जोधपुर। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स जोधपुर एक बार फिर कथित लापरवाही के आरोपों को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि किडनी और यूरेटर में पथरी की जांच के लिए अस्पताल पहुंचे एक मरीज को पेट (एब्डोमेन KUB) के एक्स-रे की रिपोर्ट मिलने के बजाय किसी दूसरे मरीज के घुटने (नी) का एक्स-रे ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया। इस कथित गड़बड़ी से मरीज और उसके परिजनों में भारी नाराजगी है तथा उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मरीज भंवर सिंह किडनी और यूरेटर में पथरी से संबंधित समस्या के उपचार के लिए एम्स जोधपुर पहुंचे थे। चिकित्सकों ने उनकी जांच के बाद आवश्यक परीक्षण कराने की सलाह दी, जिसमें एक्स-रे एब्डोमेन KUB, अल्ट्रासाउंड KUB, रक्त जांच, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन जांच सहित अन्य आवश्यक जांचें शामिल थीं। आरोप है कि जब मरीज ने अपनी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन देखी तो पेट के एक्स-रे के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति भंवरलाल के घुटने के एक्स-रे की रिपोर्ट दिखाई गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस प्रकार की कथित लापरवाही न केवल मरीजों की गोपनीयता से जुड़ा गंभीर मामला है, बल्कि इससे गलत इलाज की आशंका भी पैदा हो सकती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस त्रुटि का पता नहीं चलता तो मरीज के उपचार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद मरीज और उनके परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर जिम्मेदारी तय करने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में इस प्रकार की कथित त्रुटियां मरीजों का विश्वास कमजोर करती हैं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं।
हालांकि, इस संबंध में एम्स जोधपुर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला अस्पताल की रिपोर्टिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली में गंभीर चूक का उदाहरण माना जा सकता है।


