आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार अनोखी स्कीम लेकर आई है जिसे सुनकर आप भी हैरान होंगे। सरकार का कहना है कि तीसरे बच्चे के जन्म पर राज्य सरकार 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर माता पिता को 40 हजार रुपये देगी।
आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार प्रदेश के लोगों के लिए नई स्कीम लेकर आई है, जिसे सुनकर आप हैरान होंगे। सरकार अब तीसरे बच्चे पर 30000 और चौथे बच्चे के जन्म पर 40000 रुपये देगी।
तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार, चौथे के लिए पाओ 40 हजार कैश, इस राज्य में सरकार की अनोखी स्कीम
PM मोदी का नीदरलैंड में संबोधन, प्रवासियों को बताया कितनी तेजी से बदल रहा भारत; जानें क्या-क्या कहा
PM Modi का संबोधन सुनकर नीदरलैंड में रहने वाले प्रवासी भारतीयों में जबरदस्त उत्साह दिखा। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे देश की AI, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी की बात करते हुए कहा कि अब भारत विश्व में नई पहचान बना रहा है।प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नीदरलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने तेजी से बदलते भारत, वैश्विक पहचान और तकनीकी प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत महज बदलाव नहीं, बल्कि विश्व में सबसे बेहतर और तेज बनने का ख्वाब लेकर आगे की तरफ बढ़ रहा है। पढ़ें पीएम मोदी का भाषण।
PM मोदी ने भारतीय समुदाय के प्रति जताया आभार
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय से पीएम मोदी ने कहा कि आप नीदरलैंड के समाज और यहां की इकोनॉमी में जो Contribute कर रहे हैं उस पर हर भारतवासी को गर्व हैं। मैं आज इस मौके पर नीदरलैंड की जनता और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मैं यहां की जनता को 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
लोगों के दिलों में धड़कता है भारत का Diverse Culture
प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवता का इतिहास साक्षी है कि समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं। लेकिन भारत का Diverse Culture, आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़कता है। पीढ़ियां बदल गईं, देश बदल गए, परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले हैं, अपनापन नहीं बदला क्योंकि आपने अपने पुरखों की भाषा को छोड़ा नहीं।
सरकार के 12 साल पूरे होने का किया जिक्र
उन्होंने ये भी कहा कि आज 16 मई है, और ये दिन एक और वजह से बहुत विशेष है। आज से 12 साल पहले 16 मई 2014 को कुछ खास हुआ था। 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। दशकों बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था। एक वो दिन था और एक आज का दिन है। कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।
सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं, हमें बेस्ट चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारा भारत बहुत बड़ा सपना देख रहा है। आज देश कह रहा है- हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं चाहिए, हमें बेस्ट चाहिए, हमें फास्टेस्ट चाहिए। इसलिए जब भारत में Aspirations Unlimited हैं, तो Efforts भी Limitless हो रहे हैं। आज भारत का युवा आसमान छूना चाहता है। आज का भारत एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आपने हाल में देखा होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी और सफल AI समिट भारत ने आयोजित की। उससे पहले जी-20 की सफल समिट भी भारत ने आयोजित की थी।
आज का भारत है इनोवेशन पॉवर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने धरती से चंद्रमा की दूरी जितनी है, उससे भी 11 गुना अधिक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया है। एक दशक पहले हम मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे, आज भारत दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्यूफैक्चरर है। इसके अलावा आज के भारत की एक और पहचान है। आज का भारत इनोवेशन पॉवर है। आज हमारे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। ये भारतीयों के इनोवेशन का बहुत बड़ा प्रमाण है।
भारत Chip Making में, Semiconductor Sector में भी बड़े कदम उठा रहा है। अभी भारत में 12 Semiconductor Plants पर काम चल रहा है। इनमें से दो Plants में Production भी शुरू हो चुका है। यानी अब चिप भी, Designed in India, Made in India होगी।
‘पाकिस्तान तय करे भूगोल का हिस्सा बनेगा या इतिहास का’, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दी साफ चेतावनी
ऑपेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर एक सवाल का जवाब देते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘पाकिस्तान को यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का।’नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरे हो गए हैं। ऐसे में एक कार्यक्रम के दौरान भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि अगर इस्लामाबाद आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे ”यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का।”
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को दी चेतावनी
दरअसल, जनरल उपेंद्र द्विवेदी दिल्ली स्थित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उनसे पूछा गया कि यदि पिछले साल के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी परिस्थितियां फिर उत्पन्न होती हैं, तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी? इस सवाल का जवाब देते हुए सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ”यदि आपने मुझे पहले सुना है, तो मैंने यही कहा है कि पाकिस्तान, अगर वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ काम करना जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का।”ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे
कार्यक्रम के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह बयान भारत की सेना की ओर से शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने के कुछ ही दिनों बाद आया है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह जवाब पाकिस्तान के लिए स्पष्ट चेतावनी मानी जा रही है। उपेंद्र द्विवेदी ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को स्पष्ट कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को चटाई धूल
बता दें कि पिछले साल 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के द्वारा पोषित आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। यह ऑपरेशन पहलगाम में पर्यटकों के ऊपर हुए बर्बर आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
ड्रोन वॉरफेयर के लिए खुद को तेजी से मजबूत कर रहा भारत, उन ड्रोन्स के बारे में जानें जो हैं दुश्मन के काल!
अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर भारत, हाई-टेक ड्रोन वॉरफेयर के लिए तैयारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेनाएं भविष्य में होने वाले मॉडर्न वॉरफेयर के लिए खुद को तेजी के साथ तैयार कर रही हैं।भारत ड्रोन वॉरफेयर की दिशा में खुद को तेजी से मजबूत करने लिए अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है। भारतीय फौज, एयरफोर्स और नेवी साथ मिलकर भविष्य की जंग के लिए एक मल्टी-लेयर ड्रोन इकोसिस्टम को तैयार कर रही हैं। मॉडर्न वॉरफेयर में ड्रोन अब महज निगरानी तक सीमित नहीं होते हैं, बल्कि सटीक अटैक, हाई-रिस्क मिशनों और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। एयर चीफ मार्शल A. P. Singh ने भी स्पष्ट कहा है कि आने वाले वक्त में ड्रोन वॉर की दिशा और नतीजे को तय करेंगे।
बेड़े में शामिल हो रहे नैनो ड्रोन से लेकर लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन
इंडियन आर्मी इस वक्त नैनो ड्रोन, मीडियम सर्विलांस UAV, टैक्टिकल ड्रोन, कामिकाजे ड्रोन और लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन जैसे कई एडवांस प्लेटफॉर्म को अपने बेड़े में शामिल कर रही है। इनका प्रयोग सर्विलांस, टारगेट ट्रैकिंग, बॉर्डर मॉनिटरिंग, प्रिसिजन स्ट्राइक और एंटी-टेरर ऑपरेशन में किया जा रहा है।दुश्मन पर निगरानी और सटीक हमला करने वाले ड्रोन
भारतीय सुरक्षा बलों के पास जो सबसे ताकतवर ड्रोन हैं, उनमें MQ-9 रीपर शामिल हैं, जो लंबी दूरी तक नजर रखने और सटीक हमला करने की ताकत रखते हैं। वहीं, स्वदेशी नागास्त्र ड्रोन को शत्रुओं के ठिकानों पर आत्मघाती अटैक के लिए बनाया गया है। साथ ही, Harop और Harp ड्रोन दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने में एक्सपर्ट माने जाते हैं।FPV और कामिकाजे ड्रोन Asymmetric Warfare में हैं प्रभावी
इसके अलावा, Heron Mark-2 और Switch UAV जैसे एडवांस ड्रोन पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रियल टाइम इंटेलिजेंस जुटाने में बड़ा रोल निभा रहे हैं। भारतीय फौज, अब फ्रंटलाइन के अभियानों में छोटे FPV और कामिकाजे ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रही है, जो Asymmetric Warfare में बहुत प्रभावी हैं।गौरतलब है कि भारत, पारंपरिक युद्ध प्रणाली से आगे बढ़कर अब टेक्नोलॉजी बेस्ड ड्रोन वॉरफेयर मॉडल की ओर तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है। आने वाले वक्त में ड्रोन, मिसाइल, आर्टिलरी, नौसैनिक हथियारों और फाइटर जेट के साथ मिलकर एक इंटीग्रेटेड कॉम्बैट नेटवर्क का भाग बनेंगे।
रीवा में युवक ने डीएम को लिखा भावुक पत्र, कहा- “भारत को अपराध और आतंकवाद मुक्त बनाने में करना चाहता हूं सहयोग”
रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक युवक द्वारा जिला प्रशासन को भेजा गया पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले दुर्बल पासवान नामक युवक ने जिला अधिकारी को संबोधित करते हुए समाज सेवा और अपराध मुक्त भारत बनाने की इच्छा जाहिर की है। युवक का कहना है कि वह देश में बढ़ते अपराध, हिंसा और आतंकवाद जैसी घटनाओं से बेहद चिंतित है और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करना चाहता है।
जानकारी के अनुसार, युवक ने अपने आवेदन में लिखा है कि वह गरीब और सामान्य परिवार से संबंध रखता है, लेकिन उसके मन में देश और समाज के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना है। उसने प्रशासन से अपील की है कि उसे सामाजिक सहयोग और जनसेवा से जुड़े कार्यों में शामिल होने का अवसर दिया जाए, ताकि वह युवाओं को सही दिशा दिखा सके और समाज में शांति एवं भाईचारे का संदेश फैला सके।
पत्र में युवक ने यह भी उल्लेख किया कि आज देश में अपराध और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। ऐसे में यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और जिम्मेदारी मिले तो वे समाज में बदलाव ला सकते हैं। युवक की इस अपील को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि युवक ने अपने आवेदन में खुद को समाज सेवा के लिए समर्पित बताते हुए कहा है कि उसका उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत पहचान हासिल करना नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना है। उसने प्रशासन से आग्रह किया है कि उसे सामाजिक जागरूकता अभियानों और जनहित के कार्यों में शामिल किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां युवा सोशल मीडिया और गलत संगत की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं ऐसे पत्र समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश माने जा सकते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन युवक की भावनात्मक अपील ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है।
आकाश सिंह के चिट सेलिब्रेशन पर भड़के दिग्गज, डेल स्टेन और अंबाती रायुडू ने जमकर लगाई फटकार
आकाश सिंह ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद जेब से पर्ची निकालकर सेलिब्रेशन किया। हालांकि इस चिट सेलिब्रेशन को लेकर डेल स्टेन और अंबाती रायुडूने कड़ी आलोचना की है।IPL 2026 में खिलाड़ियों के अनोखे सेलिब्रेशन लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं, लेकिन आकाश सिंह का चिट सेलिब्रेशन अब विवादों में घिर गया है। लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 26 रन देकर 3 विकेट झटके, लेकिन विकेट लेने के बाद जेब से पर्ची निकालकर दिखाने वाला उनका अंदाज कई क्रिकेट दिग्गजों को बिल्कुल पसंद नहीं आया। मैच के दौरान हर विकेट के बाद आकाश सिंह अपनी जेब से एक छोटी पर्ची निकालते नजर आए। बाद में खुलासा हुआ कि उस पर्ची पर मोटिवेशनल मैसेज लिखा था- #Akkionfire, आकाश जानता है कि T20 मैच में विकेट कैसे लिए जाते हैं।
IPL 2026 में यह चिट सेलिब्रेशन नया ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे पहले उर्विल पटेल और रघु शर्मा भी इस तरह के सेलिब्रेशन करते नजर आ चुके हैं। हालांकि, आकाश सिंह का यह अंदाज कई पूर्व क्रिकेटरों को रास नहीं आया। अंबाती रायुडू ने ESPNcricinfo पर इस सेलिब्रेशन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह बस यह जानना चाहता हैं कि आज किस समय उसे लगा होगा कि अरे यह बहुत शानदार लगेगा, वह इसे टीवी पर निकालेंगे और सब सोचेंगे कि वह बहुत कूल हैं। वह यह भी जानना चाहता हैं कि उसके कौन से दोस्त थे जिन्होंने उसे कहा कि यह बहुत बढ़िया आइडिया है। रायुडू ने आगे कहा कि हो सकता है कि बहुत लोगों को यह पसंद न आए, लेकिन यह थोड़ा मजाकिया और थोड़ा बकवास है।
रायुडू ने चिट सेलिब्रेशन पर बैन लगाने की मांग की
अंबाती रायुडू यहीं नहीं रुके। उन्होंने इस तरह के सेलिब्रेशन पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग तक कर डाली। रायुडू ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस चिट वाले बिजनेस पर बैन लगा देना चाहिए। यह पूरी तरह बकवास है। वैसे भी खिलाड़ियों को पर्चियां लाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। वहीं, साउथ अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। स्टेन ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इन पर्चियों को हटाया जाए। यह अब ट्रेंड में नहीं है। सच कहूं तो यह कभी था भी नहीं।आकाश सिंह ने बताया सेलिब्रेशन का कारण
चिट सेलिब्रेशन को लेकर हो रही आलोचनाओं के बावजूद आकाश सिंह ने साफ कहा कि यह सेलिब्रेशन उन्हें मोटिवेट करता है और वह इसे जारी रखेंगे। आकाश ने कहा कि उन्हें यह मोटिवेशन देता है। इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। मैच के दौरान जो चीज उन्हें मोटिवेट करेगी, वे उसे सपोर्ट करते रहेंगे।
बहराइच में नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, परिवार में मचा हड़कंप; सूचना देने वाले को ₹2000 इनाम देने की घोषणा
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने गांव के ही युवक पर उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से परिवार दहशत और तनाव में है, जबकि गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। परिजनों ने बेटी की सुरक्षित बरामदगी के लिए सूचना देने वाले को ₹2000 इनाम देने की घोषणा भी की है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला बहराइच जिले के तहसील क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित पिता घनश्याम ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब 14 वर्षीय बेटी गायत्री को गांव के ही रहने वाले राजन नामक युवक ने अपने झांसे में ले लिया। आरोपी राजन, पिता दिनेश कुमार, नौलापुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपी काफी समय से गांव में लोगों के खेतों में गन्ना कटवाने और मजदूरी का काम करता था तथा इसी दौरान उसका परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया था।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी पिछले कई महीनों से उनकी बेटी से लगातार मोबाइल पर बातचीत करता था। परिवार ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी और उसके साथियों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और धमकियां तक दी गईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कई बार समझाने और रोकने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
बताया जा रहा है कि घटना 14 मई की शाम करीब 4 बजे की है, जब गायत्री अचानक घर से लापता हो गई। परिवार को शक है कि आरोपी युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बेटी के गायब होने के बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
परिवार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को गायत्री के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है या उसका पता चलता है तो तुरंत परिवार और पुलिस को सूचित करें। सही सूचना देकर लड़की को सुरक्षित बरामद कराने वाले व्यक्ति को ₹2000 नकद इनाम दिया जाएगा।
मामले को लेकर गांव में भी तनाव का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिग बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए बहकाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बेटी को सुरक्षित बरामद करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार की शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और लड़की की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में पूजा शुरू, सुबह से मां सरस्वती के मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया, जिसके बाद परिसर में पूजा शुरू हो गई। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने फैसले पर असहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार जिले के भोजशाला विवाद पर फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को कहा कि यह जगह धार्मिक रूप से हिंदू मान्यताओं में ज्ञान की देवी मानी जाने वाली मां सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर है। हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के फैसले के बाद शनिवार से वहां पूजा-अर्चना शुरू हो गई है और परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही पहुंचने लगी है। बता दें कि अदालत ने यह भी कहा कि इस परिसर में पहले ASI के आदेश के तहत मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब वह आदेश रद्द कर दिया गया है।हाई कोर्ट के फैसले के बाद बदला माहौल
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि विवादित स्थल धार्मिक रूप से मां सरस्वती यानी वाग्देवी को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। अदालत ने यह भी कहा कि इस परिसर का ऐतिहासिक और धार्मिक स्वरूप मंदिर का ही है और इसी आधार पर अब हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया गया है। अदालत के फैसले के बाद परिसर में माहौल पूरी तरह बदल गया और आज सुबह से श्रद्धालु मां सरस्वती मंदिर में पूजा करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए परिसर के बाहर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में और क्या कहा?
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अपने 242 पन्नों के फैसले में कहा कि भोजशाला परिसर का धार्मिक स्वरूप ‘मां वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर’ का है। अदालत ने कहा कि वैज्ञानिक और पुरातात्विक साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि यह स्थान परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा केंद्र और मंदिर रहा है। कोर्ट ने यह भी माना कि इस स्थल पर हिंदुओं की पूजा की परंपरा कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ASI का 7 अप्रैल 2003 का वह आदेश रद्द किया जाता है, जिसमें मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि ‘मुस्लिम समुदाय मस्जिद निर्माण के लिए जिले में अलग भूमि आवंटन हेतु राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है।’
फैसले के बाद हिंदू समुदाय ने मनाया जश्न
फैसला आने के बाद धार शहर में हिंदू समुदाय के लोगों ने जश्न मनाया। भोजशाला परिसर और ज्योति मंदिर के पास लोगों ने गुलाल लगाया, नारे लगाए और पटाखे फोड़े। भोज उत्सव समिति के उपाध्यक्ष सुमित चौधरी ने कहा, ‘हिंदू समुदाय का दशकों पुराना संघर्ष आज समाप्त हुआ है।’ वहीं युवा कार्यकर्ता केशव शर्मा ने कहा, ‘करीब 720 वर्षों का संघर्ष आज समाप्ति की ओर पहुंचा है। मैं इस आंदोलन में जान गंवाने वाले तीन लोगों और इसमें शामिल सभी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देता हूं।’
BJP नेताओं ने फैसले का किया स्वागत
BJP नेता एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘“माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक और मां वाग्देवी के पूजा स्थल के रूप में मान्यता देना हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है।’ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा, ‘माननीय उच्च न्यायालय ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर के रूप में मान्यता दी है। यह सिद्ध करने वाले सभी तथ्य पहले से स्पष्ट थे कि भोजशाला मंदिर है।’ राज्य सरकार के मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, ‘भोजशाला का निर्माण राजा भोज ने कराया था। यह सर्वविदित तथ्य है।’मुस्लिम पक्ष जारी रखेगा कानूनी लड़ाई
मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले पर असहमति जताई है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा, ‘यह फैसला बहुत आश्चर्यजनक है। हमें उम्मीद थी कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा।’ वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इसे दुरुस्त करेगा और इस आदेश को पलट देगा। बाबरी मस्जिद के फैसले से इसमें स्पष्ट समानताएं हैं।’ मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रिया से साफ है कि मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है, जिससे यह विवाद आगे भी चर्चा में बना रहेगा।
ऋषभ पंत का जीत के बाद हो गया बड़ा नुकसान, भारी मिस्टेक की मिली कड़ी सजा
ऋषभ पंत को लेकर बड़ी खबर आई है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत को तगड़ा झटका लगा है। ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार जीत जरूर दर्ज की, लेकिन मैच खत्म होते-होते कप्तान ऋषभ पंत को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। BCCI ने कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के मामले में पंत पर भारी जुर्माना लगा दिया है। BCCI ने लखनऊ सुपर जायंट्स पर धीमी ओवर गति बनाए रखने का दोषी पाया। इसी वजह से टीम के कप्तान ऋषभ पंत पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। IPL 2026 सीजन में यह LSG की पहली स्लो ओवर रेट गलती थी, इसलिए पंत पर सिर्फ जुर्माना लगाया गया है।IPL ने दी जानकारी
IPL ने बयान जारी करते हुए ये जानकारी दी। IPL ने अपने बयान में कहा कि लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत पर 15 मई को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 59वें मैच के दौरान उनकी टीम के स्लो ओवर-रेट बनाए रखने के कारण जुर्माना लगाया गया है। चूंकि IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.22 के तहत, जो न्यूनतम ओवर-रेट से जुड़े अपराधों से संबंधित है, यह उनकी टीम का इस सीजन का पहला अपराध था, इसलिए ऋषभ पंत पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बैटिंग करने नहीं उतरे पंत
दिलचस्प बात यह रही कि चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने भी नहीं उतरे। IPL 2026 में यह पहली बार हुआ जब पंत बैटिंग के लिए मैदान पर नहीं आए। इससे पहले इस सीजन में वह ज्यादातर नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते नजर आए थे। अब तक खेले गए 11 मुकाबलों में पंत ने 7 बार नंबर-3 पर बल्लेबाजी की है, जबकि तीन बार नंबर-4 पर उतरे। एक मैच में उन्होंने ओपनिंग भी की थी। लेकिन CSK के खिलाफ जीत के दौरान उनकी बल्लेबाजी की जरूरत ही नहीं पड़ी।
जीत के बाद दिया बड़ा बयान
मैच के बाद ऋषभ पंत ने टीम कॉम्बिनेशन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम लगातार सही ओपनिंग जोड़ी तलाशने की कोशिश कर रही थी। LSG ने इस सीजन में कई ओपनिंग कॉम्बिनेशन आजमाए। पहले टीम ने मिचेल मार्श और एडेन मार्करम की जोड़ी पर भरोसा जताया, लेकिन यह प्रयोग ज्यादा सफल नहीं रहा। इसके बाद टीम ने मार्श और जोश इंग्लिस को ओपनिंग में उतारना शुरू किया। पंत ने कहा कि टीम के पास अच्छा कॉम्बिनेशन है, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा सोच-विचार चीजों को बिगाड़ देता है। उन्होंने आगे कहा कि सीजन का कैसा भी हो लेकिन इस तरह का गेम खेलने पर गर्व है। उन्होंने अपनी बैटिंग पॉजिशन को लेकर कहा कि वह बल्लेबाजी के लिए तैयार थे, लेकिन आइडिया था कि उन खिलाड़ियों को मौका दिया जाए जिन्हें ज्यादा बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला है।
RBL Bank में 74% हिस्सेदारी खरीदेगा दुबई का एमिरेट्स एनबीडी बैंक, वित्त मंत्रालय से मिली मंजूरी
आरबीएल बैंक ने एक बयान में कहा कि प्राथमिक पूंजी निवेश के तौर पर करीब 3 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।वित्त मंत्रालय ने दुबई के एमिरेट्स एनबीडी बैंक को आरबीएल बैंक में 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। इससे देश में करीब 26,850 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। आरबीएल बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की ओर से भेजे गए एक पत्र में इस प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। ये मंजूरी कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 49 प्रतिशत से ज्यादा और 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी लेने के लिए दी गई है। इस अधिग्रहण सौदे की घोषणा 18 अक्टूबर, 2025 को की गई थी। इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशों में से एक माना जा रहा है।280 रुपये के भाव पर 95,90,45,636 शेयर खरीदेगा एमिरेट्स एनबीडी बैंक
आरबीएल बैंक ने एक बयान में कहा कि प्राथमिक पूंजी निवेश के तौर पर करीब 3 अरब डॉलर (करीब 26,850 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। ये बैंक को वृद्धि के अपने अगले चरण के लिए मजबूत स्थिति में लाएगा। प्रस्तावित निवेश के तहत एमिरेट्स एनबीडी बैंक तरजीही निर्गम के जरिए 280 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 95,90,45,636 इक्विटी शेयरों को खरीदेगा। इस सौदे के बाद आरबीएल बैंक में इस विदेशी बैंक की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से 74 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो नियामकीय शर्तों पर निर्भर होगी। बताते चलें कि शुक्रवार को आरबीएल बैंक के शेयर 0.31 प्रतिशत (1.05 रुपये) की तेजी के साथ 338.00 रुपये के भाव पर बंद हुए थे।
एमिरेट्स एनबीडी बैंक को प्रोमोटर के रूप में मिलेगी मान्यता
ट्रांजैक्शन के बाद आरबीएल बैंक में विदेशी बैंक की सब्सिडरी यूनिट वाला मॉडल लागू होगा और एमिरेट्स एनबीडी बैंक को प्रोमोटर के रूप में मान्यता मिलेगी। बताते चलें कि इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक और प्रतिस्पर्धा आयोग भी इस अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके हैं। बैंक के मौजूदा शेयरधारकों के लिए ये एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है। वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को आरबीएल बैंक के शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल सकता है।

