Sunday, July 5, 2026
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पति छोड़कर फरार, फैक्ट्री में काम करते वक्त कटी महिला की उंगली; तीन बच्चों के साथ दर-दर भटक रही पूनम ने मांगी मदद

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लुधियाना। पंजाब के लुधियाना शहर से एक महिला की दर्दभरी कहानी सामने आई है, जहां तीन बच्चों की मां पूनम अपने पति द्वारा छोड़ दिए जाने और आर्थिक तंगी से जूझ रही है। मूल रूप से बिहार के हाजीपुर की रहने वाली पूनम का आरोप है कि उनके पति प्रदीप उर्फ शत्रु पिछले करीब तीन महीनों से उन्हें और बच्चों को छोड़कर फरार हैं। महिला का कहना है कि अब वह गंभीर आर्थिक संकट में हैं और बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

पूनम ने बताया कि उनके माता-पिता नहीं हैं और वह लंबे समय से अपनी बहन के साथ लुधियाना में सब्जी मंडी के पास रह रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात सीतापुर निवासी प्रदीप उर्फ शत्रु से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और बाद में शादी हो गई। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। शुरुआत में सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे पारिवारिक हालात बिगड़ते गए।

महिला का आरोप है कि प्रदीप उर्फ शत्रु करीब तीन महीने पहले उन्हें बच्चों समेत छोड़कर चला गया। पूनम के अनुसार वह एक कंपनी में काम करके जैसे-तैसे घर चला रही थीं, लेकिन कुछ समय पहले फैक्ट्री में प्रेस मशीन पर काम करते दौरान उनकी एक उंगली कट गई। हादसे के बाद वह काम करने में असमर्थ हो गईं और परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह टूट गई।

पूनम का कहना है कि जब वह दूसरे लोगों के मोबाइल नंबर से अपने पति से संपर्क करती हैं तो वह बेहद बेरुखी से जवाब देता है। महिला के मुताबिक प्रदीप ने यहां तक कह दिया कि “चाहे मरो या जियो, हमें कोई मतलब नहीं।” इस व्यवहार से पूनम मानसिक रूप से भी टूट चुकी हैं। उनका कहना है कि बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ मां की नहीं, बल्कि पिता की भी होती है और प्रदीप अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

पीड़िता ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि उनके बच्चों के future को देखते हुए प्रदीप उर्फ शत्रु पर आर्थिक सहायता देने का दबाव बनाया जाए। पूनम चाहती हैं कि उन्हें और उनके बच्चों को न्याय मिले ताकि वह सम्मान के साथ जीवन जी सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह परिवार छोड़कर भाग जाने के मामलों में प्रशासन और सामाजिक संगठनों को आगे आकर पीड़ित महिलाओं की मदद करनी चाहिए।

फिलहाल पूनम अपने बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं और प्रशासन से सहायता की उम्मीद लगाए बैठी हैं।

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सुलतानपुर में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, ग्राम प्रधान और पुलिस पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

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सुलतानपुर। जिले के कूरेभार थाना क्षेत्र के कौड़ियावा गांव में जमीन विवाद अब प्रशासनिक और पुलिस कार्यवाही पर गंभीर सवाल खड़े करने लगा है। एक दिव्यांग युवक ने ग्राम प्रधान, पुलिस कर्मियों और राजस्व कर्मचारियों पर मिलीभगत, प्रताड़ना, मारपीट और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस महानिरीक्षक तक शिकायत भेजकर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

कौड़ियावा निवासी केश कुमार यादव ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके भाई अजय कुमार यादव ने अपनी हिस्से की जमीन का बैनामा ग्राम उमरी निवासी बबिता पत्नी चन्दन राणा के नाम किया था, लेकिन बैनामे में गलत चौहद्दी दर्शाकर दूसरे भाई की जमीन को शामिल कर लिया गया। पीड़ित का दावा है कि परिवार के बीच पैतृक संपत्ति का बंटवारा पहले ही हो चुका था, बावजूद इसके अब उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

पीड़ित ने ग्राम प्रधान चन्दन राणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपने राजनीतिक प्रभाव और दबंगई के दम पर जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहा है। शिकायत में चन्दन राणा को “अपराधिक भूमाफिया” बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग कर भारी अचल संपत्ति अर्जित की है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केश कुमार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है।

मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि थाना कूरेभार के तत्कालीन एसआई राजेश कुमार यादव और अन्य पुलिसकर्मियों ने विपक्षी पक्ष से मिलकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया। आरोप है कि 11 दिसंबर 2025 को उन्हें थाने बुलाकर दीवान और सिपाही के साथ मिलकर बुरी तरह पीटा गया। इतना ही नहीं, मेडिकल जांच के दौरान एक्स-रे रेफर पर्ची तक पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए और शिकायत वापस न लेने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

केश कुमार यादव, जो खुद को 45 प्रतिशत दिव्यांग बताते हैं, ने कहा कि वह छोटी मैकेनिक की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका आरोप है कि बार-बार थाने बुलाकर एकपक्षीय कार्रवाई की गई और BNS की धाराओं में चालान कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़ित ने दावा किया कि उनके पास फोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।

वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जांच में मामले को प्रथम दृष्टया सिविल प्रकृति का बताया गया है। जांच आख्या में कहा गया कि भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच चौहद्दी और कब्जेदारी का विवाद है तथा पीड़ित को न्यायालय में वाद दाखिल कर कानूनी राहत लेने की सलाह दी गई है। पुलिस की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि विपक्षी पक्ष की शिकायत पर केश कुमार और उनके भाई के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।

हालांकि पीड़ित परिवार प्रशासनिक जांच से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही और प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई की जा रही है। परिवार ने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और आईजी से मांग की है कि मामले की जांच किसी दूसरे जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाए ताकि निष्पक्ष न्याय मिल सके।

गांव और आसपास के इलाके में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव के कारण और अधिक उलझता जा रहा है। पीड़ित परिवार लगातार सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

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मजदूरी करने वाले पति की पत्नी बनी सोशल मीडिया स्टार बनने की दावेदार, 5 महीनों से अकेले बना रही वीडियो; बच्चों के भविष्य के लिए वायरल होने का सपना

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पूर्वी चम्पारण। बिहार के अरेराज क्षेत्र के सलहा गांव की रहने वाली बेबी देवी इन दिनों अपने संघर्ष और हौसले को लेकर चर्चा में हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच बेबी देवी पिछले करीब पांच महीनों से लगातार भोजपुरी, हिंदी और अन्य भाषाओं में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। उनका सपना है कि उनकी मेहनत लोगों तक पहुंचे, उनके वीडियो वायरल हों और यूट्यूब से होने वाली कमाई के जरिए वह अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकें।

बेबी देवी का कहना है कि वह अपने निजी मोबाइल फोन से अकेले ही वीडियो शूट करती हैं। न तो उनके पास कोई टीम है और न ही महंगे उपकरण। गांव के साधारण माहौल में रहकर वह रोज नए कंटेंट पर काम करती हैं। उनका यूट्यूब चैनल “अंकुश राज” नाम से संचालित हो रहा है, जिस पर वह लगातार वीडियो अपलोड कर रही हैं। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक बेबी देवी के पति अच्छे लाल सहनी मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। बेबी देवी का आरोप है कि उनके पति उन्हें वीडियो बनाने में कोई विशेष सहयोग नहीं करते, जबकि उन्हें यह पूरी जानकारी है कि वह सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इसके बावजूद बेबी देवी ने हार नहीं मानी और अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान बनाने की कोशिश कर रही बेबी देवी अब चाहती हैं कि लोग उनके वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें, लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें। उनका कहना है कि अगर उनका कंटेंट लोगों तक पहुंचा और चैनल से आमदनी शुरू हुई तो वह अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को बेहतर बना पाएंगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की महिलाओं के लिए इस तरह सोशल मीडिया पर सक्रिय होना अब भी आसान नहीं माना जाता। ऐसे माहौल में बेबी देवी का अकेले वीडियो बनाना और लगातार मेहनत करना कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है। सोशल मीडिया के दौर में अब गांव की महिलाएं भी अपने हुनर और आवाज को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

रास्ते के विवाद में पड़ोसी पर मारपीट का आरोप, मां-बेटे घायल, थाने में शिकायत

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उन्नाव जिले के सोहरामऊ थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद पड़ोसियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित चन्दनलाल निवासी सोहरामऊ ने आरोप लगाया कि पड़ोसी राजू और उसके साथियों द्वारा लंबे समय से रास्ते को लेकर विवाद किया जा रहा था। पीड़ित का कहना है कि घटना के दिन शाम के समय वह अपने घर के पास मौजूद था, तभी रास्ते से हटने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि पड़ोसी पक्ष ने चन्दनलाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तब आरोपियों ने उनकी मां को भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की गई।

घटना के बाद घायल हालत में पीड़ित और उसकी मां घर पहुंचे, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी से यह भी पता चला है कि यहां चरस गांजे का काम करते हैं और इन लोगों की दुकान है चरस गांजे की

इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते के छोटे विवाद ने बड़ा रूप ले लिया और समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता तो मामला और गंभीर हो सकता था।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फरीदाबाद की शिरोही झील में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, परिवार ने दोस्तों पर लगाए गंभीर आरोप

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फरीदाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके के रहने वाले एक युवक को उसके पांच दोस्त ,(सत्यम कुमार, अमित शर्मा ,मोहित, सोम, बबलू कुमार यह पांच दोस्त) घर से अपने साथ ले गए और बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत की खबर सामने आई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

मृतक की पहचान रामा शंकर राय के रूप में हुई है, जो अपने परिवार में सबसे छोटे थे। परिवार में दो बड़े भाई बहन है रामाशंकर के पिताजी को गुजरे हुए 7 वर्ष हो गए हैं और उनकी माता के साथ रहते हैं दिल्ली के भाटी माइंस स्थित संजय कॉलोनी, फतेहपुर बेरी इलाके में रहते थे।

परिवार का आरोप है कि 2 मई 2026 को सुबह करीब 11 बजे रामा शंकर के पांच दोस्त उन्हें घर से अपने साथ लेकर गए। इन दोस्तों के नाम सत्यम, अमित शर्मा, सोम, मोहित और बबलू कुमार बताए जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि ये सभी युवक इससे तीन दिन पहले भी शिरोही झील गए थे और चौथे दिन रामा शंकर को भी अपने साथ ले गए।

परिवार के मुताबिक रामा शंकर शुरू में जाने के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने साफ तौर पर मना भी किया था। उन्होंने कहा था कि उनका मन नहीं है और वह नहीं जाना चाहते, लेकिन दोस्तों ने दबाव बनाकर उन्हें साथ ले लिया।

बताया जा रहा है कि युवक को फरीदाबाद के धौज थाना क्षेत्र अंतर्गत शिरोही झील ले जाया गया। परिजनों का दावा है कि मुख्य रास्ते की बजाय पीछे के रास्ते से झील तक पहुंचाया गया, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार आगे के रास्ते से आवाजाही पर रोक रहती है। इस बात ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

घटना के बाद परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने दोस्तों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर रामा शंकर को जबरन क्यों ले जाया गया और झील तक पीछे के रास्ते से क्यों पहुंचाया गया। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल धौज थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोस्तों से पूछताछ के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग भी सच सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद रामा शंकर को न्याय मिलेगा।

मुंबई में 6 साल तक शादी का झांसा देकर साथ रखा, गर्भपात कराता रहा, फिर दूसरी शादी कर दी; शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी

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अयोध्या/मुंबई। शादी का सपना दिखाकर एक युवती के साथ वर्षों तक कथित शोषण, आर्थिक दोहन और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छपरा थाना कॉप क्षेत्र की रहने वाली नीलम ने अयोध्या गाव सरयराघुनाथ, पोस्ट भादर, थाना तारुन निवासी साजन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने उसे करीब 5 से 6 वर्षों तक पत्नी की तरह अपने साथ रखा, कई बार गर्भपात करवाया और फिर चुपचाप दूसरी लड़की से शादी कर ली। अब शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

पीड़िता नीलम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह मुंबई की एक कंपनी में काम करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात अयोध्या जिले के गांव सरयराघुनाथ, पोस्ट भादर, थाना तारुन निवासी साजन साजन से हुई, जो मुंबई में ही रहकर नौकरी करता था। दोनों के कमरे पास-पास होने के कारण बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

नीलम का कहना है कि कुछ समय बाद साजन उसे अलग कमरे में लेकर रहने लगा और दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। पीड़िता के अनुसार साजन ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। इस दौरान वह कई बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार आरोपी युवक दवाइयां देकर उसका गर्भपात करवा देता था। नीलम का आरोप है कि वह लगातार शादी का भरोसा देकर उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से अपने कब्जे में रखता रहा।

पीड़िता ने बताया कि साजन हर महीने उससे पैसों की मांग करता था और पिछले करीब पांच वर्षों में उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा खुद खर्च करता रहा। नीलम का कहना है कि उसने रिश्ते और शादी के भरोसे में अपनी पूरी कमाई तक उस पर लुटा दी।

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब 3 मई को साजन गांव जाने की बात कहकर मुंबई से रवाना हुआ। उसने नीलम से कहा कि रिश्तेदारी में शादी है और 10 दिन बाद वापस लौट आएगा। लेकिन कुछ ही समय बाद साजन के दोस्तों के सोशल मीडिया स्टेटस से नीलम को पता चला कि शादी किसी रिश्तेदार की नहीं बल्कि खुद साजन की हो रही थी।

नीलम के अनुसार जब उसने फोन कर साजन से सवाल किया तो पहले उसने शादी की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में दूसरी शादी की बात सामने आ गई। पीड़िता का कहना है कि अब आरोपी कह रहा है कि वह दोनों महिलाओं को साथ रखेगा। इतना ही नहीं, मुंबई लौटने से पहले वह नीलम से पैसे लेकर भी चला गया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने पुलिस और प्रशासन से शिकायत करने की कोशिश की तो उसे इधर-उधर भटकाया गया। मुंबई पुलिस ने मामला युवक के गृह जिले का बताकर कार्रवाई से मना कर दिया, जबकि गांव की पुलिस ने मुंबई में शिकायत दर्ज कराने की बात कही। इस बीच आरोपी लगातार फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है।

नीलम का आरोप है कि साजन ने उसे साफ धमकी दी है कि अगर उसने शिकायत वापस नहीं ली और मुंबई में कहीं दिखाई दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। धमकियों और धोखे से परेशान युवती अब लगातार भय और तनाव में जी रही है। परिवार वालों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

अब पीड़िता ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि आरोपी युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, मानसिक शोषण, जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।

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छोटी कहासुनी के बाद युवती से बर्बर मारपीट का आरोप: पिटबुल डॉग को लेकर शुरू हुआ विवाद, कपड़े खींचने की कोशिश और रेप की धमकी देने का आरोप

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भलश्वा । पिटबुल डॉग को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। भटसवा क्षेत्र में एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट, बदसलूकी और धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता शीतल ने पड़ोसी फूलचंद, उसकी पत्नी शोभा योगी और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के कई सदस्य भी चोटिल हो गए। मामले को लेकर इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

पीड़िता शीतल के अनुसार विवाद की शुरुआत पिटबुल डॉग को लेकर हुई थी। शीतल का कहना है कि फूलचंद के पिटबुल डॉग ने पहले भी गली के कई लोगों को काटा था और एक बार “शेरू” नाम के व्यक्ति या पालतू जानवर को भी घायल कर चुका था। इसी बात को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। 7 मई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे इसी मुद्दे पर दोबारा विवाद हुआ था, लेकिन उस समय मामला शांत हो गया था।

पीड़िता का आरोप है कि अगले ही दिन 8 मई को फूलचंद, उसकी पत्नी शोभा योगी और गुलशन के किराएदारों ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। शीतल ने मीडिया को बताया कि करीब 6 फुट लंबे फूलचंद ने उसे पकड़कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसके कपड़े खींचने की कोशिश की और डंडों से उसके पैरों पर हमला किया।

शीतल का कहना है कि विवाद के दौरान फूलचंद ने उसे रेप कराने की धमकी भी दी। मारपीट में उसके बाएं हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं और हड्डी टूटने की बात भी सामने आई है। घायल हालत में युवती की चीख-पुकार सुनकर उसकी मां मधु और बहन गीतांजलि मौके पर पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की और उन्हें भी चोटें पहुंचाईं।

कुछ देर बाद मधु के पति राजेंद्र बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान शीतल का बड़ा भाई प्रवीण भी मौके पर पहुंचा और परिवार को बचाने की कोशिश करने लगा। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने उसके सिर पर भी हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।

घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग और गली के निवासी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिटबुल डॉग को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ था।

घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। परिवार का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।

मामले की शिकायत भटसवा थाना देहरी में दी गई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मारपीट, महिला उत्पीड़न, धमकी और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि परिवार को न्याय मिल सके।

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गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र से वाहन चोरी का मामला सामने आया है,

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जहां वार्ड नंबर 04 निवासी श्यामसुंदर चौरसिया ने अपनी दोपहिया वाहन चोरी होने की शिकायत अधिकारियों से की है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह लगातार परेशान और मानसिक तनाव में हैं।

जानकारी के अनुसार श्यामसुंदर चौरसिया ग्राम थाना गोला बाजार चंद चौराहा जिला गोरखपुर के निवासी हैं। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनकी दोपहिया वाहन जिसका नंबर यूपी 58 एल 1141 है, दिनांक 02 मई 2026 को शाम करीब 3 बजकर 30 मिनट पर उनके घर के सामने खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात चोर वाहन लेकर फरार हो गए।

पीड़ित ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की और अपने स्तर पर वाहन तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने थाना गोला में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन आरोप है कि अब तक उनकी शिकायत पर न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी तरह की जांच आगे बढ़ाई गई।

श्यामसुंदर चौरसिया का कहना है कि उनकी दोपहिया वाहन रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन का मुख्य साधन थी। वाहन चोरी होने के बाद उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर वाहन बरामदगी के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी दिखाता है और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल श्यामसुंदर चौरसिया न्याय और अपनी गाड़ी की बरामदगी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

ट्रंप के दिल में अभी भी अधूरी है ये युद्ध रोकने की ख्वाहिश, अब खुलकर कर दिया इजहार; जानें दिलचस्प बात

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डोनाल्ड ट्रंप, दुनिया के कई युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं। और इस बीच उन्होंने इच्छा जताई है कि वह रूस और यूक्रेन की लंबे समय से जारी जंग भी रुकवाना चाहते हैं। जानें ट्रंप ने और क्या-क्या है।अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फिर से Russia Ukraine War को समाप्त कराने की इच्छा खुलकर जाहिर कर दी है। व्हाइट हाउस में मीडिया से हुई बातचीत में ट्रंप बोले कि उन्होंने अब तक दुनिया में कई युद्ध रुकवाए हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी इच्छा रूस-यूक्रेन जंग को खत्म कराने की है। उन्होंने आगे कहा कि अगर यह युद्ध समाप्त हो जाता है तो यह उनके लिए यह बड़ा शांति समझौता होगा।

रूस-यूक्रेन के बीच स्थापित होनी चाहिए शांति
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं इस जंग को समाप्त होते देखना चाहता हूं। रूस-यूक्रेन के बीच शांति स्थापित होनी चाहिए। यह अच्छा होगा यदि लोगों की मौतें होना बंद हो जाए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष Second World War के बाद सबसे भयावह युद्ध बन गया है। इसमें हर महीने हजारों जवानों की जान जा रही है।

ट्रंप ने की है 3 दिन के सीजफायर की घोषणा
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच 9 से 11 मई तक 3 दिन के सीजफायर की घोषणा भी की। यह युद्धविराम रूस के विक्ट्री डे समारोह के दौरान लागू रहेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस दौरान रूस और यूक्रेन, दोनों देशों के बीच सभी सैन्य गतिविधियां रुकी रहेंगी।

1-1 हजार कैदियों की होगी अदला-बदली
उन्होंने आगे कहा कि यह सीजफायर उनकी पहल पर हुआ है। यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin दोनों ने इसे मान लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि इस डील के तहत दोनों देश अपने 1 हजार-1 हजार कैदियों की अदला-बदली भी करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप को आशा है कि यह टेंपरेरी सीजफायर इस खूनी जंग के अंत की शुरुआत भी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी शांति के लिए बातचीत हो रही है। दोनों पक्ष समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को देश का नया CDS नियुक्त किया, जानें उनके बारे में

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लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया गया है। वह पहले भी कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।नई दिल्ली: देश को नया CDS यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मिल गया है। भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। एन एस राजा सुब्रमणि, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर, अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।

कौन हैं एन एस राजा सुब्रमणि?
लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि 1 सितंबर, 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार हैं। इससे पहले, वे 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना स्टाफ के उप प्रमुख और मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।

गौरतलब है कि देश के वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई, 2026 को समाप्त हो जाएगा।

CDS का पद कितना अहम?
CDS यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद काफी अहमियत रखता है। इस पद पर बैठा व्यक्ति, भारत की तीनों सेनाओं यानी थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करता है। अभी तक ये जिम्मेदारी जनरल अनिल चौहान संभाल रहे थे लेकिन 30 मई, 2026 को उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद इस जिम्मेदारी को लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे।

भारत में CDS के पद की घोषणा 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी। देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत थे जोकि साल 2021 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे। इसके बाद देश के सीडीएस पद की कमान जनरल अनिल चौहान को मिली।

भारत में Chief of Defence Staff (CDS) पद की जरूरत कारगिल युद्ध के बाद से ही महसूस की गई क्योंकि इस युद्ध में तीनों सशस्त्र बलों (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) के बीच समन्वय की कमी दिखाई दी थी। ऐसे में उच्च स्तरीय निर्णय लेने की प्रक्रिया में कमी सामने आई थी। ऐसे में ये जरूरी था कि कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित कर सके। इसी जरूरत ने CDS के पद का निर्माण करवाया।