Friday, July 3, 2026
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गाजियाबाद में नवविवाहिता ने लगाया दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप, पति पर विवाहेतर संबंध का भी दावा

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गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता शालू ने थाना लोनी बॉर्डर में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और उसके साथ लगातार मारपीट की जाती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शालू की शादी मई 2025 में आकाश नामक युवक से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही उसके पति, सास, ससुर, ननद और देवर का व्यवहार बदल गया तथा सभी ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर उसे कई बार अपमानित किया गया और उसके साथ मारपीट की गई।

शिकायत में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति का विवाह के बाद किसी अन्य युवती के साथ संबंध है। महिला के अनुसार उक्त युवती उसके ससुराल के सामने ही रहती है और इस कारण पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ता गया। पीड़िता का दावा है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ और अधिक दुर्व्यवहार किया गया।

महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि शादी के समय उसके मायके पक्ष द्वारा दिए गए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में रख लिए। आरोप है कि कुछ आभूषणों को बेच भी दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उसे उसके स्त्रीधन से भी वंचित कर दिया गया है।

शालू का आरोप है कि प्रताड़ना का सिलसिला बढ़ने के बाद अंततः ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह अपने माता-पिता के घर रहने को मजबूर है। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस को दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर मामले की जांच शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, स्त्रीधन हड़पने तथा अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

धनबाद में 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, नाना ने पिता पर लगाया हत्या का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में एक 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार नवादा निवासी नरेश मांझी ने आरोप लगाया है कि उनकी 17 वर्षीय नातिन नोकिया कुमारी की मौत को आत्महत्या बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। नोकिया कुमारी धनबाद जिले के भालगढ़ा टीना चौड़ा क्षेत्र की रहने वाली थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें 7 जून 2026 को सूचना मिली कि किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

सूचना मिलते ही नाना और अन्य परिजन नवादा से धनबाद पहुंचे। वहां पहुंचकर जब उन्होंने शव को देखा तो उन्हें मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। नाना नरेश मांझी का आरोप है कि उनकी नातिन की हत्या की गई है और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। उन्होंने मृतका के पिता मतलू भुईयां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की, तब उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे उनके मन में संदेह और गहरा हो गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि कुछ लोगों को बचाने के लिए पूरे मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की जा रही है।

घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं तो मामले की गहन जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। किशोरी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

नरेश मांझी ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी नातिन की हत्या हुई है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कानून के तहत कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।

फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच जारी रहने की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और कारण था। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

दिल्ली में पढ़ाई पूरी करने के बाद रहस्यमय ढंग से लापता हुई छात्रा, बैंक खाते से हजारों रुपये ट्रांसफर, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली/इंदौर

दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मध्य प्रदेश के इंदौर की एक छात्रा के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने दावा किया है कि बेटी ने घर लौटने की बात कहने के कुछ घंटों बाद ही अपना मोबाइल बंद कर लिया और तब से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, छात्रा के बैंक खाते से एक महिला के खाते में हजारों रुपये ट्रांसफर होने का मामला भी सामने आया है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप दिल्ली पुलिस पर लगाया गया है। छात्रा की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने न केवल उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि मदद मांगने पर उन्हें थाने से भगा दिया गया।

जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी कुमारी ऐश्वनी डावर दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन कर बताया कि उनका कोर्स समाप्त हो गया है और अब वह घर लौटना चाहती हैं। छात्रा ने परिजनों को दिल्ली आने के लिए कहा और बताया कि वह मुखर्जी नगर इलाके पीजी गर्ल्स हॉस्टल में रह रही है।

हालांकि परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पूरा पता पूछा तो छात्रा ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। 4 जून 2026 की सुबह हुई बातचीत के बाद अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद से न तो किसी कॉल का जवाब मिला और न ही कोई अन्य संपर्क हो पाया।

परिजनों ने जब बैंक खाते की जानकारी निकलवाई तो पता चला कि 4 जून को छात्रा के खाते से एक साथ हजारों रुपये किसी मानसी नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इस जानकारी के बाद परिवार को किसी बड़ी साजिश या अनहोनी की आशंका सताने लगी।

घबराए परिजन तुरंत दिल्ली पहुंचे और मुखर्जी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने छात्रा की लोकेशन ट्रेस करने, कॉल डिटेल निकालने या मामले की गंभीरता को समझने से साफ इनकार कर दिया।

शिकायत में कहा गया है कि परिजन पूरे दिन थाने में बैठे रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उन्हें अपमानित करते हुए वापस अपने राज्य लौट जाने की बात कही। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि वे उनकी बेटी को ढूंढने में कोई मदद नहीं करेंगे।

जब स्थानीय थाने से मदद नहीं मिली तो परिजनों ने रात में आपातकालीन नंबर 100 पर भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिली। परिवार का कहना है कि अलग-अलग कर्मचारियों ने केवल नजदीकी थाने जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया।

अब छात्रा की मां ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और बेटी की खोजबीन शुरू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता की होगी।

इस पूरे मामले ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां कई दिनों से छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला है, वहीं दूसरी ओर बैंक खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।

फिलहाल परिवार अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है,

प्रयागराज में दुष्कर्म और चोरी के मामले का फरार आरोपी दो महीने बाद भी गिरफ्त से बाहर, दहशत में पीड़ित परिवार

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प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर सलोरी इलाके में दर्ज दुष्कर्म और चोरी के सनसनीखेज मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी दूसरा आरोपी अब तक फरार है। पीड़िता की मां सूरज कली ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

पीड़ित परिवार के अनुसार मनीष शंकर तिवारी उनकी दुकान पर काम करता था और बाद में उसी मकान में किराए पर रहने लगा। आरोप है कि उसने अपनी नाबालिग लड़की की शादी अपने भाई रजनीश तिवारी से कराने का दबाव बनाया। विरोध होने पर विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि एक दिन किशोरी घर पर अकेली थी, तभी मनीष शंकर ने अपने भाई रजनीश को बुलाकर कमरे में भेज दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। पीड़िता की मां का आरोप है कि दोनों भाइयों ने बारी-बारी से किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और घटना के बाद घर से सामान चोरी कर फरार हो गए।

परिजनों का कहना है कि पहले चौकी और फिर कर्नलगंज थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ और 12 अप्रैल 2026 को मनीष शंकर तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन सह अभियुक्त रजनीश तिवारी अब भी फरार है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि फरार आरोपी की ओर से मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। डर के कारण परिवार रिश्तेदारों के यहां रहकर जीवन यापन कर रहा है।

पीड़िता की मां ने पुलिस प्रशासन से विशेष टीम गठित कर फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

सिवान में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, अंचल कार्यालय पर गंभीर सवाल

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सिवान जिले के आन्दर अंचल क्षेत्र के हकामा हता गांव में भूमि विवाद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। खाता संख्या 65 और खेसरा संख्या 878 की विवादित जमीन को लेकर एक पक्ष ने अंचल अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि अंचल कार्यालय ने पहले मामले को न्यायालय से संबंधित बताते हुए किसी प्रकार का निर्णय लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में विपक्षी पक्ष को कथित रूप से निर्माण कार्य की अनुमति दे दी गई।

जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर पहले ही अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत दी गई थी। इसके अलावा संबंधित थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। अंचल कार्यालय द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 16 मई 2026 को जनता दरबार में बुलाया गया था। वहां मौजूद अधिकारियों ने कथित रूप से कहा था कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट द्वारा ही लिया जाएगा। साथ ही दोनों पक्षों को सिवान न्यायालय जाने की सलाह भी दी गई थी।

आरोप है कि जनता दरबार में न्यायालय का मामला बताने के बावजूद 18 मई 2026 को विपक्षी पक्ष ने विवादित जमीन पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उस दौरान विपक्षी पक्ष ने पुलिस को अंचल कार्यालय से प्राप्त एक लिखित आदेश या पत्र दिखाया और कहा कि उन्हें निर्माण कराने की अनुमति दी गई है।

इसी बात को लेकर अब पीड़ित पक्ष ने अंचल अधिकारी से कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब स्वयं अंचल कार्यालय ने मामले को न्यायालय से जुड़ा बताया था तो फिर निर्माण कार्य की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के विरोधाभासी आदेश से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और भविष्य में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका है।

पीड़ित पक्ष ने अंचल अधिकारी को दिए गए आवेदन में विपक्षी पक्ष को जारी कथित आदेश या अनुमति पत्र की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि न्यायालय का मामला बताए जाने के बावजूद निर्माण की अनुमति क्यों और किस नियम के तहत दी गई। इसके अलावा विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की भी मांग की गई है।

अब इस पूरे मामले में अंचल प्रशासन की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं गांव में जमीन विवाद को लेकर लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो यह विवाद और अधिक गहरा सकता है।

बॉयफ्रेंड पर चोरी का आरोप, आधी रात प्रेमिका को पुलिस ने उठाया; परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

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गोरखपुर। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें एक युवती के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि गीता वाटिका, असुरन चौकी क्षेत्र की रहने वाली राधा शर्मा उर्फ अंजलि को 5 जून 2026 की रात करीब 2 बजे कुछ पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। परिजनों का कहना है कि टीम में एक महिला कांस्टेबल सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्हें शाहपुर थाने से जुड़ा बताया जा रहा है।

राधा की बहन खुशी शर्मा के अनुसार, उनकी बहन का पिछले करीब दो वर्षों से साहिल खान नामक युवक से प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि अंजलि और उसका परिवार मूल रूप से बिहार के छपरा जिले का रहने वाला है। परिवार का दावा है कि हाल ही में साहिल खान का नाम एक कथित चोरी के मामले में सामने आया है, जिसमें सोना और नकदी चोरी होने की बात कही जा रही है।

खुशी शर्मा का आरोप है कि चोरी के मामले में साहिल खान का नाम आने के बाद पुलिस उनकी बहन राधा को अपने साथ ले गई, जबकि चोरी की घटना या आरोपित गतिविधि से उसका कोई संबंध नहीं है। परिवार का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर आरोप है तो उसकी जांच की जानी चाहिए, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति को बिना स्पष्ट आधार के हिरासत में लेना उचित नहीं है।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं, मामले को लेकर जब संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया तो प्रारंभिक स्तर पर उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं होने की बात कही गई। फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने का इंतजार है। मामले की वास्तविक स्थिति और तथ्यों को लेकर पुलिस अधिकारियों से विस्तृत प्रतिक्रिया लेने का प्रयास जारी है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और परिवार लगातार यह सवाल उठा रहा है कि यदि चोरी का आरोप किसी अन्य व्यक्ति पर है तो उसकी कथित गर्लफ्रेंड को पूछताछ या कार्रवाई के नाम पर क्यों ले जाया गया। अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।

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प्रयागराज में महिला से दुष्कर्म और बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, दो सगे भाइयों पर मुकदमा दर्ज

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प्रयागराज में एक महिला के साथ दुष्कर्म, धमकी और उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई थी, जिसके बाद कर्नलगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार कर्नलगंज थाना क्षेत्र के चाँदपुर सलोरी इलाके में किराए के मकान में रह रही सूरजकली नामक महिला मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। महिला मूल रूप से चित्रकूट जिले के राजापुर क्षेत्र की रहने वाली है। उसी मकान में किराए पर रह रहे मणिशंकर तिवारी और रजनीश तिवारी पुत्र बबलू तिवारी निवासी बरगढ़, चित्रकूट से उसकी जान-पहचान हुई थी।

पीड़िता का आरोप है कि नजदीकियां बढ़ने के बाद मणिशंकर तिवारी ने कई बार उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए। विरोध करने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी अपने भाई रजनीश तिवारी के साथ उसकी नाबालिग बेटी का रिश्ता कराने का दबाव बना रहा था।

पीड़िता के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को वह काम के सिलसिले में घर से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की और न्याय की मांग की।

पुलिस आयुक्त कार्यालय से प्राप्त निर्देश के बाद कर्नलगंज थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर संख्या 110/2026 दर्ज की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 305, 351(3) और 352 के तहत मुकदमा कायम किया गया है।

कर्नलगंज थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पांच साल से दीवार से सटे पेड़ से परेशान परिवार, मकान को नुकसान पहुंचने का आरोप; सुनवाई न होने से पीड़ित में नाराजगी

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बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक परिवार की परेशानी का मामला सामने आया है, जहां घर की दीवार से सटा एक बड़ा पेड़ पिछले कई वर्षों से परिवार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि पेड़ की जड़ें और शाखाएं लगातार मकान को नुकसान पहुंचा रही हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है। परिवार का कहना है कि स्थिति ऐसी हो गई है कि वे अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रोहिताश कुमार पुत्र बाबूराम, निवासी पिलखाना-1, पिलखाना, जनपद बुलंदशहर, पिछले करीब पांच वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि उनके मकान की दीवार से सटा हुआ एक पेड़ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे दीवार को नुकसान पहुंच रहा है। परिवार को आशंका है कि यदि समय रहते पेड़ को नहीं हटाया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

रोहिताश कुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित लोगों से पेड़ कटवाने या हटवाने की मांग की, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि पेड़ के कारण मकान की दीवार कमजोर हो रही है और घर के आसपास रहने में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। परिवार का कहना है कि पेड़ की शाखाएं और फैलाव इतना बढ़ गया है कि घर के बाहर सामान्य रूप से बैठना भी मुश्किल हो गया है।

पीड़ित का आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों तक अपनी समस्या पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे परिवार में निराशा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

रोहिताश कुमार के अनुसार यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि यदि दीवार को और अधिक नुकसान पहुंचा तो मकान के किसी हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। परिवार का कहना है कि हर मौसम में उन्हें किसी अनहोनी का डर बना रहता है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि दीवार से सटे पेड़ को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए ताकि उनके परिवार और मकान को भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

फिलहाल परिवार प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है और चाहता है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर उन्हें सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार दिलाया जाए।

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भाई पर घर से बेदखल करने और जानलेवा हमले का आरोप, गाड़ी चालक गंभीर रूप से घायल; पत्नी और बच्चों में दहशत

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सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल थाना क्षेत्र से पारिवारिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक गाड़ी चालक ने अपने ही भाई और उसके परिवार पर मारपीट, गाली-गलौज और घर से बेदखल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि विवाद इतना बढ़ गया कि उस पर हमला किया गया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित मुकेश कुमार, निवासी गांव ताजपुर, थाना मुरथल, जिला सोनीपत, पेशे से गाड़ी चालक हैं। उनका आरोप है कि 2 जून की रात करीब 10:30 बजे उनके भाई राकेश कुमार, राकेश कुमार की पत्नी सीमा, उनके पुत्र रक्षित, अशोक, निखिल, रामवीर और पंकज सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें घर छोड़कर चले जाने की धमकी दी।

मुकेश कुमार का आरोप है कि आरोपी पक्ष लंबे समय से उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित कर रहा है। उनका कहना है कि जब वह काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, तब उनकी पत्नी प्रवीण और तीन बच्चों को भी परेशान किया जाता है। पीड़ित के अनुसार उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है, जो इस पूरे विवाद के कारण भय के माहौल में जीवन जी रहे हैं।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी बार-बार उन्हें घर से निकल जाने के लिए कहते हैं। उनका दावा है कि उनके भाई राकेश कुमार पूरे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। मुकेश कुमार का कहना है कि यदि वह घर छोड़ दें तो पूरा मकान आरोपी पक्ष के कब्जे में चला जाएगा।

घटना के संबंध में मुकेश कुमार ने आरोप लगाया कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। पीड़ित का कहना है कि सिर में कई टांके लगाने पड़े। इसके अलावा दोनों पैरों, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। उनका दावा है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि उन्हें चिकित्सकीय उपचार लेना पड़ा।

पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है। परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

मुकेश कुमार की पत्नी प्रवीण का कहना है कि उनके पति के साथ हुई मारपीट और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है और वे भय के माहौल में रह रहे हैं।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपने घर में रह सकें।

फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

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प्रेम विवाह के बाद बिछड़ गई जिंदगी, पति को परिजनों द्वारा छिपाकर रखने का आरोप; पति से बात तक नहीं करने दी जा रही, न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला

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पूर्णिया/दिल्ली। प्रेम विवाह कर अपने जीवन के सुनहरे सपने संजोने वाली एक महिला आज अपने ही पति से मिलने और बात करने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली नुजहत बानो ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति को उनसे दूर कर दिया गया है और उन्हें न तो पति से मिलने दिया जा रहा है और न ही फोन पर बात करने दी जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उनके पति को कहीं छिपाकर रखा हुआ है और लगातार उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।

जानकारी के अनुसार नुजहत बानो, पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के प्रियंकर गांव की निवासी हैं। उन्होंने 20 अप्रैल 2025 को अपने ही गांव के रहने वाले मोहम्मद खुस्तार आलम से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों दिल्ली में रहकर अपना वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे थे। पीड़िता के अनुसार शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन 29 मई 2026 को अचानक उनके पति को दिल्ली से लेकर चला गया, जिसके बाद से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।

नुजहत बानो का आरोप है कि उनके पति के कई भाई, जिनमें मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद जमशेद, मोहम्मद नौशाद सहित अन्य परिजन शामिल हैं, लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का कहना है कि उन्हें बार-बार धमकियां दी जाती हैं और उनके चरित्र पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़िता के अनुसार पति द्वारा यह कहा जा रहा है कि वह किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में हैं और इसी कारण उनसे अलग होना चाहते हैं, जबकि इस आरोप के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

महिला का कहना है कि यदि उनके ऊपर इतने गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उसका कोई ठोस सबूत भी होना चाहिए। उनका दावा है कि बिना किसी प्रमाण के उन्हें बदनाम किया जा रहा है और सामाजिक रूप से अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कारण वह मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में जीवन जी रही हैं।

पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष उन्हें पति से मिलने नहीं दे रहा है। यहां तक कि फोन पर बातचीत तक नहीं करने दी जा रही। महिला का कहना है कि उनके पति को परिवार के लोगों ने कहीं छिपाकर रखा हुआ है और हर बार संपर्क करने की कोशिश नाकाम कर दी जाती है। इससे उनके मन में कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं।

नुजहत बानो का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से आती हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण अपने गांव जाने से भी डर रही हैं। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग खुलेआम कहते हैं कि चाहे उनकी जमीन बिक जाए, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। इन धमकियों के कारण वह अपने घर लौटने का साहस नहीं जुटा पा रही हैं और न्याय की तलाश में भटक रही हैं।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति की मां को पूरे मामले की जानकारी थी, लेकिन अब वह इस विषय में जानकारी होने से इनकार कर रही हैं। पीड़िता का कहना है कि पहले परिवार के लोग कुछ और कहते थे और अब अपने ही बयानों से मुकर रहे हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।

सबसे भावुक पहलू यह है कि नुजहत बानो आज भी अपने वैवाहिक रिश्ते को बचाना चाहती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने प्रेम विवाह किया था और आज भी अपने पति के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिताना चाहती हैं। वह किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहतीं, बल्कि चाहती हैं कि दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें अपने पति से मिलने तथा बातचीत करने का अवसर मिले।

पीड़िता ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो उनका वैवाहिक जीवन पूरी तरह बिखर सकता है। फिलहाल वह न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही हैं और अपने रिश्ते को बचाने की गुहार लगा रही हैं।#LoveMarriageCase #NujhatBano #PurniaNews #BiharNews #DelhiNews #MarriageCrisis #WomenJustice #BreakingNews #FamilyDispute #JusticeForWife #RelationshipIssue #DomesticConflict #HindiNews #LatestUpdate #ViralStory #SocialJustice #LoveMarriageProblem #TrendingNews #EKhabarNews #NewsUpdate