उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में एक महिला ने अपने पति के रहस्यमय ढंग से लापता होने, पैतृक संपत्ति हड़पने की कथित साजिश और अस्पताल से जबरन ले जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि उसके पति कई दिनों से लापता हैं और उन्हें संपत्ति विवाद के चलते साजिश के तहत गायब किया गया है। मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
मोहल्ला दुईयां, थाना मऊदरवाजा निवासी निर्मला देवी पत्नी राजकुमार ने पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पति राजकुमार शराब, जुआ और सट्टा खेलने के आदी हैं। आरोप है कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें लगातार उधार पैसे देते थे और धीरे-धीरे पैतृक खेत तथा मकान अपने नाम कराने के लिए उकसाते थे। महिला का कहना है कि परिवार के पास खेती की जमीन ही आजीविका का एकमात्र साधन है और यदि उस पर भी कब्जा हो गया तो उसके तीन छोटे बच्चों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
पीड़िता के अनुसार पैतृक मकान और जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। तीन जुलाई 2026 को इसी विवाद के दौरान कहासुनी और झगड़ा हुआ, जिसके बाद वह अपने पति के साथ इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल में उसके देवर अर्जुन, दयाराम, सुधा, अर्जुन के साले मुनेश पुत्र रामदीन, रामदीन तथा कुछ अन्य लोग पहुंचे और उसके पति को जबरन अपने साथ ले गए।
निर्मला देवी का कहना है कि जब वह अस्पताल में कई बार अपने पति से मिलने पहुंची तो उसे मिलने नहीं दिया गया। विरोध करने पर उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और अस्पताल से भगा दिया गया। महिला का आरोप है कि जिन लोगों ने उसके पति को अपने साथ ले जाया, वही लोग उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसने तीन जुलाई को जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र देकर सहायता की मांग की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद छह जुलाई से उसके पति का कोई पता नहीं चल रहा है। उसका आरोप है कि जिन लोगों पर उसने संदेह जताया है, उन्होंने ही उसके पति को कहीं छिपा रखा है ताकि भविष्य में संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
महिला का कहना है कि वह लगातार अपने पति की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। पति के लापता होने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। तीन छोटे बच्चों के साथ वह असुरक्षा और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके पति के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी उसने अपने देवर और शिकायत में नामजद अन्य लोगों पर बताई है।
निर्मला देवी ने पुलिस अधीक्षक और थाना पुलिस से अपने लापता पति की शीघ्र तलाश कराने, उनकी सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने तथा अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि राजकुमार के लापता होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।


