इंदौर।
शहर के पलासिया क्षेत्र में रहने वाली एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता मुस्कान सांवनेर ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि शादी के एक साल बाद ही उसका वैवाहिक जीवन प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो गया है। महिला का आरोप है कि उसका पति सावन सांवनेर कई दूसरी महिलाओं से संबंध रखता है और आए दिन मोबाइल पर उनसे बातचीत करता है, जिसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है।
पीड़िता के अनुसार उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति का व्यवहार बदलने लगा। वह लगातार विवाद करता था और तीन दिन से लगातार झगड़ा कर रहा था। महिला ने आरोप लगाया कि 12 मई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे पति अपनी मां के घर से वापस आया और साफ शब्दों में कहा कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहता। इसके बाद पति और सास ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
मुस्कान का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो सास ने भी धमकी दी कि ज्यादा आवाज उठाई तो “मार-मारकर जुलूस निकाल देंगे।” महिला का आरोप है कि उसके साथ केवल घरेलू हिंसा ही नहीं हुई बल्कि गर्भ में पल रहे तीन महीने के बच्चे को भी खत्म करवा दिया गया। इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है।
आपके दिए गए बयान को समाचार शैली में इस तरह लिखा जा सकता है:
पीड़िता मुस्कान ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोप लगाया है कि उसके पति का विजयनगर सोनाक्षी क्षेत्र की एक युवती समेत कई अन्य महिलाओं से संपर्क है। पीड़िता का कहना है कि उसका पति खुलेआम दूसरी महिलाओं से बातचीत करता है और इसी वजह से उसे लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
मुस्कान ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर महिलाओं को न्याय कब मिलेगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह उसे प्रताड़ित किया गया है, उसी तरह उसका पति भविष्य में किसी दूसरी महिला की जिंदगी बर्बाद न कर सके। साथ ही उसने यह भी अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि किसी और महिला को इस तरह की परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पीड़िता का कहना है कि केवल शिकायत दर्ज होने से महिलाओं को सुरक्षा का एहसास नहीं होता, बल्कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि घरेलू हिंसा और धोखे जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल घरेलू विवाद नहीं बल्कि एक महिला के विश्वास, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


