Tuesday, July 7, 2026
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बिहार के सहरसा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है,

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जहां आपसी विवाद ने एक गरीब परिवार की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। यह घटना 21 मार्च की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब सोमिन पासवान अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बबलू पासवान और राजबली पासवान के बीच पहले से चल रहे किसी पुराने विवाद को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने आपा खो दिया और पास में रहने वाले सोमिन पासवान के घर को निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर आरोपियों ने घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की।

हमले के दौरान घर की छत को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और अंदर रखे घरेलू सामान को भी तोड़ दिया गया। पूरे घर का सामान बिखेर दिया गया, जिससे घर पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। इस घटना में सोमिन पासवान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

सोमिन पासवान पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो रोज कमाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके परिवार में पांच सदस्य हैं, जिनमें तीन छोटे छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे इस परिवार के सामने अब रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। टूटे हुए घर में रहने को मजबूर यह परिवार बेहद भयभीत और परेशान है।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि दो व्यक्तियों के आपसी विवाद में एक निर्दोष और गरीब परिवार को निशाना बनाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मुआवजे की मांग की है, ताकि वे अपने घर को फिर से बना सकें और सामान्य जीवन जी सकें। वहीं इस घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।

बेटी के इलाज के लिए गिरवी रखे चांदी के जेवर नहीं लौटाए, ज्वेलर पर धोखाधड़ी का आरोप; मजदूर पिता लगा रहा न्याय की गुहार

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा से एक दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटी के इलाज के लिए गिरवी रखे गए चांदी के जेवर वापस नहीं मिलने से एक गरीब मजदूर पिता दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि ज्वेलर ने पूरा पैसा और ब्याज लेने के बाद भी जेवर वापस नहीं किए और अब दुकान बंद कर फरार हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित बृजेश कुमार पुत्र सियाराम, निवासी ग्राम परथला खानजरपुर, सेक्टर-122, थाना सेक्टर-113, नोएडा ने बताया कि आर्थिक तंगी और अपनी बेटी के इलाज के लिए मजबूर होकर उन्होंने 13 अक्टूबर 2024 को गांव में स्थित श्याम ज्वेलर्स नामक दुकान पर लगभग आधा किलो चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। दुकान के मालिक मोहित वर्मा ने 12 हजार रुपये देकर 5 प्रतिशत ब्याज पर जेवर गिरवी रख लिए थे। गिरवी रखे गए आभूषणों में हाथफूल, पायल, कमर की तगड़ी और छह बिछुए शामिल थे।

बृजेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह उनकी सबसे बड़ी संतान थी। उनकी कुल छह बेटियां हैं। बेटी को सीने में गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्होंने फरीदाबाद, एटा, नोएडा और दिल्ली तक कई अस्पतालों में इलाज करवाया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 13 जून 2025 को उनकी बेटी की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद भी उन्होंने मजदूरी करके जैसे-तैसे पैसे जुटाए और 1 नवंबर 2025 को ज्वेलर मोहित वर्मा को मूलधन के साथ पूरा ब्याज भी चुका दिया।

पीड़ित का आरोप है कि पैसे लेने के बाद ज्वेलर ने कहा कि जेवर किसी अन्य स्थान पर रखे हैं और एक-दो दिन में वापस दे देगा। लेकिन इसके बाद वह लगातार टालमटोल करता रहा। कभी होली के बाद देने की बात कही गई तो कभी दुकान बंद होने का बहाना बनाया गया। धीरे-धीरे ज्वेलर का फोन भी बंद आने लगा और अब दुकान भी बंद पड़ी है।

बृजेश कुमार का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में कई बार फोन किया तो एक बार फोन उठाकर ज्वेलर ने उन्हें गाली-गलौज की और जेवर मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने थाना सेक्टर-113 और संबंधित पुलिस चौकी में कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि 18 मार्च 2026 को चौकी में उन्हें बुलाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि वह लगातार अधिकारियों और पुलिस के पास गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। बृजेश कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी के पुलिस से अच्छे संबंध होने के कारण मामले को दबाया जा रहा है।

मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले बृजेश कुमार का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए बड़ी मुश्किल से चांदी के आभूषण बनवाए थे, लेकिन अब वे भी धोखे से हड़प लिए गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनके जेवर वापस दिलाए जाएं।

 

राशन लेने के बहाने निकला पति हुआ फरार, पत्नी के नाम पर फाइनेंस कराई गाड़ी छोड़ गया कर्ज; दो बीमार बच्चों के साथ दर-दर भटक रही महिला

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मुंबई/प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक मामला सामने आया है, जहां एक पति राशन लेने के बहाने घर से निकला और फिर वापस ही नहीं लौटा। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति ने उसके नाम पर फाइनेंस कराकर गाड़ी ली और फिर अचानक गायब हो गया। अब महिला दो छोटे बीमार बच्चों के साथ परेशान होकर न्याय की गुहार लगा रही है।

पीड़िता मीरा ने बताया कि वह अधिक पढ़ी-लिखी नहीं है और अपने पति सोनू निषाद के साथ छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें चार साल का बेटा और दो साल की बेटी शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और दोनों बच्चों की तबीयत भी अक्सर खराब रहती है, जिससे परेशानियां और बढ़ गई हैं।

मीरा के अनुसार, उसके पति सोनू निषाद प्रतापपुर के रामफ्लो इलाके में ठेकेदारी का काम करते थे और पूरा परिवार वहीं किराए के कमरे में रह रहा था। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके पति का किसी अन्य महिला से बातचीत और संपर्क बढ़ गया था, जिससे घर में अक्सर विवाद होता था। इसी बीच 15 मार्च को सोनू निषाद ने पत्नी से कहा कि वह किराना और राशन लेने जा रहा है और बच्चों का ध्यान रखने को कहकर घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।

पीड़िता का कहना है कि हाल ही में उसके पति ने उसके नाम पर एक गाड़ी फाइनेंस करवाई थी। अब गाड़ी और कर्ज दोनों उसके नाम पर हैं, जबकि पति फरार हो गया है। मीरा का आरोप है कि पति का फोन भी लगातार बंद आ रहा है। महिला का कहना है कि उसे बाद में पता चला कि उसका पति किसी अन्य महिला से लगातार संपर्क में है और उससे यह भी पूछता रहता है कि उसकी पत्नी वहां से चली गई या नहीं।

मीरा ने पूरी घटना अपनी मां मुन्नी देवी को बताई, जिसके बाद मुन्नी देवी तुरंत छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर पहुंचीं और अपनी बेटी व दोनों बच्चों को वहां से लेकर मुंबई आ गईं। फिलहाल मीरा अपने बच्चों के साथ मुंबई में रह रही है, लेकिन आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है।

पीड़िता का कहना है कि उसने इस मामले में छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने प्रशासन और पुलिस से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि उसके पति को ढूंढकर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके और उसे इस संकट से राहत मिल सके।

जबरन कराई गई शादी बनी अभिशाप, पति की धमकियों से दहशत में महिला; दो साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद जागीर की रहने वाली एक महिला ने अपने ही पति पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है। आरोप है कि थाने में दिए गए आवेदन तक फाड़ दिए जाते हैं, जिसके कारण वह बेहद भय और तनाव में जीवन गुजारने को मजबूर है।

पीड़िता श्रीमती रुचि पत्नी सूरज राजपूत का आरोप है कि 12 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10 बजकर 14 मिनट पर उनके पति के मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। रुचि का कहना है कि फोन पर उनके पति ने अपने दोस्तों से भी गाली-गलौज करवाई और कहा कि वह घर आकर उन्हें जान से मार देंगे। इस घटना के बाद से वह और उनकी छोटी बच्ची बेहद डर और दहशत में हैं।

रुचि ने यह भी बताया कि उनकी शादी उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती कराई गई थी। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पति आए दिन मारपीट करते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

रुचि का कहना है कि उनकी शादी को करीब सात साल हो चुके हैं, लेकिन लंबे समय से उनके पति सूरज राजपूत उन्हें मारते-पीटते हैं और लगातार अपशब्द कहते हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी छह साल की बेटी जयतिका के पालन-पोषण का खर्च भी नहीं उठाते। मजबूरी में रुचि घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा का काम करती हैं और उसी से अपनी बच्ची का खर्च चलाती हैं।

पीड़िता के अनुसार उनके पिता जियालाल और माता माधुरी हैं, लेकिन दो महीने पहले ही उनकी मां का निधन हो गया। रुचि की तीन बहनें हैं और परिवार में कोई भाई नहीं है। आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर उनके पति जमीन-जायदाद के लालच में उन्हें प्रताड़ित करते हैं और बार-बार धमकी देते हैं कि पेट्रोल डालकर उन्हें, उनकी बच्ची और उनके पिता को जिंदा जला देंगे।

रुचि का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सुनाई है, जिसमें धमकी और गाली-गलौज साफ सुनाई देती है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह कई बार थाना बिजनौर और पुलिस चौकी पर शिकायत लेकर गईं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

पीड़िता का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पति और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनकी मासूम बेटी को सुरक्षा मिल सके।

 

चार साल का प्यार संकट में: परिवार के दबाव में अलग हुई प्रेमिका, युवक ने साथ रहने की लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश के बरेली और दादरी क्षेत्र से एक प्रेम संबंध से जुड़ा भावुक मामला सामने आया है। बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव निवासी अमित कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी चार साल पुरानी प्रेमिका कशिश के परिवार वालों ने उस पर दबाव बनाकर दोनों के बीच बातचीत बंद करवा दी है। पिछले दो से तीन दिनों से दोनों की कोई बातचीत नहीं हो पा रही है, जिससे युवक बेहद परेशान और मानसिक तनाव में है। अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से ही शादी करना चाहते हैं और उसके साथ जीवन बिताना चाहते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार अमित कुमार सिंह, पुत्र धनपाल सिंह, मूल रूप से बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव के रहने वाले हैं। उनकी मुलाकात करीब चार साल पहले नोएडा के सेक्टर 135 इलाके में कशिश से हुई थी। उस समय कशिश एक सोसाइटी में काम करती थी, जबकि अमित वहां मशीन चलाने का काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। समय के साथ यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया।

बताया जा रहा है कि दोनों अक्सर एक-दूसरे से मिलने के लिए दादरी इलाके में मिलते थे और भविष्य में शादी कर साथ रहने के सपने देखते थे। करीब एक साल पहले जब अमित कुमार के परिवार वाले उनकी शादी कहीं और कराने की तैयारी कर रहे थे, तब कशिश ने इसका कड़ा विरोध किया। अमित के अनुसार कशिश ने कहा था कि यदि वह किसी और से शादी करेंगे तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति के बाद अमित ने अपने परिवार के दबाव के बावजूद वह शादी नहीं की।

अब अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से शादी कर उसके साथ रहना चाहते हैं, लेकिन आरोप है कि कशिश के पिता राजू और परिवार के अन्य सदस्यों ने उस पर काफी दबाव बना दिया है। इसी दबाव के कारण कशिश अब शादी से इनकार कर रही है और दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई है। अमित का दावा है कि कशिश का फोन भी परिवार वालों ने अपने पास रख लिया है, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

अमित कुमार के अनुसार वह कशिश को हमेशा सम्मान और प्यार से रखते थे और उसके साथ एक खुशहाल जीवन बिताने की इच्छा रखते हैं। और अमित कुमार सिंह का दावा है कि जितना प्यार वह कशिश से करते हैं उतना ही प्यार कशिश उनसे भी करती है लेकिन अचानक संपर्क टूट जाने से वह बेहद परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो वह मानसिक रूप से टूट सकते हैं।

युवक ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि मामले को समझते हुए कशिश पर परिवार द्वारा बनाए गए दबाव को हटाया जाए और दोनों को अपनी इच्छा से साथ रहने का अवसर दिया जाए। अमित कुमार का कहना है कि उनका और कशिश का रिश्ता सच्चे प्रेम पर आधारित है और वह चाहते हैं कि दोनों को एक साथ जीवन बिताने दिया जाए।

पुराना केस वापस लेने का दबाव, विरोध करने पर मारपीट और घर निर्माण रोकने का आरोप; पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई गुहार

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बिहार के वैशाली जिले से एक गंभीर पारिवारिक विवाद और दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने कुछ स्थानीय लोगों पर वर्षों से प्रताड़ित करने, मारपीट करने और पुराने मुकदमे को वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता मंजू देवी ने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आरोपी लगातार धमकी देकर उनके परिवार को डराने की कोशिश कर रहे हैं और अब उनके घर के निर्माण कार्य को भी रुकवा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार मंजू देवी, पत्नी अर्जुन महतो, वैशाली जिले के शाहपुर खूर्द क्षेत्र की रहने वाली हैं। पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब आठ से नौ वर्षों से कुछ लोगों के साथ उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है और वे लोग उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से लगातार उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं।

मंजू देवी के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपियों ने उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। उस दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और मारपीट के दौरान उनके हाथ को दांत से काट लिया गया, जिससे उनकी एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई। जब उनके पति अर्जुन महतो बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी आंखों में मसाला झोंक दिया, जिससे उन्हें भी काफी चोट आई। इस घटना के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जो अभी भी न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

पीड़िता का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उनका आरोप है कि आरोपी बार-बार धमकी देते हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस कारण उनका परिवार लंबे समय से भय और मानसिक तनाव में जी रहा है।

मंजू देवी ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को जब वे अपने घर के निर्माण के लिए भूमि पूजन कर नींव डालने का काम शुरू कर रहे थे, तभी आरोपी पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और निर्माण कार्य रुकवा दिया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कहा कि पहले पुराना केस वापस लो, तभी घर बनाने दिया जाएगा। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।

इस मामले में मंजू देवी की बेटी पूजा कुमारी ने भी मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा की। करीब 20 वर्षीय पूजा कुमारी ने बताया कि उनके पिता अर्जुन महतो अलग स्थान पर रहते हैं और आरोपी लोग वहां जाकर भी उन्हें मारपीट कर परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे और उनका भाई अपनी मां के साथ बचाव के लिए जाते हैं तो आरोपियों द्वारा उनके साथ भी मारपीट की जाती है और लगातार धमकियां दी जाती हैं। पूजा कुमारी का कहना है कि पूरा परिवार लंबे समय से भय और तनाव में जी रहा है।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब वे स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने गए तो उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर आरोपी जोगिंदर महतो, राजेश महतो, उपेंद्र महतो और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मंजू देवी और उनके परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपने घर का निर्माण कर सकें और सामान्य जीवन जी सकें।

अलीगढ़ में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,बेटे की मौत के बाद तहरीर की प्रति के लिए भटक रहा पिता

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अलीगढ़ से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार ने कुछ ही महीनों में कई अपनों को खो दिया। लगातार हुए इन हादसों के बाद मानसिक रूप से टूट चुके पिता अब अपने इकलौते बेटे की मौत से जुड़ी तहरीर की प्रति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मामला थाना जवां क्षेत्र के ग्राम चंदौखा का है। यहां के निवासी वीरेन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पर एक के बाद एक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वे पूरी तरह से टूट गए। प्रार्थी के अनुसार, सबसे पहले 10 जुलाई 2025 को उनके बहनोई का निधन हुआ। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को उनके छोटे भाई की मृत्यु हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 20 अगस्त 2025 को उनकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। इन घटनाओं से परिवार पूरी तरह बिखर चुका था, लेकिन सबसे बड़ा झटका 19 अक्टूबर 2025 को लगा, जब उनके इकलौते बेटे की भी मृत्यु हो गई। वीरेन्द्र कुमार का कहना है कि बेटे की मौत के समय वे मानसिक रूप से इतने परेशान थे कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी दौरान थाने से आए एक व्यक्ति ने उनसे तहरीर

लिखवाई और उसे थाने में जमा करा दिया। लेकिन उस तहरीर की कोई प्रति उन्हें नहीं दी गई। जब कुछ समय बाद उन्होंने तहरीर की छाया प्रति लेने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। प्रार्थी ने 26 नवंबर 2025 को थाना जाकर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने 28 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री के माध्यम से थाना अध्यक्ष को पत्र भी भेजा, लेकिन उसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, 4 दिसंबर 2025 को दोबारा थाना जाने पर भी उन्हें तहरीर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब वे यह भी नहीं जान पा रहे हैं कि उनकी शिकायत किस न्यायालय में भेजी गई है, जिससे वे वहां जाकर उसकी प्रति प्राप्त कर सकें। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उन्हें यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि उनकी तहरीर किस कोर्ट में भेजी गई है, ताकि वे उसकी छाया प्रति प्राप्त कर सकें और आगे की कार्रवाई कर सकें। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक व्यक्ति अपने परिवार के चार सदस्यों को खोकर पहले ही गहरे सदमे में है, वहीं दूसरी ओर उसे न्यायिक प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी और दस्तावेज पाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित को कब तक राहत मिलती है।

बिजनौर में सनसनी: पत्नी विवाद के बीच युवक पर हमला, जान से मारने की धमकी से दहशत

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बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद अब हिंसक रूप लेता नजर आ रहा है। पीड़ित सहबीर उर्फ सत्यवीर, निवासी ग्राम शाहपुर मोड़ी, ने आरोप लगाया है कि पत्नी और बच्चों को वापस लाने की कोशिश के बीच उस पर हमला किया गया और उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

जानकारी के अनुसार, सहबीर की शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जनपद के ग्राम आदमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। इस दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। सहबीर का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी अपने मायके पक्ष के प्रभाव में आ गई और लगातार उस पर अलग रहने तथा अपनी जमीन बेचकर पैसा पत्नी के नाम करने का दबाव बनाया जाने लगा।

पीड़ित के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसकी पत्नी और बच्चों को बिना बताए अपने साथ ले गए। इसके बाद जब उसने 28 दिसंबर को फोन पर बात की, तो उसे गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई और साफ कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया तो उसकी पत्नी को कहीं और शादी करा दी जाएगी।

सहबीर ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 को थाना चांदपुर में शिकायत दी, लेकिन वहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी में प्रार्थना पत्र जमा होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामला तब और गंभीर हो गया जब 21 मार्च को सहबीर पर हमला करने की कोशिश की गई। पीड़ित के अनुसार, कवींदर नाम का व्यक्ति तीन अन्य लोगों के साथ उसके पीछे पड़ा और उसे डराने-धमकाने लगा। उसने बताया कि आरोपियों ने कहा कि जो करना है कर ले, वे अपना काम करके रहेंगे। इसी दौरान करीब शाम 3 बजकर 43 मिनट पर उसके साथ यह घटना हुई, जिससे वह बुरी तरह भयभीत हो गया है।

पीड़ित का कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा है और हमलावर कभी भी उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित उसके पास वापस भेजा जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस में ट्रक ने मारी टक्कर, 7 लोगों की दर्दनाक मौत

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असम के सोनितपुर में एक ट्रक और एम्बुलेंस की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई। ये हादसा नेशनल हाइवे 15 पर हुआ।सोनितपुर: इस वक्त की बड़ी खबर असम से सामने आ रही है। यहां सोनितपुर जिले में रविवार देर रात एक एम्बुलेंस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात जिले में नेशनल हाइवे 15 पर ट्यूलिप टी गार्डन से एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस की ट्रक से टक्कर हो गई। एम्बुलेंस में मरीज के साथ उसके परिजन भी मौजूद थे। अभी तक इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल मौके पर रेस्क्यू टीम ने यातायात को बहाल भी कर दिया है।

सोनितपुर के एसएसपी बरुन पुरकायस्थ ने बताया कि एंबुलेंस एक मरीज और उसके परिवार के सदस्यों को लेकर तेजपुर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान ढेकियाजुली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर यह हादसा हो गया। एसएसपी ने बताया, ”छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल थे। घायलो को तेजपुर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई है।’ एसएसपी ने बताया कि पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी दुर्घटनास्थल पर तत्काल पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि हादसे की वजह से बाधित राजमार्ग पर यातायात को बहाल कर दिया गया है।

इसी तरह के एक अन्य मामले में बाइक के पुल से नीचे गिर जाने से चार युवकों की मौत हो गई। ये हादसा मध्यप्रदेश के मंडला जिले का है। यहां शनिवार रात करीब 8 बजे बीजाडांडी थाना क्षेत्र के भैंसवाही गांव के पास ये हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक बाइक पर सवार होकर चार युवक पौड़ी गांव से भैसवाही गांव की ओर जा रहे थे। पुल से गुजरने के दौरान सड़क के गड्ढे के कारण मोटरसाइकिल नीचे गिर गई। इस हादसे में चारों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।

दहेज प्रताड़ना और दूसरी शादी की कोशिश का आरोप: सात साल से न्याय के लिए भटक रही महिला, ससुराल में रहने की लगाई गुहार

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक विवाहिता की पीड़ा सामने आई है, जहां सात साल पहले हुई शादी अब कानूनी विवाद और पारिवारिक तनाव में उलझ गई है। पीड़िता पलविंदर कौर ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और दूसरी शादी की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह सिर्फ अपने वैवाहिक घर में पति के साथ सम्मानपूर्वक रहना चाहती है, लेकिन उसे लगातार ससुराल से दूर रखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पलविंदर कौर मूल रूप से नानकमत्ता थाना क्षेत्र के ग्राम विधुईया की रहने वाली हैं, जबकि उनका ससुराल सितारगंज थाना क्षेत्र के शक्ति फार्म पिपलिया गांव में है। उनका विवाह 24 फरवरी 2017 को गुरनाम सिंह पुत्र स्वर्गीय दलीप सिंह के साथ सिख रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद दहेज को लेकर विवाद शुरू हो गया।

पीड़िता का आरोप है कि पति गुरनाम सिंह, सास हरबंस कौर, ससुर दलीप सिंह और ननद गीता कौर व संगीता कौर लगातार उसे दहेज के लिए ताना देते थे। ससुराल पक्ष का कहना था कि यदि कहीं और शादी होती तो अधिक दहेज मिलता। जब वह अपने गरीब माता-पिता से दहेज की मांग पूरी नहीं करा सकी तो उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई।

महिला के अनुसार एक दिन मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया और तब से वह अपने मायके में रहने को मजबूर है। इसके बाद उसने सुरक्षा और न्याय के लिए सितारगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और पीड़िता लगातार कोर्ट की तारीखों पर उपस्थित हो रही है।

पलविंदर कौर ने यह भी आरोप लगाया है कि अब उसके पति गुरनाम सिंह अपने रिश्तेदारों की मदद से दूसरी शादी करने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर उसने पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी है। महिला का कहना है कि कानूनन उसकी मौजूदगी में पति दूसरी शादी नहीं कर सकता, लेकिन इसके बावजूद ऐसी कोशिशें की जा रही हैं।

पीड़िता ने यह भी बताया कि पति फिलहाल अपने मामा शेर सिंह के घर रह रहा है और उससे कोई संपर्क नहीं रखता। उसका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद हो गई है। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान है।

महिला का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहती, बल्कि सिर्फ अपने ससुराल में पति के साथ रहकर सामान्य जीवन जीना चाहती है। उसने प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, दूसरी शादी की कोशिश को रोका जाए और उसकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।