Sunday, July 5, 2026
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पति को छोड़ पत्नी हुई पराई! दिल्ली में नौकरी के दौरान बदले रिश्ते, समस्तीपुर के युवक की टूटी उम्मीदें

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बिहार के समस्तीपुर जिले से रिश्तों में दरार और विश्वास टूटने का एक बेहद भावुक मामला सामने आया है। समस्तीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अरुण दास ने अपनी पत्नी प्रीति के बदलते व्यवहार को लेकर गहरा दुख जताया है। अरुण का कहना है कि शादी के बाद उसने अपनी पत्नी के साथ बेहतर जिंदगी का सपना देखा था, लेकिन दिल्ली पहुंचने के कुछ महीनों बाद ही उनके रिश्ते में ऐसा तूफान आया जिसने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी।

जानकारी के मुताबिक अरुण दास की शादी करीब दो साल पहले प्रीति नाम की युवती से हुई थी। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी जीवन बिता रहे थे। बेहतर रोजगार की तलाश में अरुण अपनी पत्नी को साथ लेकर दिल्ली चला गया, जहां वह नौकरी करने लगा। शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य और खुशहाल बताया जा रहा था।

इसी दौरान प्रीति ने भी दिल्ली में एक घर में टिफिन और खाना बनाने का काम शुरू कर दिया। अरुण का आरोप है कि जिस घर में प्रीति काम करती थी, वहां रहने वाले गोलू और उसके परिवार के लोगों का प्रीति पर गहरा प्रभाव पड़ने लगा। धीरे-धीरे प्रीति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और वह अरुण से दूरी बनाने लगी।

अरुण का कहना है कि पहले जो पत्नी उसके हर सुख-दुख में साथ रहती थी, वही अब उससे लड़ाई-झगड़ा करने लगी। बात-बात पर गाली-गलौज और अपमान से वह मानसिक रूप से टूट गया। अरुण के मुताबिक हालात इतने खराब हो गए कि उसे दिल्ली छोड़कर वापस आना पड़ा।

पीड़ित अरुण ने बताया कि जब उसने प्रीति से रिश्ते को बचाने की कोशिश की तो प्रीति ने साफ शब्दों में कह दिया कि अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। पत्नी की इस बात से अरुण गहरे सदमे में है और लगातार यही सवाल कर रहा है कि आखिर उसकी पत्नी ने उसके साथ ऐसा क्यों किया।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर महानगरों में बदलते रिश्तों और वैवाहिक जीवन में बढ़ती दूरियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरुण फिलहाल मानसिक तनाव से गुजर रहा है और इंसाफ के साथ-साथ अपने रिश्ते के टूटने की वजह जानना चाहता है।

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थाने से FIR गायब होने का आरोप, जमीन विवाद में युवक पर जानलेवा हमला

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हरदोई जिले के टडियावां थाना क्षेत्र से जमीन विवाद और पुलिस कार्यशैली को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गांव सिहौना हरिहरपुर में दबंगों द्वारा युवक के घर में घुसकर मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने कई बार पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनकी असली शिकायत को दबाने की कोशिश की गई। यहां तक कि थाने से प्रथम सूचना रिपोर्ट गायब होने और प्रार्थना पत्र से नाम हटाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सिहौना हरिहरपुर निवासी अनुराग पुत्र अनुज कुमार ने थाना टडियावां में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 मई 2026 की शाम करीब 5 बजे गांव के विवेक मौर्या, सोनू मौर्या और नानू मौर्या ने जमीन विवाद को लेकर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में अनुराग के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।


पीड़ित अनुराग ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर और खेत पर कब्जा करना चाहते हैं। उसने बताया कि वह पहले एक सड़क हादसे का शिकार हो चुका है और शारीरिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके दबंगों ने उसे बेरहमी से पीटा। घटना के दौरान जब उसकी बहन भाई को बचाने पहुंची तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट कर दी। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर हमला किया और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत के साथ छेड़छाड़ की। परिवार का कहना है कि प्रार्थना पत्र से कमलू और राम प्रसाद का नाम हटाया गया, जबकि अनुराग के पिता अनुज कुमार का जख्म भी दर्ज नहीं किया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उनसे अलग-अलग आवेदन लिखवाए गए लेकिन उनकी वास्तविक शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

हालांकि थाना टडियावां पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि गंभीर धाराएं लगाने के बजाय मामूली कार्रवाई कर मामले को कमजोर किया जा रहा है।

गांव में इस घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं ग्रामीणों के बीच भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

धार की भोजशाला में विशेष हवन-पूजन का आयोजन, 700 साल बाद जलाई गई अखंड ज्योति

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धार स्थित भोजशाला में 23 साल बाद विशेष हवन-पूजन किया जा रहा है। यहां कोर्ट के आदेश के बाद 23 साल बाद महापूजा और महा सत्याग्रह किया जा रहा है।एमपी के धार में स्थित भोजशाला में हाईकोर्ट के फैसले के बाद आज विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया जा रहा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। भोजशाला में सत्याग्रह और महापूजा 23 सालों बाद हो रही है। 2003 के बाद पहली बार बदले नियमों के बीच पूजा हो रही है। यहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक विशेष हवन-पूजन होगा। इस मौके पर समिति ने सनातनियों से एकजुट होने का आह्वान कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। वहीं हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला को हिंदू मंदिर के रूप में मान्यता मिलने के कारण पुरानी नियमावली हटाई जा रही है और नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मंदिर में हो रही विशेष हवन-पूजन
भोजशाला उत्सव समिति के महाप्रबंधक हेमंत दौराया ने कहा कि भोजशाला ऐतिहासिक सरस्वती मंदिर है। वहीं हाई कोर्ट के अहम फैसले के बाद धार में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि 2003 से ही सकल हिंदू समाज हर मंगलवार को यहां सत्याग्रह कर रहा था। हाई कोर्ट के फैसले के बाद पहले मंगलवार यानी आज सकल हिंदू समाज का महा सत्याग्रह हो रहा है। उन्होंने कहा कि 23 साल का सत्याग्रह था कि भोजशाला परिसर को मां सरस्वती का मंदिर साबित करना है। वहीं महा सत्याग्रह का मकसद है 300 मीटर के दायरे में मौजूद मस्जिद और कब्रों को हटाना।

भोजशाला को कोर्ट ने बताया हिंदू मंदिर
बता दें कि हाई कोर्ट ने शनिवार को आदेश देते हुए कहा था कि भोजशाला मां सरस्वती का मंदिर है। इस आदेश के बाद हिंदुओं को हर मंगलवार की जगह 365 दिन पूजा की अनुमति मिली थी। आदेश के बाद ASI ने उस बोर्ड को पोत दिया था जिसपर 2003 से हर मंगलवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को और हर शुक्रवार को एक से तीन बजे तक मुसलमानों को नमाज के लिए प्रवेश देने की बात लिखी थी। वहीं इस आदेश के बाद 700 साल बाद पहली बार राजा भोज परिसर में अखंड ज्योति जलाई गई। इसके अलावा 2003 के बाद ये पहला मौका है जब मां वाग्देवी की प्रतीकात्मक प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित की गई। वहीं पहली बार भोजशाला के आंदोलन में शामिल तीन शहीदों की तस्वीर भी गर्भगृह में रखी गई।

देवरिया में शादी का झांसा देकर 4 साल तक शोषण का आरोप, कोर्ट मैरिज के दिन प्रेमी फरार; पीड़िता बोली- थाने से भी भगाया गया

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देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने अपने प्रेमी पर शादी का झांसा देकर चार साल तक शारीरिक और मानसिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पीड़िता का दावा है कि जब उसने न्याय की गुहार लगाई तो उसे थाने से डांटकर भगा दिया गया और कार्रवाई के बजाय धमकियां मिलीं। मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक, महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुका है, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि अब तक उसे न्याय नहीं मिला।

लार थाना क्षेत्र के बलुआ गौरी गांव निवासी अनुसूचित जनजाति की युवती अनिता कुमारी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि धरहरिया वार्ड कस्बा लार निवासी धीरज चौहान ने उसे शादी का झांसा देकर चार वर्षों तक अपने प्रेमजाल में फंसाए रखा। पीड़िता का कहना है कि इस दौरान आरोपी उसे कई बार देवरिया के होटलों और अन्य स्थानों पर ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए। युवती का आरोप है कि आरोपी उसे अपने घर भी ले गया था और लंबे समय तक उसका मानसिक व शारीरिक शोषण करता रहा।

पीड़िता के मुताबिक जब उसने शादी का दबाव बनाया तो धीरज चौहान और उसके परिवार वाले शादी के लिए तैयार हो गए। दोनों पक्ष 24 जून 2025 को कोर्ट मैरिज करने के लिए पहुंचे और सभी कागजात भी तैयार हो गए, लेकिन आरोप है कि अंतिम समय में धीरज बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद वह लगातार टालमटोल करता रहा और शादी से इनकार करने लगा।

अनिता कुमारी ने बताया कि उसने 6 सितंबर 2025 को थाना लार में शिकायत दी थी। आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया, जिसमें धीरज चौहान ने दो महीने बाद शादी करने का लिखित आश्वासन दिया। दोनों पक्षों के हस्ताक्षर से सुलहनामा भी तैयार हुआ, लेकिन समय बीतने के बाद भी शादी नहीं हुई। युवती का कहना है कि जब उसने दोबारा शादी की बात की तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि “जो करना है कर लो, मैं शादी नहीं करूंगा।”

पीड़िता ने आरोप लगाया कि 10 नवंबर 2025 को जब वह दोबारा थाने पहुंची तो दरोगा ने उसे डांटकर भगा दिया और कथित तौर पर धमकी दी कि अगर फिर थाने आई तो किसी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद युवती ने पुलिस अधीक्षक, महिला आयोग, मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस महानिदेशक तक शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का कहना है कि उसके पास सारे सबूत मौजूद हैं, लेकिन थाने में उसके साक्ष्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि धीरज चौहान की जन्मतिथि 4 अक्टूबर 2007 बताई गई, जिसके अनुसार वह कोर्ट मैरिज के समय नाबालिग था। पुलिस जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि दोनों के बीच वर्ष 2021 से प्रेम संबंध थे और कई बार आपसी सहमति से संबंध बने। वहीं धीरज के परिवार ने आरोप लगाया कि अनिता ने ही उसे बहला-फुसलाकर प्रेमजाल में फंसाया। हालांकि युवती इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को पीड़ित बता रही है।

पीड़िता का कहना है कि अब आरोपी उसे फोन पर गाली देता है और जान से मारने की धमकी भी देता है। घटना के बाद युवती मानसिक तनाव में है और लगातार न्याय की गुहार लगा रही है। पूरे मामले ने जिले में प्रेम संबंध, कोर्ट मैरिज और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

उत्तराखंड के पूर्व CM भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, 91 साल की उम्र ली अंतिम सांस; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी दो बार उत्तराखंड के सीएम रह चुके हैं।देहरादून: इस वक्त की बड़ी खबर उत्तराखंड से सामने आ रही है। दरअसल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 91 वर्ष की आयु में आखिरी सांस ली। पूर्व सीएम के परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के परिवार में पत्नी अरूणा, एक बेटा मनीष और बेटी रितु खंडूरी भूषण हैं। पूर्व सीएम खंडूरी की बेटी और राज्य विधानसभा की अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने अपने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वयोवृद्ध नेता ने करीब 11 बजे एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
‘जनरल साहब’ के नाम से थे मशहूर
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं से ग्रस्त थे। उन्हें कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राजनीति में आने से पहले पूर्व सीएम भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से रिटायर हुए। वह ‘जनरल साहब’ के नाम से भी मशहूर थे। उनकी छवि एक अनुशासन प्रिय प्रशासक की थी। भुवन चंद्र खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। साल 2007 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भुवन चंद्र खंडूरी मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 2009 में लोकसभा चुनावों में प्रदेश की पांचों सीटों पर पार्टी को मिली पराजय का जिम्मा लेते हुए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद साल 2011 में उन्हें फिर से भाजपा ने राज्य की कमान सौंपी।

अटल कैबिनेट में थे केंद्रीय मंत्री
भुवन चन्द्र खंडूरी केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री का पद संभाला था। देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता है। प्रदेश की राजनीति का एक कद्दावर और ईमानदार चेहरा रहे भुवन चन्द्र खंडूरी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर व्याप्त हो गई है।

सीएम धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सीएम खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने भुवन चन्द्र खंडूरी के निधन को उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया। सीएम धामी ने कहा कि भुवन चन्द्र खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, ”सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेश हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की।”

‘अमृता सिंह से शादी को छुपाकर रखो’, सैफ अली खान को सीनियर एक्टर ने दी थी सलाह, कहा- ‘इमेज खराब हो जाएगी’

सैफ अली खान ने हाल ही में बताया कि कैसे एक सीनियर एक्टर ने उन्हें सलाह दी थी कि वह किसी को अपनी और अमृता सिंह की शादी के बारे में न बताएं। शायद उन्होंने ये सलाह इसलिए दी क्योंकि उनका कहना था कि अगर लोगों को उनकी शादी का पता चला तो लोग उन पर हंसेंगे।सैफ अली खान इन दिनों अपनी क्राइम-थ्रिलर सीरीज ‘कर्तव्य’ को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज में सैफ अली खान एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं और उनके साथ रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा जैसे कलाकार लीड रोल में हैं। इस बीच सैफ ने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में खुलकर बात की। अभिनेता की निजी जिंदगी की तरह ही, उनका करियर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सैफ अली खान की पहली फिल्म ‘परंपरा’ थी, जो 1993 में रिलीज हुई थी, लेकिन उन्हें ‘बेखुदी’ से लॉन्च किया जाना था, जिसकी शूटिंग उन्होंने 1991 में ही शुरू कर दी थी। मगर फिल्म के पहले शेड्यूल के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखाय दिया गया, मगर तब तक उनकी अमृता सिंह से मुलाकात हो चुकी थी और फिर इसी साल दोनों शादी के बंधन में बंध गए।
अमृता से शादी छुपाने की मिली थी सलाह
सैफ अली खान ने News18 से बातचीत में उस किस्से का खुलासा किया जब उन्हें पूर्व पत्नी अमृता सिंह से अपनी शादी छुपाने की सलाह मिली थी। उन्होंने इस किस्से को याद करते हुए कहा- ‘मुझे याद है कि कैसे एक सीनियर एक्टर ने मुझे अपनी शादी छुपाने की सलाह दी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं किसी को न बताऊं कि मेरी शादी हो चुकी है। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा, शायद उनका ये मतलब था कि इससे मेरी छवि और फैन फॉलोइंग खराब हो सकती है। लेकिन, ये अब तक की सबसे बुरी और अजीब सलाह थी, जो मुझे किसी ने दी थी।’

फिल्ममेकर ने कहा था- पुलिसवाले का रोल मत निभाना
सैफ अली खान भले ही फिल्मी परिवार से आते हैं, लेकिन उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री में करियर बिलकुल भी आसान नहीं रहा। एक फिल्ममेकर ने सैफ को सलाह दी थी कि वह कभी पुलिसवाले की भूमिका न निभाएं, क्योंकि वह इसमे अच्छे नहीं लगेंगे। सैफ को भी इस बात का डर था कि कहीं दर्शक उनका मजाक न उड़ाएं। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा- “जब मैंने एक्टिंग इंडस्ट्री में कदम रखा, मुझे इसी बात का डर था कि कहीं लोग मुझ पर हंसें नहीं। मेरे निर्देशक ने एक बार मुझसे कहा था- लोग जूते मारेंगे। जब मेरी फिल्म दिखाई जाएगी, तो लोग मुझ पर हंसेंगे। मुझसे नफरत करेंगे और मैं बेरोजगार हो जाऊंगा।”

लोगों को खुद पर हंसते नहीं देखना चाहते एक्टर- सैफ अली खान
सैफ आगे कहते हैं- “मुझे यकीन है कि ज्यादातर एक्टर जब पहली बार एक्टिंग करते हैं तो बस यही चाहते हैं कि वे हास्यास्पद नहीं दिखना चाहते। वे नहीं चाहते कि लोग उन पर हंसें। ये आम सी बात है। जब आप एक बार उस पड़ाव को पार कर लेते हैं, तो आप शायद मिस्टर बच्चन बनना चाहेंगे। लेकिन, शुरुआत में तो ऐसे ही होती है। मुझे लगता है कि मुझमें हमेशा से विनम्रता थी और मैंने हमेशा अपने काम में कड़ी मेहनत की है। मैंने अपने काम के प्रति हमेशा रिलीजियस अप्रोच रखा, ताकि मेरा काम प्योर बना रहे। मेरा हमेशा से यही विचार रहा है।”

‘ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्मार्ट पावर का सबसे बड़ा उदाहरण’, सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी ने बताया इसका कारण

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भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की स्मार्ट पावर का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा है कि भारत को पता है कि किस समय कौन-सी ताकत का कितना इस्तेमाल करना है।भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की “स्मार्ट पावर” का सबसे बड़ा उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि सैन्य सटीकता, सूचना नियंत्रण, कूटनीतिक संदेश और आर्थिक दृढ़ता का एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रदर्शन था। ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन की आतंकी संरचनाओं को गहराई तक जाकर ध्वस्त किया, वर्षों से चली आ रही रणनीतिक सोच को तोड़ा और फिर 88 घंटे बाद जानबूझकर तथा पूरी रणनीति के तहत रोका गया। सेना के प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया है कि भारत को पता है कि किस समय कौन-सी शक्ति का कितना उपयोग करना है और कब सैन्य कार्रवाई को रणनीतिक सफलता में बदलना है।

दुनिया तेजी से बदल रही है- सेना प्रमुख
सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- “दुनिया तेजी से बदल रही है। वैश्विक स्तर पर अव्यवस्था, अविश्वास और बदलते गठबंधन नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। एक समय यह माना गया था कि व्यापार, सप्लाई चेन और डिजिटल कनेक्टिविटी दुनिया को संघर्ष से दूर ले जाएंगे, लेकिन अब यही साधन दबाव और रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं।”

भारत को नेतृत्व करना होगा- सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा- “पहले लैब से युद्ध क्षेत्र तक नई तकनीक पहुंचने में दशकों लगते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया कुछ महीनों में पूरी हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, ऑटोनॉमस सिस्टम, स्पेस और एडवांस्ड मटेरियल्स भविष्य के युद्ध की दिशा तय करेंगे। भारत को केवल नई तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे स्वदेशी बनाकर दुनिया का नेतृत्व करना होगा।”

आत्मनिर्भरता अनिवार्यता बन चुकी है- सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- “आज की सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी केवल सैन्य शक्ति की कमी नहीं, बल्कि विदेशी सप्लाई चेन, क्रिटिकल मिनरल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता है। आत्मनिर्भरता अब केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यता बन चुकी है। 21वीं सदी में सुरक्षा और समृद्धि अब अलग-अलग विषय नहीं रहे। आधुनिक संघर्ष केवल सेना पर दबाव नहीं डालते, बल्कि उद्योग, रिसर्च और प्रशासनिक ढांचे को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए भारत को ऐसी रक्षा औद्योगिक क्षमता विकसित करनी होगी जो केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी हो।”

अपने संबोधन के अंत में जनरल द्विवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को कहा- “शांति, शक्ति की अनुपस्थिति नहीं है। शांति, क्षमता, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की उपस्थिति है।

टीम इंडिया का ऐलान आज, रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर फैसला

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वनडे विश्व कप अगले साल खेला जाएगा। लेकिन इसकी तैयारी शुरू हो रही हैं। आज भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो सकता है। इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या पर भी चर्चा की जाएगी।वनडे विश्व कप 2027 की तैयारी अब शुरू होने जा रही है। हालांकि अभी इसमें एक साल से भी ज्यादा का वक्त बचा है, लेकिन बीसीसीआई अभी से इसका कम से कम ​ब्लूप्रिंट तैयार कर लेना चाहती है। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली सीरीज के लिए आज टीम इंडिया का ऐलान किए जाने की संभावना है। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज खेली जाएगी। टीम इंडिया में कौन कौन शामिल होगा, ये इस वक्त सवाल बना हुआ है।
अगले महीने खेली जाएगी भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज
भारत और अफगानिस्तान के बीच अगले महीने सीरीज होनी है। पहले एक टेस्ट खेला जाएगा और इसके बाद तीन वनडे मैच होंगे। वैसे अभी तक तो यही सूचना है कि बीसीसीआई की ओर से दोनों सीरीज के लिए आज ही टीम का ऐलान कर दिया जाएगा, लेकिन कुछ रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बीसीसीआई खिलाड़ियों के फिटनेस को लेकर फिक्रमंद है। अगर सभी खिलाड़ी फिट हैं तो फिर दोनों टीमें आज ही घोषित कर दी जाएंगी। चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की अध्यक्षता में एक मीटिंग होगी। इसमें चर्चा होगी और इसके बाद टीम सामने आ जाएगी। इस बीच टीओआई की ​एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मीटिंग के दौरान साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप का ब्लू​प्रिंट तैयार किया जाएगा।

रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर मीटिंग में होगी चर्चा
रिपोर्ट में कहा गया है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य पर भी इस दौरान चर्चा होगी। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलेंगे, ये करीब करीब तय है, लेकिन सेलेक्टर्स पहले ही ये कह चुके हैं कि फिटनेस स्टैंडर्ड से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली ही नहीं, चर्चा में रवींद्र जडेजा भी होंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गय है कि ​विराट कोहली इस वक्त जैसा खेल दिखा रहे हैं, उनका खेलना तो तय है, लेकिन रोहित के लिए​ थोड़ी मुश्किल स्थिति है।

हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी पर सवाल ​नीतीश कुमार रेड्डी को मिल सकता है मौका
हार्दिक पांड्या क्या वनडे में पूरे 10 ओवर की गेंदबाजी कर पाएंगे, ये अपने आप में सवाल है। यही वजह है कि सेलेक्टर्स एक और आलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को भी मौका देने के बारे में सोच रहे हैं। दरअसल अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए जिस टीम का ऐलान किय जाएगा, उसमें विश्व कप पर भी फोकस दिखाई देगा। देखना होगा कि टीम इंडिया के स्क्वाड को लेकर बीसीसीआई की ओर से क्या फैसला लिया जाता है।

ट्रेन की आवाज निकालकर सोशल मीडिया पर छा रही सुलेखा, मां के सपोर्ट ने बढ़ाया हौसला

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बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली सुलेखा कुमारी इन दिनों अपने अनोखे टैलेंट को लेकर इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। बैरगानिया थाना क्षेत्र के भटौलिया बेलगंज गांव की रहने वाली sulekha अपनी आवाज से ट्रेन की हूबहू साउंड निकाल लेती हैं। यही खास कला अब उन्हें लोगों के बीच अलग पहचान दिला रही है।
वॉर्ड संख्या 05 निवासी सुलेखा कुमारी सोशल मीडिया और स्थानीय कार्यक्रमों में गाना गाती हैं और गानों पर डांस भी करती हैं। धीरे-धीरे उनकी वीडियो लोगों के बीच वायरल होने लगी हैं। गांव और आसपास के इलाके के लोग उनके टैलेंट की तारीफ कर रहे हैं और लगातार सपोर्ट भी दे रहे हैं।
सुलेखा का कहना है कि उन्हें सबसे ज्यादा हौसला उनकी मां अनार देवी से मिलता है। उनकी मां हर वीडियो को ध्यान से देखती हैं, तारीफ करती हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। सुलेखा बताती हैं कि जब भी वह निराश होती हैं, उनकी मां उन्हें आत्मविश्वास देती हैं और मेहनत जारी रखने के लिए कहती हैं।
परिवार की बात करें तो सुलेखा के पिता का नाम शंभू सहनी है। उनके चार भाई हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और सभी अपने-अपने परिवार में व्यस्त हैं। इसके बावजूद सुलेखा अपने सपनों को पूरा करने में जुटी हुई हैं और जनता का प्यार व सपोर्ट चाहती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुलेखा का ट्रेन की आवाज निकालने का अंदाज बेहद अलग और आकर्षक है। कई लोग इसे प्राकृतिक प्रतिभा बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके वीडियो को लगातार देखा और शेयर किया जा रहा है।
अब सुलेखा की इच्छा है कि उन्हें एक बड़ा मंच मिले, ताकि वह अपने टैलेंट से बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में पहचान बना सकें।

बाराबंकी में विवाहिता प्रेमी संग फरार, परिवार ने मीडिया से लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश के Barabanki जिले के माधौपुर क्षेत्र से एक विवाहिता के अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर जाने का मामला सामने आया है। परिवार और रिश्तेदारों ने इसकी पुष्टि की है। घटना 17 मई 2026 रविवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है।

परिवार के अनुसार महिला पिंकी अपने कथित प्रेमी विकास के साथ घर से चली गई है। बताया जाता है कि विकास दरियापुर क्षेत्र का रहने वाला है तथा उसके पिता का नाम छोटेलाल है।

महिला के पति रोहित पवैया और उनकी बहन सविता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पिंकी अपने प्रेमी के साथ चली गई है और परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा है। परिवार का आरोप है कि दोनों फिलहाल युवक की मां के घर में छिपे हुए हैं।

परिजनों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और समाज में गलत संदेश जा रहा है।

फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन परिवारजन मामले को लेकर प्रशासन और मीडिया से मदद की अपील कर रहे हैं।