Monday, July 6, 2026
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यूपी में बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली से 18 लोगों की मौत, 5 घायल, CM ने मुआवजा देने के निर्देश दिए

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यूपी में बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी है और इसने 18 लोगों की जान ले ली है। इसकी वजह से 24 पशुओं की भी जान गई है। 5 लोग घायल हुए हैं।लखनऊ: यूपी में हुई अति वर्षा, आंधी व आकाशीय बिजली से 18 लोगों की मौत हुई है और 5 लोग घायल हुए हैं। यहां 24 पशुओं की भी मौत हुई है। सीएम ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सीएम ने अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज करवाने के लिए निर्देश दिए हैं।
24 घंटे में मुआवजा देने का निर्देश
सीएम ने अति वर्षा से हुई जन हानि, पशु हानि व घायलों को 24 घंटे में मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सीएम ने निर्देश दिया कि डीएम, फील्ड में रहकर राहत कार्यों व अन्य आवश्यकताओं के लिए शासन से समन्वय रखें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से प्रदेश में कई जगहों पर बिन मौसम बरसात हो रही है। हाल ये हैं कि कई जगहों पर बड़े बड़े ओले भी पड़ रहे हैं। ऐसे में आम आदमी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। जिन लोगों के पास सिर छिपाने की जगह नहीं हैं, ऐसे लोगों को इस तरह की बरसात और ओले का सामना करना पड़ रहा है। पशु भी इसी समस्या से गुजर रहे हैं। आंधी, बरसात, ओले और आकाशीय बिजली उनकी जिंदगी के लिए भी मुश्किलें पैदा कर रही है।

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर भी इस बेमौसम बारिश से अछूता नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में तो कल रात भी भीषण बारिश हुई है और ओले भी गिरे हैं। लोग भी हैरान हैं और उनका कहना है कि मई में ओले वाली बरसात क्यों हो रही है, ये तो गर्मी का मौसम है।

जानकारों का कहना है कि मौसम की इस नई करवट को देखते हुए अलर्ट रहने की जरूरत है। बिजली के खंबों से दूर रहें और तेज बरसात में बाहर निकलने से बचें। पुलिस और प्रशासन को भी इस मामले में चौंकन्ना रहने की जरूरत है।

‘हिंदी बेल्ट’ से काफी आगे बढ़ चुकी है बीजेपी, इन आंकड़ों से जानें विधानसभाओं में कहां कितना सीट शेयर

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बीजेपी अब केवल ‘हिंदी बेल्ट’ तक सीमित पार्टी नहीं रही है और अब देश के अधिकांश हिस्सों में उसकी मजबूत मौजूदगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदी क्षेत्रों की विधानसभाओं में 60.4% सीट शेयर है, जबकि गैर-हिंदी पश्चिम में 55.1% और पूर्व में 52.6% है।नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी को लंबे समय तक ‘हिंदी बेल्ट की पार्टी’ कहा जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में पार्टी का प्रदर्शन देखें तो अब यह टैग फिट नहीं बैठता। अब बीजेपी की पकड़ केवल हिंदी भाषी राज्यों तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के लगभग हर हिस्से में इसका प्रभाव बढ़ा है। आज देश में बीजेपी के 17 मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा NDA/NEDA गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर पार्टी 5 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सत्ता में है। बीजेपी की यह स्थिति बताती है कि पार्टी अब केवल एक क्षेत्रीय पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक शक्ति बन चुकी है।हिंदी और गैर-हिंदी राज्यों में मजबूत पकड़
झारखंड और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बीजेपी आज भारत के सभी हिंदी भाषी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है। इसके साथ ही पार्टी ने गैर-हिंदी भाषी राज्यों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है:

पूर्वी भारत में: असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बीजेपी या उसके नेतृत्व में सरकार
पश्चिमी भारत में: महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में सरकार
दक्षिण भारत में: कर्नाटक में कई बार सरकार रही और अब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी के साथ गठबंधन में है
2014 के बाद गैर-हिंदी राज्यों में विस्तार
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे गैर-हिंदी राज्यों में बीजेपी की सफलता 2014 के बाद तेजी से बढ़ी है। कुछ राज्यों में, जैसे महाराष्ट्र और असम में बीजेपी ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों से आगे बढ़कर खुद को बड़े गठबंधन सहयोगी के रूप में स्थापित किया है। ऐसे में बीजेपी को अब केवल जनसंघ के पुराने स्वरूप की तरह ‘हिंदी बेल्ट पार्टी’ कहना वास्तविकता को नजरअंदाज करना होगा। आज बीजेपी की सियासी पहुंच देश के हर हिस्से में फैल चुकी है और यह एक अखिल भारतीय पार्टी के रूप में उभर चुकी है।किस क्षेत्र की विधानसभा में कितना सीट शेयर?
रिपोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों की विधानसभाओं में बीजेपी के सीट शेयर का विश्लेषण भी दिया गया है:

क्षेत्र शीट शेयर
हिंदी क्षेत्र 60.4% सीट शेयर
गैर-हिंदी पश्चिम 55.1% सीट शेयर
गैर-हिंदी पूर्व 52.6% सीट शेयर
गैर-हिंदी उत्तर 15.0% सीट शेयर
गैर-हिंदी दक्षिण 10.1% सीट शेयर
धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी बनी बीजेपी
आंकड़ों को देखकर साफ होता है कि बीजेपी की सबसे मजबूत पकड़ अभी भी हिंदी भाषी क्षेत्रों में है, लेकिन गैर-हिंदी पश्चिम और पूर्वी भारत में भी उसका प्रदर्शन काफी मजबूत होता जा रहा है। हालांकि दक्षिण भारत और कुछ गैर-हिंदी उत्तरी राज्यों में पार्टी अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर है, लेकिन वहां भी उसकी मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ रही है। कुल मिलाकर बीजेपी अब केवल हिंदी बेल्ट तक सीमित पार्टी नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय स्तर की मजबूत राजनीतिक ताकत बन चुकी है, जिसकी मौजूदगी भारत के लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देती है।

कुशीनगर में जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमला; मां-बेटा गंभीर घायल

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कुशीनगर।
जिले के कसया थाना क्षेत्र से जमीन विवाद को लेकर हिंसा का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दबंगों ने मां-बेटे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पीड़ित शैलेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम हतवा, ने बताया कि उनके परिवार की जमीन तीन भाइयों के बीच बंटी हुई है, जिसमें सभी का हिस्सा तय है। आरोप है कि जब वह अपने हिस्से की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने लगे, तभी गांव के ही कुछ लोगों ने जबरन रोकने की कोशिश की और विवाद बढ़ा दिया।

पीड़ित के अनुसार, 29 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह अपने घर के पीछे सड़क के पास पहुंचे थे, तभी गांव के ही पारस सिंह, रंजन सिंह, सोनगढ़ी और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान शैलेन्द्र सिंह के हाथ और घुटनों में गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिर पड़े।

पीड़ित ने बताया कि शोर सुनकर उनकी मां बचाव के लिए दौड़ीं, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और लाठी से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मां के सिर पर गंभीर चोट आई है। दोनों के चिल्लाने पर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर हमलावर धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कसया सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज चल रहा है।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी निर्माण कार्य को लेकर कई बार विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर समझौते की कोशिशें भी हुईं, लेकिन आरोपियों का रवैया लगातार आक्रामक बना रहा। अब पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई और निर्माण कार्य में सुरक्षा की मांग की है।

मामले की सूचना मिलने के बाद भी अभी तक कोई सुनता ही नहीं हुई एसडीएम के पास भी आवेदन दिया है लेकिन अभी तक कोई समय नहीं हुई है

गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो विवाद और बढ़ सकता है।

पूरे परिवार चाहता है कि उनके मामले में प्रशासन उनके कार्यवाही में मदद करें ताकि उन्हें समय रहते न्याय मिल सके

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मोहाली की वीजा कंसल्टेंसी पर ठगी का आरोप, कनाडा भेजने के नाम पर युवक से 40 हजार रुपये वसूले, अब 80 हजार की और मांग

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विदेश भेजने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। ओडिशा निवासी रियाज शेख ने मोहाली स्थित एक वीजा कंसल्टेंसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि कंपनी ने कनाडा का वीजा दिलाने का भरोसा देकर पहले 40 हजार रुपये वसूल लिए और अब 80 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही है, जबकि अब तक न तो वीजा प्रक्रिया पूरी की गई और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।

मामले के अनुसार रियाज शेख ने कनाडा जाने के उद्देश्य से मोहाली स्थित एमजीसी कंसल्टेंट नाम की कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी ने वर्क वीजा और डॉक्यूमेंटेशन के नाम पर प्रक्रिया शुरू करवाई। इसके लिए उनसे एक शपथ पत्र भी भरवाया गया, जिसमें यह लिखा गया कि जमा की गई राशि नॉन-रिफंडेबल होगी और वीजा न मिलने की स्थिति में कंपनी जिम्मेदार नहीं होगी।

पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने पहले मेडिकल जांच और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करवाई, जिसके एवज में उनसे करीब 40 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद अब कंपनी की ओर से 20 हजार रुपये और जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। जब पीड़ित ने वीजा की स्थिति और प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

पीड़ित का कहना है कि उन्हें कनाडा भेजने का भरोसा देकर आर्थिक रूप से ठगा गया है। अब कंपनी न तो वीजा दे रही है और न ही जमा की गई रकम वापस कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से शिकायत करने की बात कही है और न्याय की मांग की है।
8728064266
7888517203 इस नंबर पर कॉल किया जा रहा है जानकारी के लिए पर कोई फोन नहीं उठा रहा है इस नंबर से जब पहले फोन आया था तो वहां मैनेजर कंपनी का बता रहा था

इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लोगों के बीच चर्चा है कि विदेश भेजने के नाम पर कई एजेंसियां भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वीजा एजेंसी या कंसल्टेंसी के साथ लेनदेन करने से पहले उसकी वैधता और रिकॉर्ड की पूरी जांच कर लेना जरूरी है।

“गई ममता, गया गोगोई, गया स्टालिनवाद, भारत में अब टूट के चलेगा मोदी का राष्ट्रवाद” बोले BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता

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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती में ये सामने आया है कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल और असम में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं कांग्रेस ने केरल में बंद दरवाजे खोले हैं।नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के लिए आज वोटों की गिनती हो रही है। सामने आए अब तक के आंकड़ों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है और कांग्रेस केवल केरल में अपनी स्थिति सुधार पाई है। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ एक लाइन कहूंगा- गई ममता, गया गोगोई, गया स्टालिनवाद, भारत में अब टूट के चलेगा मोदी का राष्ट्रवाद।”
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में क्या हुआ?
खबर लिखे जाने तक पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 191 सीटों पर बढ़त बनाई और टीएमसी 97 सीटों पर सिमट गई। असम में बीजेपी ने 99 सीटों पर बढ़त बनाई और कांग्रेस 24 पर सिमट गई। अन्य 3 सीटों पर आगे हैं।

केरल में यूडीएफ ने भारी बढ़त बनाई और 101 सीटों पर आगे है। एलडीएफ 36 सीटों पर सिमट गया और बीजेपी गठबंधन ने 3 सीटों पर बढ़त बनाई।

तमिलनाडु में नई पार्टी टीवीके ने कमाल कर दिया और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अब तक वह 109 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं डीएमके 61 सीटों पर और AIDMK 64 सीटों पर आगे है।

पुडुचेरी में अब तक AINRC ने 9 सीटें जीत ली हैं। BJP ने 2 सीटें जीती हैं और एक पर आगे चल रही है। IND ने एक सीट जीती है 2 सीटों पर आगे है। INC एक सीट पर जीती है। LJK एक सीट पर आगे चल रही है।

पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन से बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आ रहा है और बीजेपी मुख्यालय में जश्न की तैयारियां हो रही हैं। बंगाल में बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया और अब वहां बीजेपी की सरकार बनेगी। बीजेपी के लिए आज का दिन बेहद शानदार रहा है।

ब्लैकमेलिंग और अवैध संबंध के दबाव में युवक ने दी जान, शादी के 5 महीने बाद उजड़ा सुहाग

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वैशाली/राज्य: बिहार –
बिहार में एक नवविवाहित जोड़े की जिंदगी उस वक्त तबाह हो गई, जब कथित ब्लैकमेलिंग और अवैध संबंध के दबाव में आकर एक युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना ने न सिर्फ एक परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के खतरनाक पहलू को भी उजागर कर दिया है।

मृतक की पत्नी गुड़िया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसकी शादी 11 नवंबर 2025 को ग्राम उफरौल उर्फ धर्मपुर धरम पोस्ट चकमरूफ थाना बेलसर निवासी अली आजम पिता मोहम्मद मंसूर अली से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद, 8 अप्रैल 2026 को यह दर्दनाक घटना सामने आई। गुड़िया का आरोप है कि उसकी मौसी की लड़की मुस्कान, पिता एमडी वासिम न्यू अजीमाबाद कॉलोनी, कोल्ड स्टोर के पास, पटना 800006 के रहने वाली है जो गुड़िया के पति अली आजम को लगातार आपत्तिजनक वीडियो भेजकर ब्लैकमेल कर रही थी और उस पर शादी तोड़ने का दबाव बना रही थी।

गुड़िया के मुताबिक, मुस्कान बार-बार उसके पति से कहती थी कि वह पत्नी को छोड़कर उससे शादी कर ले, वरना वह वीडियो वायरल कर देगी। इतना ही नहीं, वह यह भी कहती थी कि जो कुछ गुड़िया नहीं दे सकती, वह सब वह देने को तैयार है। इस लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग से अली आजम बेहद परेशान रहने लगे थे।

परिजनों के अनुसार, जब इस पूरे मामले की जानकारी गुड़िया की मां साहजाह खातून पिता एमडी वासिम और भाई आरिफ को हुई, तो उन्होंने मुस्कान और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि मुस्कान के परिवार के सदस्य—मां आसमान खातून और भाई एमडी आसिफ व एमडी आबिद—उल्टा झगड़े पर उतर आए और धमकी भरे लहजे में कहा कि कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने यहां तक कहा कि वे गुड़िया का घर बसने नहीं देंगे।

आरोप यह भी है कि मुस्कान ने अली आजम को अपने प्रभाव में लेकर कई बार होटल तक बुलाया। लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग, पारिवारिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते आखिरकार 8 अप्रैल 2026 को अली आजम ने आत्महत्या कर ली।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक की सास साहजाह खातून ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका दामाद स्वभाव से अच्छा था और इस तरह का कदम उसने भारी मानसिक दबाव में आकर उठाया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रिश्तों और डिजिटल दुरुपयोग पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली ब्लैकमेलिंग किस कदर खतरनाक साबित हो सकती है। एक नवविवाहित परिवार का इस तरह बिखरना समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।

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बरेली जिले के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में कृषि भूमि पर कब्जे को लेकर एक पुराना विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है।

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फरीदपुर तहसील के ग्राम सरेंदा निवासी 106 वर्षीय बुजुर्ग किसान रामसिंह पिछले करीब 14 वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन पर हक पाने के लिए तहसील और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। बुजुर्ग किसान की पीड़ा और लगातार प्रशासनिक उपेक्षा का मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सरेंदा स्थित गाटा संख्या 125, रकबा 0.834 हेक्टेयर कृषि भूमि में रामसिंह पुत्र गिरवर सिंह सहखातेदार हैं और भूमि में उनका वैधानिक हिस्सा दर्ज है। रामसिंह का आरोप है कि वर्ष 2012 से गांव के ही सहखातेदार तौलेराम ने उनके हिस्से की जमीन पर कब्जा कर रखा है और लगातार खेती कर रहा है। इस दौरान कई बार गेहूं और अन्य फसलें बोकर उत्पादन भी लिया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कब्जा हटवाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित बुजुर्ग किसान का कहना है कि उन्होंने बीते 14 वर्षों में दर्जनों बार तहसीलदार, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया कि जल्द ही कार्रवाई होगी, लेकिन मामला जस का तस बना हुआ है। अब वर्ष 2026 में भी वही स्थिति बनी हुई है और आरोपी पक्ष खेत में गेहूं की फसल खड़ी कर कब्जा जमाए हुए है।

रामसिंह ने आरोप लगाया कि जब भी वह अपनी जमीन पर अधिकार जताने या फसल की बात करने जाते हैं तो विपक्षी पक्ष दबंगई दिखाता है और उन्हें धमकाकर भगा देता है। उनकी उम्र अधिक होने के कारण वह शारीरिक और मानसिक रूप से भी काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि जीवन के इस अंतिम पड़ाव में वह सिर्फ अपना वैधानिक हक चाहते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह विवाद गांव में लंबे समय से चल रहा है और कई बार पंचायत स्तर पर भी मामला सुलझाने की कोशिश हुई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भूमि विवादों में प्रशासनिक देरी के कारण दबंग लोगों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और कमजोर वर्ग के लोग न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं।

रामसिंह ने एक बार फिर थाना फतेहगंज पूर्वी और तहसील प्रशासन को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि उनकी जमीन की पैमाइश कराकर कब्जा मुक्त कराया जाए और अवैध रूप से खेती कर रहे व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन 106 वर्षीय बुजुर्ग किसान की इस वर्षों पुरानी पीड़ा को कब गंभीरता से लेकर न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है, या फिर उन्हें इसी तरह दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

आरसीबी को लगा आईपीएल के बीच करारा झटका, स्टार खिलाड़ी अचानक लौटा अपने घर

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आरसीबी को बीच आईपीएल में उस वक्त करारा झटका लगा है, जब टीमें प्लेऑफ में जाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। टीम के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट अभी बाहर तो नहीं हुए हैं, लेकिन फिर भी वे अपने घर चले गए हैं।आरसीबी यानी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को करारा झटका लगा है। अब आईपीएल के मुकाबले अहम होते जा रहे हैं। ना तो किसी टीम ने अब तक प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की की है और ना ही कोई टीम बाहर हुई है। अब एक एक मैच से अंक तालिका की तस्वीर बदलेगी। इस बीच आरसीबी के स्टार बल्लेबाज फिल साल्ट चोटिल होकर बाहर हो गए हैं। अब खबर है कि वे वापस अपने घर यानी यूके लौट गए हैं। वे पिछले तीन मैचों से बाहर चल रहे थे।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में चोटिल हो गए थे फिल साल्ट
आरसीबी की टीम 18 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबला खेल रही थी। इस दौरान छठे ओवर में बाउंड्री बचाने के लिए डाइव लगाते वक्त फिल साल्ट की अंगुली में चोट लग गई थी। पहले नहीं लग रहा था कि चोट इतनी गंभीर हो जाएगी। लेकिन बाद में पता चला कि चोट काफी ज्यादा है। इसके बाद फिल साल्ट ने बैक टू बैक तीन मैच आरसीबी के लिए मिस किए। इस बीच ईएसपीएलक्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट में पता चला है कि फिल साल्ट वापस इंग्लैंड चले गए हैं। फिल साल्ट की गैरहाजिरी में जैकब ​बैथल विराट कोहली के साथ पारी का आगाज कर रहे थे। अब लगता है कि आने वाले कुछ और मैचों में जैकब बैथल ही ओपनिंग करेंगे।

फिल साल्ट ने किया था कमाल, जैकब बैथल नहीं बना पा रहे रन
फिल साल्ट ने इस सीजन अपनी टीम के लिए छह मैच खेलकर 202 रन बनाए हैं। इसमें उनका स्ट्राइक रेट 168.33 का रहा। हालांकि अभी वे पूरे सीजन से बाहर नहीं हुए हैं। आसीबी की टीम अगर टूर्नामेंट में आगे जाती है और फिल साल्ट ठीक हो गए तो वे वापस आकर फिर से खेल सकते हैं। बात अगर जैकब ​बैथल की करें तो उन्होंने तीन मैच खेलकर 39 ही रन बनाए हैं, जो टीम के लिए टेंशन का विषय बना हुआ है।

अब एलएसजी से होगा आरसीबी का अगला मुकाबला
अभी तक आरसीबी ने फिल साल्ट की जगह किसी रिप्लेसमेंट का भी ऐलान नहीं किया है, क्योंकि साल्ट अभी बाहर नहीं हुए हैं, जब वे बाहर हो जाएंगे, तभी रिप्लेसमेंट मिलेगा। देखना होगा कि टीम आने वाले मैचों में किस तरह का प्रदर्शन करती है। अब टीम गुरुवार को एलएसजी के खिलाफ अपना मुकाबला खेलेगी। टीम अभी टॉप 4 में चल रही है और अपनी दावेदारी प्लेऑफ के लिए ठोक रही है।

बंगाल में पहली बार बनने जा रही BJP की सरकार, पार्टी मुख्यालय में शुरू हुआ जश्न, शाम 6:30 बजे पहुंचेंगे PM मोदी

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पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी ने रुझानों में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। पीएम मोदी आज शाम 6:30 बजे दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे। चुनावी नतीजों के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।नई दिल्ली: आज पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे साफ हो जाएंगे। रुझानों में पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी को शानदार जीत मिलती दिख रही है। रुझानों में भाजपा के इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी ने दिल्ली स्थित मुख्यालय में जश्न की तैयारियां पूरी कर ली हैं। आज शाम 6:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय जाएंगे। चुनावी नतीजों के बाद पीएम मोदी न केवल जीत का जश्न मनाएंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।
बंगाल के रुझानों में बीजपी 169 सीटों पर आगे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना से प्राप्त रुझानों के अनुसार, बीजपी 169 सीट पर आगे है, जबकि टीएमसी 91 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। यह रुझान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकने वाले संभावित नतीजे की ओर संकेत देता है। शुरुआती आंकड़े भौगोलिक रूप से बंटे जनादेश के संकेत दे रहे हैं। भाजपा सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में आगे बढ़ती दिख रही है, जबकि तृणमूल कोलकाता के कुछ हिस्सों और कुछ ग्रामीण गढ़ों में अपनी पकड़ बनाए हुए है।

इस चुनाव को ममता बनर्जी के लगातार चौथी बार सत्ता में आने के प्रयास की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आक्रामक प्रचार अभियान चलाने वाली भाजपा 2021 में मिली बढ़त को निर्णायक सफलता में बदलने की कोशिश कर रही है। भवानीपुर सीट पर कांटे की टक्कर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी मतगणना के दूसरे दौर के बाद दक्षिण कोलकाता की इस चर्चित सीट पर भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से पीछे थीं, लेकिन तीसरे दौर में वह 8,482 मतों से आगे हैं। भवानीपुर का मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

पिस्तौल से गोली मारकर युवक की हत्या, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम; कई लोगों पर गंभीर आरोप

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मृतक की पत्नी पिंकी देवी ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपने पति संजीव कुमार उर्फ सन्नी कुमार के साथ घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान अचानक कई लोग उनके घर में घुस आए। आरोप है कि मनीष कुमार समेत अन्य आरोपियों ने संजीव कुमार के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मनीष कुमार ने कमर से पिस्तौल निकालकर संजीव कुमार को गोली मार दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े।

घटना के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और अन्य लोगों ने पाइप और रॉड से घायल संजीव कुमार की पिटाई जारी रखी। परिजनों ने किसी तरह उन्हें बचाकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी भी की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।

करीब दो सप्ताह तक इलाज के बाद 29 अप्रैल की रात लगभग 2:29 बजे संजीव कुमार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी ने कई नामजद लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सुनियोजित हमला था और आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से ही इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।