Tuesday, July 7, 2026
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अंबाला स्टेशन से लापता हुआ मजदूर प्रमोद, घर लौटने से पहले चोरी हुए पैसे; बहन की गुहार—किसी को मिले तो तुरंत सूचना दें

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कलकट रॉची झारखण्ड । अंबाला रेलवे

हरियाणा के अंबाला रेलवे स्टेशन से एक युवक के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवक का नाम प्रमोद महतो है, जिसकी उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से ग्राम करकट पोस्ट टांगर थाना बान्हो कलकट रॉची झारखण्ड 835214 के रहने वाले हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए हरियाणा और पंजाब क्षेत्र में मजदूरी का काम करते थे। परिजनों के अनुसार 9 मार्च को वह अपने घर बिहार लौटने के लिए निकले थे, लेकिन अंबाला स्टेशन पहुंचने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

लापता युवक की बहन कुंती ने बताया कि प्रमोद महतो पिछले करीब दो महीनों से पानीपत में काम कर रहे थे। काम खत्म होने के बाद उन्होंने घर लौटने का फैसला किया और अंबाला स्टेशन तक पहुंचे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके पैसे चोरी कर लिए गए। इसके बाद प्रमोद महतो ने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से सुबह करीब 10 बजे अपने परिवार से संपर्क किया और किराए के लिए ऑनलाइन एक हजार रुपये मंगवाए। परिवार ने तुरंत उन्हें पैसे भेज भी दिए, लेकिन इसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया।

परिजनों का कहना है कि प्रमोद महतो के पास अपना मोबाइल फोन नहीं था और वह अक्सर अपने मालिक या किसी परिचित के फोन से ही घरवालों से बात किया करते थे। पैसे भेजने के बाद से न तो उनका फोन आया और न ही किसी तरह की कोई सूचना मिली। परिवार ने अंबाला और आसपास के कई स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।

परिवार का कहना है कि प्रमोद महतो मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ हैं और उनके अचानक इस तरह लापता हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है। उनकी मां सुमित्रा का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता प्रभु भी बेहद चिंतित और परेशान हैं। घर में छोटे-छोटे बच्चे लगातार अपने पिता के बारे में पूछ रहे हैं, जिससे परिवार की पीड़ा और बढ़ गई है।

बहन कुंती ने मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी प्रमोद के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत संपर्क करें। उन्होंने कहा कि आपकी एक छोटी सी सूचना दो मासूम बच्चों को उनके पिता से मिला सकती है और एक परिवार को टूटने से बचा सकती है।

परिवार ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रमोद कहीं दिखाई दें या उनके बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत मोबाइल नंबर 8427965019 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें, ताकि जल्द से जल्द प्रमोद महतो को खोजा जा सके।

 

जमीन विवाद में भाईयों पर कब्जे की कोशिश, पीड़ित ने प्रशासन से लगाई गुहार

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हुसैनगंज क्षेत्र के बल्ली भाना गांव से जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने ही भाइयों पर जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है।
पीड़ित उमेश प्रसाद (50 वर्ष), पिता स्वर्गीय शिवनय प्रसाद, निवासी मौजा बल्ली थाना, अंचल हुसैनगंज, जिला सिवान , ने अंचल कार्यालय में शिकायत देते हुए बताया कि उनके पिता द्वारा उनकी जमीन उनके नाम पर विधिवत हस्तांतरित कर दी गई थी। इस संबंध में आवश्यक कागजात भी संबंधित कार्यालय में जमा कराए जा चुके हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उसके चार बड़े भाई उक्त जमीन पर कब्जा करने की नीयत से लगातार दबाव बना रहे हैं और विवाद खड़ा कर रहे हैं। उसने बताया कि जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज और गवाह उसके पक्ष में हैं, बावजूद इसके उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
उमेश प्रसाद ने प्रशासन से मांग की है कि उनके द्वारा जमा कराए गए कागजातों की निष्पक्ष जांच कर जमीन को आधिकारिक सर्वे में उनके नाम दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं, स्थानीय प्रशासन से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की गई है।

और उमेश पासवान ने बताया है कि हमारी अपील पटना हाई कोर्ट तक पहुंचाई जाए और हमें मदद दिलाई जाए उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मदद की अपील की है।

देवरिया में बेटे को घर से बेदखल करने का आरोप, पिता पर कब्जा, मारपीट और धमकी के गंभीर आरोप

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देवरिया जिले के बघौचघाट थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपने ही पिता पर जबरन घर पर कब्जा करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि कई बार पंचायत और थाने में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

मामला थाना बघौचघाट क्षेत्र के ग्राम दुलारपट्टी अमरपुर का है। गांव निवासी राहुल चौहान पुत्र भीम चौहान ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पिता भीम चौहान पिछले करीब 16 वर्षों से सिलिगुड़ी में रह रहे थे और लंबे समय से घर नहीं आते थे। इसी दौरान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और राहुल की माता का निधन हो गया।

राहुल का आरोप है कि कुछ समय बाद उनके पिता सिलिगुड़ी में दूसरी शादी कर वहां की पत्नी और बच्चों को लेकर गांव वापस आ गए। इसके बाद उन्होंने राहुल द्वारा बनवाए गए घर में जबरन कब्जा कर लिया और घर पर ताला जड़ दिया। पीड़ित का कहना है कि उन्हें उनके ही घर से बाहर निकाल दिया गया और अब वहां रहने नहीं दिया जा रहा है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिता और उनके साथ रह रहे लोग आए दिन शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशे की हालत में वे राहुल को गंदी-गंदी गालियां देते हैं और मारपीट करते हैं। इतना ही नहीं, उन्हें लगातार जान-माल की धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे वह और उनका परिवार दहशत में है।

राहुल चौहान ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पिता न केवल गांव की जमीन-जायदाद पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि सिलिगुड़ी में मौजूद संपत्ति में भी उन्हें उनका कानूनी हिस्सा नहीं दे रहे हैं। कई बार गांव में पंचायत बैठी, लेकिन हर बार मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ता गया। पीड़ित के अनुसार आरोपी किसी की बात मानने को तैयार नहीं हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित का कहना है कि 29 मार्च 2026 को थाना बघौचघाट में लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो विवाद किसी बड़े हादसे का रूप ले सकता है।

फिलहाल पीड़ित न्याय और अपने हक की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस गंभीर पारिवारिक विवाद और संपत्ति कब्जे के आरोपों पर कब तक कार्रवाई करती है।

अगर आप चाहें, मैं इसे और ज्यादा अखबार की हेडलाइन, सबहेडिंग और ब्रेकिंग न्यूज अंदाज में भी तैयार कर सकता हूं,

सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के ग्राम मैनाई से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है,

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जहां एक पारिवारिक विवाद अब गंभीर आपराधिक धमकियों, फर्जी दस्तावेजों और पुलिस पर लापरवाही के आरोपों तक पहुंच गया है। पीड़ित किसान अमोल सिंह पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव और भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि उनके ही बड़े भाई लक्ष्मण सिंह लगातार उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं, जबकि थाना स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अमोल सिंह के अनुसार उन्होंने वर्ष 2003 में अपनी निजी कमाई से एचएमटी 4922 ट्रैक्टर खरीदा था, जिसका पंजीयन आज भी उनके नाम पर आरटीओ कार्यालय में दर्ज है। परिवार के बड़े सदस्य होने के कारण उन्होंने अपने भाई लक्ष्मण सिंह को ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरणों के उपयोग की छूट दी थी। लेकिन यही भरोसा अब उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।

पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि उनके ट्रैक्टर का नामांतरण कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया जा रहा है। जब उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना रहली में की, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। अमोल सिंह का कहना है कि लक्ष्मण सिंह ने न केवल उनके साथ गाली गलौज की, बल्कि उनके पुत्र पूरन को भी जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही गांव की ही उमारानी के माध्यम से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

मामले में एक नया और गंभीर आरोप तब जुड़ गया जब अमोल सिंह ने कहा कि जय मुंशी नामक व्यक्ति पिछले तीन महीनों से लगातार मामले को टालते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सामने वाले पक्ष से पैसे लेकर इस पूरे प्रकरण को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है। अमोल सिंह का कहना है कि उन्हें आए दिन फोन पर धमकियां दी जाती हैं, गालियां दी जाती हैं और साफ शब्दों में कहा जाता है कि यदि केस वापस नहीं लिया गया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार धमकियों और पुलिस की निष्क्रियता के कारण घर में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक पारिवारिक विवाद का इस हद तक पहुंच जाना बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब पीड़ित पक्ष लगातार शिकायत कर रहा है अमोल लोधी का यह भी कहना है की जय मुंशी जी कोर्ट में मामले की जांच पेश नहीं कर रहे हैं जो इन्होंने झांसी की थी वहां पेश नहीं कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं फोन करके कि यहा केस वापस ले लो और उनको धमकी दे रहे हैं जान से मारने की

वीडियो कॉल पर धमकी और दूसरी शादी की बात: पति का आरोप—पत्नी समजना खातरी ने कहा ‘कोलकाता आओ, मरवा दूंगी’, मानसिक तनाव में जी रहा युवक

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उत्तराखंड निवासी नवीन सिंह ने अपनी पत्नी समजना खातरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह पिछले कुछ सप्ताह से लगातार धमकियां और मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। फिलहाल नवीन सिंह दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में रहकर काम कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि मूल रूप से उनका परिवार पश्चिम बंगाल के कोलकाता के कृष्णा नगर इलाके में रहता था, जहां वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जीवन बिता रहे थे।

नवीन सिंह के अनुसार उनकी शादी को करीब 13 साल हो चुके हैं और उनके दो बच्चे हैं। बड़े बेटे साजन की उम्र लगभग 8 वर्ष है, जबकि छोटे बेटे कारण की उम्र करीब 4 वर्ष बताई जा रही है। पीड़ित का कहना है कि पिछले तीन से चार सप्ताह से उनकी पत्नी समजना खातरी का व्यवहार अचानक बदल गया है और वह लगातार फोन तथा वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें धमकियां दे रही है। नवीन का आरोप है कि उनकी पत्नी इस समय कोलकाता के बालिसा इलाके में बच्चों के साथ रह रही है।

पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी अक्सर वीडियो कॉल पर गाली-गलौज करती है और उन्हें कोलकाता आने के लिए दबाव बनाती है। नवीन का कहना है कि पत्नी कई बार यह धमकी दे चुकी है कि यदि वह कोलकाता आए तो एक सप्ताह के अंदर उन्हें मरवा दिया जाएगा। इसी डर के कारण वह पिछले तीन दिनों से दिल्ली में रहकर काम कर रहे हैं और कोलकाता जाने से बच रहे हैं।

नवीन सिंह ने यह भी बताया कि जब वह अपने जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पैन कार्ड लेने के लिए कोलकाता पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी अब उस स्थान पर नहीं रहती जहां पहले रहती थी। बाद में उनके एक दोस्त ने जानकारी दी कि वह अब कृष्णा नगर में कहीं और रह रही है। इससे नवीन की चिंता और बढ़ गई है।

पीड़ित का आरोप है कि उनकी पत्नी ने वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति आकाश की तस्वीर भी भेजी और कहा कि वह उसी से शादी करने वाली है। नवीन के अनुसार पत्नी ने पैसे हाथ में लेकर फोटो भी भेजी और कहा कि उसके पास पैसे हैं और वह किसी से भी उन्हें मरवा सकती है। इन धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए हैं।

नवीन सिंह ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और वह पूरी तरह अकेले हैं। लगातार मिल रही धमकियों और अपमानजनक व्यवहार के कारण वह गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पत्नी और कथित रूप से जुड़े व्यक्ति आकाश ने मिलकर उनका जीवन पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और संबंधित लोगों को पकड़कर दिल्ली लाया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और वह बिना भय के अपना जीवन जी सकें।

 

दबंगों का कहर: जमीन कब्जाने की नीयत से महिला की झोपड़ी में लगाई आग, बच्चों संग पेड़ के नीचे रहने को मजबूर

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जौनपुर जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र (थाना चित्रांश) से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 30 वर्षीय सीता देवी अपने ही गांव में असुरक्षा और भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उनके पति सुनील कुमार पिछले करीब 26 वर्षों से सूरत में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, लेकिन घर और जमीन की सुरक्षा के लिए गांव में मौजूद नहीं हैं।

सीता देवी का आरोप है कि उनके ही पड़ोसी और पाटीदार—राजेंद्र चौहान, गोरेलाल चौहान, रणजीत चौहान, शिवलाल चौहान और संजय चौहान—उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और करीब 10 दिन पहले उनकी मड़ई (झोपड़ी) में आग लगा दी।

इस आगजनी में सीता देवी का पूरा आशियाना जलकर राख हो गया, जिससे वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ बेघर हो गई हैं। मजबूरी में अब वह पेड़ के नीचे अस्थायी झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रही हैं।

सीता देवी ने इस मामले की शिकायत थाना चित्रांश में दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है।

वहीं, सीता देवी के ससुर लाल जी का कहना है कि आरोपित लोग उन्हें मारते-पीटते हैं और गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार पिछले कई वर्षों से उत्पीड़न झेल रहा है और अब हालात बदतर हो चुके हैं।

यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि एक महिला अपने अधिकार और परिवार की सुरक्षा के लिए किस तरह संघर्ष कर रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

तेलंगाना में पंजाब के हार्वेस्टर चालक पर हमला: वेतन विवाद के बाद गाली-गलौज, घर ले जाकर बेरहमी से पीटा; एमजीएम अस्पताल में भर्ती

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हनमकोंडा। तेलंगाना के हनमकोंडा जिले में काम करने गए पंजाब के एक हार्वेस्टर चालक के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित जयसिंह उर्फ मनी, जो पंजाब के संगरूर जिले के नवांगांव के रहने वाले हैं, ने आरोप लगाया है कि वेतन को लेकर हुए विवाद के बाद मालिक राजू और उसके साथियों ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और फिर उन्हें घर ले जाकर बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल जयसिंह फिलहाल एमजीएम अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पीड़ित का कहना है कि अब तक इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिससे वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

पीड़ित जयसिंह उर्फ मनी ने बताया कि वह पेशे से हार्वेस्टर चालक हैं और अलग-अलग राज्यों में जाकर कृषि मशीन चलाने का काम करते हैं। उनके दोस्त असलम ने उन्हें बताया था कि हनमकोंडा क्षेत्र में राजू नाम का व्यक्ति हार्वेस्टर चलाने के लिए चालक की तलाश कर रहा है। असलम के कहने पर वह वहां पहुंचे, जहां उन्हें हर महीने 65 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया गया था।

जयसिंह के अनुसार, करीब एक महीने काम करने के बाद उन्हें केवल 30 हजार रुपये ही दिए गए, जबकि मालिक राजू का दावा था कि वह 50 हजार रुपये दे चुका है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पीड़ित का कहना है कि 27 मार्च की रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच जब उन्होंने कहा कि वह अब यहां काम नहीं करेंगे और वापस जाना चाहते हैं, तभी स्थिति अचानक बिगड़ गई।

जयसिंह का आरोप है कि पहले उन्हें एक ढाबे पर रोककर चाय पिलाई गई इसके बाद उन्हें हनमकोंडा के इनवोल थाना क्षेत्र स्थित श्री वेंकटेश्वरा नायरा पेट्रोल पंप के पास ले जाया गया, जहां राजू और उसके कुछ साथियों नेमिलकर जय सिंह उर्फ मनी के साथ मारपीट की। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अपने घर ले जाकर फिर से बेरहमी से पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया।

घटना के बाद जयसिंह को घायल अवस्था में छोड़ दिया गया। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल एमजीएम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पीड़ित ने बताया कि 28 मार्च 2026 को शाम करीब 4:00 से 5:00 विपक्षी लोग आए और इन्हें धमकी दी कि चुपचाप यहां से वापस पंजाब चले जाओ नहीं तो इससे भी ज्यादा बुरा हाल करेंगे

पीड़ित का कहना है कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी और केवल वेतन के पैसे मांगने पर ही उनके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की गई।

जयसिंह ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंप और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जाए, जिससे पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि अगर समय रहते जांच की जाए तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव है। फिलहाल पीड़ित न्याय की उम्मीद में प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।

 

2 किलोमीटर तक दौड़ाकर ट्रक ड्राइवर को पीटा, लाठी-डंडों और ईंटों से किया अधमरा—हाईवे पर दहशत

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शामली/सहारनपुर।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हाईवे पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बदमाशों ने एक ट्रक ड्राइवर को करीब 2 किलोमीटर तक दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से किए गए हमले में ड्राइवर अधमरा हो गया और सड़क किनारे गिर पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बदायूं निवासी 30 वर्षीय ट्रक ड्राइवर आशीष सोनीपत से देहरादून जा रहे थे। 27 मार्च की रात करीब 2 बजे जैसे ही उनका ट्रक यमुना पार कर शामली नगर पालिका क्षेत्र में पहुंचा, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले ट्रक के शीशे लाठी-डंडों से तोड़ दिए और फिर ड्राइवर को जबरन नीचे उतार लिया। इसके बाद शुरू हुआ खौफनाक हमला—आशीष जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया और दौड़ा-दौड़ाकर लाठी, डंडों और ईंटों से वार करते रहे।
हमले में आशीष के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जबकि उनका एक हाथ भी बुरी तरह टूट गया। वह अधमरी हालत में सड़क किनारे गिर पड़े। उस समय उनके साथ कोई हेल्पर भी मौजूद नहीं था, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई।
घायल ड्राइवर ने 112 और 100 नंबर पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में स्थानीय मदद से उन्हें एंबुलेंस द्वारा सहारनपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पीड़ित का कहना है कि यह हमला सुनियोजित था और हमलावर पिछले कई हफ्तों से इसी तरह ट्रक चालकों को निशाना बना रहे हैं। वे वर्दी में नहीं होते, लेकिन जबरन वसूली और मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इस पूरी वारदात का वीडियो भी मौजूद है।
घटना के बाद ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा। हाईवे पर बढ़ती इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।

 

नोएडा में मजदूर परिवार पर आधी रात हमला: महिलाओं से बदतमीजी का विरोध करने पर पिता-बेटे को पीटा, चौकी इंचार्ज पर भी धमकी देने का आरोप

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नोएडा (गौतम बुद्ध नगर)। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मजदूर कमल सिंह और उनके परिवार पर नोएडा में आधी रात को हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने पहले उनके साथ आई महिलाओं से बदतमीजी की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में कमल सिंह और उनके 7 वर्षीय बेटे दीपक गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, कमल सिंह पिछले करीब 5–6 महीनों से नोएडा के गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में मजदूरी कर रहे हैं। वह बेलदारी का काम करते हैं और उनके साथ संभल जिले से आए करीब छह अन्य मजदूर भी यहां रहकर काम कर रहे हैं। मजदूरों की महिलाएं आसपास की काजू-बादाम प्रोसेसिंग कंपनी में काम करती हैं, जबकि पुरुष निर्माण कार्य में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

पीड़ित कमल सिंह के मुताबिक, 27 मार्च की रात करीब 12 बजे अचानक 8-9 लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि ये लोग आसपास के ही रहने वाले थे और आते ही मजदूरों के साथ आई महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने लगे। जब महिलाओं और बच्चों ने विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी भड़क गए।

कमल सिंह का कहना है कि आरोपियों के पास लाठी-डंडे और लोहे की रॉड जैसे हथियार थे। उन्होंने अचानक हमला कर दिया और मजदूरों को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कमल सिंह के पैरों में गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। वहीं उनका 7 वर्षीय बेटा दीपक भी मारपीट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। अन्य मजदूरों को भी अंदरूनी चोटें आई बताई जा रही हैं।

पीड़ित का आरोप है कि हमलावर गांव के ही कुछ लोग हैं, जिन्हें वह ठीक से पहचानते नहीं हैं। घटना के बाद जब उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी में शिकायत करने की कोशिश की, तो वहां से भी उन्हें सहयोग मिलने के बजाय धमकियां मिलने लगीं। कमल सिंह का कहना है कि वह और उनके साथी कम पढ़े-लिखे हैं और मजदूरी कर किसी तरह परिवार चला रहे हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है।

घटना के बाद मजदूर परिवारों में दहशत का माहौल है। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।

 

18 साल का रिश्ता टूटा: पांच बच्चों के पिता ने दिल्ली में रचाई दूसरी शादी, पत्नी दर-दर भटकने को मजबूर

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अलीगढ़ (हरदुआगंज)।
जिले के हरदुआगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और परिवार को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर धोखे से दूसरी शादी करने और परिवार को छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला ताला नगरी इलाके से जुड़ा है, जहां आरोपी पति एक कंपनी में कार्यरत था।
पीड़िता तुलसी देवी के अनुसार, उनकी शादी करीब 18 वर्ष पहले विमल कुमार के साथ हुई थी। इस लंबे वैवाहिक जीवन में उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटी और एक बेटा शामिल हैं। इतने वर्षों तक साथ निभाने के बाद अचानक 23 मार्च 2026, सोमवार को दोपहर करीब 3:00 बजे उनके पति घर छोड़कर चले गए।
महिला का आरोप है कि विमल कुमार ने करीब एक साल पहले दिल्ली में रहने वाली एक महिला कुसुम से चोरी-छिपे दूसरी शादी कर ली थी। इस सच्चाई का खुलासा होते ही पीड़िता के पैरों तले जमीन खिसक गई। अब आरोप है कि वह पूरी तरह से अपने परिवार को छोड़कर दूसरी महिला के साथ दिल्ली में रह रहा है।
पीड़िता ने बताया कि उनके पति ताला नगरी की एक कंपनी में काम करते थे और परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन दूसरी शादी के बाद उन्होंने पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी उठाने से साफ इनकार कर दिया है।
वर्तमान में महिला अपने पांच बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है। आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव के बीच वह न्याय की आस लगाए बैठी है।
तुलसी देवी ने थाना हरदुआगंज में शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने पति से न्याय दिलाया जाए और उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर समाज में रिश्तों के टूटते विश्वास और पारिवारिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है, जहां एक महिला और उसके मासूम बच्चों को अचानक बेसहारा छोड़ दिया गया।