इंदौर जिले के महू क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भूमि विवाद और छेड़छाड़ के विरोध के बाद एक परिवार पर लगातार हमले किए जाने के आरोप लगे हैं। पीड़िता विनीता यादव (32) ने आरोप लगाया है कि 21 जनवरी को उनके घर पर 8-10 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें उनकी भाभी पूजा यादव, जो सात माह की गर्भवती हैं, गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़िता के अनुसार, कुछ दिन पहले 17 जनवरी को उनके घर के पीछे रह रही लीला बाई के पोते सुनील (27) ने उनकी 8 वर्षीय बेटी के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की थी। इस घटना की शिकायत पुलिस में की गई, लेकिन समझौते के दबाव में मामला वहीं खत्म कर दिया गया। विनीता का कहना है कि इसी बात की रंजिश रखते हुए आरोपियों ने 21 जनवरी को हमला किया।
पीड़िता ने बताया कि हमले के दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि पत्थरबाजी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, तो आरोप है कि पुलिस ने केवल एक महिला का नाम दर्ज किया और बाकी आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया, जबकि उनके पास घटना के फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं।
मामला यहीं नहीं रुका। विनीता यादव का आरोप है कि 4 फरवरी को फिर से 20-30 लोगों की भीड़ उनके घर पहुंची, दरवाजे और गेट तोड़ दिए और घर में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों के सामाजिक दबाव का हवाला दे रही है। परिवार ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल यह मामला पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद FIR दर्ज न होना और आरोपियों का खुलेआम घूमना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।


