Wednesday, July 1, 2026
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कानपुर में गैंगस्टर अजय ठाकुर की रिहाई बनी चर्चा, छूटते ही सेलिब्रिटी की तरह फैंस का किया शुक्रिया

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कानपुर में गैंगस्टर अजय ठाकुर की गिरफ्तारी और​ फिर रिहाई चर्चा का विषय बन गई है। अजय ने बाहर आते ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली, जो कुछ वक्त में वायरल हो गई।
महंत पर हमले के चर्चित मामले में करीब दो महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाला गैंगस्टर अजय ठाकुर गिरफ्तार तो हुआ, लेकिन उसकी गिरफ्तारी ज्यादा देर तक प्रभावी नहीं रह सकी। कानपुर की रावतपुर थाने की पुलिस ने शनिवार को अजय ठाकुर को गिरफ्तार किया, जबकि अगले ही दिन रविवार सुबह वह जमानत पर रिहा हो गया। पुलिस की ओर से शांतिभंग की धाराओं में की गई कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट से तत्काल राहत मिल गई। इसके बाद बाहर आते ही अजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक और रील डाली, जिसमें उसने अपने फैन्स के आभार जताया। देखते ही देखते ये रील भी वायरल हो गई और इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्रवाई और उसकी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस की किरकिरी भी हो रही है।
ये था पूरा मामला
मामला कानपुर के केशवपुरम स्थित त्रिलोकीधाम आश्रम से जुड़ा है। आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने 29 अप्रैल को रावतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बर्रा क्षेत्र का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अजय ठाकुर अपनी महिला मित्र से मिलने अक्सर आश्रम के पास आता था। जब महंत ने इसका विरोध किया तो अजय ठाकुर अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचा और कथित रूप से उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।

अजय ठाकुर, उसकी महिला दोस्त और मां समेत 7 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में पुलिस ने अजय ठाकुर, उसकी महिला मित्र, उसकी मां, ईशू यादव समेत सात लोगों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट, चोट पहुंचाने और धमकी देने जैसी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद पुलिस ने अजय ठाकुर की भाजपा का झंडा लगी थार एसयूवी सहित चार दोपहिया वाहन भी जब्त किए थे। इस दौरान पुलिस के द्वारा मामले में सह-आरोपी ईशू यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, जबकि अजय ठाकुर लगातार फरार चल रहा था।

फरारी के दौरान पुलिस की नाक के नीचे डालता रहा रील
फरारी के दौरान भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहा। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक कई वीडियो और रील पोस्ट कीं, जिनमें वह लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता, बड़े चौराहे स्थित जेड स्क्वायर मॉल के बाहर कार के बोनट और छत पर खड़े होकर स्टंट करता और सिगरेट पीते हुए नजर आया। इन वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर उसकी गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया था।

12 घंटे भी नहीं भुगती सजा, बाहर आया फिर डाली रील
आखिरकार शनिवार को रावतपुर पुलिस ने रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई सेंटर के पास से अजय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई और वह करीब 12 घंटे के भीतर ही रिहा हो गया। बाहर आते ही अजय ठाकुर के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक और रील वायरल हुई लिखा था बॉस इज बैक।

पुलिस अब कर रही लीपापोती
अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। एक ओर पुलिस फरार गैंगस्टर को पकड़ने को बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद आरोपी के बाहर आने से कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महंत पर हमले से जुड़े मूल मुकदमे की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

9 साल के तैमूर ने धर्म को लेकर कही दिल जीत लेने वाली बात, बच्चों की परवरिश पर बोले सैफ अली खान- भगवान एक हैं

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‘भगवान एक है और उसके कई नाम हैं’, ये बात सैफ अली खान अपने दोनों बच्चों तैमूर और जहांगीर को सिखाते हैं। हाल ही में एक्टर ने धर्म और आध्यात्मिकता पर बात की और बताया कि वो इस मामले में अपने बच्चों की परवरिश कैसे कर रहे हैं।
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर के दोनों बच्चे अक्सर सुर्खियों में बन रहते हैं। दोनों अपने बेटों तैमूर और जहांगीर की परवरिश को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। दोनों ही सितारे अपने बच्चों को लेकर खुलकर बात करते हैं, फिर चाहे वो उनकी परवरिश से जुड़ी हो या उनकी लाइकिंग से, हाल ही में सैफ ने बताया कि वो अपने बच्चों को समावेशी नजरिए से कैसे जोड़ रहे हैं। इस बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि धर्म और आस्था के उनके और बच्चों के लिए क्या मायने हैं। सैफ ने कहा कि वे अपने बच्चों को हमेशा यही सिखाते हैं कि ईश्वर एक ही है, बस उसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है।
धर्म और अध्यात्म पर सैफ अली खान की बेबाक बातचीत
लंदन में आयोजित ‘वी वीमेन्स’ इवेंट के दौरान सैफ अली खान ने अपने बेटों तैमूर और जेह के साथ धर्म को लेकर होने वाली बातचीत पर खुलकर चर्चा की। सैफ ने कहा, ‘यह एक ऐसा विषय है जिस पर मुझे अपने बच्चों से बात करना बेहद पसंद है। मैं खुद बहुत ज्यादा धार्मिक इंसान नहीं हूं। मेरी मां शर्मिला टैगोर ने मुझे जो सिखाया, वही मैंने अपने बच्चों को सिखाया है कि भगवान एक है और उसके कई नाम हैं। यह बहुत सीधी सी बात है। आप अलग-अलग जगहों पर जाकर उसकी इबादत या पूजा करते हैं। अगर आपका धर्म आपको दूसरे इंसानों के प्रति प्यार और माफी की सीख देता है तो बस यही धर्म है।’

सैफ को बचपन में मिला कैसा माहौल
सैफ ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि वे क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ते थे तो इसाई धर्म के माहौल में पले-बढ़े हैं। उन्होंने चर्च में काफी समय बिताया है और ऐसे स्कूलों में पढ़ाई की है जहां दिन की शुरुआत चैपल से होती थी। उन्होंने कहा कि उनके घर में बच्चे एक धर्म की प्रार्थना करने के बाद दूसरे धर्मों की प्रार्थनाएं भी दोहराते हैं। उनके यहां जितनी धूमधाम से दिवाली मनाई जाती है, उतने ही चाव से क्रिसमस का त्योहार भी सेलिब्रेट किया जाता है।

9 साल के बेटे तैमूर के जवाब ने सैफ को किया हैरान
बातचीत के दौरान सैफ ने अपने बड़े बेटे तैमूर के साथ हुई हालिया बातचीत का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। सैफ ने बताया कि उन्होंने तैमूर से पूछा था कि धर्म और कार्यप्रणाली में क्या अंतर होता है? 9 साल के तैमूर ने इसका ऐसा जवाब दिया, जिसने सैफ को काफी प्रभावित किया। तैमूर ने कहा, ‘धर्म में हम प्रार्थना करते हैं, लेकिन कार्यप्रणाली में हम प्रार्थना नहीं करते।’ सैफ ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह एक बेहद समझदारी भरा जवाब था। उन्होंने आगे कहा, ‘हम घर में लगातार इन विषयों पर चर्चा करते रहते हैं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मेरी परवरिश एक खुले माहौल में हुई। मेरी मां इन चीजों को लेकर बेहद उदार थीं और मेरी पत्नी करीना की सोच भी बिल्कुल ऐसी ही है। हमारा नजरिया धार्मिक होने से ज्यादा आध्यात्मिक है।’
सैफ के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
वर्कफ्रंट की बात करें तो सैफ अली खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘हम हिंदुस्तानी’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। राहुल ढोलकिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्रतीक गांधी, दीपक डोबरियाल, मीमी चक्रवर्ती, सारिका और श्रद्धा डांगर जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म इसी साल नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। इसके अलावा सैफ के पास प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ भी है, जिसमें वे अक्षय कुमार और सैयामी खेर के साथ नजर आएंगे। सैफ को आखिरी बार नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म ‘कर्तव्य’ में देखा गया था। इसके अलावा वो ‘देवरा 2’ में भी नजर आएंगे।

थम गए अमेरिका और ईरान के बीच हमले, इस हफ्ते दोहा में होगी उच्च स्तरीय बैठक; क्या बचेगी पीस डील?

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना बना मुख्य विवाद

इस पूरे समझौते में सबसे बड़ा गतिरोध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मार्ग को लेकर है। शुरुआती सहमति के तहत, ईरान ने इस व्यापारिक जलमार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का वादा किया था। इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने पर सहमत हुआ था। पिछले हफ्ते स्विट्जरलैंड में हुई बैठक में अमेरिकी सेना और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच एक सीधी सैन्य ‘हॉटलाइन’ बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो सकी। इस बीच, ईरान ने मांग की कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाज सीधे ईरानी अधिकारियों से समन्वय करें, जिसे अमेरिका ने मूल समझौते का उल्लंघन माना।

युद्ध की कगार पर पहुंचे दोनों देश

इस युद्धविराम से पहले दोनों देशों के बीच भारी सैन्य टकराव देखने को मिला। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के मिसाइल, ड्रोन बुनियादी ढांचे और तटीय रडार केंद्रों पर बमबारी की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान को मौका दिया गया था, लेकिन उसने समझौता तोड़ा।

इसके जवाब में ईरान की IRGC ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। कुवैत ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि बहरीन में मामूली नुकसान की खबर है। हालांकि, किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी

तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा, “एक ऐसा समय आ सकता है जब हम अब समझदारी दिखाने की स्थिति में नहीं होंगे और सैन्य रूप से उस काम को पूरा करने के लिए मजबूर होंगे जो हमने बेहद सफलतापूर्वक शुरू किया था। अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का इस्लामी गणराज्य अस्तित्व में नहीं रहेगा!”

लेबनान और गाजा के हालातों ने बढ़ाई मुश्किल

क्षेत्रीय राजनीति ने भी इस समझौते को जटिल बना दिया है। इजरायल ने संघर्ष विराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तर्क दिया कि अमेरिका-ईरान समझौते के तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई रुकनी चाहिए थी। उन्होंने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, गाजा में भी सैन्य अभियान जारी रहने से तनाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा?

दोहा में होने वाली इस आपातकालीन बैठक का मुख्य उद्देश्य स्विट्जरलैंड के एजेंडे (परमाणु कार्यक्रम) से हटकर, सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के विवाद को सुलझाना है। अमेरिकी तकनीकी टीम का नेतृत्व निक स्टीवर्ट करेंगे। यह बैठक तय करेगी कि यह शांति समझौता टिक पाएगा या दोनों देश फिर से युद्ध के मुहाने पर खड़े होंगे। फिलहाल, दोनों पक्षों ने कूटनीति को एक और मौका दिया है।

SIR को लेकर परेशान मुजीब ने लगाई फांसी, कागजात बनवाने में खर्च कर दिए थे 1 लाख, दो बेटों को लेकर थी चिंता

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जब मुजीब के बेटे ने उन्हें कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया, उन्हें नीचे उतारा और होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मुजीब दम तोड़ चुके थे।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से खुदकुशी का एक चौंकाने वाला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर परेशान मुजीब ने कथित तौर पर अपने घर की छत से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके बेटे ने उन्हें फंदे से लटका हुआ पाया, नीचे उतारा और उन्हें होश में लाने की कोशिश की। हालांकि, मुजीब की मौत हो चुकी थी।

मुजीब के रिश्तेदार मोहम्मद इमाम ने बताया कि मुजीब SIR को लेकर परेशान थे, क्योंकि उनके पास 2002 की वोटर लिस्ट में अपने नाम को किसी रिश्तेदार के नाम से जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं थे।
मोहम्मद इमाम ने कहा, “मेरे चाचा ने पासपोर्ट, इनकम सर्टिफिकेट, रेजिडेंस सर्टिफिकेट और दूसरे रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हासिल करने में 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे। वह अपने दो बेटों के भविष्य को लेकर डिप्रेशन में चले गए थे, क्योंकि वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।”
शिकायत के आधार पर बोराबंदा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बोराबंदा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर वाई कशैया ने कहा, “परिवार वालों ने हमें बताया कि मुजीब डिप्रेशन में चले गए थे। हम मामले की जांच कर रहे हैं।”

NEET परीक्षा को लेकर छात्रा ने किया सुसाइड
एक अन्य खबर में, बीते दिनों हैदराबाद में NEET की एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के एक अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि 19 वर्षीय लड़की मियापुर के एक अपार्टमेंट में अपनी बहनों के साथ रह रही थी और 20 जून को उसने कथित तौर पर फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली।

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा ने नोट में लिखा है कि “उसकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है।” पुलिस को शुरुआती जांच में अंदेशा है कि रविवार को होने वाली नीट की पुनर्परीक्षा को लेकर छात्रा अत्यधिक मानसिक तनाव और दबाव में थी। इसी दबाव को सहन न कर पाने के कारण उसने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

असम में भारी बारिश से तबाही, पुल तक टूट गया, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, अमित शाह ने सीएम हिमंता को मदद का भरोसा दिया

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हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि अमित शाह ने उनके साथ बातचीत की और बाढ़ से निपटने में हर संभव मदद का भरोसा दिया। असम के धेमाजी में जलजमाव के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
असम में भारी बारिश के कारण धेमाजी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां उफान पर हैं और भारी कटाव से एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। इस वजह से कई इलाकों में रेल कनेक्टिविटी खत्म हो चुकी है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव मदद करने की बात कही। हिमंता ने बाढ़ की कई तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिनमें कटाव से क्षतिग्रस्त रेलवे पुल भी नजर आ रहा है।

हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं माननीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन कॉल करने और धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैंने उन्हें यहां चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास के उपायों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने हमें इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिया है।”

धेमाजी में बाढ़ की स्थिति पर सरकार की नजर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए सभी संसाधन जुटा रही है। इस बीच, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने बताया कि भारी कटाव से एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके कारण आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल परिचालन अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।
राहत के संसाधन जुटा रही सरकार
हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से मैं लगातार हालात पर नजर रखे हुए हूं। इस आपदा से लोगों के जीवन पर पड़े असर से हमें गहरा दुख है और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित सभी परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधन जुटा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को धेमाजी में रहकर पूरे राहत कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ”हम बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

परिवार का आरोप, पांच दिन से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकी, पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के गंभीर आरोप

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गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के कुछ लोग लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि मामला पुलिस तक पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है।

पीड़ित परिवार की महिला सुनीता देवी ने बताया कि उनके परिवार और गांव के कुछ लोगों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। उनके अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विवाद फिर से बढ़ गया है। आरोप है कि बाबलू, दिलीप, जितेंद्र, छोटे लाल, आरती देवी तथा उनके परिवार के अन्य सदस्य एकजुट होकर उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।

परिवार का आरोप है कि घटना के दौरान उनके पिता ट्रैक्टर से बालू लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपितों ने उन्हें घेरने और हमला करने का प्रयास किया। जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा। आरोप है कि आरोपितों ने ईंट और पत्थर लेकर हमला करने की कोशिश की तथा लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस को फोन कर सूचना दी। उनका आरोप है कि पुलिस को बार-बार कॉल करने के बावजूद मौके पर समय से कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं होगी तब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सुनीता देवी का आरोप है कि आरोपित खुलेआम यह धमकी देते हैं कि यदि परिवार का कोई सदस्य सुनसान जगह पर मिल गया तो उसकी हत्या कर देंगे। इतना ही नहीं, परिवार की बेटियों के साथ भी अभद्र व्यवहार करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित पक्ष छोटे-छोटे बच्चों को भी उकसाकर रास्ते में ईंट-पत्थर फिंकवाने की कोशिश करता है ताकि परिवार के लोगों पर हमला किया जा सके। साथ ही अपने रिश्तेदारों को बुलाकर दबाव बनाने और विवाद बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्हें हर समय किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता है। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने, निष्पक्ष जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। यदि पुलिस या दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

बेवजह फंसाने का आरोप, फोन पर गिरफ्तारी की धमकी से दहशत में युवक, पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस कार्रवाई और आपसी विवाद दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमरोहा जिले के डिडौली थाना क्षेत्र के ग्राम असरफपुर फैजगंज निवासी एक युवक का कहना है कि उसे एक शिकायत के आधार पर बेवजह फंसाया जा रहा है। युवक का आरोप है कि पुलिस की ओर से लगातार फोन कर उसे जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि उसका दावा है कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

जानकारी के अनुसार असमोली थाने में शाने आलम पुत्र अख्तर की ओर से एक लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सलामुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन निवासी ग्राम चंदवार की मंडैया ने पहले भी कई बार गाली-गलौज और मारपीट की है। आरोप है कि 25 जून 2026 की शाम करीब चार बजे फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मोबाइल पर अश्लील फोटो और आपत्तिजनक रिकॉर्डिंग भेजी गई तथा इस पूरे मामले में गुलेहसन और जाहिद के भी शामिल होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने अपनी जान-माल के खतरे का हवाला देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसका कहना है कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसका दावा है कि उसने किसी को न तो धमकी दी है और न ही कोई आपत्तिजनक सामग्री भेजी है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से लगातार फोन आ रहे हैं और कहा जा रहा है कि उसके हाथ में चोट या कट का निशान है, इसलिए उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। युवक का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के उसे आरोपी मान लिया गया है, जिससे वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में हैं।
इस पर गुलेहसन भी शामिल है
गुल हसन इनके मामा ससुर हैं जो इनको धमकाते रहते हैं और लड़ाई झगड़ा करते हैं और इसी वजह को लेकर धमकियां भी मिलती रहती है

मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है क्योंकि एक पक्ष गंभीर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है या नहीं। पुलिस की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यदि युवक के आरोप सही हैं तो यह एक निर्दोष व्यक्ति को परेशान किए जाने का मामला हो सकता है, वहीं यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर आपराधिक मामला बन सकता है। ऐसे में निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर जांच ही पूरे विवाद की सच्चाई सामने ला सकती है।

धौलपुर के युवक ने युवती पर लगाया जिंदगी बर्बाद करने का आरोप, न्याय की गुहार

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धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले के रहने वाले रामकुमार कसाना ने एक युवती पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके कारण उनकी निजी जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। रामकुमार का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं तथा उन्हें न्याय की उम्मीद है।

रामकुमार के अनुसार, जिस युवती के साथ उनका संबंध था, उसके कारण उनके पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। उनका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बात अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे ताकि उन्हें न्याय मिल सके और संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच हो।

रामकुमार ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानून पर भरोसा रखते हैं और चाहते हैं कि मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत हो

सात फेरे, सात साल का रिश्ता और अब बेघर होने की नौबत, डेढ़ साल की बेटी संग न्याय की गुहार लगा रही मीरा देवी

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सात फेरे, सात साल का रिश्ता और अब बेघर होने की नौबत, डेढ़ साल की मासूम बेटी के साथ दर-दर भटकने को मजबूर मीरा देवी, ससुराल वालों पर घर से निकालने का आरोप

सिवान। बिहार के सिवान जिले के नेतवार गांव की रहने वाली मीरा देवी की जिंदगी इन दिनों गहरे संकट से गुजर रही है। सात साल पहले बड़े अरमानों के साथ उनकी शादी गुहेश पासवान से हुई थी। शादी के बाद उन्होंने अपने परिवार को संभाला और डेढ़ साल पहले एक बेटी को जन्म दिया। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें अपनी ही ससुराल में रहने का अधिकार नहीं मिल रहा है।

मीरा देवी का कहना है कि उनके पति गु गुदेश पासवान रोजगार के लिए विदेश में काम कर रहे हैं। पति के बाहर रहने के दौरान वह अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ ससुराल में रह रही थीं। उनका आरोप है कि अब ससुराल पक्ष उन्हें अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। वह कहती हैं कि उन्हें बार-बार घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उनके सामने रहने और अपनी बच्ची की परवरिश का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पीड़िता के अनुसार, उनके पास कोई स्थायी सहारा नहीं है। पति विदेश में होने के कारण वह अपनी समस्या सीधे उनके सामने भी नहीं रख पा रही हैं। ऐसे में वह सवाल उठा रही हैं कि आखिर वह अपनी मासूम बेटी को लेकर कहां जाएं। उनका कहना है कि यदि ससुराल में ही उन्हें रहने का अधिकार नहीं मिलेगा तो उनके और उनकी बच्ची के भविष्य का क्या होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी विवाहित महिला को उसके वैवाहिक घर में रहने से रोका जाता है तो यह बेहद गंभीर सामाजिक और पारिवारिक मामला है। ऐसे मामलों में प्रशासन और महिला सुरक्षा से जुड़े विभागों को संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिलाने की जरूरत होती है।

मीरा देवी ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें तथा उनकी डेढ़ साल की बेटी को सुरक्षित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि वह किसी से विवाद नहीं चाहतीं, बल्कि केवल अपने वैवाहिक जीवन और अपनी बच्ची के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहती हैं।

फिलहाल इस मामले में ससुराल पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ली युवक की जान, 17 दिन बाद चालक की पहचान, पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

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लखीमपुर खीरी। जनपद खीरी के थाना नीमगांव क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक परिवार का सहारा छिन गया। मृतक की पत्नी ने अब पुलिस को तहरीर देकर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थिनी छाया देवी पत्नी गोविन्द कुमार निवासी ग्राम भूलनपुर, थाना नीमगांव ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 11 जून 2026 की शाम करीब 7:30 बजे उनके पति गोविन्द कुमार अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि ग्राम पड़री रोड-भूलनपुर मार्ग पर एक स्वराज 855 ट्रैक्टर के चालक जाफर पिता हबीब ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए गलत दिशा में आकर उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

पीड़िता के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि गोविन्द कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। उस समय चालक की पहचान नहीं हो सकी थी।

छाया देवी का कहना है कि अब उन्हें जानकारी मिली है कि ट्रैक्टर चालक का नाम जाफर पुत्र हबीब है, जो ग्राम कोरियाना जगना, पोस्ट भूलनपुर, थाना नीमगांव, जनपद खीरी का निवासी है। पहचान होने के बाद उन्होंने थाना नीमगांव पहुंचकर लिखित तहरीर दी है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आरोपी चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है ताकि उनके दिवंगत पति को न्याय मिल सके। वहीं पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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