Monday, July 6, 2026
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दो साल बाद लौटी पत्नी, प्रेमी के घर से पति को दे रही जान से मारने की धमकी, तीन बच्चों का परिवार दहशत में

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पूर्णिया (बिहार):
जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के घर छोड़कर प्रेमी के साथ जाने और दो साल बाद लौटने के बाद अब मामला गंभीर विवाद और धमकी तक पहुंच गया है। पीड़ित पति ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, हरम कॉल, धमदाहा निवासी अर्जुन पासवान की शादी वर्ष 2013 में संजू देवी (उम्र 38 वर्ष) के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए, जिनमें सबसे बड़ी एक बेटी और दो बेटे हैं। परिवार सामान्य रूप से जीवन यापन कर रहा था, लेकिन 10 दिसंबर 2024 को अचानक संजू देवी घर छोड़कर गायब हो गई। और अपने साथ करीब ₹300000 लेकर गई है

परिजनों के मुताबिक, संजू देवी मीरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले मनोज पासवान के साथ चली गई थी। इस घटना के बाद से वह करीब दो वर्षों तक लापता रही। इस दौरान पति और परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

हाल ही में मामला तब फिर से सुर्खियों में आया जब संजू देवी वापस सामने आई, लेकिन वह अपने पति के पास लौटने के बजाय अपने कथित प्रेमी मनोज पासवान के घर में रहने लगी। आरोप है कि वह वहीं से अपने पति अर्जुन पासवान को फोन कर लगातार गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रही है।

पीड़ित अर्जुन पासवान का कहना है कि उसकी पत्नी फोन पर खुलेआम धमकी देती है और कहती है कि अगर वह उनके रास्ते में आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस वजह से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। बच्चों पर भी इस घटना का गहरा असर पड़ रहा है।

पीड़ित ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार में आक्रोश और डर दोनों बना हुआ है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

‘मम्मी बुला रही है’ कहकर परिचित ने बाइक पर बिठाया, जंगल में 3 लड़कों ने किया गैंगरेप, फिर अस्पताल के बाहर फेंका

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गुना में हैवानियत का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां तीन दरिदों ने तो एक मासूम का गैंगरेप किया ही लेकिन पुलिस की लापरवाही ने उसकी पीड़ा और बढ़ा दी। आहत मासूम ने घर लौटकर जहरीला पदार्थ खा लिया।मध्य प्रदेश के गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनखरा गांव में एक नाबालिग किशोरी के साथ 3 लड़कों ने गैंगरेप किया। इस दौरान जब किशोरी की हालत बिगड़ गई, तो उसे मरणासन्न स्थिति में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर लावारिस छोड़कर भाग निकले। जिसे गंभीर हालत में परिजन गुना के बमोरी थाने लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहकर लौआ दिया। इस खौफनाक घटना से आहत और लोक-लाज के डर से पीड़ित किशोरी ने घर लौटकर जहरीला पदार्थ खा लिया। फिलहाल, वह जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
जानें पूरा घटनाक्रम-
घटना का सिलसिला 25 अप्रैल को तब शुरू हुआ, जब पीड़िता की मां पास के ही एक गांव में तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। घर में किशोरी को अकेला पाकर गांव के ही रामू नामक युवक ने साजिश रची। दोपहर करीब 3 बजे रामू पीडि़ता के पास पहुंचा और झूठ बोला कि उसकी मां ने उसे बुलाया है। मां के पास जाने के झांसे में आकर किशोरी उसकी बाइक पर बैठ गई। रास्ते में जब किशोरी ने रास्ता भटकने पर सवाल किए, तो आरोपी उसे डरा-धमकाकर जंगल की ओर ले गया। वहां पहले से ही रामू के 2 अन्य दोस्त विजय और अभिषेक मौजूद थे। इन तीनों दरिंदों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया।

आरोपी ने रिश्तेदार को बताई सच्चाई
वारदात के बाद जब किशोरी की स्थिति बिगड़ने लगी तो आरोपी घबरा गए और उसे इलाज के बहाने शिवपुरी ले गए, जहां उसे मेडिकल कॉलेज के बाहर फेंककर फरार हो गए। इधर, घरवाले अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। परिजनों ने जब शुरुआत में संदेही रामू से पूछताछ की, तो उसने साफ मना कर दिया कि वह लडक़ी के बारे में कुछ भी नहीं जानता है। हालांकि, बाद में रामू ने अपने एक रिश्तेदार को पूरी सच्चाई बता दी, जिसके माध्यम से परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी शिवपुरी अस्पताल में है। परिजन उसे वापस घर लाए और फरियाद लेकर बमोरी थाने पहुंचे। लेकिन यहां जांच की बात कहकर पुलिस ने टरका दिया। इसी मानसिक आघात और शारीरिक पीड़ा से टूटी किशोरी ने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर खा लिया।

पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बमोरी पुलिस ने घटना के तीसरे दिन FIR दर्ज की है। बमोरी थाना प्रभारी दिलीप राजौरिया के अनुसार, अस्पताल में भर्ती किशोरी के बयान महिला उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज किए गए हैं। पीडि़ता ने अपने बयानों में तीनों आरोपियों रामू, विजय और अभिषेक द्वारा किए गए कृत्य की पुष्टि की है। किशोरी ने बताया कि आरोपी उसे परिचित होने का फायदा उठाकर बाइक पर शिवपुरी की तरफ ले गए थे, जहां रास्ते में कहीं सूनसान जगह पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर जिला अस्पताल में किशोरी की हालत लगातार बिगड़ रही है।

बेंगलुरु में रात 1 बजे पीजी में भड़की आग, 30 लड़कियों ने कूदकर बचाई जान; CCTV में कैद भयावह पल

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बेंगलुरु में रात करीब पौने 1 बजे एक पीजी में भीषण आग लग गई जिसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रहने वाली युवतियों के पास इमारत से कूदने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा।बेंगलुरु में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को एक महिला पेइंग गेस्ट (PG) में अचानक आग लग गई। जब आग की लपटों और काले धुएं ने बाहर निकलने के सभी रास्तों को बंद कर दिया तो पीजी में रह रही युवतियों के बीच भगदड़ मच गई। लेकिन गनीमत रही कि आग फैलने से पहले सभी युवतियां कूदकर सुरक्षित बाहर आ गईं, इस घटना का CCTV फुटेज सामने आया है।
कैसे हुआ हादसा?
बेंगलुरु के नंदिनी लेआउट में ये घटना हुई, रविवार रात करीब पौने एक बजे एक पेइंग गेस्ट में भीषण आग लग गई जिसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जांच में पता चला कि आग कथित पास की एक LED बैनर की दुकान की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने से शुरू हुई और तेजी से फैलते हुए बगल की चार मंजिला PG इमारत तक पहुंच गई। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रहने वालों के पास भागने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा। 30 से ज्यादा युवतियों ने कूदकर अपनी जान बचाई।जान बचाने के लिए कूदीं युवतियां
CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि जैसे-जैसे आग इमारत को अपनी चपेट में ले रही थी, कई युवतियां घबराहट में नीचे कूद रही थीं। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लेने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।बेंगलुरु पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

छतरपुर में अहिरवार समाज का ऐतिहासिक जागरूकता सम्मेलन 1 मई को, समाज उत्थान को लेकर बड़े निर्णय संभव

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छतरपुर। जिले में अहिरवार समाज के बीच एक नई जागरूकता की लहर देखने को मिल रही है। इसी क्रम में आगामी 1 मई 2026 को एक विशाल एवं ऐतिहासिक जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह सम्मेलन ग्राम नदया, पोस्ट विक्रमपुर, तहसील राजनगर, जिला छतरपुर में आयोजित होगा, जहां समाज के सैकड़ों लोग एकत्रित होकर सामाजिक उत्थान, शिक्षा, एकता और अधिकारों को लेकर मंथन करेंगे।

सम्मेलन के प्रमुख आयोजक सरमन अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक बैठक नहीं बल्कि समाज में नई दिशा और सोच पैदा करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाना बेहद जरूरी है, और इसी उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष सरमन अहिरवार के नेतृत्व में किया जाएगा। समिति में कोषाध्यक्ष चिरंजीलाल, उप कोषाध्यक्ष बाबूलल अहिरवार और प्रचार मंत्री रेलला अहिरवार तथा महिलाल अहिरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसके अलावा सदस्य के रूप में प्रभु अहिरवार, जेरा अहिरवार और राकेश अहिरवार भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस सम्मेलन में समाज के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी, जिसमें शिक्षा का स्तर बढ़ाना, युवाओं को रोजगार से जोड़ना, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना जैसे अहम विषय शामिल रहेंगे। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठ जन और युवा मिलकर आने वाले समय के लिए ठोस रणनीति भी तैयार करेंगे।

इस सम्मेलन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों का दावा है कि यह कार्यक्रम समाज के इतिहास में एक नई मिसाल कायम करेगा और आने वाले समय में बड़े बदलाव की नींव रखेगा।

बांका जिला में विवाहिता की गुहार, पति पर खर्चा न देने का आरोप, प्रशासन से लगाई न्याय की आस

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गांव तरी पोस्ट कटसकरा थाना चान्दन कटोरिया बांका बिहार से एक विवाहिता की पीड़ा सामने आई है, जहां रानी देवी ने अपने पति विकास यादव पर परिवार की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने और आर्थिक रूप से उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है। रानी देवी का कहना है कि वर्ष 2015 में उनकी शादी विकास यादव से हुई थी और शादी को अब लगभग 11 वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हैं, जिनकी परवरिश और दैनिक जरूरतों की जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई है।

रानी देवी के अनुसार, उनके पति विकास यादव कमाई तो करते हैं, लेकिन घर खर्च और बच्चों की जरूरतों के लिए कोई आर्थिक सहयोग नहीं देते। उनका आरोप है कि विकास अपनी पूरी कमाई अपने बड़े भाई और भाभी को सौंप देते हैं, जिससे उनके और बच्चों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो गया है।

रानी देवी ने बताया कि लगातार आर्थिक तंगी और पारिवारिक उपेक्षा के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि कई बार पति से मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

पीड़िता ने अब प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें और उनके बच्चों को उचित अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि उनके पति को परिवार की जिम्मेदारी निभाने और नियमित खर्चा-पानी देने के लिए निर्देशित किया जाए।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और रानी देवी को कब तक राहत मिलती है।

इंदौर में रहस्यमयी तरीके से लापता हुई विवाहिता, दो बच्चों को छोड़कर घर से निकली पायल का अब तक नहीं लगा सुराग

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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां हीरानगर थाना क्षेत्र से एक विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। घटना के बाद से परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है, जबकि दो मासूम बच्चे अपनी मां के इंतजार में लगातार रो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश अहिरवार की पत्नी पायल 2 तारीख को दोपहर करीब 12:10 बजे घर से चावल लेने के लिए निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी देर तक जब पायल घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब कहीं कोई सुराग नहीं मिला तो 3 तारीख को हीरानगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

पायल की मां अंजलि ने बताया कि परिवार ने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के कई स्थानों पर उसकी खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि जहां कहीं भी पायल हो, वह सुरक्षित घर लौट आए। अंजलि ने बताया कि पायल के दो छोटे बच्चे हैं, जो अपनी मां के बिना बहुत परेशान हैं और हर समय उसके बारे में पूछते रहते हैं।

इस मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ स्थानीय लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि कहीं किसी व्यक्तिगत या प्रेम संबंध के कारण पायल घर छोड़कर तो नहीं चली गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।

हीरानगर थाना पुलिस के अनुसार गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है और पायल की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।

उधर परिवार की चिंता हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। बच्चों की आंखों में मां के लौट आने की उम्मीद साफ दिखाई देती है। परिजन प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि पायल को जल्द से जल्द ढूंढकर परिवार से मिलाया जाए।

पांच साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहा, शारीरिक संबंध बनाए; अब दूसरी शादी की तैयारी, पीड़िता की गुहार– मेरी जिंदगी बर्बाद होने से बचाइए

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आरा।
बिहार के आरा जिले से प्रेम संबंध, शारीरिक शोषण और कथित धोखे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंडरी गांव की रहने वाली सुरुचि नाम की युवती ने अपने प्रेमी विद्यांचल कुमार गुप्ता पिता तुलसी शाह पता थाना सिकराता ग्राम कुरमुही का रहने वाला है पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से विद्यांचल कुमार के साथ पति-पत्नी की तरह रह रही थी, लेकिन अब युवक अचानक उसे छोड़कर दूसरी शादी करने जा रहा है। इससे पीड़िता गहरे सदमे में है और उसने प्रशासन से शादी रुकवाने की गुहार लगाई है।

पीड़िता के अनुसार विद्यांचल कुमार गुप्ता, थाना सिकराता ग्राम कुरमुही क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, उनसे करीब पांच साल पहले प्रेम संबंध में आए थे। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध इतने गहरे हो गए कि वे पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। युवती का आरोप है कि इस दौरान युवक ने कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए और उसे शादी का भरोसा भी दिया। इसी भरोसे में वह पांच साल तक उसके साथ रिश्ते में रही।

सुरुचि का कहना है कि पिछले करीब चार महीनों से विद्यांचल कुमार का व्यवहार अचानक बदल गया। वह उससे ठीक से बात नहीं करता था और फोन करने पर झगड़ा करता, गाली-गलौज करता और कई बार फोन काट देता था। युवती को तब शक हुआ जब उसे पता चला कि युवक दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक 26 अप्रैल को बिक्रमगंज स्थित मौर्या होटल में उसकी शादी तय की गई है।

पीड़िता का कहना है कि जब उसे इस शादी की जानकारी मिली तो वह सीधे थाना पहुंची और पूरी घटना पुलिस को बताई। हालांकि युवती का आरोप है कि पुलिस ने यह कहकर उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की कि उसके पास रिश्ते का कोई ठोस सबूत नहीं है। इसी वजह से अब तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

सुरुचि ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि उसकी स्थिति को समझा जाए और विद्यांचल कुमार की शादी को रोका जाए। उसका कहना है कि पांच साल तक किसी के साथ पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अचानक इस तरह छोड़ देना उसके साथ बड़ा अन्याय है। युवती का आरोप है कि युवक ने उसे धोखे में रखकर शारीरिक शोषण किया और अब दूसरी शादी करके उसे अकेला छोड़ देना चाहता है।

फिलहाल पीड़िता बेहद मानसिक तनाव में है और न्याय की आस लगाए बैठी है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।

प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत: गर्भवती युवती को पीटकर घर से निकाला, प्रेमी की जबरन दूसरी शादी कराने का आरोप

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पूर्वी चंपारण। जिले के कोटवा थाना क्षेत्र से प्रेम संबंध, मारपीट और सामाजिक दबाव का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपने प्रेमी और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि वह कई वर्षों से युवक के साथ रिश्ते में थी, लेकिन अब परिवार के दबाव में उसकी दूसरी शादी कराई जा रही है।

शिकायतकर्ता चांदनी कुमारी, निवासी आहीरौलिया वार्ड नंबर 9 तुरहा टोला, थाना कोटवा ने बताया कि वह वर्ष 2021 से संतोष साह नामक युवक को जानती है। दोनों के बीच धीरे-धीरे प्रेम संबंध स्थापित हो गया और संतोष ने उससे शादी करने का वादा किया था। चांदनी का आरोप है कि इसी भरोसे पर दोनों के बीच संबंध भी बने और वह गर्भवती हो गई।

पीड़िता के अनुसार फरवरी महीने में संतोष उसे अपने साथ दिल्ली लेकर गया, जहां लगभग एक महीने तक दोनों साथ रहे। इस दौरान चांदनी गर्भवती थी। बाद में जब संतोष के परिजनों को इस संबंध की जानकारी मिली तो उन्होंने दोनों को गांव बुलाकर जमकर मारपीट की। आरोप है कि संतोष के पिता और अन्य परिजनों ने चांदनी को बुरी तरह पीटा और उसे धमकाया कि वह संतोष से दूर रहे।

चांदनी का कहना है कि मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद भी संतोष और उसके परिवार ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली। उल्टा अब संतोष की शादी किसी दूसरी लड़की से कराई जा रही है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग भी इस शादी को कराने में सहयोग कर रहे हैं और उसे धमकाया जा रहा है कि वह इस मामले को आगे न बढ़ाए। चांदनी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए, ताकि वह अपने अधिकार के साथ अपने ससुराल में रह सके।

फिलहाल पीड़िता ने स्थानीय थाना और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आरोपी युवक व उसके परिजनों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं।

प्रेम विवाह के 14 साल बाद पत्नी पर अत्याचार का आरोप: मारपीट कर सिलेंडर व राशन छीना, घर पर ताला लगाकर निकाला; महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

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हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के कुरारा थाना क्षेत्र से घरेलू उत्पीड़न और मारपीट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम डामर की रहने वाली रामजानकी ने अपने पति अनुरूद्ध कुमार अनुरागी, सास सम्पत देवी और ससुर गोपालदास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि प्रेम विवाह के 14 साल बाद अब उसे घर से अलग कर दिया गया है और बीते चार वर्षों से उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाई है।

पीड़िता रामजानकी के अनुसार उसने वर्ष 2012 में अनुरूद्ध कुमार अनुरागी से परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में खटास आने लगी। रामजानकी का आरोप है कि पिछले करीब चार वर्षों से उसका पति उसे मुख्य घर से अलग एक कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। इतना ही नहीं, पति, सास और ससुर आए दिन उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा उसे खाने-पीने और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नहीं देते।

पीड़िता ने बताया कि 3 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे वह अपने कच्चे मकान में खाना बना रही थी। उसी दौरान उसका पति अनुरूद्ध कुमार, सास सम्पत देवी और ससुर, कलेश चम्हार, गोपालदास वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब रामजानकी ने इसका विरोध किया तो तीनों ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद वे उसके घर से गैस सिलेंडर और आटे का डब्बा भी उठा ले गए।

रामजानकी का कहना है कि जब उसने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने मोहल्ले वालों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी कि यदि किसी ने बीच-बचाव किया तो वे रामजानकी को जान से मार देंगे। इसके बाद वे सिलेंडर और राशन का सामान लेकर वहां से चले गए।

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि शादी को 14 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसे संतान नहीं हो सकी। इस बात को लेकर ससुराल पक्ष उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। उसका कहना है कि परिवार के लोग उसके इलाज की व्यवस्था भी नहीं करा रहे और इसी बात को लेकर उसे ताने दिए जाते हैं।

रामजानकी का यह भी आरोप है कि पिछले करीब तीन दिनों से उसके घर पर ताला लगा दिया गया है और उसे घर के बाहर रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि वह बेहद असहाय स्थिति में है और उसे रहने तथा खाने तक की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति स्थानीय ग्राम प्रधान संजय कुशवाहा से मिला हुआ है। उसका कहना है कि ग्राम प्रधान के प्रभाव और कथित लेन-देन के कारण थाने में उसकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी वजह से वह कई बार शिकायत करने के बावजूद न्याय से वंचित है।

रामजानकी का कहना है कि वह गरीब और असहाय महिला है और किसी तरह जीवन गुजारने को मजबूर है। उसने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर से मांग की है कि उसके पति अनुरूद्ध कुमार अनुरागी, सास सम्पत देवी और ससुर गोपालदास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके।

फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता को उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद उसे न्याय मिलेगा और उसके साथ हो रहे अत्याचार पर रोक लग सकेगी।

मुजफ्फरपुर: बिशुनपुर गांव से 17 साल का लड़का अचानक गायब, पुलिस तलाश में जुटी

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मुजफ्फरपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां करजा थाना क्षेत्र के फन्दा उर्फ बिशुनपुर गांव का रहने वाला 17 वर्षीय युवक अमर जीत कुमार अचानक लापता हो गया है। परिवार के अनुसार अमर जीत कुमार बीते कुछ समय से घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन और रिश्तेदारों के यहां तलाश के बावजूद उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

लापता युवक अमर जीत कुमार के पिता सट्छु महतो ने बताया कि बेटे के अचानक गायब हो जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं और आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटाई जा रही है। युवक की उम्र करीब 17 साल बताई जा रही है और उसका रंग गोरा है, जिससे पहचान में आसानी हो सकती है।

परिवार ने स्थानीय थाना करजा में सूचना देकर मदद की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को अमर जीत कुमार के बारे में कोई भी जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे, तो तुरंत दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करें ताकि उसे सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन हर पल बेटे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

संपर्क नंबर
9534853648
7764983894
9771067119