Tuesday, July 7, 2026
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मजदूरी से लौट रहे युवक पर लाठी-डंडों से हमला, सिर फूटा; रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप

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राजसमंद। जिले के ग्राम सिंहपुर पाडरी क्षेत्र से मारपीट और धमकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय अमोल आदिवासी ने गांव के ही कुछ लोगों पर रास्ते में रोककर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि घटना को तीन दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे वह और उनका परिवार भय और चिंता के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

पीड़ित अमोल पुत्र गनेश आदिवासी ने थाने में दी गई शिकायत में बताया कि 24 मार्च 2026 की शाम करीब 4 बजे वह अपने घर से गांव की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह शंकर मंदिर के सामने पहुंचे, वहां गांव के ही करन आदिवासी और पूजा आदिवासी मिल गए। अमोल का आरोप है कि दोनों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। जब उन्होंने गाली-गलौज करने से मना किया तो विवाद बढ़ गया।

अमोल आदिवासी के अनुसार इसी दौरान करन आदिवासी ने उन पर हमला कर दिया और लाठी से सिर पर वार किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। इसके बाद आरोप है कि करन ने एक और डंडा उनकी पीठ पर मारा, जबकि पूजा आदिवासी ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनके माथे पर भी खरोंच और चोट आ गई। पीड़ित का कहना है कि अचानक हुए इस हमले से वह जमीन पर गिर पड़े।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद राजभान अहिरवार ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का आरोप है कि जाते समय दोनों आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने थाने में रिपोर्ट की तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा। इसके बावजूद अमोल आदिवासी ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार उन्हें परेशान कर रहा है और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं, पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से उल्टा उन पर ही आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है।

अमोल आदिवासी ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उनके और उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।

शादी का वादा कर दो साल तक संबंध बनाने का आरोप, युवती बोली– अब फोन ब्लॉक कर छोड़ा; न्याय के लिए पुलिस और प्रशासन से गुहार

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बागपत। जिले के रमाला थाना क्षेत्र किरठल से प्रेम संबंध, शादी के वादे और धोखे से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली अंजली ने गांव फुगाना निवासी अनुज पुत्र संजीव पर शादी का झांसा देकर दो साल तक संबंध बनाने और बाद में छोड़ देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि इस पूरे मामले में उसे न तो अपने घर में जगह मिल रही है और न ही आरोपी उसे अपनाने को तैयार है, जिससे वह बेहद परेशान और असहाय महसूस कर रही है।

अंजली के अनुसार करीब दो साल पहले उसकी पहचान अनुज से हुई थी और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। अंजली का आरोप है कि अनुज जो की फुगाना गांव का रहने वाला है अनुज ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर उसने उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि इस दौरान वह करीब डेढ़ महीने की गर्भवती भी हो गई थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण गर्भपात हो गया। अंजली का आरोप है कि जब भी वह अनुज से शादी की बात करती थी तो वह अलग-अलग बहाने बनाकर टाल देता था।

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अनुज उसे पहले अपने साथ अलग-अलग जगहों पर रखता था और शामली समेत कई स्थानों के होटलों में भी ठहराया। अंजली का कहना है कि उसने अनुज के भरोसे अपना घर-परिवार तक छोड़ दिया, लेकिन अब वही युवक उसे अपनाने से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं, जब उसने अनुज पर शादी का दबाव बनाया तो उसने उसका फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर तक ब्लॉक कर दिया।

अंजली ने यह भी बताया कि उसकी पहले कहीं और शादी हुई थी, लेकिन अनुज के कहने पर वह वहां से भी अलग हो गई थी। अब स्थिति यह है कि उसे न तो पहले वाले घर में रहने दिया जा रहा है और न ही अनुज उसे अपने साथ रखने को तैयार है। पीड़िता का आरोप है कि अनुज अब उसे पैसे लेकर मामला खत्म करने की बात कह रहा है, लेकिन वह केवल न्याय चाहती है और चाहती है कि उसे उसका अधिकार मिले।

पीड़िता ने इस संबंध में थाना रमाला और अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अंजली का कहना है कि वह प्रशासन से केवल इतना चाहती है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उसे न्याय दिलाया जाए, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।

अंजली ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाने में मदद की जाए। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते उसे न्याय नहीं मिला तो उसका जीवन पूरी तरह से बर्बाद हो सकता है।

उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है,

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उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें गिरवी रखे गए आभूषण वापस न मिलने, मारपीट, धमकी और पुलिस कर्मचारियों पर रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित जितेंद्र भाटी निवासी ग्राम कढ़ाई, तहसील बड़नगर ने बताया कि उन्होंने अपनी पारिवारिक जरूरत के चलते गांव के ही एक व्यक्ति संजय सोनी के पास अपने सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। इसमें मंगलसूत्र, चांदी के जेवर सहित अन्य सामान शामिल था। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने तय राशि के रूप में करीब 46 हजार रुपये संजय सोनी को चुका दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने उनके आभूषण वापस नहीं किए।

जब पीड़ित ने अपने आभूषण वापस मांगे तो आरोप है कि संजय सोनी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और मारपीट तक कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि वह जहां चाहे शिकायत कर ले, उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा और उसके रिश्तेदार उच्च पद पर हैं।

मामले को लेकर पीड़ित ने इंगोरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन यहां भी उसे राहत नहीं मिली। पीड़ित का आरोप है कि थाने में पदस्थ एक कर्मचारी मुकेश मीणा ने उससे 25 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर ले लिए और आश्वासन दिया कि सात दिन में उसका पैसा और आभूषण वापस दिलवा दिए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि काम होने पर पांच हजार रुपये और देने होंगे।

पीड़ित का कहना है कि पैसे लेने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। और मुकेश मीणा जितेंद्र जी को फोन करके डरा धमका रहे हैं गाली गलौज कर रहे हैं की यह केस वापस ले लो नहीं तो तुम्हें जान से मार दिया जाएगा (मुकेश मीणा6264296275 मुकेश मीणा इंगोरिया थाना )जी ने कहा कि 60 ले लो और कैसे रफा दफा करो
जितेंद्र जी को फोन करके कह रहे हैं कि यहा केस को तुम वापस ले लो नहीं तो आपको झूठे केस में मैं फंसा दूंगा यहां बोलकर धमकी दी जा रही है जाएगा इसके बाद उसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से भी उसे न्याय नहीं मिला। उल्टा, आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे फोन कर धमकाया कि बार-बार शिकायत करने पर उसके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाएगी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हेल्पलाइन के नाम पर उसे बहलाकर उससे ओटीपी लिया गया और उसकी शिकायत को बिना समाधान के बंद कर दिया गया। लगातार हो रही अनदेखी और दबाव के चलते अब पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला न केवल एक व्यक्ति के साथ हुए कथित अन्याय को दर्शाता है, बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेकर पीड़ित को न्याय दिलाता है।

‘क्या हुआ तेरा वादा’ का हैंडसम हंक, हिट होने के बाद हुआ गायब, अब इतना बदल गया रंग-रूप

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70 के दशक में अपने लुक और एक्टिंग को लेकर चर्चा में रहा ये एक्टर एक रॉकस्टार था, जिनका आमिर खान से खास रिश्ता है। उन्होंने बहुत ही कम समय में शोहरत हासिल कर ली थी और देखते ही देखते मशहूर हो गए।हिंदी सिनेमा के कई सितारे अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनने में सफल रहे हैं, लेकिन उनमें से कुछ शोहरत हासिल करने के बाद गायब हो गए। हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं, वह फिल्मी परिवार से थे। हालांकि, इस ग्लैमर की दुनिया में उन्होंने अपनी पहचान खुद के दम पर बनाई है, जो इस बात का उदाहरण है कि अपनी कला को साबित करने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होती। नेपोटिज्म को लेकर कई बार विवाद देखने को मिला है, लेकिन कुछ स्टार किड्स अपने हुनर के दम पर ही नाम और शोहरत हासिल करते हैं। हालांकि, नेपोटिज्म का चलन कोई नया नहीं है। 1970 और 1980 के दशक में भी अभिनेता और फिल्म निर्माता अक्सर अपने बच्चों को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के लिए प्रोत्साहित करते थे, लेकिन नेपोटिज्म तभी काम करता है जब आपके पास प्रतिभा हो और दर्शकों को आपका काम पसंद आए70 के दशक का रॉकस्टार कौन था?
आज हम आपको एक ऐसे ही बेहतरीन अभिनेता के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बॉलीवुड के मशहूर परिवार से हैं। हालांकि, उन्होंने अपने काम के दम पर सफलता हासिल की थी, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। हम बात कर रहे हैं, सुपरस्टार आमिर खान के कजिन भाई तारिक अली खान की, जिन्हें कभी 1970 के दशक का रॉकस्टार माना जाता था। उन्होंने अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना और धर्मेंद्र जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया था। उस समय, जहां इन अभिनेताओं की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट हो रही थीं, वहीं तारिक ने भी दर्शकों का दिल जीता और मेकर्स के भी पसंदीदा बन गए।

70 के दशक का रॉकस्टार था ये एक्टर
तारिक अली खान 1970 के दशक में ‘यादों की बारात’ और ‘हम किसी से कम नहीं’ जैसी फिल्मों से मशहूर हुए, जिससे उन्हें सुपरस्टार का दर्जा मिला। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों फिल्मों का निर्देशन उनके अंकल नासिर हुसैन ने किया था। अभिनय के अलावा, वह ऋषि कपूर की फिल्म ‘हम किसी से कम नहीं’ के मशहूर गाने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ में भी नजर आए थे। अपनी जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से तारिक खान को अक्सर याद किया जाता है। कई लोकप्रिय गानों में नजर आने के बाद उन्हें ‘रॉकस्टार’ का टैग मिला और अपने दौर के सबसे दमदार एक्टर में से एक थे।तारिक अली खान और आमिर खान का रिश्ता
तारिक अली खान और आमिर खान चचेरे भाई हैं, क्योंकि तारिक के पिता ने नासिर हुसैन की बहन से शादी की थी। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में तारिक ने बताया कि वह कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन परिवार के दबाव की वजह से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

तारिक अब क्या करते हैं?
विक्की लालवानी संग तारिक अली खान का हालिया इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी लाइफ को लेकर खुलकर बात की। उनका लुक देख फैंस हैरान है। तारिक खान अब करीब 74 साल के हो चुके हैं। उन्हें आखिरी बार 1995 की फिल्म ‘मेरा दामाद’ में एक एक्टर के तौर पर देखा गया था, जिसके बाद वो लाइमलाइट से दूर हो गए थे। वह अब मुंबई की एक शिपमेंट कंपनी में काम करते हैं।

विराट कोहली के पास एशिया का नंबर-1 बल्लेबाज बनने का मौका, 29 रन बनाते ही टूटेगा पाकिस्तानी प्लेयर का रिकॉर्ड

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टी20 फॉर्मेट में विराट कोहली ने अभी तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस फॉर्मेट में विराट ने अभी तक 414 मैच खेले हैं इस दौरान वह 41.92 की औसत और 134.67 के स्ट्राइक रेट के साथ 13543 रन बनाने में कामयाब रहे हैं।रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली आईपीएल 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगे। ये मुकाबला RCB के होमग्राउंड एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच के दौरान सभी की नजरें एक बार फिर विराट कोहली पर रहने वाली है क्योंकि वह लंबे समय के बाद मैदान पर नजर आएंगे। इस मैच में विराट के पास टी20 फॉर्मेट में एशिया का नंबर 1 बल्लेबाज बनने का मौका होगा। वह शोएब मलिक के बड़े रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं।

टी20 फॉर्मेट में कैसे हैं विराट कोहली के आंकड़े?
टी20 फॉर्मेट में विराट कोहली के आंकड़ों को लेकर बात करें तो, उन्होंने इस फॉर्मेट में अभी तक सिर्फ 414 मैच खेले हैं इस दौरान उन्होंने 41.92 की औसत और 134.67 के स्ट्राइक रेट के साथ 13543 रन बनाए हैं। कोहली के नाम टी20 में 105 अर्धशतक और 9 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है। उन्हें शोएब मलिक का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 29 रन की जरूरत है। टी20 फॉर्मेट में एशिया के बल्लेबाज के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड शोएब मलिक के नाम है।

शोएब मलिक ने टी20 फॉर्मेट में कितने रन बनाए हैं?
शोएब मलिक ने अपने T20 करियर में कुल 557 मैच खेले थे इस दौरान उन्होंने 35.99 की औसत और 127.24 के स्ट्राइक रेट के साथ 13571 रन बनाए हैं। मलिक के नाम इस फॉर्मेट में 83 अर्धशतक दर्ज हैं। अब देखने ये दिलचस्प होगा कि विराट कोहली सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर पाते हैं या नहीं। बता दें कि विराट इस वक्त काफी अच्छे फॉर्म में हैं।

गेल के नाम है टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड
टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम है। गेल ने अपने टी20 करियर में 463 मैच खेलने में कामयाब रहे थे। इस दौरान उन्होंने 14562 रन बनाए हैं। उन्होंने इस फॉर्मेट में कुल 22 शतक लगाए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। विराट कोहली फिलहाल टी20 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में 7वें पायदान पर हैं। अगर विराट कोहली को इस फॉर्मेट में क्रिस गेल को पीछे छोड़ना है तो इसके लिए उन्हें 1020 रन बनाने होंगे।

6 महीने बाद नेपाल के PMO का पहला पोस्ट, पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए भारत के साथ संबंधो के लेकर लिखी गंभीर बात

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नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय ने 6 महीने बाद अपनी पहली पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लिए कही है। नेपाल के पीएमओ ने भारत के साथ संबंधों को लेकर उत्सुकता जाहिर की है।काठमांडूः नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अक्तूबर 2025 के बाद अपना पहला पोस्ट किया है। इस पहले पोस्ट में नेपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। साथ ही भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की उत्सुकता जाहिर की है। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपके स्नेही शब्दों और हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारे दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने और अपने लोगों की समृद्धि के लिए आपके साथ निकटता से काम करने के लिए उत्सुक हूं।”पीएम मोदी ने नेपाल के नए प्रधानंत्री बालेंद्र शाह को दी थी जीत की बधाई
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह को जीत की बधाई दी थी और भारत-नेपाल के संबंधों को मजबूत करने व सहयोग को बढ़ाने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा था, “नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर श्री बालेंद्र शाह जी को हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल के लोगों द्वारा आपके नेतृत्व में रखे गए विश्वास को दर्शाती है। मैं भारत-नेपाल के मित्रता और सहयोग को और नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आपके साथ निकटता से काम करने के लिए उत्सुक हूँ, ताकि हमारे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिल सके।”

तामुलपुर की हॉट सीट पर दिग्गजों की जंग, किसकी होगी जीत?

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असम की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक तामुलपुर विधानसभा क्षेत्र है। यहां मुख्य मुकाबला बिस्वजीत दैमारी और प्रमोद बोरो के बीच माना जा रहा है।असम के सभी 126 विधानसभा सीटों में से एक तामुलपुर सीट है, जो वर्तमान में राज्य की सबसे चर्चित हॉट सीट है, जिसकी मुख्य वजह यहां होने वाला दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन है। बोडोलैंड क्षेत्रीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। तामुलपुर सीट पर अब तक कुल 11 बार चुनाव हुए हैं, जिसमें 2021 का एक उपचुनाव भी शामिल है।

तीन चेहरों के बीच मुख्य मुकाबला?
इस बार इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के दिग्गज नेता और असम विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, UPPL के अध्यक्ष व बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो और कांग्रेस समर्थित विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार राफेल दैमारी के बीच है। तामुलपुर के ‘हॉट सीट’ बनने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां NDA गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी दल- बीजेपी और यूपीपीएल एक-दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबले के नाम पर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बिस्वजीत दैमारी अपनी पारंपरिक सीट पनेरी को छोड़कर यहां अपनी पकड़ बनाने उतरे हैं, तो दूसरी ओर प्रमोद बोरो के लिए यह चुनाव बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के अपने नेतृत्व पर जनता की मुहर लगवाने जैसा है।

वहीं, इस मुकाबले में राफेल दैमारी (कांग्रेस) एक ‘डार्क हॉर्स’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं, क्योंकि बीजेपी और यूपीपीएल के बीच होने वाले बोडो वोटों के ध्रुवीकरण और आपसी टकराव का सीधा लाभ कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है। जहां बिस्वजीत और प्रमोद बोरो के बीच सत्ता और क्षेत्रीय वर्चस्व की जंग है, तो वहीं राफेल दैमारी उन मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं जो वर्तमान सत्ता समीकरणों से असंतुष्ट हैं।

तामुलपुर सीट का चुनावी समीकरण
1978 में स्थापित तामुलपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय नेताओं ने सबसे ज्यादा 5 बार जीत हासिल की है, जबकि पारंपरिक बोडो प्रतिद्वंद्वी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने 2-2 बार जीत दर्ज की है। इस सीट पर राष्ट्रीय पार्टियों को सिर्फ दो बार जीत मिली है। 1978 में जनता पार्टी और 1983 में कांग्रेस, ये दोनों जीतें पदम बहादुर चौहान ने दर्ज की थी।

2021 का वर्ष तामुलपुर के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब UPPL (यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल) ने BPF के किले को ढहाते हुए लेहो राम बोरो के माध्यम से जीत दर्ज की। लेहो राम बोरो के असामयिक निधन के बाद हुए उपचुनाव में जोलन दैमारी ने 57,000 से अधिक मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल कर UPPL की पकड़ को और मजबूत कर दिया।

2023 के परिसीमन के बाद इस सीट को आधिकारिक तौर पर अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित कर दिया गया, जिससे यहां के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। 2026 के वर्तमान चुनावों में यह सीट अपने इतिहास के सबसे हाई-प्रोफाइल दौर में है, क्योंकि यहां पहली बार विधानसभा अध्यक्ष (बिस्वजीत दैमारी) और बीटीसी प्रमुख (प्रमोद बोरो) जैसे दिग्गज एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

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उत्तर भारत में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश की चपेट में दिल्ली-UP-बिहार समेत कई राज्य; IMD अलर्ट जारी

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दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य कई राज्यों में आज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। दिल्ली और नोएडा में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। देशभर के मौसम में एक बार फिर से बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य कई राज्यों में आज यानी शनिवार और रविवार को आंधी और बारिश की संभावना है।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके में आज मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD ने दिल्ली और नोएडा में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 मार्च तक दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश
उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ने वाला है। IMD ने आज यूपी के करीब 38 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। 30 मार्च तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी के साथ तेज बारिश हो सकती है।

बिहार में मौसम का हाल
बिहार में भी मौसम खराब होने वाला है। आज बिहार के 8 जिलों में आंधी और बारिश का अनुमान है। इनमें किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया शामिल हैं।

पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। उत्तराखंड के 7 जिलों- नैनीताल, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी और चमोली में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। IMD ने 30 मार्च तक हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद, 31 मार्च को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

झारखंड में भी बारिश का अलर्ट
वहीं, झारखंड के अधिकतर हिस्सों में अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। IMD ने आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिलों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में शनिवार को तेज हवा, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

हाईवे बना, पानी गया: कन्नौज की संध्या एक साल से बूंद-बूंद को तरसी, शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

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कन्नौज। विकास की रफ्तार जहां एक ओर गांवों को शहरों से जोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी ग्रामीणों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सराय दौलत गांव का सामने आया है, जहां संध्या नाम की महिला पिछले करीब एक वर्ष से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। हाईवे निर्माण के बाद गांव का भूगोल तो बदला, लेकिन पानी की उपलब्धता एक तरफ सिमटकर रह गई, जिससे दूसरी ओर रहने वाले परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है।

संध्या, जिनकी उम्र लगभग 35 वर्ष है और जो अपने पति मुकेश के साथ सराय दौलत में रहती हैं, बताती हैं कि पहले गांव में लगे सरकारी नल से पानी की समस्या नहीं थी। लेकिन हाईवे बनने के बाद नल खराब हो गए और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। स्थिति यह है कि अब उन्हें दूर स्थित एकमात्र सरकारी नल से पानी भरने जाना पड़ता है। कई बार मजबूरी में आसपास के ट्यूबवेल से पानी लेना पड़ता है, वह भी तब जब कोई उपलब्ध हो।

गांव में एक सरकारी टोटी भी लगाई गई थी, जो लंबे समय से बंद पड़ी है। संध्या का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांव के प्रधान राजवीर से भी उन्होंने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि हाईवे बनने के बाद गांव के एक हिस्से में पानी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि दूसरी तरफ रहने वाले लोग पूरी तरह उपेक्षित हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि विकास कार्यों में संतुलन और योजना की भारी कमी रही है। संध्या और उनके जैसे कई परिवार रोजमर्रा की जरूरत के लिए पानी जुटाने में ही अपनी ऊर्जा और समय खर्च कर रहे हैं।

यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ेगा। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है।

फर्जी पट्टे से जमीन कब्जाने का आरोप: 100 साल पुराने पुश्तैनी प्लॉट पर निर्माण को लेकर विवाद, पीड़ित ने एसपी और कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

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झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले के असनावर क्षेत्र में जमीन के एक पुराने प्लॉट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित चेतन प्रकाश यादव ने आरोप लगाया है कि उसके पुश्तैनी प्लॉट पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार चेतन प्रकाश यादव, पिता कस्तूर चंद यादव, निवासी असनावर तहसील असनावर, जिला झालावाड़ के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार के पास करीब 100 वर्षों से एक पुश्तैनी प्लॉट है, जो लंबे समय से उनके कब्जे में रहा है। पीड़ित के अनुसार वर्ष 1984 से यह जमीन उनके परिवार के अधिकार क्षेत्र में रही है। लेकिन बाद में इसी जमीन से संबंधित 24×30 फीट की एक रजिस्ट्री दिनांक 5 जनवरी 1991 को की गई, जिसे वे फर्जी बता रहे हैं।

चेतन प्रकाश का आरोप है कि सतीश कुमार गुप्ता, पिता प्रेम बिहारी गुप्ता, निवासी बस स्टैंड के पास गंगा टेंट हाउस के नजदीक, झालावाड़ ने इस जमीन पर फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। उनका कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत असनावर से प्राप्त जानकारी में यह सामने आया कि सतीश कुमार गुप्ता के नाम पर किसी प्रकार का वैध पट्टा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत असनावर के तत्कालीन सरपंच कृष्ण मोहन शर्मा द्वारा भी कथित रूप से इस मामले में गलत तरीके से पट्टा अलॉट किए जाने की भूमिका सामने आई है। जब पीड़ित ने असनावर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की, तो पुलिस ने आरोपी पक्ष को थाने में बुलाया जरूर, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

चेतन प्रकाश का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, लेकिन हर बार पुलिस केवल उनके ही दस्तावेजों की जांच करती रही, जबकि आरोपियों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। इससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है और वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।

पीड़ित ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने 21 जून 2025 और फिर 10 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी परिवाद प्रस्तुत किया था, लेकिन अभी तक न तो उचित जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को उन्होंने फिर से जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

उधर ग्राम पंचायत की ओर से भी एक नोटिस जारी कर संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य को तब तक रोकने के निर्देश दिए गए थे, जब तक पंचायत से इसकी स्वीकृति नहीं मिल जाती। इसके बावजूद निर्माण कार्य को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। अब पीड़ित को उम्मीद है कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।