Sunday, July 5, 2026
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RBL Bank में 74% हिस्सेदारी खरीदेगा दुबई का एमिरेट्स एनबीडी बैंक, वित्त मंत्रालय से मिली मंजूरी

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आरबीएल बैंक ने एक बयान में कहा कि प्राथमिक पूंजी निवेश के तौर पर करीब 3 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।वित्त मंत्रालय ने दुबई के एमिरेट्स एनबीडी बैंक को आरबीएल बैंक में 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। इससे देश में करीब 26,850 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। आरबीएल बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की ओर से भेजे गए एक पत्र में इस प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। ये मंजूरी कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 49 प्रतिशत से ज्यादा और 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी लेने के लिए दी गई है। इस अधिग्रहण सौदे की घोषणा 18 अक्टूबर, 2025 को की गई थी। इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशों में से एक माना जा रहा है।280 रुपये के भाव पर 95,90,45,636 शेयर खरीदेगा एमिरेट्स एनबीडी बैंक
आरबीएल बैंक ने एक बयान में कहा कि प्राथमिक पूंजी निवेश के तौर पर करीब 3 अरब डॉलर (करीब 26,850 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। ये बैंक को वृद्धि के अपने अगले चरण के लिए मजबूत स्थिति में लाएगा। प्रस्तावित निवेश के तहत एमिरेट्स एनबीडी बैंक तरजीही निर्गम के जरिए 280 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 95,90,45,636 इक्विटी शेयरों को खरीदेगा। इस सौदे के बाद आरबीएल बैंक में इस विदेशी बैंक की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से 74 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो नियामकीय शर्तों पर निर्भर होगी। बताते चलें कि शुक्रवार को आरबीएल बैंक के शेयर 0.31 प्रतिशत (1.05 रुपये) की तेजी के साथ 338.00 रुपये के भाव पर बंद हुए थे।

एमिरेट्स एनबीडी बैंक को प्रोमोटर के रूप में मिलेगी मान्यता
ट्रांजैक्शन के बाद आरबीएल बैंक में विदेशी बैंक की सब्सिडरी यूनिट वाला मॉडल लागू होगा और एमिरेट्स एनबीडी बैंक को प्रोमोटर के रूप में मान्यता मिलेगी। बताते चलें कि इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक और प्रतिस्पर्धा आयोग भी इस अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके हैं। बैंक के मौजूदा शेयरधारकों के लिए ये एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है। वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को आरबीएल बैंक के शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल सकता है।

कौन है पीवी कुलकर्णी जिसे माना जा रहा NEET 2026 पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड? यहां जानिए उसका पूरा बैकग्राउंड

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पीवी कुलकर्णी एक केमिस्ट्री टीचर है, जो प्रिंसिपल पद से रिटायर होने के बाद भी फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है। उसने अपने बंगले को किराए पर दे रखा है।पुणे: पीवी कुलकर्णी जिसे NEET 2026 पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, उसे कल पुणे से गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आज उसे CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पीवी कुलकर्णी कौन है और उसे NEET परीक्षा के पेपर तक का एक्सेस कैसे मिला?
एजुकेशन और वर्क एक्सपीरियंस
मिली जानकारी के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी पिछले 28 सालों तक दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री टीचर था। वह वहां केमिस्ट्री प्रोफेसर और बाद में प्रिंसिपल के पद पर रहा। करीब चार साल पहले वह प्रिंसिपल पद से रिटायर हुआ था।

अपने कार्यकाल के दौरान वह DEEPER नामक संस्था से भी जुड़ा हुआ था, जो शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम करती थी। हालांकि करीब दो साल पहले उसका इस संस्था से संबंध भी समाप्त हो गया था। रिटायरमेंट के बाद वह फ्रीलांसर के तौर पर विभिन्न कोचिंग क्लासेस में केमिस्ट्री पढ़ाता था।

NTA कनेक्शन क्या है?
सूत्रों का दावा है कि पिछले दो सालों से कुलकर्णी National Testing Agency के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह उन प्रोफेसरों में शामिल था जिन्होंने NEET 2026 का केमिस्ट्री पेपर तैयार किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी वजह से उसे परीक्षा पेपर तक का एक्सेस मिल गया था।

पुणे कनेक्शन क्या है?
इस मामले में गिरफ्तार दूसरी आरोपी मनीषा जो पुणे की रहने वाली है, छात्रों को धनंजय लोखंडे और पीवी कुलकर्णी तक पहुंचाने का काम करती थी। सूत्रों के मुताबिक, NEET परीक्षा से पहले अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी पुणे आया था और “राज कोचिंग क्लासेस” के नाम से एक ऑनलाइन क्लास ली थी।

जांच एजेंसियों का दावा है,कि इस क्लास में उसने छात्रों को कुछ मॉक क्वेशचन दिए थे, और वही सवाल बाद में NEET 2026 परीक्षा में देखने को मिले।

पीवी कुलकर्णी का पारिवारिक बैकग्राउंड क्या है?
मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल कुलकर्णी के परिवार से किसी का भी पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है,कि उसका बड़ा बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है, जबकि पत्नी और छोटे बेटे की अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

लातूर में उसका एक बंगला है, जिसे किराए पर दिया गया था। किरायेदारों का कहना है कि उनकी कुलकर्णी से आमने-सामने ज्यादा बातचीत नहीं होती थी।

कुछ पड़ोसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुलकर्णी पहले से “420 वाले काम” करता था। हालांकि छात्र, कोचिंग क्लास संचालक, पड़ोसी और किरायेदार इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें आगे की कार्रवाई का डर है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां पूरे पेपर लीक नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

LPG को लेकर राहत भरी खबर, होर्मुज पार कर भारत आ रहे दो जहाज; आज पहुंचेगा ‘सिमी’

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, एलपीजी लदे दो टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। इनमें से एक आज भारत पहुंच जाएगा।पश्चिम एशिया में जारी तनाव और इसके चलते देश में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बढ़े हुए दाम के बीच एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। पिछले 24 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित तरीके से पार कर दो जहाज भारत आ रहे हैं। इन दो बड़े जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन रसोई गैस भरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक LPG कैरियर ‘सिमी’ बुधवार को होर्मुज से होकर गुजरा। इस जहाज में 21 क्रू मेंबर्स हैं। इस शिप के आज गुजरात में कांडला के दीनदयाल बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से गैस लेकर निकला है। वहीं दूसरी शिप एनवी सनशाइन ने गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है। ये शिप भी 18 मई तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंच सकती है।13 मई को पार किया होर्मुज स्ट्रेट
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि ‘सिमी’ नामक एलपीजी टैंकर 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया, जबकि एनवी सनशान ने भी 14 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार किया। वहीं एलपीजी टैंकर की आवाजाही ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बरकरार है। बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से वजह से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि अब तक कुल 13 भारतीय जहाज इस मार्ग से निकल चुके हैं।

आज कांडला पोर्ट पहुंचा ‘सिमी’
दरअसल, मार्शल द्वीप ध्वज वाले पोत ‘सिमी’ के 19,965 टन एलपीजी लेकर 16 मई को गुजरात के कांडला पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, वियतनाम ध्वज वाला पोत ‘एनवी सनशाइन’ यूएई की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर चला है और इसके 18 मई को नया मंगलूर पहुंचने की संभावना है। दोनों जहाजों में लदा माल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का है। मार्च की शुरुआत से अब तक 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर समेत कुल 13 भारतीय जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं। हालांकि, अभी भी खाड़ी क्षेत्र में करीब 12 भारतीय पोत फंसे हुए हैं। इसके अलावा भारत के लिए माल लेकर जा रहे कई विदेशी जहाज भी प्रभावित हैं।

‘अब वो सिर्फ तुम्हारा है’, रवि मोहन संग अफेयर की खबरों से टूटीं केनीशा फ्रांसिस, छोड़ी चेन्नई, वायरल पोस्ट से मची हलचल

एक्टर रवि मोहन उर्फ जयम रवि लंबे समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। पत्नी आरती से अलग होने के बाद उनका नाम सिंगर केनीशा फ्रांसिस से जुड़ रहा है, जिन्हें इसके चलते ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। अब केनीशा ने इन तमाम विवादों के बीच एक पोस्ट से फैंस के बीच हलचल मचा दी है।साउथ सिनेमा के मशहूर एक्टर रवि मोहन बीते लंबे समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। पत्नी आरती से उनका तलाक काफी चर्चा में रहा। आरती के अनुसार, रवि ने उन्हें बिना बताए ही सोशल मीडिया पर तलाक का ऐलान कर दिया था। पत्नी से तलाक की खबरों के बीच सिंगर केनीशा फ्रांसिस से अपनी बढ़ती नजदीकियों को लेकर भी रवि मोहन काफी चर्चा में रहे। दोनों को अक्सर साथ स्पॉट किया जाने लगा और केनीशा सोशल मीडिया पर भी रवि मोहन के साथ तस्वीरें-वीडियो पोस्ट करने लगीं, जिसे लेकर केनीशा भी ट्रोल्स के निशाने पर आ गईं। कई ने केनीशा को होम ब्रेकर बताते हुए उन्हें खरी-खोटी सुनाई। इस बीच सिंगर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए फैंस के बीच हलचल पैदा कर दी है। अपनी पोस्ट में केनीशा ने इंस्टाग्राम और चेन्नई छोड़ने का ऐलान किया है।केनीशा ने छोड़ा इंस्टाग्राम
रवि मोहन से अफेयर की चर्चा के बीच केनीशा ने सोशल मीडिया छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने ये भी बताया कि वह चेन्नई छोड़कर भी जा रही हैं और साथ ही पोस्ट का कमेंट सेक्शन भी बंद कर दिया है। अपने पोस्ट में केनीशा ने लिखा- ‘डियर ऑल, मैंने जरूरत से ज्यादा बोल दिया है, जिनमें ज्यादातर बातें जरूरी नहीं थीं। मैं इस कहानी में प्यार के साथ दाखिल हुई थी और अब मैं खामोशी के साथ इससे बाहर जा रही हूं। कुछ जगहें शोर, अहंकार, फैसले और मनगढ़ंत कहानियों में इतनी डूब जाती हैं कि वहां अच्छाई के लिए सांस लेने की भी जगह नहीं बचती। और जब ऐसा होता है, तो प्यार भी अनचाहा लगने लगता है। मैंने उस इंसान की रक्षा करने की कोशिश में खुद का कुछ हिस्सा कुर्बान कर दिया, जिसके लिए दुनिया ने पहले ही एक कहानी तय कर दी थी। लेकिन अब मैं एक बात बहुत स्पष्ट रूप से समझ गई हूं – तमाशे की आदी दुनिया में, दयालुता का अराजकता के सामने टिकना बहुत मुश्किल है।’ट्रोलिंग के चलते छोड़ा इंस्टाग्राम
केनीशा अपने पोस्ट में आगे लिखती हैं- ‘आम जनता, सिनेमा जगत, कमेंटेटटर्स, जो लोग उससे प्यार करते हैं और जो भी लोग, जो उनसे नफरत करते हैं, उनका बचाव करते हैं, उनका मजाक उड़ाते हैं, या उनके जीवन पर अपना अधिकार जताते हैं – अब वह पूरी तरह से आपके हैं। अब कोई स्पष्टीकरण नहीं होगा। कोई बचाव नहीं। कोई लड़ाई नहीं, जो शुरू से ही मेरी नहीं थी। यह सोचना मेरी मूर्खता थी कि अच्छे लोगों को जीने का मौका मिलना चाहिए और उस दायरे में समर्थन करना ही सबसे अच्छा काम है। लेकिन मैं समझती हूं कि यह जगह केवल झूठ बोलने वालों, धोखेबाजों, चालाकों और जीवन का शोषण करने वालों के लिए है। इसलिए, मैं उसे शांति, प्यार और पूर्ण अलगाव के साथ विदा लेती हूं। मैं अपनी सभी जिम्मेदारियों को भी त्याग रही हूं। काश दुनिया ने मुझे यह दिखाने दिया होता कि सच्चा प्यार, वफादारी और कोमलता क्या कर सकती है। लेकिन शायद इस पीढ़ी को अब सॉफ्टनेस पर भरोसा नहीं रहा। शायद भक्ति से ज्यादा विनाश को पचाना आसान है। शायद लोग हमेशा बलिदान से बनी सच्चाइयों के बजाय भावनाओं से बनी कहानियों को चुनेंगे। लेकिन, जो हुआ सो हुआ। आप लोगों को जो चाहिए था वो मिल गया।’

फेमिनिज्म जीत गई, खुशी हार गई- केनीशा
केनीशा आगे लिखती हैं- ‘तो आज से मैं इसका विरोध करना बंद कर रही हूं। मैं उन कमरों में अच्छाई साबित करने की कोशिश करना बंद कर रही हूं जो इसे गलत समझने पर तुले हुए हैं। मैंने चेन्नई छोड़ दिया है, मैं हार मान रही हूं। मैं अपने म्यूजिक, अपनी थेरेपी और अब तक के अपने जीवन से जुड़ी हर चीज को छोड़ रही हूं। मुझे लगता है कि इंसान ईश्वर की रचना को भी तोड़ सकता है। ऑनलाइन बुली, मेन्युपुलेशन, इन्हीं सब कारणों से मैं यह सब छोड़ रही हूं। और इसी के साथ, मैं इंस्टाग्राम और सभी सोशल प्रोफाइल से लॉग आउट कर रही हूं, जब तक कि ईश्वर की जीत न हो जाए। मैं अपने सभी दोस्तों, परिवार और शुभचिंतकों से मुझे प्राइवेसी देने का अनुरोध करती हूं। आज से नारीवाद, तुम जीत गई। खुशी, तुम हार गई। लव एंड लाइट।’ब्रेकअप की ओर इशारा?
केनीशा फ्रांसिस के इस पोस्ट को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स अंदाजा लगा रहे हैं कि शायद रवि मोहन के साथ केनीशा का ब्रेकअप हो चुका है, जिसके चलते उन्होंने ये पोस्ट साझा किया है। हालांकि, रवि मोहन के साथ अब भी उनकी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर हैं। इससे पहले केनीशा ने दो वीडियो साझा किए थे, जिसमें उन्होंने दावा किया कि रवि मोहन के साथ वह रोमांटिक रिश्ते में नहीं हैं। केनीशा के अनुसार, उन्होंने रवि मोहन की शादीशुदा जिंदगी में कभी दखल नहीं दिया और कहा कि वह एक्टर की सिर्फ प्रोफेशनली मदद कर रही थीं। हालांकि, बाद में उन्होंने ये वीडियोज डिलीट कर दिए।

पाकिस्तान ने T20 WC के स्क्वाड का किया ऐलान, 5 नए चेहरों को मिला मौका, पहले ही मैच में भारत से होगी भिड़ंत

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T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तान ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। एक बार फिर 24 साल की स्टार खिलाड़ी को टीम की कप्तानी सौंपी गई है।Pakistan Cricket Team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बार फिर बड़े मंच पर उतरने के लिए तैयार है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आयरलैंड में होने वाली ट्राई-सीरीज और ICC वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में पाकिस्तान की नजर पहली बार खिताब जीतने पर होगी।
पाकिस्तान महिला टीम वर्ल्ड कप से पहले आयरलैंड में ट्राई-सीरीज खेलेगी, जिसमें मेजबान आयरलैंड और वेस्टइंडीज भी हिस्सा लेंगी। यह सीरीज 28 मई से 4 जून तक डबलिन में खेली जाएगी और पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में कुल चार मुकाबले खेलेगा। यह ट्राई-सीरीज तीनों टीमों के लिए ICC महिला T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। 12 टीमों वाला T20 वर्ल्ड कप 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड और वेल्स में खेला जाएगा।

फातिमा दूसरे T20 वर्ल्ड कप में करेंगी कप्तानी
24 साल की फातिमा सना लगातार दूसरी बार महिला T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की कप्तानी करेंगी। इससे पहले उन्होंने 2024 में UAE में खेले गए T20 वर्ल्ड कप में भी टीम की कमान संभाली थी। फातिमा खुद तीसरी बार महिला T20 वर्ल्ड कप में खेलती नजर आएंगी। इस बार पाकिस्तान की टीम में कई नए चेहरों को भी मौका मिला है। एयमान फातिमा, नतालिया परवेज, रमीन शमीम, सायरा जाबिन और तस्मिया रुबाब पहली बार महिला T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगी।

हाल ही में पाकिस्तान महिला टीम ने कराची में जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। इस सीरीज ने खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियां परखने का अच्छा मौका दिया। वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान टीम दो वॉर्म-अप मुकाबले भी खेलेगी। टीम 6 जून को श्रीलंका और 9 जून को स्कॉटलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी। दोनों मैच डर्बी में खेले जाएंगे।

भारत से होगा पाकिस्तान का पहला मुकाबला
पाकिस्तान महिला टीम अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत चिर प्रतिद्वंदी भारत के खिलाफ 14 जून को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर करेगी। इसके बाद टीम 17 जून को उसी मैदान पर साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी। पाकिस्तान का तीसरा मुकाबला 20 जून को साउथैम्प्टन में बांग्लादेश के खिलाफ होगा। वहीं 23 जून को टीम लीड्स में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। पाकिस्तानी टीम ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला 27 जून को नीदरलैंड के खिलाफ खेलेगी।

ICC वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तान की टीम: फातिमा सना (कप्तान), आलिया रियाज, आयशा जफर, डायना बेग, एमान फातिमा, गुल फिरोजा, इरम जावेद, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), नशरा संधू, नतालिया परवेज, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, साइरा जबीन, तस्मिया रुबाब और तुबा हसन।

रिजर्व प्लेयर: अंबर कैनात, मोमिना रियासत, सदफ शमास, सिदरा अमीन, सैयदा अरूब शाह और उम्म-ए-हानी।

कांगो में इबोला से 65 मौतों के बाद मचा हड़कंप, जानें कितना खतरनाक है यह वायरस

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कांगो के इटुरी प्रांत में इबोला का नया प्रकोप फैला है, जिसमें 65 मौतें और 246 संदिग्ध मामले दर्ज हुए हैं। युगांडा सीमा के पास होने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य एजेंसियां जांच और नियंत्रण में जुटी हैं, जबकि वायरस का प्रकार अभी स्पष्ट नहीं है।अफ्रीका के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने पुष्टि की है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इटुरी प्रांत में इबोला का नया प्रकोप फैल गया है। 1976 में इस बीमारी की पहचान के बाद कांगो में ये इसका 17वां बड़ा प्रकोप माना जा रहा है। अब तक इस प्रकोप में 246 संदिग्ध मामले और 65 मौतें दर्ज की गई हैं, हालांकि इनमें से केवल 4 मौतों की ही प्रयोगशाला में पुष्टि हो सकी है, जबकि बाकी मामलों की जांच जारी है।युगांडा और साउथ सूडान पर भी मंडराया खतरा
यह संक्रमण मुख्य रूप से इटुरी प्रांत के मोंगवालु और रवामपारा स्वास्थ्य क्षेत्रों में देखा गया है, जबकि कुछ मामले प्रांतीय राजधानी बुनिया में भी सामने आए हैं। इटुरी क्षेत्र देश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक दूरदराज़ इलाका है, जो राजधानी किंशासा से 1000 किलोमीटर से भी अधिक दूर है। यहां सड़कें खराब होने के कारण राहत और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में बड़ी कठिनाई हो रही है। इस स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित इलाके युगांडा और साउथ सूडान की सीमा के बेहद करीब हैं।विस्थापन के चलते संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा
बता दें कि बुनिया शहर भी युगांडा सीमा के पास स्थित है, जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, लोगों की लगातार आवाजाही, पिछले समय में हुई हिंसा और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे संक्रमण की निगरानी और संपर्कों का पता लगाना और मुश्किल हो गया है। अधिकारियों ने बताया है कि शुरुआती जांच में यह मामला इबोला ज़ैरे प्रकार से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जीन सीक्वेंसिंग जारी है। अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने स्पष्ट किया है कि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा।

कांगो में पहले भी खूब तबाही मचा चुका है इबोला
बता दें कि इबोला वायरस के 3 मुख्य प्रकार माने जाते हैं जिनमें इबोला वायरस, सूडान वायरस और बुंडीबुग्यो वायरस शामिल हैं। कांगो में पहले इबोला वायरस का ज़ैरे स्ट्रेन भारी तबाही मचा चुका है, जिनमें 2018 से 2020 के बीच हुआ प्रकोप भी शामिल है, जिसमें 1000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कांगो के पास पहले से इबोला वैक्सीन और कुछ इलाज की खुराकें उपलब्ध हैं, लेकिन यह वैक्सीन हर प्रकार के इबोला पर प्रभावी नहीं है। इसलिए वायरस के प्रकार की पुष्टि बेहद जरूरी है।मामले से निपटने के लिए हुई हाई लेवल मीटिंग
वहीं युगांडा में भी एक मामला सामने आया है, जहां कांगो से जुड़े एक व्यक्ति की मौत के बाद जांच में इबोला संक्रमण की पुष्टि हुई। युगांडा के अधिकारियों ने इसे ‘आयातित मामला’ बताया है और कहा है कि अभी तक देश में स्थानीय संक्रमण नहीं फैला है। युगांडा में इस मामले से जुड़े सभी संपर्कों को क्वारंटीन कर दिया गया है, जिनमें एक उच्च जोखिम वाला करीबी रिश्तेदार भी शामिल है। इस संकट को देखते हुए अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ आपात उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और मामले से निपटने पर चर्चा की।

आखिर कैसे इतनी तेजी से फैलता है इबोला?
इबोला एक बेहद खतरनाक वायरस है जो पहले जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है और फिर इंसानों के बीच शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, उल्टी और अन्य स्राव के संपर्क से फैलता है। यह वायरस संक्रमित वस्तुओं जैसे कपड़े और बिस्तर से भी फैल सकता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त, मांसपेशियों में दर्द और कई बार आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव शामिल होते हैं। यह बीमारी गंभीर और कई मामलों में जानलेवा साबित होती है। इस तरह देखा जाए तो कांगो में फैला यह नया इबोला प्रकोप एक बार फिर अफ्रीका के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से फोन पर 100 करोड़ रुपए की फिरौती का मामला, कोर्ट ने जयेश पुजारी को 5 साल की सजा सुनाई

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी और फिरौती मांगने वाले जयेश पुजारी को कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई है।नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से फोन पर 100 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के दोषी को कोर्ट ने 5 साल की सजा का आदेश दिया है। दोषी का नाम जयेश पुजारी है और उसे नागपुर जिला सत्र न्यायालय ने 5 साल की सजा सुनाई है।क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी देने वाले आतंकी जयेश पुजारी को नागपुर जिला सत्र न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में फोन कर जयेश पुजारी ने 100, और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।

फिरौती नहीं देने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बम विस्फोट कर जान से मारने की धमकी भी जयेश पुजारी ने दी थी। हत्या के एक मामले में कर्नाटक के जेल में जयेश पुजारी उम्रकैद की सजा काट रहा है। सजा काटने के दौरान ही उसने जेल से मोबाइल फोन के जरिए गडकरी के कार्यालय में फोन किया था।

विभिन्न धाराओं के तहत जयेश पुजारी को पांच साल की सजा सुनाई गई है।

अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं नितिन गडकरी
नितिन गडकरी बीजेपी के सीनियर नेता हैं। वह अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। हालही में उन्होंने पुणे में कहा था कि उनके 90 फीसदी काम समाजसेवा से जुड़े हैं इसलिए उन्हें चुनाव प्रचार की जरूरत महसूस नहीं होती है।

नितिन गडकरी ने पुणे के प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मानित करने के लिए पुण्य भूषण फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा था, “मैं एक राजनेता हूं, लेकिन मेरा 90 प्रतिशत काम सामाजिक कार्य है। इसलिए, मुझे चुनाव प्रचार की आवश्यकता महसूस नहीं होती।”

बता दें कि नितिन गडकरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत सत्तर के दशक में छात्र संगठन ABVP से की थी। उन्हें ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मैन’कहा जाता है। वह 2014 से लगातार केंद्र में बने हुए हैं। वह अपनी कार्यशैली और व्यवहार की वजह से अपने विरोधियों से भी सम्मान पाते हैं।

न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह करूंगी”, झांसी की महिला ने पुलिस और पड़ोसियों पर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री तक पहुंची गुहार

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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सकरार थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां पड़ोसियों से विवाद और पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोपों से परेशान एक महिला ने आत्महत्या की चेतावनी दे डाली है। पीड़िता राधाबाई ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री जनता दर्शन तक शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही।

राधाबाई, जो हरगांव बट गांव की निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि पड़ोसी रिशी अहिरवार और उसकी पत्नी सुनीता उनके मकान के अंदर नाली का पानी बहाते हैं। महिला का कहना है कि विरोध करने पर गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की जाती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 20 फीट लंबा पाइप लगाकर उनके दरवाजे के सामने पानी छोड़ना शुरू कर दिया, जिससे घर के बाहर हमेशा गीलापन और गंदगी बनी रहती है।

पीड़िता के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना सकरार में की तो पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उन्हें थाने बुलाकर समझौते का दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि उन्हें थाना प्रभारी से मिलने तक नहीं दिया गया और पुलिसकर्मियों ने जबरन राजीनामा कराने की कोशिश की। इतना ही नहीं, शिकायत में पुलिस पर मारपीट करने तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

राधाबाई ने आरोप लगाया कि पड़ोसी अक्सर रास्ते में गाली देते हैं, रात में पत्थर फेंकते हैं और जानवरों तक को डंडों से मारते हैं। महिला का दावा है कि आरोपी खुलेआम धमकी देते हैं कि “50 हजार रुपये खर्च करके झूठे केस में जेल भिजवा देंगे।” पीड़िता ने खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

मामला तब और गंभीर हो गया जब महिला ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए प्रार्थना पत्र में लिखा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह झांसी पुलिस के सामने आत्मदाह कर लेगी और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शिकायत पत्र में महिला ने कहा कि लगातार मानसिक उत्पीड़न और पुलिस की निष्क्रियता के कारण वह टूट चुकी है।

इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में भी इस विवाद को लेकर चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और समाधान नहीं हुआ तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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विराट कोहली का छलका दर्द, बोले- अब करियर का अंत करीब, वनडे विश्व कप को लेकर कही अपनी बात

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विराट कोहली ने एक पॉडकास्ट में बहुत सारी बातों का खुलासा किया है। अपने करियर, टेस्ट क्रिकेट, वनडे विश्व कप 2027 को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी है। ये बातचीत उन्होंने अपनी आईपीएल टीम आरसीबी के लिए की है।विराट कोहली आज की तारीख में आईपीएल खेल रहे हैं। वे भारत के लिए अभी इंटरनेशनल क्रिकेट भी खेल रहे हैं, लेकिन अब केवल वनडे में ही नजर आते हैं। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से वे पहले ही रिटायर हो गए हैं। इस बीच कोहली का एक इंटरव्यू सामने आया है, इसमें उन्होंने अपने करियर को लेकर विस्तार से बातचीत की है। सा​​थ ही इशारों इशारों में कुछ ऐसी बातें भी कह दी हैं, जो किसी को पता नहीं हैं।
टेस्ट क्रिकेट से विराट कोहली ने क्या ले लिया रिटायरमेंट
अपनी आईपीएल टीम आरसीबी के साथ पॉडकास्ट करते हुए कोहली ने क्रिकेट भविष्य और संन्यास को लेकर बात की है। कोहली ने अब से करीब एक साल पहले टेस्ट ​क्रिकेट छोड़ दिया था। हालांकि उम्मीद जताई जा रही थी कि वे सबसे आखिर तक टेस्ट ही खेलेंगे। जब इसको लेकर उनसे सवाल किया गया तो कोहली ने कहा कि रेड बॉल क्रिकेट में उनकी फॉर्म वैसी नहीं रह गई थी, जैसी होनी चाहिए। कोहली ने माना कि एक वक्त ऐसा आता है, जब समझना पड़ता है कि शरीर और दिमाग क्या कह रहा है।

वनडे विश्व कप 2027 में खेलने को लेकर क्या बोले विराट कोहली
इसी बीच उम्मीद जताई जा रही है कि कोहली अभी कम से कम वनडे विश्व कप 2027 तक तो इंटरनेशनल क्रिकेट खेलेंगे ही। हालांकि ये पक्का नहीं हैं। जब इस बारे में उनसे सवाल किया गया तो कोहली ने कहा कि अगर वे टीम में कुछ वेल्यू जोड़ पा रहे हों और टीम को उनकी जरूरत है तो वे जरूर खेलना चाहेंगे। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि अगर हर बार उन्हें खुद को सा​बित करने के लिए मजबूत किया जाएगा तो ये सही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अपनी तैयारी पूरी ईमानदारी से कर हे हैं, केवल केवल नाम के बल पर विश्व कप नहीं खेलना चाहते।

अपने क्रिकेट करियर पर भी बोले विराट
विराट कोहली ने अपने करियर को लेकर कहा कि वे जानते हैं कि उनके करियर का अंत अब करीब आ रहा है। कोहली ने कहा कि जब वे क्रिकेट से रिटायर होंगे तो पूरी तरह से गायब हो जाएंगे। बोले कि उनकी कोशिश है कि जब वे इस खेल को छोड़ें तो कोई मलाल ना रह जाए कि थोड़ी और कोशिश की होती तो ऐसा हो जाता। उन्होंने कहा कि अब रिकॉर्ड की बात नहीं है। इस पड़ाव पर केवल खेल का आनंद लेना है और कुछ नहीं। बोले कि वे जानते हैं कि एक दिन सब खत्म हो जाएगा।

विधवा महिला की पुकार: कब्जा, धमकी, भ्रष्टाचार और पुलिस की चुप्पी से दहला बारां, वर्षों से न्याय की तलाश में भटक रहा परिवार

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बारां/अटरू। राजस्थान के बारां जिले के कवाई-सालपुरा क्षेत्र से सामने आया एक मामला अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही, पुलिस कार्यप्रणाली और एक गरीब विधवा परिवार की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। पीड़िता रेखाबाई ने आरोप लगाया है कि दबंगों द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने, बेटे की संदिग्ध मौत और जान से मारने की धमकियों के बावजूद उसे कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा।

रेखाबाई का कहना है कि उसके पति की करीब 10-12 वर्ष पहले मौत हो चुकी है और वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। महिला के अनुसार गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने पहले उसके मकान और आम रास्ते पर कब्जा करने की कोशिश शुरू की। विरोध करने पर लगातार गाली-गलौज, मारपीट और धमकियां दी जाने लगीं। पीड़िता का आरोप है कि दबंगों का स्थानीय स्तर पर इतना प्रभाव है कि पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से बचती रही।

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब महिला के बड़े बेटे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। जहां पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे हादसा बताया, वहीं परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। परिजनों का कहना है कि मृतक के शरीर और चेहरे पर चोट के निशान थे, जिससे उन्हें साजिश की आशंका हुई। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मोर्चरी के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन बाद में पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर शांत हो गए।

पीड़िता का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद भी आरोपियों पप्पू पुत्र सुरेंद्रर द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आए दिन झगड़ा करना, डराना-धमकाना और जान से मारने की चेतावनी देना अब परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। महिला ने दावा किया कि जब भी वह थाने शिकायत लेकर पहुंचती है तो पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर बैठा लेती है और फिर पैसे लेकर छोड़ देती है, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करती।

रेखाबाई ने महिला थाना, जिला पुलिस अधीक्षक, पंचायत समिति, मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्थान संपर्क पोर्टल तक कई बार शिकायतें दर्ज करवाईं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परिवार में भय और निराशा का माहौल है। महिला का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उसके परिवार के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जमीन कब्जाने, दबंगई और पुलिस की निष्क्रियता के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में गरीब परिवारों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। अब गांव के कई लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

पीड़िता ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उसके बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए, परिवार को सुरक्षा दी जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसे और उसके बच्चों को न्याय मिल सके।