जब मुजीब के बेटे ने उन्हें कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया, उन्हें नीचे उतारा और होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मुजीब दम तोड़ चुके थे।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से खुदकुशी का एक चौंकाने वाला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर परेशान मुजीब ने कथित तौर पर अपने घर की छत से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके बेटे ने उन्हें फंदे से लटका हुआ पाया, नीचे उतारा और उन्हें होश में लाने की कोशिश की। हालांकि, मुजीब की मौत हो चुकी थी।
मुजीब के रिश्तेदार मोहम्मद इमाम ने बताया कि मुजीब SIR को लेकर परेशान थे, क्योंकि उनके पास 2002 की वोटर लिस्ट में अपने नाम को किसी रिश्तेदार के नाम से जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं थे।
मोहम्मद इमाम ने कहा, “मेरे चाचा ने पासपोर्ट, इनकम सर्टिफिकेट, रेजिडेंस सर्टिफिकेट और दूसरे रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हासिल करने में 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे। वह अपने दो बेटों के भविष्य को लेकर डिप्रेशन में चले गए थे, क्योंकि वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।”
शिकायत के आधार पर बोराबंदा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बोराबंदा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर वाई कशैया ने कहा, “परिवार वालों ने हमें बताया कि मुजीब डिप्रेशन में चले गए थे। हम मामले की जांच कर रहे हैं।”
NEET परीक्षा को लेकर छात्रा ने किया सुसाइड
एक अन्य खबर में, बीते दिनों हैदराबाद में NEET की एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के एक अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि 19 वर्षीय लड़की मियापुर के एक अपार्टमेंट में अपनी बहनों के साथ रह रही थी और 20 जून को उसने कथित तौर पर फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा ने नोट में लिखा है कि “उसकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है।” पुलिस को शुरुआती जांच में अंदेशा है कि रविवार को होने वाली नीट की पुनर्परीक्षा को लेकर छात्रा अत्यधिक मानसिक तनाव और दबाव में थी। इसी दबाव को सहन न कर पाने के कारण उसने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


