Sunday, July 5, 2026
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नालंदा में मजदूर परिवार के घर लाखों की चोरी, बेटी की शादी के लिए रखे गहने और नकदी साफ

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नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र में एक मजदूर परिवार के घर हुई बड़ी चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार मजदूरी करने के लिए बाहर गया हुआ था और जब कई दिनों बाद घर लौटा तो मकान का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर नकदी और लाखों रुपए के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और बेटी की शादी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार परवलपुर थाना क्षेत्र के सिनादाँ गांव निवासी राजेश चौहान अपने पूरे परिवार के साथ 20 अप्रैल 2026 को मजदूरी करने आरा गए हुए थे। करीब 21 दिन बाद 11 मई की शाम लगभग 4 बजे परिवार वापस घर लौटा। घर पहुंचते ही मुख्य दरवाजे और कमरे का सामान बिखरा पड़ा मिला। जब परिवार ने अंदर जाकर देखा तो लोहे की पेटी का ताला और कुंडी टूटी हुई थी।

पीड़ित राजेश चौहान ने बताया कि पेटी में बेटी की शादी के लिए करीब 66 हजार रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा चार जोड़ी सोने की कनवाती, बेसर, चांदी की पायल सहित कई कीमती आभूषण रखे हुए थे। चोर सभी गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित ने बताया कि मजदूरी कर-करके बेटी की शादी के लिए पैसे और गहने जमा किए थे, लेकिन एक ही रात में सब कुछ खत्म हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।

घटना की सूचना परवलपुर थाना को दी गई है। पीड़ित ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर चोरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। ग्रामीणों में भी घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इलाके में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द आरोपियों को पकड़कर चोरी गया सामान बरामद करेगी।

चित्रकूट में दबंगों का आतंक, भारत लाल को ही उनके घर से किया बेदखल

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चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र अंतर्गत भारतपुर तराँव गांव में रहने वाले भारत लाल पुत्र राम स्वरुप ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि कुछ अज्ञात दबंग और गुंडा प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनके ही घर पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, उन्हें घर से जबरन उठा ले जाकर मारपीट की गई और जान से डराने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित भारत लाल के अनुसार दबंगों ने उनसे चार लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि अब इस घर पर उनका कब्जा है और भारत लाल को यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है। विरोध करने पर उन्हें बुरी तरह पीटा गया और गांव छोड़ने तक की धमकी दी गई। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और दहशत के माहौल में जी रहा है।

भारत लाल ने आरोप लगाया है कि दबंग लगातार उनके घर के आसपास घूमते हैं और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उनके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और कमजोर लोगों को डराकर उनकी जमीन और मकान पर कब्जा करने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिल सके।

भारत लाल ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें उनके घर में सुरक्षित रहने का अधिकार दिलाया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है।

फतुधाना से कोचखेड़ा सड़क निर्माण में बड़ा घोटाले का आरोप

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अधूरा काम, खेतों में डाली जा रही मिट्टी और 12 लाख के भुगतान की तैयारी से ग्रामीणों में आक्रोश

फतुधाना से कोचखेड़ा तक बनने वाली ग्रामीण सड़क अब विवादों में घिर गई है। गांव के लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क का निर्माण गांव की सुविधा और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत किया गया था, उसी काम में अब खुलेआम लापरवाही बरती जा रही है।

जानकारी के अनुसार फतुधाना से कोचखेड़ा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है, जिसकी कुल लागत 32 लाख 59 हजार रुपये बताई जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण निर्धारित मार्ग पर सही तरीके से नहीं किया जा रहा। कई स्थानों पर सड़क की बजाय खेतों की ओर मिट्टी डाल दी गई है, जिससे पूरा निर्माण कार्य संदेह के घेरे में आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर जितना काम दिखाई दे रहा है, उसके मुकाबले कहीं अधिक राशि निकालने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि अभी तक लगभग 12 लाख रुपये का बिल तैयार कर दिया गया है, जबकि निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। लोगों का कहना है कि जमीन पर वास्तविक काम बहुत कम हुआ है, लेकिन कागजों में अधिक प्रगति दिखाकर भुगतान निकालने की कोशिश की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगहों पर समतलीकरण सही तरीके से नहीं किया गया। मिट्टी और निर्माण सामग्री का उपयोग भी मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहा। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लापरवाही जारी रही तो सड़क बनने से पहले ही खराब हो सकती है और सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।

गांव में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके का निरीक्षण किया जाए और जितना कार्य वास्तव में हुआ है उसी के आधार पर भुगतान किया जाए।

ग्रामीण मूलचंद सांभर, कैलाश लाल सिंह, जब्बू, लता सिंह, रामेश्वर और रामदीन सहित कई लोगों ने कहा कि गांव के लोगों को इस सड़क से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन अब निर्माण कार्य में सामने आ रही अनियमितताओं ने सभी को परेशान कर दिया है। ग्रामीण चाहते हैं कि इस मामले में जल्द सुनवाई हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायत पहुंचाकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर इस कथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

12 साल पुराने जमीन विवाद में फिर बढ़ा तनाव, कोर्ट के आदेश के बावजूद कब्जा नहीं मिलने का आरोप

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बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मेहसी थाना क्षेत्र स्थित रंगरेज छपरा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर गहरा गया है। मामला अब इतना बढ़ चुका है कि प्रशासन को दोनों पक्षों पर शांति भंग की आशंका में धारा 126 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई की अनुशंसा करनी पड़ी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्यायालय से आदेश मिलने और जमाबंदी कायम होने के बावजूद उन्हें अब तक जमीन पर दखल-कब्जा नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी नवल किशोर राय, अवधेश राय और उपदेश कुमार राय ने आरोप लगाया है कि उनके दादा स्वर्गीय फिरंगी राय की संयुक्त पुश्तैनी संपत्ति में उनका वैधानिक हिस्सा होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने वर्षों पहले कथित रूप से उन्हें वंशावली से बाहर दिखाकर पूरी जमीन पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि फिरंगी राय के दो पुत्र थे—अच्छेलाल राय और रामाश्रय राय। लेकिन बाद में रामाश्रय राय और उनके वारिसों को रिकॉर्ड से हटाकर जमीन का बंटवारा कर लिया गया।

दस्तावेजों के अनुसार, रामाश्रय राय के पुत्र स्वर्गीय मोहन लाल राय के परिवार को पहले पंचायत के माध्यम से भरण-पोषण के लिए कुछ जमीन दी गई थी। इसी आधार पर भूमि सुधार उप समाहर्ता चकिया की अदालत ने वर्ष 2012-13 में फैसला सुनाते हुए माना कि मोहन लाल राय का परिवार भी फिरंगी राय का वैध वंशज है और संयुक्त संपत्ति में उनका बराबर का अधिकार बनता है।

अदालत ने अपने आदेश में अंचलाधिकारी मेहसी को निर्देश दिया था कि आवेदक पक्ष के नाम आधी जमीन की जमाबंदी कायम कर स्थानीय थाना के सहयोग से दखल कब्जा दिलाया जाए। इसके बाद आवेदक नवल किशोर राय और उनके भाइयों के नाम जमाबंदी भी कायम कर दी गई। बावजूद इसके आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने जमीन खाली नहीं की और विवाद लगातार बढ़ता चला गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि खाता संख्या 13, 15 और 40 की कई खेसरा जमीनों पर विपक्षी सूर्य नारायण राय, सुदीश नारायण राय और संजय राय द्वारा जबरन कब्जा कर मकान निर्माण की कोशिश की जा रही है। जब इसका विरोध किया जाता है तो गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन जाती है।

मामले की जांच में पहुंचे पुलिस अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि गांव में दोनों पक्षों के बीच काफी तनाव बना हुआ है और कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी जांच के दौरान बताया कि विवाद को लेकर माहौल लगातार खराब हो रहा है और कई बार समझाने के बावजूद विवाद खत्म नहीं हो रहा।

अंचल कार्यालय की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर मूल कागजात के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्वेच्छा से आदेश का पालन नहीं किया गया तो बल प्रयोग कर दखल-कब्जा दिलाया जा सकता है।

गांव में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अदालत ने वर्षों पहले फैसला सुना दिया और जमाबंदी भी कायम हो गई, तो अब तक पीड़ित परिवार को जमीन पर अधिकार क्यों नहीं मिल पाया। वहीं पीड़ित पक्ष न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर लगातार प्रशासन के चक्कर काट रहा है।

प्रतापगढ़ में तेज रफ्तार ई-ट्रॉली ने बाइक सवार को मारी टक्कर, चालक और मालिक मौके से फरार

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प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रही ई-ट्रॉली की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक और वाहन मालिक मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम हथिगवां पूरे चिरैया निवासी संगीता देवी पत्नी रमेश कुमार यादव ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 22 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे उनके परिजन रेखा कुमार यादव बाइक से सुदीनपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ई-ट्रॉली को चालक गोरे सिंह तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था।

आरोप है कि ई-ट्रॉली मालिक अविनाश कुमार साहू निवासी क्षेत्रीय गांव का वाहन अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों की मदद से घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद चालक और वाहन मालिक मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

संगीता देवी ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि यदि समय रहते ऐसे लापरवाह चालकों पर कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़े हादसे हो सकते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।

24 दिन तक लापता रही बेटी कॉलेज में मिली, अब शादी से मुकरा युवक; गरीब पिता बोला- “लेकर गया था तो अब शादी भी करे”

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद संवेदनशील और चर्चित मामला सामने आया है, जहां 24 दिन तक लापता रही एक युवती अचानक कॉलेज में परीक्षा देने पहुंची तो परिवार को उसका पता चला। अब युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि गांव का ही एक युवक उसे अपने साथ लेकर गया था, लेकिन वापस आने के बाद वह शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटक रहा है।

जानकारी के अनुसार, थाना पटेरा क्षेत्र के ग्राम सतारिया निवासी गणेश पटेल ने अपनी 21 वर्षीय बेटी रोशनी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार के मुताबिक, रोशनी 1 अप्रैल को घर से यह कहकर निकली थी कि वह दमोह में अपनी बहन के यहां रुककर कॉलेज का पेपर देने जाएगी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।

पीड़ित पिता गणेश पटेल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दमोह थाना क्षेत्र के बड़गुआ गांव निवासी छत्रपाल पटेल अपने साथ लेकर गया था। उन्होंने बताया कि करीब 7-8 महीने पहले दोनों बच्चों ने परिवार से शादी कराने की बात कही थी। इसके बाद परिवार छत्रपाल के घर रिश्ता लेकर भी गया, लेकिन वहां दहेज की मांग रखी गई।

गणेश पटेल का आरोप है कि छत्रपाल के परिवार वालों ने साफ कहा था कि “अगर दहेज देने की औकात नहीं है तो रिश्ता लेकर यहां क्यों आए हो।” गरीब परिवार होने के कारण वे दहेज की मांग पूरी नहीं कर सके। पिता ने बताया कि उनके तीन बच्चों में से दो की शादी पहले ही हो चुकी है और वे अपनी बेटी रोशनी की शादी भी अपनी क्षमता अनुसार करना चाहते थे।

परिवार का कहना है कि रिश्ता टूटने के कुछ समय बाद ही छत्रपाल उनकी बेटी को कॉलेज से अपने साथ लेकर चला गया। 24 दिन तक परिवार बेटी की तलाश में भटकता रहा। बाद में जब रोशनी परीक्षा देने कॉलेज पहुंची, तब जाकर उसका पता चला। फिलहाल युवती अपने पिता के पास है।

अब सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर खड़ा हो गया है कि छत्रपाल शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित पिता का कहना है कि “जब वह मेरी बेटी को अपने साथ लेकर गया था, तब उसे समाज में बदनामी का सामना करना पड़ा। अब 24 दिन बाद बेटी घर लौटी है तो उसकी शादी कहीं और होना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अगर छत्रपाल उसे लेकर गया था तो अब उसे ही शादी करनी चाहिए।”

परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाने से लेकर अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। गरीब पिता का कहना है कि वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है और अब केवल अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है।

गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रेम संबंध, दहेज और सामाजिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नागपुर में ऑटो सफर के दौरान महिला के लाखों के सोने के गहने चोरी शादी में शामिल होने जा रही थी महिला, पुलिस से लगाई मदद की गुहार

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नागपुर के हिंगणा रोड इलाके से एक सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव जा रही एक महिला के ऑटो सफर के दौरान सोने के कीमती गहने रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत MIDC हिमाडेसी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार इसासनी झिरो डिथी हिंगणा रोड निवासी ज्योति चव्हाण 8 मई 2026 को गोंदिया जाने के लिए सीआरपीएफ गेट के पास से ऑटो में बैठी थीं। महिला का कहना है कि सफर के दौरान उन्हें किसी तरह की हलचल महसूस नहीं हुई, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि उनके सोने के गहने गायब हो चुके हैं। चोरी हुए गहनों में करीब साढ़े तीन तोले की रानी हार और नथ शामिल है। बताया जा रहा है कि गहनों की कीमत लाखों रुपये में हो सकती है।

पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि जिस ऑटो में वह सफर कर रही थीं उसका नंबर MH 49 AR 2158 था। महिला ने आशंका जताई है कि ऑटो में सफर के दौरान ही किसी ने बेहद शातिर तरीके से उनके गहनों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद महिला सदमे में है और उसने पुलिस से जल्द से जल्द गहने बरामद करने की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सफर के दौरान किसी वस्तु के गिरने जैसी आवाज सुनाई दी थी, लेकिन उस समय महिला ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बाद में जब सामान की जांच की गई तो सोने के गहने गायब मिले। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक वाहनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

MIDC हिमडेसी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और ऑटो चालक से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन सुन क्यों नहीं रही है रोज आए दिन टाल रही है इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक वाहनों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी मजबूत करनी चाहिए ताकि आम नागरिक सुरक्षित सफर कर सकें

जबलपुर के बरगी बांध में हादसे को लेकर बड़ा फैसला, सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी बांध में हादसे को मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने इस घटना के न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीते महीने बरगी बांध में हुए हादसे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जबलपुर बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच होगी। राज्य शासन ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्य जांच आयोग नियुक्त किया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में नियुक्त आयोग मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर जांच पूरी करेगा रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।

जांच के लिए पांच प्वाइंट्स तय
न्यायिक आयोग की बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की जांच के पांच बिंदु तय किये गये हैं। जांच के निर्धारित बिंदुओं में :-

1- दुर्घटना के कारणों की जांच करना एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण

2 – दुर्घटना के दौरान और दुर्घटना के बाद में किए गए बचाव उपायों की पर्याप्तता और राहत कार्यों की समीक्षा

3 – राज्य में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज एवं जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट तथा इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 एवं एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइंस, 2017 के अनुरूप जलयानों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था

4 – राज्य में क्रूज, नौकाओं एवं जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन व रखरखाव हेतु एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करना

5 – ऐसे सभी स्थानों पर जहां नागरिक जल परिवहन, नौका, क्रूज एवं जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित हो रही हैं, त्वरित प्रतिक्रिया दल के गठन की व्यवस्था,शामिल हैं।

कैसे हुआ था हादसा?
आपको बता दें कि बीते 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज नौका पलट गई थी। जानकारी के मुताबिक, तेज तूफान के कारण उठी ऊंची लहरों की वजह से ये हादसा हुआ। हादसे के दौरान क्रूज में 41 लोग सवार थे। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 28 लोगों को बचा लिया गया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर दुख जताया था। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था।

ब्रिक्रमपुर ताहरपुर में जलभराव से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, गांव में घुसा गंदा पानी, मच्छरों के आतंक से लोग परेशान

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ब्रिक्रमपुर ताहरपुर गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। गांव में कई दिनों से जमा गंदा पानी अब लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है। लगातार फैल रही गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से गांव में बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बाहर स्थित छोटे तालाब और नालों की सफाई लंबे समय से नहीं कराई गई है। जल निकासी का उचित इंतजाम नहीं होने के कारण बारिश और गंदा पानी गांव में भर गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई घरों में पानी घुसने लगा है। लोगों का कहना है कि छोटे तालाब से बड़े तालाब तक पानी निकासी के लिए नाला निर्माण की मांग कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने बताया कि गंदे पानी के कारण गांव में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का आतंक तेजी से बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में बीमार पड़ने का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो गांव में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या को नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन में संतोष, शिवकुमार, दिनेश, शनवार, कृपान सिंह, नरेन्द्र, जगपाल, विनीत कुमार, चन्द्रभान सिंह, विजय, अगरीश, अमन, चन्द्रसेन, जमन सिंह, देवेन्द्र, शमोतार, विनीता देवी, हरीश, राजू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब की सफाई, नाला निर्माण और गांव से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

सोनभद्र में वैवाहिक विवाद ने पकड़ा तूल, महिला ने पति राहुल पर लगाए गंभीर आरोप

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सोनभद्र/प्रयागराज:
सोनभद्र जिले में एक वैवाहिक विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। पीड़िता पुष्पा ने अपने पति राहुल कुमार पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने, घर छोड़कर फरार होने, नकदी और मोबाइल लेकर जाने तथा मानसिक प्रताड़ना देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है।
पीड़िता पुष्पा का कहना है कि करीब एक महीने पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। उस दौरान राहुल ने फोन कर आने की बात कही, लेकिन वह मिलने नहीं आया और बाद में उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। इससे आहत होकर पुष्पा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। वीडियो में वह कहती नजर आ रही है कि अब वह चुप नहीं बैठेगी और न्याय के लिए अदालत तक जाएगी।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद राहुल का संपर्क दूसरी महिला से बढ़ गया, जिसके बाद दोनों के रिश्तों में लगातार तनाव रहने लगा। पुष्पा ने आरोप लगाया कि राहुल ने सोशल ऐप पर उसे “गलत औरत” कहकर अपमानित किया। इस पूरे विवाद के बाद दोनों के बीच कहासुनी भी सार्वजनिक हो गई।
पीड़िता के अनुसार राहुल उसे प्रयागराज लेकर गया था, जहां से वह अचानक गायब हो गया। महिला का दावा है कि राहुल घर से नकदी और मोबाइल भी लेकर चला गया। उसने आरोप लगाया कि यह केवल घर छोड़ने का मामला नहीं बल्कि उसके सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
मामले में प्रतापगढ़ निवासी किरण कुमारी और उसके पति अरविंद का नाम भी सामने आया है। पुष्पा का आरोप है कि किरण ने उसके निजी फोटो और वीडियो राहुल को भेजे और उसके वैवाहिक जीवन में विवाद पैदा करने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़िता ने दावा किया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले गुजरात के सूरत क्षेत्र में भी राहुल उसे छोड़कर जा चुका है। अब उसने पाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया है।
इस बीच पुष्पा द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित पुष्पा के संपर्क नंबर 9278392592 यह है।
आरोपी पति राहुल का संपर्क नंबर 8423899077 है।

किरण कुमारी और पति अरविंद के मोबाइल नंबर 9558789521, 9537349527 यह है।