Monday, April 13, 2026
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पानीपत की रेशमा – सोशल मीडिया के माध्यम से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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नमस्कार दोस्तों, ई खबर में आपका स्वागत है।

आज हम बात करेंगे पानीपत जिले के गांव बधावा राम कॉलोनी की 28 वर्षीय रेशमा की, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली रेशमा ने अपने जुनून और कठिन परिश्रम से सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह पूरे देश में “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से मशहूर हो रही हैं।

रेशमा का सफर: हौसले से शुरू हुई कहानी

रेशमा के सपने बड़े थे, लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी। 2001 में उन्होंने यूट्यूब पर अपनी यात्रा शुरू की। शुरुआत में यह केवल एक शौक था, लेकिन उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया का उभरता सितारा बना दिया।

रेशमा के सोशल मीडिया हैंडल्स

यूट्यूब : Reshma Begum – लाखों सब्सक्राइबर
(रेशमा का “कुकू कुकू” गाने पर डांस वीडियो जमकर वायरल हो रहा है)

फेसबुक और इंस्टाग्राम : Reshma Begum नाम से अकाउंट, जहाँ उन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

यूट्यूब अकाउंट विवरण

चैनल नाम : Reshma Begam

हैंडल : @reshmabegam-kk1rm

सब्सक्राइबर : 53

वीडियो : 197

इंस्टाग्राम अकाउंट विवरण

प्रोफाइल : Reshma

पोस्ट्स : 983

फॉलोअर्स : 423

फॉलोइंग : 142

रेशमा का संदेश: सपने देखो और उन्हें पूरा करो

रेशमा सिर्फ अपनी पहचान बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने अपील की है कि उनके वीडियो को अधिक से अधिक लोग देखें और शेयर करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाल सकें।

परिवार का सहयोग और संघर्ष

इस सफर में उनके पति अलीम और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। रेशमा का कहना है कि उनके परिवार और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रेरणा: गरीबों के लिए मिसाल बनना चाहती हैं

रेशमा का सपना है कि वह अपनी मेहनत के बल पर न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएं, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें, जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

रेशमा की कहानी: सबके लिए एक प्रेरणा

रेशमा की कहानी हमें सिखाती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर मेहनत और लगन हो, तो सफलता जरूर मिलती है।

आज रेशमा न सिर्फ अपने गांव और परिवार बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं।

दोस्तों, यह थी पानीपत की रेशमा की प्रेरणादायक कहानी। हमें यकीन है कि उनकी यह यात्रा आप सभी को भी प्रेरित करेगी।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे शेयर करें और रेशमा के चैनल को सब्सक्राइब करें!

आज UP-उत्तराखंड के दौरे पर PM मोदी, वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान, वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और उसके बाद उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। काशी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेजबानी करने के बाद पीएम मोदी उत्तराखंड के लिए रवाना होंगे।

मॉरीशस के पीएम की मेजबानी
प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11:30 बजे वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की मेजबानी करेंगे। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग और पर्यटन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री गंगा आरती में भी भाग लेंगे और बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का एक अवसर है।

 

दिल्ली में काम करने गए दरभंगा के राम पुकार पासवान लापता, डेढ़ महीने से परिजन परेशान

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दरभंगा (बिहार)। दरभंगा जिले के रहने वाले राम पुकार पासवान, जो रोज़ी-रोटी की तलाश में दिल्ली काम करने गए थे, बीते डेढ़ महीने से रहस्यमय तरीके से लापता हैं। उनके गुम हो जाने के बाद से परिवार के लोग दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

पत्नी की आशंका

राम पुकार पासवान की पत्नी का कहना है कि उनका मानसिक संतुलन बिल्कुल ठीक है, लेकिन अक्सर लोग जो भी कहते हैं, वे उनके बहकावे में आ जाते हैं। इसी वजह से उन्हें आशंका है कि उनके पति किसी के बहकावे में आकर कहीं चले गए हैं।

परिवार की हालत बेहद खराब

गुमशुदा राम पुकार पासवान के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब है। पत्नी ने बताया कि रोज़ी-रोटी का सहारा सिर्फ वही थे और उनके लापता हो जाने से परिवार भुखमरी जैसी स्थिति में आ गया है।

पुलिस-प्रशासन से गुहार

परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई कर राम पुकार पासवान का पता लगाने की मांग की है। साथ ही आम जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को उनकी जानकारी मिले तो परिवार या पुलिस को तुरंत सूचित करें।

कैमूर जिले में जमीन की दोहरी रजिस्ट्री और बैंक लोन का विवाद

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कैमूर।
जिले के थाना कुदरा अंतर्गत ग्राम जहानाबाद में एक जमीन की दोहरी रजिस्ट्री और बैंक लोन का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, प्रिंस कुमार सिंह ने वर्ष 2011 में श्याम सुंदर माली से उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई। इसके बाद 2012 में उसी जमीन की पुनः रजिस्ट्री भी कराई गई।

आरोप है कि प्रिंस कुमार सिंह ने दोनों रजिस्ट्री के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक से लोन भी लिया। वहीं, सुनिता देवी नामक महिला का कहना है कि उन्होंने 6 नवंबर 2012 को इस जमीन (खाता संख्या-801, प्लॉट संख्या-740, थाना संख्या-657) की 4.75 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री कराई थी और तब से आज तक उसका मोरेटसन भी उन्हीं के नाम पर है।

पीड़ित परिवार ने कहां की जब पर लोन था तो रसीद बात की कटी अब 15 सितंबर को बैंक इस जमीन की नीलामी कर रहा है। जो सरासर धोखेबाजी है। इस मामले मैं सुनीता देवी ने सिविल कोर्ट भबुवा मे केस चला हुआ है।

सुनिता देवी का आरोप है कि जब उन्होंने जमीन खरीदी थी, तब प्रिंस कुमार सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि इस जमीन पर किसी प्रकार का बैंक लोन या कर्ज नहीं है। लेकिन बाद में पता चला कि उसी जमीन पर बैंक से कर्ज लिया जा चुका है।

इस पूरे मामले को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को न्याय मिल सके।

हरिद्वार के कनखल क्षेत्र से महिला दो बच्चों संग लापता, पति ने जताया शक

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हरिद्वार, 22 अगस्त 2025।
कनखल थाना क्षेत्र के जगजीतपुर पीठ पुलिया इलाके से एक महिला अपने दो बच्चों के साथ अचानक लापता हो गई है। इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।

शिकायतकर्ता दीपक कश्यप (38 वर्ष), निवासी पीठ पुलिया, जगजीतपुर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी अनिता 20 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे घर से बिना बताए निकल गई। वह अपने साथ दो बच्चों — बेटा नौरज और बेटी गौरी (5 वर्ष) को भी ले गई।

परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुमशुदा महिला का हुलिया इस प्रकार है—

लंबाई: लगभग 4 फीट

रंग: गेहुआं

चेहरा: गोल

बाल: काले

कपड़े: लाल रंग का सलवार सूट

दीपक कश्यप, जो ई-रिक्शा चालक हैं और अपने परिवार सहित किराये के मकान में रहते हैं, ने पुलिस से पत्नी और बच्चों की बरामदगी की गुहार लगाई है।

यह मामला गुमशुदा व्यक्ति पंजीकरण संख्या 0047/2025 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी अपर उप-निरीक्षक राकेश गुरूंग को सौंपी गई है, जबकि कनखल थाने के प्रभारी निरीक्षक चंद्र मोहन ने पंजीकरण पर हस्ताक्षर किए हैं।

दीपक कश्यप ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शक है कि उनकी पत्नी और दोनों बच्चे ललित नामक युवक के साथ गए हैं।

किसी को भी महिला या बच्चों के संबंध में जानकारी मिले तो कृपया तत्काल कनखल थाना पुलिस को सूचित करें।

गोपालगंज में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और शारीरिक शोषण का मामला, परिवार को दी जा रही जान से मारने की धमकी

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गोपालगंज, 6 सितंबर 2025।
थाना विश्वम्भरपुर क्षेत्र के गांव विवारी मटिहनिया की रहने वाली 56 वर्षीय शोभा देवी, पत्नी मोतीचंद सहनी ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाए हैं।

शोभा देवी ने बताया कि उनकी 17 वर्ष 8 माह की पुत्री राम्या कुमारी को गांव के ही विशाल कुमार, पिता नंदकिशोर यादव, निवासी टोला सिवाया, बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर अहमदाबाद ले गया। वहां उसने करीब एक माह तक उसे अपने पास रखा और ₹50,000 नगद तथा दो मोबाइल (कुल कीमत लगभग ₹30,000) भी ले लिया।

आरोप है कि इस दौरान विशाल ने उनकी नाबालिग पुत्री के साथ शारीरिक शोषण किया। बाद में उसे बीच रास्ते में छोड़ दिया। किसी तरह जब लड़की घर लौटी तो विशाल और उसके परिजन फिर से घर पर आकर मारपीट करने लगे।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि विशाल के साथ अम्बू अभय यादव (पिता शुशिल यादव), आदित्य यादव (पिता सतेन्दर यादव), मंटू कुमार (पिता सतेन्दर यादव) आदि लोग लगातार धमकी दे रहे हैं कि अगर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया तो पूरे परिवार को गोली मार देंगे।

लड़के के पिता नंदकिशोर यादव और उसके अन्य परिजनों पर भी लड़की के घर आकर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

शोभा देवी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

समस्तीपुर: दबंगई और राजनीति के साए में पीड़ित परिवार न्याय को तरसा

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समस्तीपुर ज़िले के वारिसनगर थाना क्षेत्र में दबंगई और राजनीतिक प्रभाव का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने ग्रामीणों को दहशत में जीने पर मजबूर कर दिया है। मामला ग्राम चन्दौली वार्ड संख्या–08 का है, जहाँ 70 वर्षीय बुजुर्ग जवाहर राय पर हाल ही में जानलेवा हमला हुआ।

कई बार पहले भी हुआ हमला

ग्रामीणों के मुताबिक, जवाहर राय के परिवार पर यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले भी कई बार आरोपी लोग घर में घुसकर मारपीट कर चुके हैं। पीड़ित पक्ष ने थाना में कई आवेदन दिए, यहाँ तक कि समस्तीपुर आरक्षी अधीक्षक को भी डाक द्वारा शिकायत भेजी गई। बावजूद इसके, वारिसनगर थाना ने केस दर्ज करना ज़रूरी नहीं समझा।

07 सितम्बर की रात की वारदात

घटना 07/09/2025 की रात लगभग 10 बजे की है। आरोप है कि मुन्नी देवी और उनके सहयोगियों ने घर में घुसकर जवाहर राय को बेरहमी से पीटा। पीड़ित को घसीटते हुए मुन्नी देवी के घर ले जाया गया और वहाँ हाथ–पैर बाँधकर रॉड, खंती, भाला, कुदाल जैसे हथियारों से हमला किया गया। हमला इतना भयावह था कि बुजुर्ग बेहोश हो गए।

राजनीति की आड़ में दबंगई

जानकारी के अनुसार मुन्नी देवी लोकल पॉलिटिक्स में सक्रिय हैं। रायपुर पंचायत के वर्तमान सरपंच पति और उपविजेता सरपंच पति, दोनों वोट बैंक की राजनीति के लिए उनका खुला समर्थन करते हैं। स्थानीय नेताओं के दबाव के कारण पुलिस भी निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है। हैरानी की बात यह है कि इस घटना के बाद पीड़ित की जगह उन्हीं पर उल्टा मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

पीड़ित परिवार पर खुली धमकी

जवाहर राय के तीन बेटे बाहर नौकरी करते हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर मुन्नी देवी बार–बार धमकी देती हैं कि उनके बेटों को फर्जी केस में फँसाकर नौकरी खत्म करा देंगी। यहाँ तक कि वह खुलेआम कहती हैं कि “जब तक जवाहर राय के घर से पाँच–छह लाश नहीं गिरेंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।” ग्रामीण बताते हैं कि मुन्नी देवी के पास दर्जनों लठैत हैं और वह इनके सहारे पूरे इलाके में दहशत फैलाती रहती हैं।

ग्रामीणों में खौफ का माहौल

गाँव के लोग बताते हैं कि मुन्नी देवी का खौफ इतना गहरा है कि कोई भी उनके खिलाफ आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं करता। जो भी बोलता है, उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है या फिर उनके गुंडे पीट देते हैं। पूरे पंचायत और क्षेत्र में उनकी दबंगई का असर साफ दिखता है।

न्याय की गुहार

पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए उच्च अधिकारियों की ओर देख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है।

नेपाल की जेल से भागे 5 कैदियों ने की भारत में घुसने की कोशिश, सशस्त्र सीमा बल ने किया गिरफ्तार

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सिद्धार्थनगर: नेपाल में हालात बदतर हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। नेपाल की 18 जिलों की जेल से करीब 6 हजार कैदी फरार हुए हैं। इस बीच खबर मिली है कि नेपाल की जेल से भागे 5 कैदियों ने भारत-नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में घुसपैठ करने की कोशिश की है। हालांकि ये घुसपैठिये अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।जेल से भागे कैदियों ने कहा- हम इंडियन जेल में रहेंगे, नेपाल नहीं जाएंगे
नेपाल की जेल से भागे 5 कैदियों को SSB ने पकड़ा है और उनसे बात की है। ये कैदी कह रहे हैं कि नेपाल के हालात खराब हैं और वहां लोग मार डाले जाते हैं। इन कैदियों का कहना है कि वो भारतीय जेल में रहेंगे, नेपाल नहीं जाएंगे।

क्या है पूरा मामला?
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नेपाल की एक जेल से भागे पांच कैदियों को भारत में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सिद्धार्थनगर इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर ये गिरफ्तारियां की गईं और बाद में कैदियों को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। ANI ने एक अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है।

नेपाल में मचा हुआ है हड़कंप
नेपाल में सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, और एक्स) पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन प्रदर्शन में जेन-जी जेनरेशन के लोग भारी संख्या में थे। लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई, जिसमें 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसके बीद नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत अन्य जिलों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए और इसने हिंसा का रूप धारण कर लिया।

इस दौरान कई नेताओं के घरों पर हमला हुआ। पीएम ओली के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा खत्म नहीं हुआ और उन्होंने कई इमारतों में आग लगा दी। अब हालात ये हैं कि नेपाल जल रहा है और इसकी कमान अब सेना ने अपने हाथ में ले ली है और पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया है।

सेना, प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश कर रही है और उसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों से बात करके समस्या का हल निकाला जा सकता है।

कच्ची सड़क से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार, आवागमन में हो रही भारी दिक्कत

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बांदा। जनपद बांदा की ग्राम पंचायत पौहार तहसील अतर्रा, ब्लॉक नरैनी के अंतर्गत पौहार सहित आसपास के ग्रामीण लंबे समय से शिवहारी मोड़ से जरियारी तालाब तक कच्ची सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए करीब 1.5 किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता ही एकमात्र सहारा है। बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और पानी से पूरी तरह जाम हो जाता है, जिससे आवागमन ठप पड़ जाता है।

ग्रामीण बलराम पांडेय, मोदानन्द, राजा बाबू, दीपक, सियाराम, घनश्याम, रघुनन्दन, ब्रजनन्दन, शंकर और धीरेन्द्र का कहना है कि बीमार व्यक्तियों और प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार गंभीर मरीज समय पर इलाज न मिलने से जान जोखिम में डालते हैं। वहीं विद्यार्थी भी चार महीने तक स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है और भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।

गांववासियों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर कई बार विभाग और पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि विकास योजनाओं में घोटाले होते रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य शून्य है।

मोहन लाल यादव, राममिलन यादव, रामभवन पाठक, राजू सिंह, गुलाब यादव, उत्तम सिंह, करण सिंह, गंगासागर पांडेय, जगतपाल यादव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मार्ग को शीघ्र कार्ययोजना में शामिल कर सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।

बदायूँ: परदेस से लौटे परिवार की जमीन पर दबंगों का कब्ज़ा, कार्रवाई के लिए भटक रहा परिवार

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दातागंज (बदायूँ)। बदायूँ ज़िले के दातागंज थाना क्षेत्र के कोली गांव में एक परिवार अपनी ही ज़मीन और घर के पीछे की खाली जगह पर कब्ज़े को लेकर गंभीर समस्या झेल रहा है। शिकायतकर्ता रामभरोसी लाल, जो लंबे समय तक पंजाब में रहकर भट्टे पर मजदूरी करते थे, का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति में गांव के ही दयाशंकर पुत्र महेंद्रपाल ने धीरे-धीरे कब्ज़ा करना शुरू कर दिया।

रामभरोसे लाल ने बताया कि वे करीब 5–6 साल से रोज़ी-रोटी की तलाश में पंजाब में थे। इस दौरान आरोपियों ने उनके घर के पीछे मौजूद खाली जगह पर पहले ईट रख दी फिर कूड़ा–कचरा दालने लगे और ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि –

जब उन्होंने आपत्ति जताई तो आरोपियों ने कब्ज़ा छोड़ने से साफ़ इंकार कर दिया।

दरवाजे के पीछे कचरे का ढेर और वहीं पर मल-मूत्र फेंकने से बदबू और गंदगी फैल रही है।

इससे बच्चों और बुज़ुर्गों को बीमारियों का खतरा बना रहता यह है।

आरोपियों का प्रभाव और पैसों के दम पर यह मामला दबाने की कोशिश की जा रही है।

रामभरोसी लाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत थाने और यहां तक कि नेपाल साहब (स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी) के पास भी दर्ज कराई, लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने और प्रशासन की लापरवाही से आरोपी लगातार हौसला बुलंद होकर जमीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मामले को गंभीरता से न लिया गया तो भविष्य में यह विवाद और बढ़ सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार ने उपजिलाधिकारी दातागंज से लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि उनकी ज़मीन पर से तत्काल अवैध कब्ज़ा हटवाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।