Saturday, July 4, 2026
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पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया नॉर्थ कोरिया, बिल्कुल नए तरह के हथियारों को किया टेस्ट

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नॉर्थ कोरिया ने नए हथियार परीक्षणों में परमाणु क्षमता वाली क्रूज़ मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम का परीक्षण किया है। किम जोंग उन ने इन परीक्षणों की निगरानी की और अपने बयान में सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर दिया।सियोल: उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उसने अपने हालिया हथियार परीक्षणों में कई नई सैन्य तकनीकों और हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया है, जिनमें परमाणु क्षमता वाली क्रूज मिसाइल और नए वॉरहेड शामिल हैं। यह जानकारी बुधवार को उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आई। नॉर्थ कोरिया के मुताबिक, इन परीक्षणों की निगरानी देश के नेता किम जोंग उन ने खुद की। इन परीक्षणों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम शामिल थे।नॉर्थ कोरिया ने किन हथियारों का किया परीक्षण?
सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, इन लॉन्च में कई उन्नत हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया गया, जिनमें शामिल हैं:

वॉरहेड लगी ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें जिन्हें युद्ध के दौरान परमाणु हमले के लिए डिजाइन किया गया है
परमाणु क्षमता वाली क्रूज मिसाइलें, जिन्हें AI आधारित तकनीक से गाइड किया गया
240 मिमी की रॉकेट आर्टिलरी, जिसमें ‘अत्यधिक सटीक’ नेविगेशन सिस्टम लगाया गया
उत्तर कोरिया ने दावा किया कि इन हथियारों का उद्देश्य युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए परमाणु क्षमता को मजबूत करना है।किम जोंग उन ने परीक्षणों पर जताया संतोष
KCNA के अनुसार, किम जोंग उन ने इन परीक्षणों पर संतोष जताया, खासकर क्रूज मिसाइल सिस्टम के प्रदर्शन को लेकर। ये मिसाइलें दक्षिण कोरिया की सीमा के पास तैनात लंबी दूरी की आर्टिलरी इकाइयों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार की जा रही हैं। किम ने सैन्य अधिकारियों से कहा कि आर्टिलरी बलों को तेजी से आधुनिक बनाया जाए ताकि ‘कोई भी उनकी बराबरी न कर सके।’

दक्षिण कोरिया की रिपोर्ट क्या कहती है?
दक्षिण कोरिया की सेना ने एक दिन पहले बताया था कि उत्तर कोरिया ने अपने पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की ओर कई प्रोजेक्टाइल दागे, जिनमें कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, यह मिसाइल करीब 80 किलोमीटर तक गई, हालांकि अन्य हथियारों के प्रकारों की पुष्टि नहीं की गई थी। दक्षिण कोरिया की सेना ने उत्तर कोरिया के नए दावों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।आखिर इलाके में क्यों बढ़ रहा है तनाव?
उत्तर कोरिया लगातार अपनी सैन्य क्षमता को आधुनिक और मजबूत बनाने में लगा हुआ है, खासकर तब से जब 2019 में उसके और अमेरिका के बीच बातचीत टूट गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद किम जोंग उन ने हथियार कार्यक्रम तेज कर दिया है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को अपना ‘सबसे बड़ा दुश्मन’ भी घोषित किया है और दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों को लगभग खत्म कर दिया है। हाल ही में एक सैन्य बैठक में किम ने सीमा पर तैनात सैनिकों की ताकत बढ़ाने पर चर्चा की थी और कहा था कि सीमा को ‘अभेद्य किले’ में बदला जाएगा।

रूस और चीन के साथ बढ़ती नजदीकियां
रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन की विदेश नीति अब रूस की ओर ज्यादा झुकती दिख रही है। रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए उत्तर कोरिया से हजारों सैनिक और हथियार मिल रहे हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने चीन के साथ भी संबंध मजबूत किए हैं, जिसे वह अपना मुख्य सहयोगी और आर्थिक सहारा मानता है। वहीं, ट्रंप ने कई बार किम जोंग उन के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है। लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रस्तावों को नजरअंदाज कर दिया है। प्योंगयांग का कहना है कि जब तक अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्त नहीं हटाता, तब तक किसी भी बातचीत की संभावना नहीं है।

उज्जैन में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव, 5 कोचों की खिड़कियों के कांच फूटे; बाल-बाल बचे यात्री

एक के बाद एक लगातार हुए पथराव से पांच कोचों की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक हुई इस पत्थरबाजी से कोच के भीतर बैठे यात्री बुरी तरह घबरा गए।मध्य प्रदेश के उज्जैन से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई है। वंदे भारत ट्रेन पर उज्जैन रेलवे स्टेशन से 200 मीटर दूर गदा पुलिया के समीप पथराव हुआ। अज्ञात आरोपियों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिससे पांच कोच की खिड़कियों के कांच फूट गए। गनीमत रही कि इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। रेल प्रशासन घटना के बाद सकते में आ गया।

उज्जैन में इस तरह वंदे भारत ट्रेन पर पथराव किए जाने की पहली बड़ी घटना है। बताया जा रहा है कि इटारसी और भोपाल होते हुए उज्जैन पहुंची वंदे भारत ट्रेन जब इंदौर जा रही थी, तभी सोमवार शाम करीब 7:30 बजे गदा पुलिया से नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच पथराव हुआ। एक के बाद एक पांच कोच की खिड़की के कांच इससे क्षतिग्रस्त हो गए।ट्रेन को रोका नहीं गया
घटना के बाद जब ट्रेन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो इस बारे में पुलिस को पता चला। हालांकि, ट्रेन रोकी नहीं गई, निर्धारित समय से वापस निकल गई। इस दौरान रेलवे पुलिस ने जिन कोचों में नुकसान हुआ, वहां पहुंच जांच की और यात्रियों से घटना की जानकारी ली। आरपीएफ उज्जैन ने घटना को लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उनकी तलाश भी शुरू कर दी है।

ट्रेन में पथराव के दौरान उसमें बैठे यात्री बुरी तरह घबरा गए और अफरा-तफरी मच गई। यात्री कुछ समझ नहीं पाए कि अचानक से एक के बाद एक कोच पर पथराव क्यों हो रहे हैं? सभी कोच के यात्री इस दौरान दहशत में आ गए। आरपीएफ थाना टीआई नरेंद्र यादव ने बताया कि किसी को भी चोट नहीं आई, लेकिन पांच कोच की खिड़कियों को नुकसान हुआ है। अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। कैमरे चेक कर आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है।

TDP का ऐतिहासिक ऐलान, 2029 के आम चुनावों में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण

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नारा लोकेश ने घोषणा करते हुए प्रस्ताव रखा कि 2029 के आम चुनावों में टीडीपी महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें देगी। इस वर्ष के महानाडू का विषय “स्त्री शक्ति” रखा गया है।अमरावती: तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने अपनी सबसे बड़ी बैठक महानाडू में ऐलान किया कि TDP महिलाओं को 33 परसेंट सीटें देगी। TDP के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री नारा लोकेश ने 2029 के चुनावों के लिए TDP में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा।

नारा लोकेश ने कहा कि TDP ने राजनीति में महिलाओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी के साथ एक नए राजनीतिक युग का संकेत दिया है। देश में अपनी तरह की पहली और ऐतिहासिक राजनीतिक घोषणा करते हुए, तेलुगु देशम पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश ने महानाडू 2026 के पहले दिन, 2029 के आम चुनावों के लिए पार्टी के भीतर महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा।

महानाडू का विषय “स्त्री शक्ति”
इस साल के महानाडू का विषय “स्त्री शक्ति” होने के कारण, इस घोषणा को भारतीय राजनीति में महिलाओं के नेतृत्व और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ी राजनीतिक और वैचारिक प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।
विधेयक के बीच TDP का ऐलान
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक को अभी भी राजनीतिक बाधाओं और विपक्षी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। TDP के इस कदम को अब राष्ट्रीय राजनीतिक आम सहमति का इंतजार करने के बजाय, खुद उदाहरण पेश करके नेतृत्व करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी ने हाल ही में अपनी संगठनात्मक संरचना के भीतर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को भी बढ़ाया है, जिसके तहत सांसद बायरेड्डी शबरी को पार्टी की पहली महिला राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। इस कदम को व्यापक रूप से महिलाओं के नेतृत्व को मज़बूत करने की दिशा में पार्टी की व्यापक पहल का एक हिस्सा माना जा रहा है।

बांग्लादेश के खिलाड़ियों को बड़ा फायदा, आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में फिर से हुआ बदलाव

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आईसीसी रैंकिंग फिर से जारी कर दी गई है। अभी भी जो रूट टेस्ट के नंबर एक बल्लेबाज बने हुए हैं। इस बीच बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम और लिटन दास ने लंबी छलांग मारी है। पाकिस्तानी खिलाड़ी ज्यादा फायदे में नहीं रहे हैं।आईसीसी ने एक बार फिर से रैंकिंग अपडेट कर दी है। इस वक्त टेस्ट मैच कम हो रहे हैं, लेकिन फिर भी इसमें बदलाव देखने के लिए मिल रहे हैं। खास बात ये है कि टॉप 10 के बल्लेबाजों की रेटिंग और रैंकिंग वही है, जो पहले थी, लेकिन नीचे कुछ परिवर्तन हैं। खास तौर पर बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने इसमें बड़ी बढ़त बनाई है। वहीं पाकिस्तान के खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान टेस्ट सीरीज के बाद बदली रैंकिंग
बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान टेस्ट सीरीज समाप्त हो गई है। दो मैचों की सीरीज में पाकिस्तान का सूपड़ा साफ हो गया था। इस सीरीज के दौरान बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने काफी अच्छा खेल दिखाया था। दो मैचों में मिली हार के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी पाकिस्तान को भयंकर नुकसान और बांग्लादेश को फायदा मिला था। इस बीच अगर ताजा रैंकिंग की बात करें तो बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम ने लंबी छलांग मारी है। वे एक साथ 10 स्थानों की उछाल के साथ नंबर 16 पर पहुंच गए हैं। उनकी रेटिंग अभी 681 की चल रही है।

बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास को भी फायदा
इतना ही नहीं बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास ने भी 14 स्थानों की छलांग मारी है। वे अब 650 की रेटिंग के साथ नंबर 24 पर पहुंचने में कामयाब हो गए हैं। पाकिस्तान के बाबर आजम को भी केवल एक ही स्थान का फायदा​ मिला है, वे 22वें नंबर पर हैं। उनकी रेटिंग 663 की है। सलमान अली आगा को भी दो स्थानों का हल्का सा फायदा हुआ है। वे अब 27वें स्थान पर हैं। इनके आगे जाने से कई बल्लेबाजों को नुकसान उठाना पड़ा है।

जो रूट अभी भी बने हुए हैं टेस्ट के नंबर एक बल्लेबाज
इस बीच इंग्लैंड के जो रूट अभी भी आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज बने हुए हैं। उनकी रेटिंग 880 की है। 857 की रेटिंग के साथ हैरी ब्रूक दूसरे नंबर पर हैं। ट्रेविड हेड की रेटिंग 853 है और वे नंबर तीन पर हैं। स्टीव​ स्मिथ 831 की रेटिंग के साथ नंबर 4 पर बने हुए हैं। केन विलियमसन नंबर 5 पर हैं। टॉप 5 में कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं है। भारत के लिए बेस्ट रैंकिंग वाले बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल हैं, जिनकी रेटिंग अभी 750 की है और वे आठवें नंबर पर हैं। शुभमन गिल 730 की रेटिंग के साथ नंबर 9 पर हैं।

1 शेयर पर 150 रुपये का डिविडेंड देगी ये कंपनी, चेक करें रिकॉर्ड डेट और पेमेंट डेट

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बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 मई को हुई मीटिंग में शेयरहोल्डरों के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 150 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की थी।Dividend Stocks: देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो अपने शेयरहोल्डरों को 150 रुपये का बंपर डिविडेंड देने जा रही है। 150 रुपये के इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट काफी करीब आ गई है। इसी महीने 6 तारीख को बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डरों के लिए डिविडेंड की सिफारिश की थी। हालांकि, बजाज ऑटो की होने वाली एजीएम में शेयरहोल्डरों की मंजूरी मिलने के बाद ही डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा। बजाज ऑटो ने शेयर बाजार एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि 150 रुपये के इस डिविडेंड के लिए शुक्रवार, 29 मई को रिकॉर्ड डेट फिक्स की गई है।
डिविडेंड का लाभ पाने के लिए सिर्फ गुरुवार तक का समय
बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 मई की मीटिंग में शेयरहोल्डरों के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 150 रुपये (1500 प्रतिशत) के डिविडेंड की सिफारिश की थी। ये डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया जा रहा है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर शुक्रवार, 29 मई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। बताते चलें कि जिस दिन किसी कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करते हैं, उस दिन खरीदे गए नए शेयरों पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलता है। अगर किसी निवेशक को डिविडेंड का लाभ चाहिए तो उसे रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले ही शेयर खरीदने होते हैं। यानी आपके पास बजाज ऑटो द्वारा दिए जाने वाले डिविडेंड का लाभ पाने के लिए सिर्फ गुरुवार तक का समय है।

खाते में कब आएंगे डिविडेंड के पैसे
बजाज ऑटो के मुताबिक, एजीएम में शेयरहोल्डरों की मंजूरी मिलने के बाद 24 जुलाई या इसके आसपास डिविडेंड के पैसों का भुगतान कर दिया जाएगा। बुधवार को बीएसई पर बजाज ऑटो के शेयरों में अच्छी तेजी देखी जा रही है। आज सुबह 11.57 बजे तक इस ऑटो कंपनी के शेयर 1.88 प्रतिशत (198.80 रुपये) की तेजी के साथ 10,790.00 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। आज कारोबार के दौरान बजाज ऑटो के शेयरों का भाव 10,589.00 रुपये के इंट्राडे लो से लेकर 10,811.85 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुका था। इतना ही नहीं, बजाज ऑटो के शेयरों का आज का इंट्राडे हाई, इसका नया 52 वीक हाई भी बन चुका है।

श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोने और हीरे के आभूषण गायब, गृह सचिव को दी गई रिपोर्ट

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श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोने और हीरे के आभूषण गायब होने का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद हंगामा मच गया है। इस घटना को लेकर गृह सचिव को रिपोर्ट दी गई है।केरल से एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना और हीरे के आभूषणों की कथित गुमशुदगी के मामले ने सभी को चौंका दिया है। इस मामले में पुलिस की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें मंदिर की अमूल्य संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आइए जानते हैं कि इस बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।
क्या-क्या गायब हुआ?
केरल के DGP की ओर से गृह सचिव को रिपोर्ट दी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की सूची से लगभग 78 ग्राम सोने के आभूषण और और हीरे जड़ा आभूषण ‘वैरयम नामा’ गायब बताए जा रहे हैं। राज्य पुलिस प्रमुख ने गृह सचिव को इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई गई है।

आखिर कहां गए ये धरोहर?
मंदिर के दस्तावेजों से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार ‘वैरयम नामा’ को कई महीने पहले मरम्मत के लिए मंदिर से बाहर निकाला गया था। हालांकि, ये अब तक वापस नहीं आया। इसी तरह, छह महीने पहले मरम्मत के लिए मंदिर से निकाला गया सोने का दीपक भी अब तक लौटाया नहीं गया है।

DGP ने की ये सिफारिश
DGP की ओर से गृह सचिव को सौंपी गई रिपोर्ट में सभी सोने-चांदी की वस्तुओं को सुरक्षित कक्षों में स्थानांतरित करने की सिफारिश करने के साथ-साथ भक्तों की भेंट को भी लॉकर्स में रखने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सख्त सुरक्षा जांच और बिना जांच के किसी को भी प्रवेश न देने का आदेश दिए जाने की बात कही गई है।

केरल टूरिज्म के मुताबिक, श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इसे दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में गिना जाता है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का इतिहास 8वीं सदी से मिलता है। श्री पद्मनाभस्वामी को भगवान विष्णु के 108 पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है जिसे भारत का दिव्य देसम भी कहा जाता है। इस मंदिर को एक ट्रस्ट के द्वारा संचालित किया जाता है जिसका नेतृत्व त्रावणकोर के पूर्ववर्ती राज परिवार करता है।

हैदराबाद के पर्वतारोही का एवरेस्ट पर निधन, परिवार ने शव वहीं छोड़ने का किया फैसला; जानिए क्यों

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एवरेस्ट पर चढ़ने का खर्च करीब 43 लाख रुपये आता है, जबकि शव को नीचे लाने के लिए कंपनी ने करीब 90 लाख रुपये का खर्च बताया। यह चढ़ने के खर्च से दोगुना है।हैदराबाद के रहने वाले 53 साल के टेक प्रोफेशनल अरुण कुमार तिवारी ने पिछले हफ्ते दुनिया की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। हालांकि, नीचे उतरते समय, एवरेस्ट के शिखर से महज 60 मीटर नीचे हिलैरी स्टेप के पास उनकी मौत हो गई।
अब उनके परिवार ने फैसला किया है कि अरुण का पार्थिव शरीर एवरेस्ट पर ही रहेगा। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं- एक तो अरुण का पहाड़ों के प्रति गहरा लगाव और दूसरा, इतनी ऊंचाई से शव को नीचे लाना लगभग नामुमकिन होना।

शव को नीचे लाना क्यों है बेहद मुश्किल?
पर्वतारोहण का संचालन करने वाली एजेंसी ‘पायनियर एडवेंचर’ ने शुरुआत में शव को 8,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई से नीचे लाने के लिए 1.1 करोड़ रुपये ($114,000) का खर्च बताया था, जिसे बाद में घटाकर लगभग 90 लाख रुपये ($94,000) किया गया। यह राशि एवरेस्ट पर चढ़ने के सामान्य खर्च (करीब 43 लाख रुपये) से दोगुनी से भी ज्यादा है।

8,000 मीटर से ऊपर के क्षेत्र को ‘डेथ जोन’ कहा जाता है, जहां ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड होती है। यहां से शव को निकालना एक बेहद जटिल ऑपरेशन है। बर्फ में पूरी तरह जम चुके शव को कुल्हाड़ी से काटकर बाहर निकालने के लिए 8 से 10 अनुभवी शेरपाओं को कई दिनों तक वहां रुकना पड़ता। इसके बाद शव को रस्सियों के सहारे बांधकर, हिमस्खलन की आशंका वाले खतरनाक रास्तों से होते हुए 6,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप II तक लाना पड़ता। इसमें शेरपाओं की जान को भी सीधा खतरा था।

जौनपुर में सरकारी तालाब पर कब्जे का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

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जौनपुर जिले के बक्सा थाना क्षेत्र के रसोदिया गांव में सरकारी जलखाता भूमि और तालाब पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी अरुण यादव ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग और निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।

पीड़ित अरुण यादव ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव के उदयराज, विजय राज, देवराज और अभयराज द्वारा सरकारी जलखाता भूमि पर कब्जा किया गया है और वहां जबरदस्ती निर्माण कार्य कराया जा रहा है।


अरुण यादव का कहना है कि इस मामले में पहले लेखपाल धीरेंद्र प्रताप ने अपनी रिपोर्ट में जमीन को तालाब की भूमि बताया था, लेकिन बाद में हल्का पटवारी शैलेंद्र श्रीवास्तव द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेकर रिपोर्ट बदल दी गई और कब्जाधारियों के पक्ष में कार्रवाई की जा रही है। शिकायत में ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र यादव पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बजाय दबंगों को संरक्षण दिया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवादित भूमि को लेकर पहले से मुकदमा दर्ज है, इसके बावजूद जबरन रास्ता निकालने और मकान निर्माण का प्रयास लगातार जारी है।

गांव के लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी तालाब और जलखाता भूमि पर इसी तरह कब्जा होता रहा तो आने वाले समय में गांव में जल संकट और बड़े विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

पीड़ित अरुण यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

NEET पेपर लीक मामले में 2 और गिरफ्तारियां, CBI के शिकंजे में लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक

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NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे के कोचिंग शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह हैं।नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरफ्तार आरोपियों में लातूर के डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे शामिल है। CBI के मुताबिक, डॉ. शिरुरे ने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के लीक प्रश्न दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी बताया गया है। जांच में सामने आया कि प्रश्न आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे।

दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी है। आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के लीक फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।

देशभर में 49 ठिकानों पर छापेमारी
CBI इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में 49 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। छापे के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने अहम दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और लीक के डिजिटल ट्रेल को रिकवर किया जा सके।

12 मई को दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा पर लीक की शिकायतों के बाद, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने CBI को आधिकारिक शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत के आधार पर CBI ने 12 मई को मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी।

केस दर्ज होते ही CBI ने विशेष टीमों का गठन किया और त्वरित कार्रवाई शुरू की। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित देश के कई शहरों से कड़ियां जोड़ते हुए 13 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

NEET पेपर लीक मामले में 2 और गिरफ्तारियां, CBI के शिकंजे में लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक

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NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे के कोचिंग शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह हैं।नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।