Sunday, July 5, 2026
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जीत के जश्न में डूबी GT को SRH का डर! क्या हैदराबाद करेगा गुजरात को टॉप-2 से बाहर?

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गुजरात टाइटंस ने अपने आखिरी मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से हरा दिया। इस बड़ी जीत के बाद भी गुजरात पर टॉप-2 से बाहर होने का खतरा है। SRH की टीम GT को टॉप-2 से बाहर कर सकती है।IPL 2026 का लीग स्टेज अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। लीग स्टेज में अब आखिरी कुछ मुकाबले बचे हुए हैं। 22 मई को जारी सीजन में RCB और SRH के बीच मैच खेला जाएगा। वहीं 21 मई को खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से मात दी। यह GT के लिए आईपीएल इतिहास की रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ ही गुजरात की टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में मौजूद है, लेकिन लीग चरण के समाप्त होने तक भी GT टॉप-2 में रहेगी या नहीं, इसको लेकर अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता। गुजरात की टीम पर टॉप-2 से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर है SRH
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम गुजरात टाइटंस को पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 से बाहर कर सकती है। SRH 13 मैचों में 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। आज उनका लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला टेबल टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ है। हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। लेकिन आज उनकी नजरें आरसीबी को हराकर टॉप-2 में जगह बनाने पर होगी। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि हैदराबाद की टीम को टॉप-2 में जगह बनाने के लिए क्या करना होगा।

टॉप-2 में पहुंचने के लिए SRH को क्या करना होगा?
अगर सनराइजर्स हैदराबाद की टीम आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में पहले बैटिंग करते हुए 220 रन बोर्ड पर लगाती है तो उन्हें नेट रन रेट के मामले में GT से आगे निकलने के लिए 88 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर वह 200 रन डिफेंड कर रहे हैं तो उन्हें 87 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। सनराइजर्स हैदराबाद के सामने आरसीबी अगर 150 रन का टारगेट सेट करती है तो हैदराबाद को यह टारगेट लगभग 11.3 ओवर के अंदर चेज करना होगा। इसका मतलब साफ है कि अगर सनराइजर्स हैदराबाद को नेट रन रेट के मामले में बढ़त हासिल करने के लिए आरसीबी के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।

टॉप-2 में रहने वाली टीमों को क्या फायदा मिलता है?
अब आप ये सोच रहे होंगे कि आईपीएल के प्लेऑफ में जगह बनाने वाली टीमें हमेशा टॉप-2 में क्यों बने रहना चाहती हैं और इससे उन्हें क्या फायदा मिलता है। बता दें कि टॉप-2 में जगह बनाने का फायदा यह है कि फाइनल में पहुंचने के लिए टॉप की दो टीमों को दो मौके मिलेंगे। अगर क्वालीफायर-1 में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ता है तो उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालीफायर-2 में खेलने का मौका मिलेगा। वहां उनका सामना एलिमिनेटर के विजेता टीम से होगा। एलिमिनेटर मैच तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच खेला जाता है।

यूपी में भीषण गर्मी और बिजली कटौती का ‘डबल अटैक’! फूटा लोगों का गुस्सा, लखनऊ से मुजफ्फरनगर तक अलग-अलग जगहों पर किया प्रदर्शन

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यूपी में इस वक्त लोग भीषण बिजली कटौती से परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि बेतहाशा बिजली कटौती के विरोध में अब लोग सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। राजधानी लखनऊ से मुजफ्फरनगर तक बिजली कटौती के चलते लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।यूपी में भीषण गर्मी और बिजली कटौती से आम लोगों पर डबल अटैक हुआ है। एक तरफ, पारा लगातार बढ़ता जा रहा है तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी के बीच लखनऊ में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। राजधानी के कई इलाकों में गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर जाम लगाया और बीती रात को कई बिजली सब-स्टेशनों और पावर हाउस का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया।

बिजली की भारी कटौती पर फूटा लोगों का गुस्सा
लखनऊ के दुबग्गा इलाके में बिजली कटौती के विरोध में लोगों ने रास्ते को जाम कर दिया। गुस्साएं लोगों ने रास्ते पर सीढ़ी लगाकर पूरे रास्ते को बंद कर दिया, जिसकी वजह से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में भारी बिजली कटौती पर लोगों का गुस्सा फूटा। लखनऊ के फैजुल्लागंज, दुबग्गा, आलमनगर, राजाजीपुरम, नादरगंज और केसरी खेड़ा इलाके में जबरदस्त बिजली कटौती हो रही है।

MLA डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री को लिखी चिट्ठी
लखनऊ में जारी भीषण बिजली कटौती को लेकर सरोजनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को इसे लेकर एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने राज्य की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए सिंगापुर और अमेरिका मॉडल अपनाने की सलाह दी है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि लखनऊ समेत अनेक इलाकों में भीषण गर्मी में बिजली का काटा जाना गंभीर चिंता की बात है। बार-बार बिजली बाधित होना, लो वोल्टेज, ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड और फ्यूज फेलियोर जैसी शिकायतों के समाधान में देरी की वजह से आम जनता में बहुत ही असंतोष है।

बिजली संकट का हल बहुत जरूरी- डॉ. राजेश्वर सिंह
उन्होंने आगे लिखा कि गर्मी के मौसम में ये समस्या सिर्फ इस साल की ही नहीं है। पिछले साल भी ऐसी ही परेशानी देखने को मिली थी। लोगों ने शिकायतें की थीं। पिछले साल और इस साल की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बिजली संकट का हल किया जाना बहुत जरूरी है। खासकर मेरे विधानसभा सरोजनी नगर में बिजली की समस्या बहुत ज्यादा हो रही है। लगातार लंबे समय तक बिजली न आने और लो वोल्टेज समेत अनेकों शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आम जनता बहुत ही परेशान है।

मुजफ्फरनगर में नेशनल हाईवे पर लगाया जाम
लखनऊ जैसे हालात मुजफ्फरनगर में भी हैं। यहां अलग-अलग इलाकों में बिजली कटौती से परेशान कई कॉलोनी के लोगों ने पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर विष्णु विहार सुरेंद्रनगर बिजली घर के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लोगों की शिकायत है कि शहर में अघोषित कटौती हो रही है, जिसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

बिजली की समस्या लेकर रायबरेली से लखनऊ पहुंचे विधायक
वहीं, रायबरेली में बिजली कटौती से परेशान बीजेपी विधायक लखनऊ तक पहुंच गए हैं। रायबरेली की सलोन विधानसभा से विधायक अशोक कुमार कोरी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की MD रिया केजरीवाल से मुलाकात कर रायबरेली में बिजली संकट खत्म करने की मांग की।

डिमांड और सप्लाई में अंतर से बढ़ी मुश्किल
भीषण गर्मी की वजह से यूपी में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। यूपी में आज 28 हजार 939 मेगावाट बिजली की मांग है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार होने से अचानक यूपी में बिजली की डिमांड बढ़ गई है। यूपी सरकार बिजली संकट से निपटने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है। लेकिन डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर होने की वजह से बिजली की कटौती हो रही है और लोग परेशान हैं।

संकट से निपटने के लिए एक्शन में CM योगी
इससे निपटने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी एक्शन में हैं। सीएम योगी ने आदेश दिया है कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें। किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी की जाए। गर्मी में अधिक परेशानी बिजली कटौती और पानी की कमी से होती है। सभी डीएम अपने जिलों में नियमित समीक्षा करें और समस्याओं का तत्काल समाधान कराएं।

10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी, ECI ने जारी किया शेड्यूल, देखें किस राज्य की कितनी सीटें

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10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी कर दी गई है। इलेक्शन कमीशन ने इस चुनाव के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि इनमें किस राज्य की कितनी सीटें हैं।भारत निर्वाचन आयोग ने जून-जुलाई 2026 में रिटायर हो रहे 24 राज्यसभा सदस्यों की सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव का ऐलान किया है। दस राज्यों से निर्वाचित राज्यसभा के 24 सदस्यों का कार्यकाल जून-जुलाई 2026 में समाप्त होने वाला है। अब आयोग ने इन 24 सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव कराने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, 10 राज्यों की इन सीटों पर मतदान 18 जून 2026, गुरुवार को होगा।
राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल
नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून 2026, सोमवार
नामांकन की जांच 9 जून 2026, मंगलवार
नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 11 जून 2026, गुरुवार
मतदान की तारीख 18 जून 2026, गुरुवार
मतदान का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
मतगणना 18 जून 2026, शाम 5 बजे
चुनाव पूरा होने की तारीख 20 जून 2026, शनिवार
नंबर राज्य कौन रिटायर हो रहे?
रिटायरमेंट की तारीख

1. आंध्र प्रदेश अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला 21.06.2026
2. नथवाणी परिमल 21.06.2026
3. पिल्ली सुभाषचंद्र बोस 21.06.2026
4. सना सतीश बाबू 21.06.2026
5. गुजरात रामभाई हरजीभाई मोकारिया 21.06.2026
6. अमीन नरहरि हीराभाई 21.06.2026
7. गोहिल शक्तिसिंहजी हरिचंद्रसिंहजी 21.06.2026
8. रमिला बेचरभाई बारा 21.06.2026
9. झारखंड दीपक प्रकाश 21.06.2026
10. शिबु सोरेन (04.08.2025 से रिक्त) 21.06.2026
11. मध्य प्रदेश जॉर्ज कुरियन 21.06.2026
12. दिग्विजय सिंह 21.06.2026
13. सुमेर सिंह सोलंकी 21.06.2026
14. मणिपुर महाराजा सनजाओबा लेइशेम्बा 21.06.2026
15. मेघालय वानवेरोय खारलुखी 21.06.2026
16. राजस्थान नीरज दांगी 21.06.2026
17. राजेंद्र गहलोत 21.06.2026
18. रवनीत सिंह 21.06.2026
19. अरुणाचल प्रदेश नबाम रेबिया 23.06.2026
20. कर्नाटक नारायण कोरगप्पा 25.06.2026
21. इरन्ना कडाडी 25.06.2026
22. एच.डी. देवगौड़ा 25.06.2026
23. मल्लिकार्जुन खरगे 25.06.2026
24 मिजोरम के. वनलालवेना 19.07.2026

दो सीटों पर होंगे उपचुनाव
दूसरी ओर चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 2 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीख भी जारी कर दी है। ECI ने किया ऐलान किया है कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 2 राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून को चुनाव होंगे।

उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
अधिसूचना: 2 जून 2026, सोमवार
नामांकन की आखिरी तारीख: 9 जून 2026, सोमवार
नामांकन जांच: 10 जून 2026, मंगलवार
नाम वापसी: 12 जून 2026, गुरुवार
-मतदान: 19 जून 2026, शुक्रवार, सुबह 9 से शाम 4 बजे
मतगणना: 19 जून 2026, शाम 5 बजे

बेंगलुरु में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया के प्लेन का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया, दिल्ली आने वाली फ्लाइट कैंसिल, गहन जांच करेंगे अधिकारी

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बेंगलुरु में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया के प्लेन का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया, दिल्ली आने वाली फ्लाइट कैंसिल, गहन जांच करेंगे अधिकारीबेंगलुरु में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया के प्लेन का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया, दिल्ली आने वाली फ्लाइट कैंसिल, गहन जांच करेंगे अधिकारी

औरैया में दबंगों का तांडव, कोर्ट के स्टे ऑर्डर को फाड़कर किया कब्जे का प्रयास, विरोध करने पर बुजुर्ग को लाठी-डंडों से पीटा

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औरैया जिले के अयाना थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने और दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूरेपुर खुर्द गांव निवासी बलराम पुत्र बाबूराम ने क्षेत्राधिकारी औरैया को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही कई लोगों पर विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने, कोर्ट के स्टे ऑर्डर को फाड़ने और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित बलराम पाल के अनुसार, 15 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के संदीप पाल, अनिल, सत्यदेव, सत्यवीर, प्रदीप ,विनोद, प्रमोद समेत कई लोग उनके विवादित प्लाट पर पहुंच गए और जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब बलराम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अभद्रता शुरू कर दी।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त जमीन का मामला सिविल जज सीडी औरैया न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में बाद संख्या 174/2008 “केशकली बनाम अनिल कुमार आदि” चल रहा है, जिसमें न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर भी जारी किया गया है। बलराम का कहना है कि उन्होंने आरोपियों को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी, लेकिन दबंगों ने कानून और न्यायालय दोनों को चुनौती देते हुए स्टे ऑर्डर छीनकर फाड़ डाला।

आरोप है कि दबंगों ने खुलेआम कहा कि वे किसी न्यायालय के आदेश को नहीं मानते और हर हाल में जमीन पर कब्जा करेंगे। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने हाथों में लिए लाठी-डंडों से बलराम पर हमला बोल दिया। पीड़ित को बेरहमी से पीटा गया, गालियां दी गईं और बाल पकड़कर सड़क तक घसीटा गया।

घटना के दौरान बलराम की पुत्री कीमती अपने पिता को बचाने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों का आतंक इतना था कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। शोर-शराबा सुनकर गांव के राजेन्द्र सिंह पुत्र दुलारे सिंह, हरनाब सिंह पुत्र सोबरन सिंह समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

पीड़ित का आरोप है कि हमले में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद वह थाना अयाना पहुंचे, लेकिन वहां उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें थाने से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्राधिकारी औरैया को शिकायती पत्र देकर मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

बलराम पाल का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी आए दिन उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।

घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहा है।

जबलपुर में पुश्तैनी मकान को लेकर भाइयों के बीच छिड़ी कानूनी जंग, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

जबलपुर के शंकरशाह नगर स्थित चौधरी मोहल्ले का एक पारिवारिक विवाद अब बड़ा कानूनी संघर्ष बन चुका है। मकान नंबर 244 को लेकर सगे भाइयों के बीच कई वर्षों से चल रही लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। प्रधान जिला न्यायाधीश जबलपुर की अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए सभी पक्षकारों को संपत्ति का सहस्वामी माना है और बराबर हिस्से में बंटवारे का रास्ता साफ कर दिया है।

मामले में बल्लू चौधरी ने अपने भाइयों नंदू चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी और तुलसी चौधरी के खिलाफ अदालत में आवेदन पेश किया था। विवाद पुश्तैनी मकान के स्वामित्व और कब्जे को लेकर था। बल्लू चौधरी का आरोप था कि पिता स्वर्गीय छब्बीलाल चौधरी की मौत के बाद सभी भाई संयुक्त रूप से संपत्ति के मालिक बने, लेकिन उन्हें हिस्से से वंचित करने की कोशिश की जा रही थी।


राधा चौधरी जी ने हमें यह भी बताया है कि नंदू चौधरी और उनकी पत्नी रेखा चौधरी ने कब्जा करके रखा है और कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही हैं इसी के आधार पर राधा जी ने आवेदन लगाए हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है जिससे पूरा परिवार परेशान है

बताया गया कि इससे पहले बल्लू चौधरी ने स्थायी निषेधाज्ञा के लिए व्यवहार न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें निचली अदालत ने उनके पक्ष में आदेश दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए नंदू चौधरी और ओमप्रकाश चौधरी ने जिला न्यायालय में नियमित व्यवहार अपील क्रमांक 10/2021 दायर की थी।

अपीलकर्ताओं ने अदालत में दावा किया कि पिता ने जीवनकाल में ही संपत्ति का बंटवारा कर दिया था और बल्लू चौधरी को मंडला में अलग मकान खरीदकर दिया गया था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बल्लू चौधरी ने संपत्ति में अपना हक छोड़ने के एवज में हजारों रुपये लिए थे। दूसरी ओर बल्लू चौधरी ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कथित विक्रय पत्र और इकरारनामे को फर्जी और निष्प्रभावी बताया।

प्रधान जिला न्यायाधीश आलोक अवस्थी की अदालत ने पूरे रिकॉर्ड, गवाहों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद माना कि वादग्रस्त संपत्ति सभी पक्षकारों की संयुक्त संपत्ति है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी भाई संपत्ति में समान हिस्सेदारी के अधिकारी हैं और संपत्ति का बंटवारा किया जाना उचित होगा।

कोर्ट के फैसले के बाद चौधरी परिवार का यह विवाद अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद अब अदालतों तक पहुंचकर रिश्तों को भी तोड़ रहे हैं। मामले ने यह भी दिखा दिया कि वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद किस तरह कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं।

तीन साल के मासूम समेत महिला को लापता करने का आरोप, परिजनों ने धमकी और पैसों की मांग का लगाया गंभीर आरोप

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एक परिवार ने अपनी भाभी चंदा देवी और तीन साल के मासूम भतीजे को लापता किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे अपनी भाभी और बच्चे को वापस लेने के लिए दूर-दराज से आए थे, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं।

नीतू सिंह ने मीडिया को बताया कि उनसे कई बार पैसों की मांग की गई और परिवार ने मांग के अनुसार पैसे भी दिए। इसके बावजूद अब उन्हें कोर्ट और थाने का डर दिखाकर धमकाया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और उल्टा दबाव बनाया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, चंदा देवी और उनका तीन साल का बेटा अचानक गायब हैं और मायके पक्ष उनके बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे रहा। परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों को कहीं छिपाकर रखा गया है।

परिजनों ने यह भी दावा किया कि उन्हें फोन और फोटो के माध्यम से लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मामले में गांव के प्रधान द्वारा भी मदद की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि संबंधित लोग प्रधान की बात तक नहीं मान रहे और यह बताने से इनकार कर रहे हैं कि महिला और बच्चा कहां हैं।

परिवार ने प्रशासन, पुलिस और महिला आयोग से गुहार लगाई है कि मामले की तत्काल जांच कर महिला और मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कराया जाए। साथ ही धमकी देने वालों और कथित रूप से पैसे मांगने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित परिवार ने कहा कि वे बेहद परेशान हैं और उन्हें केवल अपनी भाभी और छोटे बच्चे की सुरक्षित वापसी चाहिए।

इबोला वायरस को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर अलर्ट, इन देशों से आने वालों की होगी जांच

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इबोला वायरस को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट ने उन देशों से आने वाले यात्रियों के लिए पैसेंजर एडवाइजरी जारी की है, जहां यह बीमारी तेजी से फैल रही है।नई दिल्ली: इबोला वायरस (Ebola Virus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। अफ्रीका महाद्वीप में इस वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।

राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट ने उन देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सख्त गाइडलाइंस और पैसेंजर एडवाइजरी जारी की है, जहां यह बीमारी तेजी से फैल रही है। इनमें मुख्य रूप से साउथ सूडान और युगांडा जैसे देश शामिल हैं।

एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और निगरानी
अफ्रीका में लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। चूंकि बहुत से लोग इस संक्रमण और इसके खतरों से अनजान हैं, इसलिए एयरपोर्ट पर जागरूकता और चेकिंग दोनों को बढ़ा दिया गया है।कोरोना जैसे ही हैं शुरुआती लक्षण
इबोला वायरस के लक्षण काफी हद तक कोरोना वायरस से मिलते-जुलते हैं। बुखार,कमजोरी, वोमिटिंग,सर में दर्द आदि… जिसे लोग इसे सामान्य फ्लू समझने की गलती कर बैठते हैं।

21 दिनों तक निगरानी रखने की अपील
यात्रियों से अनुरोध किया जा रहा है कि प्रभावित देशों से लौटने के 21 दिनों के भीतर अगर उन्हें ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। ताकि अगर कोई इस तरह का केस है, तो उसे तुरंत ट्रीटमेंट दिया जा सके और इस बीमारी को फैलने से भी रोका जा सके।

ईरान को लेकर आपस में ‘भिड़े’ ट्रंप और नेतन्याहू, फोन कॉल पर दोनों में हुई गरमागरमी

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ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन कॉल पर तीखी बहस हुई। ट्रंप बातचीत और समझौते के पक्ष में हैं, जबकि नेतन्याहू ईरान पर सैन्य कार्रवाई चाहते हैं।वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के साथ चल रहे जंग के भविष्य को लेकर फोन कॉल को लेकर गरमागरमी हुई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बातचीत में दोनों नेताओं के बीच रणनीति को लेकर मतभेद सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां अमेरिका बातचीत और समझौते के पक्ष में दिखाई दे रहा है, वहीं इजरायल का रुख ईरान पर फिर से सैन्य हमले शुरू करने का है।ट्रंप से बातचीत के बाद गुस्से में थे नेतन्याहू
अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सिओस’ ने बुधवार को रिपोर्ट किया कि मंगलवार को ट्रंप से फोन कॉल के बाद नेतन्याहू ‘काफी गुस्से में’ थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इजरायली प्रधानमंत्री ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और उसके अहम बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए फिर से हमले शुरू करना चाहते हैं, ताकि वहां की सरकार पर दबाव बनाया जा सके। वहीं, ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाले प्रस्तावित हमलों को टाल दिया है। यह फैसला कतर और यूएई समेत कई अरब देशों के अनुरोध के बाद लिया गया था।

ट्रंप की पॉलिसी से निराश है इजरायल
‘एक्सिओस’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कतर और पाकिस्तान ने अन्य क्षेत्रीय मध्यस्थों के साथ मिलकर एक नया ‘शांति प्रस्ताव’ तैयार किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच मतभेदों को कम करना है। इजरायल का नेतृत्व ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करना चाहता है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इजरायल इस बात से निराश है कि ट्रंप ईरान की कथित ‘कूटनीतिक देरी’ को जारी रहने दे रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी समझौते की संभावना देख रहे हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू की जा सकती है।

ट्रंप ने नेतन्याहू पर दिया था बड़ा बयान
बता दें कि ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि या तो ईरान दस्तावेज पर दस्तखत करेगा या अमेरिका आगे बढ़कर पूरे मामले को खत्म करेगा। इसके बाद उन्होंने बुधवार को कहा कि इस समय समझौता और ईरान के साथ जंग, दोनों ही बिल्कुल ‘बॉर्डर’ पर हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के मुद्दे पर नेतन्याहू ‘वही करेंगे जो मैं चाहूंगा’, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। अमेरिका के प्रस्ताव को लेकर ईरान ने पुष्टि की है कि वह एक संशोधित प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन अभी तक उसने किसी नरमी के संकेत नहीं दिए हैं।

30 दिनों की बातचीत के प्रस्ताव की तैयारी
‘एक्सिओस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया कि मध्यस्थ एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ तैयार कर रहे हैं, जिस पर अमेरिका और ईरान दोनों हस्ताक्षर करेंगे। इसका उद्देश्य युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करना और 30 दिनों की बातचीत शुरू करना होगा। इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा शामिल होगी। इस तरह देखा जाए तो ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के रुख में अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है।

सात महीने की मेहनत पर फिरा पानी, सिलाई मशीनें और जेवर लेकर फरार हुए दो युवक

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पीड़ित बोला- भरोसा किया, कारोबार ही उजाड़ सूरत शहर के लिंबायत इलाके से विश्वासघात और धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शक्ति नगर लिंबायत निवासी आकाश सरोज ने गोडादरा पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके भरोसे का फायदा उठाकर दो युवक सिलाई मशीनें, घर का सामान और जेवरात लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, जबकि इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

जानकारी के मुताबिक आकाश सरोज सिलाई का काम करता है और उसके घर में करीब सात सिलाई मशीनों के जरिए कामकाज चलता था। पीड़ित का कहना है कि उसने अपने परिचित राज कुशवाह पर भरोसा करते हुए मशीनों और कारोबार की जिम्मेदारी उसे सौंप रखी थी। इसी बीच 14 मई 2026 को आकाश किसी जरूरी काम से अपने गांव चला गया था।

आकाश ने बताया कि जब वह 20 मई को वापस सूरत लौटा तो घर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। घर में रखी सभी सिलाई मशीनें गायब थीं और कमरे से काफी घरेलू सामान भी नहीं था। इतना ही नहीं, उसकी पत्नी के आभूषण भी चोरी हो चुके थे। पीड़ित के अनुसार पायल, कान की बाली, नथिया और उसका चांदी का ब्रेसलेट भी घर से गायब मिला।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सामने रहने वाले सुजीत कुमार और राज कुशवाह ही मशीनों और सामान को बेचकर फरार हुए हैं। आकाश का कहना है कि उसने दोनों आरोपियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में दोनों के मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इससे पीड़ित का शक और गहरा गया।

आकाश सरोज ने कहा कि सात महीने की मेहनत और पूरा कारोबार खत्म हो गया है। इस घटना के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया है और घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। पीड़ित ने गोडादरा पुलिस स्टेशन पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और जल्द गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी और भय का माहौल देखा जा रहा है।