मध्य प्रदेश। एक आदिवासी परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगाने, जबरन सगाई कराने और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में दबंगों का इतना खौफ है कि कोई भी उनके खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं करता। मामले में कार्रवाई न होने से परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
पीड़िता रामकली बाई पत्नी जयसिंह पारदी, निवासी ग्राम हसिया टपरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 जून 2026 की रात करीब 8 बजे उनका पुत्र विद्धा पारदी शराब के नशे में घर पहुंचा और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल न होने की बात को लेकर विवाद करने लगा। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद उसने ईंट और पत्थर से हमला कर दिया, जिससे रामकली बाई के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि असली विवाद गांव में नाबालिग लड़कियों के साथ हो रही कथित घटनाओं को लेकर शुरू हुआ। परिवार के अनुसार रामकली बाई की करीब 12 वर्षीय नातिन कटीना को गांव के ही चौव्वा नामक युवक द्वारा बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया था। आरोप है कि वह उसे चार दिन तक अपने साथ रखकर बाद में वापस छोड़ गया। इस घटना के बाद परिवार ने विरोध दर्ज कराया था।
परिजनों का आरोप है कि कटीना के वापस आने के अगले ही दिन परिवार की दूसरी नाबालिग बच्ची शिक्षा, जिसकी उम्र करीब 10 वर्ष बताई जा रही है, को भी उठा लिया गया। परिवार का दावा है कि बच्ची की जबरन सगाई कर दी गई और यह कहकर वापस घर भेज दिया गया कि कुछ दिनों बाद उसकी शादी कर दी जाएगी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दोनों घटनाओं की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार ने आजाद, विक्कू, शेर सिंह, चौव्वा, मंजू और राजकुमारी सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव में कुछ दबंग किस्म के लोग नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाते हैं और विरोध करने वालों को धमकाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने इन कथित गतिविधियों का विरोध किया तो उनके परिवार पर चाकू और पत्थरों से हमला कराया गया।
परिवार का कहना है कि जयसिंह पर चाकू से हमला किया गया, जबकि रामकली बाई के सिर पर भी वार किया गया। हमले में कई लोग घायल हुए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव में लंबे समय से भय का माहौल बना हुआ है और दबंगों के डर से कई लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। नाबालिग लड़कियों से जुड़ी गंभीर शिकायतों और हमले के आरोपों के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर अब पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
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