Friday, July 3, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 43

2 जून को गुरु बनाएंगे हंस राजयोग, 4 राशियों की कमाई में आएगा बंपर उछाल!

0

Hans Rajyog 2026: गुरु ग्रह 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में गुरु के आते ही हंस राजयोग का निर्माण होगा। जानिए ये योग किन राशि वालों के लिए चमत्कारी साबित होगा।Hans Rajyog 2026: हंस राजयोग बेहद शुभ योग माना जाता है। ये योग तब बनता है जब बृहस्पति देव अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करते हैं। यह बेहद दुर्लभ योग है। ज्योतिष अनुसार 2 जून को बनने वाला यह शुभ योग 4 राशि वालों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। करियर में बंपर लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है। नौकरी में लाभ प्राप्त करने के कई सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। चलिए जानते हैं किन राशियों के लिए हंस राजयोग सबसे लकी साबित होगा।मेष
मेष राशि वालों को करियर में कई सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। कार्यस्थल में आपकी स्थिति पहले से मजबूत हो जाएगी। आपके जो भी काम अटके हुए थे वो बनने शुरू हो जायेंगे। इस दौरान मनचाही जगह नौकरी मिल सकती है। पुराने विवादों का निपटारा हो सकता है।

वृषभ
वृषभ राशि वालों के लिए गुरु के गोचर से बनने वाला हंस राजयोग बेहद लकी साबित होंगे। जिस भी काम में हाथ डालेंगे बंपर लाभ मिलेगा। इस अवधि में कई गई यात्रा लाभकारी साबित होगी। लव लाइफ में कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है।

मिथुन
मिथुन राशि के जातकों को नौकरी में जबरदस्त लाभ मिलेगा। इस अवधि में बिजनेस में भी अच्छा लाभ कमाने में सफल रहेंगे। अचानक से धन की प्राप्ति होने के योग बन रहे हैं। वाहन या मकान सुख की प्राप्ति हो सकती है।

मीन
मीन राशि वालों के अटके काम पूरे होंगे। हर काम में सफलता मिलेगी। पार्टनरशिप के कार्यों में बंपर लाभ कमाने में सफल रहेंगे। माता-पिता का खूब सहयोग प्राप्त होगा। पैतृक संपत्ति लाभ देगी। कहीं अच्छी जगह पैसा निवेश कर सकते हैं। इस अवधि में किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है जिससे आपको करियर में खूब लाभ मिलेगा।

सिद्धारमैया के इस्तीफे पर आया DK शिवकुमार का पहला बयान, बोले- ‘वह लोगों के दिलों में बसे हैं’

0

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद ले सिद्धारमैया की विदाई हो चुकी है और डीके शिवकुमार को कांग्रेस राज्य का अगला सीएम बनाने जा रही है। इस बीच DK शिवकुमार ने सिद्धारमैया के लिए एक खास ट्वीट किया है और उनकी जमकर तारीफ की है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आलाकमान के निर्देश पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले सीएम होंगे। इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे हैं। तो वही, डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंच गए हैं। डीके और सिद्धारमैया दोनों आज राहुल गांधी से भी मुलाकात करने वाले हैं। हालांकि, ये मुलाकात अलग-अलग होगी। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार सरकार गठन और नए मंत्रियों के नाम पर राहुल गांधी से चर्चा करेंगे। तो वहीं, सिद्धारमैया राहुल गांधी से मिलकर अपना फैसला सुनाने वाले हैं कि वो राज्यसभा नहीं जाएंगे जिसका उन्होंने कल ऐलान किया था।
‘ईश्वर न वरदान देता है-न ही अभिशाप’
DK शिवकुमार ने सिद्धारमैया की तारीफ करते हुए X पर पोस्ट किया है। शिवकुमार ने कहा- “ईश्वर न तो वरदान देता है और न ही अभिशाप। वह केवल अवसर देता है। मायने यह रखता है कि हम उस अवसर में क्या हासिल करते हैं। हमारे सिद्धारमैया इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं। मैसूर जिले के एक गांव में जन्मे और पले-बढ़े, मेरे प्रिय मित्र सिद्धारमैया- जो संघर्ष के रास्ते राजनीति में आए, और सामाजिक न्याय के अग्रदूत तथा गरीबों के हमदर्द के रूप में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर रहे, ने अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।”

लोगों के दिलों में बसे सिद्धारमैया- डीके
शिवकुमार ने कहा- “कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में सबसे सफल, प्रभावशाली और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धारमैया लोगों के दिलों में बसे हैं, और भारतीय राजनीति के एक कद्दावर नेता हैं। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में-जन-हितैषी परियोजनाओं से लेकर जन-कल्याणकारी कार्यों तक-उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनका लगभग पचास वर्षों का विशाल राजनीतिक अनुभव, सामाजिक सरोकार और जन-हितैषी परियोजनाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।”

सिद्धारमैया ने हमेशा मेरा साथ दिया- डीके
शिवकुमार ने कहा- “जिस दिन (2020 में) मैं KPCC अध्यक्ष चुना गया, उस दिन से लेकर आज तक, सिद्धारमैया मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और पार्टी संगठन में मेरा साथ दिया है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि उनके प्रशासन के अंतर्गत मुझे मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में उनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मुझे आशा है कि आने वाले दिनों में भी, राज्य के कल्याण और हमारी पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए, उनका मार्गदर्शन और उनका वरिष्ठ अनुभव हमारे काम आता रहेगा। आइए, हम सब मिलकर कर्नाटक की प्रगति के लिए साथ कदम बढ़ाएं।”

मुजफ्फरपुर में दबंगई का आतंक, दुकानदार की दोपहिया गाड़ी तोड़ी, जान से मारने की धमकी

0

मुजफ्फरपुर जिले में एक छोटे दुकानदार के साथ दबंगई और उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ित रमेश शाह, जो जिले में बर्तनों और जेवर की छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने आरोप लगाया है कि इलाके के एक दबंग व्यक्ति प्रमोद कुशवाहा द्वारा लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि आरोपी आए दिन धमकियां देता है और दुकान बंद कर इलाके से चले जाने का दबाव बना रहा है।

पीड़ित के अनुसार वह वर्षों से अपनी दोपहिया वाहन के माध्यम से सामान गांव और आसपास के इलाकों में पहुंचाने का काम करते हैं। इसी वाहन के सहारे उनका कारोबार चलता है। रमेश शाह ने बताया कि करीब पांच वर्षों से आरोपी द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कई बार विवाद और धमकियों के बावजूद उन्होंने शांति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन अब मामला गंभीर हो गया है।

रमेश शाह का आरोप है कि बीते शाम प्रमोद कुशवाहा ने रास्ते में उनकी दोपहिया गाड़ी को रोककर क्षतिग्रस्त कर दिया। गाड़ी में तोड़फोड़ की गई जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और मारपीट करने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़ित और उसका परिवार डरे हुए हैं।

पीड़ित का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी देता है कि यदि उसने यहां दुकानदारी बंद कर क्षेत्र नहीं छोड़ा तो उसके साथ गंभीर घटना की जाएगी। लगातार मिल रही धमकियों से परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में दबंगई की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।

रमेश शाह ने प्रशासन और पुलिस से सुरक्षा देने तथा आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है। अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

90 के दशक की खूबसूरत हीरोइन का खूंखार अंदाज, अब 50 साल की उम्र में चुना एक्शन से भरा किरदार, जल्द आएगी सीरीज

करिश्मा कपूर जल्द ही ओटीटी सीरीज ब्राउन में नजर आने वाली हैं। हाल ही में इसका टीजर भी रिलीज हो गया है।90 के दशक में दर्जनों सुपरहिट फिल्में देने वाली एक्ट्रेस करिश्मा कपूर भले ही 50 साल की हो गई हैं। लेकिन आज भी एक्टिंग और सिनेमा के प्रति उनका जुनून देखने को मिलता है। 90 के दशक की सबसे खूबसूरत हीरोइन्स में गिनी जाने वाली करिश्मा अब खूंखार रोल में नजर आने वाली हैं। करिश्मा ने सीरीज ‘ब्राउन’ में अपनी दमदार एक्टिंग दिखाई है। इस सीरीज में करिश्मा एक पुलिस अधिकारी का रोल प्ले कर रही हैं। हाल ही में इस सीरीज का टीजर रिलीज हुआ है और इसे जी5 पर प्रीमियर किया जाएगा।

क्या होने वाली है सीरीज की कहानी?
सीरीज की कहानी रीता ब्राउन नाम की पुलिस अधिकारी की जिंदगी की भावनाओं को एक्सप्लोर करती है। रीता का रोल करिश्मा कपूर ने प्ले किया है। रीता एक शराबी पूर्व पुलिस अधिकारी है जो एक महिलाओं की हत्या करने वाले एक सीरियल किलर की तलाश में है। रीता अपनी जिंदगी से भी जूझ रही है और एक कॉम्लिकेटेड केस उसकी जिंदगी को हिलाकर रख देता है। सीरीज में करिश्मा के साथ जस्सू सेनगुप्ता, हेलेन, अनिरुद्ध रॉय, सूर्य शर्मा, मेघना मलिक, सोनी राजदान, अहल्या शेट्टी और केके रैना जैसे दिग्गज कलाकार नजर आने वाले हैं। मर्डर मुबारक में प्ले किया था दमदार रोल
बता दें कि करिश्मा कपूर ने अब तक अपने करियर में 66 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। साल 2024 में आई फिल्म मर्डर मुबारक में करिश्मा ने शहनाज नूरानी का रोल प्ले किया था। हालांकि ये फिल्म कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। इसके बाद करिश्मा ने जमानत में भी काम किया है। अब करिश्मा अपनी ओटीटी सीरीज ब्राउन की रिलीज की तैयारी कर रही हैं। ये सीरीज 5 जून 2026 को जी5 पर प्रीमियर हो जाएगी। अब देखना होगा कि क्या करिश्मा इस किरदार में लोगों की तारीफें बटोर पाती हैं या नहीं।

भारत में लॉन्च हुई टेस्ला की सबसे सस्ती EV कार! सिर्फ ₹6 लाख देकर ले आइए घर; इतनी होगी EMI

0

भारतीय कार बाजार में अमेरिकी दिग्गज कंपनी टेस्ला (Tesla) ने शुक्रवार को एक और बड़ा धमाका कर दिया है। एलन मस्क की कंपनी ने देश में अपनी अब तक की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च कर दिया है।भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब अमेरिकी कंपनी Tesla ने अपनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार लॉन्च कर इस रेस को और तेज कर दिया है। कंपनी ने भारत में नई 2026 मॉडल वाई प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव पेश की है, जिसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹50.89 लाख तय की गई है। आपको बता दें कि पिछले महीने ही कंपनी ने अपनी 6-सीटर एसयूवी Model YL (कीमत ₹61.99 लाख) उतारी थी और अब इस नए सबसे सस्ते मॉडल के आने से भारतीय प्रीमियम कार बाजार में हलचल मच गई है।
Tesla की नई EV में क्या है खास?
नई टेस्ला मॉडल Y प्रीमियम कंपनी की अब तक की सबसे किफायती पेशकश है। यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर तक चल सकती है। कंपनी का दावा है कि यह SUV सिर्फ 5.9 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। कार में नए डिजाइन एलिमेंट्स, एडवांस हार्डवेयर और प्रीमियम इंटीरियर फीचर्स दिए गए हैं। यह मॉडल दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कारों में शामिल मॉडल Y सीरीज का नया वर्जन है।

सिर्फ ₹6 लाख डाउनपेमेंट और ₹39,990 की आसान EMI
यदि आप भी इस शानदार टेस्ला कार को अपने घर लाना चाहते हैं, तो बैंक फाइनेंस के जरिए इसे खरीदना बेहद आसान है। ऑटो लोन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप ₹6 लाख का डाउनपेमेंट करते हैं, तो शेष राशि पर 9% से 9.5% की अनुमानित ब्याज दर के साथ 7 साल (84 महीने) की अवधि के लिए आपकी महीने की EMI लगभग ₹39,990 से ₹42,000 के बीच आएगी। इसके अलावा, पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले इस इलेक्ट्रिक कार को चलाने का खर्च बेहद कम है, जिससे हर महीने ईंधन पर होने वाली करीब ₹20,000 तक की सीधी बचत होगी।

जुलाई से शुरू होगी डिलीवरी
टेस्ला की सीनियर डायरेक्टर इजाबेल फैन ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि टेस्ला भारत में एक बेहतरीन ईवी एक्सपीरिएंस देने के लिए लगातार निवेश करती रहेगी। जल्द ही देश में और अधिक रिटेल आउटलेट्स, आफ्टर-सेल्स सर्विस सेंटर और चार्जिंग लोकेशंस खोली जाएंगी। कंपनी ने साफ किया है कि भारत में इस नई कार की डिनीवरी जुलाई 2026 से शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान में मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में टेस्ला एक्सपीरियंस सेंटर्स और सोहना रोड, गुरुग्राम में एक मुख्य टेस्ला सेंटर चालू है।

वैभव सूर्यवंशी दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेल रहे होते, फिर कैसे राजस्थान रॉयल्स के पाले में आ गए

0

वैभव सूर्यवंशी जब नीलामी में आए और उन पर बोली लगनी शुरू हुई तो केवल दो टीमें मैदान में आईं। आखिर में केवल 1.10 करोड़ रुपये खर्च कर राजस्थान रॉयल्स ने बाजी अपने नाम कर ली।वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं। हालांकि उनका ये दूसरा सीजन है। पहले सीजन में भी उन्होंने कमाल का खेल दिखाया था और छा गए थे, लेकिन इस उनकी चर्चा सबसे ज्यादा है। अब बाकी सभी टीमें सोच रही होंगी कि अगर उन्होंने वैभव को अपने पाले में कर लिया होता तो किस्मत ही बदल जाती। दरअसल जब आईपीएल नीलामी में वैभव का नाम पुकारा गया तो केवल दो ही टीमों ने उन पर बोली लगाई। लेकिन आखिर में राजस्थान रॉयल्स ने बाजी मार ली।
दिल्ली कैपिटल्स ने भी लगाई थी वैभव सूर्यवंशी पर बोली
आईपीएल 2025 से पहले जब इसके लिए ऑक्शन हुआ तो वैभव सूर्यवंशी पहली बार इसमें आए। वैभव अनकैप्ड खिलाड़ी थे, इसलिए उनका बेस प्राइज केवल 30 लाख रुपये ही रखा गया था। उन पर पहली बोली दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई थी। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने दूसरी बोली लगाई। इसके बाद काफी देर तक दोनों टीमें बोली लगाती रही, लेकिन तीसरी कोई टीम आई ही नहीं। देखते ही देखते ये बोली एक करोड़ तक जा पहुंची, जो दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ की बोली लगा दी। राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपये में मार ली बाजी
जब बोली 1.10 करोड़ की लगी तो दिल्ली कैपिटल्स ने अपने पैर पीछे खींच ​लिए। ऐसा नहीं है कि दिल्ली को वैभव की प्रतिभा के बारे में पता नहीं था। दरअसल उनके पास पर्स कम बचा था। जब वैभव की बोली शुरू हुई तो दिल्ली कैपिल्स के पर्स में 2.25 करोड़ रुपये ही बचे थे। वहीं राजस्थान रॉयल्स के पास 3.50 करोड़ रुपये बाकी थे। तब तक दिल्ली 18 प्लेयर्स खरीद चुकी थी और राजस्थान के पास 16 खिलाड़ी थे। 2.25 करोड़ रुपये होने के कारण ही दिल्ली की टीम 1.10 करोड़ रुपये के बाद वैभव पर बोली नहीं लगा सकी और राजस्थान रॉयल्स ने बाजी मार ली। अग​र दिल्ली के पास कुछ और पैसे होते तो क्या पता वैभव उनके लिए खेल रहे होते और टीम कहीं और होती। अब तक ऐसा रहा है वैभव का आईपीएल करियर
केवल 1.10 करोड़ रुपये में खरीद गए वैभव ने आईपीएल के अपने पहले सीजन में केवल 7 ही मैच खेले। उस दौरान ही उनका जलवा देखने के लिए मिल गया था। तब वैभव ने 206.56 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए थे। उसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। लेकिन असली रूप उनका इस साल देखने को मिला है। वैभव ने इस साल 15 मैच खेलकर 680 रन बना दिए हैं। उनका स्ट्राइक रेट अब बढ़कर 242.86 का हो गया है। साल साल वे एक शतक और चार अर्धशतक लगा चुके हैं। वे दो बार तो अपने शतक से कुछ ही रन से चूक गए थे। अब देखना होगा कि बचे हुए मैचों में वे कैसा प्रदर्शन करते हैं।

अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच 60 दिनों के लिए संघर्षविराम बढ़ाने पर बनी सहमति

0

US-Iran Ceasefire: दोनों देशों के बीच संघर्षविराम के लिए अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी बाकी है। सहमति ज्ञापन (MoU) पर डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर होने हैं।US-Iran Ceasefire: अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच 60 दिनों के लिए संघर्षविराम बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए मोटे तौर पर सहमति बन गई है। यह जानकारी मामले से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी ने दी है। अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि अभी इस सहमति ज्ञापन (MoU) पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी बाकी है।
डगमगाता हुआ दिख रहा था संघर्षविराम
अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मोटे तौर पर यह सहमति ऐसे वक्त बनी है, जब अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक संघर्षविराम डगमगाता हुआ दिखाई दे रहा है। इसकी रिपोर्ट सबसे पहले समाचार आउटलेट ‘एक्सियोस’ ने प्रकाशित की।

ईरान ने कुवैत पर दागीं मिसाइलें, जानिए क्या बोला अमेरिका
वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने कहा कि कुवैत ने बुधवार देर रात ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को मार गिराया और फारस की खाड़ी में अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों में से एक पर ईरानी हमले को ‘युद्धविराम का घोर उल्लंघन’ बताया। कुवैत पर हमला, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुए नाजुक युद्धविराम को जोखिम में डालने वाला नवीनतम घटनाक्रम है। कुवैत ने इससे पहले बताया था कि उसके क्षेत्र पर हमला हुआ है।

ईरान बोला हमने की जवाबी कार्रवाई
वहीं, ईरान ने कहा कि उसने खाड़ी देश में स्थित एक अमेरिकी अड्डे पर सप्ताह की शुरुआत में हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की है। हालांकि, उसने उस देश का नाम नहीं बताया। ईरान ने यह हमला, सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका द्वारा यह कहे जाने के बाद किया कि उसने तेहरान के मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों, बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं और हमलावर ड्रोनों पर हमला किया है। अमेरिका का इस बारे कहना था कि वे बंद होर्मुज स्ट्रेट के पास खतरा पैदा कर रहे थे।

इस साल मानसून में होगी सामान्य से कम बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट; पढ़ें ताजा अपडेट

0

इस Monsoon Season में बारिश को लेकर IMD ने बड़ा अपडेट दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वोत्तर को छोड़कर भारत के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। पढ़िए मौसम विभाग की रिपोर्ट।IMD Monsoon Forecast 2026: भारत में Southwest Monsoon के दौरान इस साल होने वाली बारिश के सामान्य से कम रहने का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जताया है। IMD के मुताबिक, दीर्घकालिक औसत बारिश के 90 फीसदी रहने का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर भारत में तो इस Monsoon के मौसम में सामान्य बारिश हो सकती है, जबकि भारत के बाकी सभी भागों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
ताजा पूर्वानुमान में 2 फीसदी कम हुए बारिश का आसार
जान लें कि मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अपने दूसरे पूर्वानुमान के बारे में कही हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी किए अपने पूर्वानुमान में IMD ने कहा था कि इस साल भारत में दीर्घकालिक औसत बारिश का 92 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है। जो अब के ताजा अनुमान से 2 फीसदी कम है। बता दें कि दीर्घकालिक औसत बारिश को IMD तीन भागों में बांटता है। वह 96-104 फीसदी को सामान्य मानसून मानता है। जबकि 90-95 प्रतिशत को सामान्य से कम कहता है। वहीं, 90 प्रतिशत से कम को अपर्याप्त या सूखा जैसी स्थिति मानता है।

आंधी-पानी से यूपी में दिखा तबाही का मंजर
इस बीच, मई के आखिर में मौसम के प्रकोप से यूपी में तबाही का मंजर देखने को मिला है। यूपी के सभी जिलों में अगले 24 घंटे तक बारिश, आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है। बीते गुरुवार को यूपी के अलग-अलग इलाकों में आंधी-तूफान के चलते भारी तबाही हुई है। हमीरपुर में निर्माणधीन ब्रिज कोलैप्स हो गया है।

यूपी में बारिश और आंधी के चलते 12 लोगों की मौत
लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और वाराणसी समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी-तूफान ने कहर मचा दिया। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी तूफान ने करीब 20 जिलों में हड़कंप मचा दिया। कई जगह से हादसे की खबरें सामने आ रही है, जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई मवेशियों की भी मौत हुई है।

सीएम योगी ने लिया पीड़ितों का संज्ञान
आसमानी आफत से हुई तबाही को लेकर सीएम योगी ने जानकारी ली है। कुदरत के कहर से हुई मौत को लेकर शोक संवेदना प्रकट की और नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने सभी सीनियर अफसरों को ग्राउंड पर ही रहने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने को कहा है। आज सुबह से पूर्वांचल के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश हो रही है। मऊ, कुशीनगर, वाराणसी और गोरखपुर में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई है।

संभल में गरीब मजदूर परिवार की जमीन पर कब्जे का आरोप: समझौते के बाद भी नहीं थमा विवाद, सरकारी कर्मचारियों पर फर्जी कागजात से खेत हड़पने का दावा

0

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के थाना रजपुरा क्षेत्र में जमीन विवाद का मामला अब गरीब मजदूर परिवार बनाम प्रभावशाली पक्ष की लड़ाई बनता नजर आ रहा है। पंचायत में समझौता होने के बावजूद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष फर्जी कागजात तैयार कर उनकी खड़ी फसल वाली जमीन पर कब्जा कर चुका है। परिवार का कहना है कि यही खेत उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा था और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मामला ग्राम रजपुरा का है, जहां मजदूरी कर किसी तरह परिवार पालने वाले रामसेवक और उनके परिजनों का गांव के ही कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था। बताया गया कि मामला थाना रजपुरा तक पहुंचा था, जिसके बाद गांव के बुजुर्गों, रिश्तेदारों और पंचों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था।

समझौते में साफ तौर पर तय हुआ था कि राजाराम और रामसेवक अपने हिस्से की जमीन पर कब्जा रखेंगे और विपक्षी पक्ष का उस खेत से कोई संबंध नहीं रहेगा। दोनों पक्षों ने लिखित रूप से समझौते को स्वीकार भी किया था। इसके बावजूद अब पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्षी पक्ष ने दोबारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर कब्जा कर लिया।

परिवार का आरोप है कि खेत में गेहूं की खड़ी फसल लगी हुई थी, लेकिन उसी दौरान जबरन कब्जा कर लिया गया। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास खेती के लिए यही एकमात्र जमीन थी और इसी से पूरे परिवार का पालन-पोषण होता था। अब जमीन हाथ से निकलने के बाद परिवार आर्थिक संकट में पहुंच गया है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष सरकारी कर्मचारी है, जिसकी वजह से उन्हें प्रशासनिक स्तर पर दबाव और प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि वे गरीब मजदूर लोग हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रभावशाली और सरकारी नौकरी करने वाले लोग हैं, इसलिए उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

आरोप है कि कई बार थाना रजपुरा में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन सुनवाई न होने से उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और ग्रामीण प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पंचायत में लिखित समझौता हो चुका था, तब दोबारा कब्जे की घटना बेहद गंभीर है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और अधिक बिगड़ सकता है।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो उनकी पैतृक जमीन पूरी तरह हाथ से निकल जाएगी और उनके सामने भूखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

सफल हुई सीएम मोहन यादव की मेहनत, गेहूं उपार्जन में एमपी लगातार बना रहा रिकॉर्ड, 104 लाख मीट्रिक टन पहुंचा आंकड़ा

मध्यप्रदेश सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार ने इसे पार करते हुए 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया है। इस पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में गेहूं खरीदी को लेकर मध्यप्रदेश लगातार नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। नए रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन की जगह 104 लाख 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हुआ है। मध्यप्रदेश को गेहूं खरीदी के लिए 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।
खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 13 लाख 41 हजार 266 किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान हासिल किया है। जबकि, प्रदेश गेहूं उपार्जन के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है।

28 मई तक बढ़ाई अवधि
कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों से सबसे पहले गेहूं की खरीदी की गई। कुल 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया गया। प्रदेश में हो रहे गेहूं उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की गई। मुख्यमंत्री यादव ने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा किया। उन्होंने किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूं के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लॉट बुक करा लिये थे, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी थी।

किसानों को 23,708.13 करोड़ से अधिक का भुगतान
किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 23,708.13 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। उपार्जित गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन का परिवहन भी किया जा चुका है। यह उपार्जित गेहूं का 93 प्रतिशत है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया है।

किस संभाग से कितना उपार्जन
रीवा संभाग में 6 लाख 15 हजार 851 मीट्रिक टन, जबलपुर में 12 लाख 73 हजार 667, शहडोल में 70 हजार 666, सागर में 8 लाख 56 हजार 968, भोपाल में 28 लाख 47 हजार 284, नर्मदापुरम में 9 लाख 22 हजार 508, उज्जैन में 22 लाख 84 हजार 47, इंदौर में 8 लाख 62 हजार 719, ग्वालियर में 4 लाख 36 हजार 805 और चंबल संभाग में 2 लाख 40 हजार 581 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है।

उपार्जन के किए गए समुचित प्रबंध
हर उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया गया। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के छायादार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई थी। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।