Sunday, July 5, 2026
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देशभर की अदालतों का डेटा अब एक ही जगह होगा उपलब्ध, CJI सूर्यकांत ने शुरू की ‘वन केस वन डेटा’ पहल

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मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका “वन केस वन डेटा” पहल शुरू कर रही है। इस प्रणाली में सभी निचली अदालतों से लेकर हाई कोर्ट तक का डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा।नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को एक बड़ी डिजिटल पहल की घोषणा की, जिसका मकसद न्यायिक डेटा एकीकरण को मजबूत करना और देश भर में अदालती सेवाओं तक आम जनता की पहुंच में सुधार करना है।

दिन की कार्यवाही शुरू होने पर यह ऐलान करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका “वन केस वन डेटा” (One Case One Data) पहल शुरू कर रही है। यह प्रणाली सभी उच्च न्यायालयों, जिला न्यायालयों और तालुका न्यायालयों की बहु-स्तरीय सूचनाओं को एक एकीकृत तंत्र में जोड़ेगी।

CJI ने कहा, “हम सभी उच्च न्यायालयों, जिला और तालुका न्यायालयों के बहुस्तरीय विवरणों को शामिल करते हुए ‘वन केस वन डाटा’ पहल शुरू कर रहे हैं। हम एक कुशल केस प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

‘वन केस वन डेटा’ के मुख्य उद्देश्य
इसमें देश की सभी निचली अदालतों से लेकर हाई कोर्ट तक का डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा।
CJI ने कहा, हम एक कुशल केस मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
इस पहल से अदालतों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम होगा और मामलों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।
AI चैटबॉट ‘सु सहाय’ की शुरुआत
CJI ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर “सु सहाय” नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित चैटबॉट के लॉन्च की भी घोषणा की। यह चैटबॉट विशेष रूप से वादियों के लिए न्याय तक पहुंच आसान बनाने के लिए बनाया गया है।

उन्होंने कहा, “हम अपनी वेबसाइट के लिए ‘सु सहाय’ नामक एक सहायता चैटबॉट भी शुरू कर रहे हैं, जिसे एनआईसी ने रजिस्ट्री के सहयोग से विकसित किया है। यह नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए बुनियादी दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए एक सरल और सुविधाजनक इंटरफ़ेस प्रदान करेगा।”

सोमनाथ मंदिर की खासियत क्या है, इस पर किसने कब-कब हमला किया? यहां जानें पूरा इतिहास

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सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी पहुंचे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सोमनाथ मंदिर के अमृत महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। ये आयोजन सोमनाथ के नए मंदिर परिसर के 75 साल पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। ये वही ऐतिहासिक सोमनाथ का मंदिर है जिसे 17 बार लूटा गया, तोड़ा गया लेकिन सनातन की पताका हमेशा लहराती रही। आजादी के बाद देश में सबसे पहले जिस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया गया वो सोमनाथ का ही मंदिर है। ये पहला मंदिर है जिसका उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने किया। आज जब इस पावन ज्योतिर्लिंग में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है तो पीएम मोदी इसके 90 मीटर ऊंचे शिखर पर कुंभाभिषेक करेंगे जिसके लिए 11 तीर्थों का पवित्र जल लाया गया है।

कार्यक्रम में क्या-क्या होगा?
सोमनाथ मंदिर में कार्यक्रम के दौरान 51 ब्राह्मण रुद्र पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे। वहीं, महारुद्र यज्ञ में 1.25 लाख आहुतियां अर्पित की जाएंगी। इसके बाद सोमनाथ मंदिर के गौरव को आसमान से सलामी दी जाएगी। एयरफोर्स के सूर्यकिरण विमान सनातन के इस अडिग संकल्प को आसमान से सलाम करेंगे और भव्य फ्लाईपास्ट होगा। सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पहली बार मंदिर के शिखर पर कुंभाभिषेक किया जाएगा।

सोमनाथ मंदिर की मान्यताएं
श्री सोमनाथ महादेव वह पवित्र भूमि मानी जाती है, जहां चंद्रमा की तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर, भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उन्हें अंधेरे के श्राप से मुक्त किया। यह भी माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां भगवान श्री कृष्ण ने अपनी अंतिम यात्रा की थी। माना जाता है कि सोमनाथ का मंदिर 4 चरणों में बनाया गया था- भगवान सोम द्वारा सोने से, रवि द्वारा चांदी से, भगवान कृष्ण द्वारा लकड़ी से और राजा भीमदेव द्वारा पत्थर से। सोमनाथ मंदिर में गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप हैं, जिसका शिखर 155 फीट ऊंचा है। शिखर के ऊपर कलश का वजन 10 टन है और ध्वजदंड 27 फीट ऊंचा और 1 फुट परिधि का है। मौजूदा मंदिर कैलाश महामेरु प्रसाद शैली में बना है। महारानी अहिल्याबाई द्वारा जीर्णोद्धार किया गया मंदिर मुख्य मंदिर परिसर के पास है।

सोमनाथ मंदिर पर कब-कब हुआ हमला?
1026 ईस्वी- गजनवी ने तोड़ा (कुल 17 बार हमले किए)
1311 ईस्वी- अलाउद्दीन खिलजी के आदेश पर विध्वंस
1326 ईस्वी- मुहम्मद बिन तुगलक ने किया हमला
1395 ईस्वी- दिल्ली सल्तनत के जफर खान ने बोला धावा
1451 ईस्वी- महमूद बेगड़ा ने भी सोमनाथ मंदिर लूटा
17वीं सदी- औरंगजेब ने सोमनाथ मंदिर तुड़वाया
सोमनाथ मंदिर की खासियत
देश के 12 ज्योतिर्लिंग में सोमनाथ पहला
शास्त्रों, पुराणों और लोक परंपरा में महत्व
सोमनाथ मंदिर का स्कंद पुराण में वर्णन
चंद्रदेव के मंदिर की स्थापना की मान्यता
सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है
सोमनाथ मंदिर दो मंजिला है
मंदिर का ध्वजदंड 11 मीटर लंबा है
1,666 स्वर्ण-मंडित कलश
कलश का वजन 10 टन
सोमनाथ मंदिर के रहस्य
प्राचीन मंदिर लकड़ी के 56 खंभों पर टिका था
मुख्य मूर्ति बिना किसी सहारे के हवा में लटकी थी
प्राचीन सोमनाथ मंदिर की छत स्वर्ण जड़ित थी
शिवलिंग मंदिर में जमीन से दो फीट की ऊंचाई पर था
40 मन वजनी सोने का घंटा मंदिर में लटका था
महमूद गजनवी ने मंदिर से 6 टन सोना लूटा
सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण
1947 में मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ
सरदार वल्लभभाई पटेल ने पुनर्निर्माण शुरू कराया
सौराष्ट्र के पूर्व राजा दिग्विजय सिंह ने आधारशिला रखी
8 मई 1950 को मंदिर पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी गई
11 मई 1951 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उद्घाटन किया
आधुनिक सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण 1961 में पूरा हुआ
1995 में सोमनाथ मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया गया

चार बच्चों को छोड़ महिला लापता, प्रेमी संग फरार होने की आशंका; ड्राइवर पति बोला- ‘वृंदावन जाने की बात कहकर गई थी’

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अलीगढ़ जिले के खैर रोड क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चार बच्चों की मां अचानक घर से लापता हो गई। पति ने आशंका जताई है कि उसकी पत्नी किसी युवक के साथ फरार हो गई है। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। मामले की शिकायत पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई है और पुलिस महिला की तलाश में जुटी हुई है।

पीड़ित पति प्रदीप शर्मा ने मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी 6 मई 2025 की सुबह करीब 9 बजे घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने बच्चों से कहा था कि वह दवाई लेने जा रही हैं। उस समय प्रदीप शर्मा अपने काम पर गए हुए थे। प्रदीप पेशे से ड्राइवर हैं और काम के कारण दो-तीन दिन में एक बार ही घर आ पाते हैं। प्रदीप के अनुसार, लापता होने से एक दिन पहले पत्नी ने उनसे फोन पर कहा था कि वह किसी आंटी के साथ वृंदावन दर्शन करने जा रही हैं। इस पर प्रदीप ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी थी और कहा था कि वह मंगलवार शाम तक घर लौट आएंगे।

प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब वह मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे घर पहुंचे तो पत्नी घर पर नहीं थीं। उन्होंने बच्चों को खाना खिलाया और देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन गीता देवी वापस नहीं लौटीं। अगले दिन आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 7 मई को पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

पति का आरोप है कि उनकी पत्नी किसी युवक के संपर्क में थी। प्रदीप शर्मा ने शक जताते हुए बताया कि भानु प्रताप नाम के युवक से उनकी पत्नी की बातचीत होती थी। उन्होंने कई बार पत्नी को इस संबंध में समझाया भी था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह चार बच्चों को छोड़कर चली जाएगी। परिवार का कहना है कि पति-पत्नी के बीच कभी कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। दोनों पिछले 6-7 वर्षों से किराए के मकान में रह रहे थे और मोहल्ले वालों के मुताबिक उनके बीच कभी झगड़े जैसी स्थिति नहीं देखी गई।

परिजनों के अनुसार गीता देवी घर से जाते समय करीब 30 हजार रुपये नगद भी अपने साथ लेकर गई हैं। महिला ने काली साड़ी और काला पर्स लिया हुआ था। पति का कहना है कि उनकी पत्नी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं और बिना किसी दबाव के घर से गई हैं। ऐसे में परिवार को प्रेम प्रसंग के चलते फरार होने की आशंका है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार और पुलिस लगातार महिला की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रदीप शर्मा ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को गीता देवी के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें, ताकि बच्चों को उनकी मां वापस मिल सके।

संपर्क नंबर: +91 88102 52320

“लड्डू गोपाल ने भरी मांग में सिंदूर!” बिम्बी कुमारी का दावा—2 साल से हो रहे दिव्य अनुभव, बिना दवा ठीक हुईं बीमारियां

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अलीगढ़। थाना क्वासी गांव मधुबनी कॉलोनी आस्था, चमत्कार और रहस्य से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां अलीगढ़ जिले के थाना काशी क्षेत्र की मधुबनी कॉलोनी निवासी बिम्बी कुमारी ने दावा किया है कि भगवान लड्डू गोपाल स्वयं उसके साथ रहते हैं और अपने हाथों से उसकी मांग में सिंदूर भरते हैं। बिम्बी कुमारी का कहना है कि यह अनुभव पिछले कई वर्षों से हो रहा है, लेकिन पिछले 2 वर्षों में यह घटनाएं और स्पष्ट रूप से सामने आने लगी हैं।

बिम्बी कुमारी के अनुसार, शुरुआत में उसे इन घटनाओं का स्पष्ट एहसास नहीं था, लेकिन समय के साथ उसे यह अनुभव होने लगा कि वह भगवान की विशेष कृपा की पात्र है। उसने बताया कि कई साधु-संतों से भी इस बारे में चर्चा की गई, जिनमें से कई ने उसे “लड्डू गोपाल का अनन्य भक्त” बताया और कहा कि भगवान की उपस्थिति उसके भीतर है।

बिम्बी कुमारी ने दावा किया कि उसे पहले उच्च रक्तचाप (बीपी 160) और शुगर जैसी गंभीर बीमारियां थीं, लेकिन बिना किसी दवा के यह सभी समस्याएं ठीक हो गईं। वह इसे पूरी तरह लड्डू गोपाल की कृपा मानती है। उसके अनुसार, फागुन के समय उसे भगवान के दर्शन भी हुए, जहां वे शिव के रूप में प्रकट हुए और भजन गाते हुए नजर आए।

बिम्बी कुमारी का कहना है कि वह अक्सर भगवान की भक्ति में इतनी लीन हो जाती है कि उसे होश नहीं रहता और वह बेहोश हो जाती है। कई बार वह एक पैर पर खड़ी होकर आरती करती है और लंबे समय तक इसी अवस्था में रहती है। उसने यह भी कहा कि वह समाज सेवा करना चाहती है, लेकिन भगवान की भक्ति में डूब जाने के कारण उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

बिंम्बी कुमारी और उनकी बेटी के खाने में सास गायत्री देवी ने नशीली दवाइयां मिलाई थी जिससे बिंम्बी और उनकी बेटी के शरीर पर रिएक्शन हो गए थे उसे भी लड्डू गोपाल की कृपा से बिना किसी गोली दवाई के ठीक हो गए इतना ही नहीं देवर अरविंद और देवरानी योगिता यह लोग रहने नहीं देना चाहते हैं घर से भागना चाहते है

इस पूरे मामले ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। जहां कुछ लोग इसे आस्था और चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे मानसिक और चिकित्सकीय जांच का विषय भी बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल, बिम्बी कुमारी अपने अनुभवों को दिव्य आशीर्वाद मान रही हैं और खुद को लड्डू गोपाल की अनन्य भक्त बता रही हैं। मामला आस्था और विज्ञान के बीच संतुलन की बहस को एक बार फिर सामने लाता है।

अंबेडकरनगर में प्रेम संबंध बना विवाद की जड़, शादी टूटने के बाद युवक ने लगाए लाखों की ठगी और फर्जी मुकदमे के आरोप

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अंबेडकरनगर। जिले के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रेम संबंध, शादी का भरोसा, पैसों के लेन-देन और पुलिस कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार साल तक चले रिश्ते के बाद शादी की उम्मीद लगाए बैठे युवक ने अब युवती और उसके परिजनों पर लाखों रुपये लेने, धमकी देने और फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। पीड़ित युवक का कहना है कि अब उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और उसे न्याय की आस दिखाई नहीं दे रही।

जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर डिहवा प्रीतमपुर निवासी श्यामू पुत्र राजितराम ने थाना अध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसका गांव फत्तेपुर डिहवा निवासी अंशिका गौड़ के साथ पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था और दोनों की शादी भी तय हो चुकी थी। युवक का दावा है कि इसी भरोसे में युवती के परिवार ने उससे अलग-अलग समय पर ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब डेढ़ लाख रुपये लिए। इतना ही नहीं, उसने युवती को 18 हजार रुपये का मोबाइल फोन भी दिलाया था।

पीड़ित युवक के अनुसार जब उसने शादी की बात आगे बढ़ाने और अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तब युवती के परिवार का व्यवहार अचानक बदल गया। युवक का आरोप है कि लड़की के पिता ने साफ शब्दों में कहा कि शादी नहीं करेंगे और यदि रुपये की मांग की गई तो उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। युवक का कहना है कि पहले उसे शादी का सपना दिखाया गया और जब उसने अपने मेहनत की कमाई वापस मांगी तो उसके खिलाफ साजिश शुरू कर दी गई।

प्रार्थना पत्र के मुताबिक 28 अप्रैल 2026 की शाम करीब सात बजे नावली चौक पर युवक को मोबाइल लौटाने के बहाने बुलाया गया। वहां पहुंचने पर युवती के परिजनों और कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की और मारने के लिए दौड़ा लिया। युवक ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

युवक ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उस पर युवती का निजी वीडियो वायरल करने का गंभीर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। युवक का कहना है कि उसने कोई वीडियो वायरल नहीं किया और उसके मोबाइल में जो निजी वीडियो था, वह केवल दोनों के आपसी संबंधों का हिस्सा था। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाइल तक डिलीट कर दिया और बिना पूरी जांच किए केवल लड़की पक्ष की बात मान ली गई। युवक ने कहा कि एक एफआईआर ने उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब वह मानसिक तनाव में जी रहा है।

मामले ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। गांव और आसपास के लोग इसे प्रेम संबंध टूटने के बाद पैदा हुए विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि युवक लगातार निष्पक्ष जांच और अपने पैसों की वापसी की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन युवक ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।

मथुरा में सनसनीखेज मामला: अपहरण की कोशिश, लूट, महिला से अश्लील हरकत और हत्या की साजिश के आरोप

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मथुरा जिले के जमुनापार थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार ने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं और अब मामला बच्चे के अपहरण की कोशिश, घर में घुसकर लूटपाट, महिला से अश्लील हरकत, मारपीट और जान से मारने की धमकियों तक पहुंच गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
शिव नगर कॉलोनी तैयापुर निवासी शिवकुमार पुत्र लीलाधर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ समय पहले आरोपी हरीश और उसके साथियों पर उनके घर से चांदी की तोड़ियां और सोने के आभूषण चोरी करने का आरोप लगा था। उस समय पंचायत और पुलिस की मौजूदगी में समझौता कराया गया था, लेकिन तभी से आरोपी परिवार से रंजिश रखने लगे।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी हरीश लगातार घर के आसपास आकर विवाद करता और परिवार को धमकाता रहा। शिवकुमार ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को उनका पुत्र हिंदू प्राइमरी स्कूल तैयापुर से घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में चौबे जी के बाड़े के पास हरीश और उसके चार साथियों ने बच्चे का अपहरण करने की कोशिश की। बच्चे के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार ने इसकी शिकायत थाना जमुनापार में दी, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है।
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल को जब वह घर पर नहीं थे, तब आरोपी हरीश उनके घर पहुंचा और गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने कथित रूप से महिला के सामने कपड़े उतार दिए और अश्लील हरकतें करने लगा। इसी दौरान शिवकुमार के घर पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि 1 मई 2026 को आरोपी हरीश और उसके साथी नंदकिशोर व शब्बू कथित रूप से शिवकुमार की हत्या की साजिश बनाते दिखाई दिए। पीड़ित का दावा है कि राजेश और हरिगोविंद गवाह है और मौजूद लोगों ने बातचीत सुनी और मोबाइल से फोटो भी लिए हैं।
इसी मामले में जमुनापार निवासी राधा देवी ने भी थाना प्रभारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 15 फरवरी 2025 की रात आरोपी हरीश, मोता, राहुल, राकेश, इन्दोह और अन्य साथियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने तमंचा सिर पर रखकर घर में रखे जेवर और नकदी लूट ली। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी हरीश ने उसके पति के सामने कपड़े उतारने और इज्जत लूटने की धमकी भी दी।
राधा देवी का कहना है कि घटना के दौरान घर का पालतू कुत्ता खुल गया, जिसके बाद आरोपी भागने लगे। भागते समय आरोपी हरीश का मोबाइल, जूता और टोपी मौके पर छूट गई, जिससे उसकी पहचान हुई। पीड़िता ने बताया कि बाद में पंचायत के जरिए समझौते की कोशिश हुई, जिसमें आरोपी पक्ष ने रकम लौटाने की बात स्वीकार की थी, लेकिन बाद में मुकर गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी पक्ष लगातार गाली गलौज कर रहा है और पुलिस को पैसे देकर मामला दबाने तथा पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी घर में पेट्रोल डालकर आग लगाने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दे रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपी हरीश, सत्यावती, नंदकिशोर, राहुल,अर्जुन राकेश सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस को शिकायत पत्र सौंप दिया गया है और मामले की जांच की मांग की जा रही है। इलाके में घटना को लेकर दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।

पश्चिम चम्पारण में आधार सुधार के नाम पर 19 हजार की ठगी, पीड़ित की नहीं सुनीपश्चिम पुलिस, कार्रवाई के लिए भटक रहा युवक

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सुगौली। पश्चिम चम्पारण‌ जिले के सुगौली थाना क्षेत्र में आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार कराने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि आधार सुधार कराने का झांसा देकर उससे 19 हजार रुपये वसूल लिए गए, लेकिन न तो आधार कार्ड में कोई सुधार हुआ और न ही अब तक रुपये वापस मिले। इतना ही नहीं, पीड़ित का आरोप है कि थाना पुलिस ने उसकी तहरीर तक लेने से इनकार कर दिया और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार सुगौली थाना क्षेत्र के श्रीपुर भटवलिया वार्ड नंबर 8 निवासी अर्जुन कुमार ने बताया कि आधार कार्ड में जन्मतिथि कम कराने के नाम पर राकेश कुमार पासवान नामक युवक ने उससे संपर्क किया था। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह आसानी से आधार में सुधार करा देगा। इसके एवज में पहले 10 हजार रुपये नकद और बाद में 9 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से लिए गए। कुल 19 हजार रुपये लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा।

पीड़ित के अनुसार रुपये लेने के बाद न तो आधार कार्ड में कोई बदलाव हुआ और न ही आरोपी ने पैसे लौटाए। जब भी वह फोन करता है तो आरोपी फोन नहीं उठाता। पीड़ित ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार पासवान पश्चिम चम्पारण के जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र बेतिया में बैठता है। कई बार मिलने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार बहाने बनाकर टाल दिया गया।

अर्जुन कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के साथ उसका भांजा भी इस पूरे नेटवर्क में शामिल है, जो लोगों को अलग-अलग जगहों पर बुलाकर मिलवाता है। पीड़ित का कहना है कि कई बार रुपये वापस करने का झांसा दिया गया, लेकिन अब तक कोई पैसा वापस नहीं मिला।

सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित जब अपनी शिकायत लेकर सुगौली थाना पहुंचा तो उसकी तहरीर तक नहीं ली गई। पीड़ित का आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं सुना गया और अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इससे पीड़ित खुद को ठगा और असहाय महसूस कर रहा है।

पीड़ित ने अब मामले की शिकायत ऑनलाइन माध्यम से भी की है और उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आधार सुधार और सरकारी दस्तावेजों के नाम पर चल रहे ठगी के नेटवर्क और सक्रिय हो सकते हैं।

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प्रयागराज के दारागंज थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार आकाश नाम है

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प्रयागराज के दारागंज थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार आकाश नाम है उम्र 26 वर्ष है यहां नाव चलाता है पर जबरदस्ती और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीड़िता के अनुसार घटना 23 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट की है। महिला का कहना है कि वह घर से बाहर निकली थी, तभी रास्ते में आकाश ने उसे रोक लिया और कथित तौर पर जबरन पकड़कर कमरे के अंदर ले गया। पीड़िता का आरोप है कि वहां उसके साथ जबरदस्ती की गई। और जब यहां हरकत उसने कि उस समय वहां नशे में था

महिला ने बताया कि घटना के दौरान उसने शोर मचाने और विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आकाश ने उसे धमकाते हुए कहा कि अगर उसने अपने पति या परिवार को इस बारे में बताया तो उसे और उसके परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी रिश्तेदारी का फायदा उठाकर लगातार दबाव बना रहा था। घटना के बाद महिला मानसिक रूप से बेहद परेशान बताई जा रही है।

मामले की शिकायत थाना दारागंज में दी गई है, जहां पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने इलाके में रिश्तों की मर्यादा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हरियाणा में बिजली कनेक्शन का सपना टूटा, आवेदन रद्द होने से परिवार परेशान

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अंबाला जिले के चौरमस्तपुर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण बिजली व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव मस्तपुर निवासी राज कौर ने अपने घर के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड में नया घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन महीनों इंतजार के बाद विभाग ने आवेदन रद्द कर दिया।

जानकारी के अनुसार राज कौर ने 26 सितंबर 2024 को सौभाग्य योजना के तहत नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। आवेदन संख्या A34 924 188 के तहत विभाग में ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई और 236 रुपये शुल्क भी जमा कराया गया। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही घर में बिजली पहुंचेगी और रोजमर्रा की परेशानियां खत्म होंगी।

आवेदन में घरेलू उपयोग के लिए एक किलोवाट लोड की मांग की गई थी। आवेदक ने आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज भी जमा किए थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार लगातार विभागीय कार्रवाई का इंतजार करता रहा।

लेकिन करीब डेढ़ साल बाद विभाग की ओर से आवेदन की स्थिति में बड़ा बदलाव सामने आया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार कनेक्शन आवेदन को रद्द कर दिया गया। रद्द करने का कारण बताया गया कि आवेदक के घर के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है और क्षेत्र प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर सर्विस कनेक्शन आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

विभाग ने स्पष्ट किया कि हाई टेंशन लाइन की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा हो सकती है, इसलिए फाइल को निरस्त कर दिया गया। हालांकि जमा की गई राशि वापस कर दी गई है।

इस फैसले के बाद परिवार में नाराजगी और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में पहले से हाई टेंशन लाइन थी तो आवेदन स्वीकार करने और शुल्क जमा कराने से पहले ही स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी। लंबा इंतजार कराने के बाद आवेदन रद्द करना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को बार बार विभागीय चक्कर काटने पड़ते हैं। अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर घर तक बिजली कैसे पहुंचेगी और क्या विभाग कोई वैकल्पिक समाधान देगा।

मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तकनीकी जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस परिवार को राहत देने के लिए कोई नया रास्ता निकालते हैं या नहीं।

पत्नी युवक के साथ फिर हुई लापता, 3 साल के मासूम के साथ अकेला रह गया पति; मोबाइल भी बंद, पुलिस में दर्ज हुई मिसिंग रिपोर्ट

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Virar। महाराष्ट्र के विरार क्षेत्र से एक परिवार के टूटने और पत्नी के लापता होने का मामला सामने आया है। विरार पुलिस थाने में दर्ज मिसिंग रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता पति ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी 29 अप्रैल 2026 को धोखे से घर छोड़कर चली गई। पीड़ित पति का दावा है कि पत्नी को अजय यादव पिता दशरथ यादव नाम का युवक अपने साथ लेकर गया है। घटना के बाद से महिला का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विरार पुलिस थाने में मनुष्य मिसिंग क्रमांक 110/2026 दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक पुलिस उप निरीक्षक नरेंद्र गायकवाड़ को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता पति ने बताया कि जिस युवक पर उनकी पत्नी को भगाने का आरोप है उसका नाम अजय यादव है, जो Alibag क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। अजय यादव के पिता का नाम दशरथ यादव बताया गया है।

पीड़ित पति का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि आरोपी युवक पहले भी उनकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जा चुका है। इस बार भी अचानक पत्नी घर से गायब हो गई और अपना मोबाइल फोन साथ ले गई, जिसके बाद से नंबर लगातार बंद आ रहा है। पति का कहना है कि पत्नी के अचानक चले जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

सबसे ज्यादा परेशानी तीन साल के मासूम बच्चे को लेकर हो रही है। पति के अनुसार अब बच्चे की पूरी जिम्मेदारी अकेले उन्हीं पर आ गई है। वह बच्चे की देखभाल में इतने व्यस्त रहते हैं कि काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने लगी है और परिवार पर संकट गहराता जा रहा है। पति का कहना है कि वह मानसिक रूप से भी बेहद परेशान हैं और लगातार पत्नी की तलाश कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में छोटे बच्चों का भविष्य सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। वहीं परिवार ने पुलिस प्रशासन से महिला को जल्द खोजने और मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलुओं के आधार पर जांच में जुटी हुई है।

पीड़ित पति को उम्मीद है कि पुलिस जल्द उनकी पत्नी का पता लगाएगी ताकि उनका परिवार दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौट सके।

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