Friday, July 3, 2026
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विराट कोहली को जब आया भयंकर गुस्सा, रवि शास्त्री ने जैसे तैसे रोका, सुनाई पूरी कहानी

विराट कोहली और मिचेल जॉनसन जब आमने सामने आ गए, तब रवि शास्त्री ने बड़ी मुश्किल से कोहली को मनाया। कई साल बाद अब जाकर ये किस्सा सामने आया है। इसका वीडियो भी है।विराट कोहली अक्सर अपने गुस्से के लिए चर्चा में आ जाते हैं। हाल ही में आईपीएल मैच के दौरान ट्रेविस हेड से हाथ ना मिलने को लेकर अब तक बात हो रही है। खास तौर पर जब कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरते हैं तो उनके तेवर देखने लायक होते हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ ही कुछ साल पहले जब विराट कोहली को भयंकर गुस्सा आ गया था, तब रवि शास्त्री ने उन्हें जैसे तैसे रोका। अब जाकर उस पूरे घटनाक्रम की कहानी खुद रवि शास्त्री ने सुनाई है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो आप यहां नीचे देख सकते हैं।

साल 2014-15 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान हुआ पूरा मामला
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जब भी मुकाबला होता है तो विराट कोहली सुर्खियों में रहते हैं। बात साल 2014-15 की है, जब बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी। तब विराट कोहली और तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन आमने सामने आ गए थे। हालात काफी बिगड़े हुए थे, जब रवि बीच में आए। रवि शास्त्री ने ये किस्सा लाइफस्टाइल ब्रॉड वनऐट One8 के एक पॉडकास्ट के दौरान बताया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में टेस्ट मुकाबला खेला जा रहा था। विराट कोहली बैटिंग के लिए आए, मिचेल जॉनसन ने पहली ही बॉल उनके सिर की ओर मारी। इससे विराट कोहली को गुस्सा आ गया। इसके बाद दोनों के बीच काफी देर तक तनातनी चलती रही।

विराट कोहली और मिचेल जॉनसन की भिड़ंत
पूरे मैच के दौरान ​कोहली और जॉनसन कई बार एक दूसरे से भिड़ते हुए नजर आए। इसके बाद लंच टाइम हुआ और दोनों टीमें वापस ड्रेसिंग रूप में आ रही थी। इसी दौरान विराट कोहली जॉनसन को ऐसे देख रहे थे, जैसे उन्हें अभी पकड़ लेंगे। ये स​ब शास्त्री ने देखा और समझ गए कि मामला गंभीर है। इसके बाद उन्होंने कोहली को आवाज दी। शास्त्री ने कहा ​कि इधर आओ और अपनी बैटिंग पर फोकस करो। इस दौरान रवि और कोहली हंस पड़े। शास्त्री ने कहा कि वे जब भी इस बारे में सोचते हैं तो अभी भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

कोहली ने सीरीज के दौरान किया था कमाल का प्रदर्शन
ऐतिहासिक रूप से देखें तो पता चलता है कि टीम इंडिया के लिए ये सीरीज अच्छी नहीं गई थी। हालांकि कोहली ने अच्छा खेल दिखाया था। कोहली ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान 692 रन बनाए थे। इस दौरान उनका औसत 86.50 का रहा था। कोहली के बल्ले से उस दौरान चार शतक आए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाई कोर्ट को दे दिया बड़ा निर्देश, 3 महीने के भीतर लंबित फैसला सुनाने को कहा

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सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाई कोर्ट को दे दिया बड़ा निर्देश, 3 महीने के भीतर लंबित फैसला सुनाने को कहाभारत की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को सुनाने में देरी को रोकने के लिए देश की सभी हाई कोर्ट को बाध्यकारी निर्देश जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस निर्देश को जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?
भारत के CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सभी हाई कोर्ट को तीन महीने के भीतर लंबित फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जमानत आदेश उसी दिन या फैसले होने पर अगले दिन सुनाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को नियमित जमानत आदेशों की तत्काल सूचना देने का भी निर्देश दिया है।

फैसले 24 घंटे के भीतर वेबसाइट पर अपलोड होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा अपने आदेश में कहा है कि जमानत प्राप्त विचाराधीन कैदियों को औपचारिकताओं के अधीन उसी दिन रिहा किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी निर्णय सुनाए जाने के 24 घंटे के भीतर हाई कोर्ट की वेबसाइटों पर अपलोड किए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि निर्णय के मुख्य भाग के सुनाए जाने की तिथि को ही फैसला सुनाए जाने की तिथि माना जाएगा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हाई कोर्ट प्राथमिक संस्थाएं हैं जहां हजारों लोग न्याय पाने के लिए आते हैं और समय पर निर्णय सुनाना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ये निर्देश किसी भी जज या संस्था पर लांछन लगाने के उद्देश्य से नहीं हैं।

आशुतोष गोवारिकर की फिल्म में नजर आएंगे आमिर खान? आगे बढ़ सकता है थ्री इडियट का सीक्वल

आमिर खान जल्द ही आशुतोष गोवारिकर की फिल्म में नजर आने वाले हैं और जल्द ही इसकी शूटिंग भी शुरू हो जाएगी। जिसके चलते अब थ्री इडियट फिल्म के सीक्वल की शूटिंग भी आगे बढ़ सकती है।आमिर खान बीते साल अपनी फिल्म ‘सितारे जमीं पर’ नजर आए थे और ये मूवी बॉक्स ऑफिस पर हिट भी रही थी। इसके बाद आमिर ने ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में भी एक कैमियो रोल किया था। अब आमिर जल्द ही अपनी अपकमिंग फिल्म में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म का नाम है ‘लाला अमरनाथ’ और इसे बना रहे हैं डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर। इस फिल्म के चलते आमिर ने अपनी एक और सुपरहिट फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ का सीक्वल भी पोस्टपोन कर दिया है।

थ्री इडियट्स से पहले दिखेगी ये फिल्म
आमिर खान जल्द ही अपनी अपकमिंग स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म लाला अमरनाथ में नजर आएंगे। वेरायटी इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो आमिर अपनी फिल्म थ्री इडिटय के सीक्वल की भी तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म को राजकुमार हिरानी बना रहे हैं। लेकिन राजकुमार हिरानी भी इन दिनों अपनी ओटीटी सीरीज को लेकर व्यस्त हैं। साथ ही रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आशुतोष की फिल्म लाला अमरनाथ की स्क्रिप्ट तैयार है और शूटिंग शुरू होना बाकी है। इस फिल्म में आमिर खान लीड रोल निभाते नजर आने वाले हैं। आईएमडीबी के मुताबिक इस फिल्म में आमिर के साथ फरहान अख्तर भी दमदार किरदार में नजर आ सकते हैं। हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्या रहेगी फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी एक असल जिंदगी के हीरो पर बनी है जिसका नाम था लाला अमरनाथ। भारतीय क्रिकेट टीम के धांसू खिलाड़ी लाला अमरनाथ पहले भारतीय क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ा था। इसके साथ ही लाला अमरनाथ पहले ऑलराउंडर भी थे जो बल्ले के साथ धांसू गेंदबाजी भी करते थे। लाला अमरनाथ को भारत सरकार ने पद्मभूषण के खिताब से भी सम्मानित किया है। अब देखना होगा कि क्या ये कहानी पर्दे पर लोगों को दिलचस्प लगती है या नहीं। फिल्म की कहानी पियूष गुप्ता और नीरज सिंह ने लिखी है और इसे आशुतोष गोवारिकर खुद डायरेक्ट कर रहे हैं। इससे पहले भी आमिर और आशुतोष लगान जैसी सुपरहिट फिल्म दे चुके हैं। अब ये एक्टर-डायरेक्टर की हिट जोड़ी फिर से पर्दे पर लौट रही है और फैन्स भी इसको लेकर काफी उत्साहित हैं।

कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक? जिन्हें सम्मानित करेगा UN, दो जवानों को मरणोपरांत मिलेगा सम्मान

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संयुक्त राष्ट्र आज भारत की शांति रक्षक मेजर अभिलाषा बराक को यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित करेगा। इसके अलावा दो भारतीय शहीदों को मरणोपरांत भी सम्मानित किया जाएगा।संयुक्त राष्ट्र की तरफ से भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को आज सम्मानित किया जाएगा। अभिलाषा बराक को लेबनान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र के द्वारा प्रतिष्ठित ”यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड” के लिए नामित किया गया है। उन्हें पश्चिम एशियाई देश में तैनाती के दौरान महिलाओं और लड़कियों के साथ किए गए संपर्क प्रयासों के लिए 2025 का ”यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा।
अभिलाषा बराक को आज किया जाएगा सम्मानित
अभिलाषा बराक, संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) में महिला सहभागिता दल (FET) की कमांडर के रूप में भारतीय बटालियन में कार्यरत हैं। वह भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आज यानी 29 मई को सम्मानित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र 29 मई को हर साल संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस का आयोजन करती है।

दो शहीदों को दिया जाएगा मरणोपरांत सम्मान
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र आज अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के अवसर पर दो भारतीय शांति रक्षकों को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करेगा। यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस आज इन दो जवानों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमर्सजोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगे। जिन दो भारतीय शांति रक्षकों को सम्मानित किया जाएगा उनमें लांस हवलदार हरभजन सिंह और नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान का नाम है। लांस हवलदार हरभजन सिंह ने कांगो में संयुक्त राष्ट्र के स्थिरीकरण मिशन में अपनी सेवाएं दी थीं। वहीं नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान साउथ सुडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए।

पहले भी दो महिलाओं को मिल चुका है सम्मान
भारत के लिए यह गर्व का क्षण है, क्योंकि बराक देश की तीसरी महिला हैं, जिन्हें लैंगिक समानता के संबंध में उनके कार्यों के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। बराक से पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया था।

मेजर सुमन गवानी को 2019 में मिला सम्मान
मेजर सुमन गवानी ने साउथ सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में अपनी सेवाएं दी थीं। उन्हें साल 2019 का ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ प्रदान किया गया था। उन्हें यह सम्मान मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र बहुआयामी एकीकृत स्थिरीकरण मिशन में कार्यरत ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेइरो डी कास्त्रो अरौजो के साथ संयुक्त रूप से दिया गया था।

मेजर राधिका सेन को 2023 में मिला सम्मान
इसके अलावा कांगो में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन में सेवा दे चुकीं मेजर राधिका सेन को प्रतिष्ठित 2023 ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। शांति अभियान विभाग के अंतर्गत सैन्य मामलों के कार्यालय द्वारा 2016 में स्थापित यह पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 1325 (महिला, शांति एवं सुरक्षा) के सिद्धांतों को बढ़ावा देने में एक सैन्य शांतिरक्षक के समर्पण और प्रयासों को मान्यता देता है। यह पुरस्कार उस सैन्य शांतिरक्षक के योगदान को रेखांकित करता है, जिसने शांति स्थापना गतिविधियों में लैंगिक दृष्टिकोण को सबसे प्रभावी ढंग से शामिल किया हो।

संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत अग्रणी
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे अधिक सैनिक और पुलिस बल भेजने वाले देशों में से भारत एक है। फरवरी 2026 तक, संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बल (UNIFIL) में 48 देशों के 7,538 शांति सैनिक शामिल थे, जिनमें भारत के 642 कर्मी भी थे। भारत, इटली (784), इंडोनेशिया (756) और स्पेन (660) के बाद चौथे स्थान पर था।

स्विट्जरलैंड में शख्स ने चाकू से हमला कर 3 लोगों को किया घायल, पुलिस ने बताया ‘आतंकी हमला’

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स्विट्जरलैंड में एक शख्स ने तीन लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना विंटरथुर शहर की बताई जा रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने इस घटना को आतंकवाद का एक घिनौना कृत्य बताया है।जिनेवा: स्विट्जरलैंड के विंटरथुर शहर में एक आतंकी हमला हुआ। यहां रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने तीन लोगों पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। अधिकारियों ने इस घटना को “आतंकवादी कृत्य” बताया। हालांकि आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक यह हमला सुबह 8:30 बजे के आस-पास हुआ। क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख मारियस वेयेरमैन ने बताया कि संदिग्ध को आपातकालीन सेवाओं को सूचना मिलने के पांच मिनट बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया।
मनोरोग केंद्र से मिली थी छुट्टी
मारियस वेयेरमैन ने आगे बताया कि आरोपी की पहचान 31 वर्षीय स्विस-तुर्की दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति के रूप में हुई है, जो विंटरथुर में रहता है। 2015 में इस्लामिक स्टेट समूह की प्रचार सामग्री वितरित करने के कारण वह अधिकारियों की नजर में आया था। हाल के दिनों में, पुलिस आपातकालीन नंबर पर कॉल करने और “अस्पष्ट टिप्पणियां” करने के बाद उसे एक मनोरोग केंद्र में ले जाया गया था, लेकिन बुधवार को एक डॉक्टर द्वारा यह निर्धारित किए जाने के बाद कि वह खतरनाक नहीं है, उसे वहां से छुट्टी दे दी गई।

तीन लोगों को किया घायल
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार के हमले में 28, 43 और 52 वर्ष की आयु के तीन स्विस पुरुष घायल हो गए। वेयेरमैन ने बताया कि पहले दो लोगों को दोपहर तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी या छुट्टी मिलने ही वाली थी। सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद अभी भी अस्पताल में भर्ती था। वेयेरमैन ने कहा कि जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि इस व्यक्ति ने अकेले ही यह हमला किया था।

अधिकारियों ने बताया आतंकी हमला
वहीं ज्यूरिख के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मारियो फेहर ने इस हमले को “आतंकवाद का एक घिनौना कृत्य” बताया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध का जन्म स्विट्जरलैंड में हुआ था और उसने 2009 में स्विस नागरिकता प्राप्त की थी, और ऐसा लगता है कि उसने पिछले दो वर्षों का अधिकांश समय तुर्की में बिताया था। बता दें कि विंटरथुर में लगभग 123,000 निवासी हैं और यह उत्तरपूर्वी स्विट्जरलैंड में, देश के सबसे बड़े शहर ज्यूरिख के पास स्थित है।

बालासोर में बड़ा रेल हादसा टला, ट्रेन के ऊपर गिरा क्रेन, रेलवे की सेवाएं प्रभावित

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ओडिशा के बालासोर में एक क्रेन मालगाड़ियों के ऊपर गिर गया। इस वजह से रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार भी टूट गए। घटना के बाद कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।बालासोर: ओडिशा के बालासोर जिले के नीलगिरि क्षेत्र स्थित गोपीनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रेलवे स्लीपरों की लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान एक विशाल क्रेन अचानक दो मालगाड़ियों के ऊपर जा गिरा। घटना में किसी के आहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन रेलवे सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा है।
दो मालगाड़ियों पर गिरा क्रेन
जानकारी के अनुसार, गोपीनाथपुर रेलवे स्टेशन के क्षेत्र में एक स्लीपर निर्माण इकाई में रेलवे स्लीपरों की लोडिंग और अनलोडिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान इस्तेमाल किया जा रहा भारी भरकम क्रेन अचानक असंतुलित होकर गिर पड़ा। क्रेन सीधे रेलवे ट्रैक के पास खड़ी दो मालगाड़ियों पर जा गिरा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार टूटे
क्रेन गिरने के कारण रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार भी टूट गए। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते रेलवे अधिकारियों को तत्काल उस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्री ट्रेनों के संचालन को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। घटना के समय वहां मौजूद कर्मचारियों और रेलवे स्टाफ में दहशत का माहौल बन गया।

हादसे में कोई हताहत नहीं
क्रेन के गिरते ही तेज आवाज हुई और आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त कोई यात्री ट्रेन उस ट्रैक से नहीं गुजर रही थी और न ही कोई कर्मचारी क्रेन के नीचे आया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। अगर उसी समय कोई यात्री ट्रेन वहां से गुजर रही होती या अधिक संख्या में मजदूर काम कर रहे होते तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल बन गया।

मरम्मत का काम तेज
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग टीम और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद राहत और बहाली का काम शुरू किया गया। सबसे पहले क्षतिग्रस्त क्रेन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि रेलवे ट्रैक को साफ किया जा सके। साथ ही टूटे हुए ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से चलाया जा रहा है।

ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित
ट्रेनों की आवाजाही तभी बहाल की जाएगी जब सभी मरम्मत कार्य पूरे हो जाएंगे और सुरक्षा संबंधी जांच संतोषजनक पाई जाएगी। फिलहाल प्रभावित रूट पर कुछ यात्री ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। हालांकि, क्रेन के अचानक गिरने के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी, अत्यधिक भार या संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही जैसे एंगल से जांच किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

NEET री-एग्जाम में लीक को रोकने के लिए सरकार लेगी एयरफोर्स की मदद! हवाई रास्ते से अलग-अलग शहरों में पहुंचेंगे पेपर

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21 जून को होने वाली री-एग्जाम परीक्षा के प्रश्नपत्रों के टांसपोर्टेशन के लिए इंडियन एयरफोर्स की मदद ली जा सकती है।NEET पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। सवाल उठा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने NEET री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए नई स्ट्रैटेजी तैयार की है। अब इसके लिए इंडियन एयरफोर्स की मदद ली जा सकती है। बताया जा रहा है कि अलग-अलग शहरों तक NEET री-एग्जाम के पेपर विमान से ले जाए जा सकते हैं।

NEET प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन में IAF करेगी मदद
सूत्रों के मुताबिक, 21 जून को होने वाली री-एग्जाम परीक्षा के प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए इंडियन एयरफोर्स की मदद ली जा सकती है। सरकार Whole-of-Government Approach के तहत गृह मंत्रालय, राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट में आज जवाब दाखिल करेगा NTA
वहीं, पेपर लीक को लेकर आज (बुधवार को) सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई है। इसे लेकर आज NTA को सुप्रीम कोर्ट में आज अपना जवाब दाखिल करना है, जिस पर 23 लाख बच्चों और उसके परिवार की सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

मुजफ्फरपुर में युवक की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, इलाज के दौरान मौत के बाद पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर थाना मीना पुर गांव पुरैनिया में युवक पर जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी रीना देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पति मनोज साहनी की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार दहशत और सदमे में है।

जानकारी के अनुसार मृतक मनोज साहनी पिता राज मंगल साहनी, 24 मई 2026 की रात करीब 9 बजे गांव पुरैनिया में भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोग गली से गुजर रहे थे जहां कीचड़ था, कुछ लोग विपक्षी के दरवाजे से जा रहे थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद 8 से 10 लोगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर मनोज साहनी को घेर लिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने मनोज साहनी पर अचानक हमला कर दिया। उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया और धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमलावर तब तक मारपीट करते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गए। घटना के बाद आरोपी उन्हें मौके पर घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल मनोज साहनी को मीनापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन इलाज के लिए पटना पहुंचे, लेकिन वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं होने के कारण काफी परेशानी हुई। बाद में उन्हें एक निजी अस्पताल यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 25 मई 2026 की रात करीब 8 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी रीना देवी ने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें 12 वर्षीय लालण और छोटा बेटा रवि कुमार शामिल हैं। पति की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है और अब उनके सामने बच्चों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

पीड़िता ने जिन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है उनमें मनोज सहनी पिता अशर्फी साहनी, विवेक कुमार पिता शंभू साहनी, धीरज साहनी पिता अशर्फी साहनी, अभिषेक कुमार पिता शंभू साहनी, अशोक कुमार पिता अशर्फी साहनी, शंभू साहनी पिता शिवजी साहनी,
अशर्फी साहनी पिता भुलन साहनी, शिवजी साहनी पिता भुलन साहनी
ये सभी लोग पाटीदार है शामिल हैं। परिवार का कहना है कि नामजद शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

रीना देवी ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए तथा परिवार को न्याय दिलाया जाए। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

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शादी का झांसा देकर तीन साल तक साथ रखने का आरोप, महिला ने बच्चों के भरण-पोषण और न्याय की लगाई गुहार

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भट्टे पर मजदूरी के दौरान शुरू हुआ रिश्ता अब विवाद में बदल गया है। पीड़िता इंदु देवी का आरोप है कि शादी का झांसा देकर तीन साल तक साथ रखने के बाद अब पति और उसका परिवार उसे अपनाने से इनकार कर रहा है, जबकि बच्चों के पालन-पोषण का भी कोई खर्च नहीं दिया जा रहा।नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र अंतर्गत नदावर गांव की रहने वाली एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर शादी का झांसा देकर शोषण करने तथा अब बच्चों के भरण-पोषण से मुंह मोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता इंदु देवी ने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार इंदु देवी के पहले पति की मृत्यु हो चुकी थी। पहले पति से उनके चार बच्चे हैं। पति के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई, जिसके चलते वह अपने बच्चों के साथ भट्टे पर मजदूरी करने लगीं। बताया गया कि पहले ससुराल पक्ष ने एक बेटा और एक बेटी अपने पास रख लिया, जबकि एक बेटा और एक बेटी इंदु देवी के साथ रहते हैं।

पीड़िता के अनुसार भट्टे पर काम करने के दौरान उनकी मुलाकात सुक्खू चौहान से हुई। आरोप है कि सुक्खू चौहान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उनके बच्चों की जिम्मेदारी उठाएगा, उनका पालन-पोषण करेगा और जीवनभर साथ रखेगा। इसी भरोसे में आकर दोनों के बीच संबंध बने और करीब तीन वर्षों तक दोनों साथ रहे।

इंदु देवी का आरोप है कि इस दौरान सुक्खू चौहान ने शादी भी की थी और उसके परिवार के सभी लोगों को इसकी जानकारी थी। पीड़िता ने बताया कि सुक्खू चौहान के पिता मुकेश चौहान समेत परिवार के अन्य सदस्य भी इस रिश्ते से अवगत थे। इसके बावजूद अब परिवार वाले उन्हें अपनाने से इनकार कर रहे हैं।

महिला का कहना है कि तीन साल तक साथ रखने के बाद अब सुक्खू चौहान ने उन्हें रखने से मना कर दिया है। इतना ही नहीं, वह बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई खर्च भी नहीं दे रहा। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष आए दिन झगड़ा और प्रताड़ना करता है।

इंदु देवी ने बताया कि वह न्याय की गुहार लेकर थाना पहुंचीं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। महिला ने कहा कि पति अब दूसरी शादी करने की बात कह रहा है। उनका कहना है कि यदि वह दूसरी शादी करना चाहता है तो करे, लेकिन उनके बच्चों और बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भरण-पोषण का खर्च अवश्य दे।

पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाया जाए तथा बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाए।

‘हमारे ऊपर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ है’, कुवैत के दावे से पश्चिम एशिया में संकट गहराया

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कुवैत ने दावा किया कि उस पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद हमले जारी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और तेल कीमतों में बढ़ोतरी ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।दुबई: पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के बीच लागू सीजफायर एक बार फिर संकट में नजर आ रहा है। कुवैत ने गुरुवार को दावा किया कि उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कुवैत की सेना ने हमले की पुष्टि की, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया। घटना के कुछ घंटे बाद ईरान ने भी क्षेत्र में हमला करने की बात स्वीकार की, लेकिन उसने भी साफ नहीं किया कि हमला कहां किया गया।
कुवैत को पहले भी बनाया गया है निशाना
कुवैत अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है। ईरान युद्ध के दौरान पहले भी ईरान और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया सशस्त्र गुट कई बार कुवैत को निशाना बना चुके हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनकी सरकार ईरान के साथ बातचीत में आगे बढ़ रही है और युद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति हो रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच वार्ता अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। ट्रंप ऐसे समझौते की कोशिश में हैं जिससे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को दोबारा खोला जा सके।

होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें बढ़ीं
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ के भंडार को छोड़ दे, जबकि ईरान आर्थिक प्रतिबंध हटाने और विदेशों में जमा अपनी संपत्तियां वापस पाने की मांग कर रहा है, ताकि उसकी कमजोर हो चुकी अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके। युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका असर दुनियाभर में ईंधन की कीमतों पर भी पड़ा है। अमेरिका में भी इस जंग के बाद महंगाई बढ़ी है और आम जनता इसे लेकर बहुत ज्यादा नाराज नजर आ रही है।

अमेरिका ने मार गिराए ईरान के 4 ड्रोन
हाल के दिनों में युद्धविराम के बावजूद एक-दूसरे पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर हमला किया था। पेंटागन ने इन्हें ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया था। वहीं बुधवार देर रात अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के आसपास खतरा पैदा कर रहे ईरान के 4 आत्मघाती ड्रोन मार गिराए। इसके अलावा बंदर अब्बास में स्थित एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी निशाना बनाया गया, जहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी हो रही थी।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया
ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के जरिए बंदर अब्बास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास हुए हमले की पुष्टि की। साथ ही दावा किया कि उसने उस एयर बेस पर जवाबी हमला किया, जहां से अमेरिकी कार्रवाई की गई थी। हालांकि ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसका हमला किस ठिकाने पर हुआ और यह भी साफ नहीं हो पाया कि कुवैत द्वारा घोषित हमला उसी कार्रवाई से जुड़ा था या नहीं। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और युद्धविराम के बावजूद जारी हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।