Tuesday, July 7, 2026
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 आधार लिंकिंग के नाम पर बड़ा खेल: रोजगार सहायक जमीर खान पर मजदूरी और आवास राशि हड़पने का आरोप

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शहडोल। जिले के जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत धुम्माडोल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी महिला ने रोजगार सहायक जमीर खान पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। पीड़िता गुड्डी बाई सिंह पाव ने कलेक्टर को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उसके मनरेगा जॉब कार्ड में किसी अन्य व्यक्ति का आधार नंबर जोड़कर उसकी मेहनत की मजदूरी राशि निकाल ली गई। साथ ही, उसके पति के प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि भी कथित रूप से हड़प ली गई।

पीड़िता के अनुसार, वह मनरेगा के तहत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसकी मजदूरी की राशि बैंक खाते में जमा होती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से उसे भुगतान नहीं मिल रहा था। जब उसने बैंक जाकर अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ—खाते से लगातार पैसे निकाले जा रहे थे, जबकि उसने कोई निकासी नहीं की थी। जांच में सामने आया कि किसी अन्य व्यक्ति के आधार नंबर के माध्यम से यह रकम आहरित की जा रही है।

महिला का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक जमीर खान ने जानबूझकर उसके जॉब कार्ड में दूसरे व्यक्ति का आधार लिंक कर दिया। जब उसने इस गड़बड़ी की शिकायत की, तो उसे कथित रूप से धमकाया गया और कहा गया कि जहां शिकायत करनी है कर लो, कुछ नहीं होगा। इस कथित लापरवाही और मिलीभगत के चलते उसकी पूरी मजदूरी राशि गायब हो गई।

मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़िता ने खुलासा किया कि उसके पति मंगल सिंह के नाम से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी राशि भी गलत तरीके से उसके खाते में डलवाई गई और फिर उसी फर्जी आधार लिंकिंग के जरिए निकाल ली गई। इससे आवास निर्माण कार्य रुक गया है और परिवार आर्थिक संकट में घिर गया है।

पीड़िता गुड्डी बाई सिंह पाव ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी रोजगार सहायक जमीर खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उसके खाते से निकाली गई पूरी राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। उसने यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

जनसुनवाई में उठे इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल भ्रष्टाचार का बड़ा मामला होगा बल्कि गरीब और अशिक्षित लोगों के अधिकारों का खुला हनन भी माना जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब देखना होगा कि पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है।

 

बहराइच जिले में एक गरीब परिवार के घर में देर रात आग लगाए जाने की घटना से इलाके में दहशत फैल गई है

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पीड़िता शांति देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया, जिससे उनका सब कुछ जलकर राख हो गया और परिवार अब खौफ के साये में जीने को मजबूर है।

घटना थाना सुजौली क्षेत्र के ग्राम रामपुरवा कुटिया की है, जहां 27 मार्च 2026 की रात करीब साढ़े तीन बजे शांति देवी अपने परिवार के साथ घर पर सो रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके खेत में बने बंगले में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और उसमें रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। पीड़िता के अनुसार इस आगजनी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

शांति देवी ने अपने पड़ोसी मनोज और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों के साथ पहले से विवाद चल रहा था और उसी रंजिश के चलते उन्होंने यह साजिश रची। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी लगातार उनके परिवार को धमका रहे हैं और खुलेआम कह रहे हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और पुलिस भी उनके प्रभाव में है।

पीड़िता के परिवार ने जब इस मामले की शिकायत लेकर थाने का रुख किया तो वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी। शांति देवी का आरोप है कि पुलिस ने उनके भतीजे की बात सुनने के बजाय उल्टा उसी पर शक जताया और उचित कार्रवाई नहीं की। इस रवैये से पीड़ित परिवार और अधिक डर गया है।

घटना के बाद से शांति देवी और उनका परिवार गहरे सदमे में है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि उन्हें कभी भी किसी अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

यह मामला न केवल आगजनी बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा हर जगह आवेदन दिए जा रहे हैं पर प्रशासन सुन नहीं रहा है और इस पर कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है और उल्टा जान से मारने की धमकी दी जा रही है और उनको यहा इस केस से पीछे हटने के लिए कहा जा रहा है

पैतृक जमीन को लेकर सगे भाइयों में समझौता, लेकिन बहन ने लगाया मारपीट और बेदखली का आरोप, मामला गरमाया

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खलवापुर (औलाई)
जनपद के खलवापुर क्षेत्र में पैतृक संपत्ति को लेकर एक ही परिवार के भीतर गंभीर विवाद सामने आया है। जहां एक ओर दो सगे भाइयों के बीच जमीन को लेकर आपसी सहमति से समझौता हुआ, वहीं दूसरी ओर परिवार की बहन ने अपने ही भाइयों पर मारपीट, प्रताड़ना और घर से बेदखल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम पक्ष रमेश कश्यप और द्वितीय पक्ष चन्द्रशेखर व राजेश के बीच दिनांक 3 मार्च 2025 को एक लिखित समझौता हुआ था। इस समझौते में यह स्पष्ट किया गया कि पैतृक जमीन पर रमेश अपना मकान स्वतंत्र रूप से बनवा सकते हैं और इस पर अन्य भाइयों को कोई आपत्ति नहीं होगी। साथ ही यह भी तय हुआ कि भविष्य में रमेश के खान-पान या जीवनयापन की जिम्मेदारी द्वितीय पक्ष की नहीं रहेगी और सभी अपने-अपने जीवनयापन के लिए स्वतंत्र होंगे।

हालांकि इस समझौते के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। परिवार की बहन वंदना देवी ने आरोप लगाया है कि उनके दोनों भाई उन्हें घर में रहने नहीं दे रहे हैं और झूठे आरोप लगाकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वंदना का कहना है कि जब उन्होंने अपने अधिकार की बात उठाई तो उनके साथ मारपीट की गई, उनका मोबाइल छीन लिया गया और उन्हें कई बार पुलिस चौकी तक घसीटा गया।

वंदना ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में एक बार समझौता कराया गया था, लेकिन उसके बाद भी उत्पीड़न जारी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर संपत्ति दी गई थी, लेकिन अब उन्हें कहीं भी रहने नहीं दिया जा रहा। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती है।

घटना में पड़ोसियों के शामिल होने के भी आरोप लगाए गए हैं। वंदना का कहना है कि उनके साथ बच्चों और अन्य महिलाओं के सामने भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे वह भयभीत हैं और न्याय की मांग कर रही हैं।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़िता ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं किया गया तो यह पारिवारिक मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

 

50 महीने से न्याय की लड़ाई: माफिया पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे पिता का बेटा सड़क हादसे में मौत का शिकार, SIT जांच की मांग

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मथुरा। मथुरा में कथित माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे एक व्यक्ति का दर्दनाक मामला सामने आया है। ग्राम नौगांव थाना छाता निवासी ठाकुर भगवान सिंह पिछले करीब 50 महीनों से कथित आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जिले के दो कथित हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने के बावजूद प्रभावशाली संरक्षण के कारण उनके खिलाफ गैंगस्टर और रासुका जैसी सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

भगवान सिंह का कहना है कि उन्होंने 28 दिसंबर 2022 से मथुरा कचहरी परिसर में एसएसपी आवास के पास वट वृक्ष के नीचे परिवार सहित अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया था। उनका आरोप है कि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कथित रूप से गुंडा टैक्स और अवैध वसूली का नेटवर्क चलाया जा रहा है, जिसमें कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी शामिल है। इस संबंध में उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर उच्च पुलिस अधिकारियों तक शिकायतें दीं और जांच भी कराई गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

भगवान सिंह का दावा है कि एसपी, डीआईजी और अन्य अधिकारियों द्वारा की गई जांच रिपोर्टों में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई थी, लेकिन इन रिपोर्टों का अनुपालन अब तक नहीं कराया गया। उनका कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दो दर्जन के आसपास आपराधिक मामले दर्ज हैं, फिर भी पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इस संघर्ष के बीच 1 जनवरी 2026 को भगवान सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद उन्हें मजबूरी में अपना सत्याग्रह स्थगित करना पड़ा। भगवान सिंह का आरोप है कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है, इसलिए पूरे मामले की विशेष जांच टीम (SIT) से जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो बेटे की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सकती है।

भगवान सिंह ने आरोप लगाया कि वे कई बार पुलिस महानिदेशक कार्यालय तक पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया गया। उनका कहना है कि वे जनहित में छह सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे 1 मई 2026 से फिर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करेंगे। इसके लिए मथुरा, आगरा, लखनऊ या नई दिल्ली के जंतर-मंतर में से किसी एक स्थान पर धरने की योजना बनाई जा रही है।

प्रार्थी ने अपनी मांगों में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई, उच्च स्तरीय जांच रिपोर्टों का पालन और किसी माननीय न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वे दोबारा परिवार सहित धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।

इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रमुख गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडीजी आगरा जोन, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा सहित कई उच्च अधिकारियों को भी शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूरे मामले ने जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कथित आपराधिक संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

डमरू चौक पर राजस्थान से आए राजेंद्रराव बेच रहे सेंधा और काला नमक, स्वास्थ्य लाभ बताकर लोगों को कर रहे जागरूक

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भिंड। शहर के डमरू चौक स्थित महादेव मंदिर के पास इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। राजस्थान से आए राजेंद्रराव यहां सेंधा नमक और काला नमक बेच रहे हैं और लोगों को इसके उपयोग व स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मंदिर के आसपास से गुजरने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग उनके पास रुककर नमक के गुणों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

राजेंद्रराव, जिनका मोबाइल नंबर 9660703096 बताया गया है, राजस्थान के रहने वाले हैं और फिलहाल डमरू चौक में महादेव मंदिर के पास स्टार्ट क्लब रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप के आसपास अपना स्टॉल लगाकर नमक बेच रहे हैं। उनका कहना है कि शुद्ध सेंधा नमक और काला नमक दोनों ही पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं और कई लोग आज भी इनका उपयोग अपने दैनिक भोजन और घरेलू नुस्खों में करते हैं।

राजेंद्रराव के अनुसार सेंधा नमक का उपयोग खाने में रोटी, सब्जी, दाल और आटा बनाने में किया जाता है। इसके अलावा व्रत और उपवास के दौरान भी लोग सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि सेंधा नमक का सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह ब्लड प्रेशर, शुगर, पथरी और घुटनों के दर्द जैसी समस्याओं में भी मददगार माना जाता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में इसे पशुओं के लिए भी लाभदायक बताया जाता है।

सेंधा नमक के साथ-साथ राजेंद्रराव काला नमक भी बेच रहे हैं, जिसे स्वाद और पाचन के लिए उपयोगी माना जाता है। काला नमक का उपयोग दही, छाछ, सलाद, शिकंजी, फ्रूट जूस और पानीपुरी के मसाले में किया जाता है। इसके अलावा कई लोग इसे पाचन संबंधी समस्याओं में घरेलू नुस्खे के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। पारंपरिक तौर पर इसे गैस, कब्ज और पेट से जुड़ी दिक्कतों में राहत देने वाला माना जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के पास लगने वाले इस छोटे से स्टॉल पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। कई लोग राजेंद्रराव से नमक खरीदने के साथ-साथ इसके उपयोग और फायदे के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं। इस तरह एक छोटे से स्टॉल के माध्यम से वह लोगों को पारंपरिक नमक के महत्व के बारे में बता रहे हैं।

सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर प्रचार तेज, गद्दपुरी में आध्यात्मिक केंद्र बनाने की पहल

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पलवल/गद्दपुरी। हरियाणा के गद्दपुरी गांव में ‘सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर इन दिनों व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभिन्न माध्यमों से इस मंदिर को एक उभरते हुए आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां भविष्य में योग, ध्यान और आत्म-जागरण से जुड़े कार्यक्रम संचालित करने की योजना बताई जा रही है।
प्रचारित जानकारी के अनुसार, मंदिर की अवधारणा को सहस्रार चक्र, नवग्रह और 12 राशियों से जोड़कर विशेष आध्यात्मिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसे केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए एक समग्र साधना केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है।
मंदिर से जुड़े प्रचार में यह भी बताया जा रहा है कि यहां योग, प्राणायाम, ध्यान और आयुर्वेदिक जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। साधकों को शरीर के सात ऊर्जा चक्रों—मूलाधार से सहस्रार तक—को जागृत करने की पारंपरिक विधियां सिखाने की योजना का भी उल्लेख किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रचार सामग्री में मंदिर के संस्थापक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक सुरेश अग्रवाल की लंबी साधना यात्रा का भी जिक्र किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह पहल उनके वर्षों के अनुभव और आध्यात्मिक अभ्यास पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज में सत्य, सेवा और साधना के मूल्यों को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, मंदिर को भविष्य में एक बड़े आध्यात्मिक और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं भी सामने आ रही हैं। प्रचार के अनुसार, यहां साधना शिविर, ध्यान-योग कार्यक्रम, प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं और आयुर्वेदिक रिसर्च से जुड़े कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल यह पूरा अभियान मुख्य रूप से प्रचार-प्रसार के स्तर पर ही दिखाई दे रहा है और किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम या भव्य समारोह के आयोजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर भी इसे एक उभरती पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर आगे की स्थिति समय के साथ स्पष्ट होगी।
फिलहाल, ‘सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर गद्दपुरी क्षेत्र में चर्चा जरूर तेज हो गई है और लोग इस पहल को लेकर उत्सुकता से भविष्य की गतिविधियों का इंतजार कर रहे हैं।
स्थान: गद्दपुरी, जिला पलवल (हरियाणा)
संपर्क: +91 7292 000 366

गोवा के Baga Beach पर बड़ा हादसा, हवा में टूटी पैरासेलिंग की केबल, समुद्र में गिरा पर्यटक

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गोवा के बागा बीच पर पैरासेलिंग के दौरान हवा में उड़ रहे पर्यटक का केबल अचानक टूट गया और वह सीधे समुद्र में जा गिरा। इस घटना ने एक बार फिर गोवा में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।गोवा से एक बड़ी खबर सामने आई है। बागा बीच (Baga Beach) पर पैरासेलिंग के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जब हवा में उड़ रहे पर्यटक की केबल अचानक टूट गई और वह सीधे समुद्र में जा गिरा। घटना 30 मार्च के शाम की है।
बताया जा रहा है कि पर्यटक समुद्र के ऊपर पैरासेलिंग का आनंद ले रहा था, तभी अचानक पैराशूट को खींच रही केबल बीच हवा में ही टूट गई। इसके बाद पर्यटक समुद्र में जा गिरा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पर्यटक ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उसकी जान बच गई।

घटना के तुरंत बाद नाव में मौजूद स्टाफ और लाइफगार्ड्स ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।पर्यटक को पैसा लौटाने से इंकार
बताया जा रहा है कि इस जानलेवा घटना के बाद जब पर्यटक और उसके साथियों ने पैरासेलिंग एजेंसी के मालिक से पैसे वापस मांगे, तो स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि एजेंसी के मालिक ने न केवल पैसे लौटाने से इंकार कर दिया, बल्कि पर्यटकों के साथ आक्रामक व्यवहार भी किया।

सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर गोवा में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी और मानकों के पालन की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

इससे पहले, जनवरी 2025 में उत्तरी गोवा के केरी गांव में एक बड़ा हादसा हुआ था, जहां पैराग्लिडिंग के दौरान 27 वर्षीय महिला पर्यटक और उसके इंस्ट्रक्टर की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि संबंधित ऑपरेटर अवैध रूप से काम कर रहा था।

यूपीआई से एक लाख से अधिक की ठगी, खाते से बिना जानकारी उड़ाए पैसे, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

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बदायूं जिले के उरेना गांव से साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति के बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के एक लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत साइबर क्राइम सेल में करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार भगवान दास पुत्र नारायण दास निवासी ग्राम उरेना, जिला बदायूं के बैंक खाते से 29 जनवरी 2026 और 30 जनवरी 2026 के बीच कई बार में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए। यह सभी लेनदेन यूपीआई के माध्यम से किए गए, जबकि पीड़ित का कहना है कि उसने इनमें से कोई भी ट्रांजेक्शन स्वयं नहीं किया।

बैंक स्टेटमेंट के अनुसार कुल एक लाख चार हजार सात सौ दस रुपये सतहत्तर पैसे की राशि अलग अलग समय पर विभिन्न यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर की गई। लगातार हो रहे इन ट्रांजेक्शनों से पीड़ित को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

पीड़ित भगवान दास ने बताया कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपने खाते का स्टेटमेंट चेक किया। इसके बाद उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।

उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि यह पूरी घटना उनकी जानकारी और अनुमति के बिना हुई है, जिससे साफ तौर पर साइबर अपराध की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उनकी राशि वापस दिलाई जाए।

इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों से आम लोगों में भय का माहौल बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।

फिलहाल मामला साइबर क्राइम सेल के संज्ञान में है और जांच की प्रक्रिया जारी है। पीड़ित को उम्मीद है कि उसे जल्द ही न्याय मिलेगा और उसकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।

मैहर में दुकान की दीवार को लेकर खूनी विवाद, महिला को घर में घसीटकर पीटा; पीड़िता बोली—CCTV फुटेज होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

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मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक सनसनीखेज मारपीट का मामला सामने आया है। मुकंदपुर चौकी और ताला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में दुकान की दीवार को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़िता आकांक्षा शर्मा, पति संजीव शर्मा, ने आरोप लगाया है कि 16 मार्च 2026 को पड़ोस की कुछ महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर उनके घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं, वहीं बीच-बचाव करने आई उनकी सास भी हमले का शिकार हो गईं।

पीड़िता आकांक्षा शर्मा के अनुसार घटना उस समय हुई जब घर के सामने मौजूद रास्ते और दुकान की दीवार को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान पड़ोस की महिलाओं ने झगड़ा शुरू कर दिया। आकांक्षा का आरोप है कि बिंदी शर्मा, पति रामदर्शन शर्मा, रेखा शर्मा, पति प्रेमलाल शर्मा, और गणेश शर्मा की पत्नी ने मिलकर पहले उन्हें पकड़ लिया और फिर जबरन उनके ही घर के बाहर से घसीटते हुए अंदर ले गईं। इसके बाद तीनों महिलाओं ने मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई की।

पीड़िता का कहना है कि जब उनकी सास गिरिजा देवी शर्मा बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की। इसी दौरान रामदर्शन शर्मा का बेटा अय्यर शर्मा उर्फ छोटू भी वहां पहुंच गया और उसने भी घर में घुसकर आकांक्षा शर्मा के साथ मारपीट की। इस दौरान गाली-गलौज और धमकियों का दौर भी चलता रहा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

आकांक्षा शर्मा का आरोप है कि हमलावरों ने पहले महिलाओं के जरिए हमला करवाया और बाद में पुरुषों ने भी इसमें शामिल होकर मारपीट की। पीड़िता के मुताबिक इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, जिसमें हमलावरों की हरकतें साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

घटना के दौरान घायल होने के बाद पीड़िता और उनके परिवार ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़िता का कहना है कि सिर और शरीर में चोट लगने के कारण उन्हें काफी खून बह गया और बाद में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

आकांक्षा शर्मा का आरोप है कि इस मामले में वह कई बार पुलिस और प्रशासन को आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। लगातार हो रही धमकियों और डर के माहौल के कारण उनका परिवार बेहद परेशान है। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें समय रहते न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

भुट्टा तोड़ने के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लोहे की सरिया से हमला; सिर फटने से मजदूर गंभीर, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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बिहार के पूर्णिया जिले के वैसी थाना क्षेत्र अंतर्गत मरुआ टोली गांव में खेत से भुट्टा तोड़ने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि कई लोगों ने मिलकर लोहे की सरिया और अन्य हथियारों से हमला किया, जिससे पीड़ित का सिर फट गया और काफी खून बहने लगा।

जानकारी के अनुसार यह घटना 28 मार्च 2026 की शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित खेरुल की पत्नी शाहिना ने बताया कि उनके खेत में मक्का की फसल लगी हुई थी। इसी दौरान पड़ोस के कुछ बच्चों ने खेत में घुसकर भुट्टा तोड़ लिया और घास भी काट ली। जब शाहिना ने पड़ोस में रहने वाली रफीका से कहा कि वह अपने बच्चों को समझाए क्योंकि वे खेत में घूमकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो इस बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

पीड़िता के अनुसार इस बात पर बच्चे हंसने लगे और गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच करीना और हसीना ने भी कथित तौर पर अपशब्द कहना शुरू कर दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। उसी दौरान पीड़ित शाहिना की बेटी को भी आरोपियों ने घेरकर पीटा और उसकी छाती पर मुक्के मारे। बेटी को पिटते देख शाहिना बीच-बचाव के लिए आगे बढ़ीं, जिससे विवाद और बढ़ गया।

घटना के समय शाहिना का पति खेरुल मजदूरी करने बाहर गया हुआ था। जब वह शाम को घर लौटा तो बेटी ने उसे पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद खेरुल पड़ोसियों को समझाने गया, लेकिन आरोप है कि वहां पहले से मौजूद आरोपि रफीका ओर कलवा ने खेरुल घेर लिया। और पीछे से नवाजिश लोहे की सरिया से वार कर दिया आरोपी समेत कई लोगों फकरीम खातून, नवाजिश, शाहबाद, गुल्फराज, रफीका ने मिलकर खेरुल पर हमला कर दिया और लोहे की सरिया से उसके सिर पर वार किया। इस हमले में खेरुल का सिर फट गया और खून बहने लगा।

गंभीर रूप से घायल खेरुल को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे जीएमसीएच पूर्णिया रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि वहां भी इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही और हालत बिगड़ने पर उसे वापस घर लाना पड़ा। बाद में उसकी स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर फिर से अस्पताल ले जाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित के घर पहुंचे और हमले की निंदा की। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवार आपस में रिश्तेदारी रखते हैं, इसलिए विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन सिर पर सरिया से हमला करना बेहद गंभीर मामला है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इससे पहले भी कई बार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। अब इस हमले के बाद पूरा परिवार भय और तनाव में है। पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।