Friday, July 3, 2026
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मुकेश अंबानी लाएंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO, जून में हो सकता है लॉन्च

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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ, भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होने वाला है। जी हां, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है और इसकी वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है। ये आईपीओ अगले महीने जून में लॉन्च हो सकता है। हालांकि, इस आईपीओ के लॉन्च की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती है।

37,500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। बताते चलें कि हुंडई मोटर इंडिया ने साल 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च किया था। रिलायंस की वार्षिक आम बैठक 2025 में मुकेश अंबानी ने कहा था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा। अंबानी ने रिलायंस की गुरुवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और इसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।

आईपीओ को लेकर क्या बोले मुकेश अंबानी
मुकेश अंबानी ने कहा, “हम ऐसे रणनीतिक विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे, जिनसे हितधारकों की भागीदारी बढ़ सके और जियो की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिले। इसके साथ ही टिकाऊ मूल्य सृजन का सिद्धांत भी कायम रहे।” रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि आईपीओ के लिए घोषित समयसीमा नजदीक आने के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स में व्यापक हितधारक भागीदारी के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में मेटा और गूगल की भी हिस्सेदारी
बताते चलें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिलायंस की इस कंपनी में दिग्गज वैश्विक कंपनियों मेटा और गूगल की भी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट प्रॉफिट 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 26,120 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये पहुंच गया।

पति संग भारत के दौरे पर आईं टिफनी ट्रंप, दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर को देखकर हुईं मंत्रमुग्ध

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बूलोस ने भारत दौरे के दौरान स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। टिफनी ने अनुभव को अद्भुत बताया और भारतीय संस्कृति व विरासत की सराहना की।नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बूलोस अपने निजी भारत दौरे के दौरान दिल्ली स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनके कुछ मित्र भी मौजूद थे। अक्षरधाम मंदिर और टिफनी ट्रंप दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस सांस्कृतिक यात्रा की जानकारी साझा की। टिफनी ट्रंप ने अपने पोस्ट में अक्षरधाम मंदिर के अनुभव को ‘अद्भुत’ बताया और कहा कि यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। उन्होंने मंदिर की संस्कृति और विरासत की सराहना की।सर्जियो गोर ने भी किया दोनों का स्वागत
टिफनी के पति माइकल बूलोस भी इस यात्रा में उनके साथ मौजूद रहे। नई दिल्ली स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की ओर से भी इस यात्रा को लेकर पोस्ट साझा किया गया। मंदिर प्रशासन ने कहा, ‘संस्कृति और विरासत को जानने का एक सुंदर दिन रहा। हमारे लिए टिफनी ट्रंप, माइकल बूलोस और उनके मित्रों की मेजबानी करना सम्मान की बात रही।’ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस मौके पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दोनों का स्वागत किया। उन्होंने लिखा, ‘भारत में आपका स्वागत है! @TiffanyATrump @MichaelZBoulos।’

कौन हैं टिफनी ट्रंप और माइकल बूलोस?
टिफनी ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पूर्व पत्नी मारला मेपल्स की बेटी हैं। उनके 4 सौतेले भाई-बहन हैं, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, इवांका ट्रंप, एरिक ट्रंप और बैरन ट्रंप। टिफनी ने वर्ष 2020 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर से ज्यूरिस डॉक्टर या कानून की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने 2016, 2020 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में अपने पिता के लिए कैंपेन भी किया था। टिफनी सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। उनके पति माइकल बूलोस एक अमेरिकी-लेबनानी व्यवसायी हैं। दोनों ने 12 नवंबर 2022 को विवाह किया था।

देवरिया में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर खूनी संघर्ष, महिला का सिर फूटा, परिवार बोला- जमीन माफियाओं और पुलिस ने जीना हराम कर दिया

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देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बंजरिया झंगटौर में सरकारी जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खूनी संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। गांव निवासी गोवर्धन राजभर और उनके परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने, घर बनाने से रोकने, जानलेवा हमला करने और पुलिस की मिलीभगत से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में घायल महिला ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित गोवर्धन राजभर का कहना है कि गांव में जमीन के हिस्से को लेकर पहले विवाद हुआ था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसके बाद वह अपने हिस्से की जमीन पर मकान बनवाने की तैयारी कर रहे थे। आरोप है कि तभी गांव के ही कुछ दबंग लोग उमाशंकर, वासुदेव सिंह, रामप्रेम सिंह, नीलम सिंह और अन्य लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और जबरन निर्माण कार्य रुकवा दिया।

गोवर्धन का आरोप है कि दबंगों ने उन्हें घेरकर गाली-गलौज की, मारपीट पर उतारू हो गए और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, परिवार को गांव से भगाने तक की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि सुलह के दस्तावेज होने के बावजूद दबंग पक्ष उनकी एक नहीं सुन रहा और लगातार दबाव बना रहा है।

मामले ने और गंभीर रूप तब ले लिया जब गोवर्धन की पत्नी सरस्वती देवी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि 21 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे मीरा देवी, चंदन, संदीप, शुभम और पिंकी समेत कई लोग एक राय होकर उनके घर पर चढ़ आए। आरोप है कि सभी लोगों ने लोहे की रॉड और ईंट से हमला कर दिया, जिसमें सरस्वती देवी के सिर पर गंभीर चोट आई और हाथ-पैर भी जख्मी हो गए।

पीड़िता का कहना है कि जान बचाने के लिए वह घर के अंदर भागी, लेकिन आरोपियों ने घर में घुसकर उन्हें बाहर खींच लिया और दोबारा हमला किया। आरोप है कि चंदन ने ईंट मारकर उनका सिर फोड़ दिया। घटना के बाद जब परिवार थाने पहुंचा तो पुलिस ने न तो मेडिकल कराया और न ही कोई मुकदमा दर्ज किया।

वहीं गोवर्धन राजभर ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव की आराजी संख्या 303 की सरकारी भूमि पर मीरा देवी और उसके सहयोगी अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि उपजिलाधिकारी बरहज के आदेश के बावजूद थाना भलुअनी पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनके परिवार का ही शांति भंग में चालान कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि सरकारी जमीन बचाने की कोशिश करने पर उन्हें ही प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि कब्जा करने वालों को संरक्षण मिल रहा है। परिवार ने पुलिस पर पक्षपात करने और दबंगों के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।

गांव में इस विवाद को लेकर भारी तनाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो मामला और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।

77 साल पहले रिलीज हुई 10 गानों से सजी फिल्म, रामानंद सागर ने लिखी कहानी और राज कपूर बने हीरो, मेकर्स हुए मालामाल

राज कपूर और नरगिस को आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक माना जाता है। एक समय था जब राज कपूर हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े स्टार थे और 1949 में रिलीज हुई एक फिल्म ने उन्हें इंडस्ट्री के बेहतरीन निर्देशक के रूप में भी स्थापित कर दिया, जिसकी कहानी रामानंद सागर ने लिखी थी।रामानंद सागर के नाम का जिक्र जब भी आता है तो लोगों को ‘रामायण’ याद आ जाती है, जिसकी सफलता के चर्चे आज भी होते हैं। अरुण गोविल से लेकर दीपिका चिखलिया, अरविंद त्रिवेदी तक को इस पौराणिक धारावाहिक ने घर-घर में मशहूर कर दिया। लेकिन, रामानंद सागर का नाम सिर्फ ‘रामायण’ तक ही सीमित नहीं है, उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों की कहानी भी लिखी है। ऐसे ही 1949 में भी एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसकी कहानी रामानंद सागर ने लिखी थी। वहीं फिल्म में राज कपूर और नरगिस दत्त मुख्य भूमिका में नजर आए और इसका निर्देशन भी राज कपूर ने ही किया था। यही वो फिल्म थी, जिसने राज कपूर को देश के उभरते निर्देशकों में स्थापित कर दिया। हम बात कर रहे हैं 1949 में रिलीज हुई ‘बरसात’ की, जिसने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई थी।

10 में से 9 गानों को लता मंगेशकर ने दी आवाज
2 घंटे 51 मिनट लंबी फिल्म ‘बरसात’ की कहानी और कलाकार ही नहीं, इसके गाने भी खूब पॉपुलर हुए थे। इस फिल्म में 10 गाने थे और हैरानी की बात ये कि उनमें से 9 गानों में तो लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। वहीं इसकी कहानी मशहूर फिल्ममेकर रामानंद सागर ने लिखी थी और निर्देशन की कमान हिंदी सिनेमा के शोमैन कहलाया यानी राज कपूर ने संभाली थी।

हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्म
करीब 77 साल पहले यानी 1949 में रिलीज हुई फिल्म ‘बरसात’ आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार और ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म से राज कपूर इंडस्ट्री के बड़े निर्देशक के रूप में स्थापित हुए और नरगिस के साथ उनकी जोड़ी भी अमर हो गई। इस फिल्म की कहानी आज भी रोमांस और भावुकता का पर्याय बनी हुई है। खास बात तो ये है कि राज कपूर ने इस फिल्म में अभिनय करने और निर्देशन की कमान संभालने के अलावा भी इसमें बड़ा योगदान दिया था। वह इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी थे।

निम्मी की पहली फिल्म
इस फिल्म में अभिनेत्री निम्मी ने भी काम किया था, जो उनकी पहली फिल्म थी। वहीं प्रेम नाथ भी इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म की कहानी दो दोस्तों प्राण (राज कपूर) और गोपाल (प्रेम नाथ) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों दोस्तों के पास बेशुमार पैसा है और छुट्टियां मनाने के लिए दोनों पहाड़ी इलाके में जाते हैं। यहां प्राण, रेशमा (नरगिस) से मिलता है और पहली ही नजर में उसे दिल दे बैठता है। वहीं गोपाल की मुलाकात नीला (निम्मी) से होती है। दोस्त होते हुए भी प्राण और गोपाल अलग-अलग मिजाज के हैं। प्राण संवेदनशील और सच्चा है तो वहीं गोपाल रंगीन मिजाज का है। फिल्म में प्यार, त्याग, विश्वासघात और दर्द की भावनाओं को जिस संजीदगी से पेश किया गया है, वह आज की फिल्मों से मिसिंग है।

IPL फाइनल से पहले कगिसो रबाडा ने मारी बाजी, पर्पल कैप पर किया कब्जा, भुवी छूटे पीछे

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गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 2 विकेट लेकर IPL 2026 में अपने विकेटों की संख्या 28 पहुंचा दी और पर्पल कैप की रेस में भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया।IPL 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की जंग अब भी बेहद दिलचस्प बनी हुई है। दूसरे क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस की शानदार जीत के बाद जहां कगिसो रबाडा ने गेंदबाजों की सूची में बड़ा उलटफेर करते हुए पर्पल कैप पर कब्जा जमा लिया, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अपने शतक के दम पर ऑरेंज कैप की दौड़ को और रोमांचक बना दिया।
न्यू चंडीगढ़ में खेले गए IPL 2026 के दूसरे क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 215 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने 53 गेंदों में 104 रन की शानदार पारी खेली, जबकि साई सुदर्शन ने 32 गेंदों में 58 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 167 रन जोड़कर मैच को एकतरफा बना दिया।

ऑरेंज कैप की रेस में दूसरे नंबर पर पहुंचे गिल
इस शतकीय पारी के बाद शुभमन गिल के नाम IPL 2026 में 15 मैचों में 722 रन हो गए हैं। वह अब सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, ऑरेंज कैप अभी भी राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के सिर पर सजी हुई है। वैभव ने इस सीजन 16 मैचों में 776 रन बनाकर टूर्नामेंट का अंत किया। सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर साई सुदर्शन हैं। दूसरे क्वालिफायर में 58 रन बनाने के बाद उनके नाम अब 710 रन हो गए हैं।

रबाडा ने पर्पल कैप पर किया कब्जा
दूसरी ओर साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने राजस्थान के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 34 रन देकर 2 विकेट झटके। इस प्रदर्शन के साथ उनके विकेटों की संख्या 28 हो गई है। रबाडा अब IPL 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं और उन्होंने पर्पल कैप पर कब्जा जमा लिया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पर्पल कैप की दौड़ में लंबे समय तक शीर्ष पर रहे, लेकिन अब दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनके नाम 15 मैचों में 26 विकेट दर्ज हैं। वहीं, राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने दूसरे क्वालिफायर में एक विकेट हासिल किया और सीजन का समापन 16 मैचों में 25 विकेट के साथ किया।

अब IPL 2026 का फाइनल 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। इस मुकाबले में सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की तस्वीर भी साफ होगी।

‘डराने के लिए नहीं कह रहा लेकिन यकीनन जिंदगी और मौत का मसला है’, तेलंगाना में SIR पर ओवैसी ने की भावुक अपील

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Asaduddin Owaisi ने Telangana में शुरू होने जा रही SIR प्रक्रिया को जिंदगी और मौत का मसला बताते हुए इमोशनल अपील की। हैदराबाद में आयोजित AIMIM की बैठक में असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी बातें कहीं।हैदराबाद: तेलंगाना में 25 जून से SIR की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इस बीच, AIMIM के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के लोगों से भावुक अपील की है। असदुद्दीन ओवैसी ने साफ कहा कि मैं इमोशनल बात नहीं कर रहा लेकिन SIR हमारे लिए जिंदगी और मौत का मसला है। इसके साथ ही, असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी बताया कि जो लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्हें फॉर्म भरने में दिक्कत आए तो वह क्या कर सकते हैं।
ओवैसी ने SIR को बताया जिंदगी-मौत का मसला
हैदराबाद में AIMIM की मीटिंग में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘चूंकि यह मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिम्मेदार लोगों की मीटिंग है, न कि कोई आम बैठक, इसलिए आप सभी से मेरी अपील है कि तेलंगाना में SIR 25 जून से शुरू होगा। इसे गंभीरता से लें। मैं यह बात आपको डराने या भावुक करने के लिए नहीं कह रहा हूं, बल्कि यह जिंदगी और मौत का मसला है।’

SIR को बड़े सीरियस तरीके से लीजिए- ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘SIR जब 25 जून से शुरू होगा, तो वोटर्स के घर पर, Enumerator Form के साथ बूथ लेवल ऑफिसर आएगा। और वो फॉर्म उस घर पर, उस वोटर के घर पर या वोटर को देकर जाएगा। मैं वोटर्स से अपील कर रहा हूं कि SIR को बड़े सीरियस तरीके से लीजिए। ये बड़ा अहम मसला है।’

फॉर्म भरना नहीं आता है तो क्या करें?
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘जब आपको BLO फॉर्म देगा, तो आप उस फॉर्म को पढ़िए। अगर आपको पढ़ना नहीं आता तो आप मजलिस के जिम्मेदार, जो BLA हैं, या फिर किसी अपने जानकार को जिसपर आपको भरोसा है, उनको बताइए। और ये देखिए कि मैपिंग सही तरीके से हुई या नहीं हुई है।’

असदुद्दीन ओवैसी ने की AIMIM कार्यकर्ताओं की तारीफ
असदुद्दीन ओवैसी बोले, ‘पूरे भारत में अगर किसी सियासी जमात ने वोटर्स के नाम को SIR में शामिल कराने के लिए काम किया और कर रही है, तो उस पार्टी का नाम मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन है। हमने ऐप बनाया और दफ्तर से मजलिस ने ट्रेनिंग भी दी। यहां पर लोग आते हैं, अपना नाम 2002 के वोटर लिस्ट में चेक करते हैं, और उनकी मैपिंग की जाती है।’

SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, चुनाव आयोग की तरफ से Voter List को पूरी तरह से शुद्ध, सटीक और अपडेटेड करने के लिए चलाया जाने वाला खास अभियान है। इसके अंतर्गत बूथ लेवल के अधिकारी घर-घर जाकर वोटर्स के डेटा का Physical Verification करते हैं।

अमेरिका: 6 गाड़ियों में टक्कर मारने के बाद खाई में गिरी बस, 5 की मौत, 34 घायल

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अमेरिका के वर्जीनिया में एक बस ने कई गाड़ियों में टक्कर मार दी। घटना के बाद बस एक खाई में पलट गई। हादसे के बाद एक कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला की भी मौत हो गई है।स्टैफोर्ड: अमेरिका के वर्जीनिया में इंटरस्टेट 95 पर एक हादसा हो गया। यहां एक निर्माण क्षेत्र के कारण धीमी गति से चल रहे वाहनों से एक बस टकरा गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल बताए जा रहे हैं। ये हादसा स्टैफोर्ड काउंटी में क्वांटिको के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक मरने वाले सभी पांच लोग उन वाहनों में थे, जिन्हें बस ने टक्कर मारी थी। हादसे के बाद 44 लोगों को अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।
छह वाहनों में मारी टक्कर
पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि निर्माण क्षेत्र के कारण दक्षिण की ओर जाने वाले वाहनों की गति धीमी हो रही थी। एक बस यातायात के लिए गति धीमी करने में विफल रही और छह वाहनों से टकरा गई।” पुलिस ने बताया कि बस में “लगभग” 34 यात्री सवार थे। घटनास्थल पर मौजूद संघीय परिवहन प्रशासन के प्रवक्ता पेटन वोगेल ने कहा, “हमारे मरीज कई अस्पतालों में भर्ती हैं। चालक भी यहीं एक अस्पताल में भर्ती है। मुझे कहना होगा, यह सबसे दुखद घटनाओं में से एक है जो मैंने कभी देखी है। बेहद दुखद।”

पांच लोगों की मौत
घटना के बाद एक कार में आग लग गई, जिसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 45 वर्षीय पुरुष, 44 वर्षीय महिला, 13 वर्षीय लड़की और 7 वर्षीय लड़के के रूप में की गई है, ये सभी लोग मैसाचुसेट्स के ग्रीनफील्ड के रहने वाले थे। हालांकि पुलिस ने मृतकों के नाम नहीं जारी किए हैं। इसके अलावा पांचवीं मृतक मैसाचुसेट्स के वॉर्सेस्टर की एक अज्ञात 25 वर्षीय महिला थी, जिसे बस ने टक्कर मार दी थी।

बस चालक की हुई पहचान
पुलिस ने बस चालक की पहचान न्यूयॉर्क के स्टेटन आइलैंड निवासी 48 वर्षीय जिंग एस डोंग के रूप में की है। अधिकारियों ने बताया कि उन पर आरोप अभी लंबित हैं। परिवहन सचिव शॉन डफी ने बताया कि डोंग मूल रूप से चीन के अमेरिकी नागरिक थे और उन्होंने दो साल पहले न्यूयॉर्क में अपना वाणिज्यिक चालक लाइसेंस प्राप्त किया था।

देश के 19 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी, तपती गर्मी से कब तक मिलेगी राहत, यहां जानें

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देश के लाखों लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चलेंगी।नई दिल्लीः देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में कम से कम 31 मई तक ओलावृष्टि, धूल भरी आंधी और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले दो से तीन दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए काफ़ी अनुकूल हो गया है।
इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार और रविवार को यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और गोवा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। बिहार और झारखंड में 50-60 किमी की रफ्तार से आंधी चल सकती है। बिहार में हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मध्य महाराष्ट्र में 30 मई को झमाझम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 31 मई को बारिश की संभावना है। गुजरात में 31 मई से 2 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती है।

यहां पर होगी बारिश

वहीं, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय में 1 जून से 4 जून के दौरान बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 मई से 3 जून के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है।

भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में 30 मई तक अधिकतम तापमान में 5-7°C की क्रमिक गिरावट की संभावना है। गुजरात में 4 जून तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक गिरावट हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में 04 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

बता दें कि पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार, यूपी, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश हुई। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और देश के बाकी हिस्सों में तापमान 40-43°C रहा। देश में शुक्रवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 47.5°C बांदा (उत्तर प्रदेश) में दर्ज किया गया।

कर्नाटक में ‘शिवकुमार’ के नाम पर आज लगेगी मुहर, डिप्टी CM पर सस्पेंस बरकरार, यहां जानें हर अपडेट

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कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब डीके शिवकुमार के नाम पर आज मुहर लग जाएगी। आज शाम को कर्नाटक में सीएलपी की बैठक होनी है, जिसमें डीके शिवकुमार के नाम की औपचारिकता पूरी की जाएगी। कर्नाटक के सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद आज बेंगलुरू में कांग्रेस पार्टी के CLP की मीटिंग होगी। इस बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। पार्टी के सभी विधायकों से मीटिंग के लिए बेंगलुरु में मौजूद रहने को कहा गया है। आज नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार अपनी नई कैबिनेट के साथ 3 जून को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

दिल्ली में हुई बैठकें
इससे पहले शुक्रवार को पार्टी अलाकमान ने डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों नेताओं से नए मंत्रिमंडल पर चर्चा की। दोनों नेता शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे थे, जहां दोनों ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से मुलाकात की और राजनीतिक घटना पर चर्चा की। वहीं अब आज की बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और नए चेहरों को मौका देने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कर्नाटक में डिप्टी सीएम को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होगी।

मंत्रिमंडल पर भी चर्चा
कांग्रेस अलाकमान की कोशिश है कि नए सीएम के शपथ ग्रहण की तारीख के ऐलान से पहले मंत्रिमंडल की तस्वीर भी साफ हो जाए, जिससे सारे मंत्री भी नए मुख्यमंत्री के साथ शपथ ले सकें। इसको लेकर शुक्रवार को पूरे दिन सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की दिल्ली के पार्टी नेताओं से मुलाकातों का दौर जारी रहा। सूत्रों के मुताबिक आज सीएलपी लीडर के चुनाव के बाद डीके शिवकुमार 3 जून को शपथ ले सकते हैं। आज होने वाली बैठक में केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी शामिल रहेंगे। उनकी उपस्थिति में ही सीएलपी मीटिंग होगी।

बिजनौर में बहू-बेटे के बाद अब सास बेघर! दो-दो मकानों पर कब्जे का आरोप, विधवा महिला बोली- खाने तक को तरसा दिया

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बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शिवाला कला थाना क्षेत्र स्थित ग्राम हीमपुर पृथ्या में संपत्ति विवाद ने अब ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक बुजुर्ग विधवा महिला ने अपनी ही पुत्रवधू पर मारपीट, मकानों पर कब्जा करने, घर से बेदखल करने और भूखा रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति और बेटे की मौत के बाद अब वह दर-दर भटकने और भीख मांगने को मजबूर हो गई है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।

विधवा समला देवी पत्नी स्वर्गीय लल्लू सिंह का आरोप है कि बेटे सुमित कुमार की मौत के बाद उन्होंने अपनी पुत्रवधू सोनम को सहारा देने के लिए मकान में रहने दिया था। लेकिन धीरे-धीरे बहू ने पूरे परिवार की संपत्ति पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। पहले एक मकान पर कब्जा किया गया और अब उस दूसरे मकान पर भी कब्जा कर लिया गया, जहां खुद बुजुर्ग महिला रहती थी।

समला देवी का आरोप है कि बहू कई बार उनके साथ मारपीट कर चुकी है। उन्हें घर से धक्के देकर निकाला गया, खाने-पीने तक को मोहताज कर दिया गया और अब हालत यह है कि वह बेसहारा होकर इधर-उधर भटक रही हैं। पीड़िता का कहना है कि कई बार गांव के लोगों ने बीच-बचाव कराया, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता चला गया।

महिला ने आरोप लगाया कि 8 मई 2026 को बहू सोनम अपने साथ कई लोगों को लेकर घर पहुंची और मकान का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया। घर में रखे करीब 70 हजार रुपये नकद, एक तोला सोना और करीब दस तोला चांदी भी गायब हो गई। विरोध करने पर धमकियां दी गईं और उन्हें जबरन मकान से बाहर कर दिया गया।

इतना ही नहीं, समला देवी ने थाना शिवाला कला में तैनात दरोगा अजीत सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दरोगा लगातार जमीन और मकान का बैनामा बहू के नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी तक दी गई। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह गरीब, विधवा और बेसहारा है, इसलिए उसकी कोई मदद नहीं कर रहा।

दूसरी ओर पुलिस की जांच रिपोर्ट में दोनों पक्षों के बीच संपत्ति विवाद और तनाव की पुष्टि की गई है। पुलिस ने शांति भंग की आशंका को देखते हुए धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है। हालांकि पुलिस ने कई आरोपों की पुष्टि न होने की बात कही है।

मामले में यह भी सामने आया है कि बहू सोनम पर पहले से मारपीट से जुड़े मुकदमे चल रहे हैं। गांव में इस पूरे विवाद को लेकर भारी तनाव और चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग महिला की हालत बेहद खराब है और प्रशासन को मामले में निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक बुजुर्ग विधवा महिला को न्याय कब मिलेगा और क्या प्रशासन उसे दोबारा उसका आशियाना वापस दिला पाएगा या नहीं।