Friday, July 3, 2026
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तीन बार घर छोड़ चुकी पत्नी इस बार ढाई लाख रुपये लेकर हुई फरार, पति ने लगाया बहकावे में आने का आरोप

दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित वालादीन ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी मीनू पाल पहले भी तीन बार घर छोड़कर जा चुकी है, लेकिन इस बार वह करीब ढाई लाख रुपये लेकर फरार हो गई। मामले को लेकर परिवार गहरे सदमे में है और बच्चों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मंडावली क्षेत्र के नगली नंबर-5, तालाब चौक निवासी वालादीन ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी पत्नी मीनू पाल 9 अप्रैल 2025 को घर से चली गई थी। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पीड़ित का कहना है कि पत्नी के बार-बार घर छोड़कर जाने से पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।

वालादीन ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी किसी व्यक्ति के बहकावे में आकर यह कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के जाने के बाद से वह अपनी बेटी से भी नहीं मिल पाए हैं, जिससे उन्हें और बच्चों को काफी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।

पीड़ित ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोर कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार को टूटने से बचाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन का सहयोग आवश्यक है।

फिलहाल मंडावली थाना पुलिस को शिकायत सौंप दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्पेन में बना दुनिया का पहला 100% हाइड्रोजन इंजन, क्या बिजली की संकट होगी खत्म?

फिनलैंड की कंपनी वार्टसिला ने दुनिया का पहला 100% हाइड्रोजन इंजन बनाया है। इस इंजन की सफल टेस्टिंग हाल ही में स्पेन में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इंजन की क्षमता इतनी है कि भविष्य में बिजली की समस्या पूरी तरह से खत्म हो सकती है और खास तौर पर कोयले समेत अन्य खत्म होने वाले प्राकृतिक रिसोर्स पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। साथ ही, दुनियाभर में प्रदूषण की समस्या को भी निपटाया जा सकता है।

इस 100% हाइड्रोजन इंजन को ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र का सबसे क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है। स्पेन के बर्मेओ शहर में फिनलैंड की कंपनी वार्टसिला ने दुनिया के पहले 100% हाइड्रोजन इंजन बना लिया है। इस विशाल पावर इंजन में ईंधन के तौर पर केवल पानी का इस्तेमाल किया जाता है। इस इंजन की मदद से बिजली पैदा की जा सकेगी। इसमें बिजली बनाने के लिए न तो कोयला और न ही किसी प्राकृतिक गैस की जरूरत होगी।

यह इंजन क्यों है खास?

अभी तक जितने भी हाइड्रोजन इंजन बनाए गए हैं, वो पूरी तरह 100% हाइड्रोजन वाले नहीं थे। उन्हें चलाने के लिए पानी के साथ-साथ नेचुरल गैस की भी जरूरत होती थी। उनमें 75% हाइड्रोजन और 25% प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल किया जाता है। वार्टसिला का यह इंजन पूरी तरह यानी 100% हाइड्रोजन पर चलता है। कंपनी ने इसका नाम ‘वार्टसिला 31H2 (Wartsila 31H2)’ रखा है।

यह मॉडल किसी दूसरे इंधन पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर देगा। फिनलैंड की कंपनी ने स्पेन को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना क्योंकि यहां पहले से ही ग्रीन एनर्जी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से बिना प्रदूषण फैलाए और कोयले या अन्य ईंधन के बिजली बनाई जा सकेगी।

सोलर और विंड एनर्जी से भी बेहतर

इस इंजन को बिजली का सबसे रिलाएबल यानी भरोसेमंद स्त्रोत के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि इसमें किसी मौसम की निर्भरता नहीं रहती है। केवल पानी का इस्तेमाल किया जाएगा और बिजली पैदा की जाएगी। सोलर एनर्जी की बात करें तो यह केवल दिन के समय में ही पावर जेनरेशन कर सकता है। वहीं, कम धूप होने पर सोलर पैनल की एफिशिएंसी भी कम हो जाती है। सोलर पैनल की एक लिमिट होती है, जिसकी वजह से कुछ साल के बाद सोलर पैनल को रिप्लेस करना पड़ता है।

वहीं, विंड एनर्जी की बात करें तो उसे केवल वहीं लगाया जा सकता है, जहां खाली मैदान हो और हवा लगातार चलती रहे। किसी ऐसे जगह पवनचक्की को नहीं लगाया जा सकता है, जहां हवा नहीं चलती है या कम चलती है। ऐसे में हाइड्रोजन इंजन को भविष्य के बिजली का सबसे बड़े स्त्रोत के तौर पर देखा जा रहा है।

कैसे करता है काम?

इस इंजन को चलाने के लिए शुद्ध हाइड्रोजन गैस की जरूरत होती है। इसमें पानी को तोड़कर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग किया जाता है। हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके इंजन में लगे  टरबाइन घुमाए जाते हैं, जो साथ लगे जेनरेटर को चलाता है। यह जेनरेटर लगातार बिजली पैदा कर सकता है। इस इंजन की खास बात ये है कि ज्यादा पानी और धूप मिलने पर हाइड्रोजन गैस को स्टोर किया जा सकेगा। बाद में इस हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल इंजन को चलाने के लिए निरंतर किया जा सकता है।

AI डेटा सेंटर्स के लिए वरदान

भविष्य में एआई की बढ़ती डिमांड को देखते हुए यह हाइड्रोजन इंजन एआई डेटा सेंटर को भी बिजली की सप्लाई कर सकता है। फिलहाल एआई डेटा सेंटर की बिजली के लिए न्यूक्लियर रिएक्टर का भी इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हाइड्रोजन इंजन के आने के बाद एआई डेटा सेंटर के लिए बिजली का नया विकल्प मिल गया है।

दिल्लीवालों को बड़ी सौगात! रिंग रोड पर बनेगा 55 km लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, जाम से मिलेगी मुक्ति

दिल्ली में रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल रिंग रोड को जाम-मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने करीब 55 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के पहले चरण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों का सफर तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

पहले चरण में बनेंगे 3 बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर

लोक निर्माण विभाग (PWD) की योजना के अनुसार रिंग रोड पर कुल छह एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। फिलहाल पहले चरण में आजादपुर से आश्रम चौक तक तीन एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। अध्ययन में पाया गया कि इस हिस्से में निर्माण कार्य अपेक्षाकृत आसान रहेगा, इसलिए सरकार ने इसे प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

रोजाना जाम से मिलेगी बड़ी राहत

दिल्ली की रिंग रोड शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। सुबह और शाम के समय यहां लंबा ट्रैफिक जाम आम बात है। कई फ्लाईओवर बनने के बावजूद वाहनों की भारी संख्या के कारण समस्या लगातार बनी रहती है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से लंबी दूरी के वाहन ऊपर से गुजर सकेंगे, जबकि स्थानीय ट्रैफिक नीचे की सड़क का इस्तेमाल करेगा। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा।

यमुना पर बनेंगे दो नए पुल

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि इसके तहत यमुना नदी पर दो नए पुल भी बनाए जाएंगे। पहला पुल चंदगीराम अखाड़े के पास बनाया जाएगा, जिससे एलिवेटेड कॉरिडोर यमुना के दूसरी ओर पहुंच सकेगा। दूसरा पुल लोहे वाले पुल के नजदीक बनेगा, जहां से कॉरिडोर दोबारा रिंग रोड से जुड़ेगा। इन नए पुलों से पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

साल के अंत तक शुरू हो सकता है निर्माण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, डीपीआर तैयार होने के बाद इसी वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। हालांकि बाकी तीन प्रस्तावित कॉरिडोर पर बाद में काम होगा, क्योंकि वहां जगह की कमी और मेट्रो लाइन जैसी तकनीकी चुनौतियां मौजूद हैं।

फॉफ डुप्लेसी ने 41 साल की उम्र में रच दिया इतिहास, 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से जड़ा शतक

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फॉफ डुप्लेसी की उम्र इस वक्त 41 साल से भी ज्यादा की हो गई है, लेकिन उनकी ऊर्जा किसी युवा को भी मात देती है। इंटरनेशनल क्रिकेट तो वे कई साल पहले ही छोड़ चुके हैं, लेकिन टी20 लीग लगातार खेल रहे हैं। इस बीच एमएलसी यानी मेजर लीग क्रिकेट के पहले ही मैच में डुप्लेसी ने एक और शतक ठोक दिया है। ये कोई साधारण शतक नहीं है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में इतिहास रच दिया है। डुप्लेसी के शतक की बदौलत उनकी टीम ने 221 रनों के लक्ष्य हो बड़ी आसानी से हासिल कर लिया।

पहले टिम सिफर्ट ने लगाया शतक, टीम ने बनाए 220 रन

एमएलसी 2026 का आगाज बड़े ही धमाकेदार अंदाज में हुआ। पहले मैच में टेक्सास सुपर किंग्स बनाम सिएटल ऑर्कास की टीमें आमने सामने थी। सिएटल ऑर्कास की टीम ने पहले बल्लेबाजी की। इस दौरान सलामी बल्लेबाज टिम सिफर्ट ने शानदार शतक ठोका। उन्होंने 66 बॉल पर 104 रन बनाए। इसमें आठ चौके और छह छक्के शामिल रहे। सिएटल ऑर्कास ने 20 ओवर में 220 रनों का बड़ा स्कोर बनाया। एक वक्त लग रहा था कि इस स्कोर को टेक्सास सुपर किंग्स हासिल नहीं कर पाएगी, लेकिन उसके कप्तान फॉफ डुप्लेसिस ने आक्रामक अंदाज में पारी का आगाज किया।

फॉफ डुप्लेसी ने 45 बॉल पर बना दिए 100 रन

टेक्सास सुपर किंग्स के लिए ओपनिंग करने उतरे सैतेजा मुक्कमल्ला पहली ही बॉल पर शून्य पर आउट हो गए। लेकिन दूसरे छोर पर डुप्लेसी टिके रहे और जबरदस्त बल्लेबाजी करते रहे। राइली रुसो न 21 बॉल पर धमाकेदार अंदाज में 49 रन बनाए। इस बीच कप्तान फॉफ डुप्लेसी ने केवल 45 बॉल में 200 से भी अधिक के स्ट्राइक रेट से शतक ठोक दिया। डुप्लेसी 52 बॉल पर 113 रन बनाकर नाबाद रहे, यानी आखिर तक आउट नहीं हुए। उन्होंने नौ चौके और सात आकर्षक छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 217.31 का रहा। टीम ने केवल 18.3 ओवर में ही चार विकेट खोकर 221 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।

एमएलसी में चार शतक लगाने वाले पहले और अकेले बल्लेबाज

फॉफ डुप्लेसी अब तक एमएलसी में चार शतक लगा चुके हैं, जो इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हैं। खास बात ये है कि 40 साल की उम्र पूरी करने के बाद से लेकर अब तक फॉफ टी20 क्रिकेट में तीन शतक लगा चुके हैं। बाकी कोई बल्लेबाज इस उम्र के बाद एक से अधिक टी20 शतक नहीं लगा पाया है। ये अपने आप में ताज्जुब की बात है। एमएलसी में टेक्सास सुपर किंग्स के लिए फॉफ  अब तक 26 पारियों में 1047 रन बना चुके हैं। यहां उनका औसत 43.62 का रहा है और वे 167.25 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान उनके खाते में चार शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं। उनके ये आंकड़े किसी भी युवा खिलाड़ी को शरमाने के लिए मजबूर करते हैं।

Happy Birthday Kajal Aggarwal: मुंबई की लड़की जिसने एसएस राजामौली संग दी थी पहली सुपरहिट, साउथ सिनेमा पर किया राज

साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड में सुपरहिट फिल्में देने वाली काजल अग्रवाल का आज जन्मदिन है। मुंबई में जन्मी काजल ने अपने करियर की शुरुआत साउथ सिनेमा से की और कई सुपरहिट फिल्में दीं। इसके बाद काजल ने बॉलीवुड में भी अपनी दमदार एक्टिंग से धाक जमाई और शानदार कहानियों का हिस्सा रहीं। इतना ही नहीं अपनी पहली सुपरहिट भी काजल ने बाहुबली के डायरेक्टर एसएस राजामौली के साथ दी थी। आज काजल के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी और करियर की कहानी।

राजामौली संग दी थी करियर की पहली सुपरहिट

काजल का जन्म आज ही के दिन 1985 में मुंबई में हुआ था। बचपन से ही पढ़ने में तेज रहीं काजल को ग्लैमर की दुनिया में भी खूब दिलचस्पी रही थी। अपने कॉलेज के शुरुआती दिनों से ही मॉडलिंग और फैशन शोज में हिस्सा लिया करती थीं। मॉस कॉम की डिग्री के दिनों से ही फिल्मी दुनिया में अपनी जमीन तलाशने लगीं। बॉलीवुड की एक फिल्म में छोटा रोल भी किया लेकिन उन्हें अपनी दुनिया मिली साउथ सिनेमा में। काजल ने पहली फिल्म बतौर हीरोइन की साल 2007 में जिसका नाम था लक्ष्मी कल्याणम। हालांकि ये फिल्म हिट नहीं रही और काजल को अपनी सफलता के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ा। काजल ने इस दौरान कई फिल्मों में काम किया और अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। साल 2009 में  डायरेक्टर एसएस राजामौली की फिल्म मगधीरा में काजल ने रामचरण के साथ काम किया और ये फिल्म सुपरहिट रही। इतना ही नहीं ये फिल्म साउथ सिनेमा के लिए एक माइलस्टोन साबित हुई।

अब तक 66 फिल्मों में किया काम

काजल ने अब तक अपने करियर में 66 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इनमें साउथ सिनेमा की दमदार कहानियों के साथ बॉलीवुड फिल्में भी शामिल हैं।  काजल ने साल 2011 में आई सुपरहिट फिल्म सिंघम में भी बतौर हीरोइन अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया था और खूब तारीफें बटोरीं थीं। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सुपरहिट रही थी। इसके साथ ही फिल्म स्पेशल 26 में काजल ने अक्षय कुमार संग काम किया था।  काजल ने साल 2020 में शादी की थी और एक बेटे की मां भी बन गई हैं। साथ ही मां बनने के बाद काजल एक बार फिर से फिल्मी दुनिया में एक्टिव हो गई हैं। आज जन्मदिन के मौके पर फिल्मी सितारों से समेत तमाम फैन्स ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।

बिहार में 27 IPS अफसरों का ट्रांसफर, 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, कुल 29 अधिकारियों का तबादला

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बिहार में सम्राट चौधरी की अगुआई वाली सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए हैं। गृह विभाग ने 27 आईपीएस समेत 29 पुलिस अफसरों का तबादला किया है। गृह विभाग ने गुरुवार रात इसकी अधिसूचना जारी की। इस फेरबदल में पश्चिम चंपारण (बेतिया), औरंगाबाद, बांका, शेखपुरा, बगहा, वैशाली, कैमूर, सहरसा, खगड़िया, कटिहार, जहानाबाद और शिवहर में नए पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए हैं। वहीं, पूर्णिया को नया वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मिला है।

पटना के तीनों नगर एसपी बदल गए हैं। भागलपुर और गया में भी नए नगर एसपी की तैनाती की गई है। वहीं गया और दरभंगा में नए ग्रामीण एसपी भेजे गए हैं। अधिसूचना के अनुसार,  खगड़िया एसपी रहे राकेश कुमार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीसैप)- 5, पटना और कैमूर एसपी रहे हरिमोहन शुक्ला को बीसैप-7, कटिहार का नया समादेष्टा बनाया गया है।

रामानंद कौशल को साइबर सिक्योरिटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी

बलिराम कुमार चौधरी को शेखपुरा एसपी की जगह विशेष शाखा में एसपी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। औरंगाबाद  एसपी रहे अम्बरीष राहुल को  बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर का नया सहायक निदेशक बनाया गया है। रामानंद कौशल को सीआइडी एसपी जबकि चंद्र प्रकाश को बीसैप-10, पटना का समादेष्टा बनाया गया है। उनके पास साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के एसपी का अतिरिक्त प्रभार भी होगा।

मनोज राम बने सिपाही प्रशिक्षण स्कूल के प्राचार्य

जहानाबाद एसपी अपराजित को बीसैप- 16, पटना का समादेष्टा बनाया गया है। पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत को विशेष शाखा के एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारी मनोज राम को सिपाही प्रशिक्षण विद्यालय नाथनगर का प्राचार्य बनाया गया है। बिहार पुलिस सेवा की पदाधिकारी ममता कल्याणी को पटना मध्य के एसपी की जिम्मेदारी मिली है।

इन जिलों में नए पुलिस कप्तान बनाए

कुमार गौतम – बेतिया एसपी

उपेंद्र नाथ वर्मा – औरंगाबाद एसपी
अमितेश कुमार – बांका एसपी
शौर्य सुमन – पूर्णिया एसएसपी
हिमांशु – शेखपुरा एसपी
राजेश कुमार – बगहा एसपी
शुभांक मिश्रा – वैशाली एसपी
शिखर चौधरी – कैमूर एसपी
विक्रम सिहाग – सहरसा एसपी
भानु प्रताप सिंह – खगड़िया एसपी
परिचय कुमार – कटिहार एसपी
कोटा किरण कुमार – जहानाबाद एसपी
शैलेन्द्र सिंह – शिवहर एसपी

इन जिलों में नए नगर और ग्रामीण एसपी बनाए 

शैलजा – पटना पूर्वी एसपी
संकेत कुमार – पटना पश्चिमी एसपी
ममता कल्याणी – पटना मध्य एसपी
अतुलेश झा – भागलपुर नगर एसपी
अभिनव – गया नगर एसपी
दिव्यांजलि जायसवाल – गया ग्रामीण एसपी
साक्षी कुमारी – दरभंगा ग्रामीण एसपी

56 साल के हुए राहुल गांधी, पीएम मोदी ने जन्मदिन पर दीं शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को 56 साल के हो गए। उनका जन्म साल 1970 में हुआ था। राहुल ने महज 14 साल की उम्र में अपनी दादी इंदिरा गांधी को खो दिया था। इसके बाद उनके पिता की भी हत्या कर दी गई थी। इस राहुल काफी छोटे थे। लंबे समय बाद राहुल ने 2004 में राजनीति में कदम रखा और अब वह विपक्ष का सबसे अहम चेहरा हैं। हालांकि, राहुल के राजनीति में आने के बाद से कांग्रेस पार्टी एक-एक कर अधिकतर राज्य खो चुकी है। अब केरल, कर्नाटक और हिमाचल जैसे चुनिंदा राज्यों में ही कांग्रेस सत्ता में है।

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।” पीएम मोदी के अलावा बीजेपी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

केरल के नेताओं ने जमकर की तारीफ

केरल में कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर राहुल के राजनीतिक सफर और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके कमिटमेंट की तारीफ करते हुए मैसेज और तस्वीरें शेयर कीं। राज्य के हायर एजुकेशन मिनिस्टर रोजी एम जॉन ने गांधी को एक ऐसा लीडर बताया, जिन्होंने आज के भारतीय राजनीतिक इतिहास में बेमिसाल संकटों, बुरे चरित्र हनन कैंपेन और बदनाम करने वाले हमलों का सामना किया।

भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र

जॉन ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, “यहां तक ​​कि जब उनकी पार्लियामेंट की मेंबरशिप रद्द होने और उनके सरकारी घर से निकाले जाने की चुनौती मिली, तब भी राहुल गांधी बिना किसी डर या हिचकिचाहट के आगे बढ़े।” उन्होंने कहा कि नफरत की पॉलिटिक्स के विकल्प के तौर पर, गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चलकर भारत जोड़ो यात्रा के जरिए प्यार और एकता की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ाया। जॉन ने कहा कि रास्ते में, गांधी सीधे लोगों से मिले, उनकी चिंताओं को सुना और उनके संघर्षों में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “गांधी भारत में कॉर्पोरेट-फासीवादी गठजोड़ के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे। उन्होंने लगातार सबूतों के साथ, उन चीजों के खिलाफ आवाज उठाई, जिन्हें उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और मूल्यों पर हमला बताया।

अन्य नेताओं ने भी दीं शुभकामनाएं

मंत्री पी सी विष्णुनाथ ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, एक ऐसे नेता जो सच्चाई और न्याय की राजनीति को मजबूती से बनाए रखते हैं और लोगों के अधिकारों के लिए बिना किसी समझौते के लड़ते हैं।” श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने भी गांधी के साथ एक तस्वीर शेयर की और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

कोयला खदानों से हिमालयी रास्तों तक, ‘लेडी राइडर’ सोमा बसु की कहानी बनी हजारों महिलाओं की प्रेरणा

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गूमा क्षेत्र की रहने वाली सोमा बसु आज देशभर की महिला बाइकर्स के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। पिछले 15 वर्षों से प्रोफेशनल बाइकिंग और स्टंट राइडिंग की दुनिया में सक्रिय सोमा ने न केवल हजारों किलोमीटर की रोमांचक यात्राएं पूरी की हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का भी बीड़ा उठाया है।

सोमा बसु पिछले एक दशक से अधिक समय से “वेल ऑफ डेथ” जैसे जोखिम भरे मंचों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अपने साहस, समर्पण और जुनून के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जहां आज उनका नाम देश के प्रमुख बाइकिंग समुदायों में सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार चैनलों के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

देश के कोने-कोने में की हजारों किलोमीटर की यात्राएं

सोमा बसु ने अपनी बाइक पर सवार होकर भारत के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देशों तक का सफर तय किया है। कोलकाता से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जयगांव, भूटान, नेपाल, असम, मेघालय, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा जैसे क्षेत्रों की लंबी यात्राएं उन्होंने अकेले पूरी की हैं।

उन्होंने नेपाल के काकरभिट्टा बॉर्डर से लेकर चितवन और पोखरा तक का सफर तय किया। वहीं भूटान के थिम्फू और पारो की कठिन पहाड़ी सड़कों पर भी अपनी बाइकिंग क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके अलावा मेघालय के डॉकी और भारत-बांग्लादेश सीमा तक पहुंचकर उन्होंने महिला बाइकिंग समुदाय में एक नई पहचान बनाई।

1000 फीट गहरी कोयला खदान में भी किया अनोखा अभियान

सोमा बसु केवल लंबी यात्राओं तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने झारखंड और रानीगंज के अपर-कास्ट कोल माइंस तथा लगभग 1000 फीट गहरी सक्रिय कोयला खदानों का भी अन्वेषण किया। यह अभियान अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा माना जाता है।

राष्ट्रीय स्तर के 20 से अधिक बाइकिंग आयोजनों में सहभागिता

सोमा बसु ने देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित 20 से अधिक राष्ट्रीय बाइकिंग आयोजनों में हिस्सा लिया है। इनमें बंगाल राइडर्स मीट, दार्जिलिंग राइडर्स मीट, मोटो सोल, रॉयल एनफील्ड मोटावर्स गोवा, नॉर्थ ईस्ट राइडर्स मीट, असम राइडर्स मीट, बंगाल मोटो फेस्ट और मोटो सैफायर जैसे प्रतिष्ठित आयोजन शामिल हैं।

उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। दार्जिलिंग राइडर्स मीट में प्रथम स्थान, एफएमएससीआई बेस्ट लेडी राइडर ट्रॉफी, मोटो फेस्ट 2023 विजेता तथा विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म तक पहुंची कहानी

सोमा बसु की प्रेरणादायक यात्रा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। वह Zee Bangla के लोकप्रिय कार्यक्रम “दीदी नंबर वन” और Sun TV Bangla के कार्यक्रम “लोखी लव शो” में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। इतना ही नहीं, उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित एक विशेष Netflix डॉक्यूमेंट्री जनवरी 2026 में रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर जल्द जारी होने की संभावना है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन

सोमा बसु का कहना है कि बाइकिंग उनके लिए केवल एक शौक नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। उनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करना और “ग्रीन इंडिया” अभियान को बढ़ावा देना है। वह लगातार युवाओं और महिला राइडर्स को सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार बाइकिंग के लिए प्रेरित करती रहती हैं।

सोशल मीडिया पर भी बढ़ रही लोकप्रियता

सोमा बसु सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। उनके यात्रा वीडियो, स्टंट राइड्स और मोटिवेशनल कंटेंट को हजारों लोग पसंद करते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके फॉलोअर्स लगातार बढ़ रहे हैं और युवा राइडर्स उन्हें अपना रोल मॉडल मान रहे हैं।

कोलकाता की साधारण बेटी से राष्ट्रीय पहचान बनाने तक का उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर जुनून, साहस और समर्पण हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। सोमा बसु आज केवल एक बाइकर नहीं, बल्कि उन हजारों महिलाओं की उम्मीद बन चुकी हैं जो अपने सपनों को खुली सड़कों पर उड़ान देना चाहती हैं।

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आगरा मंडल के अलीगढ़ में 18 दिनों से अंधेरे में जी रहे ग्रामीण, ट्रांसफार्मर खराब होने से ठप पड़ी बिजली आपूर्ति, शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

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अलीगढ़।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की खैर तहसील क्षेत्र के ग्राम बसेरा में पिछले 18 दिनों से बिजली संकट गहराता जा रहा है। गांव में एक जून की सुबह बिजली आपूर्ति करने वाला वितरण ट्रांसफार्मर जल गया था, जिसके बाद पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार एक जून से लेकर 18 जून तक गांव के लोग भीषण गर्मी के बीच बिना बिजली के जीवन बिताने को मजबूर हैं। बिजली न होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय लोग गर्मी के कारण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

शिकायतकर्ता भूपेंद्र कुमार पुत्र प्रेमनाथ निवासी ग्राम बसेरा, थाना पिसावा, तहसील खैर ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिशासी अभियंता को शिकायत भेजकर बताया कि गांव को बिजली देने वाला ट्रांसफार्मर खराब हो चुका है और उससे जुड़े अनेक परिवार लगातार बिजली संकट झेल रहे हैं। उन्होंने तत्काल ट्रांसफार्मर की जांच कर मरम्मत अथवा उसे बदलकर नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पड़ रही भीषण गर्मी में बिजली न होने से पेयजल व्यवस्था, घरेलू कार्य और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि गांव के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। अब देखना यह होगा कि विभाग ग्रामीणों की इस लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान कब तक कर पाता है।

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण पर किसानों का विरोध, बोले- उचित मुआवजा मिले, मुख्यमंत्री लें संज्ञान

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उज्जैन-जावरा के मध्य प्रस्तावित 4 लेन पेव्हड शोल्डर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम गुरला, तहसील उन्हेल के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी कृषि भूमि के बदले उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए तथा उनकी बात गंभीरता से सुनी जाए। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है।

प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी जमीन ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए उनकी अधिकांश कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन उन्हें मिलने वाला मुआवजा उनकी अपेक्षाओं और जमीन के वास्तविक मूल्य के अनुरूप नहीं है। ऐसे में परिवार के सामने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।

जानकारी के अनुसार ग्राम गुरला स्थित सर्वे नंबर 206/2/1, रकबा 0.4000 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 0.35 हेक्टेयर भूमि सड़क निर्माण परियोजना के लिए अधिग्रहित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी भूमि पर किसानों के सिंचाई संसाधन, ट्यूबवेल और कुआं भी मौजूद हैं। किसानों का कहना है कि जमीन के साथ-साथ उनकी वर्षों की मेहनत और आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने पूर्व में भी अपनी आपत्तियां संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की थीं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब वे चाहते हैं कि प्रशासन उनकी परिस्थितियों को समझे और उन्हें ऐसा मुआवजा प्रदान करे जिससे वे अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकें।

किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में योजनाएं चला रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी किसान की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित की जाती है और बदले में उसे उचित मुआवजा नहीं मिलता, तो यह उसके साथ न्याय नहीं माना जा सकता। किसानों का सवाल है कि जब सरकार किसानों को सशक्त बनाने की बात करती है तो फिर प्रभावित किसानों की आवाज क्यों नहीं सुनी जा रही है।

प्रभावित परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा है कि उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास की कीमत किसानों के भविष्य और उनके जीवनयापन पर भारी नहीं पड़नी चाहिए। किसानों की मांग है कि प्रशासन पुनर्मूल्यांकन कर उन्हें न्यायसंगत और बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा प्रदान करे।

अब यह मामला केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार, आजीविका और उचित मुआवजे की मांग का मुद्दा बन गया है। क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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