Thursday, May 14, 2026
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बलिया के जवही दियर गांव में रास्ते के विवाद में भाई पर निर्माण और जान से मारने की धमकी का आरोप

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रास्ते के विवाद ने लिया गंभीर रूप, भाई पर रास्ता खोदकर निर्माण और जान से मारने की धमकी का आरोप
जिला बलिया गांव जवही दियर थाना हल्दी जनपद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक भूमि और रास्ते के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। पीड़ित योगेन्द्र यादव ने पुलिस अधीक्षक बलिया को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उनके ही सगे भाई संजय यादव उर्फ पुच्चन यादव द्वारा उनके आने-जाने के रास्ते को जबरन खोदकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे उनका रास्ता पूरी तरह बाधित हो रहा है।

पीड़ित योगेन्द्र यादव पुत्र स्वर्गीय सरजू यादव निवासी जवही, थाना क्षेत्र बलिया ने बताया कि घटना 22 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 11 बजे की है। उनका कहना है कि उनके भाई संजय यादव उर्फ पुच्चन यादव ने उनके पारंपरिक रास्ते को जेसीबी और मजदूरों के माध्यम से खोदकर उस पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।

योगेन्द्र यादव का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मौके पर केवल समझाइश देकर मामला शांत करा दिया गया और अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके रास्ते को सुरक्षित कराया जाए।

पीड़ित योगेन्द्र यादव ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें लगातार डर और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।

भोपाल में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 70 हजार की ठगी, नौकरी और मोटी कमाई का झांसा देकर फंसाया

भोपाल में ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस और गिगोलो जॉब के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि खुद को “इंडियन एस्कॉर्ट्स सर्विस लिमिटेड” बताने वाली कंपनी ने पहले आकर्षक कमाई और आसान काम का लालच दिया, फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर करीब 70 हजार रुपये की ठगी कर ली।

पीड़ित के अनुसार सोशल मीडिया और मोबाइल संपर्क के जरिए कंपनी के प्रतिनिधियों ने संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी देशभर में हाई प्रोफाइल क्लाइंट्स के साथ काम करती है और युवाओं को गिगोलो सर्विस के माध्यम से अच्छी कमाई कराती है। भरोसा जीतने के लिए कंपनी ने आईडी कार्ड और सदस्यता से जुड़े दस्तावेज भी भेजे।

पीड़ित ने बताया कि शुरुआत में रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने को कहा गया। इसके बाद सिक्योरिटी, प्रोफाइल एक्टिवेशन, होटल बुकिंग और सर्विस चार्ज के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम मांगी गई। कंपनी के लोगों ने भरोसा दिलाया कि यह रकम काम शुरू होते ही वापस कर दी जाएगी और हर महीने लाखों की कमाई होगी।

लगातार भुगतान के बाद जब पीड़ित ने काम और भुगतान की जानकारी मांगी तो कंपनी की ओर से बहानेबाजी शुरू हो गई। कुछ समय बाद फोन उठाना बंद कर दिया गया और संपर्क के सभी माध्यम बंद हो गए। तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो नौकरी और कमाई के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर ठगी करता है। ऐसे कई लोग इनके शिकार हो सकते हैं।

मामले में पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इस कंपनी और इससे जुड़े लोगों की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि अन्य लोग इस तरह की धोखाधड़ी से बच सकें।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन जॉब ऑफर, एस्कॉर्ट सर्विस और आसान कमाई के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी भी कंपनी को पैसे भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। अनजान नंबरों और फर्जी दस्तावेजों के भरोसे भुगतान करना भारी पड़ सकता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या नौकरी के प्रस्ताव की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति, धीरे-धीरे खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य: रिपोर्ट

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रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को चरणबद्ध तरीके से खोलने पर सहमति बनी है। इसके तहत अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी में ढील दी जाएगी और फिर फंसे जहाजों को जल्द निकलने की अनुमति मिल सकती है। इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ी सहमति बनने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी में ढील देने और इसके बदले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने पर सहमति जताई है। अरबी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह समझौता गुरुवार को दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बाद हुआ। अमेरिका-ईरान संघर्ष की शुरुआत में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा और तेल व गैस की सप्लाई बाधित हो गई थी।’फंसे जहाजों को निकलने की अनुमति जल्द दी जाएगी’
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, ‘नाकाबंदी में ढील देने और होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोलने को लेकर सहमति बन गई है। आने वाले कुछ घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकलने की अनुमति दी जाएगी।’ होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट और तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।

वैश्विक बाजार और समुद्री व्यापार को मिल सकती है राहत
माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बनी इस सहमति से वैश्विक बाजार और समुद्री व्यापार को राहत मिल सकती है। हालांकि अभी तक अमेरिका और ईरान की ओर से इस समझौते पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बता दें कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकेबंदी के दौरान अमेरिका के एक लड़ाकू विमान ने ईरान के एक तेल टैंकर पर हमला किया था। विमान ने टैंकर के रडर यानी कि दिशा नियंत्रित करने वाले हिस्से को निशाना बनाया था। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौता न होने की सूरत में ईरान पर और बड़ा हमला करने की चेतावनी दी थी।

क्या आपने देखी X पर प्रधानमंत्री मोदी की नई DP? जवानों की वीरता को किया है सलाम

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7 मई को पाकिस्तान के खिलाफ चलाए हए ऑपरेशन सिंदूर को 1 साल पूरे हो गए हैं। अब इस मौके पर पीएम मोदी ने X पर अपनी डीपी बदल ली है। उन्होंने इसके साथ ही जवानों की वीरता को सलाम किया है।आज 7 मई की तारीख भारत के लोगों के लिए बेहद खास है। आज ही के दिन भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया था और पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को तबाह कर दिया था। बता दें कि तब भारत सरकार ने सेना के इस अभियान को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था। भारत के सशस्त्र बलों ने इस ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान को 3 दिन के भीतर ही घुटने पर ला दिया था। आज ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक खास कदम उठाया है। पीएम मोदी ने X पर अपनी डीपी बदल ली है और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तस्वीर लगाई है। इस तस्वीर में ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगा है और उसके ऊपर तिरंगा भी लहरा रहा है।

क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के इस अवसर पर कहा- “एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सशस्त्र सेनाओं ने अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने की हिम्मत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया। पूरा देश हमारी सेनाओं के शौर्य को सलाम करता है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा- “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इसने हमारी सशस्त्र सेनाओं की व्यावसायिकता, तत्परता और समन्वित शक्ति को भी उजागर किया। साथ ही, इसने हमारी सेनाओं के बीच बढ़ते संयुक्त बल को प्रदर्शित किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के प्रयासों से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली मजबूती को रेखांकित किया। आज, एक वर्ष बाद, हम आतंकवाद को पराजित करने और उसके समर्थक तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प में पहले की तरह ही दृढ़ हैं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक’
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर, हम अपने सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं, जिनकी बहादुरी और समर्पण राष्ट्र की रक्षा करना जारी रखे हुए हैं। ऑपरेशन के दौरान उनके कार्यों में अद्वितीय सटीकता, निर्बाध समन्वय और विभिन्न सेवाओं के बीच गहरा तालमेल झलकता है, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक मिसाल कायम की है। ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक सशक्त प्रतीक है, जो दर्शाता है कि हमारे सशस्त्र बल सबसे महत्वपूर्ण समय पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रगति का भी प्रमाण है।”

‘ऑपरेशन सिंदूर भारत का ऐतिहासिक मिशन’
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- “ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक ऐतिहासिक मिशन है जो हमारे शत्रुओं को हमारी सशस्त्र सेनाओं की अचूक मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा। इतिहास इसे हमारी सशस्त्र सेनाओं की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की गहन खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के एकजुट होकर एक होने के दिन के रूप में याद रखेगा, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर आतंक का साया डालने की हिम्मत की थी। यह दिन हमारे शत्रुओं को यह भयानक संदेश देता रहेगा कि वे चाहे कहीं भी छिपें, बच नहीं सकते। वे हमेशा हमारी दृष्टि और हमारी भीषण मारक क्षमता के दायरे में हैं। इस अवसर पर, मैं हमारी सेनाओं के अद्वितीय शौर्य को सलाम करता हूं।”

बिहार के सुपौल जिले से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है,

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जहां चेन सिंह पट्टी वार्ड नंबर 02 निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी और बच्चों से अलग होने के कारण गहरे मानसिक तनाव में जी रहे हैं। जानकारी के अनुसार संजीव कुमार की शादी करीब सात वर्ष पहले सुगन कुमारी उम्र लगभग 26 वर्ष के साथ हुई थी। इस दंपति के दो बच्चे भी हैं और शुरुआती दिनों में उनका वैवाहिक जीवन सामान्य और सुखमय चल रहा था।

संजीव कुमार का कहना है कि बीते कुछ समय से उनकी पत्नी के मायके पक्ष के लोग लगातार उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आरोप है कि पत्नी के घर वाले आए दिन विवाद खड़ा करते हैं, गाली गलौज करते हैं और झगड़े की स्थिति बनाते रहते हैं। संजीव कुमार ने बताया कि उनके ससुर, साला और अन्य परिजन उनकी पत्नी को उनके घर वापस आने से रोक रहे हैं और बच्चों को भी उनसे दूर रखा जा रहा है।

हरिनारायण सुगन कुमारी के जीजा जी हैं और वहां इन मामलों में सबसे आगे हैं और बार-बार इन मामलों में शामिल है जो समझते रहते हैं कि सुगन जी को नहीं भेजना है वहीं उनकी बात सुनकर उनके माता-पिता भी इनका साथ देते हैं और सुगन देवी को नहीं ससुराल भेज रहे हैं जिससे संजीव कुमार परेशान है

संजीव कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और मेहनत के दम पर घर की जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा परिवार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष के हस्तक्षेप ने उनके जीवन को संकट में डाल दिया है। वह आरोप लगाते हैं कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं कि उनकी पत्नी और बच्चों को उनके पास नहीं भेजा जाएगा।
इनकी पत्नी का मायका है कृष्णापुर थाना गांव मल्हार वार्ड नंबर 9 में रहती हैं

इस पूरे घटनाक्रम से संजीव कुमार काफी परेशान और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उनका कहना है कि परिवार से अलगाव और लगातार विवाद ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर गहरा असर डाला है। उन्होंने प्रशासन और समाज से न्याय की मांग की है ताकि उनका पारिवारिक जीवन दोबारा सामान्य हो सके और उन्हें अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहने का अधिकार मिल सके।

यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि एक मेहनतकश परिवार को न्याय मिल सके और पारिवारिक विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।

इंस्टाग्राम पर युवती की फोटो और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करने का मामला, कार्रवाई की मांग

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सोशल मीडिया पर एक युवती की फोटो और निजी संबंधों से जुड़े कथित कमेंट पोस्ट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि “सूरत सिंह” नाम की इंस्टाग्राम आईडी से आरती नाम की युवती की तस्वीरें अपलोड कर उसके बारे में निजी बातें और आरोप लिखे जा रहे हैं, जिससे युवती और उसके परिवार की छवि प्रभावित हो रही है।
बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम स्टोरी और पोस्ट में युवती की फोटो के साथ कई मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत टिप्पणियां भी साझा की गईं। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित पक्ष ने इसे मानसिक उत्पीड़न और बदनाम करने की कोशिश बताते हुए संबंधित आईडी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस तरह गलत इस्तेमाल किसी की निजता और सम्मान को ठेस पहुंचा सकता है। लोगों ने साइबर सेल और पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।

इंस्टाग्राम आईडी से युवती की फोटो वायरल कर बदनाम करने का आरोप, पीड़िता ने सुनाई आपबीती

सोशल मीडिया पर युवती की फोटो और निजी जानकारी साझा कर बदनाम करने का मामला सामने आया है। पीड़िता आरती ने आरोप लगाया है कि “सूरत सिंह” नाम की इंस्टाग्राम आईडी चलाने वाला युवक लगातार उसे परेशान कर रहा है। युवती का कहना है कि आरोपी पहले इंस्टाग्राम पर लगातार फॉलो और मैसेज करता था। शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई, लेकिन बाद में युवक ने धोखाधड़ी और धमकी देना शुरू कर दिया।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया स्टोरी और पोस्ट में डालकर निजी बातें लिखीं तथा कई लोगों तक उसकी जानकारी पहुंचाई। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल किया, जिसके चलते उसे अनजान लोगों के कॉल आने लगे। परेशान होकर उसे अपना नंबर तक बंद करना पड़ा।
आरती ने बताया कि आरोपी उसके पति और परिवार को भी फोन कर धमकियां दे रहा है। उसका कहना है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की, जिससे उसे मानसिक तनाव और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़िता ने मीडिया के माध्यम से साइबर सेल और पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की निजी जिंदगी और सम्मान से खिलवाड़ करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

दतिया के थरेट थाना क्षेत्र में मारपीट और धमकी का मामला, पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज पीड़ित

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दतिया जिले के थरेट थाना क्षेत्र से मारपीट, धमकी और पुलिस कार्रवाई में देरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक पर बेल्ट और लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम वसई जीव निवासी तुलाराम अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि बीते दिनों उसका पुत्र राहुल अपने मित्र के साथ गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि पहले गाली गलौज की गई और उसके बाद बेल्ट तथा अन्य हथियारों से हमला कर दिया गया।

हमले में राहुल के सिर, हाथ और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि मौके पर खून निकलने लगा और हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे दतिया रेफर कर दिया गया। राहुल को मारने वाले चार व्यक्ति हैं उनके नाम है सागर यादव ,कुरु उर्फ अरविंद पाल
अमनदीप उर्फ सूर्या यादव
सुरेंद्र यादव
धर्मेंद्र परिहार

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस मामले में पहले भी संबंधित आरोपियों के खिलाफ थाना रेट में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी कह रहे हैं कि यदि समझौता नहीं किया गया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इससे परिवार भय और दहशत में जी रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपी कभी भी दोबारा हमला कर सकते हैं।

तुलाराम अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए और उन पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

फिलहाल इस पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और लोग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

50 हजार के लेन-देन पर खूनी हमला: लोहे के हथियार से युवक का सिर फोड़ा, चेन और नकदी भी लूटी

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समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में उधार के 50 हजार रुपये मांगने गए युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज सदर अस्पताल समस्तीपुर में चल रहा है, जहां उसने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

घायल राजू राय (उम्र लगभग 19 वर्ष), निवासी रामनगर, वार्ड-10, ने बताया कि उसने करीब चार महीने पहले अपने पड़ोसी संजीव राय को 50 हजार रुपये दिए थे। 22 फरवरी 2025 की सुबह करीब 4 बजे वह अपने भाई दीपक कुमार के साथ पैसे वापस मांगने संजीव राय के घर गया था। आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय संजीव राय और उसके परिजनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और साफ कह दिया कि “अब तुम्हारा पैसा नहीं मिलेगा।”

राजू राय के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने लोहे के रॉड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों में रामलगन राय, योगेंद्र राय, उमेश राय, भोला राय समेत कई लोग शामिल थे, जो हथियारों से लैस होकर आए थे। आरोप है कि रामलगन राय ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।

पीड़ित ने बताया कि हमलावरों ने उसे जमीन पर गिराने के बाद भी बेरहमी से पीटना जारी रखा और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उसके गले से सोने की चेन भी छीन ली गई, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई जा रही है। घटना के दौरान हमलावर लगातार धमकी दे रहे थे कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे।

हल्ला सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजू राय को सदर अस्पताल समस्तीपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में जब उसके पिता मामले की शिकायत करने गए तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वे भी घायल हो गए।

फिलहाल पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना ने एक बार फिर इलाके में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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36 साल पहले आई ब्लॉकबस्टर, जिसके हीरो-हीरोइन का डूब गया करियर, हीरो मांग रहा काम तो एक्ट्रेस का चेहरा हुआ खराब

36 साल पहले रिलीज हुई एक ब्लॉकबस्टर ने रातों-रात इसमें नजर आए लीड एक्टर्स को स्टार बना दिया, लेकिन इनके लिए ये फिल्म इतनी मनहूस साबित हुई की पहली फिल्म के बाद इनकी कोई फिल्म नहीं चली।90 के दशक में रिलीज हुई ‘आशिकी’ किसी को याद हो ना हो, इसके गाने आज भी हिट हैं। इस फिल्म से दो नए-नवेले एक्टर्स ने अपना डेब्यू किया था और आज दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री से लापता हो चुके हैं। हम बात कर रहे हैं ‘आशिकी’ के लीड एक्टर्स राहुल रॉय और अनु अग्रवाल की, जिन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म से खूब सुर्खियां बटोरीं। पहली ही फिल्म से दोनों स्टार बन गए। आशिकी की सफलता के बाद इन्हें फिल्मों पर फिल्में ऑफर होने लगीं, लेकिन आशिकी जैसी सफलता न तो फिर राहुल रॉय दोहरा पाए और न ही अनु अग्रवाल की किस्मत चमक सकी। धीरे-धीरे दिन ये आ गए कि दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गए।
राहुल रॉय मांग रहे काम
हाल ही में राहुल रॉय तब चर्चा में आ गए, जब सोशल मीडिया पर उनका एक कंटेंट क्रिएटर के साथ वीडियो सामने आया। इस वीडियो को लेकर कुछ लोगों ने अभिनेता का मजाक भी उड़ाया, जिसका जवाब देते हुए एक्टर ने ट्रोल्स को खूब खरी-खोटी सुनाई थी और साथ ही इस तरह के वीडियोज करने के पीछे की वजह भी बताई। ट्रोल्स को जवाब देते हुए अभिनेता ने बताया कि उन्हें कुछ कानूनी मामलों की फीस भरनी है और ये केस उस समय के हैं जब उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसी के साथ उन्होंने काम दिलाने की भी अपील की।नहीं मिल पाई पहले जैसी सफलता
राहुल रॉय ने 1990 में रिलीज हुई आशिकी से डेब्यू किया था और रातोंरात स्टारडम हासिल किया। इसके बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई, लेकिन वह आशिकी जैसी सफलता नहीं दोहरा पाए। जुनून और सपने साजन जैसी फिल्मों में काम के जरिए उन्होंने कुछ तारीफें हासिल कीं, लेकिन बाद में उन्हें काम मिलना बंद हो गया। 2020 में राहुल रॉय तब फिर चर्चा में आए, जब उन्हें नवंबर 2020 में कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। इसके बाद उनका इलाज मुंबई के नानावती अस्पताल में चला, जहां की फीस सुपरस्टार सलमान खान ने भरी थी।

अनु अग्रवाल को झेलना पड़ा दर्द
राहुल रॉय की ही तरह इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस अनु अग्रवाल का करियर भी ‘आशिकी’ के बाद पटरी से उतर गया। उनके साथ एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। 1999 में वह एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गईं, जिसमें उन्हें गहरी चोट आई और वह लंबे समय तक कोमा में रहीं। इस हादसे ने उनका चेहरा बुरी तरह बिगाड़ दिया और शरीर पर भी कई गंभीर चोटें आई थीं, जिसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।

बीजेपी से जुड़ी बड़ी खबर, पश्चिम बंगाल के पर्यवेक्षक बनाए गए अमित शाह, जानें असम की जिम्मेदारी किसे मिली

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पश्चिम बंगाल और असम के लिए बीजेपी ने अपने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। ये पर्यवेक्षक, विधायक दल के नेता के चुनाव करने में अहम भूमिका निभाएंगे।नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी को शानदार जीत हासिल हुई है। ऐसे में दोनों ही राज्यों में सरकार बनना तय है। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह को अपना केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
असम के लिए क्या फैसला?
बीजेपी ने असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को अपना केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। बीजेपी ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के क्या रहे नतीजे?
पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आ गए। दोनों ही राज्यों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया और अब दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार बनना तय है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 207 सीटें हासिल की हैं और तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर ही सिमट गई। कांग्रेस को 2, AJUP को 2 और CPIM को एक सीट हासिल हुई है। यानी पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है।

असम में भी बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है। यहां बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस ने 19 और BOPF ने 10 सीटों पर जीत हासिल की है। AGP ने 10 और AIUDF ने 2 सीटें हासिल की हैं।

दोनों ही राज्यों में विपक्ष कमजोर है क्योंकि बीजेपी को प्रचंड जनादेश मिला है। हालांकि अभी दोनों राज्यों में सीएम का ऐलान होना है इसीलिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब देखना ये होगा कि असम और पश्चिम बंगाल में कौन विधायक दल का नेता बनता है और कौन राज्य का सीएम बनता है। बीजेपी ने पहले भी अपने फैसलों से जनता को चौंकाया है। इस बार क्या होगा, वह तो वक्त ही बताएगा।