Monday, July 6, 2026
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जमीन हड़पने की साजिश का आरोप: बिना नापी कर बनाए पक्के मकान से पड़ोसी का घर बना तालाब, विरोध पर धमकियां; पीड़ित ने थाने में लगाई गुहार

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पूर्वी चंपारण। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना क्षेत्र में जमीन और रास्ते को लेकर विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी ने बिना जमीन की नापी कराए जबरन पक्का मकान खड़ा कर लिया, जिससे उनके घर में बारिश का पानी भरने लगा है। विरोध करने पर आरोपी द्वारा गाली-गलौज और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत थाना पताही में देकर न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता जगत साह, पिता स्वर्गीय भीखर साह, पताही थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के ही विपिन ठाकुर, पिता स्वर्गीय त्रिवेणी ठाकुर, ने उनकी जमीन और घर के पास जबरन निर्माण कर दिया है। पीड़ित का कहना है कि पहले दोनों के घर पास-पास बने हुए थे, जिसमें उनका आधा मकान कच्चा और आधा पक्का है, जबकि आरोपी का घर भी पहले से बना हुआ था।

पीड़ित परिवार के मुताबिक जब वे बीमारी के इलाज के सिलसिले में कुछ समय के लिए बाहर गए हुए थे, उसी दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर अपने मकान का निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया। आरोप है कि बिना किसी सरकारी नापी या सूचना के ही आरोपी ने मकान की ऊंचाई बढ़ाकर पूरा पक्का मकान बना लिया और निर्माण के दौरान उनके घर के पीछे छोड़ी गई खाली जगह और छज्जे को भी नुकसान पहुंचाया।

परिवार का कहना है कि उनके घर के पीछे थोड़ी खाली जगह इसलिए छोड़ी गई थी ताकि बारिश का पानी निकल सके, लेकिन आरोपी ने वहां निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया और छज्जे को तोड़कर मलबा उनकी छत और आंगन में फेंक दिया। इसके बाद मकान की ऊंचाई बढ़ा देने से अब बारिश का पूरा पानी पीड़ित के घर में भर जाता है, जिससे उनका कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त होने लगा है।

जगत साह का आरोप है कि जब उन्होंने इस बारे में विपिन ठाकुर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने उल्टा गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि अगर ज्यादा विरोध किया तो घर भी तोड़ दिया जाएगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद से वे लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं।

पीड़ित ने थाना पताही में लिखित आवेदन देकर प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जमीन की नापी कराई जाए और अवैध निर्माण को रोका जाए। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनके घर को नुकसान से बचाया जा सके।

भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, दबंग पर जबरन गेहूं की फसल काटने की कोशिश का आरोप, पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

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जेवर तहसील क्षेत्र के भाईपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर तनाव का माहौल बन गया है। गांव निवासी वेदराम पुत्र लक्खीराम ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल को जबरन काटने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित ने मामले में तत्काल पुलिस हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रार्थी वेदराम के अनुसार वह अपनी भूमि के वैध मालिक और काबिज स्वामी हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन उनके नाम बैनामा है और उसी भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है। आरोप है कि गांव का ही रहने वाला टेकचंद नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ मिलकर जबरन फसल काटने पर उतारू है।

पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि आरोपी व्यक्ति दबंग प्रवृत्ति का है और उसके पास अवैध असलाह भी मौजूद है। वेदराम का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी पक्ष झगड़ा करने और फौजदारी पर आमादा हो गया। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

वेदराम ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि उनकी खड़ी फसल को सुरक्षित कराया जाए और आरोपी टेकचंद तथा उसके परिवार को फसल काटने से रोका जाए। साथ ही उन्होंने अपनी जानमाल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

गांव में इस घटना के बाद भूमि विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की तैयारी की जा रही है। अब देखना यह होगा कि पीड़ित को कब तक न्याय और सुरक्षा मिल पाती है।

बिहार के नए CM होंगे सम्राट चौधरी, पहले बयान में बोले- ‘यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं…’

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बिहार की सियासत में आज बहुत बड़ा दिन है। राज्य को 20 साल बाद सम्राट चौधरी के रूप में नया सीएम मिलने जा रहा है। इसके साथ ही बिहार में नीतीश कुमार की शानदार पारी का अंत हो गया है।बिहार की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। मंगलवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो गया है। भाजपा नेता सम्राट चौधरी बिहार के नए सीएम बनने जा रहे हैं। सम्राट चौधरी विधायक दल के नेता चुन लिए गए हैं। इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सीएम के तौर पर अपने आखिरी संदेश में नीतीश ने कहा कि मैं अब जा रहा हूं लेकिन नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा। आपको बता दें कि सम्राट चौधरी के तौर पर बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। ऐसे में अब विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी का पहला बयान भी सामने आ गया है।

क्या बोले सम्राट चौधरी?
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने अपने पहले बयान में कहा- “भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए भाजपा बिहार विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व एवं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा।आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जय बिहार, जय भारत!”

बिहार को समृद्ध बनाने का काम करेंगे- सम्राट चौधरी
भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर सम्राट चौधरी ने कहा- “जीवन में भाजपा ने मुझे जितना काम करने का मौका दिया, मैं ये कह सकता हूं एक राजनीतिक तौर से मैं करीब 30 साल से काम कर रहा हूं लेकिन पहले कोई विचारधारा नहीं था। मैं इस पार्टी में जब पीएम मोदी के विचारों से इस पार्टी के साथ जुड़ा, 2015 के चुनाव से लगातार मैं भाजपा के लिए काम करता रहा और जिस तरह से कभी पार्टी के प्रदेश में पदाधिकारी के तौर पर विधानमंडल दल में, विधानपरिषद के नेता के तौर पर और संगठन में काम करने का जो सर्वोच्च पद है पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर काम करने का मौका दिया। आज मैं पीएम मोदी, गृह मंत्री , राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिवराज सिंह चौहान जी के जो विचारधारा है भाजपा की जो विचारधारा है भारत को सबसे पहले , सबसे श्रेष्ठ मानने का और पार्टी को सबसे आगे खड़ा करने का उस काम को हम लगातार करते रहेंगे, इतना जरूर विश्वास दिलाते हैं। नीतीश कुमार ने बहुत कुछ सिखाया है। नीतीश कुमार ने जिस तरह से समृद्ध बिहार का सपना देखा है हम सब मिलकर बिहार और देश को समृद्ध बनाने का काम करेंगे।”

आज का पल भव्य और ऐतिहसिक है- शिवराज
केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान ने सम्राट चौधरी के भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर कहा, “आज का पल भव्य और ऐतिहसिक है भाजपा के जनसंघ के जमाने से इन कार्यकर्तओं ने अपना जीवन लगाकर भाजपा के संगठन को खड़ा किया। उनका सपना आज साकार हो रहा है और उनका संकल्प आज पूरा हो रहा है…सम्राट चौधरी को मैं बहुत बधाई देता हूं और विधायक दल के साथियों का जिन्होंने सर्वसहमति और एकमत से सम्राट चौधरी को अपना नेता निर्वाचित किया है मैं उन सबको बधाई देता हूं।”

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: मन्नारगुडी सीट पर इन नेताओं के बीच होगी कड़ी टक्कर, पिछले चुनाव के आंकड़े भी जान लीजिए

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तमिलनाडु में जो विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उसमें अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि तमिलनाडु के मन्नारगुडी सीट पर किन नेताओं के बीच में टक्कर होने वाली है और पिछले दो चुनावों में क्या नतीजे रहे हैं।अभी विधानसभा चुनावों का दौर चल रहा है। इसी महीने की 9 तारीख को 2 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश में 1 चरण में विधानसभा के चुनाव हो गए। अब दो राज्यों के विधानसभा चुनाव बचे हैं जिसमें एक पश्चिम बंगाल और दूसरा राज्य तमिलनाडु है। आपको बता दें कि आने वाले 23 अप्रैल को तमिलनाडु में एक ही चरण में विधानसभा की सभी सीटों पर चुनाव होंगे और 4 मई को दूसरे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के साथ ही तमिलनाडु के भी नतीजे सामने आएंगे। इस खबर में हम आपको यह बताने वाले हैं कि तमिलनाडु के मन्नारगुडी सीट पर कौन-कौन से नेताओं के बीच में टक्कर होने वाली है और उसके बाद आपको पिछले चुनावों के भी नतीजे बताएंगे।
इन नेताओं के बीच होगी टक्कर
आपको बता दें कि मन्नारगुडी सीट तमिलनाडु का एक जनरल सीट है। इस सीट पर इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में आपको मुख्य टक्कर TRB Rajaa (DMK) और एस. कामराज (AMMK) के बीच होने की उम्मीद है। वहीं, UVM राजराजन (TVK) और R भरथिसेल्वन (NTK) भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे यह एक बहुकोणीय चुनावी जंग बन गई है।

पिछले चुनाव में क्या नतीजे आए थे?
अगर आपको साल 2021 के विधानसभा चुनावों की के नतीजे बताएं तो उस चुनाव में DMK के T R B Rajaa ने 37,393 वोटों के अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की थी। उन्हें 45.11% वोट शेयर के साथ 87,172 वोट मिले थे। उन्होंने ADMK के Rajamanickam Siva को हराया था, जिन्हें 49,779 वोट (25.76%) मिले थे।

वहीं साल 2016 के विधानसभा चुनाव में भी T R B Rajaa ने ही इस सीट से जीत हासिल की थी। 2016 के विधानसभा चुनाव में T R B Rajaa को 48.71% वोट शेयर के साथ 91,137 वोट मिले थे। वहीं ADMK उम्मीदवार एस. कामराज को 81,200 वोट (43.40%) मिले थे।

आंगनबाड़ी सेविका पर घूसखोरी और मारपीट का आरोप: 5 हजार की योजना में मांगे 2 हजार, विरोध करने पर महिला और बच्चे को पीटा

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चतरा। झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र गांव बसबुट्टा से आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने आंगनबाड़ी सेविका पर जाली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी करने, सरकारी योजना के पैसे में घूस मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी से लिखित शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार प्रतापपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सन्नू कुमारी ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चे के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली योजना के तहत 5 हजार रुपये की राशि आई थी। आरोप है कि आंगनबाड़ी सेविका रामप्यारी देवी, पति सुखदेव यादव ने फॉर्म भरने के समय ही उनसे 1 हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद जब खाते में 5 हजार रुपये आए तो उन्होंने और 2 हजार रुपये देने की मांग की।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने घूस देने से इनकार किया तो 7 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे आंगनबाड़ी केंद्र के पास रामप्यारी देवी पति: शुखदेव यादव उर्मिला कुमारी पति: दीपक कुमार विनोद यादव। पिता : शुखदेव यादव ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उसका बाल पकड़कर जमीन पर गिराया गया और बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, उसकी गोद में मौजूद 11 महीने के बच्चे अभिमन्यु को भी जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह डर और दर्द से रोने लगा।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए, जिससे उसकी इज्जत पर भी आंच आई। पीड़िता का कहना है कि इस घटना में उसके पूरे शरीर में गंभीर दर्द है और आरोपी पक्ष ने धमकी दी है कि यदि उसने पुलिस या कहीं शिकायत की तो उसके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

सन्नू कुमारी ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण के नाम पर भारी लापरवाही की जा रही है। उनके मुताबिक बच्चों को मिलने वाली खिचड़ी सप्ताह में केवल एक दिन दी जाती है और कई बार केंद्र कई दिनों तक बंद रहता है।

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक चतरा और थाना प्रभारी प्रतापपुर को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जाली सर्टिफिकेट के आधार पर कार्य कर रही आंगनबाड़ी सेविका को पद से हटाने की मांग की है।

10 साल का प्रेम, मुंबई में शादी और अब धमकियों का साया: पुलिस की चेतावनी के बाद प्रेमिका घर लौटी, परिवार ने बाहर निकलने पर लगाया रोक

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वाराणसी। जिले के लमही क्षेत्र से प्रेम संबंध को लेकर एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका के परिवार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित काजू जायसवाल का कहना है कि वह और अंजली पटेल पिछले करीब 10 वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और साथ में जीवन बिताना चाहते हैं, लेकिन परिवार के विरोध और कथित धमकियों के कारण दोनों की जिंदगी संकट में पड़ गई है।

जानकारी के अनुसार अंजली पटेल, जो विनोद कुमार पटेल की पुत्री है और आदमपुर, लमही, वाराणसी की रहने वाली है, उसका घर काजू जायसवाल के घर से करीब दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर है। दोनों की बातचीत करीब एक दशक पहले शुरू हुई थी और समय के साथ यह रिश्ता गहरे प्रेम में बदल गया। युवक का दावा है कि जनवरी 2026 में अंजली खुद उसके पास आई और कहा कि वह उसके साथ रहना चाहती है। इसके बाद दोनों मुंबई चले गए।

पीड़ित के मुताबिक मुंबई पहुंचने के बाद दोनों ने शादी कर ली और किराए के कमरे में रहने लगे। कुछ समय बाद काजू जायसवाल के बड़े पापा का निधन हो गया, जिसके चलते वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अकेले अपने घर लौट आया, जबकि अंजली मुंबई में ही रही। बाद में अंजली के कहने पर युवक दोबारा मुंबई गया और उसे लेकर वापस बनारस आ गया। बनारस में युवक ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता था और दोनों किराए के कमरे में करीब चार महीने तक साथ रहे।

युवक का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और उसे सख्त चेतावनी दी कि अगर उसने लड़की से संपर्क किया या उसे अपने साथ रखा तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। और पीढ़ी काजू जायसवाल के पास से लड़का लड़की दोनों के फोटो वीडियो डिलीट कर दिए और पुलिस के सामने लड़की ने खुद बयान दिया था कि वह लड़के के साथ रहना चाहती है जिसका वीडियो पुलिस के पास मौजूद भी है फिर भी पुलिस ने अंजलि का बयान नजरअंदाज करते हुए उसे धमकी दी कि अगर लड़के को नहीं छोड़ोगी तो लड़के को जेल कर दी जाएगी
काजू जायसवाल का कहना है कि इसी डर के कारण अंजली को मजबूर होकर अपने घर लौटना पड़ा। युवक का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद से ही अंजली को उसके परिवार वाले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि अंजली के पिता लगातार उसे धमकी दे रहे हैं कि यदि उसने इस मामले में कोई कार्रवाई की या दोबारा लड़की से मिलने की कोशिश की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। युवक का कहना है कि दोनों एक-दूसरे से बेहद प्रेम करते हैं और पति-पत्नी की तरह आगे की जिंदगी बिताना चाहते हैं, लेकिन परिवार वाले इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

काजू जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोनों को सुरक्षा प्रदान की जाए, काजू जायसवाल को लगातार जान का खतरा मंडरा रहा है और वह डर के साए में जीने को मजबूर है और अब प्रशासन से चाहते हैं की वे बिना किसी डर और दबाव के अपनी जिंदगी का फैसला खुद कर सकें। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

मंत्री बनने की दौड़ या बगावत? कर्नाटक के 40 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाला, हाईकमान से करेंगे मुलाकात

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कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान अभी खत्म नहीं हुई थी कि इस बीच एक और नए मुद्दे ने सबका ध्यान खींच लिया। अब पार्टी के कई विधायकों ने दिल्ली में अपना डेरा डाल लिया है।कर्नाटक कांग्रेस में आपसी घमासान मचा है। कैबिनेट फेरबदल की मांग कर रहे 40 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ है। कांग्रेस के ये विधायक पार्टी हाईकमान से मिलकर मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए चेहरों को मौका देने की मांग करेंगे। इनमें तीन से ज्यादा बार विधायक बन चुके करीब 40 विधायकों की मांग है कि मौजूदा मंत्रियों को लगभग तीन साल का समय मिल चुका है, इसलिए अब सीनियर विधायकों को मौका दिया जाए।
कम से कम 5 नए विधायकों को मंत्री बनाने की मांग
सीनियर विधायकों के साथ ही पहली बार चुने गए 38 कांग्रेस विधायक भी एक्टिव हो गए हैं। नए विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर कम से कम 5 नए विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की है।

इन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
सूत्रों के मुताबिक 4 मई को पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव नतीजों के बाद और मानसून सत्र से पहले कांग्रेस पार्टी काफी संख्या में मंत्रिमंडल से मंत्रियों की छुट्टी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक यह आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। दरअसल, अभी कर्नाटक में 34 मंत्री है, इसमें कई लोगों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी और साथ ही कई विधायक काफी लंबे समय से मंत्री है। ऐसे में सरकार में नए चेहरों को जगह देकर कोशिश की जाएगी कि सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी को कम किया जाए।

इसी वजह से कांग्रेस विधायक एक्टिव हो गए हैं। इनका कहना है कि वो सीएम बदलने या नहीं बदलने की मांग नहीं कर रहे बल्कि यह मांग कर रहे हैं कि कैबिनेट विस्तार हो और उन्हें मौका मिले।

पटना में बेबसी की तस्वीर: पांच बच्चों की मां मुन्नी देवी मजदूरी कर पाल रही परिवार, कच्चे घर में गुजारा; मदद के लिए अमिताभ बच्चन से लगाई गुहार

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पटना। बिहार की राजधानी पटना के मुल्तानपुर इलाके से गरीबी और मजबूरी की एक मार्मिक कहानी सामने आई है। यहां रहने वाली मुन्नी देवी अपने पांच बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं। आर्थिक तंगी और अस्थिर मजदूरी के कारण वह अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं। ऐसे हालात में उन्होंने समाजसेवियों, प्रशासन और देश के प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन से मदद की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार मुन्नी देवी, जो कि मुल्तानपुर, पटना, बिहार की निवासी हैं, एक कच्चे और जर्जर मकान में अपने परिवार के साथ रहती हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान उनका घर कभी भी गिरने की स्थिति में रहता है। मुन्नी देवी का कहना है कि उनके पांच बच्चे हैं और परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर है।

मुन्नी देवी मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पालने की कोशिश करती हैं, लेकिन उन्हें रोज काम नहीं मिलता। कभी-कभी कई दिन तक काम नहीं मिलने के कारण परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इसी मजबूरी के चलते वह अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा-लिखा भी नहीं पा रही हैं, जबकि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर अच्छा भविष्य बना सकें।

मुन्नी देवी बताती हैं कि कच्चे घर की हालत इतनी खराब है कि उसमें रहना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन पक्का घर बनाने के लिए उनके पास कोई साधन नहीं है। गरीबी के कारण बच्चों की पढ़ाई, खाने-पीने और भविष्य की जिम्मेदारियां उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।

मुन्नी देवी ने प्रशासन, समाजसेवियों और विशेष रूप से अभिनेता अमिताभ बच्चन से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें थोड़ी आर्थिक सहायता मिल जाए तो वह अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रख सकेंगी और कच्चे घर को पक्का बनाकर सुरक्षित जीवन जी सकेंगी।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि मुन्नी देवी की स्थिति बेहद दयनीय है और यदि समाज के सक्षम लोग आगे आकर उनकी मदद करें तो उनके परिवार की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। फिलहाल मुन्नी देवी को उम्मीद है कि उनकी आवाज समाज और प्रशासन तक पहुंचेगी और उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कोई न कोई मदद जरूर सामने आएगी।

बेगूसराय और आसपास के कई जिलों से जुड़े कथित मामले ने स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में बिहार के बेगूसराय, मधेपुरा, समस्तीपुर, दरभंगा, आलमनगर तथा असम के कामाख्या मंदिर क्षेत्र तक कई नाम और स्थानों का उल्लेख सामने आया है। शिकायत में मिना पूर, रामप्रवेश मुखिया, मनीष, राजेश, नीतू, किशोर, कल्पना, रेखा, जोनू, बबीता और अजय भारत सहित कई व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से उन्हें पहचान और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कथित तौर पर कई जगहों पर उनके बारे में सूचनाएं फैलाई जा रही हैं और अलग अलग जिलों में कुछ प्रभावशाली लोगों तक खबर पहुंचाई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि गांव के प्रधान, पुजारी और स्थानीय स्तर के कुछ जिम्मेदार लोगों को इस पूरे मामले की जानकारी है।

मामले में मुंबई के हाजी अली क्षेत्र और असम के कामाख्या मंदिर का भी जिक्र किया गया है, जिससे इस शिकायत ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है बल्कि कई राज्यों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। दिल्ली, उड़ीसा और बिहार के विभिन्न हिस्सों का उल्लेख होने से प्रशासनिक एजेंसियों के लिए जांच का दायरा बढ़ सकता है।

शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि संबंधित लोग कभी भी कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। इसी वजह से स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों तक यह सूचना पहुंचने की बात भी कही है और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बिजली बिल का झटका: हर महीने बिल भरने के बाद भी 86 हजार की मांग, उपभोक्ता ने लगाया विभाग पर मनमानी का आरोप

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करनाल। हरियाणा के करनाल जिले से बिजली बिल को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। स्टॉन्डी क्षेत्र के रहने वाले जोगिंदर ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह लंबे समय से नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते रहे हैं, इसके बावजूद अचानक उनसे भारी-भरकम बकाया राशि मांगी जा रही है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में उन्हें लगातार नोटिस देने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे वह बेहद परेशान हो चुके हैं।

जोगिंदर, जो रघबीर सिंह के पुत्र हैं और करनाल के स्टॉन्डी इलाके में रहते हैं, का कहना है कि पहले उनके घर का बिजली बिल हर महीने लगभग 200 से 400 रुपये के बीच आता था और वह समय-समय पर उसका भुगतान भी करते थे। लेकिन कुछ समय पहले बिजली विभाग ने अचानक कई महीनों की एक साथ रीडिंग निकालते हुए करीब 86 हजार रुपये का बिल बना दिया और उसे जमा करने के लिए कहा।

पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी राशि एक साथ भर पाना उनके लिए संभव नहीं था। इसके बाद उन्होंने विभाग से बातचीत कर किस्तों में भुगतान करने की व्यवस्था कराई, जिसके तहत हर महीने लगभग 10,740 रुपये जमा करने की बात तय हुई। जोगिंदर के अनुसार उन्होंने अब तक करीब 54 हजार रुपये तक की राशि जमा भी कर दी है और एक-दो किस्तें समय पर भर दी थीं।

हालांकि जोगिंदर का आरोप है कि पिछले महीने आर्थिक तंगी के कारण वह भुगतान करने में थोड़ा देर हो गए। जब वह 9 अप्रैल को किस्त जमा करने पहुंचे तो विभाग ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि अब पूरी बाकी राशि एक साथ जमा करनी होगी। इतना ही नहीं, उन्हें नोटिस जारी करने और कनेक्शन काटने की भी चेतावनी दी जा रही है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बिल की गणना में भी गड़बड़ी दिखाई दे रही है। उनके अनुसार अब तक करीब 54 हजार रुपये जमा करने के बावजूद विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि अभी भी लगभग 59 हजार रुपये बाकी हैं। इस तरह करीब चार से पांच हजार रुपये की अतिरिक्त गड़बड़ी सामने आ रही है, जिसे लेकर वह और ज्यादा परेशान हो गए हैं।

जोगिंदर का कहना है कि वह नियमित रूप से हर महीने बिजली का बिल भरते रहे हैं, इसके बावजूद अचानक इतनी बड़ी राशि थोप दी गई और अब किस्तों में भुगतान करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही। उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें राहत दिलाई जाए, क्योंकि लगातार नोटिस और दबाव के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुके हैं।