Wednesday, July 1, 2026
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जमीनी विवाद में गर्भवती महिला के साथ मारपीट, रिश्तेदार ने पेट में मारी लात, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत

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जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र में एक युवक ने गर्भवती महिला के पेट में लात मार दी, जिससे महिला के बच्चे ने कोख में ही दम तोड़ दिया। मामला जमीनी विवाद का बताया जा रहा है, जिसके चलते रिश्तेदारों ने महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी।
मध्यप्रदेश के जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीनी विवाद को लेकर एक महिला के साथ उसके ही रिश्तेदारों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़िता के साथ जब उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की, वह गर्भवती थी, जिसके चलते उसके बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया, जिसके चलते पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि आपसी विवाद के चलते उसके मामा-मामी और उनके बेटे ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान उसकी मामी ने उसके हाथ पकड़ लिए और मामा के लड़के दुर्गेश साहू ने उसके पेट पर ज़ोरदार लात मार दी। इस बर्बरता के कारण महिला के पेट में पल रहे मासूम बच्चे की मौत हो गई।
पेट में ही हो गई बच्चे की मौत
रिश्तेदारों की मारपीट के बाद महिला को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया। महिला को अस्पताल में करीब एक हफ्ते तक भर्ती रखा गया, जहां उसका इलाज चला, लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका। महिला के साथ जब मारपीट की गई, वह चार माह की गर्भवती थी। अपने बच्चे को खोने के बाद महिला ने पुलिस से मदद और न्याय की गुहार लगाई है।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
​इस संवेदनशील और गंभीर मामले पर पुलिस ASP अंजू बेनीवाल का कहना है कि मझौली थाने में घटना के संबंध में प्राथमिकी (FIR) पहले ही दर्ज की जा चुकी है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। महिला द्वारा लगाए गए गर्भस्थ शिशु की मौत के आरोपों पर पुलिस का कहना है कि यह पूरा विषय अभी जांच के अधीन है। पुलिस शासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जमीन से जुड़े विवाद में मारपीट
पीड़िता के पति ने बताया कि ये पूरी घटना तब घटी जब उसने अपने मामा-मामी से अपनी जमीन की मांग की। इस पर मामा-मामी ने घर के बगल में लगा नल उखाड़कर उसकी पिटाई कर दी। युवक के अनुसार, पहले उसने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में की थी, लेकिन फिर घर का मामला सोचकर अपनी शिकायत वापस ले ली। इस मारपीट में शख्स के मामा को भी चोट आई थीं, जिन्हें लेकर वह अस्पताल चला गया। तभी उसे उसकी पत्नी का फोन आया, जिसने उसे बताया कि युवक की मामी और ममेरे भाई ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी है। लेकिन, जब तक वह घर पहुंचा तो देखा तो उसकी हालत गंभीर थी, जिसके बाद वह उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इस मारपीट के चलते बच्चेकी गर्भ में ही मौत हो गई।

क्या पर्दे के पीछे भारत-पाकिस्तान की बातचीत हो रही है? विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बता दी पूरी सच्चाई

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बीते कुछ दिनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक तौर पर बातचीत हुई है। हालांकि, अब भारत सरकार ने इस खबरों को लेकर अपना बयान जारी कर दिया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार जारी है। हालांकि, बीते कुछ समय से ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बैक डोर से बातचीत हो रही है। दरअसल, कुछ दिन पहले कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक अनौपचारिक मीटिंग हुई है। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच अब इस खबर पर विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी का ऑफिशियल बयान सामने आ गया है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में श्रीलंका के कोलंबो में IISS की रीजनल सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। रिपोर्ट्स में दावा किया है कि इस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और पाकिस्तान के डेलिगेशन के बीच अनौपचारिक तौर पर बातचीत हुई थी। इस खबर के सामने आने के बाद से चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैक डोर से बातचीत हो रही है?

विदेश सचिव क्या बोले ?
भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक बैठक की खबरों पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बयान दिया है। विक्रम मिस्री ने कहा- हम असल में इन कार्यक्रमों पर कोई ध्यान नहीं देते। हमारी नजर में इनकी कोई खास अहमियत नहीं है। हमारी नजर में, ये निजी पक्षों द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। हमारे लिए इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है। भारत से जो भी लोग इन कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं- चाहे वे रिटायर्ड राजनयिक हों, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी हों या सिविल सोसाइटी के सदस्य हों- वे अपनी बात रखते हैं और अपना नजरिया पेश करते हैं। वे किसी भी तरह से भारत सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते और न ही कर सकते हैं।
भारत ने अफगानिस्तान पर हमले की निंदा की
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की भारत ने निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके पाकिस्तान के हमले को बिना किसी उकसावे के जानबूझकर किया गया हमला बताया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर हमला क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है, साथ ही ये अफगानिस्तान की संप्रभुता पर भी खतरा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक मामलों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है। आपको बता दें कि 28 जून को पाकिस्तानी एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने अफगानिस्तान के तीन इलाकों पर बम बरसाए जिसमें 36 लोग मारे गए और 150 से ज्यादा लोग घायल हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच होगी टक्कर, टी20 इंटरनेशनल में कैसे हैं दोनों टीमों के रिकॉर्ड

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भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 1 जुलाई को खेला जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। साल 2007 से लेकर अब तक दोनों टीमें कितनी बार टी20 इंटरनेशनल में आमने सामने आई हैं, ये जान लीजिए और किस टीम ने बढ़त बनाई है, ये भी यहां दिया गया है।
भारतीय क्रिकेट टीम की अब एक बड़ी परीक्षा होनी है। खास तौर पर नए कप्तान बनाए गए श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला अब कुछ ही घंटे की दूरी पर है। पहला मैच 1 जुलाई की शाम को खेला जाएगा। जो टीम आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम से लगातार दो मैच हार गई हो, उसके लिए इंग्लैंड को हराना किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा होने वाला है। इस बीच चलिए ये जानते हैं कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक कितने टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और इसमें से किस टीम ने कितनी बार बाजी मारी है।
साल 2007 के आईसीसी टी20 विश्व कप में खेला गया था दोनों टीमों के बीच पहला मैच
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला साल 2007 में खेला गया था। तब टीम इंडिया की कप्तानी एमएस धोनी के पास थी, वहीं इंग्लैंड की कमान पॉल कॉलिंगवुड संभाल रहे थे। ये मैच टी20 विश्व कप के तहत खेला गया था। ये वही मुकाबला था, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रचा था। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन बना ​दिए थे, इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 200 रन ही बना सकी ​थी और भारत ने 18 रन से इस मैच को अपने नाम किया था।

भारत बनाम इंग्लैंड हेड टू हेड में टीम इंडिया को बढ़त
तब से लेकर अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 30 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले हो चुके हैं। इसमें से 18 मैच भारत ने जीते हैं और 12 में इंग्लैंड ने बाजी अपने नाम की है। यानी टीम इंडिया को हेड टू हेड में एडवांटे​ज दिखाई दे रहा है। लेकिन पुराने आंकड़े देखने के लिए होते हैं, टीम आज की तारीख में कैसा खेल दिखाएगी, ये अपने आप में अहम होता है।

श्रेयस अय्यर के सामने प्लेइंग इलेवन चुनने की भी चुनौती
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है, जिसका सामना उन्हें करना होगा। पहले मैच में वे किस टीम कॉबिनेशन के साथ उतरते हैं, इसे भी देखना दिलचस्प होगा। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया, इसको लेकर भी सवालों की झड़ी सी लगी है। क्या अब वैभव का नंबर आएगा या फिर उसी प्लेइंग इलेवन के साथ टीम उतरेगी, ये देखना मजेदार होगा। हालांकि ये सभी को पता है कि भारत की सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन आयरलैंड सीरीज के दौरान बुरी तरह से फ्लॉप रही। क्या इसे बदला जाएगा।

हैरी ब्रूक कर रहे हैं इंग्लैंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन
इस बीच इंग्लैंड की बात की जाए तो हैरी ब्रूक के पास अब कप्तानी का अच्छा खासा अनुभव हो चुका है। टीम ने उनकी कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन भी किया है। टीम में जॉस बटलर और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी भी हैं, जो भारतीय टीम की परीक्षा लेने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले। कुल मिलाकर अभी तो यही लगता है कि दोनों टीमें जब आमने सामने होंगी, तो मुकाबला काफी रोचक होगा।

पेट्रोल बेचने वालों को कीमतें कम करनी चाहिएट्रंप की सीधी चेतावनी, कहा- वही करें, जो सही है

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ट्रंप ने कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतें बहुत ज्यादा हैं, जबकि तेल की कीमत अब $68 प्रति बैरल है और नीचे जा रही है। उन्होंने कहा कि कीमतें मनमाने ढंग से नहीं बढ़ाई जा सकतीं, यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए देश के पेट्रोल विक्रेताओं को कीमतों में तुरंत कटौती करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद जनता को इसका फायदा नहीं मिल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “पेट्रोल बेचने वालों को तुरंत अपनी कीमतें कम करनी चाहिए। कीमतें बहुत ज़्यादा हैं, जबकि तेल की कीमत अब $68 प्रति बैरल है और नीचे जा रही है। बेचने वालों को इस बात पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और वही करना चाहिए जो सही है, हमारे महान अमेरिकी लोगों के लिए कीमतें कम करें!”

कीमतें मनमाने ढंग से नहीं बढ़ाई जा सकतीं”
ट्रंप ने आगे कहा, “कीमतें मनमाने ढंग से नहीं बढ़ाई जा सकतीं, यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अगर बेचने वाले ऐसा नहीं करते हैं, तो आगे बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। कीमत को $2.50 प्रति गैलन के आस-पास लाने की कोशिश करें और कैलिफ़ोर्निया को पेट्रोल पर इतने भारी टैक्स नहीं लगाने चाहिए। जल्द ही टैक्स की कीमत पेट्रोल की कीमत से भी ज़्यादा हो जाएगी और अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा, और न ही कैलिफ़ोर्निया के लोग इसे सहेंगे, जिन्हें इन बेतुके टैक्स और अपनी ही सरकार की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है।

अमेरिका-ईरान के बीच दोहा में होगी बातचीत
वहीं, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मंगलवार को दोहा में ईरानी वार्ताकारों के साथ बातचीत करेंगे। यह वार्ता, दोनों पक्षों की ओर से बीते सप्ताहांत एक-दूसरे के खिलाफ हुई गोलाबारी के बाद होगी, जिससे उनके बीच हुआ युद्ध-विराम समझौता एक बार फिर सवालों के घेरा में आ गया है। ट्रंप ने सोमवार को ‘ट्रथु सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है, जो मंगलवार को दोहा में होगी। हालांकि, उन्होंने बैठक के एजेंडे के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने समाचार चैनल ‘फॉक्स न्यूज’ को बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इस सप्ताह दोहा की यात्रा करेंगे, ताकि दोनों पक्षों की ओर से पिछले दिनों हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन पर चर्चा की जा सके। लेविट ने कहा, “जहां तक हमारा सवाल है, हम युद्धविराम का पालन कर रहे हैं। हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।

YouTube देखकर प्रसव की कोशिश में चली गई महिला की जान, ‘पोस्ट-पार्टम हैमरेज’ हुआ, पढ़ें पूरा मामला

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तमिलनाडु के तिरुपुर डिस्ट्रिक्ट से हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है। यहां यूट्यूब देखकर प्राकृतिक प्रसव की कोशिश में एक महिला की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, महिला को पोस्ट-पार्टम हैमरेज हुआ था।
तमिलनाडु के तिरुपुर से एक बेहद ही चौकानें वाली खबर सामने आई है। यहां यूट्यूब देखकर प्रसव की कोशिश में एक महिला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया। तिरुप्पुर जिले के एक गांव की 32 साल की महिला की रविवार 28 जून, 2026 को डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग और उससे जुड़ी दिक्कतों के कारण मौत हो गई। उसने 24 जून को घर पर बच्चे को जन्म दिया था, जिसमें कथित तौर पर उसके पति ने YouTube पर डिलीवरी से जुड़े वीडियो देखकर मदद की थी।क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने बताया कि उथुकुली तालुका में पुंजईथलावाइपालयम की रहने वाली के. शशिकला को कुछ दिक्कतें होने के बाद कोयंबटूर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। महिला को 24 जून की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उनके पति 35 वर्षीय कोलंदचामी और सास ने डिलीवरी में मदद की, कहा जा रहा है कि उन्होंने इसके लिए YouTube पर नैचुरल चाइल्डबर्थ (बिना मेडिकल दखल के बच्चे के जन्म) के वीडियो देखे थे। पुलिस के मुताबिक, शशिकला ने एक बच्ची को जन्म दिया।

महिला की मौत कैसे हुई?
बच्ची के जन्म के बाद प्लेसेंटा (गर्भनाल) बाहर नहीं निकल पाया, जिससे महिला को ‘पोस्ट-पार्टम हैमरेज’ (डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव) की समस्या हो गई। उसे पेरनदुरई स्थित सरकारी इरोड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद, 25 जून को उसे कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज का कोई असर न होने पर रविवार को उसकी मौत हो गई।

पति के खिलाफ केस दर्ज
कुन्नथुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की शिकायत पर, उथुकुली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या के लिए सज़ा) के तहत कोलंदचामी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि मृतक महिला के परिवार वाले कोई शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जोड़े ने घर पर ही नैचुरल डिलीवरी की योजना बनाई थी।

क्यों लिया प्राकतिक तरीके से प्रसव का फैसला?
जानकारी के अनुसार, इन दोनों को एक 6 साल की बेटी भी है, घर वालों ने पुलिस को बताया कि 2020 में जब इन्हें पहली बच्ची हुई थी तब शशिकला को C सेक्शन करना पड़ा था जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ गई और रिकवर होने में काफी समय लग गया। एलोपैथिक प्रोसिजर के ट्रॉमा से गुजर चुकी शशिकला और पति कोलन्दचामी ने फैसला कर लिया था कि अगले बच्चे की डिलीवरी प्राकतिक तरीके से की जाएगी, लेकिन उन्होंने सबसे बड़ी गलती कर दी कि किसी डॉक्टर की सलाह लिए बिना यू ट्यूब वीडियो की मदद से इस काम को किया। हालांकि, शिशु का प्रजनन ठीक तरीके से हो गया लेकिन इस लापरवाही के चलते शशिकला को अपनी जान गंवानी पड़ गयी।

पीएम मोदी की आज होने वाली जरूरी मीटिंग में क्या कुछ हो सकता है? जानिए एजेंडा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें प्रशासनिक सुधार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और आत्मनिर्भर भारत को लेकर चर्चा होगी। मीटिंग में सचिव अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार के प्रमुख सुधारों, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करने के तरीकों पर भी मंथन किया जाएगा। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से लौटने के बाद यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक शाम करीब 4 बजे होगी, जिसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव शामिल होंगे।

योजनाओं का रोडमैप भी रख सकते हैं अफसर
मीटिंग में सभी सचिव प्रधानमंत्री को अपने-अपने विभागों की प्रगति और योजनाओं से जुड़ी रिपोर्ट भी सौंपेंगे। साथ ही इसमें सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने, नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने पर चर्चा होने की संभावना है। अधिकारियों से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे अपने विभागों में किए गए सुधारों और आगे की योजनाओं का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।

सिर्फ 2 महीने के अंदर ऐसी दूसरी बड़ी बैठक
बता दें कि यह 2 महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री मोदी और शीर्ष नौकरशाही के बीच होने वाली दूसरी बड़ी संस्थागत बैठक होगी। इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और केंद्रीय सचिवों की संयुक्त बैठक की थी। उस बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नीतिगत सुधारों और प्रशासनिक बदलावों पर चर्चा हुई थी। उस दौरान PM मोदी ने अधिकारियों से कहा था कि फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होनी चाहिए और फाइलों को अनावश्यक देरी से बचाते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

पिछली बैठक में PM मोदी ने दिए थे अहम निर्देश
PM मोदी ने उस बैठक में कम समय में अधिकतम उत्पादकता बढ़ाने और शासन व्यवस्था को सरल बनाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा था कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ एक मजबूत संकल्प है। उन्होंने मंत्रालयों को संरचनात्मक सुधारों पर ज्यादा ध्यान देने और जनता के हित में काम करने की सलाह दी थी। पिछली समीक्षा बैठक में जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया था, उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए गए थे।

गुरदासपुर में महिला ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, नहाते समय बनाया अश्लील वीडियो, वायरल कर ब्लैकमेल करने का दावा, डेढ़ साल के बेटे को भी छीनने का आरोप

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गुरदासपुर

पंजाब के गुरदासपुर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिले के खुंडी गांव की रहने वाली अमरजीत कौर ने अपने पति हरपाल सिंह पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने, ब्लैकमेल करने, मारपीट करने और डेढ़ साल के बेटे को अपने पास रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अमरजीत कौर का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही हरपाल सिंह का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह आए दिन गाली-गलौज करता, मारपीट करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। महिला का कहना है कि पति अक्सर उसे डराने और दबाव बनाने के लिए उसकी निजी जिंदगी का गलत तरीके से इस्तेमाल करता था।

पीड़िता के अनुसार, एक रात करीब साढ़े नौ बजे वह घर में नहाने के बाद कपड़े बदल रही थी। इसी दौरान हरपाल सिंह ने बिना उसकी जानकारी और बिना उसकी सहमति के मोबाइल फोन से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने वह वीडियो अपने रिश्तेदारों और परिचितों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया। इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची और वह मानसिक रूप से टूट गई।

महिला का कहना है कि वीडियो वायरल करने के बाद हरपाल सिंह लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा। जब भी उसने इस हरकत का विरोध किया या आवाज उठाने की कोशिश की तो आरोपी ने गाली-गलौज की, मारपीट की और उसे चुप रहने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि उसे डराया गया कि यदि उसने किसी को बताया तो और भी निजी वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी जाएंगी।

अमरजीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उसकी ननद और कुछ अन्य रिश्तेदार भी हरपाल सिंह का साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि अश्लील वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद उन्हें लगातार अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।

महिला ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरपाल सिंह ने उसके डेढ़ साल के बेटे को भी उससे अलग कर अपने पास रख लिया है। पीड़िता का कहना है कि एक मां से उसके छोटे बच्चे को दूर कर देना उसके लिए सबसे बड़ी पीड़ा है और वह अपने बेटे से मिलने के लिए भी संघर्ष कर रही है।

पीड़िता ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पति हरपाल सिंह तथा कथित रूप से अश्लील वीडियो प्रसारित करने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

‘डिग्री मेरे पक्ष में, फिर भी जमीन पर कब्जा’… 80 वर्षीय किसान ने उठाए गंभीर सवाल, दबंगों पर कब्जे और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप

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गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर क्षेत्र से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। करीब 80 वर्षीय किसान राजपाल मीना ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर आरोप लगाया है कि सिविल न्यायालय का आदेश और राजस्व अभिलेख उनके पक्ष में होने के बावजूद उनकी कृषि भूमि पर कथित रूप से दबंगों ने कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई बार शिकायतें, राजस्व अधिकारियों की जांच और न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें आज तक न्याय नहीं मिल सका।

शिकायतकर्ता राजपाल मीना, निवासी ग्राम सिरसा मांचीपुर, पोस्ट जेवर, तहसील जेवर, जिला गौतमबुद्धनगर ने आरोप लगाया है कि उनकी खाता संख्या 136 के अंतर्गत गाटा संख्या 139 एवं गाटा संख्या 156/2 की भूमि पर सुरता परवीन, अनवर अली सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचकर कब्जा कर लिया। उनका दावा है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

राजपाल मीना का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित कई माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार राजस्व विभाग द्वारा मौके की जांच भी की गई थी और विवादित भूमि पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करने के निर्देश भी दिए गए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2012 में सिविल न्यायालय से भी उनके पक्ष में आदेश पारित हो चुका है, जिसमें प्रतिवादी पक्ष को भूमि में हस्तक्षेप न करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कथित रूप से उनकी खड़ी फसल जोतकर भूमि पर कब्जा कर लिया गया।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिवादी पक्ष राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाता रहा, जिसके कारण उन्हें वर्षों से न्याय नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि कई बार प्रार्थना पत्र देने और न्यायालय के आदेश होने के बावजूद आज तक विवाद का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

राजपाल मीना ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भूमि से जुड़े सभी अभिलेख, खतौनी, लगान रसीद, न्यायालय के आदेश और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल यह मामला विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। दूसरी ओर इस मामले में प्रतिवादी पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दिल्ली में भाजपा पर्वतीय प्रकोष्ठ मंत्री गोविंद राम ने जताई जान का खतरा, हत्या की आशंका; पुलिस से सुरक्षा की लगाई गुहार

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नई दिल्ली। 437/3 पश्चिम पुरी नई दिल्ली 63 मेरे घर कच्चा 532/3 पश्चिम पुरी न्यूज़ राजधानी दिल्ली में भाजपा पर्वतीय प्रकोष्ठ से जुड़े नेता गोविंद राम ने अपनी जान को गंभीर खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ महीनों से कुछ लोग लगातार उनका पीछा कर रहे हैं और उनके खिलाफ कथित साजिश रची जा रही है।

गोविंद राम ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में दावा किया है कि संतोष गुजराती अम्बे प्राॅपर्टी डिलर

ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। उनका आरोप है कि उनकी दुकान खाली कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और इसके पीछे सुनियोजित साजिश हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके साथ कोई बड़ी वारदात हो सकती है।

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित पुलिस थाने में दर्ज करा दी है तथा दिल्ली पुलिस, वरिष्ठ अधिकारियों और अपराध शाखा से भी सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि वह अकेले बाहर मिले तो उनके साथ जानलेवा हमला किया जा सकता है।

गोविंद राम ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए तथा जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोप शिकायतकर्ता के हैं, जिनकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

20 साल की शादी के बाद पत्नी और बेटी को छोड़ने का आरोप, भाभी के साथ रहने लगा पति, पीड़िता बोली अब खर्चा भी नहीं देता, प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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दिल्ली। बिहार के भोजपुर जिले की रहने वाली सुमन ने अपने पति विनोद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुमन का कहना है कि वर्ष 2004 में उनकी शादी पूरे रीति-रिवाज से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद उनकी जिंदगी संघर्षों से भर गई। उनका आरोप है कि पति ने उन्हें और उनकी बेटी को वर्षों से बेसहारा छोड़ रखा है। अब वह दिल्ली में रहकर नौकरी कर अपनी बेटी का पालन-पोषण करने को मजबूर हैं, जबकि उनके पति न तो कोई आर्थिक सहायता दे रहे हैं और न ही पति होने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

सुमन के अनुसार शादी के बाद वह अपने पति के साथ केवल एक महीने तक ही रह सकीं। इसी दौरान वह गर्भवती हो गईं और बाद में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। उनका आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद पति ने उनसे दूरी बना ली और धीरे-धीरे उन्हें पूरी तरह छोड़ दिया।

पीड़िता का आरोप है कि उनके पति विनोद अब अपनी ही भाभी के साथ रह रहे हैं। सुमन का कहना है कि पति अपनी भाभी पर पैसा खर्च कर रहे हैं, उनके लिए मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अपनी पत्नी और बेटी की परवरिश के लिए एक रुपया तक नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह अपने अधिकार और खर्चे की बात करती हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि जो करना है कर लो, मैं कुछ नहीं दूंगा।

सुमन का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह अकेले अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही हैं। दिल्ली में नौकरी करके किसी तरह घर का खर्च चला रही हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और जिम्मेदारियों के बीच उनके लिए यह संघर्ष लगातार कठिन होता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पति अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभाते तो उन्हें इस तरह दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।

पीड़िता का कहना है कि वह आज भी कानूनी रूप से विनोद की पत्नी हैं। ऐसे में उन्हें और उनकी बेटी को भरण-पोषण का अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना है कि पति अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते और कानून के अनुसार पत्नी तथा संतान की देखभाल करना उनका दायित्व है।

सुमन ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि उनके पति को कानूनी रूप से भरण-पोषण देने के लिए बाध्य किया जाए ताकि वह और उनकी बेटी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।