Monday, July 6, 2026
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आदिवासी परिवार की 5 एकड़ पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप: जातिसूचक गालियां, मारपीट और धमकी का दावा; पीड़ितों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

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रांची। झारखंड की राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र से आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन पर कब्जा करने और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करने का गंभीर मामला सामने आया है। अमरावती कॉलोनी और रेलवे कॉलोनी बी-टाइप इलाके में रहने वाले कच्छप परिवार के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब 5.48 एकड़ खतियानी जमीन पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की है। पीड़ितों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ितों में रेमण्ड कच्छप, रवि कच्छप, राजा कच्छप, लच्छु कच्छप, पूनम कच्छप, शांति कच्छप, तारा कच्छप और अलीशा कच्छप शामिल हैं। इनका कहना है कि खाता संख्या 98 के अंतर्गत आने वाली लगभग 5.48 एकड़ जमीन उनके पूर्वजों के नाम से दर्ज है और वे उसी के वंशज होने के कारण इस जमीन पर वर्षों से काबिज हैं। परिवार का आरोप है कि हाल के दिनों में कुछ जमीन दलालों ने गैर-आदिवासी लोगों के साथ मिलकर इस जमीन पर कब्जा करने की साजिश शुरू कर दी है।

पीड़ितों के अनुसार प्लॉट संख्या 845/846 पर अंशु मिश्रा,पिता-दिवाकर मिश्रा, कुष्णापुरा रोड न.-01 विक्की यादव, पिता-राजेश यादव,विकास सिंह पिता-विसनाय सिंह,राजेश सिंह पिता-नामालुम, सभी अमरावती कोलोनी की. टाइप चुटिया के निवासी है थाना – चुटिया 98 और उनके 10 से 15 सहयोगियों ने जबरन घुसकर जमीन की नापी-जोखी शुरू कर दी और घेराबंदी करने लगे। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और महिलाओं के प्रति भी अश्लील इशारे किए।

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने जमीन छोड़कर वहां से नहीं गए तो उन्हें घर में घुसकर मारपीट की जाएगी। परिवार का कहना है कि इससे पहले 15 अक्टूबर 2024 को भी आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी और महिलाओं के साथ मारपीट की थी। उस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी और मारपीट के फोटो तक जमा किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार का कहना है कि जमीन को लेकर मामला पहले से न्यायालय में भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर रांची सिविल कोर्ट में ओ.एस. केस संख्या 980/2020 दाखिल किया गया था। बाद में इस मामले में न्यायालय के आदेश के खिलाफ जुडिशियल कमिश्नर रांची की अदालत में सिविल अपील (केस संख्या 77/2025) दायर की गई है, जिसकी सुनवाई भी निर्धारित है। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़िता शांति कच्छप ने बताया कि उनकी जमीन का एक हिस्सा खाली था, जिस पर उन्होंने निजी बोरिंग करवाई थी और घर के पीछे सरकारी बिजली मीटर भी लगा हुआ था। उसी बिजली से घर की लाइट और पानी की मोटर चलती थी, लेकिन अब आरोपियों ने उस जमीन पर कब्जा कर लिया है, जिसके कारण परिवार को पानी और बिजली दोनों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

शांति कच्छप का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचते हैं तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उनका आरोप है कि पुलिस भी उन्हें यह कहकर टाल देती है कि उन्होंने ही शायद उन लोगों को जमीन पर बुलाया होगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बंद होने से उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।

इस मामले में सुनीता टोप्पो, रानी देवी ,फूलो देवी पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि अंशु मिश्रा और राजेश पर जमीन दलाल के रूप में भूमिका निभाने का आरोप है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आदिवासी समाज की जमीन की रक्षा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पैतृक जमीन पूरी तरह कब्जा ली जाएगी और उनका परिवार बेघर हो सकता है।

माता-पिता के बिना भी नहीं टूटा हौसला: मुजफ्फरपुर का 11 साल का आदित्य बना रहा वीडियो, बुआ कहा– बेटे की प्रतिभा दुनिया तक पहुंचे

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी हौसले और सपनों की मिसाल बन रही है। रूप छपरा उर्फ सारंगपुर गांव के रहने वाले 11 वर्षीय आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साये के बिना जीवन बिता रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका आत्मविश्वास और कुछ अलग करने की चाह लोगों का ध्यान खींच रही है। छोटे से मोबाइल फोन से खुद ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने वाले आदित्य की कहानी अब धीरे-धीरे लोगों तक पहुंचने लगी है।

आदित्य कुमार फिलहाल अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। परिवार की सदस्य रानी देवी, जो अरविंद की पत्नी हैं, ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आदित्य के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। माता-पिता के निधन के बाद से ही वह परिवार के सहारे पल-बढ़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के बावजूद आदित्य ने हिम्मत नहीं हारी और अपने छोटे-से मोबाइल फोन से लगातार वीडियो बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

रानी देवी का कहना है कि आदित्य को वीडियो बनाना बेहद पसंद है। वह अपने आसपास के माहौल, रोजमर्रा की गतिविधियों और छोटे-छोटे अभिनय के जरिए वीडियो तैयार करता है। कई बार वह खुद ही कैमरा सेट करता है और फिर अलग-अलग अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करता है। परिवार का कहना है कि संसाधनों की कमी के बावजूद आदित्य का उत्साह कम नहीं होता और वह हर दिन कुछ नया करने की कोशिश करता है।

परिवार के अनुसार आदित्य की सबसे बड़ी इच्छा है कि उसके वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और लोग उसकी प्रतिभा को पहचानें। रानी देवी ने कहा कि वह चाहती हैं कि आदित्य का वीडियो वायरल हो ताकि समाज के लोग उसकी मदद के लिए आगे आएं और इस बच्चे के सपनों को पंख मिल सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में और माता-पिता के बिना भी जिस तरह से आदित्य अपने दम पर कुछ करने की कोशिश कर रहा है, वह काबिल-ए-तारीफ है। गांव के कई लोग भी उसकी हौसला-अफजाई करते हैं और चाहते हैं कि उसे आगे बढ़ने का मौका मिले।

अब परिवार और गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आदित्य की कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और कोई संस्था या समाजसेवी उसकी पढ़ाई और प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद करे। फिलहाल छोटा सा यह बच्चा अपने मोबाइल कैमरे को ही अपना साथी बनाकर सपनों की दुनिया गढ़ने में जुटा हुआ है।

सीवान जिले से रिश्तों में धोखा, शादी और गर्भपात के आरोपों से जुड़ा

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एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला थाना बड़हरिया क्षेत्र के हरदिया पोस्ट का बताया जा रहा है, जहां मुस्कान खातून ने नेसर सैफी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता मुस्कान खातून का आरोप है कि नेसर सैफी पिछले चार वर्षों से उनके साथ प्रेम संबंध और शारीरिक संबंध में था। इस दौरान दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और शादी का वादा किया गया। आरोप है कि 19 नवंबर 2024 को नेसर सैफी मुस्कान को सीवान ले गया, जहां चार लोगों की मौजूदगी में निकाह कराया गया। इसके बाद पंचायत में भी इस रिश्ते को स्वीकार किया गया था।

मुस्कान का कहना है कि शादी के बाद वह नेसर के साथ पति-पत्नी की तरह रह रही थी। इसी दौरान वह गर्भवती हुई, लेकिन आरोप है कि 11 जुलाई 2025 को नेसर ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। पीड़िता का कहना है कि इस घटना के बाद भी उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

मुस्कान ने यह भी आरोप लगाया है कि नेसर के परिवार वाले, जिनमें सास और ननद भी शामिल हैं, उस पर बच्चा मांगने और परिवारिक दबाव बनाने का आरोप लगाते रहे। वहीं जब गर्भपात की बात सामने आई तो परिवार वालों ने बच्चे के बारे में सवाल उठाए और जिम्मेदारी से किनारा करने की कोशिश की।

पीड़िता के अनुसार 25 अप्रैल 2026 को नेसर के घर पर छेका की बात सामने आई, जिसके बाद उसे जानकारी मिली कि नेसर दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है। जब मुस्कान ने इसका विरोध किया तो उसे अनदेखा किया गया और रिश्ता स्वीकारने से इनकार किया जाने लगा।

मुस्कान खातून ने चेतावनी दी है कि अगर नेसर दूसरी शादी करता है तो वह कानूनी कार्रवाई करेगी और न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उसका कहना है कि यदि उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है तो दूसरी लड़की की जिंदगी भी बर्बाद नहीं होने देगी।

अब इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह भरोसे और रिश्तों के नाम पर बड़ा धोखा है। फिलहाल पीड़िता न्याय की मांग कर रही है और प्रशासन से कार्रवाई की अपील की

दो साल बाद लौटी पत्नी, प्रेमी के घर से पति को दे रही जान से मारने की धमकी, तीन बच्चों का परिवार दहशत में

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पूर्णिया (बिहार):
जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के घर छोड़कर प्रेमी के साथ जाने और दो साल बाद लौटने के बाद अब मामला गंभीर विवाद और धमकी तक पहुंच गया है। पीड़ित पति ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, हरम कॉल, धमदाहा निवासी अर्जुन पासवान की शादी वर्ष 2013 में संजू देवी (उम्र 38 वर्ष) के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए, जिनमें सबसे बड़ी एक बेटी और दो बेटे हैं। परिवार सामान्य रूप से जीवन यापन कर रहा था, लेकिन 10 दिसंबर 2024 को अचानक संजू देवी घर छोड़कर गायब हो गई। और अपने साथ करीब ₹300000 लेकर गई है

परिजनों के मुताबिक, संजू देवी मीरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले मनोज पासवान के साथ चली गई थी। इस घटना के बाद से वह करीब दो वर्षों तक लापता रही। इस दौरान पति और परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

हाल ही में मामला तब फिर से सुर्खियों में आया जब संजू देवी वापस सामने आई, लेकिन वह अपने पति के पास लौटने के बजाय अपने कथित प्रेमी मनोज पासवान के घर में रहने लगी। आरोप है कि वह वहीं से अपने पति अर्जुन पासवान को फोन कर लगातार गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रही है।

पीड़ित अर्जुन पासवान का कहना है कि उसकी पत्नी फोन पर खुलेआम धमकी देती है और कहती है कि अगर वह उनके रास्ते में आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस वजह से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। बच्चों पर भी इस घटना का गहरा असर पड़ रहा है।

पीड़ित ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार में आक्रोश और डर दोनों बना हुआ है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

प्रेम संबंध के बाद युवक के घर पहुंची युवती, शादी से मुकरते परिजन, पांच दिन तक छुपाने का आरोप

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सीतापुर/हरदोई।
सीतापुर जनपद के धर्मपुर क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती से जुड़ा मामला अब नया मोड़ ले चुका है। परिजनों की लगातार तलाश के बीच यह खुलासा हुआ है कि युवती हरदोई जनपद के मरच्छा गांव निवासी युवक अतुल पाल के घर पहुंच गई है। इस जानकारी के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है।

परिवार का आरोप है कि युवक के परिजनों ने पिछले पांच दिनों से युवक को छुपाकर रखा हुआ था और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। परिजनों का कहना है कि युवती और युवक के बीच पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध था और करीब सात महीने से दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।

अब जब मामला शादी तक पहुंचा, तो आरोप है कि युवक के परिजन अपने वादे से पीछे हट रहे हैं और तरह-तरह के बहाने बनाकर स्थिति को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं। युवती का साफ कहना है कि वह युवक को अपना पति मान चुकी है और अब उसी के घर को अपना ससुराल मानते हुए वहीं रहना चाहती है। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि युवक स्वयं शादी के लिए तैयार है।

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। युवती के परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे परिवार में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और लोग प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाती है और क्या युवती को न्याय मिल पाता है या नहीं।

कुचायकोट में पीड़ित की पुकार बेअसर, उपमुख्यमंत्री तक गुहार के बाद भी नहीं मिली राहत

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गोपालगंज। जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन अतिक्रमण, चोरी और मारपीट जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने थाना से लेकर जिले के अधिकारियों और यहां तक कि उपमुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई शून्य रही।

मामला कुचायकोट निवासी इदरीश अली का है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर गांव के ही कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, उनकी जमीन की दीवार तोड़ दी गई और उस पर नींव डालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं, घर के सामने रखी करीब 14 हजार ईंटें, जो ताला और लोहे की जंजीर से सुरक्षित थीं, आरोपियों द्वारा चोरी कर ली गईं।

पीड़ित ने कुदुस अली, सैफ अली और इस्तरखार मोलबी सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए बताया कि इन लोगों ने न केवल जमीन पर कब्जा किया बल्कि उनके घर के सामने दीवार खड़ी कर रास्ता भी पूरी तरह बंद कर दिया। इसके कारण अब उनके घर में पानी भरने की समस्या भी उत्पन्न हो गई है।

इदरीश अली का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार पंचायत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और हमला भी किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना में कई बार आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित ने अपनी जमीन का विवरण देते हुए बताया कि खाता संख्या 219, खेसरा संख्या 2364 (रकबा 4 डिसमिल 6 धुर) तथा खाता संख्या 413, खेसरा संख्या 2362 (रकबा 15 धुर) की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।

न्याय की आस में भटक रहे इदरीश अली ने अब बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बावजूद इसके अब तक उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी है।

यह मामला न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जमीन विवाद को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिकायतों के बावजूद यदि समय पर कार्रवाई न हो, तो पीड़ितों का विश्वास प्रशासन से उठने लगता है।

दो साल तक किया शोषण, गुपचुप शादी के बाद पलटा प्रेमी; जाति का हवाला देकर किया इनकार, युवती ने लगाई न्याय की गुहार

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से प्रेम संबंध, गुपचुप शादी और फिर जातिगत भेदभाव के कारण रिश्ता तोड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली की रहने वाली युवती नेहा ने अपने प्रेमी विजय ठाकुर (पिता मुन्ना ठाकुर) पर शादी के बाद उसे छोड़कर फरार होने, दो साल तक उसका शोषण करने और जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि करीब तीन साल तक दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध रहा और शादी भी हुई, लेकिन अब युवक जाति का हवाला देकर उससे पल्ला झाड़ रहा है।

पीड़िता नेहा के अनुसार वह दिल्ली में एक कंपनी में काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात बिहार के सिवान जिले के सिकंदरपुर निवासी विजय ठाकुर से हुई। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। नेहा का कहना है कि उसने शुरुआत में ही विजय को बता दिया था कि वह वाल्मीकि समाज से आती है। इसके बावजूद विजय ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा और जीवन भर साथ निभाएगा।

नेहा का आरोप है कि करीब तीन साल तक दोनों के बीच संबंध रहे और इसी दौरान उन्होंने गुपचुप तरीके से शादी भी की। इस शादी का वीडियो भी उसके पास मौजूद है। पीड़िता का दावा है कि विजय के कुछ दोस्त भी उस शादी के गवाह हैं। शादी के बाद दोनों दिल्ली के द्वारका सेक्टर-4 इलाके में किराए के मकान में रहने लगे और करीब डेढ़ से दो साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे।

पीड़िता का कहना है कि इस दौरान विजय ठाकुर ने उसका लगातार शोषण किया और उसे भरोसे में रखकर साथ रहने के लिए मजबूर करता रहा। लेकिन जब इस रिश्ते और शादी की जानकारी विजय के गांव और वहां के मुखिया तक पहुंची और शादी का वीडियो सामने आया, तो उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

नेहा के मुताबिक 27 मार्च 2026 को विजय ठाकुर ने उसकी हत्या करने की भी कोशिश की। इसके बाद वह घर छोड़कर फरार हो गया और अब फोन भी नहीं उठा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अब विजय उस पर उल्टे आरोप लगाकर अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहा है। उसने कहा कि विजय ने उससे साफ कहा कि “तुम नीचे जाति की हो, हम तुम्हें अपना नहीं सकते।”

पीड़िता का कहना है कि शादी और दो साल तक साथ रहने के बाद अब विजय जाति का हवाला देकर उससे पल्ला झाड़ रहा है। इतना ही नहीं, वह नेहा पर यह आरोप भी लगा रहा है कि वह अलग-अलग लड़कों से बात करती है, ताकि खुद को बचाकर इस रिश्ते से बाहर निकल सके।

नेहा ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उसका कहना है कि शादी को करीब डेढ़ से दो साल हो चुके हैं और उसके पास विवाह का वीडियो तथा अन्य सबूत भी मौजूद हैं। पीड़िता ने बिहार पुलिस ओर उच्च अधिकारी से मांग की है कि आरोपी विजय ठाकुर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए।

फिलहाल आरोपी युवक फरार बताया जा रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में भूमिहीन व्यक्ति की पुकार: जमीन के लिए प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम ठाठिया, पोस्ट जसोली, थाना कथैया से एक भूमिहीन व्यक्ति द्वारा प्रशासन से न्याय की गुहार लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित राज कुमार सिंह ने अधिकारियों को दिए अपने आवेदन में बताया है कि वह वर्षों से बिना अपनी जमीन के जीवन यापन कर रहे हैं और जिस स्थान पर उनका घर है, उस पर भी उनका कोई आधिकारिक सरकारी दस्तावेज (पर्चा) नहीं बना है।

राज कुमार सिंह का आरोप है कि जमीन से जुड़े कुछ स्थानीय लोग उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं और भविष्य में उन्हें वहां से बेदखल करने की कोशिश कर सकते हैं। इस कारण वे और उनका परिवार भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें उनके घर की जमीन का सरकारी पर्चा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित रूप से वहां रह सकें।

अपने आवेदन के साथ उन्होंने आधार कार्ड और बिजली बिल जैसे दस्तावेज भी संलग्न किए हैं, जो उनके निवास के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय पटना सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजकर मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो यह विवाद बड़ा रूप ले सकता है। गांव के कई लोगों के नाम भी इस प्रकरण में सामने आए हैं, जिन्हें संभावित गवाह या जानकारी रखने वाला बताया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और उन्हें उनका अधिकार मिल सकेगा।

बलिया में सामूहिक रास्ते पर दबंगों का कब्जा, 27 अप्रैल शादी से पहले परिवार परेशान, 4 किमी घूमकर आने को मजबूर बारात

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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दुबहर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करीब 70 वर्षों से चला आ रहा सामूहिक रास्ता दबंगों द्वारा बंद कर दिया गया है। इस रास्ते के बंद होने से पूरे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं एक परिवार की खुशियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

ग्राम दूबहर निवासी प्रेमचंद यादव ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मोतीलाल राजभर के घर से नूनू बाबा के स्थान तक जाने वाला पुराना कच्चा रास्ता गांव के लिए जीवनरेखा था। इसी रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन, बीमारों को अस्पताल ले जाना और अंतिम संस्कार तक के लिए शव यात्रा निकलती थी।

शिकायत में बताया गया है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस रास्ते को सुधारने के लिए मिट्टी डाली गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए दबंगई के बल पर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। स्थिति यह हो गई है कि अब ग्रामीणों को लगभग 4 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि प्रेमचंद यादव के घर में बेटी की शादी 27 अप्रैल 2026 तय है और बारात आने वाली है। ऐसे में रास्ता बंद होने के कारण बारातियों को भी लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और आयोजन पर असर पड़ सकता है। परिवार ने शादी का निमंत्रण पत्र भी साझा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है कि समय रहते रास्ता खुलवाया जाए, ताकि बेटी की विदाई सम्मानपूर्वक हो सके।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

प्रेमचंद यादव ने प्रशासन से अपील की है कि सामूहिक रास्ते को जल्द से जल्द खाली कराया जाए और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है, क्योंकि एक ओर जहां गांव के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक बेटी की शादी की खुशियां भी इस विवाद की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं।

 

तीन बच्चों की मां को छोड़ दूसरी महिला के साथ फरार हुआ पति, बिना तलाक दूसरी शादी का आरोप; पीड़िता ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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रायबरेली। जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां तीन छोटे बच्चों की मां को छोड़कर पति दूसरी महिला के साथ फरार हो गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने बिना तलाक दिए दूसरी महिला से कोर्ट मैरिज कर ली है और अब उसे तथा उसके बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया है। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने प्रशासन से न्याय दिलाने और बच्चों के पालन-पोषण के लिए मदद की गुहार लगाई है।

मामला शिवगढ़ थाना क्षेत्र के मठगोसई गांव की रहने वाली रेशमी से जुड़ा है। रेशमी का कहना है कि उसकी शादी करीब छह साल पहले दुर्गा प्रसाद से हुई थी। शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए। बड़ा बेटा प्रिंस करीब तीन साल का है, बेटी वैष्णवी चार साल की है और सबसे छोटा बेटा प्रीतम अभी महज छह महीने का है। रेशमी के अनुसार शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन समय के साथ पति का व्यवहार बदलने लगा।

पीड़िता का आरोप है कि करीब पांच महीने पहले उसे पता चला कि उसका पति किसी दूसरी महिला के साथ चला गया है। बाद में जानकारी मिली कि वह महिला मीना कुमारी है, जो ओल्हेपुर गांव की रहने वाली है। रेशमी का कहना है कि दोनों के संबंध काफी समय से थे और एक दिन दुर्गा प्रसाद मीना कुमारी को लेकर घर से फरार हो गया।

रेशमी के मुताबिक कुछ समय बाद उसे पता चला कि उसका पति लोनी कटरा थाना क्षेत्र में किसी मामले में पकड़ा गया था। उसी दौरान उसे जानकारी मिली कि दुर्गा प्रसाद मीना कुमारी के साथ ही रह रहा है। आरोप है कि दोनों फिलहाल रेशमी की ननद कमलेश कुमारी के यहां रह रहे हैं, जो रीमा गांव की रहने वाली है।

पीड़िता का यह भी कहना है कि हाल ही में उसे यह जानकारी मिली है कि दुर्गा प्रसाद और मीना कुमारी ने कोर्ट में शादी भी कर ली है, जबकि उससे अभी तक न तो तलाक लिया गया है और न ही इस बारे में उसे कोई सूचना दी गई। रेशमी का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग भी उसके पति का ही साथ दे रहे हैं। उसकी सास का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि ससुर छोटेलाल और उनके बड़े भाई राम समुद्र भी उसके पति का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में ससुराल में उसका साथ देने वाला कोई नहीं बचा है।

रेशमी ने बताया कि पति के घर छोड़कर जाने के बाद उसकी स्थिति बेहद खराब हो गई। वह ससुराल में ही रह रही थी, लेकिन पति न तो बच्चों के लिए खर्च देता था और न ही खाने-पीने का इंतजाम करता था। हालात इतने खराब हो गए कि घर में अनाज तक नहीं बचा था और बच्चे भूख से तड़पने लगे थे। मजबूर होकर करीब एक महीने पहले वह अपने तीनों बच्चों को लेकर मायके चली गई।

पीड़िता का कहना है कि अब वह पूरी तरह असहाय हो चुकी है। उसके पास बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई साधन नहीं है। पति की ओर से न तो खर्चा दिया जा रहा है और न ही कोई जिम्मेदारी निभाई जा रही है। ऐसे में वह अपने तीनों छोटे बच्चों के साथ मुश्किल हालात में जीवन गुजारने को मजबूर है।

रेशमी ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील की है कि उसके मामले में जल्द कार्रवाई की जाए। उसका कहना है कि उसे न्याय दिलाया जाए, बच्चों के पालन-पोषण के लिए खर्च दिलवाया जाए और उसे ससुराल में सुरक्षित रहने का अधिकार मिले। पीड़िता को उम्मीद है कि प्रशासन उसकी स्थिति को समझते हुए उचित कदम उठाएगा और उसे न्याय मिलेगा।