में घर में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमला, लूटपाट, महिला की अस्मिता भंग करने के प्रयास, अपहरण के प्रयास, गाली-गलौज, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने परिवार और भारतीय वायु सेना में कार्यरत पुत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि वह एक सैनिक की विधवा मां हैं और न्याय के साथ सुरक्षा भी उनकी सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उधर, पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान और घटना की वास्तविकता सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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मुंबई से गांव पहुंचीं राजवाति बनीं आध्यात्मिक प्रेरणा, नारायण भक्ति के माध्यम से जीवन का संदेश देने में जुटीं

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कन्नौज। जिले के एक थाना क्षेत्र की निवासी राजवति इन दिनों अपनी आध्यात्मिक साधना और भगवान नारायण के प्रति अटूट आस्था को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मूल रूप से कन्नौज की रहने वाली राजवति वर्तमान में मुंबई में निवास करती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से वह भगवान नारायण की भक्ति में पूरी तरह समर्पित हैं। हाल ही में अपनी सास की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वह गांव पहुंची हैं, जहां लोगों के बीच आध्यात्मिक विचारों का प्रचार-प्रसार भी कर रही हैं।

राजवाति का कहना है कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझने का मार्ग भी दिखाती है। उनके अनुसार संसार क्या है, मनुष्य जीवन का महत्व क्या है, भगवान कौन हैं और मनुष्य का परम कर्तव्य क्या होना चाहिए, इन सभी विषयों का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। उनका मानना है कि जब व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान से जुड़ता है, तभी उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

राजवति बताती हैं कि गृहस्थ जीवन को सफल बनाने के लिए पुरुष और महिला दोनों के अपने-अपने कर्तव्य हैं। यदि परिवार का प्रत्येक सदस्य अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करे और जीवन में धर्म, सेवा, प्रेम तथा सदाचार को अपनाए, तो परिवार के साथ-साथ समाज भी सुखी और समृद्ध बन सकता है। उनका कहना है कि आध्यात्मिक जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता है।

उनके अनुसार भगवान की भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने अच्छे कर्म, सेवा भाव और सच्चे आचरण के माध्यम से भी ईश्वर से जुड़ सकता है। राजवति का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करना और समाज में प्रेम, भाईचारा तथा नैतिक मूल्यों का संदेश फैलाना है।

राजवति का कहना है कि आज के समय में भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में लोग मानसिक शांति से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन ही मनुष्य को आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन की सही दिशा प्रदान कर सकता है। वह चाहती हैं कि अधिक से अधिक लोग भक्ति के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं और समाज में सद्भाव तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करें।

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तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे PM मोदी, हुआ भव्य स्वागत; नजर आई ‘कार डिप्लोमेसी’

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पीएम मोदी तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। यहां राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ कार में नेशनल बॉटनिकल गार्डन गए।
विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिन के सरकारी दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। इस दौरान वे राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे। इसके साथ ही वह द्वीपों वाले इस देश के ‘नेशनल डे’ (राष्ट्रीय दिवस) के गोल्डन जुबली समारोह में शामिल होंगे। सेशेल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हर्मिनी और एक हाई-लेवल डेलिगेशन ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। यहां पीएम मोदी को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।

सेशेल्स के राष्ट्रपति ने किया स्वागत
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट कर सेशेल्स पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, “सेशेल्स पहुंच गया हूं। एयरपोर्ट पर डॉ. पैट्रिक हर्मिनी द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत की मैं बहुत सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा, “सेशेल्स हिंद महासागर में एक अहम समुद्री पार्टनर और करीबी दोस्त है। मैं इस दौरे को लेकर उत्साहित हूं, जिसका मकसद हमारे पुराने रिश्तों को और मजबूत करना और दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए सहयोग बढ़ाना है

भारतीय समुदाय ने किया स्वागत
सेशेल्स एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और एक्स पर एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने एक्स पर कहा, “ये सेशेल्स एयरपोर्ट पर हुए शानदार स्वागत की कुछ झलकियां हैं। भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह के लिए उनका शुक्रिया।”
कच्छ के नृत्य की प्रस्तुति
सेशेल्स के विक्टोरिया एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत के लिए कच्छ का नृत्य प्रस्तुत किया गया। पीएम मोदी ने एक्स पर इसकी तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा, “शानदार सांस्कृतिक जुड़ाव! सेशेल्स में एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान कच्छ का नृत्य भी शामिल था। जिस तरह से हमारे प्रवासी समुदाय ने भारत के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति को संजोकर रखा है और उसे मनाया है, वह तारीफ़ के काबिल है।”

राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ कार में तस्वीर
पीएम मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक कार में सफर के दौरान की तस्वीर भी शेयर की। यह तस्वीर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ सेशेल्स के नेशनल बॉटनिकल गार्डन जाते हुए
भारत का अहम पार्टनर है सेशेल्स
नई दिल्ली से रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि सेशेल्स एक अहम समुद्री पड़ोसी और “विजन महासागर” में एक मुख्य पार्टनर है। जिसका मतलब है ‘क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति’ और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की साझा प्रतिबद्धता का हिस्सा है। राष्ट्रपति हर्मिनी के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री ‘नेशनल डे’ समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के तौर पर शामिल होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि वे दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के मकसद से होने वाली द्विपक्षीय बातचीत को लेकर उत्साहित हैं।

सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, “हम मिलकर अपने लोगों की तरक्की के लिए काम करेंगे और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देंगे।” दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो जहाज हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ी खबर, चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि हुई, ट्रस्ट का भी सामने आ गया बयान

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राम मंदिर पर चढ़ावा चोरी का मामला देशभर में सुर्खियों में है। ऐसे में चंपत राय ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया है, जिसकी आज पुष्टि भी हो गई है।
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रस्ट से चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि हो गई है। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने ट्रस्ट से चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि की है। बता दें कि ये खबर तो पहले भी आई थी कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन अब इस खबर की आधिकारिक पुष्टि भी हो गई है।

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से बयान जारी
इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट का भी बयान सामने आया है। ट्रस्ट ने बताया है कि चंपत राय का इस्तीफा प्राप्त हुआ है। अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा सौंपा है।

ट्रस्ट की ओर से कोषाध्यक्ष, स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने लेटर जारी कर बताया, “श्रीराम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों से सुनी हुई घटनाओं से हम स्तब्ध, आहत एवं अत्यंत दुखी हैं। समस्त रामभक्तों एवं रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में यहां सेवा करनेवाले हम इसकी न्यायपूर्ण जांच एवं रामभक्तों को आश्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा से त्यागपत्र प्राप्त हुआ है। न्यास अपनी आगामी बैठक में इसका विचार करेगा।”

ट्रस्ट ने कहा, “न्यास उन श्रद्धालु भक्तों को आश्वस्त करता है जिन्होंने चांदी की इंटें, आभूषण आदि प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण हेतु न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिश: सौंपी हैं, वे वस्तुएं सुरक्षित हिसाब सहित उपलब्ध हैं।”
ट्रस्ट ने कहा, “मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि की घटना के संबंध में न्यास के निवेदन पर उ.प्र.शासन द्वारा गठित S.I.T. से प्राप्त अंतरिम प्रतिवेदन के आधार पर न्यास ने F.I.R. की प्रविष्टि की है और उसपर वैधानिक कार्यवाही जारी है।”

ट्रस्ट ने कहा, “हम सभी को विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने ऐसा सुनिश्चित करेंगे। अपराधियों को वैधानिक यथायोग्य कड़ा दण्ड मिले, इसके आग्रही रहेंगे। असामाजिक, अधार्मिक, स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर, लांछन लगाने के प्रयास सफल नहीं होने देंगे। कृपया प्रसारित भ्रामक एवं निराधार अफवाहों से स्वयं बचें तथा अन्य लोगों को भी इसका शिकार न होने दें। हमें विश्वास है कि ये बादल छटेंगे, अंधेरा हटेगा, सत्य-सूर्य का प्रकाश होगा तथा श्रीरामभक्ति की प्रबल धारा अखंड बहती रहेगी। जय श्रीराम !”

11 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अगली बैठक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा का इस्तीफा सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य उडुपी पीठाधीश्वर विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि 11 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक होगी। प्रत्येक 3 महीने में बैठक होती है। बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा और जांच की जाएगी। जिन लोगों ने अपराध किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

11 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव तय होता सकता है और डॉक्टर अनिल मिश्रा की जगह पर कोई अन्य सदस्य लाया जा सकता है। 11 जुलाई को होने वाली बैठक बेहद अहम होगी। 11 जुलाई की बैठक में राम मंदिर परिसर में सीईओ की भी नियुक्ति हो सकती है।

विदेश में नौकरी का सुनहरा सपना बना 70 हजार की ठगी का जाल! मोहाली की कंसल्टेंसी पर युवक ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप, डीजीपी से लगाई न्याय की गुहार

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पुणे/मोहाली। विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर हजारों रुपये की कथित ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी संदीप नंदकुमार यादव ने पंजाब के मोहाली स्थित क्राउन रूट कंसल्टेंसी पर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये लेने, लंबे समय तक गुमराह करने और बाद में रकम लौटाने से इनकार करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय में दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और पूरी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

पीड़ित संदीप नंदकुमार यादव के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को उनकी फेसबुक के माध्यम से क्राउन रूट कंसल्टेंसी की कर्मचारी रिया ठाकुर से बातचीत हुई। रिया ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, कुवैत और अजरबैजान जैसे देशों में आकर्षक वेतन वाली नौकरी का भरोसा दिलाया। आरोप है कि कंपनी ने वीजा, हवाई टिकट और आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करते हुए उनसे पासपोर्ट, अनुभव प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज मांगे, जिन्हें उन्होंने उपलब्ध करा दिया।

इसके बाद कंपनी की ओर से मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। संदीप का कहना है कि उन्हें मुंबई के केके डायग्नोस्टिक सेंटर में मेडिकल जांच करानी पड़ी, जिस पर करीब 7 हजार रुपये खर्च हुए। मेडिकल रिपोर्ट क्लियर होने के बाद उन्हें अजरबैजान में रिटेल मैनेजर पद पर चयनित होने की जानकारी दी गई और 7 जनवरी 2026 को 70 हजार रुपये लेकर चंडीगढ़ स्थित कार्यालय पहुंचने के लिए लगातार फोन और संदेश किए गए।

पीड़ित का आरोप है कि वह अपने ससुर के साथ मोहाली स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे, जहां कर्मचारी रिया ठाकुर ने उनकी मुलाकात मैनेजर तुषार से कराई। वहां 70 हजार रुपये जमा कराने के बाद एक स्टांप पेपर पर समझौता कराया गया। आरोप है कि कंपनी ने 15 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने, पहले अल्पकालिक वीजा और बाद में दो वर्ष का टीआरसी (टेम्पररी रेजिडेंस परमिट) दिलाने का आश्वासन दिया। इन वादों पर भरोसा कर वह वापस पुणे लौट आए।

संदीप का कहना है कि इसके बाद कंपनी से संपर्क करना बेहद मुश्किल हो गया। कई-कई बार फोन करने पर भी कॉल नहीं उठाए जाते थे और यदि कभी बात होती तो केवल “काम हो जाएगा” कहकर टाल दिया जाता। बाद में उनकी बातचीत कंपनी के कथित हेड हैरी से कराई गई, जिन्होंने भी लगातार इंतजार करने की बात कही। महीनों बीत जाने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई। केवल एक नियुक्ति पत्र भेजकर मामला टालने का प्रयास किया गया।

जब पीड़ित ने अपना पैसा वापस मांगा तो, उनके अनुसार, मैनेजर तुषार ने 70 हजार रुपये में से केवल 18 हजार रुपये लौटाने की बात कही। विरोध करने पर अधिकतम 20 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया। पीड़ित का कहना है कि जब कोई सेवा उपलब्ध ही नहीं कराई गई तो इतनी बड़ी राशि काटने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद उनके ससुर ने मोहाली जाकर कंपनी से मुलाकात की, लेकिन समाधान नहीं निकला।

पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर उन्हें लगातार भ्रमित किया, आर्थिक नुकसान पहुंचाया और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। उनका कहना है कि मेडिकल जांच, यात्रा और अन्य खर्च मिलाकर उनका कुल नुकसान लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जमा कराई गई पूरी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

दूसरी ओर, उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच एक लिखित अनुबंध भी हुआ था, जिसमें वीजा प्रक्रिया, सेवा शर्तों और रिफंड से संबंधित विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख है। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने अनुबंध में किए गए वादों का पालन नहीं किया। फिलहाल मामले में कंपनी की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।

ICU में जिंदगी और संपत्ति पर सियासत! बीमार मां के इलाज के लिए मदद मांगने पहुंचीं बेटियों को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

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ग्राम रामगांव थाना चोलापुर जिला वाराणसी से एक बेहद मार्मिक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक ओर मां अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी ओर बेटियों ने अपने ही रिश्तेदारों पर पैतृक संपत्ति हड़पने, आर्थिक मदद से इनकार करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित बहनों ने पूरे मामले में पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

पीड़िता बीमा सिंह, श्वेता सिंह और शिल्या सिंह का कहना है कि उनकी मां राधा देवी, निवासी रामगाव, गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज एक निजी अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। परिवार के अनुसार, उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया है। ऐसे कठिन समय में इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करना भी बेहद मुश्किल हो गया है।

पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके चाचा राकेश राय ने परिवार की पूरी पैतृक संपत्ति अपने कब्जे में ले रखी है। उनका कहना है कि पहले चाचा ने आश्वासन दिया था कि वह परिवार का खर्च और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाएंगे, लेकिन जब मां के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वे उनके घर पहुंचे तो वहां स्थिति पूरी तरह बदल गई।

बहनों का आरोप है कि चाचा के बेटे सौरभ राय ने न केवल उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िताओं का कहना है कि आरोपी ने यह तक कह दिया कि “तुम लोगों को कुछ नहीं मिलेगा, जहां जाना है जाओ, पुलिस भी मेरी जेब में है।” इस कथित धमकी के बाद पूरा परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पीड़ित बहनों ने थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला और इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी तो उनकी मां की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। परिवार का कहना है कि वे लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कहीं भी उनकी प्रभावी सुनवाई नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस को शिकायत सौंप दी गई है। मामले में अभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

‘लॉक अप 2’ में एंट्री से पहले कैसी थीं आकांक्षा चौधरी की दिमागी हालत? बयां किया दर्द, बोलीं- बहुत मुश्किल दौर रहा

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‘लॉक अप 2’ में योगेश रावत के साथ एंट्री करने से पहले आकांक्षा चौधरी की दिमागी हालत कैसी थी? इस बारे में खुलकर बात करते हुए आकांक्षा ने अपने दिल का हाल बंया किया।
मॉडल-इन्फ्लुएंसर आकांक्षा चौधरी ‘स्प्लिट्सविला 16’ में अपने विवादित सफर के बाद लोगों की पसंदीदा बन गईं। भले ही वह शो का खिताब नहीं जीत पाईं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग बना ली। अब वह ‘लॉक अप: सच या सजा’ के साथ रियलिटी शो की दुनिया में वापसी करने के लिए तैयार हैं। अपने पिछले शो के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों के बारे में बात करते हुए, आकांक्षा ने आने वाले टीवी शो में अपना ‘3.0 वर्शन’ दिखाने का वादा भी किया है। आकांक्षा चौधरी ने इस दौरान अपनी दिमागी हालत के बारे में खुलकर बात की और अपना दर्द बंया किया।

‘मुझे लगता है कि मेरे पिछले रियलिटी शो में कई ऐसे आरोप थे, जो साफ नहीं हो पाए थे। मेरे फैंस जवाब का इंतजार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि लॉक अप: सच या सजा मुझे ऐसा करने का मौका देगा। इन आरोपों ने मेरी मानसिक सेहत पर असर डाला है।’

लॉक अप 2 में कैसा होगा आकांक्षा चौधरी का गेम
अपने पिछले रियलिटी टीवी शो के उलट, जहां उन्होंने अपनी चालों के बारे में बहुत ज्यादा सोचा-समझा था। अब आकांक्षा इस बार ‘लॉक अप’ के बैरक में बिल्कुल अलग सोच के साथ जा रही हैं। उन्होंने जान-बूझकर कोई भी रणनीति न बनाने का फैसला किया है ताकि वो अपना गेम अच्छे से खेल सकें। इस बारे में आकांक्षा चौधरी ने कहा:

‘मेरे पिछले शो ने मुझे सिखाया कि बहुत ज्यादा तैयारी नहीं करनी चाहिए। मैं इस शो में आकांक्षा 3.0 को दिखाऊंगी। मुझे पता है कि यहां बहुत हंगामा होगा, लेकिन मुझे मजा भी आएगा। हर कोई रणनीति बनाने की सलाह दे रहा है, लेकिन मैं बिना किसी पहले से बनी सोच के जाना चाहती हूं। इस बार मैं सिर्फ जीतने और वापस आने के लिए जा रही हूं।’

योगेश रावत और आकांक्षा चौधरी में फिर होगी टक्कर
‘स्प्लिट्सविला 16’ के बाद अब आकांक्षा चौधरी और योगेश रावत ‘लॉक अप 2’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आने वाले हैं, जब दो एक्स-कनेक्शन छह हफ्ते तक एक ही छत के नीचे रहेंगे तो दर्शकों को भरपूर ड्रामा और इमोशनल उथल-पुथल देखने को मिलेगा। बता दें कि फराह खान और रितेश देशमुख द्वारा होस्ट किया गया शो ‘लॉक अप: सच या सजा’ 27 जून 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा।

मंदिर, रेलवे स्टेशन को निशाना बना सकते हैं खालिस्तानी आतंकी, खुफिया विभाग ने जारी किया अलर्ट

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सूत्रों के अनुसार आतंकी उत्तराखंड और दिल्ली के मंदिरों को टारगेट कर सकते हैं। वह सरकारी संस्थान, रेलवे स्टेशन और पुलिस को भी निशाना बना सकते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियां और दिल्ली पुलिस अलर्ट पर हैं।
खुफिया विभाग ने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के अनुसार आतंकी उत्तराखंड और दिल्ली के मंदिरों को टारगेट कर सकते हैं। अर्लट के मुताबिक, आने वाले दिनों में खालिस्तानी आतंकी बड़ा हमला कर सकते हैं। वह सरकारी संस्थान, रेलवे स्टेशन और पुलिस को भी टारगेट कर सकते हैं। एक ईमेल के मिलने के बाद से उत्तराखंड पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियां और दिल्ली पुलिस अलर्ट पर हैं।

ईमेल में कई मन्दिरों के नाम, कई ऑफिस और पॉलिटिकल नेताओं को टारगेट के बारे में भी लिखा है। दिल्ली पुलिस भी अब इस ईमेल की जांच में जुटी है। अलर्ट मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस, खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तेज कर दी है।

पहले भी मिल चुके हैं कई धमकी भरे मेल
दिल्ली के कई सार्वजनिक संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल मिलते रहे हैं। अधिकतर मौकों पर ऐसे ई-मेल फर्जी पाए जाते हैं। इन ईमेल में स्कूल के अंदर बम होने की धमकी दी जाती है या फ्लाइट में बम होने की बात कही जाती है। हालांकि, आतंकी हमले की धमकी से जुड़े मेल कम होते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस ईमेल को गंभीरता से ले रही हैं और पूरी सतर्कता बरत रही हैं।

राजस्थान में पकड़ी गई थी पाकिस्तानी आतंकियों से जुड़ी महिला
राजस्थान में कुछ समय पहले एक महिला को आतंकवाद विरोधी दस्ते ने पकड़ा था। इस महिला पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप हैं। महिला गंगापुर शहर की मूल निवासी है और जयपुर में रह रही थी। उसे खुफिया जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया गया था, जिसमें उसके राष्ट्रविरोधी तत्वों से संबंध होने का संकेत मिला था। मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने पाया कि वह दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल कर रही थी जिसमें आपत्तिजनक सामग्री के साथ-साथ विदेशी प्रोफाइल के लिंक भी थे।

पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थी महिला
अधिकारियों ने बताया कि उसकी फ्रेंड लिस्ट में कई प्रोफाइल पर झंडे, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य चरमपंथी संगठनों से संबंधित प्रचार सामग्री और सशस्त्र आतंकवादियों से मिलती-जुलती तस्वीरें प्रदर्शित थीं। जांच में यह भी पता चला कि वह व्हाट्सएप के जरिए कई पाकिस्तानी और अन्य विदेशी नंबरों के संपर्क में थी। सूत्रों के अनुसार, उसकी संपर्क सूची में मिले कुछ पाकिस्तानी नंबरों का आतंकी संगठनों से संबंध होने का संदेह है।

HDFC Bank के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की नैतिक चिंताओं का नहीं मिला सबूत, 3 महीने तक चली कानूनी समीक्षा

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अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए 17 मार्च, 2026 को देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था।
प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि दो बाहरी लॉ कंपनियों की एक स्वतंत्र कानूनी समीक्षा में पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती द्वारा जताई गई चिंताओं को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। बताते चलें कि एचडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद सार्वजनिक बयानों में बैंक के कामकाज को लेकर कई तरह की चिंताएं जतायी थीं। बैंक ने कहा कि 24 मार्च को घोषित इस समीक्षा में ये जांच की गई कि क्या चक्रवर्ती ने जो चिंता जतायी उसका कोई सबूत है। इस बात का पता लगाया गया कि क्या उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कोई असहमति दर्ज कराई थी और क्या ऐसी किसी असहमति का समाधान किया गया था।

अतनु ने इसी साल मार्च में दिया था इस्तीफा
अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए 17 मार्च, 2026 को देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। ये पहली बार था जब एचडीएफसी बैंक के किसी पार्ट-टाइम चेयरमैन ने बीच में ही पद छोड़ दिया, जिससे बैंक के कामकाज पर चिंताएं उत्पन्न हुईं। चक्रवर्ती ने 17 मार्च के अपने इस्तीफे में कहा, ”मैंने पिछले दो सालों में बैंक के भीतर कुछ घटनाएं और जो तौर-तरीकों को देखा है, वो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस्तीफा देने के फैसले का आधार है।”

एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार के साथ साझा की कानूनी समीक्षा से जुड़ी जानकारियां
एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि ये समीक्षा विल्सन सोनसिनी गुडरिच एंड रोसाटी, पीसी और वाडिया गांधी एंड कंपनी ने तीन महीने में की है। इसमें कहा गया है कि लॉ कंपनियों ने चक्रवर्ती के इस्तीफे से पहले के दो सालों में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कमेटी की बैठकों के ब्योरे और एजेंडा पत्रों की समीक्षा की, हजारों दस्तावेजों की जांच की और समितियों के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स समेत स्वतंत्र निदेशकों से पूछताछ की। लॉ कंपनियों ने चक्रवर्ती से समीक्षा में भाग लेने के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन उनका इंटरव्यू नहीं हो सका।

3 महीने की समीक्षा के बाद नहीं मिला अतनु के बयानों का समर्थन करने वाले सबूत
इसमें कहा गया है, ”व्यापक कानूनी समीक्षा पूरी करने के बाद, लॉ कंपनियों ने पाया कि चक्रवर्ती के बयान और उनके निहितार्थ रिकॉर्ड और गवाहों के इंटरव्यू से साबित नहीं हुए।” समीक्षा में पाया गया कि चक्रवर्ती ने जिन निदेशक मंडल की बैठकों में भाग लिया उनके ब्योरों को व्यापक रूप से लिखा और उसकी समीक्षा के साथ अनुमोदन प्रक्रिया का पालन किया जाता था। इससे उन्हें कोई भी असहमति या चिंता दर्ज करने का अवसर मिलता था। बैंक ने कहा कि उसे निदेशक मंडल या उसकी समितियों के रिकॉर्ड, मीटिंग के कागजात या बातचीत में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो उनके बयान में उठाए गए मुद्दों का समर्थन करता हो।