इजरायल और ईरान के बीच जंग के दौरान तेल-अवीव के आसमान में रोचक युद्ध देखने को मिला है। इसमें कुछ ईरानी मिसाइलों को इजरायल के दर्जनों इंटरसेप्टर पीछा करते हैं। इसके बावजूद ईरानी मिसाइलें उन्हें चकमा देकर हमला कर देती हैं। तेल-अवीव के आसमान में इजरायली इंटरसेप्टर और ईरानी मिसाइलों के बीच महाभीषण युद्ध देखा गया। यह रोचक युद्ध लोगों और मीडिया के कैमरों में भी कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से दुनिया भर में वायरल हो रहा है। इस जंग ने रामायण और महाभारतकालीन युद्धों को दर्शाने वाले सीरियलों की याद दिला दी है। कई वीडियो में दिखाया गया है कि ईरानी मिसाइलों हर हाल में तेल-अवीव पर धमाका करने निकल पड़ी हैं, वहीं इजरायली इंटरसेप्टर उन्हें किसी भी कीमत पर रोकने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। इस दौरान कई ईरानी मिसाइलों तेल-अवीव के आसमान में इजरायली इंटरसेप्टर को चकमा देकर अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब होती दिख रही हैं। ईरान अपनी इन मिसाइलों पर गर्व कर रहा है और कह रहा है कि दुनिया ईरानी मिसाइलों की ताकत देख रही है।
दर्जनों इजरायली इंटरसेप्टर को क्रॉस कर गई ईरान की दो मिसाइलें
जिम्बाब्बे में ईरानी दूतावास ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा रहा है कि दर्जनों इजरायली इंटरसेप्टर ईरान की मिसाइलों का पीछा करते हैं और उन्हें मार गिराने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं, इसके बावजूद 2 ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्टर को चकमा देकर आगे निकल जाती हैं। इसके बाद तेल-अवीव में वह बड़ा धमाका करने में कामयाब हो जाती हैं। ईरानी दूतावास ने एक्स पर वीडियो शेयर करते लिखा,” एक ईरानी मिसाइल, बनाम दस इजरायली इंटरसेप्टर…लगभग 10 लाख डॉलर बनाम 100 करोड़ डॉलर…अंदाजा लगाइए कौन जीता?”
तेल-अवीव के आसमान में मिसाइलों और इंटरसेप्टरों के बीच एरियल बैटल देखिये
रूस की न्यूज एजेंसी आरटी डॉट कॉम ने भी तेल-अवीव में ईरानी मिसाइलों और इजरायली इंटरसेप्टर के बीच रोचक जंग का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें कई इंटरसेप्टर एक या दो ईरानी मिसाइलों का पीछा कर रहे हैं। इस दौरान भी ईरानी मिसाइल इजरायली इंटरसेप्टरों को चकमा देते हुए आगे बढ़ जाती है। आरटी डॉट कॉम ने वीडियो शेयर करते लिखा, “तेल अवीव के आसमान में मिसाइलों और इंटरसेप्टरों के बीच हवाई युद्ध देखें।”
तेल-अवीव के आसमानी जंग में आई रामायण और महाभारत सीरियल की याद
तेल-अवीव के आसमान में ईरानी मिसाइलों और इजरायली इंटरसेप्टरों के बीच हुई जंग ने रामायण और महाभारतकालीन युद्धों को दर्शाने वाले भारतीय सीरियलों श्रीकृष्णा और रामायण की याद दिला दी है, जिसमें देवताओं और राक्षसों के बीच होने वाली जंग का भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखाया गया है। रामायण और महाभारत की सीरियल में देवता और राक्षण एक दूसरे के अस्त्र-शस्त्र को हवा में इजरायल और ईरान के अंदाज में एक दूसरे को काटते और मात देते दिखाए गए हैं।




मंजू देवी के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपियों ने उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। उस दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और मारपीट के दौरान उनके हाथ को दांत से काट लिया गया, जिससे उनकी एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई। जब उनके पति अर्जुन महतो बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी आंखों में मसाला झोंक दिया, जिससे उन्हें भी काफी चोट आई। इस घटना के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जो अभी भी न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।
लिखवाई और उसे थाने में जमा करा दिया। लेकिन उस तहरीर की कोई प्रति उन्हें नहीं दी गई। जब कुछ समय बाद उन्होंने तहरीर की छाया प्रति लेने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। प्रार्थी ने 26 नवंबर 2025 को थाना जाकर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने 28 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री के माध्यम से थाना अध्यक्ष को पत्र भी भेजा, लेकिन उसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, 4 दिसंबर 2025 को दोबारा थाना जाने पर भी उन्हें तहरीर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब वे यह भी नहीं जान पा रहे हैं कि उनकी शिकायत किस न्यायालय में भेजी गई है, जिससे वे वहां जाकर उसकी प्रति प्राप्त कर सकें। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उन्हें यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि उनकी तहरीर किस कोर्ट में भेजी गई है, ताकि वे उसकी छाया प्रति प्राप्त कर सकें और आगे की कार्रवाई कर सकें। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक व्यक्ति अपने परिवार के चार सदस्यों को खोकर पहले ही गहरे सदमे में है, वहीं दूसरी ओर उसे न्यायिक प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी और दस्तावेज पाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित को कब तक राहत मिलती है।
सहबीर ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 को थाना चांदपुर में शिकायत दी, लेकिन वहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी में प्रार्थना पत्र जमा होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।