Wednesday, July 1, 2026
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गरीबी से जंग, सोशल मीडिया से उम्मीद, 18 वर्षीय रिम्मी कुमारी की संघर्षगाथा जीत रही दिल

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पूर्णिया।

बिहार के पूर्णिया जिले के बलुआ कचहरी की रहने वाली 18 वर्षीय रिम्मी कुमारी आज अपनी मेहनत, लगन और बुलंद हौसलों के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। बचपन में ही पिता सरोज मंडल का साया सिर से उठ जाने के बाद जिंदगी ने उन्हें कम उम्र में ही जिम्मेदारियों और कठिनाइयों का सामना करना सिखा दिया। आर्थिक तंगी के बीच पली-बढ़ी रिम्मी ने हालात के आगे हार मानने के बजाय अपने सपनों को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।

रिम्मी कुमारी अपनी बड़ी बहन खुशबू राज, छोटे भाई और बहनों के साथ रहती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। कई बार घर की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया को अपनी मेहनत और प्रतिभा दिखाने का माध्यम बनाया और इसी रास्ते अपने परिवार की तकदीर बदलने का सपना संजोया।

करीब पांच महीने पहले रिम्मी कुमारी ने यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाना शुरू किया। यूट्यूब पर उनकी पहचान “Chhoti Kumari” नाम से है, जहां वह लगातार नए वीडियो अपलोड कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वह पूरे समर्पण के साथ कंटेंट तैयार करती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करती हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल लोकप्रिय होना नहीं बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और आत्मनिर्भर बनना है।

रिम्मी के इस सफर में उनकी बड़ी बहन खुशबू राज हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। वीडियो बनाने से लेकर उनका हौसला बढ़ाने तक दोनों बहनें एक-दूसरे की ताकत बनी हुई हैं। दोनों का सपना है कि एक दिन उनकी मेहनत रंग लाए और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ऐसी पहचान मिले जिससे पूरे परिवार का भविष्य बदल सके।

रिम्मी कुमारी का मानना है कि सफलता किसी शॉर्टकट से नहीं मिलती, बल्कि लगातार मेहनत, धैर्य और सीखने की इच्छा से हासिल होती है। यही सोच उन्हें हर दिन नए वीडियो बनाने और खुद को पहले से बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती है। उनका विश्वास है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि इंसान हार न माने तो मंजिल एक दिन जरूर मिलती है।

आज जब सोशल मीडिया को अधिकतर लोग केवल मनोरंजन का साधन मानते हैं, वहीं रिम्मी कुमारी ने इसे अपने परिवार की उम्मीद, अपने सपनों की उड़ान और आत्मनिर्भर बनने का जरिया बना लिया है। पिता की कमी, आर्थिक तंगी और जिम्मेदारियों के बोझ के बावजूद उनके हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े।

रिम्मी कुमारी की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं। यदि उनका यही जुनून, मेहनत और संघर्ष जारी रहा तो वह आने वाले समय में सोशल मीडिया की दुनिया में एक मजबूत पहचान बनाने के साथ-साथ यह भी साबित करेंगी कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, मजबूत इरादों के सामने एक दिन उन्हें झुकना ही पड़ता है।

राहुल गांधी को देश की उम्मीद बताते हैं कृपा शंकर, बोले कांग्रेस के समर्थन में ही देश का उद्धार संभव

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लखीमपुर खीरी।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के लुधौरी गांव निवासी कृपा शंकर इन दिनों अपने राजनीतिक विचारों को लेकर चर्चा में हैं। कृपा शंकर का कहना है कि वह पूरी तरह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का समर्थन करते हैं और उनका मानना है कि देश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

कृपा शंकर ने कहा कि यदि भविष्य में राहुल गांधी को देश का नेतृत्व करने का अवसर मिलता है तो इससे देश को नई दिशा मिल सकती है। उनका दावा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आम लोगों की समस्याओं पर अधिक गंभीरता से काम होगा और देश के विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने जीवनभर कांग्रेस पार्टी के समर्थक रहना चाहते हैं और आगे भी कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा के साथ खड़े रहेंगे। उनके अनुसार कांग्रेस पार्टी ही देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और आम जनता के हितों की सबसे बड़ी आवाज है।

कृपा शंकर का कहना है कि उनका समर्थन पूरी तरह व्यक्तिगत राजनीतिक विचार है और वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अपनी पसंद की पार्टी का समर्थन करने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वह भविष्य में भी पार्टी के पक्ष में लोगों के बीच अपनी बात रखते रहेंगे।

हालांकि राजनीतिक मामलों में अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को संविधान के तहत अपनी पसंद की किसी भी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करने और अपने विचार शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने का अधिकार प्राप्त है। कृपा शंकर का यह बयान भी उनके व्यक्तिगत राजनीतिक विचारों के रूप में देखा जा रहा है।

कतर में अमेरिका से कोई बातचीत तय नहीं है, ईरान ने उड़ाईं ट्रंप के दावों की धज्जियां

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ईरान ने अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की प्रस्तावित वार्ता से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोहा दौरा केवल MoU के अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए है और अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत तभी शुरू होगी, जब तय प्रमुख प्रावधान लागू होंगे।
तेहरान/दोहा: ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ किया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कतर की राजधानी दोहा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए है। ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने प्रेस वार्ता में कहा, आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी कोई बातचीत तय नहीं है।
अंतिम समझौते के लिए अभी बातचीत नहीं’
प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर यात्रा का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है। हमारा प्रतिनिधिमंडल MoU के प्रावधानों, खासकर अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कतर जा रहा है।’ उन्होंने यह भी साफ किया कि व्यापक और अंतिम समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा,
हम अभी अंतिम समझौते के लिए औपचारिक बातचीत के चरण में प्रवेश नहीं कर पाए हैं।

औपचारिक वार्ता पर क्या बोले प्रवक्ता?
बगई ने बताया कि 14 सूत्रीय MoU के अनुच्छेद-13 के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के तहत तय उपायों का क्रियान्वयन शुरू हो जाए और लगातार जारी रहे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये सभी प्रावधान दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली के लिए जरूरी हैं और इनके लागू होने के बाद ही अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू की जा सकती है।

‘प्रमुख प्रावधानों का लागू होना जरूरी’
बगई ने बताया कि अनुच्छेद-11 के तहत अमेरिका को ईरान की फ्रीज या प्रतिबंधित संपत्तियों और फंड को आपसी सहमति से तय प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए जरूरी लाइसेंस और अन्य अनुमतियां भी जारी करनी होंगी, ताकि ईरान अपने पैसे का इस्तेमाल कर सके। उन्होंने दोहराया कि अनुच्छेद-13 के मुताबिक पहले इन 5 प्रमुख प्रावधानों का क्रियान्वयन शुरू होना और जारी रहना जरूरी है। इसके बाद ही अंतिम समझौते पर बातचीत आगे बढ़ेगी।

अमेरिका ने किया था बातचीत का दावा
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर मंगलवार को दोहा जाएंगे, जहां ईरान के साथ बातचीत की जाएगी। यह पहल हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों के बीच हुए तनाव और सैन्य गतिविधियों के बाद की जा रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है।

 

विजिलेंस की रेड में 2 अफसरों के ठिकानों से मिला खजाना, घर की हालत देख कोई सोच भी नहीं सकता था

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ओडिशा विजिलेंस ने VIMSAR के 2 अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में 9 ठिकानों पर छापेमारी की है। धनुर्धर बिस्वाल के यहां 20 प्लॉट, 19.72 लाख रुपये नकद, कई वाहन और अन्य संपत्तियां मिलीं जबकि अश्विनी मेहर के 5 ठिकानों पर भी तलाशी जारी है।
संबलपुर: ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में संबलपुर जिले के बुर्ला में स्थित वीर सुरेंद्र साय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च (VIMSAR) के 2 कर्मचारियों के खिलाफ मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने दोनों कर्मचारियों से जुड़े कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस दौरान एक कर्मचारी के यहां से अब तक 20 प्लॉट, 19.72 लाख रुपये कैश, कई वाहन और अन्य संपत्तियों का पता चला है। दोनों मामलों में तलाशी अभियान अभी जारी है।

बिस्वाल के 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
पहली कार्रवाई VIMSAR के एस्टैब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट धनुर्धर बिस्वाल के खिलाफ की गई। उन पर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), संबलपुर द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर विजिलेंस की टीम ने उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान का नेतृत्व दो DSP, 5 इंस्पेक्टर, 3 ASI और अन्य कर्मचारियों की टीम कर रही है।
बिस्वाल और परिवार के नाम पर कई संपत्तियां
जिन 4 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें संबलपुर के धनकौड़ा स्थित 2 मंजिला मकान, गुडेसिंगा स्थित एक भवन, VIMSAR मेडिकल स्टाफ कॉलोनी में स्थित सरकारी आवास और VIMSAR, बुर्ला स्थित उनका कार्यालय कक्ष शामिल हैं। विजिलेंस की शुरुआती जांच में धनुर्धर बिस्वाल और उनके परिवार के नाम पर कई संपत्तियों का पता चला है। इनमें धनकौड़ा में करीब 1,650 वर्गफुट का दो मंजिला मकान, गुडेसिंगा में एक अन्य भवन और संबलपुर शहर के बाहरी इलाके में स्थित 20 मूल्यवान प्लॉट शामिल हैं।
जांच में कई गाड़ियों की भी जानकारी मिली
तलाशी के दौरान अब तक 19 लाख 72 हजार 490 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और मूल्यांकन किया जा रहा है। विजिलेंस बैंक खातों, डाकघर की बचत योजनाओं और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच कर रही है। जांच में एक हाइवा ट्रक, एक चार पहिया वाहन, दो ट्रैक्टर और तीन दोपहिया वाहन भी सामने आए हैं। इन सभी की खरीद और आय के स्रोत की जांच की जा रही है।
अश्विनी मेहर के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू
इसी बीच ओडिशा विजिलेंस ने VIMSAR के सुपरिटेंडेंट कार्यालय में कार्यरत स्टुअर्ड अश्विनी मेहर के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के आरोप में कार्रवाई शुरू की है। अश्विनी मेहर के मामले में विजिलेंस की टीम ने संबलपुर और बरगढ़ जिले के पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस अभियान का नेतृत्व 5 DSP, 5 इंस्पेक्टर, तीन एएसआई और अन्य कर्मचारियों की टीम कर रही है। यह कार्रवाई भी विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), संबलपुर द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की जा रही है।
छापेमारी पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई
अश्विनी मेहर से जुड़े जिन पांच स्थानों पर तलाशी चल रही है, उनमें VIMSAR मेडिकल स्टाफ कॉलोनी स्थित सरकारी आवास, बुर्ला के सौरव विहार में निर्माणाधीन चार मंजिला भवन, पाथनबांध स्थित एक मकान, बरगढ़ जिले के गोविंदपाली स्थित एक भवन और VIMSAR, बुर्ला में स्थित उनका कार्यालय कक्ष शामिल हैं। ओडिशा विजिलेंस ने बताया कि दोनों मामलों में तलाशी और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रणवीर सिंह सात समंदर पार करेंगे ‘प्रलय’ की शूटिंग, जॉम्बी यूनिवर्स के लिए शुरू की तैयारी, फिल्म में दिखेगा तगड़ा ट्रांसफॉर्मेशन

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‘धुरंधर 2’ की जबरदस्त सफलता के बाद अब रणवीर सिंह अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसकी शूटिंग को लेकर नया अपडेट आया है। रणवीर जल्दी ही इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाले हैं, जिसके लिए वह जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन में भी जुटे हैं।
रणवीर सिंह इन दिनों अलग-अलग वजहों से चर्चा में हैं। एक तरफ ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की सफलता ने इतिहास रच दिया है तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने ‘डॉन 3’ से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिसे लेकर पिछले दिनों काफी विवाद हुआ था। ‘डॉन 3’ को लेकर फरहान अख्तर से हुए विवाद के बाद तो FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन को-ऑपरेशन नोटिस तक जारी कर दिया था, हालांकि बाद में एसोसिएशन ने अपना फैसला वापस ले लिया। अब रणवीर अपनी एक नई फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसकी शूटिंग अभिनेता जल्द शुरू करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इस फिल्म की शूटिंग भारत में नहीं, बल्कि विदेश में होनी है और रणवीर ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।

सात समंदर पार होगी ‘प्रलय’ की शूटिंग
‘पिंकविला’ की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह इसी साल सितंबर से जय मेहता की अपकमिंग फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू हो चुका है। फिल्म की शूटिंग भारत में नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया में होगी। ये फिल्म बॉलीवुड में जॉम्बी एपोकैलिप्स जॉनर की नई फिल्म मानी जा रही है, जो लंबे समय से चर्चा में बनी हुई है। रणवीर सिंह के फैंस के बीच इस फिल्म की चर्चा जोरों पर है। खासतौर पर ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद दर्शक रणवीर को नए रूप में देखने के लिए उत्साहित हैं। बताया जा रहा है कि 2026 के सेकेंड हाफ में रणवीर सिंह, जय मेहता की डायरेक्टेड फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे।

रणवीर सिंह ने ‘प्रलय’ के लिए शुरू की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, ‘प्रलय’ एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसके लिए मेंटल और फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत है। यानी रणवीर एक बार फिर नेवर सीन बिफोर अंदाज में नजर आने वाले हैं। ‘पद्मावत’ हो, ‘गली बॉय’ या फिर ‘धुरंधर’ सभी फिल्मों में रणवीर ने अपना अलग-अलग रूप दिखाया है। बताया जा रहा है कि ये फिल्म वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स पर काफी ज्यादा निर्भर करेगी, जिसके चलते प्रोडक्शन टीम हर तरह की डिटेल पर ध्यान दे रही है। जय मेहता और पूरी टीम विजुअल डिटेलिंग, स्क्रीनप्ले पर बड़े स्तर पर काम कर रही है।

क्या हो सकती है प्रलय की कहानी?
‘प्रलय’ की कहानी की बात करें तो रिपोर्ट्स के अनुसार इस फिल्म में जॉम्बी एपोकैलिप्स की थीम दिखाई जाएगी। कहानी एक ऐसे कपल के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई देगी, जो एपोकैलिप्स से बचने के लिए हर बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहेगा। बताया जा रहा है कि फिल्म में रणवीर सिंह के साथ साउथ एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन नजर आ सकती हैं, जो पिछले दिनों ‘लोका चैप्टर 1: चंद्रा’ को लेकर खूब सुर्खियों में थीं और काफी तारीफें हासिल की थी।

पत्नी के जाने के बाद टूट गया परिवार, पांच साल की बेटी से मिलने को तरस रहा पिता, अवसाद में जीने का दावा

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पलामू।

झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसा पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने रिश्तों में बढ़ती दूरियों और पारिवारिक तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के झरगड़ा गांव निवासी एक युवक का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके में रह रही है। इस दौरान न केवल उसका परिवार बिखर गया, बल्कि वह अपनी पांच वर्षीय बेटी से मिलने और बात करने तक के लिए तरस रहा है। युवक का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव के कारण वह अवसाद में जीने को मजबूर हो गया है और न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।

पीड़ित सचिन सिंह पुत्र विरजा सिंह ने बताया कि उनकी शादी करीब छह वर्ष पहले रिया कुमारी से हुई थी। शादी के बाद दोनों के घर एक बेटी काव्या का जन्म हुआ, जिसकी उम्र अब करीब पांच वर्ष है। सचिन का कहना है कि कुछ समय पहले तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन पिछले एक वर्ष से उनकी पत्नी मायके चली गई और उसके बाद से वापस घर नहीं लौटी।

सचिन का आरोप है कि उन्होंने कई बार पत्नी को समझाने और परिवार को दोबारा बसाने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास विफल रहा। उनका कहना है कि वह स्वयं कई बार ससुराल पहुंचे, लेकिन वहां उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।

पीड़ित का कहना है कि सबसे बड़ा दर्द अपनी बेटी से दूर रहने का है। उनका आरोप है कि उन्हें अपनी बेटी से फोन पर बात तक नहीं करने दी जाती। एक पिता होने के नाते वह अपनी बेटी को देखने और उससे मिलने के लिए हर दिन तड़पते हैं। उनका कहना है कि बेटी की याद उन्हें हर पल बेचैन करती है और यही पीड़ा धीरे-धीरे उन्हें मानसिक रूप से तोड़ती चली गई।

सचिन सिंह का दावा है कि पत्नी अक्सर उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ और कमाने में असमर्थ बताकर बदनाम करने की कोशिश करती है। उनका कहना है कि इन आरोपों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने पत्नी के व्यवहार में आए बदलाव का कारण जानना चाहा तो बात और बिगड़ गई, जिसके बाद पत्नी ने उनके साथ रहना लगभग पूरी तरह छोड़ दिया।

सचिन का कहना है कि लगातार पारिवारिक तनाव, पत्नी की दूरी और बेटी से बिछड़ने के कारण वह गहरे अवसाद में जी रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार पुलिस और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली। उनका कहना है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका।

पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, बल्कि अपनी पत्नी और बेटी के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिताकर परिवार को फिर से बसाना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं हुआ तो उनका मानसिक तनाव और बढ़ सकता है।

‘जो जय श्री राम बोलने पर लाठी मारते थे, भक्तों पर गोली चलाते थे, वे आज राम भक्ति की दुहाई दे रहे’, CM योगी ने सपा पर साधा निशाना

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामपुर में सभा को संबोधित करते सपा पर निशाना साधा और कहा कि जो जय श्री राम बोलने पर लाठी मारते थे, भक्तों पर गोली चलाते थे, वे आज राम भक्ति की दुहाई दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में ₹690 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। सीएम योगी ने जनता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले की परिस्थितियों के बारे में बात की है। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले यूपी में विकास या तो सैफई परिवार का या रामपुर के एक परिवार का होता था।

CM योगी ने दिलाई 2017 से पहले की बात
सीएम योगी ने कहा- “2017 के पहले याद करिए यही प्रदेश था। पहचान का संकट था। ना बेटी सुरक्षित थी, ना व्यापारी सुरक्षित था। अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होता था। नौजवान के लिए कोई रोजगार नहीं। कोई सरकारी विज्ञापन निकलता था तो चाचा भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। न्यायालय को उस पर रोक लगानी पड़ती थी। सरकार की निरंकुश नीतियों के कारण हमारा परंपरागत उद्यम बंद हो रहा था। अन्नदाता किसान के लिए कोई स्कीम नहीं। गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजना नहीं। विकास के लिए, सड़क के लिए, पुल पुलिया के लिए, सरकार के पास कोई पैसा नहीं।विकास दो लोगों का होता था। या तो सैफई परिवार का या रामपुर के एक परिवार का। बाकी लोग विकास से वंचित रहते थे। इन्होंने सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न किया। जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। विरासत को अपमानित करने के लिए बहन बेटियों को अपमानित करने के लिए समाजवादी पार्टी ने कुछ भी कोर कसर नहीं छोड़ी थी।”

उत्तर प्रदेश का माहौल बदला है- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा- “आज मैं कह सकता हूं जिस उत्तर प्रदेश में विरासत का आज समाजवादी पार्टी की सरकार में होता था। वे कहते थे कावड़ यात्रा नहीं निकलने देंगे। उत्सव के पहले उपद्रव प्रारंभ हो जाते थे। कोई पर्व और त्यौहार के पहले दंगा दंगे फसाद उत्तर प्रदेश की पहचान बन जाती थी। 2017 के पहले ना होली, ना दीपावली, ना विजयादशमी, ना रामनवमी, ना सावन के महीने का कोई पर्व, ना जन्माष्टमी के आयोजन को ही करने दिया जाता था। आज आप देखते होंगे, कावड़ यात्रा धूमधाम धड़ाके के साथ निकलती है, कोई रोक-टोक नहीं। दुर्गा पूजा शानदार तरीके से होती है, कोई रोक-टोक नहीं। जिस समाजवादी पार्टी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम, श्री कृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम पर रोक लगाई थी। हमारी सरकार ने उस रोक को दूर करके भगवान राम के राम जन्मोत्सव राम नवमी का आयोजन हो, श्री कृष्ण भगवान के जन्मोत्सव का कार्यक्रम, श्री कृष्ण जन्माष्टमी का कार्यक्रम, होली हो, दीपावली हो, विजयादशमी हो, दुर्गा पूजा हो, कोई भी पर्व और त्योहार हो, उन सभी की बाधाओं को दूर करके आज फिर से उत्सवपूर्ण माहौल के रूप में उत्तर प्रदेश का माहौल बदला है। आज उसका परिणाम भी मिला है।”

2017 के पहले रामभक्तों को लाठी मारते थे- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा- “आज राम की भक्ति की वकालत कौन कर रहा है? आज भगवान राम की भक्ति की दुहाई कौन दे रहा है? 2017 के पहले जो जय श्री राम बोलने पर लाठी मारते थे। 2017 के पहले जब उत्तर प्रदेश में राम भक्त कहता था कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे, उन राम भक्तों पर जो उस समय गोली चलाते थे, आज वे आस्था की वकालत करते हुए दिखाई देते हैं। ये आपकी ताकत है, आपकी आस्था की ताकत है कि आज उनको आपका पिछलग्गु बनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, आपके वोट बैंक की ताकत है। अब उन्हें अपने पाप पर पश्चाताप होता होगा, अपने कर्मों पर पश्चाताप होता होगा कि समाजवादी पार्टी गलत थी। वो कांग्रेस जो 2017 के पहले राम के अस्तित्व को ही नकार चुकी थी, श्री कृष्ण के अस्तित्व को ही नकार चुकी थी, आज वो भी कहती है कि राम तो सबके हैं। अब ये लोग सब मचल रहे हैं अयोध्या जाने के लिए। लेकिन भगवान राम तो जग नियंता हैं। इस ब्रह्मांड के स्वामी हैं। वे भी जानते हैं सही कौन है और बुरा कौन है।”

उनको हर एक पौराणिक स्थल से चिढ़- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा- “भगवान राम की भक्ति तो हनुमान जी के अंदर इतनी ताकत पैदा कर देती है कि अगर लक्ष्मण जी को बचाने के लिए संजीवनी बूटी लेने के लिए जा रहे हैं, श्री हनुमान जी के साथ कोई कालनेमी छल छद से धोखा देकर के उन्हें इससे वंचित करने का कुछ प्रयास करता है, तो राम की भक्ति ऐसे कालनेमियों को पूरी तरह से निपटाने में भी सहायक हो जाती है। और इसलिए चिंता की बात नहीं। उनकी चिढ़ तो है कि अयोध्या इतनी सुंदर कैसे हो गई। उनकी चिढ़ तो यह है काशी विश्वनाथ धाम इतना सुंदर कैसे हो गया। उनकी चिढ़ तो है कि मां विंध्यवासिनी का धाम इतना अच्छा कैसे हो गया और उनकी चिढ़ तो है कि प्रयागराज का वैभव, महाकुंभ के नाम पर देश और दुनिया को अपनी ओर कैसे आकर्षित कर दे रहा है। उनकी चिढ़ है मथुरा वृंदावन को लेकर, सुख तीर्थ को लेकर और हर एक पौराणिक स्थल को लेकर।”

गलत आदमी चाकू से डकैती ही करेगा- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा- “जब कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो अब अपने अनुसार फिर वे वही झूठ का सहारा लेकर के कुछ ना कुछ तो बोलेंगे। कुछ ना कुछ तो करेंगे। और इनका यह वक्तव्य यही दिखाता है कि अंगूर खट्टे हैं। जनता जनार्दन इनको निकाल चुकी है। बहनों और भाइयों आप अंदाजा इसी से लगा सकते हैं। चाकू अगर गलत व्यक्ति के हाथों में पड़ेगा, तो उससे डकैती डालेगा। समाजवादी पार्टी रामपुर के चाकू का दुरुपयोग करके जनता की जमीनों पर कब्जा करती थी, जनता को प्रताड़ित करती थी, उन्हें हतोत्साहित करती थी। उनका शोषण करती थी। और उत्तर प्रदेश के अंदर जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आई, तो यही चाकू जनता की सुरक्षा के लिए उपयोग में आ रहा है और वही सुरक्षा का माहौल अब विकास का पर्याय बन रहा है। यही तो रामपुर का विकास है।”

जमीनी विवाद में गर्भवती महिला के साथ मारपीट, रिश्तेदार ने पेट में मारी लात, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत

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जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र में एक युवक ने गर्भवती महिला के पेट में लात मार दी, जिससे महिला के बच्चे ने कोख में ही दम तोड़ दिया। मामला जमीनी विवाद का बताया जा रहा है, जिसके चलते रिश्तेदारों ने महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी।
मध्यप्रदेश के जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीनी विवाद को लेकर एक महिला के साथ उसके ही रिश्तेदारों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़िता के साथ जब उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की, वह गर्भवती थी, जिसके चलते उसके बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया, जिसके चलते पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि आपसी विवाद के चलते उसके मामा-मामी और उनके बेटे ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान उसकी मामी ने उसके हाथ पकड़ लिए और मामा के लड़के दुर्गेश साहू ने उसके पेट पर ज़ोरदार लात मार दी। इस बर्बरता के कारण महिला के पेट में पल रहे मासूम बच्चे की मौत हो गई।
पेट में ही हो गई बच्चे की मौत
रिश्तेदारों की मारपीट के बाद महिला को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया। महिला को अस्पताल में करीब एक हफ्ते तक भर्ती रखा गया, जहां उसका इलाज चला, लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका। महिला के साथ जब मारपीट की गई, वह चार माह की गर्भवती थी। अपने बच्चे को खोने के बाद महिला ने पुलिस से मदद और न्याय की गुहार लगाई है।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
​इस संवेदनशील और गंभीर मामले पर पुलिस ASP अंजू बेनीवाल का कहना है कि मझौली थाने में घटना के संबंध में प्राथमिकी (FIR) पहले ही दर्ज की जा चुकी है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। महिला द्वारा लगाए गए गर्भस्थ शिशु की मौत के आरोपों पर पुलिस का कहना है कि यह पूरा विषय अभी जांच के अधीन है। पुलिस शासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जमीन से जुड़े विवाद में मारपीट
पीड़िता के पति ने बताया कि ये पूरी घटना तब घटी जब उसने अपने मामा-मामी से अपनी जमीन की मांग की। इस पर मामा-मामी ने घर के बगल में लगा नल उखाड़कर उसकी पिटाई कर दी। युवक के अनुसार, पहले उसने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में की थी, लेकिन फिर घर का मामला सोचकर अपनी शिकायत वापस ले ली। इस मारपीट में शख्स के मामा को भी चोट आई थीं, जिन्हें लेकर वह अस्पताल चला गया। तभी उसे उसकी पत्नी का फोन आया, जिसने उसे बताया कि युवक की मामी और ममेरे भाई ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी है। लेकिन, जब तक वह घर पहुंचा तो देखा तो उसकी हालत गंभीर थी, जिसके बाद वह उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इस मारपीट के चलते बच्चेकी गर्भ में ही मौत हो गई।

क्या पर्दे के पीछे भारत-पाकिस्तान की बातचीत हो रही है? विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बता दी पूरी सच्चाई

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बीते कुछ दिनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक तौर पर बातचीत हुई है। हालांकि, अब भारत सरकार ने इस खबरों को लेकर अपना बयान जारी कर दिया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार जारी है। हालांकि, बीते कुछ समय से ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बैक डोर से बातचीत हो रही है। दरअसल, कुछ दिन पहले कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक अनौपचारिक मीटिंग हुई है। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच अब इस खबर पर विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी का ऑफिशियल बयान सामने आ गया है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में श्रीलंका के कोलंबो में IISS की रीजनल सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। रिपोर्ट्स में दावा किया है कि इस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और पाकिस्तान के डेलिगेशन के बीच अनौपचारिक तौर पर बातचीत हुई थी। इस खबर के सामने आने के बाद से चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैक डोर से बातचीत हो रही है?

विदेश सचिव क्या बोले ?
भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक बैठक की खबरों पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बयान दिया है। विक्रम मिस्री ने कहा- हम असल में इन कार्यक्रमों पर कोई ध्यान नहीं देते। हमारी नजर में इनकी कोई खास अहमियत नहीं है। हमारी नजर में, ये निजी पक्षों द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। हमारे लिए इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है। भारत से जो भी लोग इन कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं- चाहे वे रिटायर्ड राजनयिक हों, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी हों या सिविल सोसाइटी के सदस्य हों- वे अपनी बात रखते हैं और अपना नजरिया पेश करते हैं। वे किसी भी तरह से भारत सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते और न ही कर सकते हैं।
भारत ने अफगानिस्तान पर हमले की निंदा की
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की भारत ने निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके पाकिस्तान के हमले को बिना किसी उकसावे के जानबूझकर किया गया हमला बताया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर हमला क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है, साथ ही ये अफगानिस्तान की संप्रभुता पर भी खतरा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक मामलों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है। आपको बता दें कि 28 जून को पाकिस्तानी एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने अफगानिस्तान के तीन इलाकों पर बम बरसाए जिसमें 36 लोग मारे गए और 150 से ज्यादा लोग घायल हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच होगी टक्कर, टी20 इंटरनेशनल में कैसे हैं दोनों टीमों के रिकॉर्ड

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भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 1 जुलाई को खेला जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। साल 2007 से लेकर अब तक दोनों टीमें कितनी बार टी20 इंटरनेशनल में आमने सामने आई हैं, ये जान लीजिए और किस टीम ने बढ़त बनाई है, ये भी यहां दिया गया है।
भारतीय क्रिकेट टीम की अब एक बड़ी परीक्षा होनी है। खास तौर पर नए कप्तान बनाए गए श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला अब कुछ ही घंटे की दूरी पर है। पहला मैच 1 जुलाई की शाम को खेला जाएगा। जो टीम आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम से लगातार दो मैच हार गई हो, उसके लिए इंग्लैंड को हराना किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा होने वाला है। इस बीच चलिए ये जानते हैं कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक कितने टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और इसमें से किस टीम ने कितनी बार बाजी मारी है।
साल 2007 के आईसीसी टी20 विश्व कप में खेला गया था दोनों टीमों के बीच पहला मैच
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला साल 2007 में खेला गया था। तब टीम इंडिया की कप्तानी एमएस धोनी के पास थी, वहीं इंग्लैंड की कमान पॉल कॉलिंगवुड संभाल रहे थे। ये मैच टी20 विश्व कप के तहत खेला गया था। ये वही मुकाबला था, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रचा था। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन बना ​दिए थे, इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 200 रन ही बना सकी ​थी और भारत ने 18 रन से इस मैच को अपने नाम किया था।

भारत बनाम इंग्लैंड हेड टू हेड में टीम इंडिया को बढ़त
तब से लेकर अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 30 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले हो चुके हैं। इसमें से 18 मैच भारत ने जीते हैं और 12 में इंग्लैंड ने बाजी अपने नाम की है। यानी टीम इंडिया को हेड टू हेड में एडवांटे​ज दिखाई दे रहा है। लेकिन पुराने आंकड़े देखने के लिए होते हैं, टीम आज की तारीख में कैसा खेल दिखाएगी, ये अपने आप में अहम होता है।

श्रेयस अय्यर के सामने प्लेइंग इलेवन चुनने की भी चुनौती
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है, जिसका सामना उन्हें करना होगा। पहले मैच में वे किस टीम कॉबिनेशन के साथ उतरते हैं, इसे भी देखना दिलचस्प होगा। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया, इसको लेकर भी सवालों की झड़ी सी लगी है। क्या अब वैभव का नंबर आएगा या फिर उसी प्लेइंग इलेवन के साथ टीम उतरेगी, ये देखना मजेदार होगा। हालांकि ये सभी को पता है कि भारत की सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन आयरलैंड सीरीज के दौरान बुरी तरह से फ्लॉप रही। क्या इसे बदला जाएगा।

हैरी ब्रूक कर रहे हैं इंग्लैंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन
इस बीच इंग्लैंड की बात की जाए तो हैरी ब्रूक के पास अब कप्तानी का अच्छा खासा अनुभव हो चुका है। टीम ने उनकी कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन भी किया है। टीम में जॉस बटलर और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी भी हैं, जो भारतीय टीम की परीक्षा लेने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले। कुल मिलाकर अभी तो यही लगता है कि दोनों टीमें जब आमने सामने होंगी, तो मुकाबला काफी रोचक होगा।