Friday, July 3, 2026
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शादी का झांसा देकर दो बच्चों की मां से बनाए संबंध, लाखों की नकदी-जेवर लेकर फरार होने का आरोप; न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला

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हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सिकंदराबाद-कुत्तुर क्षेत्र से एक महिला के साथ कथित प्रेमजाल, धोखाधड़ी और विश्वासघात का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो बच्चों की मां ज्योति ने उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मोहम्मद जुनित उर्फ विनीत खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, शादी का भरोसा दिलाया, उसके साथ पति-पत्नी की तरह संबंध बनाए और बाद में उसे तथा उसके बच्चों को बेसहारा छोड़कर फरार हो गया।

पीड़िता ज्योति के अनुसार वह अपने पति से अलग होने के बाद अपने दो बच्चों के साथ हैदराबाद के सिकंदराबाद-पुत्तुर क्षेत्र में रहकर एक निजी कंपनी में काम कर रही थी। इसी दौरान उसके कमरे के सामने रहने वाले मोहम्मद जुनित उर्फ विनीत खान से उसकी पहचान हुई। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा तथा उसके दोनों बच्चों को भी अपनाकर परिवार की तरह साथ रखेगा।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने अपनी मीठी बातों और वादों के जरिए उसका विश्वास जीत लिया। वह अक्सर शादी का आश्वासन देता था और जब भी ज्योति विवाह की बात करती थी तो वह कहता था कि पहले उसके भाई की शादी हो जाने दे, उसके बाद वह स्वयं शादी करेगा। इसी भरोसे के चलते दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहे और आरोपी लगातार भविष्य में साथ रहने के सपने दिखाता रहा।

ज्योति का कहना है कि उसने आरोपी पर पूरी तरह विश्वास कर लिया था। आरोप है कि इस दौरान उसने आरोपी की आर्थिक रूप से भी मदद की और उसे नकदी, जेवर तथा अन्य जरूरी सामान तक दिया। महिला का दावा है कि आरोपी ने उसके निजी फोटो और वीडियो भी अपने पास रख लिए थे। लेकिन समय बीतने के साथ आरोपी के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा।

पीड़िता के अनुसार जब उसने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो आरोपी बहाने बनाने लगा। कुछ समय बाद वह अचानक वहां से गायब हो गया और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। महिला का आरोप है कि आरोपी अब उसके फोन तक नहीं उठा रहा है और उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। इससे उसे आशंका है कि आरोपी जानबूझकर संपर्क से बच रहा है।

आरोपी की पहचान मोहम्मद जुनित उर्फ विनीत खान पुत्र/सी-ऑफ इसरार, ग्राम एवं पोस्ट बगरैन, जनपद बदायूं, उत्तर प्रदेश-202525 के रूप में बताई जा रही है। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर लोग उसे विनीत खान के नाम से जानते हैं।

महिला का आरोप है कि पिछले छह से सात महीनों से वह न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली है। उसका कहना है कि उसने पुलिस और संबंधित अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे वह और उसके बच्चे गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।

ज्योति का कहना है कि आज उसके सामने अपने दोनों बच्चों के पालन-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वह लगातार रो-रोकर न्याय की गुहार लगा रही है और चाहती है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। महिला का कहना है कि उसे केवल न्याय चाहिए और उसके साथ किए गए कथित धोखे की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित महिला को कब तक न्याय मिल पाता है। :::

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दरभंगा में गवाही देने पहुंचे दो भाइयों पर चाचा और परिजनों का हमला, पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप

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दरभंगा।

बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र विधायक मंडल ब्लॉक नंबर 81 के चकवासावन गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुराने आपराधिक मामले में न्यायालय में गवाही देने पहुंचे दो भाइयों पर उनके ही चाचा और परिजनों द्वारा कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि शिकायत देने के बावजूद मनीगाछी थाना में उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।

पीड़ित परिवार के अनुसार गांव निवासी शंकर झा और जयनारायण झा एक पुराने फौजदारी मामले में निर्धारित तिथि पर गवाही देने के लिए गए थे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उनके चाचा राजकुमार झा ने अपने पुत्र मुकेश झा, रोहित झा, रोशन झा तथा परिवार की अन्य महिला सदस्य के साथ मिलकर दोनों भाइयों पर हमला कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने ईंट-पत्थरों, बांस और लाठी-डंडों से दोनों भाइयों की बेरहमी से पिटाई की। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को हमलावरों के चंगुल से बचाया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि ग्रामीण समय पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

घटना में दोनों भाइयों को गंभीर चोटें आई हैं। परिवार का आरोप है कि गवाही देने से रोकने और दबाव बनाने के उद्देश्य से यह हमला पूर्व नियोजित तरीके से किया गया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और इसी विवाद से संबंधित मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही है।

पीड़ितों के पिता राधेश्याम झा ने बताया कि वह स्वयं न्यायालय में पेशी के सिलसिले में गए हुए थे। इसी दौरान उनके बेटों पर हमला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों की जान खतरे में थी और अब पूरा परिवार दहशत में है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

परिवार का आरोप है कि घटना की शिकायत मनीगाछी थाना में दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पीड़ित पक्ष खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद अब गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले रहा है, जिससे गांव का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

फिलहाल मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

पैतृक संपत्ति के बंटवारे पर भड़का विवाद, भाई पर कब्जे, धमकी और पंचायत के फैसले को ठुकराने के आरोप; पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर थाना क्षेत्र के नौरंगपुरा गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पंचायत और समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुए लिखित बंटवारे को एक पक्ष मानने से इनकार कर रहा है, जिसके चलते परिवार में लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई है।

पीड़ित बनवारी लाल पुत्र स्वर्गीय भंवरलाल रैगर ने बताया कि 16 अप्रैल 2024 को गांव के पंचों, रिश्तेदारों और समाज के सम्मानित लोगों की उपस्थिति में दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति का बंटवारा किया गया था। आरोप है कि बंटवारे के अनुसार सुवा काका के सामने स्थित जमीन बनवारी लाल के हिस्से में तथा पुरानी कच्ची गाड़ी और अन्य संपत्ति प्रकाश के हिस्से में आई थी। उस समय दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से बंटवारे को स्वीकार किया था और लिखित रूप से इसकी पुष्टि भी की गई थी।

बनवारी लाल का आरोप है कि कुछ समय बाद उनके भाई प्रकाश ने इस लिखित बंटवारे को मानने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार प्रकाश कथित रूप से पंचायत के निर्णय का अपमान करते हुए कहता है कि वह इस बंटवारे को किसी भी कीमत पर नहीं मानेगा। पीड़ित का आरोप है कि प्रकाश ने उनके हिस्से में आई जमीन पर जबरन रूड़ी, छड़ी और अन्य सामग्री डालकर कब्जा कर लिया है तथा भूमि खाली करने से साफ इनकार कर रहा है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब बनवारी लाल ने अपनी जमीन खाली कराने का प्रयास किया तो प्रकाश, उसकी पत्नी लीला देवी और पुत्र अमित कथित रूप से लाठियां लेकर मारपीट करने के लिए दौड़ पड़े। पीड़ित का कहना है कि उसने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद जब समाज के लोगों और रिश्तेदारों ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उन्हें भी कथित रूप से धमकियां दी गईं।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पक्ष कथित रूप से प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर डराने का प्रयास करता है। इसके चलते परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।

सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित परिवार का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। परिवार का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर भी उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

पीड़ित परिवार ने अब उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें उनका वैधानिक हक दिलाया जाए, विवादित भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि किसी अप्रिय घटना से पहले उन्हें सुरक्षा और न्याय प्रदान किया जाए।

फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

कंचन की रिपोर्ट

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सुलतानपुर में पुराने विवाद ने फिर पकड़ा तूल, पीड़ित ने जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप, पुलिस चौकी में दी तहरीर

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सुलतानपुर। जिले के कादीपुर क्षेत्र में एक पुराने विवाद को लेकर एक बार फिर तनाव का माहौल पैदा हो गया है। ग्राम पोखरदों, पोस्ट बिलोकपुर नेवादा, तहसील कादीपुर निवासी दयाराम ने पुलिस चौकी कुरुपुर में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर जान से मारने और मारपीट की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में पुलिस से सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग की है।

दयाराम के अनुसार वर्ष 2025 में गांव के ही कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था, जिसमें उनके साथ मारपीट की घटना भी हुई थी। उनका आरोप है कि उसी मामले से जुड़े कुछ लोग अब फिर से उन्हें धमका रहे हैं और मारपीट करने तथा जान से मारने की बात कह रहे हैं। इससे वह और उनका परिवार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहा है।

पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में गांव के ही खदेरू उर्फ सुनील, अरविंद पुत्र सुनील, राहुल पुत्र धर्मराज तथा शिवनाथ पुत्र जोखू का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि उक्त लोग लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।

दयाराम ने पुलिस चौकी कुरुपुर के प्रभारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अमरोहा में दलित परिवार ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, दो बार आमरण अनशन के बाद भी न्याय नहीं मिलने का दावा

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अमरोहा। जिले के डिडौली क्षेत्र के एक दलित परिवार ने मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी, जान से मारने की धमकी और पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि दो बार आमरण अनशन करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।

परिवार का आरोप है कि घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित पक्ष ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग समेत विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिवार ने आशंका जताई है कि यदि वर्तमान या भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थाओं को उत्तरदायी माना जाए। साथ ही मामले की सीबीआई जांच और सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग भी उठाई गई है।

हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष पर आधारित हैं और संबंधित पक्ष का बयान सामने आना शेष है।

रात 11 बजे घर से निकले राजमिस्त्री और फिर नहीं लौटे: तीन बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया? परिवार की आंखों में इंतजार, हर दस्तक पर टिकी निगाहें

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आगरा। मलपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम भ्रमरौल से एक राजमिस्त्री के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी, तीन बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई दिनों से लगातार तलाश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की अपील की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम भ्रमरौल निवासी नवाब सिंह बघेल 7 जून 2026 की रात करीब 11 बजे घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। समय बीतने के साथ परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

लापता नवाब सिंह बघेल की पत्नी राधा ने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पति के अचानक गायब हो जाने के बाद पूरा परिवार टूट चुका है। तीनों बच्चे हर दिन अपने पिता की राह देख रहे हैं और बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उनके पिता कब वापस आएंगे।

मीडिया से बातचीत करते हुए राधा के भाई जितेंद्र ने बताया कि उनके जीजा नवाब सिंह बघेल पेशे से राजमिस्त्री थे और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने बताया कि नवाब सिंह का स्वभाव बेहद शांत और सरल है। गांव में उनकी पहचान एक सीधे-सादे और मेहनती व्यक्ति के रूप में रही है। जितेंद्र के अनुसार नवाब सिंह आमतौर पर गांव से बाहर कहीं नहीं जाते थे और अपना अधिकांश समय परिवार तथा काम में ही बिताते थे।

परिवार का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि नवाब सिंह अपने साथ मोबाइल फोन भी नहीं रखते थे। ऐसे में उनसे संपर्क स्थापित करने का कोई माध्यम नहीं है। यही वजह है कि उनके लापता होने के बाद परिवार पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है और किसी भी सूचना के लिए लोगों पर निर्भर है।

परिजनों के अनुसार नवाब सिंह का रंग गोरा है। घर से निकलते समय उन्होंने आसमानी रंग की शर्ट और जामुनी रंग की पैंट पहन रखी थी। उनके लापता होने की सूचना क्षेत्र में तेजी से फैल रही है और परिवार उम्मीद कर रहा है कि किसी न किसी व्यक्ति को उनके बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।

परिवार ने आमजन से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति को नवाब सिंह बघेल कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या मोबाइल नंबर 7454060468 पर संपर्क करें। परिवार का कहना है कि एक छोटी सी सूचना भी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल घर का माहौल पूरी तरह गमगीन है। पत्नी की आंखों में आंसू हैं, बच्चों की निगाहें दरवाजे पर टिकी हैं और परिजन हर फोन कॉल तथा हर दस्तक में अपने प्रियजन के लौट आने की उम्मीद तलाश रहे हैं। अब पूरे परिवार को उस खबर का इंतजार है, जो उनकी चिंता को खत्म कर फिर से उनके घर में खुशियां लौटा सके।#AgraNews #MissingPerson #NawabSinghBaghel #MalpuraNews #BreakingNews #MissingAlert #SearchForNawab #FamilyAppeal #ThreeChildren #RajMistri #UPNews #ViralNews #GroundReport #HelpFindHim #LatestUpdate #HumanInterestStory #SocialMediaAppeal #HindiNews #DainikBhaskarStyle #TrendingNews

प्रयागराज में 20 सदस्यीय परिवार बूंद-बूंद पानी को तरसा, छोटे बच्चे रेलवे लाइन से भर रहे पानी, पुलिस पर गाली-गलौज और जबरन खाली कराने का आरोप

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प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के सिविल लाइन्स क्षेत्र स्थित ब्लू डार्ट ऑफिस के पास रहने वाली मोनी देवी और उनका परिवार पिछले कई वर्षों से भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहा है। परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया, जिससे लगभग 20 सदस्यों वाला पूरा परिवार भारी परेशानी में जीवन गुजारने को मजबूर है।

मोनी देवी के अनुसार उनका परिवार पिछले लगभग 100 वर्षों से इस स्थान पर रह रहा है। परिवार में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना रेलवे लाइन के पास जाकर पानी भरना पड़ता है। भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए रोज संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन गई है।

परिवार का आरोप है कि कई वर्षों से समस्या बताने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने तथा उन्हें वहां से हटाने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। मोनी देवी का कहना है कि उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की भी कोशिश की गई, ताकि उन्हें उक्त स्थान खाली करने के लिए मजबूर किया जा सके।

मोनी देवी का कहना है कि उनके परिवार के पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है। ऐसे में पानी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित होना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनके परिवार की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिल सके।

 

नाबालिग लड़कियों को भगाकर जबरन सगाई कराने का आरोप, विरोध करने पर परिवार पर चाकू और पत्थरों से हमला; पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार

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मध्य प्रदेश। एक आदिवासी परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगाने, जबरन सगाई कराने और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में दबंगों का इतना खौफ है कि कोई भी उनके खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं करता। मामले में कार्रवाई न होने से परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।

पीड़िता रामकली बाई पत्नी जयसिंह पारदी, निवासी ग्राम हसिया टपरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 जून 2026 की रात करीब 8 बजे उनका पुत्र विद्धा पारदी शराब के नशे में घर पहुंचा और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल न होने की बात को लेकर विवाद करने लगा। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद उसने ईंट और पत्थर से हमला कर दिया, जिससे रामकली बाई के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि असली विवाद गांव में नाबालिग लड़कियों के साथ हो रही कथित घटनाओं को लेकर शुरू हुआ। परिवार के अनुसार रामकली बाई की करीब 12 वर्षीय नातिन कटीना को गांव के ही चौव्वा नामक युवक द्वारा बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया था। आरोप है कि वह उसे चार दिन तक अपने साथ रखकर बाद में वापस छोड़ गया। इस घटना के बाद परिवार ने विरोध दर्ज कराया था।

परिजनों का आरोप है कि कटीना के वापस आने के अगले ही दिन परिवार की दूसरी नाबालिग बच्ची शिक्षा, जिसकी उम्र करीब 10 वर्ष बताई जा रही है, को भी उठा लिया गया। परिवार का दावा है कि बच्ची की जबरन सगाई कर दी गई और यह कहकर वापस घर भेज दिया गया कि कुछ दिनों बाद उसकी शादी कर दी जाएगी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दोनों घटनाओं की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

परिवार ने आजाद, विक्कू, शेर सिंह, चौव्वा, मंजू और राजकुमारी सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव में कुछ दबंग किस्म के लोग नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाते हैं और विरोध करने वालों को धमकाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने इन कथित गतिविधियों का विरोध किया तो उनके परिवार पर चाकू और पत्थरों से हमला कराया गया।

परिवार का कहना है कि जयसिंह पर चाकू से हमला किया गया, जबकि रामकली बाई के सिर पर भी वार किया गया। हमले में कई लोग घायल हुए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव में लंबे समय से भय का माहौल बना हुआ है और दबंगों के डर से कई लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।

मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। नाबालिग लड़कियों से जुड़ी गंभीर शिकायतों और हमले के आरोपों के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर अब पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।

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भोपाल मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर 09 डॉक्टरो के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है

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भोपाल मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर 09 डॉक्टरो के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है डॉक्टरो के ऊपर एफ आई आर होने पर ये सिस्टम नहीं रुकेगा मेन गुनहगार स्वास्थ्य चिकित्सालय के सी एम एच ओ रहते हैं इन लोगों के ऊपर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए पुलिस प्रशासन स्वास्थ्य चिकित्सालय के सीएमएचओ डॉक्टर लोग इन लोगों को भी गिरफ्तार करें अपने सिस्टम में कमी है तब जाकर फर्जी डॉक्टरों के ऊपर अंकुश लग सकता है भोपाल में 09 फर्जी डॉक्टरों के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है जिसमें दो डॉक्टर महिला फर्जी मुख्य आरोपी मुकेश चौधरी अभी फरार है भोपाल पुलिस इसके अलावा दमोह पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है उसके सभी ठिकानों पर पुलिस ने जाल बिछा रखा है फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है दमोह का पुलिस अधीक्षक दावा किया है जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा दमोह जिले में मिशन हॉस्पिटल में पिछले साल एक नरेंद्र यादव फर्जी डॉक्टर बनकर कई मरीजों का इलाज किया जिसमें 07 मरीजों की मृत्यु हो गई जब उनके परिजनों को पता पड़ा जो डॉक्टर अपने को एन जोन केन बता कर मरीजों का इलाज करता रहा उसके पास फर्जी डिग्री रही जब लोगों को पता पड़ा कि यह डॉक्टर नहीं है जो अपने को एन जोन केन बताता है इसका असली नाम नरेंद्र यादव है जब हंगामा हुआ प्रशासन स्वास्थ्य चिकित्सालय हरकत में आए स्वास्थ्य चिकित्सालय के बिना सहमति से फर्जी डॉक्टर लोग फलते-फूलते नहीं स्वास्थ्य चिकित्सालय के जो सीएमएचओ रहते हैं उनको हर माह फर्जी डॉक्टरों के तरफ से पैसा मिलता है स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ का महीना बधा रहता है शहडोल मध्य प्रदेश में श्री राम हेल्थ केयर सेंटर उस हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर लोग इलाज नहीं करते हैं उस हॉस्पिटल में कंपाउंडर इलाज करते हैं अभी 6 महीने पहले एक पेशेंट कमलेश जैन को श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में एडमिट किया गया कुछ देर बाद कमलेश जैन की मृत्यु हो गई जब उनके परिजनों को पता पड़ा कि यह कोई डॉक्टर नहीं है ये कंपाउंडर है इनके पहले इसी श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में पेशेंट लोग डायलिसिस करवाते रहे कई पेशंटों की मृत्यु हो गई जो डायलिसिस करता रहा गणेश कुशवाहा वे योग्य व्यक्ति नहीं रहा उसके पास डायलिसिस करने का कोई ज्ञान नहीं रहा और कोई डिग्री भी नहीं रही इस हॉस्पिटल की कई जगह शिकायतें की राजेश कुमार विशन दासानी ने जिला प्रशासन को स्वास्थ्य मंत्रालय नई दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय भोपाल उसके बाद भी श्रीराम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल के ऊपर कोई जांच नहीं हुई और कोई कार्यवाही भी नहीं हुई राजेश कुमार बिशनदासानी माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका लगाया माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से आदेश हुआ स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ शहडोल को इस हॉस्पिटल की जांच की जाए उस समय एम एस सागर स्वास्थ्य चिकित्सालय का सीएमएचओ रहा श्रीराम हॉस्पिटल को बचाने के लिए सीएमएचओ एम एस सागर अपने स्टाफ गोपी लाल की डिग्री लगाकर झूठी रिपोर्ट बनाया शिकायतकर्ता जिन्होंने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका लगाया ना उसको सूचित किया गया ना उसका कोई कथन हुआ और ना ही कोई बयान हुआ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह सेंगर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में झूठा एफिडेविट झूठी रिपोर्ट जाकर पेश किए गोपी लाल आकर शिकायतकर्ता से मिलता है और बोलता है कि मैं श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में 2021 फरवरी से डायलिसिस का काम करना शुरू किया हूं जो गोपी लाल बोला है उसकी वीडियो बनी है सोशल मीडिया न्यूज़ में गोपी लाल की वीडियो एक साल से चल रही है स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ और डॉक्टर लोगों का मंथली बंधा रहता है हर महीना पैसा मिलता है प्राइवेट हॉस्पिटलों से तो फर्जी डॉक्टर इलाज करें चाहे कंपाउंडर इलाज करें स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ एम एस सागर को पता है कि हमारा मंथली बधा है मरीज मरे चाहे आम आदमी लोग मरे स्वास्थ्य चिकित्सालय सी एम एच ओ को क्या फर्क पडना है अभी भोपाल में 09 फर्जी डॉक्टरों के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है इन लोगों के ऊपर तो हो गई मेन अपराधी स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ डॉक्टर ये लोग रहते हैं इन लोगों के ऊपर एफ आई आर होना चाहिए पूर्व सीएमएचओ एम एस सागर और डॉक्टर भूपेंद्र सिंह सेगर इन लोगों को गिरफ्तार करके प्रशासन और पुलिस तब फर्जी डॉक्टर जो इलाज करते हैं तब जाकर कुछ अंकुश लग सकता है

शादी का झांसा देकर युवती से बनाए संबंध, दो लाख रुपये भी ऐंठे; शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़िता ने न्याय की लगाई गुहार

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गोरखपुर। जनपद गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया, उससे लाखों रुपये लिए गए और बाद में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रेखा पुत्री स्वर्गीय रामसेवक, निवासी ग्राम रइका बेल, थाना कैम्पियरगंज, जिला गोरखपुर ने उच्च अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम डिवलहिया टोला प्रतापपुर निवासी नागेन्द्र उर्फ गुड्डू पुत्र राधेश्याम ने स्वयं को अविवाहित बताकर उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। आरोपी ने युवती को शादी का भरोसा दिया और इसी आधार पर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता का कहना है कि वह पीपीगंज में एक कपड़े की दुकान पर कार्य कर अपना जीवनयापन करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात नागेन्द्र उर्फ गुड्डू से हुई थी। दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसका विश्वास जीत लिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग बहानों से उससे लगभग दो लाख रुपये भी ले लिए।

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब युवती को यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से विवाहित है। पीड़िता के अनुसार 20 अप्रैल 2026 की सुबह आरोपी की पत्नी ने पीपीगंज पहुंचकर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 23 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे पीपीगंज रोड पर आरोपी नागेन्द्र उर्फ गुड्डू और उसके एक साथी ने उसे रोक लिया और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। इतना ही नहीं, दोनों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़िता का आरोप है कि उसने पूरे मामले की सूचना पीपीगंज थाने में दी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार मिल रही धमकियों और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान युवती अब न्याय की गुहार लगा रही है। उसने संबंधित अधिकारियों से आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

यह मामला केवल एक युवती के साथ कथित धोखाधड़ी और शोषण का नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

वहीं क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला के साथ इस प्रकार की घटना ना हो

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