Friday, July 3, 2026
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गरीबी से जंग लड़ते हुए सोशल मीडिया पर पहचान बनाने में जुटे हंस लाल महतो, मेहनत और हुनर से लिख रहे सफलता की नई कहानी

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शिवहर। बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले 29 वर्षीय हंस लाल महतो आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं। बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले हंस लाल महतो वर्षों से कड़ी मेहनत और संघर्ष के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने में जुटे हुए हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण उन्हें मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करना पड़ता है। दिनभर मेहनत-मजदूरी करने के बाद भी वह अपने सपनों को जीवित रखे हुए हैं। खाली समय में वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के लिए वीडियो तैयार करते हैं और अपने हुनर का प्रदर्शन करते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार हंस लाल महतो में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वह लगातार नए और रचनात्मक वीडियो बनाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। उनके वीडियो में मेहनत, लगन और रचनात्मकता साफ दिखाई देती है, जिसके कारण धीरे-धीरे उन्हें सोशल मीडिया पर पहचान भी मिल रही है।

हंस लाल महतो का सपना है कि वह अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ी सफलता हासिल करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकें। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी किसी व्यक्ति के सपनों को रोक नहीं सकतीं, यदि उसके अंदर आगे बढ़ने का जज्बा और मेहनत करने की इच्छा हो।

आज जब कई युवा संसाधनों की कमी का हवाला देकर अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं, ऐसे समय में हंस लाल महतो का संघर्ष और समर्पण एक मिसाल बनकर सामने आया है। मजदूरी के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में लगातार मेहनत कर रहे हंस लाल महतो की कहानी यह साबित करती है कि सफलता का रास्ता कठिन जरूर होता है, लेकिन दृढ़ संकल्प और अथक प्रयास से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

शिवहर के इस युवा की मेहनत और लगन अब लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। क्षेत्र के लोग भी उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले समय में हंस लाल महतो अपनी प्रतिभा के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे और जिले का नाम रोशन करेंगे।

दो माह 10 दिन की गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप

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मायके पक्ष ने पति समेत पांच ससुरालीजनों पर लगाए गंभीर आरोप, अंतिम संस्कार में भी बरती गई जल्दबाजी

उरई/हमीरपुर। दहेज की मांग ने एक और नवविवाहिता की जिंदगी लील ली। हमीरपुर जिले के गोहाण्ड थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल के कई लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मृतका साधना विश्वकर्मा का विवाह 2 दिसंबर 2024 को गोहाण्ड निवासी आनंद कुमार के साथ हुआ था। साधना के भाई भूपेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार शादी के कुछ समय बाद ही पति आनंद कुमार, ससुर देवकीनंदन, सास उमा देवी, देवर रुचित और ननद दीपिका द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी थी। मांग पूरी न होने पर साधना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।

परिजनों का कहना है कि 27 मई को उन्हें ससुराल पक्ष के पड़ोसियों से फोन पर सूचना मिली कि साधना की हालत गंभीर है और तत्काल पहुंचने के लिए कहा गया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग उरई के लिए रवाना हुए। जब वे राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो साधना को मृत अवस्था में पाया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने आत्महत्या की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन मायके पक्ष ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि साधना गर्भवती थी। परिजनों के अनुसार सोनोग्राफी रिपोर्ट में उसकी गर्भावस्था दो माह 10 दिन की बताई गई है। यह रिपोर्ट शिकायत और एफआईआर के साथ भी संलग्न की गई है। ऐसे में गर्भवती महिला की अचानक हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतका के भाई भूपेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत के बाद भी ससुराल पक्ष ने जल्दबाजी में साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। उनका कहना है कि जब साधना का शव एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, उस दौरान एंबुलेंस में ससुराल पक्ष के लोग मौजूद थे, जबकि मायके पक्ष के लोग अपनी गाड़ी से पीछे-पीछे आ रहे थे। आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही साधना का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

भूपेंद्र का कहना है कि एक सुहागन महिला का बिना पारंपरिक रीति-रिवाजों के जल्दबाजी में दाह संस्कार कर दिया गया और अंतिम संस्कार के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता न चल सके और संभावित साक्ष्य नष्ट हो जाएं।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं विवाहिता की मौत के बाद मायके पक्ष ने इसे स्पष्ट रूप से दहेज हत्या का मामला बताते हुए सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार उसकी जान ले ली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

नोएडा में महिला ने भू-माफियाओं और पुलिस पर सांठगांठ का लगाया आरोप, बोलीं- कोर्ट जाने पर दी जाती है जान से मारने की धमकी

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नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर-58 क्षेत्र स्थित रसूलपुर नवादा गांव की निवासी कुंता देवी ने भू-माफियाओं और कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले चार वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है।

कुंता देवी के अनुसार उन्होंने गांव में सरकारी जोहड़ और एलएमसी की जमीन पर कथित कब्जे के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था। उनका आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह मुकदमा वापस ले लें। ऐसा न करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा जिला बदर कराने की धमकियां दी जा रही हैं।

पीड़िता का आरोप है कि गौतम, अरुण गौतम, अनिल गौतम, आनंद, सचिन, शहनाज, वर्षा, शिवानी, संजय, मधु, रिंकू, अंजलि, कृष्णा, मोंटी तथा अन्य लोगों द्वारा लगातार उन्हें और उनके पुत्र आकाश को परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार रास्ते में रोककर मारपीट की गई और कोर्ट में तारीख पर जाने से भी रोका जाता है।

कुंता देवी ने दावा किया कि जब भी न्यायालय में सुनवाई की तारीख होती है, उस दिन उन्हें रास्ते में रोकने, धमकाने और डराने का प्रयास किया जाता है। उनका कहना है कि कई बार उनके साथ मारपीट भी की गई, जिससे वह और उनका परिवार भय के माहौल में जीवन बिता रहे हैं।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी आरोपित पक्ष के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने कथित रूप से मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर झूठे मामलों में फंसाने की चेतावनी दी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुंता देवी का कहना है कि शिव मंदिर के पास उनकी पूजा सामग्री की दुकान है, जिसे हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि कुछ लोग मंदिर परिसर और आसपास की जमीन पर अपना कब्जा स्थापित करना चाहते हैं तथा विरोध करने वालों को धमकाया जाता है।

पीड़िता ने यह भी दावा किया कि सरकारी जोहड़ की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है। उनका कहना है कि इसी कारण उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

महिला ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी तथा शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।

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इंदौर में पड़ोसी विवाद ने लिया हिंसक रूप, दंपति पर हमला, महिला के कपड़े फाड़ने का आरोप

इंदौर। चंदन नगर थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच चल रहे पुराने विवाद ने शनिवार रात हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि आधा दर्जन लोगों ने एक दंपति के घर पहुंचकर मारपीट की और महिला के साथ अभद्रता करते हुए उसके कपड़े तक फाड़ दिए। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार घटना शनिवार रात करीब 10:30 बजे की है। पीड़ित महेंद्र और उनकी पत्नी मेनका चौहान ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पड़ोसियों के साथ पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी राहुल अतूनिया, आकाश गोस्वामी, आदित्य, गोलू बंजारा, रोहित गोस्वामी सहित अन्य लोग एकजुट होकर उनके घर पहुंचे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपियों ने मिलकर महेंद्र चौहान के साथ बेरहमी से मारपीट की। जब उनकी पत्नी मेनका चौहान बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया। महिला ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसके साथ बदसलूकी की गई।

घटना के बाद घायल दंपति ने पुलिस से संपर्क किया। रविवार सुबह चंदन नगर थाने में शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। मामले में सामूहिक रूप से हमला करने, मारपीट, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा धमकी देने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है। पीड़ितों के बयान दर्ज किए जाय और इन लोगों पर सख्त कार्रवाई करना चाहिए ताकि आए दिन यहां लड़ाई झगड़ा ना हो

बेटी के खाते में आएंगे 50 लाख रुपये, जानें सुकन्या समृद्धि योजना में कितना करना होगा निवेश

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सुकन्या समृद्धि योजना के तहत, सिर्फ 10 साल से कम उम्र की बेटी का ही खाता खोला जाता है। SSY खाते में हर साल कम से कम 250 रुपये जमा करने होते हैं।SSY Calculator: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), मौजूदा समय की सबसे लोकप्रिय सरकारी वित्तीय योजनाओं में से एक है। सुकन्या समृद्धि योजना, खासतौर पर बेटियों के लिए तैयार की गई है और इसमें सिर्फ बेटियों के ही खाते खोले जाते हैं। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली इस स्कीम में बेटियों को 8.2 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिलता है। देश की किसी भी दूसरी स्कीम पर बच्चियों को इतना ब्याज नहीं मिलता है। अगर आप अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खोलते हैं तो मैच्यॉरिटी पर आपको अच्छी-खासी रकम मिल सकती है। इस रकम का इस्तेमाल बेटी की उच्च शिक्षा के साथ-साथ उसकी शादी में भी हो सकता है।

10 साल से कम होनी चाहिए बेटी की उम्र
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत, सिर्फ 10 साल से कम उम्र की बेटी का ही खाता खोला जाता है। SSY खाते में हर साल कम से कम 250 रुपये जमा करने होते हैं। इस योजना के तहत आप अपनी बेटी के नाम से एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना पूरी तरह से टैक्स-फ्री योजना है। इससे होने वाली कमाई पर आपको एक भी रुपये का टैक्स नहीं देना होता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक परिवार की अधिकतम 2 बेटियों के ही खाते खुलवाए जा सकते हैं। अगर किसी परिवार में जुड़वा बेटियां हों, तो उस परिवार में 2 से ज्यादा बेटियों के भी खाते खुलवाए जा सकते हैं।

SSY में 15 साल तक करना होता है निवेश
इस स्कीम में बेटी के नाम से 15 साल तक निवेश करना होता है। योजना के तहत, बेटी के नाम से खोला गया खाता, खाता खुलवाने की तारीख से 21 साल बाद मैच्यॉर हो जाता है। अगर आपकी बेटी 18 साल की हो गई है और आपको उसकी शादी करनी है तो ऐसे में भी आप अपनी बेटी का खाता बंद करा सकते हैं, जिसके बाद सारा पैसा आपकी बेटी के बैंक खाते में डाल दिया जाता है। अगर आपकी बेटी की उम्र 1 साल है और आप अभी खाता खुलवाकर हर साल 1,09,000 रुपये का निवेश करते हैं तो साल 2047 में मैच्यॉरिटी पर आपकी बेटी के खाते में कुल 50,34,040 रुपये आएंगे।

देश को दहलाने की साजिश! दिल्ली पुलिस ने 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार, ISI से निकला कनेक्शन

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देशभर में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे 9 आरोपियों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। जांच में मुताबिक इनका ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के साथ कनेक्शन भी सामने आया है।नई दिल्ली: देश के अलग-अलग शहरों को दहलाने की साजिश का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़े हुए थे। जांच में पता चला है कि इनकी प्लानिंग देश के अलग-अलग शहरों में आतंकी हमला करने की थी। फिलहाल हमले से पहले ही इनको गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम इन आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।
अहम ठिकानों पर हमले की थी प्लानिंग
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहे 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को दिल्ली में महत्वपूर्ण सरकारी और रणनीतिक प्रतिष्ठानों (Vital Installations) के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। पकड़े गए लोगों का मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी कनेक्शन सामने आया है। इनके टारगेट पर क्रिटिकल इंस्टालेशन जैसे- पावर प्लांट, न्यूक्लियर प्लांट, बिजली घर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पावर हाउस थे।

मुंबई अंडरवर्ल्ड और ISI से गठजोड़
दिल्ली पुलिस की टीम ने मुंबई अंडरवर्ल्ड और ISI के गठजोड़ का खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक ये लोग दिल्ली और मुंबई समेत देश के बड़े शहरों में आतंकी हमला करने आए थे। वहीं पकड़े गए लोग दिल्ली, मुंबई और पंजाब के रहने वाले हैं। इनमें कुछ विदेशी नागरिकों को भी पकड़ा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक ये सभी आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में अलग-अलग जगहों पर हमला करने आए थे। इनके पास से ग्रेनेड और सफिस्टिकेटेड वेपन भी बरामद हुआ है।

अजीत कुमार की मां का निधन, 85 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, सीएम विजय समेत इन सितारों ने दी श्रद्धांजलि

तमिल अभिनेता अजीत कुमार की मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उन्होंने 85 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अजीत कुमार की मां मोहिनी लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, जिसके चलते उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अजित कुमार की माता मोहिनी का निधन हो गया है। खबरों के मुताबिक, अभिनेता की मां लंबे समय से बीमार चल रही थीं और उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं, जिसके चलते उनका चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। सुपरस्टार अजित कुमार अपनी मां के अंतिम क्षणों में उनके साथ नहीं थे, उस समय अभिनेता एक यात्रा पर थे। इस खबर के बाद पूरी फिल्म जगत और अभिनेता के प्रशंसक उनकी मां के निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। तमिनलाडु सीएम और पूर्व अभिनेता थलापति विजय समेत कई सितारों ने अजीत की मां को श्रद्धांजलि दी है।

दो साल पहले पिता का निधन

अजित अपनी मां के प्रति अत्यंत समर्पित थे और अक्सर उनके साथ प्रसिद्ध मंदिरों में जाया करते थे। दरअसल, उन्होंने भी दो साल पहले ही वृद्धावस्था संबंधी कारणों से अपने पिता को खो दिया था। अपने पिता के निधन के समय अजित कुमार गहरे सदमे में थे। उनके पिता पी. सुब्रमण्यम का निधन 24 मार्च, 2023 को अस्वस्थता के कारण हो गया था।

मुख्यमंत्री विजय ने श्रद्धांजलि दी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलपति विजय ने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता अजीत की मां को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, ‘मुझे अपने प्रिय मित्र श्री अजित कुमार की माता श्रीमती मोहिनी अम्मायर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को भगवान के चरणों में शांति मिले। मैं अपने मित्र श्री अजित कुमार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जो अपनी माता के निधन के शोक में डूबे हुए हैं, जो जीवन के हर पड़ाव पर उनका सहारा और स्नेह थीं, और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति भी।’

एमके स्टालिन ने अजित कुमार की मां को श्रद्धांजलि दी
इसी बीच, डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेता की मां को श्रद्धांजलि दी और अपने पोस्ट में लिखा, ‘मेरे प्रिय भाई अजित कुमार की माता मोहिनी मणि के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। अजित कुमार को सांत्वना देने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं, जो अपनी मां के खोने के गम में गहरे डूबे होंगे। उनकी मां ने ही उन्हें जीवन दिया और उन्हें ऊंचाइयों पर पहुंचते देखकर उन्हें बहुत खुशी मिली। ईश्वर करे कि मां के साथ बिताए उनके खूबसूरत पल उन्हें इस दुख से उबरने में सहारा दें। अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और सांत्वना।’

कमल हासन का पोस्ट
कमल हासन ने अजीत कुमार की मां को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- ‘मुझे अपने भाई अजीत कुमार की माम मोहिनी मणि के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। मैं अजीत कुमार और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं, जो अपनी प्रिय माता के निधन के शोक में डूबे हुए हैं।’

अजीत कुमार के बारे में
अजीत कुमार तमिल सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं, जो पेशे से कार रेसर भी हैं। वह कई नेशनल और इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने 1990 में तमिल फिल्म ‘एनर वीडू एन कनवर’ से एक्टिंग करियर शउरू किया था और 1993 में रिलीज हुई ‘अमरावती’ से बतौर लीड एक्टर पहचान बनाई। वह आसाई, वीरम, बिल्ला और विश्वासम जैसी फिल्मों के लिए दर्शकों से तारीफें हासिल कर चुके हैं।

अहमदाबाद में युवती को कथित रूप से अगवा कर बंधक बनाने का आरोप, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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अहमदाबाद। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली 17 वर्षीय आरती देवी के साथ हुई कथित घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिवार का आरोप है कि गुजरात के अहमदाबाद में रोजगार के लिए आई युवती को एक स्थानीय व्यक्ति ने जबरन अपने कब्जे में ले रखा है और उसे परिवार से मिलने तक नहीं दिया जा रहा। घटना के बाद पीड़िता के परिजन भय और चिंता के माहौल में न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार आरती देवी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सेमरावां क्षेत्र की निवासी हैं। वह अपने माता-पिता के साथ रोजगार की तलाश में अहमदाबाद आई थीं और यहां एक निजी कंपनी में कार्य कर रही थीं। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान हंसराज नामक व्यक्ति की नजर आरती पर पड़ी और वह लगातार उसे परेशान करने लगा। परिजनों का कहना है कि आरोपी युवती पर शादी का दबाव बना रहा था, जबकि वह पहले से विवाहित है।

परिवार के मुताबिक युवती ने आरोपी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद कथित रूप से उसे लगातार धमकियां दी जाने लगीं। आरोप है कि 28 मई को हंसराज ने आरती को वाहन से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों का कहना है कि घटना में युवती के शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर आए हैं। इसके बाद आरोपी कथित रूप से उसे अपने साथ ले गया और अब परिवार को उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है।

आरती के पिता जय श्रीराम, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को वापस लाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धमकियां दी गईं। परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम कह रहा है कि वह आरती को अपने पास ही रखेगा और किसी को उससे मिलने नहीं देगा।

घटना के बाद परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की सुरक्षा खतरे में है और उसे जल्द से जल्द आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया जाना चाहिए। परिवार ने आरोप लगाया है कि वे लगातार भय और दबाव के माहौल में जी रहे हैं।

स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला जबरन विवाह के दबाव, अपहरण, अवैध बंधक बनाने, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हो सकता है।
हंसराज ऐसा कई लड़कियों के साथ कर चुका है और अब वहा आरती के साथ भी यही कर रहा है और उसके घर वालों को धमकी भी दे रहा है अगर आपने आरती को मेरे हवाले नहीं किया तो तुम सबको जान से मार दूंगा

हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि या आरोपी पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पीड़िता के परिजन प्रशासन से बेटी की सुरक्षित बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अहमदाबाद में युवती को कथित रूप से अगवा कर बंधक बनाने का आरोप, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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अहमदाबाद। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली 17 वर्षीय आरती देवी के साथ हुई कथित घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिवार का आरोप है कि गुजरात के अहमदाबाद में रोजगार के लिए आई युवती को एक स्थानीय व्यक्ति ने जबरन अपने कब्जे में ले रखा है और उसे परिवार से मिलने तक नहीं दिया जा रहा। घटना के बाद पीड़िता के परिजन भय और चिंता के माहौल में न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार आरती देवी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सेमरावां क्षेत्र की निवासी हैं। वह अपने माता-पिता के साथ रोजगार की तलाश में अहमदाबाद आई थीं और यहां एक निजी कंपनी में कार्य कर रही थीं। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान हंसराज नामक व्यक्ति की नजर आरती पर पड़ी और वह लगातार उसे परेशान करने लगा। परिजनों का कहना है कि आरोपी युवती पर शादी का दबाव बना रहा था, जबकि वह पहले से विवाहित है।

परिवार के मुताबिक युवती ने आरोपी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद कथित रूप से उसे लगातार धमकियां दी जाने लगीं। आरोप है कि 28 मई को हंसराज ने आरती को वाहन से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों का कहना है कि घटना में युवती के शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर आए हैं। इसके बाद आरोपी कथित रूप से उसे अपने साथ ले गया और अब परिवार को उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है।

आरती के पिता जय श्रीराम, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को वापस लाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धमकियां दी गईं। परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम कह रहा है कि वह आरती को अपने पास ही रखेगा और किसी को उससे मिलने नहीं देगा।

घटना के बाद परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की सुरक्षा खतरे में है और उसे जल्द से जल्द आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया जाना चाहिए। परिवार ने आरोप लगाया है कि वे लगातार भय और दबाव के माहौल में जी रहे हैं।

स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला जबरन विवाह के दबाव, अपहरण, अवैध बंधक बनाने, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हो सकता है।
हंसराज ऐसा कई लड़कियों के साथ कर चुका है और अब वहा आरती के साथ भी यही कर रहा है और उसके घर वालों को धमकी भी दे रहा है अगर आपने आरती को मेरे हवाले नहीं किया तो तुम सबको जान से मार दूंगा

हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि या आरोपी पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पीड़िता के परिजन प्रशासन से बेटी की सुरक्षित बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

रवींद्र जडेजा को लगी ऐसी चोट, जिसने सचिन तेंदुलकर को भी किया परेशान, रिकवरी में लग सकते हैं कई महीने

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IPL 2026 के दूसरे क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ बल्लेबाजी करते समय राजस्थान रॉयल्स के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को चोट के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। बाद में कमेंटेटर हर्षा भोगले ने चोट को लेकर बड़ा खुलासा किया।IPL 2026 के दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान रॉयल्स को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के दौरान एक और घटना ने भारतीय क्रिकेट फैंस की चिंता बढ़ा दी। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी करते हुए अचानक मैदान छोड़कर चले गए, जिसके बाद उनकी चोट को लेकर कई सवाल उठने लगे। बाद में खुलासा हुआ कि जडेजा लंबे समय से टेनिस एल्बो की समस्या से जूझ रहे हैं, वही चोट जिसने कभी सचिन तेंदुलकर के करियर को भी मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था।

न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में जडेजा को नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी की, लेकिन 8वें ओवर में अचानक मैदान छोड़कर ड्रेसिंग रूम लौट गए। हालांकि, इसके बाद जडेजा दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने रिटायर्ड हर्ट होने से पहले 34 रन बनाए थे और वापसी के बाद वैभव सूर्यवंशी के साथ एक और अर्धशतकीय साझेदारी की। जडेजा 45 रन बनाकर नाबाद लौटे। इतना ही नहीं, दूसरी पारी में उन्होंने गेंदबाजी भी की और मैदान पर फील्डिंग करते हुए भी नजर आए।

हर्षा भोगले ने किया चोट का खुलासा
मैच के दौरान कमेंटेटर हर्षा भोगले ने खुलासा किया कि जडेजा टेनिस एल्बो की समस्या से जूझ रहे हैं और बल्लेबाजी के दौरान यह दर्द बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। इससे पहले माना जा रहा था कि जडेजा घुटने और कोहनी की हल्की समस्या से परेशान हैं, लेकिन टेनिस एल्बो की जानकारी सामने आने के बाद उनकी फिटनेस को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

क्या है टेनिस एल्बो?
टेनिस एल्बो कोहनी से जुड़ी एक दर्दनाक समस्या है, जिसमें हाथ और कलाई को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। क्रिकेटरों, टेनिस खिलाड़ियों और लगातार हाथों का इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ियों में यह चोट आम मानी जाती है। टेनिस एल्बो की चोट सचिन तेंदुलकर को भी 2004-05 के दौरान परेशान कर चुकी है। इस चोट के कारण सचिन तब बल्ला भी नहीं उठा पाते थे, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी।

फिलहाल जडेजा की चोट कितनी गंभीर है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, हल्के टेनिस एल्बो के मामलों में रिकवरी में 3 से 6 सप्ताह लग सकते हैं। गंभीर या पुरानी समस्या होने पर 6 से 12 महीने तक का समय लग सकता है। अगर सर्जरी की जरूरत पड़ती है, तो उसके बाद 6 से 12 सप्ताह का रिहैबिलिटेशन जरूरी होता है। सामान्य तौर पर पूरी तरह ठीक होने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।

अफगानिस्तान सीरीज के लिए नहीं चुने गए जडेजा
गौरतलब है कि जडेजा को भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली घरेलू टेस्ट और ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। अब सभी की नजरें राजस्थान रॉयल्स और भारतीय टीम के मेडिकल अपडेट पर होंगी। अगर जडेजा की टेनिस एल्बो की समस्या गंभीर साबित होती है, तो भारतीय टीम को आने वाले महीनों में एक बड़ा झटका लग सकता है।