राजसमंद। जिले के ग्राम सिंहपुर पाडरी क्षेत्र से मारपीट और धमकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय अमोल आदिवासी ने गांव के ही कुछ लोगों पर रास्ते में रोककर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि घटना को तीन दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे वह और उनका परिवार भय और चिंता के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
पीड़ित अमोल पुत्र गनेश आदिवासी ने थाने में दी गई शिकायत में बताया कि 24 मार्च 2026 की शाम करीब 4 बजे वह अपने घर से गांव की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह शंकर मंदिर के सामने पहुंचे, वहां गांव के ही करन आदिवासी और पूजा आदिवासी मिल गए। अमोल का आरोप है कि दोनों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। जब उन्होंने गाली-गलौज करने से मना किया तो विवाद बढ़ गया।
अमोल आदिवासी के अनुसार इसी दौरान करन आदिवासी ने उन पर हमला कर दिया और लाठी से सिर पर वार किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। इसके बाद आरोप है कि करन ने एक और डंडा उनकी पीठ पर मारा, जबकि पूजा आदिवासी ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनके माथे पर भी खरोंच और चोट आ गई। पीड़ित का कहना है कि अचानक हुए इस हमले से वह जमीन पर गिर पड़े।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद राजभान अहिरवार ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का आरोप है कि जाते समय दोनों आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने थाने में रिपोर्ट की तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा। इसके बावजूद अमोल आदिवासी ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार उन्हें परेशान कर रहा है और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं, पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से उल्टा उन पर ही आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है।
अमोल आदिवासी ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उनके और उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।


पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अनुज उसे पहले अपने साथ अलग-अलग जगहों पर रखता था और शामली समेत कई स्थानों के होटलों में भी ठहराया। अंजली का कहना है कि उसने अनुज के भरोसे अपना घर-परिवार तक छोड़ दिया, लेकिन अब वही युवक उसे अपनाने से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं, जब उसने अनुज पर शादी का दबाव बनाया तो उसने उसका फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर तक ब्लॉक कर दिया।