Saturday, April 11, 2026
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सहारसा: खेत पर जबरन कब्ज़े और फसल नुकसान का आरोप, पीड़ित ने लगाई पुलिस से गुहार

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सहरसा में दो बड़ी घटनाएं उजागर, पीड़ित परिवारों ने लगाई इंसाफ की गुहार

सहरसा
ज़िले में दो गंभीर घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

5 सितंबर 2025 को हुई पहली घटना में, एक गरीब व्यक्ति को एक महिला सुनीता देवी पति राजू सादा द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस ने बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस की बर्बरता साफ़ दिख रही है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने उससे ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की। वहीं, बाद में एक कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई जिसमें महिला खुद स्वीकार करती है कि उसने झूठे आरोप लगाकर पुलिस को गुमराह किया था। पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से न्याय और मुआवज़े की मांग की है तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

वहीं दूसरी घटना पतरघाट थाना क्षेत्र की है। पीड़ित मोहम्मद रिज़वान ने पुलिस अधीक्षक सहरसा को शिकायत दी है कि उनकी खरीदी हुई ज़मीन पर स्थानीय पवन यादव (पिता स्व. संतोष यादव, निवासी वार्ड-3, थाना पतरघाट, ज़िला सहरसा) और अन्य लोगों ने 16 जुलाई 2025 से पहले हथियार के बल पर कब्ज़ा करने की कोशिश की। आरोप है कि फसल को उखाड़कर नुकसान पहुँचाया गया और 10 लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी गई। धमकी दी गई कि पैसे नहीं दिए तो खेत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया जाएगा।

पीड़ित ने 16 जुलाई को थाना अध्यक्ष को लिखित सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से परिवार भयभीत है। रिज़वान का कहना है कि वे अल्पसंख्यक वर्ग से आते हैं और लगातार मिल रही धमकियों से उनकी जान को खतरा है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पवन यादव का ही हाथ है।
दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। घटनाओं ने पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

फतेहपुर में बारिश का कहर: मंटू सिंह का घर ढहा, चार दिन बाद भी प्रशासन गायब

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फतेहपुर (यूपी) – लगातार बारिश ने यूपी के फतेहपुर ज़िले में तबाही मचा दी है। ग्राम रावतपुर, पोस्ट दुगराई के रहने वाले मंटू सिंह पुत्र अवधेश सिंह का घर चार दिन पहले तेज़ बारिश के कारण अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। चमत्कार यही रहा कि हादसे के वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो गांव का सरपंच हाल जानने पहुँचा, न ही लेखपाल ने मौका मुआयना किया। इतना ही नहीं, पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली।

गांव वालों का कहना है कि प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके इस घर में अब रहना असंभव हो गया है और पीड़ित परिवार खुले आसमान तले जिंदगी गुजारने को मजबूर है।

स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचता, तो आम जनता न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे?

गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार प्रशासन की आंख कब खुलेगी और मंटू सिंह जैसे पीड़ितों को कब तक राहत का इंतजार करना पड़ेगा।

 कन्नौज में युवती व पिता पर दबंगों का हमला, घर में घुसकर लूटपाट व अश्लील हरकतों का आरोप

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कन्नौज
जिले के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर चौकी अंतर्गत महोई नौली गांव में एक युवती व उसके पिता पर दबंगों द्वारा दो बार हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता मानसी मिश्रा पुत्री हरी बाबू मिश्रा ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना 2 सितंबर 2025 की सुबह करीब 5 बजे हुई, जब गंगा महेश मिश्रा, चंदन मिश्रा, शंकर जी मिश्रा सहित 10–15 अज्ञात लोग जबरन घर में घुस आए। आरोप है कि दबंगों ने घर में लूटपाट करते हुए डेढ़ लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। इस दौरान आरोपियों ने युवती और उसके पिता को मारपीट कर घायल किया और देसी कट्टा कनपटी पर लगाकर जान से मारने की धमकी दी।

पीड़िता ने बताया कि चोट लगने और भय के कारण वे उसी दिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाए। लेकिन अगले ही दिन 3 सितंबर की शाम करीब 5 बजे चंदन मिश्रा अपनी मौसी गंगा कुंवर और 10–15 अन्य लोगों के साथ फिर से घर पर आ धमका। आरोप है कि इस बार आरोपियों ने युवती के पिता को धमकाते हुए कहा कि “तेरी सभी बेटियों को अगवा कर वेश्यावृत्ति में नहीं धकेला तो मैं अपनी बाप की संतान नहीं।”

इतना ही नहीं, प्रार्थिनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दबंगों ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं, सीने में धक्का मारकर जमीन पर गिराया और मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की। जब पिता ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी लात-घूंसों से पीटा गया।

इस पूरे प्रकरण से पीड़िता का परिवार दहशत में है और न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया जा रहा है।

गांव में लगातार दो दिनों तक हुए इन हमलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पीड़िता ने मुख्यमंत्री से लिखित रूप में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

बाका की सविता – सोशल मीडिया के माध्यम से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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बाका। बाका जिले के गाँव मोहना की 25 वर्षीय सविता सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सविता ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले से सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह पूरे देश में “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से मशहूर हो रही हैं।

हौसले से शुरू हुई कहानी

सविता के सपने बड़े थे, लेकिन शुरुआत आसान नहीं रही। उन्होंने वर्ष 2025 में यूट्यूब पर अपनी यात्रा शुरू की। शुरुआत में यह महज एक शौक था, लेकिन उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया का उभरता सितारा बना दिया। फिलहाल यूट्यूब पर उनके 60 सब्सक्राइबर हैं और अब तक 520 वीडियो अपलोड कर चुकी हैं। वहीं फेसबुक पर भी उनका जलवा बरकरार है।

सोशल मीडिया हैंडल्स

यूट्यूब: Ruchi Kumarigimelaide

@RuchiKumari-03h7g

60 subscribers • 520 videos

नया प्रयास

हाल ही में सविता ने यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर किया है, जो दर्शकों को समर्पित है। इस वीडियो को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनका कहना है कि वह आगे भी सामाजिक संदेश वाले गीतों और वीडियो के माध्यम से लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।

संदेश – “सपने देखो और उन्हें पूरा करो”

सविता का मानना है कि सोशल मीडिया सिर्फ पहचान बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उनके वीडियो देखें और साझा करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से उबार सकें।

परिवार का सहयोग

इस सफर में उनके पति अरुण दास और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। सविता कहती हैं कि उनके परिवार और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी रुचि कुमारी भी पढ़ाई में मेहनत कर रही है और वह भी आगे बढ़कर अपने माता-पिता का सहारा बनना चाहती है।

प्रेरणा – गरीबों के लिए मिसाल

सविता का सपना है कि वह अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएं, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

संघर्ष और जज़्बा

सविता ने बताया कि उनकी एक बेटी है। आर्थिक तंगी के बावजूद अब वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिवार की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही हैं।

सबके लिए एक प्रेरणा

सविता की कहानी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और लगन से हर मंज़िल पाई जा सकती है।

आज सविता सिर्फ अपने गांव या परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं।

शादी का झांसा देकर शोषण, फिर 40 हजार में आर्केस्ट्रा में बेच डाला – पीड़िता ने न्याय की लगाई गुहार

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छपरा (बिहार)।
थाना गरखा अंतर्गत तिरारी गांव की रहने वाली 22 वर्षीय पूजा यादव ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पूजा का आरोप है कि डेढ़ साल पहले गरखा निवासी शमशेद आलम ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण किया। वह उसके घर आता-जाता रहा और उसे अपने प्यार के जाल में फंसाकर अवैध संबंध बनाता रहा।

पूजा ने बताया कि शमशेद आलम ने बड़े-बड़े सपने दिखाए और कहता था – “तुम मेरी हो और हमेशा मेरी रहोगी।” इसी बहाने उसने लगातार उसका शोषण किया। आरोप है कि बाद में शमशेद आलम ने उसे 40 हजार रुपये में सोनली आर्केस्ट्रा में बेच दिया, जहां अब पूजा मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पाल रही है।

पीड़िता ने आगे बताया कि उसने शमशेद आलम से मंदिर में शादी भी की थी, जिसमें उसका एक दोस्त भी मौजूद था। शादी को तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अब आरोपी न तो उसके पास आता है और न ही किसी तरह की आर्थिक मदद करता है। उल्टा उसे गंदी-गंदी गालियां देकर अपमानित करता है।

पूजा ने बताया की शमशेद आलम यह बोलता है कि तू मुझे छोड़ दे और मैं तेरी दूसरी शादी करवा देता हूं। और यह बोलता है कि तू कहीं भी जाता है थाने में जा चाहे मेरा कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। और कहता है की तुम आर्केस्ट्रा में नाचने वाली हो अब मैंने तुम्हें छोड़ दिया और तुम भी मेरा पीछा छोड़ो।

पूजा यादव का कहना है कि उसका पति पहले ही उसे छोड़ चुका है और अब शमशेद आलम ने भी धोखा दिया है। वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए पुलिस-कोर्ट और वकीलों के चक्कर में नहीं पड़ सकती। इसी वजह से उसने मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उसके पैसे वापस दिलाए जाएं।

सीएम मोहन यादव ने किया स्वच्छता कर्मवीरों का सम्मान, इंदौर को दी विकास की अनेक सौगातें

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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा है कि स्वच्छता से समृद्धि का द्वार खुलता है। उन्होंने स्वच्छता कर्मवीरों का सम्मान कर उनके साथ भोजन किया। सीएम मोहन ने 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों का लोकार्पण किया और इंदौर को विकास की अनेक सौगातें दी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वच्छता से समृद्धि आती है। स्वच्छता हमारी परंपरा, दिनचर्या और संस्कारों में सदियों से शामिल रही है, किंतु समय के साथ हम इसे भूलते गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन आदतों और संस्कारों को पुनर्जीवित कर स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर में “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कर्मवीरों के सम्मान और सहभोज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने लगातार आठ बार प्रथम स्थान प्राप्त कर देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके लिए इंदौर के सभी 36 लाख नागरिक और विशेष रूप से स्वच्छता कर्मवीर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बनाई है। यह उपलब्धि टीम भावना, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सफाईकर्मियों की अथक मेहनत से संभव हुई है।

सीएम ने किया स्वच्छता कर्मवीरों के साथ भोजन
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता कर्मवीरों का सम्मान कर उनके साथ भोजन किया। उन्होंने इंदौर को स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार आठ बार अव्वल बनाने के लिए स्वच्छता कर्मवीरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मवीरों ने अपनी कर्मठता, लगन, मेहनत, सेवा और समर्पण भाव से कार्य कर इंदौर को नई ऊँचाईयों तक पहुंचाया है। साथ ही स्वच्छता कर्मवीर सही अर्थों में सम्मान के हकदार है। उन्होंने “स्वच्छता का महागुरु” लोगो का विमोचन भी किया। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को भी पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के पहले जीरो वेस्ट जू (प्राणी संग्रहालय) का शुभारंभ भी किया।

इलेक्ट्रिक एसी बस में किया सफर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की लोक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत की 50 नई इलेक्ट्रिक बसों का लोकार्पण किया। इंदौर को कुल 150 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, इनमें से उक्त 50 बसों का लोकार्पण किया गया है। इन बसों में डिजिटल पेमेंट व्यवस्था भी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल पेमेंट व्यवस्था का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में सवार भी हुए और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, जीपीएस, सीसीटीवी, पेनिक बटन एवं अन्य सुविधाओं को देखा। उन्होंने कहा कि इंदौर में सड़क, वायु मार्ग और रेल मार्ग का तेजी से विस्तार हो रहा है। इससे इंदौर से देश में चारों ओर कनेक्टिविटी बढ़ रही है।

रणजीत हनुमान मंदिर के पुनर्विकास कार्यों का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर के पुनर्विकास कार्यों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वर्चुअली भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि रणजीत हनुमान मंदिर प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर से हमें हर क्षेत्र में रण जीतने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर मंदिर के विकास के संबंध में तैयार प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इस मंदिर के पुनर्विकास पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भक्तों के लिए अनेक सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इस राशि से भव्य द्वार शेड एवं बाउंड्रीवॉल पाथ-वे और उद्यान विकसित करने के कार्य किए जाएंगे। मंदिर के वर्तमान स्वरूप को बरकरार रखा जाएगा। यह कार्य मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंदौर ने विश्व मानचित्र पर अपना नया स्थान बनाया- तुलसीराम सिलावट
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने विश्व मानचित्र पर अपना नया स्थान बनाया है। इंदौर स्वच्छता में लगातार आठ बार से अव्वल है। इंदौर में लोक परिवहन को नई दिशा मिली है, अब यह डिजिटल इंदौर की ओर बढ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में तेजी से पूरा किया जा रहा है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की विकास यात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंदौर का विकास आगामी वर्ष-2050 को दृष्टिगत रखते हुए तेजी से किया जा रहा है। इंदौर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। यहां स्वच्छता के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। इंदौर नगर निगम डिजिटल क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे हैं नवाचारों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में विधायकगण नगर निगम के सभापति, महापौर परिषद सदस्य, पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में सफाई मित्र और उनसे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि तथा अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

शिवहर: हत्या मामले में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी व साक्षियों की सुरक्षा की मांग

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शिवहर थाना क्षेत्र के विशुनपुर किशुनदेव गांव में हुई हत्या मामले ने पूरे इलाके को दहला दिया है। मृतक बिक्रम कुमार की मां रीता देवी ने पुलिस अधीक्षक शिवहर को एक लिखित आवेदन देकर विस्तृत जांच और संबंधित आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवहर थाना कांड संख्या-263/2025 धारा-103(1), 303(2), 238 भा.दं.सं. के तहत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। बाद में अनुसंधान के दौरान मिले साक्ष्य, सीडीआर (Call Detail Record) एवं सीएएफ (Customer Application Form) के आधार पर पुलिस ने रविरंजन कुमार उर्फ भूटाली एवं रवि किशन सिंह को संलिप्त पाते हुए कार्रवाई की है।

सूत्रों के अनुसार, मृतक की मां रीता देवी को ग्रामीणों के बीच हुई चर्चाओं से जानकारी मिली कि इस हत्या कांड में राजा कुमार (पिता-रामप्रवेश राम) तथा गोविन्द महतो (पिता-राजेश्वर महतो) की भी भूमिका संदिग्ध है। इन्हें लेकर अब संदेह गहराता जा रहा है।

प्रार्थी सूचिका ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि –

मृतक की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों के साथ अन्य लोगों की भी संलिप्तता है।

पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि वे स्वयं मामले की जांच करें या किसी वरिष्ठ अधिकारी से स्वतंत्र रूप से जांच कराएं।

संदेहास्पद सभी व्यक्तियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने कहा कि जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार कर सजा नहीं दी जाती, तब तक न्याय की उम्मीद अधूरी रहेगी।

रीता देवी ने अपने आवेदन में बताया है कि हत्या कांड में पहले से गिरफ्तार अभियुक्त रवि किशन सिंह से गहन पूछताछ कर अन्य संलिप्त लोगों का अभिपुक्तिकरण एवं गिरफ्तारी आवश्यक है। साथ ही, हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए भी त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना के समय से ही फरार चल रहे राजा कुमार और गोविन्द महतो गाँव छोड़ चुके हैं। इन दोनों को भी अप्राथमिकी अभियुक्त बनाकर गिरफ्तार किया जाए। आवेदन में कहा गया है कि उक्त आरोपी और उनके सहयोगी साक्षियों को तरह-तरह की धमकियां दे रहे हैं। धमकी दी जा रही है कि जो भी इस मामले में गवाही देगा, उसकी हत्या करवा दी जाएगी।

रीता देवी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घटना के सभी साक्ष्यों का संकलन साक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कराया जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। साथ ही, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पीड़िता ने अपने आवेदन के साथ थानाध्यक्ष शिवहर को पूर्व में दी गई शिकायत की छायाप्रति भी संलग्न कर अवलोकनार्थ दाखिल किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो साक्षियों और उनके परिवार की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

मोटर खोलने के विवाद में हमला, पिता गंभीर रूप से घायल

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दो नामजद आरोपी अब तक फरार, परिजनों ने जताई सुरक्षा की चिंता

पटना/नेऊरा।
नेऊरा थाना क्षेत्र के बेला गांव में खेत में लगे मोटर को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चंदन कुमार ने आरोप लगाया कि 18 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 2 बजे तीन लोग —

1. विशाल कुमार (पिता रंजीत पासवान)

2. अमरनाथ उर्फ खंजर (पिता रमेश पासवान)

3. धर्मबीर कुमार (पिता अजित कुमार उर्फ मुखिया, ग्राम बेचु टोला, वर्तमान बेला, थाना-नेऊरा, जिला- पटना)

उनके खेत के पास कपनी में लगे मोटर को खोल रहे थे। विरोध करने पर तीनों भाग गए।

शाम करीब 8 बजे, जब चंदन कुमार के पिता रामवृक्ष पंडित ड्यूटी के लिए घर से निकले और गांव के आटा चक्की मील के पास पहुंचे, तभी उक्त तीनों आरोपी वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे एवं रॉड से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।

घायल को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहटा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर 7-8 टांके लगाए और हालत गंभीर होने पर पीएमसीएच रेफर कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद अभियुक्त लगातार केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं और पूरे परिवार की हत्या की चेतावनी भी दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद थाना प्रभारी ने कार्रवाई से इंकार कर दिया।

पीड़ित की गुहार

चंदन कुमार ने वरीय पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए ताकि परिवार भयमुक्त होकर रह सके।

मंडोली चुंगी में युवक की चाकुओं से हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप

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दिल्ली। मंडोली चुंगी में रिषी पाल के पुत्र अमर उर्फ़ गोलू की चाकुओं से हत्या कर दी गई। घटना मंडोली चुंगी स्थित ईटीओ बस स्टैंड के पास हुई, जहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं और आमतौर पर भारी भीड़भाड़ रहती है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

प्रार्थी रिषी पाल ने बताया कि आरोपी दीपक ने उनसे 3,000 रुपये उधार लिए थे। पैसे मांगने पर दीपक और उसकी पत्नी अंशु ने उनके पुत्र गोलू से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में 14 अप्रैल 2024 को गोलू पर चाकुओं से हमले की शिकायत एफआईआर 211/2014 थाना हर्ष विहार में दर्ज कराई गई थी।

इसके बावजूद 21 मई 2024 की रात करीब 9 बजे, जब गोलू अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था, तो आरोपियों अर्जुन पंडित, चाभी, चुददी, पग्गल, विशु, चुईयाँ, गोलू चोर समेत कई लोगों ने घेरकर उस पर चाकुओं से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से भागे और फायरिंग भी की। घायल गोलू को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

रिषी पाल ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वारदात के समय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और न ही सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई। बाद में एफआईआर 277/2024 दर्ज हुई, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पीड़ित परिवार ने यह भी दावा किया कि उनके पुत्र की हत्या के चश्मदीद गवाह सूरज, दिवेश और गुड्डू की भी हत्या कर दी गई है। अब आरोपी उन्हें और उनके छोटे बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

परिवार ने पुलिस उपायुक्त शाहदरा, गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल दिल्ली और पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजकर तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपनी जान-माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

अमरोहा में सोशल मीडिया प्यार का काला सच: गर्भवती करने के बाद युवती को दिया धोखा, 2 लाख में सौदा और जान से मारने की धमकी

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अमरोहा
जिले की 21 वर्षीय युवती नेहा परवीन की जिंदगी प्यार, धोखा और अपराध की संगीन दास्तान बन गई है। तलाक के बाद इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती पहले मोहब्बत में बदली और फिर जबरन गर्भपात, पैसों का सौदा और जान से मारने की धमकी तक पहुँच गई। अब युवती अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची के साथ इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है।

नेहा परवीन की पहले शादी रियासतुद्दीन से हुई थी। दो बच्चों के बाद तलाक हो गया। बेटी रिया फातिमा (4) उसके पास है जबकि बेटा अखन (3) पिता के पास रहता है। जिंदगी को नए सिरे से संभालने की कोशिश कर रही नेहा की इंस्टाग्राम पर मुलाकात मुरादाबाद के सचलैंड निवासी कासिम से हुई।

शुरुआत में नेहा ने साफ कहा कि वह शादीशुदा है और एक बेटी की मां भी है। लेकिन कासिम ने मोहल्ले से नंबर निकालकर लगातार पीछा किया और यहां तक कहा कि वह उसकी बेटी को भी अपनाएगा। बहन शहनाज के कहने पर नेहा ने रिश्ते को एक मौका दिया।

करीब एक साल तक सब कुछ ठीक चला, लेकिन जब नेहा पहली बार गर्भवती हुई तो कासिम ने शादी से साफ इनकार कर दिया। गर्भपात की दवाई खाने को मजबूर किया और अपनी चाची शहनाज व बहन कबरू की मदद से दवाई भी खिलवा दी।

इसके बाद भी नेहा दूसरी बार गर्भवती हुई तो कासिम के पिता मेहरून खान ने 2 लाख रुपये देकर रिश्ता खत्म करने का दबाव बनाया। वहीं कासिम के चाचा महबूब (फरीदाबाद निवासी) ने साफ धमकी दी— “अगर पुलिस या कोर्ट गई तो जान से मार दूंगा।”

नेहा का आरोप है कि एक बार कासिम ने अपने घर बुलाकर पहले दिन साथ रखा, लेकिन दूसरे दिन गला दबाकर मारने की कोशिश की और पैसे लेकर भगा दिया। अब सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरों पर अश्लील कमेंट कर बदनाम किया जा रहा है।

नेहा परवीन ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा—
“मैंने उसे अपना सबकुछ सौंप दिया, उसने मुझे सिर्फ धोखा, गर्भपात और बदनामी दी। अब मेरी बच्ची को उसका हक दिलवाना ही मेरी जिंदगी का मकसद है।”

पुलिस की चुप्पी पर सवाल
पूरा मामला पुलिस थाने तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है कि क्या पुलिस किसी दबाव में चुप है? जबकि युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं— धोखे से शादी का वादा, गर्भपात, जबरन पैसा लेना और जान से मारने की धमकी। ये आरोप सीधे-सीधे दहेज, धोखाधड़ी, रेप और धमकी जैसी धाराओं के तहत दर्ज हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो आरोपी कासिम और उसके परिवार का मनोबल और बढ़ जाएगा। लोगों में आक्रोश है और मांग उठ रही है कि आरोपी पर सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी हो।