Sunday, July 5, 2026
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‘मुझे किसी ने देखा तक नहीं’, रजनीकांत की स्पीच हो रही वायरल, श्री श्री रविशंकर के जन्मदिन पर बोले थे एक्टर

रजनीकांत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे एक स्पीच देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने ये स्पीच श्री श्री रविशंकर के जन्मदिन पर हुए कार्यक्रम में उनके आश्रम में दी थी।साउथ सुपरस्टार रजनीकांत अपने ह्यूमर के लिए खूब सराहे जाते हैं। अक्सर ही उन्हें आप सार्वजनक भाषणों में खुद के लुक का मजाक बनाते देखा होगा। लेकिन अब एक बार फिर रजनीकांत की स्पीच ने लोगों का दिल जीत लिया है। हाल ही में रजनीकांत बेंगलुरु में श्री श्री रविशंकर के आश्रम में उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में पहुंचे थे। यहां पहुंचकर रजनीकांत ने ऐसा मजेदार किस्सा सुनाया कि खुद रविशंकर जी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इसके साथ ही एक भावुक कहानी भी साउथ सुपरस्टार ने लोगों के साथ शेयर की है। अब ये स्पीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रजनीकांत ने यहां श्री श्री रविशंकर के जन्मदिन पर उनके आश्रम आर्ट ऑफ लिविंग में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा, ‘मुझे इस आश्रम में रहना बहुत अच्छा लगता है। यहां हरियाली है, झीलें हैं, गायें हैं, और बहुत सारे जानवर हैं, और हर कोई हमेशा मुस्कुराता रहता है।’ उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने शुरू में सिर्फ दो दिन रुकने की योजना बनाई थी, लेकिन शांतिपूर्ण वातावरण के कारण वे 15 दिन तक रुके। अभिनेता ने कहा कि हिमालय की यात्रा करने के बाद भी उन्हें इस जगह पर इतना सुकून मिला जितना कहीं और नहीं मिला। रजनीकांत ने यहां अपने ईगो की भी एक कहानी बताई। खुद सुनाया मजेदार किस्सा
जिसमें उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि बहुत से लोग मेरे पास आएंगे। लेकिन मैंने वहां कई तमिल लोगों को भी देखा।’ लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने उन्हें सबसे ज्यादा चौंका दिया। उन्होंने बताया, ‘सच कहूं तो, किसी ने मेरी तरफ देखा तक नहीं। मैं हाथ हिला रहा था, लेकिन किसी ने मुझे देखा तक नहीं।’ उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘मैंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, लेकिन इसने मेरे अहंकार को चूर-चूर कर दियाअपने ह्यूमर को लेकर पहचाने जाते हैं रजनीकांत
बता दें कि साउथ सिनेमा में सबसे बड़ा नाम बने रजनीकांत उतने ही डाउन टू अर्थ हैं। उन्होंने अपने सिनेमाई करियर में एक खास इमेज लोगों के मन में बना ली है और उनके फैन्स उनकी पूजा करते हैं। साथ ही रजनीकांत अपने ह्यूमर को लेकर भी पहचाने जाते हैं। रोबोट फिल्म के प्रमोशन के समय का भी एक किस्सा रजनीकांत सुना चुके हैं। जो काफी वायरल रहा था। जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे लोगों को अचरच होता है कि रजनीकांत की हीरोइन ऐश्वर्या राय कैसे हो सकती है।

‘कुलदीप सेंगर के उन्नाव रेप मामले में मुख्य अपील पर 2 महीने में फैसला ले HC’, सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

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उन्नाव रेप मामले में मुख्य अपील को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट से मुख्य अपील पर 2 महीने के अंदर निर्णय करने को कहा है।नई दिल्ली: कुलदीप सिंह सेंगर के उन्नाव रेप मामले से जुड़ी एक मुख्य अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्य अपील पर 2 महीने में फैसला लेने को कहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर हाईकोर्ट को लगता है कि इसका निर्णय जल्द संभव नहीं है, तो वह शिकायतकर्ता के वकील सहित सभी पक्षों को सुनने के बाद सजा स्थगन की प्रार्थना पर नया आदेश पारित कर सकता है।

सेंगर की सजा के निलंबन के आदेश पर है रोक
बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित किए जाने के खिलाफ CBI ने याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल, दिसंबर में हाईकोर्ट के उसकी सजा को निलंबित करने के आदेश पर रोक लगाई थी।

कुलदीप सेंगर के वकील ने कोर्ट में दी ये दलील
आज (शुक्रवार को) CBI की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अपील की सुनवाई 25 तारीख को हाईकोर्ट में होनी है। इस पर कुलदीप सिंह सेंगर के वकील ने कहा कि मैं अपील के फैसले में बाधा नहीं डाल रहा हूं, लेकिन अब सजा निलंबन आदेश पर रोक लगी हुई है और मैं यह साबित करने की स्थिति में हूं कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी।

क्या एक विधायक लोक सेवक है?
फिर उन्होंने कहा कि मुझे इस आधार पर हिरासत में लिया जाएगा कि मैं एक लोक सेवक हूं। इस पहलू पर आपको विचार करना होगा। इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बोले कि यहां यह सवाल उठता है कि क्या एक विधायक लोक सेवक है।

क्या है उन्नाव रेप मामला?
जान लें कि उन्नाव रेप मामला, साल 2017 का है। यह यूपी के उन्नाव जिले में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और उसके बाद पीड़ित परिवार की तरफ से इंसाफ पाने के लिए किए गए संघर्ष से जुड़ा गंभीर आपराधिक केस है। इस मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं।

अंग्रेजी बबूल बना राष्ट्रीय खतरा? तीन साल से जारी शिकायत, वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद फिर उठे सवाल

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जयपुर/भीलवाड़ा/देहरादून। राजस्थान से उठी एक शिकायत ने अब देशभर में बहस छेड़ दी है। अंग्रेजी बबूल यानी ‘प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा’ को लेकर एक शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि यह पेड़ भारत की देसी जैव विविधता को खत्म कर रहा है और इसके फैलाव से लोगों में दाद, खुजली, संक्रमण जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। मामला इतना बढ़ गया कि इसकी शिकायत केंद्र सरकार के लोक शिकायत पोर्टल DARPG तक पहुंच गई, जहां अपील पिछले तीन वर्षों से लंबित बताई जा रही है।

दरअसल, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद से जुड़े अरीड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जोधपुर द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में स्वीकार किया गया है कि ‘प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा’ एक आक्रामक प्रजाति बन चुकी है और यह देशी जैव विविधता के लिए खतरा साबित हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह पौधा मूल रूप से मध्य और दक्षिण अमेरिका का निवासी है, जिसे वर्ष 1885-86 में कच्छ क्षेत्र में लाया गया था। बाद में राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में इसका बड़े पैमाने पर रोपण किया गया और वर्ष 1940 में इसे “राजकीय वृक्ष” तक घोषित कर दिया गया था।

हालांकि संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पेड़ से मानसिक रोग, हार्ट अटैक या संक्रमण फैलने जैसी किसी वैज्ञानिक पुष्टि वाली रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट में यह जरूर माना गया कि इसके कांटों से चरने वाले पशुओं में चोट और अंधेपन की आशंका हो सकती है। बावजूद इसके शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पेड़ की पत्तियां जब तालाबों और नदियों में गिरती हैं तो पानी दूषित होता है और उससे त्वचा रोग तेजी से फैलते हैं।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में देश के अस्पतालों में दाद, खाज और खुजली की दवाइयों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी हुई है और इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि अंग्रेजी बबूल अब इतनी तेजी से फैल चुका है कि यह दूसरे पेड़ों और वनस्पतियों को खत्म कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पूर्वजों ने वर्षों पहले भी इस पेड़ की जांच की मांग उठाई थी, लेकिन अंग्रेजी शासन और बाद की व्यवस्थाओं में इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

भीलवाड़ा वन विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि अंग्रेजी बबूल केवल वन भूमि पर ही नहीं बल्कि चारागाह, कृषि और अन्य सरकारी व निजी जमीनों पर भी फैला हुआ है, इसलिए वन विभाग अकेले इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता। विभाग ने यह भी बताया कि बजट और सरकारी स्वीकृति मिलने पर समय-समय पर इसके उन्मूलन की कार्रवाई की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा’ जैसी आक्रामक प्रजातियां पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। यह पेड़ कम पानी में तेजी से बढ़ता है और आसपास की अन्य वनस्पतियों को पनपने नहीं देता। कई राज्यों में इसे हटाने को लेकर अभियान भी चलाए जा चुके हैं।

अब यह मामला केवल एक पेड़ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। शिकायतकर्ता ने केंद्र और राज्य सरकार से इस प्रजाति की व्यापक वैज्ञानिक जांच, सर्वे और नियंत्रण अभियान चलाने की मांग की है।

NEET-UG पेपर लीक के बाद सरकार के 6 बड़े ऐलान, जानें अभ्यर्थियों के लिए क्या-क्या होगा खास

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नीट-यूजी पेपर लीक के बाद एनटीए ने परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया है। वहीं अब शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े ऐलान किये हैं।नई दिल्ली: देश भर में एनटीए की ओर से नीट-यूजी परीक्षा का 3 मई को आयोजन कराया गया था। हालांकि कुछ ही दिन बाद पेपर लीक का मामला सामने आया, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। वहीं अब 21 जून को नीट-यूजी परीक्षा का दोबारा आयोजन कराया जाएगा। इसके लिए तैयारियां दोबारा से शुरू कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़ी तैयारियों और पेपर लीक के बाद चल रही जांच की जानकारी दी। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान ने नीट की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए कई बड़े ऐलान भी किए हैं।
अभ्यर्थियों के लिए बड़े ऐलान
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक को लेकर कहा कि सिस्टम में चूक हुई है और उन्होंंने इसकी जिम्मेदारी भी ली है। इसके साथ ही अब दोबारा एग्जाम को लेकर शिक्षा मंत्री ने 6 बड़े ऐलान किए। सरकार की ओर से किए गए बड़े ऐलान इस प्रकार हैं-

सभी अभ्यर्थियों को 14 जून तक मिल जाएंगे एडमिट कार्ड
अभ्यर्थियों को एक हफ्ते का अवसर देंगे ताकि वो अपनी पंसद का शहर चुन सकें
अभ्यर्थियों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करेंगे
छात्रों को 15 मिनट एक्स्ट्रा टाइम दिए जाएंगे
परीक्षार्थियों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ने देंगे
अगले साल NEET की परीक्षा कंप्यूटर से होगी
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
बता दें कि शुक्रवार सुबह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में री-एग्जाम का ऐलान किया है। एक्स पर एक पोस्ट में एनटीए ने लिखा, “भारत सरकार की स्वीकृति से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026, रविवार को NEET (UG) परीक्षा का पुनर्नियोजन निर्धारित किया है। उम्मीदवारों और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।” इसके अलावा एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। अभ्यर्थी किसी भी जानकारी के लिए 011-40759000 या 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ईमेल neet-ug@nta.ac.in के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रहस्यमय ढंग से लापता हुआ बिहार का जवान, परिवार में मचा कोहराम

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नई दिल्ली/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले 41 वर्षीय नित्यानंद कुमार रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें आखिरी बार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देखा गया था, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार नित्यानंद कुमार बिहार के नालंदा जिले के कतरी सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपुर गांव के निवासी हैं। वे लंबे समय से बाहर रहकर कार्य कर रहे थे। परिवार का कहना है कि नित्यानंद कुमार का अचानक संपर्क टूट गया, जिसके बाद कई स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। मामले को लेकर परिजनों में अनहोनी की आशंका भी गहराने लगी है।

परिवार के मुताबिक, नित्यानंद कुमार करीब 6 फीट लंबे हैं और उनका रंग गेहुआं है। जब उनसे आखिरी बार संपर्क हुआ था तब वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद थे। इसके बाद उनका मोबाइल भी बंद आने लगा। परिजनों का कहना है कि हर गुजरते दिन के साथ चिंता बढ़ती जा रही है। गांव में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

लापता होने की खबर फैलते ही रिश्तेदारों और परिचितों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी खोज अभियान शुरू कर दिया है। परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को नित्यानंद कुमार कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत मोबाइल नंबर 6205696399 पर संपर्क करें। परिजनों का कहना है कि आपकी एक छोटी सी सूचना किसी परिवार को फिर से जोड़ सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर बड़े शहरों में लोगों के अचानक गायब होने की बढ़ती घटनाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि नित्यानंद कुमार सकुशल वापस लौट आएंगे।

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खेत में गड्ढा खुदवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का आरोप, बुजुर्ग महिला बोली- “कोई सुनवाई नहीं हो रही”

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अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के जिले के भीटी थाना क्षेत्र के तेरिया गांव से पारिवारिक विवाद और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता जीरा देवी और उनके छोटे बेटे अजय कुमार ने आरोप लगाया है कि खेत में जबरन गड्ढा खुदवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों और विपक्षी पक्ष ने उन्हें धमकाया और डराने की कोशिश की। घटना के बाद से पूरा परिवार दहशत में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।

पीड़ित परिवार के अनुसार घटना 12 मई की रात करीब 8 बजे की है। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी खेत में गड्ढा खुदवाने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि खेत में ही जीरा देवी का घर बना हुआ है। जब जीरा देवी ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि खेत में गड्ढा क्यों खुदवाया जा रहा है, तो कथित तौर पर उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान जब अजय कुमार ने बीच में बोलने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाते हुए कहा कि “तेरे खेलने-खाने के दिन हैं, ज्यादा बोला तो काउंटर कर देंगे।”

परिवार का कहना है कि धमकी के बाद वह लोग डर गए और गांव की तरफ भागने लगे। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही कथित तौर पर पुलिसकर्मी वहां से चले गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पूरा विवाद नल लगाने को लेकर चल रहा है। विपक्षी पक्ष खेत में जबरन नल लगवाना चाहता था, जिसका जीरा देवी विरोध कर रही थीं।

जीरा देवी ने आरोप लगाया कि वह वर्ष 2012 से अपने छोटे बेटे अजय कुमार के साथ रह रही हैं। उनका कहना है कि बड़े बेटे सहादुर ने कभी उनका इलाज नहीं करवाया, न ही किसी प्रकार की आर्थिक मदद की। पीड़िता का आरोप है कि सहादुर और उसके परिवार के लोग लगातार उन्हें और अजय कुमार के परिवार को परेशान करते हैं। परिवार ने सहादुर, उसकी पत्नी प्रभावती, बेटी श्रीमती कलावती, दूसरी बेटी प्रियंका तथा सचिन, नितिन, विपिन समेत अन्य लोगों पर झगड़ा और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।

पीड़ित परिवार का कहना है कि सहादुर लगातार अजय कुमार को धमकी देता है कि “तुम्हें रेप केस में फंसा दूंगा।” परिवार का आरोप है कि इसी तरह की धमकियों के कारण वह लोग लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने पुलिसकर्मियों को पैसे देकर अपने पक्ष में कर लिया है, जिसके कारण उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।

घटना के बाद से पूरा परिवार डरा-सहमा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ था, लेकिन अब इसमें पुलिस कार्रवाई और धमकियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में किसी तरह की अनहोनी न हो।

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झारखंड के गिरिडीह की रहने वाली 25 वर्षीय जुबैदा खातून ने अपने प्रेमी मुस्तफा शेख पर प्यार में धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया है। जुबैदा का कहना है कि फेसबुक के जरिए करीब 10 महीने पहले दोनों की बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़िता के अनुसार दोनों कई बार मिले और होटल में भी साथ रहे, जहां उनके बीच शारीरिक संबंध बने। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने का वादा भी किया था। पीड़िता का आरोप है कि मुस्तफा शेख ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह शादी सिर्फ उसी से करेगा। उसकी बातों पर विश्वास कर जुबैदा ने उसके साथ अपना भविष्य देखना शुरू कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद मुस्तफा का व्यवहार अचानक बदलने लगा। वह जुबैदा से दूरी बनाने लगा और बातचीत से भी बचने लगा। जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। जुबैदा खातून का कहना है कि वह मुस्तफा से सच्चा प्यार करती थी और उसी के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी, लेकिन अब आरोपी उसे छोड़कर भाग रहा है। इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से टूट चुकी है और इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उसने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का दावा है कि मामले में मेडिकल जांच और विवाह से जुड़े कुछ दस्तावेजी पहलू भी सामने आए हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। न्याय नहीं मिलने से परेशान जुबैदा खातून अब मीडिया के सामने आई है और उसने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आधार कार्ड के अनुसार आरोपी का नाम मुस्तफा शेख उर्फ Mostafa Sk बताया गया है। उसके पिता का नाम हुमायूं शेख है। आधार कार्ड में दर्ज पते के मुताबिक आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बैष्णवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीरनगर, मुकुंदा टोला, पलगाछी, पिन कोड 732127 का निवासी है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि युवती के आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जुबैदा खातून अब प्रशासन और समाज से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठी है।

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झारखंड के गिरिडीह की रहने वाली 25 वर्षीय जुबैदा खातून ने अपने प्रेमी मुस्तफा शेख पर प्यार में धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया है। जुबैदा का कहना है कि फेसबुक के जरिए करीब 10 महीने पहले दोनों की बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़िता के अनुसार दोनों कई बार मिले और होटल में भी साथ रहे, जहां उनके बीच शारीरिक संबंध बने। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने का वादा भी किया था। पीड़िता का आरोप है कि मुस्तफा शेख ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह शादी सिर्फ उसी से करेगा। उसकी बातों पर विश्वास कर जुबैदा ने उसके साथ अपना भविष्य देखना शुरू कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद मुस्तफा का व्यवहार अचानक बदलने लगा। वह जुबैदा से दूरी बनाने लगा और बातचीत से भी बचने लगा। जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। जुबैदा खातून का कहना है कि वह मुस्तफा से सच्चा प्यार करती थी और उसी के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी, लेकिन अब आरोपी उसे छोड़कर भाग रहा है। इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से टूट चुकी है और इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उसने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का दावा है कि मामले में मेडिकल जांच और विवाह से जुड़े कुछ दस्तावेजी पहलू भी सामने आए हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। न्याय नहीं मिलने से परेशान जुबैदा खातून अब मीडिया के सामने आई है और उसने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आधार कार्ड के अनुसार आरोपी का नाम मुस्तफा शेख उर्फ Mostafa Sk बताया गया है। उसके पिता का नाम हुमायूं शेख है। आधार कार्ड में दर्ज पते के मुताबिक आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बैष्णवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीरनगर, मुकुंदा टोला, पलगाछी, पिन कोड 732127 का निवासी है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि युवती के आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जुबैदा खातून अब प्रशासन और समाज से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठी है।

सरकारी तालाब पर दबंगों का कब्जा, सीसी रोड के नीचे बनाए मकान, ग्रामीणों में आक्रोश

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बदायूँ जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम नगासी में सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने धीरे-धीरे तालाब की जमीन पर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है, जबकि प्रशासन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है।

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम नगासी, मौन्नामपुर के पास स्थित सरकारी तालाब (कोड संख्या 243641) पर कई लोगों ने मिलकर कब्जा कर लिया है। आरोपियों में कल्याण सिंह के पुत्र राजेश सिंह, नेकराम के परिवार के सदस्य, साधु सिंह, कड़ी सिंह सहित अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने पहले तालाब में भैंस का गोबर डालकर उसे पाटा, फिर ऊपर से मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया और धीरे-धीरे वहां मकान खड़े कर दिए।

हैरानी की बात यह है कि इन अवैध निर्माणों के ऊपर से सीसी रोड तक बना दी गई है, जिससे यह कब्जा और भी स्थायी रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है यहां पर रोड पर ही तालाब बना हुआ है और आने-जाने में आसुविधा है यह कब्जा सुनील राठौर के घर के पास वाले हिस्से में ज्यादा तेजी से हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार सुनील राठौर के घर के सामने स्थित सरकारी तालाब की जमीन पर कई सालों से कब्जे की कोशिश चल रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन लोगों पर तालाब कब्जाने के आरोप लग रहे हैं, उनके नाम अब खुलकर सामने आने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों द्वारा जबरन दूसरे व्यक्तियों का नाम घसीटकर झूठे आरोप लगाने की भी चर्चा गांव में हो रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजेश सिंह पुत्र कल्याण सिंह समेत कुछ अन्य लोग तालाब की जमीन को पाटने में लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि यह सरकारी संपत्ति है और इसे बचाया जाना चाहिए, लेकिन दबंगई के चलते कोई खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा। गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपित लोग पुराने समय के कथित दबंग और माफिया तत्वों से जुड़े रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर इस तरह का अवैध कब्जा खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इससे गांव के लोगों में रोष व्याप्त है और वे लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक कब्जा नहीं जाता है

गांव वालों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा तालाब खत्म हो जाएगा, जिससे जल संरक्षण पर भी गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर अवैध कब्जा हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है यहां के लोग बहुत ज्यादा परेशान है इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

पति के अवैध संबंधों और मारपीट से परेशान नवविवाहिता पहुंची थाने, बोली- “मेरी रकम तक बेच दी, अब जान से मारने की धमकी”

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इंदौर।

शहर के पलासिया क्षेत्र में रहने वाली एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता मुस्कान सांवनेर ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि शादी के एक साल बाद ही उसका वैवाहिक जीवन प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो गया है। महिला का आरोप है कि उसका पति सावन सांवनेर कई दूसरी महिलाओं से संबंध रखता है और आए दिन मोबाइल पर उनसे बातचीत करता है, जिसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है।

पीड़िता के अनुसार उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति का व्यवहार बदलने लगा। वह लगातार विवाद करता था और तीन दिन से लगातार झगड़ा कर रहा था। महिला ने आरोप लगाया कि 12 मई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे पति अपनी मां के घर से वापस आया और साफ शब्दों में कहा कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहता। इसके बाद पति और सास ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

मुस्कान का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो सास ने भी धमकी दी कि ज्यादा आवाज उठाई तो “मार-मारकर जुलूस निकाल देंगे।” महिला का आरोप है कि उसके साथ केवल घरेलू हिंसा ही नहीं हुई बल्कि गर्भ में पल रहे तीन महीने के बच्चे को भी खत्म करवा दिया गया। इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है।

आपके दिए गए बयान को समाचार शैली में इस तरह लिखा जा सकता है:

पीड़िता मुस्कान ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोप लगाया है कि उसके पति का विजयनगर सोनाक्षी क्षेत्र की एक युवती समेत कई अन्य महिलाओं से संपर्क है। पीड़िता का कहना है कि उसका पति खुलेआम दूसरी महिलाओं से बातचीत करता है और इसी वजह से उसे लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

मुस्कान ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर महिलाओं को न्याय कब मिलेगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह उसे प्रताड़ित किया गया है, उसी तरह उसका पति भविष्य में किसी दूसरी महिला की जिंदगी बर्बाद न कर सके। साथ ही उसने यह भी अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि किसी और महिला को इस तरह की परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पीड़िता का कहना है कि केवल शिकायत दर्ज होने से महिलाओं को सुरक्षा का एहसास नहीं होता, बल्कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि घरेलू हिंसा और धोखे जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल घरेलू विवाद नहीं बल्कि एक महिला के विश्वास, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।